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दिल्लीवालों के लिए खुशखबरी: प्रगति मैदान अंडरपास का अंतिम चरण पूरा होने वाला, ट्रैफिक होगा आसान

नई दिल्ली  दिल्ली के व्यस्त भैरों मार्ग और रिंग रोड पर ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर का आखिरी अंडरपास (अंडरपास-5) जल्द पूरा होने की राह पर है। मुख्य टनल और पांच अंडरपास तो जून 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन कर दिया था, लेकिन ये छठा हिस्सा तकनीकी दिक्कतों और बाढ़ की वजह से रुका हुआ था। अब केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने से काम दोबारा शुरू हो सकता है। 2023 के मॉनसून में भारी बारिश और यमुना के करीब होने से कंक्रीट बॉक्स धंस गए। ऊपर तीन एक्टिव रेलवे ट्रैक होने से निर्माण सिर्फ रात के कुछ घंटों में ही संभव था। काम साल 2023 से ठप पड़ा था। PWD ने IIT दिल्ली और IIT बॉम्बे से सलाह ली। पहले 'कट एंड कवर' तरीका सुझाया गया, जिसमें ट्रैक हटाने पड़ते, लेकिन रेलवे ने लंबे ब्लॉक की इजाजत नहीं दी। नया प्लान क्या है? PWD ने संशोधित डिजाइन बनाया, जिसमें ऊंचाई 5.5 मीटर से घटाकर 3.9 मीटर और चौड़ाई 11.5 मीटर से 6.25 मीटर की गई। तीन लेन की जगह दो लेन, और सिर्फ हल्के वाहनों (कार, बाइक) के लिए। 'कास्ट इन-सिटू' तरीके से काम होगा, बिना धंसे बॉक्स को छेड़े। जून 2025 में MoHUA ने इसे मंजूरी दी। अब रेलवे से अंतिम क्लियरेंस का इंतजार है। ट्रैफिक को कितनी राहत मिलेगी? ये 110 मीटर का अंडरपास पूरा होने पर भैरों मार्ग से रिंग रोड की दिशा में सीधा ट्रैफिक चलेगा। फिलहाल एक तरफ का दो-लेन हिस्सा ही चल रहा है, दूसरी दिशा में वाहनों को यू-टर्न लेना पड़ता है। पूरा होने पर सराय काले खां से कश्मीरी गेट तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी। रोजाना लाखों वाहनों को फायदा होगा। बाकी 28 मीटर का काम पूरा करने में करीब 8 महीने लग सकते हैं।  

रायपुर: पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई मजबूती – CM साय

रायपुर : पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस की दी शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस (14 दिसंबर) के अवसर पर  प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण सतत विकास, पर्यावरण संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है। ऊर्जा का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और कुशल उपयोग न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने का भी प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे बिजली व्यय में कमी के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ऊर्जा बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं, ऊर्जा-सक्षम उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करें और छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को हरित, स्वच्छ और विकसित राज्य बनाने में सक्रिय योगदान दें।

नवाबों की बहू से ‘लेडी डॉन’ तक… 45 साल की करीना कपूर की एक गलती पर भी फिदा हुए फैंस

मुंबई   करीना कपूर खान अपने स्टाइल और कॉन्फिडेंस के लिए जानी जाती हैं। सैफ अली खान से शादी के बाद उनका रॉयल स्वैग और भी ज्यादा निखर कर सामने आया है। 45 साल की उम्र में भी करीना का फैशन सेंस किसी यंग एक्ट्रेस से कम नहीं है। हालांकि हाल ही में एक इवेंट के दौरान उनके लुक में एक छोटी सी कमी नजर आई, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। जैसे ही करीना की तस्वीरें सामने आईं, लोगों की नजर सबसे पहले उनकी शर्ट पर गई। हालांकि इस छोटी सी गलती के बावजूद उनका कॉन्फिडेंस और ग्लो सब कुछ कवर करता दिखा। करीना के लुक में क्या रही गलती? करीना ने इस इवेंट में वाइट कलर का आउटफिट चुना था, जो हमेशा की तरह उन पर बेहद एलिगेंट लग रहा था। लेकिन उनकी शर्ट के बटन के बीच हल्का सा गैप नजर आया, जिससे लुक थोड़ा अनफिनिश्ड सा लगने लगा। आमतौर पर ऐसा तब होता है जब शर्ट थोड़ी टाइट हो। हालांकि, इस छोटी सी फैशन मिस्टेक के बावजूद करीना का कॉन्फिडेंस और स्माइल इतनी दमदार थी कि किसी को ज्यादा फर्क नहीं पड़ा।   वाइट शर्ट ने दिया ग्रेसफुल टच करीना ने ट्रेंडी और बोल्ड कपड़ों की जगह क्लासिक वाइट शर्ट चुनी। शर्ट पर क्रिम्पिंग पैटर्न नजर आया, वहीं रफल डिजाइन वाला कॉलर लुक को और स्टाइलिश बना रहा था। राउंड शेप बटन शर्ट की खूबसूरती बढ़ा रहे थे। प्लेन होने की वजह से ऐसी शर्ट को अलग-अलग आउटफिट्स के साथ भी आसानी से स्टाइल किया जा सकता है। हाई-वेस्ट पैंट्स से बढ़ा स्टाइल कोशन्ट शर्ट के साथ करीना ने हाई-वेस्ट पैंट्स पहनी थीं, जो उनके पूरे लुक को बैलेंस कर रही थीं। इन पैंट्स पर छोटे-छोटे नीले फूलों का प्रिंट था, जो वाइट शर्ट के साथ खूबसूरत लग रहा था। कैमरे के सामने उन्होंने हाथ जेब में डालकर कॉन्फिडेंट पोज दिए, जिससे उनका स्वैग साफ नजर आया।   लॉन्ग जैकेट ने बना दिया लुक खास अगर करीना सिर्फ शर्ट और पैंट्स में नजर आतीं तो लुक सिंपल रह जाता। लेकिन उन्होंने ब्लू प्रिंट वाली लॉन्ग जैकेट पहनकर अपने आउटफिट को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म कर दिया। वाइट और ब्लू कलर का कॉम्बिनेशन काफी फ्रेश और एलिगेंट लग रहा था। सिंपल जूलरी ने बढ़ाई एलिगेंस करीना ने अपने लुक के साथ ज्यादा जूलरी कैरी नहीं की। हाथ में गोल्डन टोन वाली क्लासी घड़ी, गले में पतली गोल्ड चेन और पैरों में लाइट बेज कलर की हील्स उनके पूरे लुक को बैलेंस कर रही थीं। कानों में उन्होंने कोई ईयररिंग नहीं पहनी, जिससे लुक और भी सॉफ्ट नजर आया।   सोशल मीडिया पर मिली जमकर तारीफ करीना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। किसी ने लिखा, “आज भी बहुत क्यूट लगती हैं,” तो किसी ने कहा, “इनका ड्रेसिंग सेंस कमाल का है।” कई लोगों ने तो करीना को ‘लेडी डॉन’ तक कह डाला।    

नए साल से Credit Card पर लगेगा नया नियमों का पहरा, यूजर्स अभी जान लें ये जरूरी बदलाव

जम्मू-कश्मीर  क्रेडिट कार्ड आज के समय में आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। ऐसे में SBI ने अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जो 10 जनवरी 2026 से लागू होंगे। यदि आप SBI क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और हवाई यात्रा के दौरान एयरपोर्ट लाउंज की सुविधा का लाभ उठाते हैं, तो यह बदलाव आपके लिए बेहद जरूरी जानकारी है। इस बदलाव का सीधा असर डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस पर पड़ेगा। SBI कार्ड ने अपने क्रेडिट कार्ड्स को अब सेट A और सेट B—दो कैटेगरी में बांट दिया है।   सेट A कार्ड्स पर सीमित होगी सुविधा सेट A में आने वाले कार्ड्स जैसे Apollo SBI Card SELECT, BPCL SBI Card OCTANE, Club Vistara SBI Card SELECT, Landmark Rewards SBI Card SELECT, Paytm SBI Card SELECT और PhonePe SBI Card SELECT पर अब लाउंज एक्सेस सिर्फ चुनिंदा बड़े शहरों तक ही मिलेगा। इन कार्ड्स से केवल अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, दिल्ली और पुणे के एयरपोर्ट लाउंज में ही प्रवेश मिलेगा।   सेट B कार्ड्स को मिलेगा ज्यादा फायदा वहीं, सेट B में शामिल SBI Card PRIME, KrisFlyer SBI Card, Titan SBI Card और पार्टनर बैंकों के PRIME वेरिएंट कार्ड्स पर लाउंज एक्सेस का दायरा ज्यादा बड़ा रहेगा। इन कार्ड्स से भुवनेश्वर, चंडीगढ़, कोच्चि, गोवा, इंदौर, जयपुर, वडोदरा, श्रीनगर और विशाखापट्टनम जैसे शहरों के एयरपोर्ट लाउंज में भी प्रवेश मिलेगा।   लाउंज में एंट्री के लिए नई शर्तें SBI कार्ड ने साफ किया है कि यह बदलाव सिर्फ लाउंज बेनिफिट्स तक सीमित हैं, बाकी सभी सुविधाएं पहले जैसी ही रहेंगी। नए नियमों के अनुसार, लाउंज में प्रवेश के लिए POS मशीन पर कार्ड को स्वाइप या ऑथेंटिकेट करना जरूरी होगा।   फ्री विजिट खत्म हुई तो देना होगा पैसा अगर किसी कार्डधारक की फ्री लाउंज विजिट लिमिट पूरी हो चुकी है, तो उसे मुफ्त प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त विजिट के लिए स्टैंडर्ड लाउंज चार्ज देना होगा। SBI कार्ड के मुताबिक, लाउंज प्रोग्राम का संचालन Visa, RuPay और Mastercard नेटवर्क पार्टनर्स करते हैं और उन्हीं के नियम लागू होंगे। ऐसे में SBI क्रेडिट कार्ड यूजर्स को सलाह है कि वे 10 जनवरी 2026 से पहले इन नए नियमों को ध्यान से समझ लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

विकास को मिलेगी रफ्तार: CM सैनी करेंगे ₹28 करोड़ 42 लाख की परियोजनाओं का शुभारंभ

फतेहाबाद  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 23 करोड़ 15 लाख 13 हजार रुपये की जिला की कुल तीन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं में टोहाना में 10 करोड़ 42 लाख 13 हजार रुपये से बने नया बस स्टैंड, नगर पालिका जाखल मंडी में 7 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि से बने मल्टी कॉम्प्लेक्स, गांव म्योंद में 5 करोड़ 68 लाख रुपये की राशि से बने 33 केवी सब स्टेशन शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 5 करोड़ 26 लाख 90 हजार रुपये की जिला की कुल पांच परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में गांव मूसा खेड़ा में 35 लाख 25 हजार रुपये की राशि से बनने वाली गांव की फिरनी, गांव साधनवास में 48 लाख 1 हजार रुपये से बनने वाले इंटरलोक रास्ता कालिया रोड से जम्मू ढाणी तक, गांव चांदपुरा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 2 करोड़ 16 लाख 69 हजार रुपये से 12 नये कमरें, एनएसक्यूएफ लैब तथा चाहरदीवारी, गांव करंडी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 97 लाख 68 हजार रुपये से छह नये कमरें, एनएसक्यूएफ लैब व छह पुराने कमरों की मुरम्मत तथा गांव पारता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक करोड़ 28 लाख 97 हजार रुपये से चार एसीआर, शौचालय, प्रार्थना शैड, चाहरदीवारी, वाटर टैंक तथा इंटरलोक रास्ते का निर्माण शामिल हैं।

प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने की प्रेस वार्ता में महत्वपूर्ण बातें साझा

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संवाद किया। प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनसंपर्क कार्यालय पन्ना द्वारा आयोजित की गई इस पत्रकार वार्ता में प्रभारी मंत्री द्वारा हर वर्ग के लिए संचालित योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। साथ ही संचार माध्यमों के प्रतिनिधियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया। पन्ना जिले की दो वर्ष की उपलब्धियों के बारे में भी अवगत कराया गया। प्रभारी मंत्री श्री परमार ने मीडिया प्रतिनिधियों को वर्तमान सरकार द्वारा प्रदेश के लिए किए गए प्रयासों, योजनाओं, उपलब्धियों, उल्लेखनीय नवाचार, अधोसंरचना विकास, सामाजिक क्षेत्र में उपलब्धि तथा अन्य कार्यों से अवगत कराया। इसके अलावा निवेश की नई नीतियों, गरीब कल्याण मिशन, महिला सशक्तिकरण, कृषक व युवा हितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन सहित स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में अर्जित उल्लेखनीय उपलब्धि तथा भविष्य की कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी गई। पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों ने जिले के अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं के संबंध में भी प्रभारी मंत्री का ध्यानाकर्षण कराया तथा अपने सुझाव भी दिए। प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री एवं विधायक पन्ना बृजेन्द्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, प्रभारी कलेक्टर उमराव सिंह मरावी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान, प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी देवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारगण भी उपस्थित थे।  

रायपुर: बस्तर में नक्सलवाद के ख़ात्मे के बाद मूलभूत सुविधाओं का विकास तेज़ी से हो रहा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, सांसद भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुलता उसेंडी, विधायक सर्वविक्रम उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

वायु प्रदूषण की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम

जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लॉन्च करेंगे उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना वायु प्रदूषण की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम मुख्य सचिव होंगे परियोजना के अध्यक्ष, प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव सदस्य लखनऊ उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ और आर्थिक रूप से अधिक सक्षम राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। वायु प्रदूषण की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी माह जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना (यूपीसीएएमपी) का शुभारंभ करेंगे। इस परियोजना के शासी निकाय की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव करेंगे, जबकि प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव सदस्य के रूप में नामित होंगे। वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के उद्देश्य से योगी सरकार विश्व बैंक के सहयोग से यूपीसीएएमपी परियोजना का कार्यान्वयन कर रही है। इसी क्रम में हाल ही में यूपीसीएएमपी प्राधिकरण के शासी निकाय की दूसरी बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना के कार्यान्वयन से जुड़े सभी आवश्यक कदमों की समयबद्ध प्रगति की अद्यतन जानकारी आगामी बैठक में प्रस्तुत की जाए। इस परियोजना को लेकर बीते 3 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए), विश्व बैंक और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच परियोजना वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न हुई थी। इसके पश्चात 10 दिसंबर 2025 को विश्व बैंक के निदेशक मंडल द्वारा परियोजना को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई। शासी निकाय को परियोजना की संरचना, वित्तपोषण व्यवस्था और विशेष प्रयोजन वाहन के रूप में गठित यूपीसीएएमपी प्राधिकरण के माध्यम से कार्यान्वयन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। यूपीसीएएमपी भारत की अपनी तरह की पहली वायुक्षेत्र-आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन परियोजना है, जिसे इंडो-गंगा के मैदानों में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को लक्षित करते हुए एक बहु-क्षेत्रीय कार्यक्रम के रूप में विकसित किया गया है। यह परियोजना विश्व बैंक द्वारा IIT कानपुर, IIT दिल्ली और नॉर्वेजियन इंस्टीट्यूट फॉर एयर रिसर्च (NILU) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से किए गए व्यापक वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है। इसमें ऑस्ट्रिया के IIASA द्वारा विकसित GAINS मॉडल का उपयोग किया गया है। यूपीसीएएमपी का कुल परिव्यय 304.66 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जिसमें 299.66 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण (लगभग 46,188 करोड़ येन के बराबर) और 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल है। इस परियोजना को वर्ष 2025 से 2031 तक छह वर्षों की अवधि में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। परियोजना उद्योग, परिवहन, कृषि, सड़क की धूल, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ खाना पकाने जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित है, जिससे उत्सर्जन में कमी के लिए एक समन्वित और प्रभावी रणनीति अपनाई जा सके। इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य वायुक्षेत्र आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन को सुदृढ़ करना और विभिन्न क्षेत्रों में उत्सर्जन को कम करना है। इसके तहत लगभग 39 लाख परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने के समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर में 15,000 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि 13,500 प्रदूषणकारी भारी वाहनों के प्रतिस्थापन के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। कृषि और पशुधन प्रबंधन के क्षेत्र में परियोजना के अंतर्गत पोषक तत्व उपयोग दक्षता प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए खेतों में नाइट्रोजन निगरानी प्रणालियों की तैनाती, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करना, तथा खाद आधारित उर्वरकों और बायोगैस स्लरी के मानकीकृत उपयोग के माध्यम से पशुधन अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र में यूपीसीएएमपी संसाधन-कुशल ईंट निर्माण और टनल भट्टों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देगा। इसके साथ ही औद्योगिक क्लस्टरों के लिए स्वच्छ वायु प्रबंधन योजनाएं तैयार की जाएंगी तथा मिनी बॉयलर से सामान्य बॉयलर सुविधाओं में परिवर्तन के लिए नीति निर्माण और व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा। वायु प्रदूषण में प्रभावी कमी लाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ सहयोग बढ़ाकर सीमा-पार उत्सर्जन से निपटने की रणनीति भी अपनाएगी, जिससे कम लागत में अधिक प्रभावी परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

ब्रिटेन ट्रेड डील से भारत को नुकसान नहीं, कंपल्सरी लाइसेंसिंग जारी रहेगी — केंद्र

नई दिल्ली  भारत और ब्रिटेन के बीच हुए व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) से भारत के कंपल्सरी लाइसेंसिंग के अधिकारों पर किसी भी तरह की पाबंदी नहीं लगेगी। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई। यह समझौता भारत को जनहित और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में पूरी स्वतंत्रता देता है। खासतौर पर किसी स्वास्थ्य आपात स्थिति में भारत अपने कानून के अनुसार दवाओं के लिए कंपल्सरी लाइसेंस जारी कर सकता है। सरकार के मुताबिक, इस समझौते में ऐसे मजबूत प्रावधान शामिल किए गए हैं, जो भारत की नीतिगत स्वतंत्रता को पूरी तरह सुरक्षित रखते हैं। सीईटीए में यह स्पष्ट किया गया है कि भारत और ब्रिटेन दोनों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधी पहलू (टीआरआईपीएस) समझौते के तहत मिलने वाली सभी छूटों का उपयोग करने का अधिकार रहेगा। इसमें अनुच्छेद 31 और 31बीआईएस के तहत कंपल्सरी लाइसेंस जारी करने का अधिकार भी शामिल है। इससे भारत बिना किसी अतिरिक्त शर्त के जनहित में फैसले ले सकता है। राज्यसभा में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि भारत के पेटेंट एक्ट 1970 की धारा 84 (सामान्य कंपल्सरी लाइसेंस) और धारा 92 (जन स्वास्थ्य आपात स्थिति में कंपल्सरी लाइसेंस) पूरी तरह लागू रहेंगी। इस समझौते के चलते इन कानूनों में किसी तरह के बदलाव या कमजोरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो कंपल्सरी लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को धीमा करे या उस पर अतिरिक्त शर्तें लगाए। इस ट्रेड समझौते के तहत भारत को ब्रिटेन के सरकारी खरीद बाजार में बिना भेदभाव के पहुंच मिलेगी, जिसकी सालाना कीमत करीब 90 अरब पाउंड (करीब 122 अरब डॉलर) है। इसमें ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) जैसी बड़ी संस्थाएं भी शामिल हैं। इससे मुख्य रूप से आईटी, फार्मा और सेवा क्षेत्र की भारतीय कंपनियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि सीमित और नियंत्रित दायरे में विदेशी कंपनियों को सरकारी परियोजनाओं में भाग लेने की अनुमति देने से कंपटीशन बढ़ेगा। इससे लागत कम होगी, गुणवत्ता बेहतर होगी और नई तकनीकों को अपनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह पहली बार है जब ब्रिटेन ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सरकारी खरीद समझौते और अपने अन्य मुक्त व्यापार समझौतों के कुछ सख्त प्रावधानों में ढील देने पर सहमति जताई है। इससे भारत को इस समझौते के तहत अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है।

अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी कोलकाता के बाद हैदराबाद पहुंचे, खेलेंगे फ्रेंडली मैच

हैदराबाद अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी ‘जीओएटी भारत दौरा 2025’ की कोलकाता में खराब शुरूआत के बाद दूसरे चरण के लिये शनिवार की शाम को पहुंच गए। निजामों के शहर में उनके कार्यक्रम की शुरूआत शाम सात बजकर 50 मिनट पर एक नुमाइशी मैच से होगी । तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मैदान पर उतरेंगे, जिनके बाद मेस्सी और इंटर मियामी के उनके साथ रौड्रिगो डि पॉल और लुई सुआरेज आयेंगे ।   इससे पहले कोलकाता में लगभग 50,000 दर्शक सॉल्ट लेक स्टेडियम में लाचार दिखे क्योंकि नेता, वीवीआईपी, सुरक्षा कर्मी भीड़ को नियंत्रित करने के बजाय सेल्फी लेने के लिए मेस्सी को घेरकर खड़े थे जिससे फुटबॉल प्रेमी नाराज हो गए जबकि इनमें से कई ने कार्यक्रम के टिकट खरीदने के लिए 4,000 रुपये से 12,000 रुपये तक तथा कुछ ने तो कालाबाजारी से 20,000 रुपये तक की टिकट खरीदी थी। 2022 फीफा विश्व कप विजेता अर्जेंटीना की टीम का हिस्सा रहे लियोनेल मेसी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के प्रवेश द्वार पर दुनिया की सबसे ऊंची 70 फीट की लोहे की अपनी फुटबॉलर प्रतिमा का अनावरण किया। अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक निजी जेट से सुबह-सुबह पहुंचने के कुछ घंटों बाद उन्होंने हयात होटल से रिमोट कंट्रोल के जरिए वीआईपी रोड पर स्थित अपनी प्रतिमा का वर्चुअली अनावरण किया। इस दौरान कई इंटर मियामी खिलाड़ी और हिंदी फिल्म सुपरस्टार शाहरुख खान मौजूद थे।   बड़ी रकम खर्च कर टिकट खरीदने के बावजूद हजारों प्रशंसकों ने मेसी की एक साफ झलक नहीं मिल पाने से निराशा में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशंसकों की भीड़ द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़ने, तोड़-फोड़ और पुलिस के हस्तक्षेप से यह आयोजन फीका पड़ गया । मेसी के समय से पहले मैदान से निकलने की खबर फैलते ही दर्शकों का गुस्सा फुट पड़ा। मैदान में बोतलें और फिर प्लास्टिक की कुर्सियां भी फेंकी गईं। प्रायोजक बैनर और होर्डिंग फाड़ दिए गए, बड़ी संख्या में सीटें तोड़ दी गईं और भीड़ ने मैदान के कुछ हिस्सों में जबरन घुसने के लिए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की।