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कर्नाटक की सियासत में बड़ा संकेत: 6 जनवरी को शिवकुमार बनेंगे मुख्यमंत्री, कांग्रेस विधायक का बयान

बेंगलुरु  कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक इकबाल हुसैन ने शनिवार को संभावना जताई कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 6 जनवरी को मुख्यमंत्री बनेंगे। रामनगर के विधायक हुसैन ने पत्रकारों से कहा कि सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री का पद शिवकुमार के लिए खाली कर देना चाहिए। शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया जाना चाहिए। शिवकुमार के कट्टर समर्थक हुसैन कहा, ‘छह जनवरी को उनके मुख्यमंत्री बनने की 99 प्रतिशत संभावना है।’   जब उनसे पूछा गया कि इस तारीख का क्या महत्व है, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता। यह बस एक संख्या है। हर कोई यही कह रहा है। यह 6 या 9 जनवरी हो सकती है। ये दो तारीखें हैं।’ हुसैन लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। शुक्रवार को उन्होंने अपनी यह इच्छा जाहिर की थी। इस बीच, रेल राज्य मंत्री और भाजपा सांसद वी सोमन्ना ने कहा कि वह मुख्यमंत्री पद के लिए गृह मंत्री जी परमेश्वर का समर्थन कर रहे हैं। सोमन्ना ने तुमकुरु में एक कार्यक्रम में कहा, ‘सत्ता मिलना भाग्य की बात है। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि परमेश्वर सिर्फ गृह मंत्री बनकर रह जाएंगे। हम उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि तुमकुरु के लोग भी उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।’ जब रेल राज्य मंत्री से किसी दर्शक ने मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार शिवकुमार के बारे में पूछा तब उन्होंने कहा, ‘छोड़िए इसे। यह गौण बात है। शिवकुमार क्या बनना चाहते हैं, यह उनके भाग्य पर निर्भर करता है। आचरण तो भाग्य से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है।’  

भोपालवासियों के लिए बड़ी सुविधा: 8 साल बाद फिर दौड़ेगी महापौर एक्सप्रेस, कई सेवाएं होंगी डोर-टू-डोर

भोपाल नगर निगम आम नागरिकों को घर पर ही रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आठ साल से बंद पड़ी महापौर एक्सप्रेस सेवा को दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस योजना पर महापौर परिषद में विचार-विमर्श किया जाएगा और इसके बाद आम लोगों से भी सुझाव लिए जाएंगे, ताकि सेवा का संचालन ज्यादा प्रभावी और जरूरतों के अनुरूप किया जा सके। गौरतलब है कि पहले महापौर एक्सप्रेस के तहत पांच से छह तरह की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं, लेकिन नई योजना में इनकी संख्या बढ़ाने की तैयारी है। प्रस्तावित सेवाओं में अब इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, प्लंबर, टर्नर, मैकेनिक, पेंटर और ड्राइवर के साथ घरेलू जरूरतों को देखते हुए कुक, स्वीपर, काम वाली बाई और अन्य छोटे-मोटे घरेलू कार्यों को भी सेवा में जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।   शुल्क 200 से बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव करीब नौ साल पहले जब यह सेवा शुरू हुई थी तब 200 रुपये शुल्क तय किया गया था। हालांकि नई योजना के तहत शुल्क बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव है। निगम अधिकारियों का कहना है कि महंगाई और सेवाओं के विस्तार को देखते हुए शुल्क में बढ़ोतरी जरूरी है। प्रचार प्रसार के अभाव में बंद हुई सेवा महापौर एक्सप्रेस सेवा वर्ष 2016 में शुरू की गई थी, लेकिन पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण सफल नहीं हुई। शुरुआत में निगम ने दो वाहनों में छह टेक्नीशियन सहित 12 कर्मचारियों को तैनात किया था। पहले साल सेवा को अच्छा रिस्पान्स मिला, लेकिन धीरे-धीरे लोगों की जानकारी कम होती गई। वर्ष 2018 में यह सेवा बंद कर दी गई। महापौर एक्सप्रेस को नए स्वरूप में शुरू करने की पूरी योजना बनाई जा रही है। आम लोगों के सुझाव लेकर सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा। मनोज राठौर, एमआइसी मेंबर, महापौर परिषद।

कचरे से विकास की राह: भोपाल वेस्ट से तैयार होगी मध्यप्रदेश की पहली 10 लेन सड़क, 836 करोड़ का प्रोजेक्ट

भोपाल प्रदेश की पहली 10 लेन सड़क के निर्माण में राजधानी भोपाल से निकला लाखों मीट्रिक टन कचरा उपयोग में लाया जाएगा। इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भोपाल नगर निगम को प्रस्ताव भेजा है। साथ ही आदमपुर खंती से सालिड वेस्ट के सैंपल लेकर उसकी लैब टेस्टिंग भी कराई गई है।निगम अधिकारियों के अनुसार चार अलग-अलग तरह की टेस्टिंग में कचरा उपयुक्त पाया गया है। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो करीब 10 लाख मीट्रिक टन सालिड वेस्ट 10 लेन सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा। 11 फ्लाईओवर, एक आरओबी और 2 माईनर ब्रिज बनेंगे 10 लेन सड़क का प्रारंभिक बिंदु आशाराम तिराहा और अंतिम बिंदु रत्नागिरी चौराहा होगा। इसमें 16.44 किलोमीटर एलिवेटेड रोड, 5.796 किलोमीटर एप्रोच रोड, 8.616 किलोमीटर बैलेंस सिक्स लेन और 1.708 किलोमीटर बैलेंस फोर लेन शामिल हैं। मुख्य मार्ग सिक्स लेन का होगा, जबकि दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाई जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट में 11 फ्लाईओवर, एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दो माइनर ब्रिज भी बनाए जाएंगे।   15 साल कंपनी करेगी सड़क का रखरखाव इस परियोजना का ठेका राजस्थान की रवि इंफ्राबिल्ड प्रा. लि. कंपनी को मिला है, जिसने 35.68 प्रतिशत बिलो में टेंडर हासिल किया है। कंपनी न केवल दो साल में सड़क का निर्माण करेगी, बल्कि अगले 15 वर्षों तक इसका रखरखाव भी करेगी। सड़क निर्माण पर 836 करोड़ खर्च होंगे। निगम को होगा 5 करोड़ का फायदा एनएचएआई द्वारा आदमपुर खंती से सालिड वेस्ट लेने की योजना से नगर निगम को भी बड़ा लाभ होगा। वर्तमान में निगम कचरे के प्रोसेसिंग पर सालाना 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रहा है। अगर यह कचरा सड़क निर्माण में उपयोग होता है तो निगम को सीधे तौर पर करीब 5 करोड़ रुपये की बचत होगी। इनका कहना है आदमपुर में जमा कचरा बिटुमिन सड़क निर्माण के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। टेस्टिंग के परिणाम आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। वरूण अवस्थी, अपर आयुक्त, ननि।

लालू यादव की संपत्ति जब्त कर बनाए जाएंगे सरकारी स्कूल, सम्राट चौधरी का बड़ा दावा, सियासी तूफान तेज

पटना  बिहार में नई सरकार बनते ही माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। इसी कड़ी में गृह मंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) की जब्त की गई संपत्तियों पर सरकारी स्कूल (Government School) खोले जाएंगे। वहीं उनके इस बयान से राजनीति गरमा गई है।  "भ्रष्टाचार की संपत्ति पर ताला नहीं, स्कूल खुलेंगे"  गृह मंत्री ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि ED और CBI पहले ही लालू यादव की कई संपत्तियों को अटैच कर चुकी हैं। इनमें पटना के चिड़ियाघर के पास स्थित एक बड़ी बिल्डिंग भी शामिल है, जिस पर करीब 20 वर्षों से ताला लगा हुआ है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जनता के टैक्स से अर्जित घोटाले के पैसों से बनी संपत्तियों पर ताला नहीं रहने दिया जाएगा। इन संपत्तियों की रंगाई-पुताई कर वहां सरकारी स्कूल खोले जाएंगे, ताकि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को सीधा लाभ मिल सके।  "अपराधी चाहे कितना भी बड़ा हो, कानून से ऊपर कोई नहीं"  सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में करीब 950 करोड़ रुपये के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं। भ्रष्टाचार से कमाई गई संपत्ति का इस्तेमाल अब जनता के हित में होगा। गृह मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार से अर्जित हर इंच जमीन और संपत्ति जब्त कर उसका उपयोग जनकल्याण के कार्यों में करेगी। 

ठंड में दिल पर बढ़ता खतरा: सर्दियों में हृदय रोग क्यों होते हैं आम, जानें कौन लोग सबसे ज्यादा रिस्क में

जालंधर  सर्दियों के आगमन के साथ ही देश भर में हृदय रोगों के मामलों में बढ़ौतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में गिरावट दिल की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है और इस वजह से बुजुर्गों को अतिरिक्त सतर्कता रखनी होगी। क्यों बढ़ते हैं हृदय रोग सर्दियों में? रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना : तापमान कम होने के कारण शरीर गर्मी बचाने के लिए रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है, जिससे ब्लड प्रैशर बढ़ जाता है। ब्लड का गाढ़ा होना : सर्दियों में खून गाढ़ा हो सकता है, जिससे खून का बहाव धीमा पड़ता है और क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है। शारीरिक गतिविधि में कमी : ठंड के कारण लोग सुबह-शाम की सैर या व्यायाम कम कर देते हैं, जिससे हृदय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। संक्रमण का बढ़ा खतरा : सर्दियों में वायरल और फ्लू जैसी बीमारियां बढ़ जाती हैं, जो पहले से हृदय रोगियों की स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं। बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी क्यों जरूरी? विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों की प्रतिरक्षा क्षमता कम होती है और उम्र बढ़ने के साथ दिल की कार्यक्षमता भी घटती जाती है। ठंड में शरीर पर अचानक बढ़ने वाला दबाव बुजुर्गों के लिए अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। हाई ब्लड प्रैशर, डायबिटीज, कोलैस्ट्रॉल, मोटापा या पहले से हुए हार्ट अटैक वाले लोगों को जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। कैसे रखें अपना हार्ट सुरक्षित? गर्म कपड़े पहनें और सिर, कान व पैर को ठंड से बचाकर रखें। नियमित ब्लड प्रैशर और शुगर मॉनिटरिंग करें। हल्की एक्सरसाइज, योग और स्ट्रेचिंग रोजाना करें। धूम्रपान से पूरी तरह बचें, क्योंकि ठंड और स्मोकिंग का मिलाजुला असर दिल की बीमारी को और बढ़ाता है। संतुलित और गरम भोजन लें जिसमें सब्जियां, सूप, सूखे मेवे और फाइबर युक्त आहार। जल का सेवन ज्यादा करें, क्योकि ठंड में लोग पानी कम पीते हैं जिससे ब्लड गाढ़ा होने का खतरा रहता है। दवाइयां समय पर लें और डाक्टर द्वारा निर्धारित मात्रा को न छोड़ें। हार्ट के लक्षणों को नजरअंदाज करना घातक टैगोर अस्पताल के चेयरमैन डा. विजय महाजन ने कहा कि हृदय रोग से संबंधित लक्षणों को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। जिनमें सीने में दर्द या भारीपन, सांस लेने में दिक्कत, अचानक पसीना आना, चक्कर आना या बेहोशी, हाथों, कंधे या जबड़े में दर्द आदि होने पर तुरंत विशेषज्ञ डाक्टरों से सम्पर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊपरी पेट में दर्द, साथ में मितली और उल्टी लोग अक्सर इसे अपच समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में यह हार्ट अटैक हो सकता है। गर्दन में दर्द, जो एक या दोनों बाजुओं तक फैल सकता है, इसे लोग आमतौर पर सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस समझ लेते हैं। कुछ मरीजों में, विशेषकर डायबिटीज वाले मरीजों में, हार्ट अटैक का लक्षण केवल सांस फूलना (सांस लेने में तकलीफ) भी हो सकता है।

यादें होंगी ताज़ा, सफर होगा स्मार्ट: 30 साल बाद दिल्ली में फिर दौड़ेगी डबल डेकर बस

नई दिल्ली  दिल्ली में 30 साल बाद डबल डेकर बसों का वापसी का ऐलान किया गया है। अब ये बसें केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि राजधानी का टूरिस्ट आकर्षण बनकर सामने आएंगी। नई डबल डेकर बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं। इन्हें अशोक लेलैंड ने अपनी CSR पहल के तहत बनाया है। बस में 60 से ज्यादा यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है और इसकी ऊंचाई 4.75 मीटर है। बाहरी हिस्से पर दिल्ली के प्रमुख लैंडमार्क की खूबसूरत तस्वीरें बनी हैं। नई बस यात्रियों को दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर करवाएगी। इसका सफर प्रधानमंत्री म्यूजियम से शुरू होगा और भारत मंडपम, नेशनल वॉर मेमोरियल, नया संसद भवन, दिल्ली हाट जैसे महत्वपूर्ण स्थलों तक जारी रहेगा। बस में एक गाइड भी मौजूद रहेगा जो प्रत्येक इमारत और स्थल से जुड़ी रोचक जानकारियां बताएगा। डबल डेकर बसें कभी 'सुविधा बस' के नाम से दिल्ली की पहचान हुआ करती थीं। 1970 से 1989 तक लाल रंग की ये दो मंजिला बसें बच्चों और बड़ों के लिए रोमांच और यात्रा का अहम हिस्सा थीं। ऊपरी डेक से यात्रा का अनुभव खासतौर पर यादगार माना जाता था। समय के साथ इन बसों का मेंटेनेंस महंगा और मुश्किल हो गया, जिसके कारण ये धीरे-धीरे शहर की सड़कों से गायब हो गईं। अब नई डबल डेकर बसों के आने से राजधानी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोग आधुनिक, सुरक्षित और रोचक अनुभव के साथ दिल्ली दर्शन का आनंद ले सकेंगे। बड़ों के लिए किराया 500 रुपये और 6 से 12 साल के बच्चों के लिए 300 रुपये तय किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिल रहा त्वरित न्याय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल में सेवानिवृत्त कार्मिकों को मिल रहा त्वरित न्याय पेंशनरों की समस्याओं के निस्तारण के लिए शक्ति भवन में शनिवार को लगी पेंशन अदालत अदालत में कुल 14 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश में सेवानिवृत्त कार्मिकों के कल्याण और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय पर त्रैमासिक पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। यह पहल प्रदेश सरकार की उस संवेदनशील सोच को दर्शाती है, जिसमें सेवा निवृत्ति के बाद भी कार्मिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। पेंशन अदालत में कुल 14 प्रकरणसुनवाई के लिए रखे गए। पेंशन अदालत का आयोजन उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष कुमार गोयल के निर्देश पर किया गया। शक्ति भवन में आयोजित इस पेंशन अदालत की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के अपर सचिव (प्रथम) विनोद कुमार मिश्र ने की, जिसमें पावर कॉरपोरेशन और पारेषण निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पेंशन अदालत में कुल 14 प्रकरण रखे गए। इनमे से पांच प्रकरणों का त्वरित निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष का जल्द से जल्द करने के स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिए गए। यह त्रैमासिक पेंशन अदालत मार्च, जून, सितम्बर और दिसम्बर में नियमित रूप से आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य किसी भी पेंशनर को अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए है। यही मॉडल प्रदेश के सभी डिस्कॉम और केस्को में भी प्रभावी रूप से लागू किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश है कि शासन केवल कार्यरत कर्मियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी है। पेंशन अदालत जैसी व्यवस्थाएं उत्तर प्रदेश को संवेदनशील और जवाबदेह शासन की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं। पेंशन अदालत में अपर सचिव-तृतीय  कैलाश चन्द्र जोशी, संयुक्त सचिव दिनेश प्रताप गुप्ता, संयुक्त सचिव अनिल कुमार, अधीक्षण अभियन्ता रजनीकान्त मिश्रा, उप सचिव राम सूरत सहित अन्य अधिकारीगण इस मौके पर मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री की परीक्षा पे चर्चा: विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावकों को परीक्षा के तनाव से मिलेगी मुक्ति

रायपुर परीक्षा पे चर्चा 2026 का नौवां संस्करण जनवरी 2026 में आयोजित होगा। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्यक्रम पीएम मोदी का एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है, जिसमें देश-विदेश के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक परीक्षा से जुड़े तनाव, अनुभव और सकारात्मक तैयारी पर चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन  MyGov पोर्टल (innovateindia1.mygov.in) पर शुरू हो चुके हैं और इसकी अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 है। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थीए शिक्षक और अभिभावक ऑनलाइन डब्फ आधारित प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं। तनाव को कम करने का प्रयास  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों को सीधे संवाद करने का एक और सुनहरा अवसर मिल रहा है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी परीक्षा पे चर्चा के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जो इस श्रंखला का 9 वाँ संस्करण होगा। इस मंच के माध्यम से  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यों से चयनित बच्चों द्वारा परीक्षा से संबंधित पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन करेंगे और उनके तनाव को कम करने का प्रयास करेंगे। सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी माता-पिता और शिक्षकों के साथ बातचीत भी करते हैं, ताकि वे छात्रों के सभी सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें और अपने बच्चों और छात्रों को एग्जाम के तनाव को दूर करने में मदद कर सकें।  परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में केवल कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के छात्र एवं कक्षा 6 से 12 छात्रों के पेरेंट्स रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन करके वे अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। गौरतलब है कि पीपीसी 2025 के 8 वें संस्करण ने भारत और विदेशों में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से पंजीकरण के मामले में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है। कार्यक्रम की अपार लोकप्रियता छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संबोधित करने और परीक्षाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में इसकी सफलता को उजागर करती है। प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक अपलोड कर सकते हैं इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 वीं के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपने प्रश्न अधिकतम 500 शब्दों में तैयार कर सकते हैं। प्रश्न अपलोड करने की सुविधा भारत सरकार के पोर्टल   http://innovateindia1.mygov.in  पर उपलब्ध है।  परीक्षा पे चर्चा विकल्प में प्रतिभागी पुरस्कारों से जुडी तिथियों और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी देख सकते हैं। कार्यक्रम के लिए प्रश्न अपलोड करने की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक जमा (अपलोड)कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश पारदर्शी तरीके से हितलाभ राशि अंतरण में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

हितग्राहियों को पारदर्शी तरीके से हितलाभ राशि अंतरण के मामले में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है शामिल प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई जिला विकास सलाहकार समिति की प्रथम बैठक जिले को कुपोषणमुक्त बनाने सहित समयावधि में योजनाओं का लाभ एवं विकास कार्यों की पूर्णता सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश भोपाल जिले को कुपोषणमुक्त बनाने के उद्देश्य से विभागीय कार्यक्रम व गतिविधियों के क्रियान्वयन के साथ सामाजिक उत्तदायित्व भी आवश्यक है। गरीब व पात्र हितग्राहियों के हक का पैसा पारदर्शी तरीके से सीधे बैंक खाते में पहुंचाने वाले प्रदेशों की श्रेणी में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। जिले के सर्वांगीण विकास के लिए सर्वसमाज की सहभागिता जरूरी है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शनिवार को कलेक्टर कार्यालय के सभागार में संपन्न हुई जिला विकास सलाहकार समिति की प्रथम बैठक में कहीं। इस समिति का गठन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में किया गया है। जिले के प्रभारी मंत्री बतौर उपाध्यक्ष समिति में शामिल हैं। बैठक में प्रभारी मंत्री परमार ने विभागवार क्रियान्वित योजनाओं के प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में शासन की योजनाओं का लक्ष्य पूर्ण करने तथा विकास कार्यों की पूर्णता के लिए निर्देशित किया गया। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों से समिति में शामिल सदस्यों के आवश्यक सुझाव प्राप्त कर आगामी कार्ययोजना व समग्र विकास के रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में 12.65 करोड़ राशि से डायमण्ड पार्क तथा 20 करोड़ लागत राशि से बनने वाले डायमण्ड म्यूजियम के एक स्थल पर लगभग 32 एकड़ भूमि पर निर्माण के संबंध में सर्वसम्मति एवं सहमति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने दक्षिण वन मण्डल अंतर्गत पोषण से भरपूर कल्दा महुआ लड्डू एवं शहद के लोगो का विमोचन किया। प्रभारी मंत्री ने बैठक के अवसर पर प्रदेश सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में सबसे पहले बड़ा कदम उठाते हुए लाड़ली लक्ष्मी योजना की शुरूआत की। इस योजना के जरिए बेटियों की शिक्षा और भविष्य के स्वावलंबन की नींव रखी गई। प्रदेश सहित जिले में लाड़ली बहना योजना के माध्यम से भी बड़ी संख्या में महिलाएं लाभांवित हो रही हैं। इसी तरह सामाजिक न्याय विभाग की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बेटियों को 49 हजार रूपए की राशि हस्तांतरित की जा रही है। जिले में टिकुरिहा, जिगदहा और लक्ष्मीपुर में नवीन विद्युत सब स्टेशन स्वीकृत हुए हैं। किसानों को निर्बाध रूप से 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराना और विद्युतविहीन कुछ राजस्व ग्राम व मजरा टोला में विद्युतीकरण का भी लक्ष्य है। बैठक में खनिज मद की स्थिति सहित शिक्षा विभाग के छात्रवृत्ति वितरण, बालिका छात्रावासों की स्थिति, साईकिल व गणवेश वितरण, सांदीपनि विद्यालय के गुणवत्तापूर्ण भवन निर्माण सहित शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास तथा स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के बारे में जानकारी लेकर जरूरी निर्देश दिए गए। प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में हो चिकित्सक की तैनाती प्रभारी मंत्री ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यकता मुताबिक बांड चिकित्सकों की पदस्थापना के संबंध में भी निर्देश दिए। इस दौरान अवगत कराया गया कि ग्राम जनवार में पीपीपी मोड पर बनने वाले चिकित्सा महाविद्यालय की भूमि का सीमांकन 18 दिसम्बर को कराया जाएगा। वर्तमान जिला अस्पताल के 300 बेड के अलावा मेडिकल कॉलेज की निर्माण संस्था द्वारा पृथक से भी 200 बिस्तर की स्थापना की जाएगी। आगामी दिवस में मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन उपरांत निर्बाध रूप से चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण शुरू हो जाएगा। प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पदों की जानकारी लेकर सभी स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से मुख्यालय पर निवास करने, 108 एम्बुलेंस सेवा को बेहतर बनाने, अस्पताल संचालन समय में चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक सहित आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान मामले पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी एजेंसी द्वारा राशि के एवज में कर्मचारियों की नियुक्ति के मामले की विधिवत जांच कर लापरवाही प्रमाणित पाए जाने पर कंपनी के विरूद्ध कार्रवाई करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आउटसोर्स कर्मियों पर अपना नियंत्रण रखा जाए। इन कर्मचारियों के कार्यों का मूल्यांकन एजंेसी पर न छोड़ा जाए, बल्कि अपने स्तर पर स्वयं कार्यों का आकलन करें। इस दौरान अस्पताल एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में उपकरणों के क्रय के बाद नियमित रूप से इनके संचालन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। नल जल परियोजनाओं की एनओसी के लिए जपं सीईओ को करें अधिकृत बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जिले में संचालित परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा भी हुई। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री द्वारा समयबद्ध रूप से परियोजना का कार्य पूर्ण करने तथा कार्यपूर्णता पर एनओसी के लिए जनपद पंचायत सीईओ को अधिकृत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी नल जल योजनाओं के सफल संचालन के लिए सही व उचित जल स्त्रोत का चिन्हांकन आवश्यक है। पन्ना विधायक द्वारा अजयगढ़ क्षेत्र में गुणवत्ताहीन पाइपलाइन बिछाने तथा सड़क मरम्मत कार्य में लापरवाही बरतने संबंधी जानकारी से अवगत कराने पर प्रभारी मंत्री द्वारा तत्काल समिति का गठन कर जांच के लिए निर्देशित किया गया। उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान यूरिया एवं डीएपी खाद की पन्ना जिले के लिए पृथक रैक की उपलब्धता, धरमपुर में वितरण केन्द्र बनाने तथा किसानों को सोलर पम्प जैसी स्कीम से लाभांवित करने के निर्देश भी दिए गए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक एवं आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने तथा कीटनाशक व खाद के सीमित उपयोग के लिए किसानों को जागरूक किया जाए। अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लिए संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों के शत प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रकरणों के निराकरण सहित केन-बेतवा लिंक परियोजना से छूटे जिले के शेष ग्रामों में भी कृषि सिंचाई के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। प्रत्येक मजरे टोले तक सड़क निर्माण तथा पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में माइनिंग ब्रांच के संचालन तथा प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में उच्च शिक्षा के नवीन … Read more

2025 में गूगल पर क्या रहा नंबर-1 सर्च? पूरी लिस्ट देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान

नई दिल्ली  साल 2025 खत्म होने के करीब है और इस बीच गूगल ने अपनी सालाना 'ईयर इन सर्च' रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि इस साल भारत में लोग किन चीज़ों को सबसे ज्यादा सर्च करते रहे। फिल्में, क्रिकेट, ताज़ा खबरें और ट्रेंडिंग इवेंट्स के अलावा इस साल एक चीनी नंबर ने सभी को हैरान कर दिया। यह नंबर है 5201314, जिसे 'Meaning' कैटेगरी में टॉप सर्च में शामिल किया गया और लोगों की जिज्ञासा का बड़ा कारण बना। रिपोर्ट के अनुसार, गूगल सर्च की मीनिंग कैटेगरी में 5201314 को पाँचवां स्थान मिला। पहली नजर में यह केवल अंकों का सामान्य क्रम लगता है, लेकिन इसके पीछे एक खास और रोमांटिक अर्थ छिपा हुआ है। 5201314 का मतलब यह कोई आम नंबर नहीं है। चीनी भाषा में कुछ नंबरों का उच्चारण शब्दों जैसा सुनाई देता है और इसी वजह से नंबरों के माध्यम से भावनाएं व्यक्त करने का चलन वहाँ काफी पॉपुलर है। चीनी भाषा में 5201314 का मतलब होता है: "मैं तुमसे जिंदगी भर प्यार करूंगा"। 520 को चीनी में 'वू अर लिंग' बोला जाता है, जो उच्चारण में 'वो आई नी' जैसा सुनाई देता है, अर्थात 'आई लव यू'।   इसलिए 5201314 का पूरा अर्थ होता है – मैं तुमसे हमेशा-हमेशा प्यार करूंगा। सोशल मीडिया पर लोग इसे प्यार जताने के लिए इस्तेमाल करते हैं। कुछ लोग तो अपनी वेबसाइट या सोशल प्रोफाइल का नाम भी 5201314 रखते हैं। अन्य सबसे ज्यादा सर्च किए गए शब्द और उमके मतलब गूगल रिपोर्ट के अनुसार, इस साल भारत में मीनिंग कैटेगरी में सबसे ज्यादा सर्च किए गए शब्दों में शामिल हैं: Ceasefire meaning, Mock Drill meaning, Pookie meaning, Mayday meaning, 5201314 meaning, Stampede meaning, Ee Sala Cup Namde meaning, Nonce meaning, Latent meaning और Incel meaning। गूगल ने अपनी सर्च प्रणाली में एआई फीचर को इंबेड किया है। इसके तहत यूजर्स जब भी कोई शब्द सर्च करते हैं, उन्हें उस शब्द का संक्षिप्त एआई ओवरव्यू मिलता है। इसके साथ ही यदि कोई चाहें तो शब्द की डिटेल्ड जानकारी भी देख सकते हैं। इस तरह, 2025 में भारत में गूगल पर लोगों की दिलचस्पी न केवल फिल्मों और खेलों में थी, बल्कि खास और रोमांटिक नंबर 5201314 ने भी सर्च ट्रेंड में अपनी जगह बनाई।