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मध्यप्रदेश उत्सव का दूसरा दिन : ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन

भोपाल  मध्यप्रदेश उत्सव के दूसरे दिन ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयु वर्ग के अनुसार बच्चों को अलग-अलग विषय दिए गए थे। प्रतियोगिता में कुल 37 बच्चों ने भाग लिया जिसमें 6 वर्ष की से काम की आयु के आठ बच्चे और 6 से 12 वर्ष की आयु के 29 बच्चों ने भाग लिया। 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मुक्त विषय पर चित्रांकन करने का अवसर दिया गया, जबकि 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को "नेचर एंड एनवायरनमेंट" विषय पर चित्र बनाने का कार्य सौंपा गया। मध्यप्रदेश उत्सव: क्विज प्रतियोगिता का हुआ आयोजन क्विज प्रतियोगिता में कुल पाँच टीमों ने भाग लिया। प्रत्येक टीम में पाँच सदस्य शामिल थे। प्रतियोगिता के सभी प्रश्न मध्यप्रदेश से संबंधित रहे, जिससे प्रतिभागियों को राज्य के इतिहास, संस्कृति एवं सामान्य ज्ञान के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रतियोगिता के दौरान माहौल अत्यंत रोमांचकारी एवं उत्साहपूर्ण बना रहा। प्रश्नोत्तर को तीन भागों में विभाजित किया गया। पहले भाग में सभी टीमों को समान अवसर प्रदान किया गया। दूसरे भाग में टीमवार प्रश्न पूछे गए, जबकि तीसरे भाग में चित्र आधारित प्रश्न पूछे गए, जिसमें यह पहचानने को कहा गया कि प्रदर्शित चित्र किससे संबंधित है। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया और दर्शकों ने भी प्रश्नों का आनंद उठाया। प्रतियोगिता ने न केवल ज्ञानवर्धन किया, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रति रुचि और जागरूकता भी बढ़ाई। इस अवसर डिंडोरी की सुश्री हर्ष मरावी द्वारा करमा सैला नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई।   इस नृत्य के माध्यम से समाज की एकता एवं समरसता का सजीव चित्रण किया गया। ढोल, मंजीरा एवं शहनाई जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मनमोहक धुनों पर प्रस्तुत यह नृत्य दर्शकों को आदिवासी जीवन की आत्मा से जोड़ता नजर आया। प्रस्तुति ने दर्शकों में विशेष उत्साह एवं आनंद का संचार किया। गणगौर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति इसके बाद बड़वाह के श्री संजय महाजन और समूह द्वारा निमाड़ अंचल के सुप्रसिद्ध लोकनृत्य गणगौर की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। उल्लेखनीय है कि बड़वाह के नटेश्वर नृत्य संस्थान के निदेशक श्री संजय महाजन पिछले 18 वर्षों से कथक और लोकनृत्य का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने 'मैं हूं बड़वाह', 'कृष्णलीला' और 'जय जय मध्य प्रदेश' जैसे मशहूर डांस-ड्रामा डायरेक्ट किए हैं, और पारंपरिक गणगौर नृत्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। 

मेसी को न देख पाने का मलाल खत्म! निराश दर्शकों का पैसा लौटेगा, बोले बंगाल डीजीपी

कोलकाता  अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान साल्ट लेक स्टेडियम से निकलने के बाद फैंस द्वारा किए गए तोड़-फोड़ के बाद पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार ने कहा है कि फैंस का पैसा वापस किया जाएगा। राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "फैंस चाहते थे कि लियोनल मेसी मैदान में आएं और खेलें। यह पूर्व निर्धारित योजना का हिस्सा नहीं था। योजना थी कि वह सिर्फ मैदान में आएंगे, भीड़ को हाथ हिलाएंगे और चले जाएंगे। मेसी के मैच नहीं खेलने की वजह से फैंस आक्रोशित हुए। आयोजकों ने हमें लिखकर दिया है कि फैंस का पैसा रिफंड किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी पहलुओं को देखने के लिए पहले ही एक कमेटी बना दी है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या ऑर्गनाइजर की तरफ से कोई मिसमैनेजमेंट हुआ था या कोई और दिक्कत थी। इसकी जांच की जाएगी। लियोनल मेसी के स्टेडियम से जाने के बाद फैंस द्वारा मचाए गए बवाल को लेकर ममता बनर्जी भी काफी निराश नजर आईं और कुव्यवस्था को इसके लिए दोषी करार दिया। ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए फैंस से माफी मांगी है। उन्होंने लिखा, "आज साल्ट लेक स्टेडियम में जो कुप्रबंधन हुआ, उससे मैं बहुत परेशान और हैरान हूं। मैं हजारों खेल प्रेमियों और फैंस के साथ इवेंट में शामिल होने के लिए स्टेडियम जा रही थी। फैंस अपने पसंदीदा फुटबॉलर लियोनेल मेसी की एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हुए थे। मैं इस खराब घटना के लिए लियोनेल मेसी के साथ-साथ उनके फैंस और सभी खेल प्रेमियों से दिल से माफी मांगती हूं।" मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "मैं सेवानिवृत्त जज आशिम कुमार रे की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बना रही हूं, जिसमें मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग के सदस्य होंगे। कमेटी इस घटना की डिटेल में जांच करेगी, जिम्मेदारी तय करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय बताएगी। एक बार फिर, मैं सभी खेल प्रेमियों से दिल से माफी मांगती हूं।" दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी अपने तीन दिवसीय भारत दौरे के पहले चरण में शनिवार को कोलकाता पहुंचे। साल्ट लेक स्टेडियम में उनका कार्यक्रम था। मेसी की झलक पाने के लिए स्टेडियम में हजारों फैंस ने घंटों इंतजार किया। मेसी 10 मिनट के लिए स्टेडियम में पहुंचे थे। स्टेडियम में मौजूद फैंस उन्हें देख नहीं पाए और उनके जाने के बाद भारी बवाल किया और स्टेडियम में तोड़फोड़ की। 

नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद श्री महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक सर्वश्री विक्रम उसेंडी, श्री नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सरकारी हॉस्टल का खाना बना ज़हर! किशनगंज में हलुआ खाने से 18 छात्राएं अस्पताल में भर्ती, दो गंभीर

पटना  बिहार के किशनगंज सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत महेश बथना स्थित पिछड़ा वर्ग कन्या प्लस-2 आवासीय उच्च विद्यालय के हॉस्टल में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खाने के कुछ ही देर बाद दर्जनों छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। रात के भोजन में परोसे गए हलुए को खाने के बाद छात्राओं को उल्टी, दस्त और चक्कर आने की शिकायत शुरू हुई, जिससे पूरे हॉस्टल में चीख-पुकार मच गई। अचानक बिगड़ी तबीयत, मच गया हड़कंप छात्राओं के अनुसार, भोजन के बाद जैसे ही हलुआ परोसा गया, उसे खाने के 20 से 30 मिनट के भीतर कई छात्राओं को तेज उल्टियां होने लगीं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ छात्राएं बेहोश भी हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर सभी बीमार छात्राओं को किशनगंज सदर अस्पताल पहुंचाया। 18 छात्राएं अस्पताल में भर्ती, दो की हालत गंभीर अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में कुल 18 छात्राएं फूड पॉइजनिंग की शिकार हुई हैं। इनमें से दो छात्राओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। सभी छात्राएं बिहार के अलग-अलग जिलों से हैं और सरकारी योजना के तहत हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। डॉक्टरों ने की फूड पॉइजनिंग की पुष्टि सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद इसे स्पष्ट रूप से फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि हलुए में इस्तेमाल की गई सामग्री दूषित हो सकती है या फिर भोजन तैयार करने में लापरवाही बरती गई होगी।   स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद न तो विद्यालय के प्राचार्य और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल पहुंचा। कुछ शिक्षकों ने कैमरे के सामने घटना की जानकारी से अनभिज्ञता जताई, जिससे स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। इस घटना ने सरकारी आवासीय विद्यालयों में खानपान की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। SDM ने अस्पताल पहुंचकर लिया हाल, जांच के आदेश घटना की गंभीरता को देखते हुए किशनगंज के एसडीएम अनिकेत कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और बीमार छात्राओं की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल सभी छात्राओं का इलाज जारी है और अस्पताल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

गैस चैंबर बनी राजधानी: दिल्ली में AQI 430 के पार, फिलहाल प्रदूषण से राहत नहीं

नई दिल्ली दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे ज्यादा खराब स्थिति में पहुंच गई है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का AQI 431 के अंक पर पहुंच गया है। यह इस साल का सबसे खराब AQI है। इससे पहले नवंबर महीने में तीन दिन ऐसे रहे थे जब सूचकांक 400 से ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में रहा हो। अब गंभीर श्रेणी वाला यह चौथा दिन है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का एक्यूआई 400 से ऊपर बना हुआ है। दिल्ली में AQI का यह सबसे खराब स्तर है। इससे पहले दिल्ली में 11 नवंबर को AQI 428 अंक पर था। यह इस साल का सबसे ज्यादा प्रदूषित दिन था लेकिन आज के आंकड़े ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। शनिवार को 431 AQI के साथ दिल्ली वालों को साल की सबसे ज्यादा जहरीली हवा का सामना करना पड़ा। दिल्ली में 12 नवंबर को सूचकांक 418 और 13 नवंबर को सूचकांक 404 के अंक पर रहा था। यानी गंभीर श्रेणी वाली हवा का यह इस साल में चौथा दिन है। 15 इलाकों में AQI 450 से ज्यादा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के अधिकांश इलाकों में AQI 400 अंकों के पार रिकॉर्ड किया गया। शाम को चार बजे दिल्ली के 15 इलाकों में तो एक्यूआई 450 से ज्यादा रहा। एक्यूआई 401 से 450 तक के AQI को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है जबकि 451 से 500 तक के सूचकांक को गंभीरतम श्रेणी में रखा जाता है। 24 घंटे के भीतर 82 अंकों की बढ़ोतरी एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली में एक्यूआई 349 के अंक पर था। बीते 24 घंटों के भीतर इसमें 82 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के वायु मंडल पर धूल और धुएं की एक परत छाई हुई है। राहत के नहीं आसार दिल्ली में हवा की रफ्तार आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। साथ ही ठंड बढ़ने से पलूशन के कण ज्यादा देर तक वायु मंडल में बने हुए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन-चार दिनों के बीच दिल्ली के लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इन वजहों से बढ़ा पलूशन विशेषज्ञों की मानें तो हवा की रफ्तार कम होने, धूल और धुएं के चलते प्रदूषण में तेजी से बढ़ोतरी है। वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, सड़क और निर्माण से उड़ने वाली धूल, ठोस कचरा और बायोमास जलाने से भी पलूशन में बढ़ोतरी हुई है। बड़ा कारण यह कि हवा की स्पीड धीमी है। इससे पलूशन के कणों का बिखराव नहीं हो पा रहा है। सवा चार गुना ज्यादा पलूशन दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को तीन बजे पीएम 10 का औसत स्तर 425 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 258 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। इस तरह दिल्ली की हवा में मानकों से सवा चार गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं।  

GST चोरों पर सख्ती! हरियाणा सरकार लॉन्च करेगी शिकायत ऐप, फर्जी बिलिंग की तुरंत होगी रिपोर्ट

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी रोकने के लिए 'कर हितैषी' एप का शुभारंभ किया है। इस एप से यह फायदा होगा कि कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान गुप्त रखते हुए फोटो व दस्तावेज अपलोड करके जीएसटी चोरी की शिकायत कर सकता है।  बता दें कि बीते दिन  सीएम नायब सिंह सैनी नेचंडीगढ़ में बैठक के दौरान आबकारी एवं कराधान विभाग की 6 ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया है। शिकायतकर्ता एप के जरिए फर्जी बिलिंग, गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट, बिना पंजीकरण कारोबार, बिल न देने या लेन-देन छिपाने जैसी अनियमितताओं की सूचना फोटो, वीडियो या दस्तावेजों के साथ अपलोड कर सकता है। इसी सूचना के आधार पर विभागीय अधिकारी जांच व कार्रवाई करेंगे।  नई ऑनलाइन सेवाओं में एथेनॉल, अतिरिक्त अल्कोहल (ईएनए) और डिनेचर्ड स्प्रिट से संबंधित अनुमति प्राप्त करने को सरल बनाया गया है। अब व्यापारिक इकाइयां एथेनॉल और ईएनए के आयात-निर्यात व डिनेचर्ड स्प्रिट के निर्यात-आयात की अनुमति ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगी।  

केंद्र–राज्य समन्वय से खाद्यान्न प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम

केंद्रीय खाद्य मंत्री श्री जोशी से नई दिल्ली में प्रदेश के खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने की भेंट, महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा भोपाल  केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी से नई दिल्ली में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश की खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं तकनीक-संचालित बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा एवं प्रबंध संचालक मप्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे। भेंट के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश में खाद्यान्न उपार्जन, भंडारण, वितरण तथा गुणवत्ता सुधार से संबंधित नीतिगत एवं वित्तीय पहलुओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया और केंद्र सरकार के स्तर पर शीघ्र निर्णय की आवश्यकता वाले प्रमुख प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश में वर्तमान विकेन्द्रीकृत उपार्जन व्यवस्था के स्थान पर केन्द्रीयकृत प्रणाली लागू करने अथवा अनुमानित उपार्जन मात्रा के अनुरूप समर्थन मूल्य की एकमुश्त अग्रिम राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके और राज्य पर वित्तीय दबाव कम हो। अतिशेष गेहूं के त्वरित उठाव और बकाया भुगतान की मांग खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने राज्य में उपार्जित अतिशेष गेहूं का एफसीआई द्वारा शीघ्र उठाव सुनिश्चित करने अथवा गोदामों में भंडारित गेहूं को यथास्थिति अधिग्रहित कर भुगतान प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने की आवश्यकता रेखांकित की। मंत्री श्री राजपूत ने मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत खाद्यान्न साख सीमा को 20 वर्ष के दीर्घकालीन ऋण में परिवर्तित करने तथा म.प्र. नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा प्रस्तुत लेखों के विरुद्ध लंबित लगभग 7511 करोड़ रुपये की राशि के शीघ्र भुगतान का अनुरोध किया। डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता पर बल खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने वर्ष 2020–21 एवं 2022–23 में वितरित खाद्यान्न से संबंधित डेटा को सेंट्रल रिपोजिटरी में अपलोड करने की लंबित कार्यवाही को प्राथमिकता से पूर्ण कराने का आग्रह किया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर डेटा की एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने नवाचार और तकनीकी उन्नयन का प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये सभी प्रस्ताव मध्यप्रदेश की खाद्यान्न प्रबंधन प्रणाली को अधिक दक्ष, आधुनिक और पारदर्शी बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे, जिससे किसानों, उपभोक्ताओं और शासन तीनों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श करते हुए प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।  

टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट (ब्लाइंड) जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल रहीं प्रदेश की तीन खिलाड़ी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को ब्लाइंड विमेंस टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन महिला खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की। खिलाड़ियों में सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए तीनों खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 लाख रूपए प्रदान किए जाएंगे, जिसमें से 10-10 लाख रूपए नगद और 15-15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों खिलाड़ियों और तीनों कोच का ट्राफी और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का नाम रौशन करने वाली तीनों खिलाड़ियों की आगामी पढ़ाई और कोचिंग आदि की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला खिलाड़ियों के कोच सर्वश्री सोनु गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 के फाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम में मध्यप्रदेश की उपरोक्त तीन प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल थीं। इनमें ऑलराउंडर केटेगरी में खेलने वाली सुश्री सुनीता सराठे नर्मदापुरम, सुश्री सुषमा पटेल दमोह और बेट्समेन तथा विकेटकीपर के रूप में खेलने वाली सुश्री दुर्गा येवले बैतूल से हैं।  

शराब प्रेमियों के लिए अलर्ट! पंजाब में लागू हुई शराब खरीदने की नई Guidelines

लुधियाना  एक्साइज विभाग लुधियाना ने शुक्रवार को मिनी सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जिसकी अध्यक्षता असिस्टैंट कमिश्नर एक्साइज (लुधियाना वैस्ट रेंज) इंद्रजीत सिंह नागपाल और असिस्टैंट कमिश्नर एक्साइज (लुधियाना ईस्ट रेंज) शिवानी गुप्ता ने की। बैठक में शहर के सभी मैरिज पैलेसों और बीयर बारों के मालिकों व प्रबंधकों को बुलाया गया था। अधिकारियों ने पंजाब के माननीय एक्साइज कमिश्नर द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। असिस्टैंट कमिश्नरों ने साफ निर्देश दिए कि अब कोई भी मैरिज पैलेस या बीयर बार शादी या किसी भी आयोजन के लिए ग्राहकों की ओर से शराब नहीं खरीदेगा। ग्राहक शराब केवल अधिकृत शराब ठेकों से ही नियमों का पालन करते हुए स्वयं खरीदेंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सभी प्रतिष्ठानों को विभागीय नियमों और कानूनी शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा। इसमें सही रिकॉर्ड रखना, जरूरी वैरिफिकेशन करवाना, और शराब के सुरक्षित उपयोग, सर्विस व स्टोरेज को सुनिश्चित करना शामिल है। बैठक में मैरिज पैलेस एसोसिएशन के प्रधान अमरजीत सिंह संत सहित कई मैरिज पैलेस व बीयर बार मालिकों ने भाग लिया। एक्साइज विभाग की ओर से एक्साइज अधिकारी तनुल गोयल, नवदीप सिंह, विकास भातेजा, गोपाल गेरा और एक्साइज इंस्पैक्टर भी मौजूद रहे। अंत में असिस्टैंट कमिश्नरों ने सभी से विभाग का सहयोग करने की अपील की, ताकि शहर में होने वाले सभी आयोजनों में पारदर्शिता और कानून के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जा सके। 

‘काग़ज़ी वादे नहीं, ज़मीनी हकीकत’— अजमेर में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का सख़्त संदेश

अजमेर राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अजमेर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए सरकार के दो वर्षों के कार्यों, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते दो वर्षों में अजमेर सहित पूरे प्रदेश में सर्वांगीण विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादे जनता से किए थे, उन्हें केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा बल्कि धरातल पर उतारकर पूरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करते हुए अब तक 90 हजार से अधिक नौकरियां प्रदान की हैं। साथ ही महिला सुरक्षा को लेकर भी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। उपमुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जनता को केवल गुमराह किया गया। सड़कों की बदहाली और अपराध के बढ़ते आंकड़े किसी से छिपे नहीं थे। वर्तमान सरकार ने सड़कों के दुरुस्तीकरण के साथ-साथ अपराध दर में भी कमी लाकर दिखाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पेपर लीक के मामलों को लेकर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में कई पेपर लीक हुए, जबकि वर्तमान सरकार ने न केवल पेपर लीक को रोका बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की गई। प्रेस ब्रीफिंग के बाद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सड़क सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा जन जागृति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और लोगों से यातायात नियमों की पालना करने की अपील की। साथ ही प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आमजन तक पहुँचाने के लिए प्रगति रथों को भी रवाना किया गया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, अजमेर दक्षिण विधायक अनीता भदेल, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओम प्रकाश भढ़ाना, महापौर बृजलता हाड़ा, उप महापौर नीरज जैन, अजमेर देहात जिला अध्यक्ष जीतमल प्रजापत सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।