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रेलवे का बड़ा फैसला: बनारस जाने वाली स्पेशल ट्रेन MP में रुकेगी, कई ट्रेनों के समय में हुआ बदलाव

इटारसी  रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से इटारसी होकर बनारस-लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच 01-01 ट्रिप स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।   इटारसी में भी रुकेगी ट्रेन गाड़ी संख्या 01082 बनारस-लोकमान्य तिलक स्पेशल बनारस से 12 दिसंबर को 19.40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 13.50 बजे इटारसी आगमन कर तीसरे दिन 06.25 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनल पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01081 लोकमान्य तिलक टर्मिनल-बनारस स्पेशल दिनांक 14 दिसंबर को अपने प्रारंभिक स्टेशन से 08.25 बजे प्रस्थान कर 21.00 बजे इटारसी आगमन कर दूसरे दिन 16.05 बजे पहुंचेगी।   ये होगा ट्रेन का रूट ट्रेन रास्ते में वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक एवं कल्याण स्टेशन पर रुकेगी। रेल मंडल भोपाल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को भीड़ भरे सफर से राहत मिलेगी। यात्री अपने समय अनुसार स्पेशल ट्रेनों की मदद से एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से आरामदायक तरीके से पहुंच सकेंगे। 1 जनवरी से रेलवे की नई समय-सारणी होगी लागू पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में 1 जनवरी 2026 से ट्रेनों की नई समय-सारणी लागू होगी। रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस नई सारणी में कई प्रमुख ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में आंशिक बदलाव किया गया है।   इटारसी से गुजरने वाली ट्रेनों की टाइमिंग इटारसी से गुजरने वाली पुणे सुपौल-पुणे एक्सप्रेस 12149/12150 का नंबर 4 दिसंबर से बदल जाएगा। यह ट्रेन अब 11401/11402 नंबर से संचालित होगी। 1 जनवरी से कई ट्रेनों के प्रारंभिक स्टेशनों से प्रस्थान समय में परिवर्तन होगा। भोपाल-रीवा एक्सप्रेस अब 23.05 के बजाय 23 बजे चलेगी।  मध्यवर्ती स्टेशनों पर भी कई लंबी दूरी की ट्रेनों के समय में संशोधन किया गया है। इनमें इटारसी और बीना स्टेशन प्रमुख है। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि 1 जनवरी 2026 से यात्रा करने से पहले नई समय-सारणी की जानकारी स्टेशन, अधिकृत वेबसाइट, रेल मदद 139 या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। 

एनसीआर को बड़ी सौगात की तैयारी: 7,000 फ्लैट्स के प्रोजेक्ट का खाका सुप्रीम कोर्ट में रखेगा यीडा

नई दिल्ली  ग्रेटर नोएडा में जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड के अधूरे प्रोजेक्ट में फंसे 7 हजार से ज्यादा घर खरीदारों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण जागी है। जो लोग लंबे समय से फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए यीडा नई योजना लेकर आया है। इसके तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) नई आवासीय स्कीम को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करेगा। उसके बाद इसपर काम शुरू हो जाएगा। यीडा अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में आयोजित एक बैठक में इस प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, पैसों से जुड़ी दिक्कत और आगे क्या किया जा सकता है जैसी बातों पर चर्चा की गई। यह बैठक लखनऊ में आयोजित की गई थी। लखनऊ में बैठक के दौरान बनाई स्ट्रैटजी जेपी स्पोर्ट्स सिटी मामले को लेकर हाईकोर्ट ने एक कमेटी बनाई थी, जिसकी पहली मीटिंग दो दिन पहले हुई। इस मीटिंग की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने की। मीटिंग में यीडा ने जेपी एसोसिएट्स की रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए की गई स्टडी रिपोर्ट अधिकारियों के सामने रखी। यह रिपोर्ट करी एंड ब्राउन कंपनी ने तैयार की थी। इसी मीटिंग के दौरान प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, अब तक बिक चुके और खाली पड़े फ्लैट पर विचार किया गया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। साथ ही अधिकारियों ने यह भी देखा कि किन कारणों की वजह से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया है और इसे पूरा करने में क्या क्या चुनौतियां सामने आ रही हैं?   सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को ध्यान में रककर बनेगा प्लान मीटिंग में 19 मई 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी ध्यान में रखा गया। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा था कि प्राधिकरण प्रोजेक्ट रुका हुआ पूरा करने के लिए नया प्लान बना सकता है, लेकिन काम शुरू करने से पहले उसमें कोर्ट की अनुमति लेनी होगी। ताकि लोगों को उनके फ्लैट मिलने में किसी तरह की कोई दिक्कत दोबारा न आए। इसी को ध्यान में रखते हुए यीडा को आवासीय क्षेत्र का विस्तृत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्लान हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार तैयार किया जाएगा और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने भी स्पष्ट किया है कि जेपी एसोसिएट्स की परियोजना के लिए आवासीय क्षेत्र का प्लान तैयार किया जाएगा और उसे सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही किसी भी तरह का निर्माण कार्य या आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। कब शुरू हुआ था यह प्रोजेक्ट? जेपी एसोसिएट्स की सहयोगी कंपनी जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स को साल 2009-10 में स्पोर्ट्स सिटी बनाने के लिए 1000 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। यह जमीन विशेष विकास क्षेत्र (SDZ) योजना के तहत दी गई थी। इसी प्रोजेक्ट में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी शामिल था। बाद में यह कंपनी भारी कर्ज में डूब गई, जिसके कारण 2020 में जमीन का आवंटन रद कर दिया गया। आवंटन रद होने के बाद इस फैसले को इलाहबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा लेकिन प्राधिकरण को प्रोजेक्ट अपने हाथ में लेकर पूरे करने का निर्देश दिए। उसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा, लेकिन वहां भी हाईकोर्ट के फैसले को ही प्रभावी माना गया।  

ठिठुरेगा मध्यप्रदेश: 48 घंटे में पारा लुढ़कने के आसार, गलन वाली शीतलहर की चेतावनी

भोपाल  इन दिनों मध्य प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। 13 दिसंबर शनिवार से तापमान में और गिरावट दर्ज होने की संभावना है। उत्तर भारत की पहाड़ियों पर जारी भारी बर्फबारी का असर आज से राज्य के अधिकतर इलाकों में दिखाई दे सकता है। 25 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, शनिवार से ठंड में और बढ़ोतरी होगी। ऐसे में कई क्षेत्रों में गलन वाली शीतलहर का प्रभाव देखने को मिलेगा। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते प्रदेश के 25 से ज़्यादा शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे द्रज किया जाएगा। जबकि, मौजूदा समय में ही सूबे के शहडोल, उमरिया, राजगढ़ और नौगांव समेत कई जिलों का तापमान 3 डिग्री से 7 डिग्री के बीच पहुंच गया है। शीतलहर का अलर्ट भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान गिरकर 6 से 9 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में शीतलहर और गंभीर शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। साथ ही रात और सुबह के समय लगातार कोहरे, कम विजिबिलिटी और कड़ाके की ठंड की चेतावनी भी दी गई है।   विजिबिलिटी घटेगी कई इलाकों में सुबह और रात में घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण ट्रैफिक में दिक्कत हो सकती है। लोगों को इस दौरान सावधान रहने की सलाह दी गई है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: काचिगुड़ा से मदार के बीच स्पेशल ट्रेन का ऐलान, जानें पूरा रूट

भोपाल  मध्य प्रदेश से यात्रा का विचार कर रहे रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। काचिगुड़ा से मदार (अजमेर) के बीच स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू किया जा रहा है। इस स्पेशल ट्रेन के संचालन से भोपाल रेल मंडल समेत प्रदेश के कई रेलवे स्टेशनों पर स्टॉप लेगी। ट्रेन नंबर 07733 काचिगुड़ा-मदार स्पेशल फेयर उर्स स्पेशल ट्रेन 23 दिसंबर 2025 से चलेगी और वापसी में मदर से काचिगुड़ा के लिए 28 दिसंबर को रवाना होगी। यह ट्रेन भोपाल मंडल से होकर गुजरेगी, जिसमें इटारसी और भोपाल सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। एमपी, तेलंगाना और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी यह स्पेशल ट्रेन यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने और सुविधा प्रदान करने के लिए चलाई जा रही है। ट्रेन में स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी कोच की सुविधा रहेगी। कुल यात्रा समय लगभग 39 घंटे 50 मिनट का होगा और दूरी करीब 1625 किलोमीटर। रेलवे के इस फैसले से मध्य प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा पर जाने से पहले यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या एप से कर सकते हैं।  

U19 एशिया कप: पाकिस्तान ने मैच पर कसा शिकंजा, विहान के विकेट से भारत बैकफुट पर

दुबई  इंडिया वर्सेस पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 का 5वां मुकाबला दुबई के आईसीसी अकैडमी ग्राउंड पर खेला जा रहा है। बारिश की वजह से टॉस देरी में हुई। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है। भारत को पहला बड़ा झटका वैभव सूर्यवंशी (5) के रूप में 29 के स्कोर पर लगा। आयुष म्हात्रे शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे, मगर वह 25 गेंदों पर 38 रन बनाकर आउट हुए। भारत को तीसरा झटका 105 के स्कोर पर लगा जब विहान मल्होत्रा 12 रन बनाकर आउट हुए। अब आरोन जॉर्ज का साथ देने त्रिवेदी आए हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमें अपना-अपना पिछला मुकाबला यहां बड़े अंतर से जीतकर आ रही है। टीम इंडिया ने यूएई को 234 रनों से तो पाकिस्तान ने मलेशिया को 297 रनों से धूल चटाई थी। आज के मैच में जीत दर्ज करने वाली टीम सेमीफाइनल का टिकट कन्फर्म करेगी। शफीक ने विहान मल्होत्रा को कॉट एंड बोल्ड आउट कर भारत को तीसरा झटका दे दिया है। भारत मुश्किल में है। टीम इंडिया को यहां से एक बड़ी साझेदारी की दरकार है। आरोन जॉर्ज के हेलमेट पर लगी खतरनाक बाउंसर! पारी का 14वां ओवर डाल रहे अली रजा ने तीखी बाउंसर डाली जो सीधा भारतीय बल्लेबाज के हेलमेट पर जाकर लगी। अच्छी खबर यह है कि उन्हें कोई चोट नहीं आई। भारत का स्कोर 100 रन के करीब है। टीम इंडिया को दूसरा झटका आयुष म्हात्रे के रूप में लगा है। हारून जॉर्ज की क्लासिक बैटिंग! नंबर-3 पर बैटिंग करने आए हारून जॉर्ज क्लासिक बल्लेबाजी कर रहे हैं। बेहतरीन टाइमिंग के साथ शॉट्स लगा रहे हैं। वह अभी तक 6 चौकों की मदद से 27 के निजी स्कोर पर पहुंच गए हैं। वहीं आयुष म्हात्रे 38 रन बनाकर खेल रहे हैं। आयुष म्हात्रे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। 6ठे ओवर की आखिरी गेंद पर उन्होंने सामने की तरफ शानदार छक्का लगाकर भारत के स्कोर को 50 के पार पहुंचाया। भारतीय कप्तान 21 गेंदों पर 37 के निजी स्कोर पर पहुंच गए हैं। वैभव सूर्यवंशी आउट! पारी का चौथा ओवर लेकर आए मोहम्मद सैयाम ने वैभव को कॉट एंड बोल्ड आउट कर भारत को पहला और बड़ा झटका दे दिया है। वैभव 5 रन बनाकर लौटे पवेलियन।

मध्यप्रदेश में मंत्री पर सख्त रुख, बीजेपी संगठन ने मांगा जवाब, बढ़ी बेचैनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी Pratima Bagri इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनका परिवार गांजा तस्करी में लिप्त पाया गया है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी और बहनोई शैलेंद्र को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। इस प्रकरण से राज्य की बीजेपी सरकार चिंतित हो उठी है। कांग्रेस राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से इस्तीफे की मांग कर रही है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर भी लगातार प्रहार किए जा रहे हैं। कांग्रेस के बेहद हमलावर रुख को देखते हुए अब बीजेपी संगठन आगे आया है। संगठन नेताओं ने सख्ती दिखाते हुए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से मामले पर न केवल सफाई मांगी बल्कि उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए। बताया जा रहा है कि पार्टी के कड़े तेवर से मंत्री की निराशा बढ़ गई है। सतना जिले की रैगांव विधानसभा की विधायक व प्रदेश की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी Pratima Bagri, अपने परिवार के कारण मुश्किलों से घिर गई हैं। उनके भाई व बहनोई को तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस और मीडिया का दबाव बढ़ा तो राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने दोनों से पल्ला झाड़ लिया और साफ कह दिया कि मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है। हालांकि उनकी इस सफाई पर कोई यकीन करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा। पार्टी ने सख्त लहजा अपनाते हुए प्रकरण में सफाई मांगी खासकर पार्टी में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल इस मुद्दे पर बीजेपी विरोधियों के निशाने पर है। पार्टी को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रदेश बीजेपी ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। पार्टी नेताओं ने मंत्री प्रतिमा बागरी के प्रति सख्त लहजा अपनाते हुए इस प्रकरण में उनसे सफाई मांगी। बीजेपी संगठन का वरिष्ठ नेतृत्व मंत्री की इस बात से कतई सहमत नहीं है कि तस्करी जैसे अपराधों से उनका कोई वास्ता नहीं है। भाई और बहनोई अपने कृत्यों के लिए खुद जिम्मेदार हैं।    सख्त स्वरों में चेताया सूत्रों के अनुसार बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा ने इस मामले में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से बात की। खुद को पाकसाफ बताने पर दोनों नेताओं ने नाराजगी जताई। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को सख्त स्वरों में चेताया गया।   बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व को पहले ही पूरे मामले की जानकारी दी जा चुकी है। सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी अवगत करा दिया गया था।  

विधानसभा समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की अहम बैठक, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने लिया हिस्सा

रायपुर  विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

भारत–पाक मुकाबले से पहले बड़ा फैसला: BCCI ने ICC की रिक्वेस्ट नहीं मानी, नो-हैंडशेक नियम लागू

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच अंडर-19 एशिया कप 2025 का 5वां मुकाबला दुबई में खेला जा रहा है। इस मैच में भी हर किसी की नजरें दोनों टीमों के कप्तानों पर टिकी थी। दरअसल, पहलगाम अटैक के बाद भारत ने क्रिकेट के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ अलग ही रुख अपनाया है। मैच चाहे किसी भी लेवर पर हो भारतीय खिलाड़ी ना पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिला रहे हैं और ना ही किसी तरह की बातचीत कर रहे हैं। इस मामले में दखल देते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने जूनियर-लेवल क्रिकेट से पॉलिटिक्स को दूर रखने की रिक्वेस्ट की थी। हालांकि बीसीसीआई ने इस रिक्वेस्ट को नजरअंदाज कर दिया और भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस के दौरान पाकिस्तान के कप्तान से हाथ नहीं मिलाया।   इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले से पहले, एक PTI रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि ICC U-19 क्रिकेट से राजनीति को दूर रखना चाहता था और उसने भारत से हाथ न मिलाने वाले अपने रुख को तोड़ने का आग्रह किया था। यह पॉलिसी सबसे पहले सितंबर में इसी शहर में सीनियर एशिया कप मैच के दौरान भारतीय सेना और पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लागू की गई थी। बाद में इसी रुख को महिला वनडे वर्ल्ड कप और राइजिंग स्टार्स एशिया कप T20 टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ मैचों में भी अपनाया गया था। हालांकि, ICC ने आखिरी फैसला BCCI पर छोड़ दिया, और कहा कि अगर यह पॉलिसी जारी रखनी है, तो मैच रेफरी को पहले से जानकारी देनी होगी।   रविवार को, भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस के बाद पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिलाया। जब पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने पहले बॉलिंग करने का फैसला किया, तो म्हात्रे उनके पीछे बिना हाथ मिलाए खड़े रहे। प्रेजेंटर से थोड़ी बातचीत के बाद, यूसुफ ने बिना आई कॉन्टैक्ट किए माइक्रोफोन म्हात्रे को दे दिया और सीधे डगआउट में चले गए। बता दें, पाकिस्तान ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है। बारिश की खलल के चलते मैच शुरू होने में देरी हुई, जिस वजह से यह मैच अब 49-49 ओवर का हो रहा है।  

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उम्मीद पोर्टल पर यूपी ने किया देश में सर्वाधिक 92,832 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन

उम्मीद पोर्टल पर यूपी ने रचा इतिहास, ऑनलाइन वक्फ संपत्ति रजिस्ट्रेशन में यूपी सबसे आगे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उम्मीद पोर्टल पर यूपी ने किया देश में सर्वाधिक 92,832 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन  उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्ति के रजिस्ट्रेशन की अवधि 6 माह बढ़ी, यूपी रहा रजिस्ट्रेशन में सबसे आगे   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा 6 जून 2025 को शुरू किए गए 'उम्मीद' पोर्टल पर 05 दिसंबर 2025 तक सभी वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन का आदेश जारी किया गया था। इस क्रम में उत्तर प्रदेश में कुल 92,832 वक्फ संपत्तियों का सफलतापूर्वक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया है, जिसमें 86,347 सुन्नी और 6,485 शिया वक्फ संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की तिथि को 6 माह के लिए बढ़ा दिया है। लेकिन उत्तर प्रदेश की ये उपलब्धि न केवल सीएम योगी आदित्यनाथ के कुशल और पारदर्शिता प्रशासन को दर्शाती है, साथ ही वक्फ बोर्डों की संपत्तियों के संरक्षण और विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उम्मीद पोर्टल पर यूपी में हुआ सर्वाधिक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उम्मीद पोर्टल के देशव्यापी आंकड़ों के अनुसार, पूरे भारत में अब तक हुए कुल वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन में उत्तर प्रदेश का योगदान सर्वाधिक है। हालांकि केंद्र सरकार ने उम्मीद पोर्टल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अवधि को बढ़ा दिया है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की सक्रियता से यह लक्ष्य न केवल समय पर पूरा हुआ, बल्कि निर्धारित अवधि से पहले ही हासिल कर लिया गया। इस क्रम में उत्तर प्रदेश में 'उम्मीद' पोर्टल पर क्रमशः 86,347 सुन्नी और 6,485 शिया वक्फ संपत्तियों के साथ कुल 92,832 वक्फ संपत्तियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ है। प्रदेश सरकार की ओर से चलाए गये जागरूकता अभियान और प्रशासनिक सहयोग से अधिकांश मुतवल्लियों ने वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन समय पर पूरे करवा लिये हैं। शिया वक्फ रजिस्ट्रेशन में लखनऊ, तो सुन्नी वक्फ रजिस्ट्रेशन में बराबंकी अव्वल  उम्मीद पोर्टल के जनपदवार विवरण से पता चलता है कि, शिया वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में लखनऊ सबसे आगे रहा, जहां 625 शिया वक्फ संपत्तियां दर्ज हुई हैं। उसके बाद 539 शिया वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ जनपद अमरोहा दूसरे और 533 वक्फ संपत्तियों के साथ  मेरठ तीसरे स्थान पर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर सुन्नी वक्फ संपत्तियों के उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के मामले में 4,940 वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के साथ बाराबंकी पहले नंबर पर रहा। तो वहीं सीतापुर, दूसर और आजमगढ़ तीसरे स्थान पर रहा। जबकि बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ, और जौनपुर जनपद भी सुन्नी वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के मामले में अग्रणी जनपद  हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की यह उपलब्धि सीएम योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और प्रशासन दक्षता को प्रदर्शित कर रही है, साथ ही वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने, इसके दुरुपयोग को रोकने और साथ ही उनके संरक्षण और विकास कार्यों को भी गति प्रदान करेगा।

मेट्रो सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत: 20 दिसंबर को सीएम मोहन संग केंद्रीय मंत्री करेंगे उद्घाटन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल वासियों को लंबे समय से जिस पल का बेसब्री से इंतजार था आखिरकार वो पल महज एक सप्ताह में हकीकत बनते हुए उनके सामने आने वाला है। हम बात कर रहे भोपाल मेट्रो की। आपको जानकर खुशी होगी कि, जिसे मेट्रो का इंतजार भोपालवासी बीते कई वर्षों से कर रहे है, वो पहले चरण के ट्रेक पर आने वाली 20 दिसंबर से पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी। क्योंकी इस तारीख पर शासन की ओर से मुहर लगा दी गई है। मध्य प्रदेश मेट्रो कारर्पोरेंशन के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य का कहना है कि, 20 दिसंबर को भोपाल मेट्रो का लोकार्पण किया जाएगा। शासन ने लोकार्पण की तारीख आधिकारिक रूप से तय कर ली है। साथ ही, मेट्रो प्रबंधन को इसकी औपचारिक सूचना भी भेज दी गई है। लोकार्पण कार्यक्रम शहर के मिंटो हाल में दिन के समय आयोजित किया जाएगा। सीएम मोहन के साथ मेट्रो को झंडी दिखाएंगे केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मिलकर भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर उसे रवाना करेंगे। जबकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। आपको बता दें कि, पहले फेस में आरेंज लाइन के 7.5 किलोमीटर प्रायोरिटी कारिडोर पर मेट्रो चलाई जाएगी। यह रूट एम्स मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक का होगा। इस रूट के शुरू होने से हजारों यात्रियों को रोजाना राहत मिलेगी। जबकि, दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच यात्रा का समय भी काफी कम होगा। सोमवार को जारी होगी विसतृत जानकारी मेट्रो प्रबंधन की ओर से सोमवार को इस पूरे आपरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी जारी कर दी जाएगी। जैसे- संचालन समय, किराया, यात्रियों के लिए नियम समेत अन्य जरूरी विवरण शामिल होगा। 100 वर्षों के हिसाब से मेट्रो तैयार मेट्रो प्रबंधन के अफसरों की मानें तो इस प्रोजेक्ट को आगामी 100 वर्षों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या भले ही कम रहे, लेकिन जैसे-जैसे पूरे रूट पर काम पूरा होगा, मेट्रो पर यात्रियों का दबाव बढ़ता जाएगा और मेट्रो भोपाल की लाइफलाइन बन जाएगी।