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रायपुर: किसान हंसराज साहू की मेहनत से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम, समर्थन मूल्य से मिली सफलता

रायपुर : समर्थन मूल्य से आत्मनिर्भरता तक: किसान हंसराज साहू की मेहनत ने बदली रफ्तार ई-स्कूटी बनी समृद्धि की पहचान रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियाँ आज गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी धमतरी जिले के ग्राम बोड़रा के किसान श्री हंसराज साहू की है। जिन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आधुनिक सुविधाओं को भी अपनाया। श्री हंसराज साहू बताते हैं कि उन्होंने पिछले खरीफ सत्र में संबलपुर सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया। धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने एक ई-स्कूटी खरीदी, जो आज उनके लिए सुविधा, समय की बचत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। साँय-साँय दौड़ती ई-स्कूटी से अब उन्हें धमतरी शहर, खेतों, रिश्तेदारों के घर और दैनिक कार्यों के लिए सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। इससे न केवल ईंधन खर्च में कमी आई है, बल्कि समय की भी उल्लेखनीय बचत हो रही है। श्री साहू के पास कुल 2 एकड़ 25 डिस्मिल कृषि भूमि है, जिसमें वे पारंपरिक अनुभव और आधुनिक कृषि समझ के साथ धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उन्होंने समर्थन मूल्य पर कुल 46 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का विक्रय किया है। समय पर भुगतान और स्पष्ट प्रक्रिया से वे बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने पुत्र के विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्य में करेंगे, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। श्री हंसराज साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “तुहर टोकन” मोबाइल ऐप ने धान बेचने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी और किसान-अनुकूल बना दिया है। पंजीयन से लेकर विक्रय तक अब किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होती। किसान हंसराज साहू की यह सफलता कथा इस बात का सशक्त प्रमाण है कि सरकार की दूरदर्शी नीतियाँ और डिजिटल नवाचार जब जमीन पर प्रभावी रूप से लागू होते हैं, तो किसान सशक्त बनते हैं और उनका जीवन स्तर निरंतर ऊँचाइयों की ओर बढ़ता है। यह कहानी प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा है कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर समृद्धि की राह पर आगे बढ़ें।

भारत दौरे का ग्रैंड फिनाले दिल्ली में, मेस्सी ने जीत लिया फुटबॉल प्रेमियों का दिल

नई दिल्ली लियोनेल मेस्सी के बहुप्रतीक्षित ‘जीओएटी इंडिया टूर’ की शुरुआत भले ही अव्यवस्थित ढंग से हुई हो लेकिन इसका समापन दिल्ली में शानदार तरीके से हुआ जहां प्रशंसक अपने चहेते खिलाड़ी की झलक पाकर खुशी से झूम उठे। प्रशंसकों ने उस शख्स का दीदार किया जो मैदान पर अक्सर ‘बेजोड़’ प्रदर्शन करता है। ⁠ कोलकाता में शनिवार को अराजक शुरुआत के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि व्यापक रूप से प्रचारित और बहुप्रतीक्षित इस कार्यक्रम का अंत वैसा ही हुआ जैसा आयोजक चाहते थे कोटला (अरुण जेटली स्टेडियम) की दर्शक दीर्धा में उमड़ी हजारों की भीड़ के साथ ही मैदान के अंदर मौजूद कुछ भारतीय हस्तियां और गणमान्य व्यक्ति दुनिया के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में से एक की मेजबानी के उत्साह में सराबोर थे। प्रशंसक इस खिलाड़ी की अलौकिक प्रतिभा, विनम्रता और उस प्रभाव से अभिभूत थे, जो उन्होंने पिछले दो दशकों में अपने दम पर इस खेल को दिया है। स्पेनिश भाषा में संक्षिप्त संबोधन में मेस्सी ने कहा, ‘‘ग्रासियस दिल्ली! हास्ता प्रोंतो (धन्यवाद दिल्ली, जल्द मिलते हैं)’’। शहर के अधिकांश लोग स्पेनिश भाषा को नहीं समझते लेकिन इसके बावजूद उनके इन शब्दों ने दर्शकों में एक ऐसी ललक और उत्साह पैदा कर दिया जो पहले शायद ही कभी देखा गया हो। मेस्सी ने स्टेडियम पहुंचने के बाद मैदान का एक चक्कर लगाया और सात-सात खिलाड़ियों के मैच को खत्म होते देखा। स्टेडियम में ज्यादातर दर्शक अर्जेंटीना की प्रसिद्ध नीली और सफेद जर्सी ( नंबर 10) पहने हुए थे और लगातार ‘मेस्सी मेस्सी’ का नारा लगा रहे थे। मेस्सी दर्शकों की ओर हाथ हिलाते हुए मुस्कुरा रहे थे। उन्होंने कोलकाता में भी ऐसा करने की कोशिश की थी, लेकिन शनिवार को वह सॉल्ट लेक स्टेडियम में राजनेताओं और उनके सहयोगियों से घिर गये थे। दिल्ली में हालांकि ऐसी स्थिति नहीं थी। मेस्सी को इस दौरान इंटर मियामी टीम के अपने साथी लुइस सुआरेज और रोड्रिगो डी पॉल के साथ स्टैंड्स की ओर गेंद को किक करते हुए देखा गया। इस आयोजन स्थल पर लगभग 25,000 की उपस्थिति दर्ज की गई। मेस्सी ने इस दौरान मिनर्वा अकादमी फुटबॉल टीम का भी सम्मान किया। करीब 30 मिनट के इस कार्यक्रम के अंत में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आईसीसी के अध्यक्ष जय शाह, डीडीसीए के अध्यक्ष रोहन जेटली और भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया को मेस्सी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मेस्सी इससे पहले अपने दौरे के आखिरी चरण के लिये काफी विलंब से यहां पहुंचे। मुंबई से उनकी उड़ान खराब मौसम के कारण काफी देरी से पहुंची। तीन दिवसीय भारत दौरे के दूसरे दिन मेस्सी मुंबई में थे और उन्हें सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर दिल्ली पहुंचना था लेकिन कोहरे के कारण उनकी चार्टर्ड उड़ान में विलंब हुआ। वह दोपहर दो बजकर 30 मिनट पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद सीधे लीला पैलेस होटल चले गये। उन्होंने वहां चुनिंदा लोगों के साथ मुलाकात की।   

लोकतंत्र की मजबूती युवाओं से, स्वतंत्र सोच और समाधानपरक दृष्टि जरूरी: विधानसभा अध्यक्ष

जयपुर  राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने युवाओं का आव्‍हान किया है कि वे अपनी स्‍वतंत्र सोच को मजबूत आवाज के साथ रखें। समस्‍या के साथ समाधान भी सुझाएं। विधान सभा कानून बनाने के साथ युवाओं को मुख्‍य धारा में लाने का सशक्‍त मंच भी है। युवा शक्ति को बदलते भारत की दिशा में नये आयामों के लिए भरपूर प्रयास करने होंगे। राजस्‍थान विधानसभा अध्‍यक्ष ने सोमवार को विधान सभा में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की एक दिवसीय युवा संसद का दीप प्रज्‍ज्‍वलन कर शुभारम्‍भ किया। युवा संसद में राजकीय विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक अध्‍ययनरत 41 जिलों के 164 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। देवनानी ने कहा कि युवा संसद समय के अनुकूल व्‍यापक सोच है। दुनिया बदल रही है। कौशल बदल रहे है। अवसर बदल रहे है। ऐसे समय में जीवन कौशल, वित्‍तीय साक्षरता, नैतिक मूल्‍य जैसे गुणों का युवाओं में विकास शैक्षणिक आवश्‍यकता के साथ सामाजिक और राष्‍ट्रीय जिम्‍मेदारी भी है।  उन्‍होंने कहा कि युवा लोकतांत्रिक शक्ति के सक्रिय वाहक है। जिन सीटों पर विधायक बैठतें है, उन पर भविष्‍य के विधायक, वैज्ञानिक, प्रशासक और जनप्रतिनिधि बैठे हुए है। यह प्रयास युवाओं को दर्शक नहीं बल्कि 21वीं सदी के विजेता बनाने का है। देवनानी ने कहा कि पढ़ाई का दबाव, केरियर का तनाव, सोशल मीडिया का प्रभाव, तुलना की भावना, अकेलापन और प्रतिस्‍पर्धा ने युवाओं पर दबाव बनाया है। उन्‍होंने कहा कि मजबूत मन ही मजबूत निर्णय लेता है और यही जीवन में सफलता का आधार होता है। केरियर मार्ग दर्शन बहुत महत्‍वपूर्ण है। दिशा मिल जाए तो औसत क्षमता वाला युवा भी शिखर पर पहुँच सकता है। प्रश्‍न पूछने वाला युवा ही परिर्वतन की मशाल जलाता है। विषय को समझे, उसका विश्‍लेषण करें और धैर्य के साथ निर्णय लें। देवनानी ने युवाओं से कहा कि सदन की समृद्ध परम्‍पराएं होती है। किसी बात का समर्थन करने पर मेज थपथपाई जाती है। संवाद में मर्यादा और स्‍पष्‍टता व संयमित भाषा का उपयोग किया जाता है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विधान सभा के ऐतिहासिक भवन के सदन में युवाओं की उपस्थिति गौरव की अनुभूति करा रही है। युवा देश का भावी नेतृत्‍व है। उन्‍होंने कहा कि संवाद और सहभागिता सीखें। समन्‍वय के साथ लोकतन्‍त्र को मजबूत बनाये। श्री दिलावर ने कहा कि युवाओं को शालीनता का परिचय देना होगा। दबाव व असमंजस से बचना होगा। उचित मार्ग दर्शन के साथ सफलता के शिखर पर पहुँचना होगा। विधान सभा अध्‍यक्ष की पहल पर विधान सभा के सदन में सोमवार को प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 में अध्‍ययनरत 41 जिलों के 164 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर राजस्‍थान विधान सभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्‍ण कुणाल, राजस्‍थान विधान सभा के विशिष्‍ट सहायक के.के शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारीगण और राजस्‍थान विधान सभा के अधिकारीगण मौजूद रहे। राजस्‍थान विधान सभा में हो रहे युवा संसद में राज्य के विद्यालयों में अध्ययनरत किशोर-किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं करियर मार्गदर्शन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक राज्य-स्तरीय काउंसलिंग कार्यक्रम प्रारंभ करने, प्रत्येक विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य एवं करियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ स्थापित करने, प्रशिक्षित काउंसलर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नियमित परामर्श एवं करियर जागरूकता गतिविधियाँ संचालित करने हेतु शासन को अधिकृत करने का प्रस्‍ताव पारित किया गया। प्रस्‍ताव में बताया गया कि इस निर्णय से विद्यार्थियों में मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास एवं करियर चयन की स्पष्टता बढ़ेगी तथा विद्यालयी वातावरण अधिक सुरक्षित एवं सकारात्मक होगा।

बिहार में 217 रेलवे फाटकों पर बनेंगे नए रेलवे ओवर ब्रिज (ROB), रेलवे मंत्रालय ने दी मंजूरी

पटना   बिहार में लोगों को रेलवे फाटक पर खड़े होकर इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आने वाले कुछ सालों में रेलवे फाटक रुकावट नहीं बनेंगे. दरअसल, राज्य के मुख्य सड़कों के बीच आने वाले रेलवे फाटकों पर लगभग 217 रेलवे ओवर ब्रिज बनाये जायेंगे. इसके साथ ही रेलवे अंडर ब्रिज भी बनाये जाने की योजना है. आने वाले साल में बिहार के लोगों को बड़ा तोहफा मिल सकता है. साल 2019 में साइन किया गया था एमओयू जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार की तरफ से कवायद शुरू कर दी गई है. साल 2019 में राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच आरओबी को लेकर एक एमओयू साइन किया गया था. उस वक्त बिहार में 44 रेलवे ओवर ब्रिज बनाने को लेकर फैसला हुआ था. उस समय आरओबी के निर्माण में खर्च होने वाली राशि में बिहार सरकार की भी सहभागिता थी. इतने आरओबी के लिये टेंडर का काम पूरा एमओयू के मुताबिक, 35 आरओबी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को करना था. इसके साथ ही 9 आरओबी का निर्माण बिहार राज्य पथ निगम के जरिये होना था. पूरे 44 आरओबी में 41 के लिये टेंडर का काम पूरा हो चुका है. जबकि बाकी के बचे 3 आरओबी के लिये टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में अब 217 रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण होने वाला है. बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मिल रहा बढ़ावा खास बात यह भी है कि सभी रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज बनाने की पूरी राशि केंद्र सरकार ही वहन करेगी. इससे साफ है कि राज्य सरकार की तरफ से रुपये खर्च नहीं करना पड़ेगा. इस तरह से आरओबी के बनने से लोगों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है. मालूम हो, बिहार में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिये कई पहल किये जा रहे हैं. कई जिलों में नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. ताकि जिलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ सके. इस तरह से रेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला ले लिया है.

सच बोलने की सजा! राहुल गांधी के बयान का हवाला देकर पूर्व MLA ने कांग्रेस को घेरा

नई दिल्ली  कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाने के बाद पार्टी से निकाले गए पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि आलाकमान हमारे साथ मुलाकात नहीं कर रहा है, तो हमने इस तरह से बात करने का सोचा। उन्होंने कहा कि सांसद राहुल गांधी ने सच बोलने के लिए कहा था, लेकिन सच बोलने पर पार्टी से निकाल दिया गया। मुकीम ने बुधवार को राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। मीडिया से बातचीत में मुकीम ने कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की बात दोहराई। उन्होंने कहा, 'मुझे पता चला है कि मुझे पार्टी से निकाल दिया गया है। मैंने बहुत सोच विचार के बाद सही कदम उठाया था। हम इतनी बड़ी पार्टी हैं, लेकिन हम राज्यों में लोगों से जुड़ नहीं पा रहे हैं। हम जीत नहीं पा रहे हैं। कांग्रेस घटती जा रही है।' उन्होंने कहा, 'ऐसे में एक सच्चे कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर हमने सोचा कि जब आलाकमान हमसे मुलाकात नहीं कर पा रहा है, तो हम ही उनसे संपर्क साधें। ऐसे में मैंने एक पत्र के जरिए अपनी बात सोनिया जी तक पहुंचाई। बाद में पत्र मीडिया में आ गया और जब उन्होंने मुझे पूछा, तो मैंने सच बता दिया। राहुल जी ने खुद ही कहा था कि डरो मत, डरो मत, जो सच है हम सच के खिलाफ लड़ेंगे। सत्य ही हमारा है, जो सत्य था हमने आलाकमान को बताया और हमें एक्सपेल होना पड़ा।' उन्होंने कहा, 'मैं तब भी खुश हूं कि मेरी चिट्ठी की चर्चा बहुत जोर से हुई है। और यह चर्चा सोनिया जी के घर पर और संसद सदस्यों के बीच भी हुई है। उम्मीद है कि जो हैंडल हम पकड़ाएं हैं इनको, इसके ऊपर आगे कांग्रेस रिफॉर्म होगी, सुधार आएगी कांग्रेस में।' पत्र में क्या था पीटीआई भाषा के अनुसार, पूर्व विधायक ने एक सख्त पत्र लिखकर पार्टी नेतृत्व और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच 'बढ़ती दूरी' को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी। दावा किया कि वह स्वयं लगभग तीन वर्षों से विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाराबती-कटक से विधायक रहे और खुद को कांग्रेस का आजीवन समर्पित कार्यकर्ता बताने वाले मोहम्मद मुकीम ने पार्टी अध्यक्ष खरगे की नेतृत्व शैली पर भी सवाल उठाए। मुकीम ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवरा, हिमंत बिस्वा सरमा जैसे कई उभरते युवा नेताओं ने इसलिए पार्टी छोड़ दी क्योंकि वे खुद को ‘उपेक्षित’, ‘नजरअंदाज’ और ‘अनसुना’ महसूस करते थे। उन्होंने सुझाव दिया कि वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी को केंद्रीय भूमिका में आकर प्रत्यक्ष और सक्रिय नेतृत्व संभालना चाहिए।  

प्रतियोगी छात्रों का आक्रोश फूटा: UPPSC के बाहर प्रदर्शन, पुलिस से टकराव

लखनऊ  उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर सोमवार को प्रयागराज में माहौल गरमा गया। बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं लोकसेवा आयोग के गेट नंबर दो के बाहर एकत्र हुए और हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में जवाबदेही की कमी है और आयोग उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों की प्रमुख मांग है कि आयोग सभी भर्ती परीक्षाओं की संशोधित उत्तरकुंजी सार्वजनिक करे, ताकि अभ्यर्थियों को अपने अंकों और मूल्यांकन प्रक्रिया की सही जानकारी मिल सके। इसके साथ ही छात्रों ने श्रेणीवार कटऑफ अंक जारी करने की भी मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि जब तक उत्तरकुंजी और कटऑफ स्पष्ट नहीं होंगे, तब तक चयन प्रक्रिया पर संदेह बना रहेगा। मिला कई प्रतियोगी छात्र संगठनों का समर्थन इस आंदोलन को हुंकार मंच समेत कई प्रतियोगी छात्र संगठनों का समर्थन मिला। अलग-अलग जिलों से आए छात्र सुबह से ही आयोग परिसर के बाहर जुटने लगे थे। छात्रों ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर धरना दिया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन महाआंदोलन का रूप लेने लगा। पुलिस प्रशासन अलर्ट स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में नजर आया। लोकसेवा आयोग के आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई। कई थानों की पुलिस फोर्स और एसीपी स्तर के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गईं। पुलिस के साथ झड़प धरना प्रदर्शन के दौरान जब छात्रों ने सड़क पर बैठकर आंदोलन तेज करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हल्की झड़प भी हुई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए कुछ छात्रों को मौके से हटाया और दो छात्रों को हिरासत में लिया गया। हालांकि कुछ देर बाद हिरासत में लिए गए छात्रों को छोड़ दिया गया, जिसके बाद छात्र फिर से धरने पर बैठ गए। पूरे घटनाक्रम पर पुलिस ड्रोन कैमरों से निगरानी करती रही। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वहीं, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

बढ़ती ठंड ने बढ़ाई छात्रों की चिंता, बिहार में स्कूलों की विंटर वेकेशन कब से?

पटना  बिहार में जैसे-जैसे सर्दी का असर बढ़ रहा है और तापमान लगातार गिर रहा है, वैसे-वैसे छात्रों और अभिभावकों की नजरें बिहार स्कूल विंटर वेकेशन 2025-26 के ऐलान पर टिकी हैं। हर साल ठंड के मौसम में बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में शीतकालीन अवकाश दिया जाता है, ताकि नए साल से पहले पढ़ाई के बीच एक छोटा सा ब्रेक मिल सके।   पिछले वर्षों के शैक्षणिक कैलेंडर और मौजूदा छुट्टियों के ट्रेंड को देखें तो बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में विंटर वेकेशन दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते में शुरू होने की संभावना है। हालांकि, बिहार शिक्षा विभाग की ओर से अभी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन संभावित तारीखें पहले की तरह ही मानी जा रही हैं। बिहार में संभावित विंटर वेकेशन शेड्यूल जानकारी के मुताबिक, बिहार में स्कूलों की शीतकालीन छुट्टियां 25 दिसंबर 2025 यानी क्रिसमस के दिन से शुरू हो सकती हैं। 26 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक विंटर ब्रेक रहने की संभावना है, जबकि स्कूल 2 जनवरी 2026 से फिर से खुल सकते हैं। इस तरह कुल मिलाकर करीब 7 दिनों का शीतकालीन अवकाश रहने का अनुमान है। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि ये तारीखें फिलहाल संभावित हैं। मौसम की स्थिति और राज्य सरकार के आधिकारिक आदेश के आधार पर इनमें बदलाव भी हो सकता है। ऐसे में किसी भी अंतिम जानकारी के लिए शिक्षा विभाग की ओर से जारी नोटिस पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

आवास, पर्यावरण और आजीविका पर फोकस, दो साल में छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखी : ओपी चौधरी

रायपुर प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने विगत दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। लोगों को किफायती आवास की उपलब्धता, बेहतर रहवासी सुविधा, आजीविका के साधनों के विकास के साथ ही पर्यावरण अनुकूल ईज आफ लिविंग का ध्यान रखते हुए इन दो सालों में काम किया गया है। विभाग द्वारा किये गये दो सालों से नागरिक जीवन बेहतर हुआ है और राज्य की उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव रख दी गई है। मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दो साल पहले छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। 3200 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय नहीं हो सका था। 735 करोड रूपए का बकाया था। मंडल को ऋण मुक्त करने के लिए यह राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में मंडल पर कोई ऋण नहीं है। जिन संपत्तियों का विक्रय लंबे समय से नहीं हुआ था, उनके विक्रय के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त निपटान योजना ओटीएस-2 आरंभ की गई। इसके माध्यम से इन संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध करायी गई। इस योजना को सफलता मिली और 9 महीनों में ही 1251 संपत्तियों का विक्रय हुआ और इस योजना के माध्यम से 190 करोड रुपए का राजस्व अर्जित किया गया। यह राशि आगामी परियोजनाओं में व्यय की जाएगी, ताकि अधिकतम हितग्राहियों को किफायती आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि भविष्य में अविक्रित स्टॉक से बचने के लिए नई निर्माण नीति लागू की गई है। अब मांग आधारित निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। बाजार की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार परियोजनाएं शुरू होंगी। इससे वित्तीय जोखिम कम होगा।  नई नीति के अनुसार 60 प्रतिशत या प्रथम 3 माह में 30 प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। यह व्यवस्था परियोजनाओं की व्यवहार्यता सुनिश्चित करेगी। नागरिकों की मांग को प्रत्यक्ष रूप से महत्व मिलेगा। श्री चौधरी ने कहा कि आवंटियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल को और सुदृढ किया गया है। प्रक्रियाएं सरल और समयबद्ध हुई हैं। नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एआई आधारित चैटबॉट के माध्यम से 24×7 जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हुई है। पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है। मंत्री श्री चौधरी ने रायपुर विकास प्राधिकरण की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 193 करोड रूपए की लागत से प्राधिकरण द्वारा पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही टिकरापारा में 168 फ्लैट का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है। जनवरी से प्राधिकरण द्वारा ऑनलाईन प्रणाली की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर के विकास के लिए बीते 2 सालों में ऐतिहासिक निर्णय हुए हैं। नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋण मुक्त ग्रीनफील्ड शहर बना है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय मानी जा रही है। प्राधिकरण द्वारा 1,345 करोड़ के संपूर्ण ऋण का भुगतान किया गया। यह ऋण पूर्ववर्ती विकास परियोजनाओं से संबंधित था। अनुशासित वित्तीय प्रबंधन से यह संभव हो सका। किसी नए ऋण का बोझ नहीं डाला गया। ऋण चुकता होने के साथ 5,030 करोड मूल्य की भूमि और संपत्ति गिरवी-मुक्त हुई। अब ये परिसंपत्तियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इससे निवेश और विकास प्रस्तावों को गति मिलेगी। नवा रायपुर में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने के लिए भी उल्लेखनीय पहल की गई है। 132 एकड क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। टेक्सटाइल पार्क में लगभग 2,000 करोड के निवेश का अनुमान है। यह निवेश राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा। एमएसएमई और बड़े उद्योगों को अवसर मिलेंगे। निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी। इस परियोजना से 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दोनों शामिल होंगे। स्थानीय युवाओं को अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में 1,800 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह पहल उन्नत 5जी और 6 जी तकनीक को ध्यान में रखकर की गई है। इससे राज्य को तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। आईटी क्षेत्र से लगभग 10,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उच्च कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध होंगे। स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर टेक-हब के रूप में उभरेगा। नवा रायपुर को कॉन्फ्रेंस कैपिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने की योजना है। एमआईसीई टूरिज्म को बढावा मिलेगा। सेवा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। श्री चौधरी ने बताया कि शहर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और खुले स्थल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इवेंट आधारित अर्थव्यवस्था को बढावा मिलेगा। स्थानीय सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा। 400 करोड की लागत से इनलैंड मरीना परियोजना विकसित की जा रही है। यह पर्यटन और शहरी सौंदर्य दोनों को बढ़ाएगी। मनोरंजन के नए अवसर सृजित होंगे। ग्रीन और ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ा गया है।      

विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव न्यायपालिका पर दबाव? मद्रास HC जज मामले में पूर्व जज का बड़ा बयान

मुंबई  मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी. आर. स्वामीनाथन के खिलाफ विपक्षी सांसदों द्वारा लाए जा रहे महाभियोग प्रस्ताव पर पूर्व जजों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट्स के 56 रिटायर्ड न्यायाधीशों ने एक बयान जारी कर जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ लाए जा रहे महाभियोग की निंदा की और इसे न्यायाधीशों को डराने-धमकाने का 'बेशर्म प्रयास' करार दिया।   इस बयान पर हस्ताक्षर करने वाले 56 जजों में शामिल मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस के.के. त्रिवेदी ने पीटीआई से बात करते हुए महाभियोग को पूरी तरह से गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का यह प्रयास राजनीतिक रूप से प्रेरित है या फिर दबाव बनाकर अपने पक्ष में फैसला हासिल करने का प्रयास है। पूर्व जज त्रिवेदी ने कहा, "हम सभी इस बात पर सहमत हैं कि विपक्षी दलों द्वारा उठाया गया यह कदम पूरी तरह गलत है, खासकर तब जब यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। यह कार्रवाई या तो पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्य की वजह से की गई है, या फिर किसी एक पक्ष के हिसाब से फैसला दिलाने के लिए न्यायाधीश पर दबाव बनाने का प्रयास है।" पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि दोनों ही परिस्थितियों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न्यायपालिका और भारतीय न्याय व्यवस्था की साख को खतरा है। इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार किसी भी जज को पद से हटाने का प्रस्ताव केवल कदाचार या अक्षमता के आधार पर होता है, जो आरोप विपक्षी सांसद लगा रहे हैं वह कानूनी रूप से ही मान्य नहीं है।   क्या है मामला? यह पूरा मामला तमिलनाडु के मदुरै जिले में स्थित अरुलमिघु सुब्रमणिया स्वामी मंदिर के दीपथून मामले से जुड़ा हुआ है। 1 दिसंबर को जस्टिस स्वामीनाथन ने एक याचिका के संदर्भ में मंदिर प्रशासन को यह जिम्मेदारी दी कि वह उची पिल्लेयार मंडपम के पास परंपरागत रूप से जलाए जाने वाले दीप के अलावा पहाड़ी के पत्थर स्तंभ पर भी दीप जलाएं। वहां पर मौजूद दरगाह का जिक्र करते हुए एकल पीठ ने कहा कि दीप जलाने से पास स्थित दरगाह या मुस्लिम संगठन के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता है। हाई कोर्ट की तरफ से मिले इस आदेश के बाद स्थानीय समुदाय के लोगों ने दीप जलाने की कोशिश की लेकिन उन्हें पुलिस ने ऐसा करने से रोक दिया। इसके बाद 3 दिसंबर को न्यायाधीश ने एक और आदेश पारित करते हुए श्रद्धालुओं को दीप जलाने की अनुमति दी और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने यह मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया। हाई कोर्ट के जज के आदेश का पालन न होने पर राज्य में विपक्षी पार्टियों और हिंदू समुदाय ने इसका विरोध किया। इसके बाद सत्ताधारी डीएमके के सांसदों ने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर लोकसभा अध्यक्ष को जज स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग का नोटिस सौंप दिया। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी सांसदों के इस प्रस्ताव को केवल वोट की राजनीति नहीं बल्कि भारत की मूल पहचान पर किया गया हमला करार दिया।  

मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की सौजन्य मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष श्री प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक श्री संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।