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NIA ने दायर किया आरोपपत्र, पहलगाम आतंकी हमले की परत-दर-परत कहानी आई सामने

जम्मू-कश्मीर  पहलगाम हमले के लगभग 8 महीने बाद जम्मू की विशेष अदालत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। एनआईए की जांच में पाया गया कि इस हमले में सीधे तौर पर शामिल तीन आतंकवादी सेना के ऑपरेशन महादेव में मारे गए थे। इन आतंकवादियों के नाम सुलेमान शाह (उर्फ फैजल जट्ट या हाशिम मूसा), हमजा (उर्फ हमजा अफगानी) और जिब्रान (उर्फ जिब्रान भाई) थे। इसके अलावा, हमले से एक दिन पहले आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, पनाह और भोजन उपलब्ध कराने वाले बशीर अहमद जोठर, परवेज अहमद जोठर और मोहम्मद यूसुफ कटारी के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। चार्जशीट में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके प्रॉक्सी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) का भी नाम लिया गया है। एनआईए की जांच में पता चला कि बशीर और परवेज स्थानीय निवासी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों ने आतंकियों को 21 अप्रैल की रात हिल पार्क इलाके के एक ढोक (झोपड़ी) में ठहराया था। इन दोनों भाइयों को हमले के लगभग दो महीने बाद 22 जून को गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, जोठर भाइयों के फोन से कुछ पाकिस्तानी नंबर मिले थे। एनआईए के अनुसार, इन व्यक्तियों पर उन तीन आतंकवादियों को शरण देने का आरोप है जिन्हें जुलाई में भारतीय सेना ने मार गिराया था। गिरफ्तार किए गए दो व्यक्तियों (परवेज अहमद जोठर और बशीर अहमद जोठर) ने इन तीन हमलावरों की पहचान पाकिस्तान के नागरिकों के रूप में की थी जो प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। गौरतलब है कि पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने सात मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इस अभियान को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया था। इस अभियान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालयों तथा प्रशिक्षण केंद्रों सहित नौ स्थानों को निशाना बनाया गया था, जहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई जाती थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी प्रवास के दौरान सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काल भैरव मंदिर पहुंचकर भी पूजा-अर्चना की। इससे पूर्व रविवार की रात्रि वाराणसी पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी के निकट जौनपुर जनपद के ग्राम समसपुर पनियरिया पहुंचकर उत्तर प्रदेश सरकार में खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चंद्र यादव और उनके परिजन से भेंट एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री गिरीश चंद्र यादव के पिता श्री सवधू यादव के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।

20 दिसंबर को बदलेगी सरकारी स्कूलों की तस्वीर, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने जारी किए नए निर्देश

रूपनगर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग 20 दिसंबर को स्कूल प्रबंधन समितियों (एस.एम.सी.) के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से प्रदेश भर के सभी स्कूलों में अभिभावकों की भागीदारी पर वर्कशॉप और मेगा पी.टी.एम. नामक वर्कशाप की एक व्यापक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है। रयात बाहरा विश्वविद्यालय में स्कूल अध्यापकों की बैठक को संबोधित करते हुए बैंस ने कहा कि इस श्रृंखला की पहली  वर्कशॉप 20 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को सशक्त बनाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक अभिभावक को बच्चे की शैक्षणिक प्रगति, सरकारी स्कूलों के योगदान और स्कूल विकास में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी हो। यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए घर और स्कूल के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। रयात बाहरा विश्वविद्यालय पहुंचने पर हरजोत बैंस का स्वागत विश्वविद्यालय के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा और ग्रुप वाइस-चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) संजय कुमार ने किया। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा क्रांति के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि इस पहल के तहत बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण, स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना और सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं और चारदीवारी शामिल हैं। बैंस ने बताया कि 12,000 सरकारी स्कूलों को नई/मरम्मत की गई चारदीवारियों, कक्षाओं, शौचालयों और खेल मैदानों से उन्नत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इसके अलावा, 118 मौजूदा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को उन्नत सहकर्मी शिक्षण (एडवांस्ड पीयर लर्निंग) के लिए हाई-टेक “स्कूल ऑफ एमिनेंस” में परिवर्तित किया गया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्रांति का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को प्रतिस्पर्धी बनाना और पंजाब के हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी प्रगति पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी स्कूलों के स्टाफ सदस्यों से सहयोग की अपील की।

मंदिर व्यवस्था में सुधार की कवायद तेज, हिमाचल में प्रदेश मंदिर प्रबंधन बोर्ड गठन की मांग ने पकड़ा जोर

ज्वालामुखी हिमाचल प्रदेश में मंदिरों के प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन लाने को लेकर बहस छिडी है। हिमाचल प्रदेश में भी हिमाचल प्रदेश मंदिर प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग जोर पकड़ने लगी है। हिमाचल प्रदेश में हिन्दू सार्वजनिक संस्थान एवं पूर्व विन्यास अधिनियम के तहत मंदिरों का सरकार ने अधिग्रहण किया था। जिसका मकसद मंदिरों में व्यवस्था को पारदर्शी बनाना, व्यवस्था में सुधार लाकर श्रद्धालुओं के लिये बेहतर माहौल तैयार करने के अलावा पूजा पाठ में सुधार लाने की बात थी। लेकिन मंदिरों के लिये मौजूदा व्यवस्था दोषपूर्ण बताया जा रहा है। चूंकि मंदिरों में सरकारी दखल बढ़ता जा रहा है। हिमाचल में मंदिर आज पूजा पाठ नहीं,बल्कि राजनीति के अखाड़ा बनते जा रहे हैं। मंदिरों में विधायकों की मर्जी के प्रबंधन ट्रस्ट बन रहे हैं, ऐसे लोग मनोनीत किये जा रहे हैं। जिनका सार्वजनिक जीवन में दूर तक कोई नाम नहीं है। मंदिरों में विधायकों की मर्जी के बिना कोई पत्ता तक नहीं हिला सकता। मंदिरों के प्रबंधन के लिये बनाये गये ट्रस्ट में शामिल होने वाले लोगों के लिये भी कोई ठोस नीति नहीं है। कि किस आधार पर उनका चयन हो। हिमाचल प्रदेश के करीब 52 हिन्दू मंदिर सरकारी नियंत्रण में हैं। जिनका प्रबंधन सरकार देखती है। लेकिन अब इसी व्यवस्था का विरोध होने लगा है। सरकार से मंदिर प्रबंधन में सुधार करने की मांग करने लगे हैं। दलील दी जा रही है कि तिरुपति से लेकर वैष्णो देवी तक मंदिरों में बेहतरीन व्यवस्था है। व अब उत्तराखंड के बाद अयोध्या का नया उदाहरण सबके सामने है। हिमाचल प्रदेश में सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों का जिम्मा प्रदेश भाषा विभाग के पास है। लेकिन जिलाधीश के पास इनका नियंत्रण है। जिलाधीश को मंदिर कमीशनर की जिम्मेवारी अतिरिक्त तौर पर दी गई है। व स्थानीय स्तर पर एसडीएम मंदिर न्यास के चेयरमैन हैं। वहीं मंदिर अधिकारी राजस्व महकमे से डेपुटेशन पर आये तहसीलदार हैं। किसी भी विभाग के पास मंदिरों का नियंत्रण नहीं है। इस त्रिकोणीय व्यवस्था से सुधार नहीं बिगाड़ हो रहा है। किसी भी अधिकारी की सीधे तौर पर कोई जवाबदेही स्पष्ट तौर पर तय नहीं हे। कुछ साल पहले प्रेम कुमार धूमल सरकार ने प्रदेश के मंदिरों में व्यवस्था में सुधार लाने के लिये राणा कश्मीर सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार समिति गठित की गई। समिति ने कई सुझाव सरकार को दिये। लेकिन उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आचरेकर सर से मिलने के बाद मेरी जिंदगी बदल गयी: आमरे

मुंबई द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता महान कोच रमाकांत आचरेकर के साथ अपनी शुरुआती मुलाकात को याद करते हुए भारत के पूर्व बल्लेबाज प्रवीण आमरे ने कहा कि इससे उनकी जिंदगी बदल गयी थी। आमरे ने यहां एक कार्यक्रम में भारत के कई खिलाड़ियों के कोच रहे आचरेकर के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘सब जानते हैं कि मैं अचरेकर सर का छात्र हूं लेकिन कोई नहीं जानता कि उनसे मेरी मुलाकात कैसे हुई। मैं शिवाजी पार्क के बाकी बच्चों की तरह ही क्रिकेट खेलता था। एक दिन मैंने अपने साथियों से कहा कि हमें ‘लेदर’ की गेंद से खेलना चाहिए।’’ ⁠ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चप्पल पहनकर अचरेकर सर के पास गया और उनसे पूछा, ‘क्या आप मेरी टीम के खिलाफ एक मैच खेल सकते हैं?’ उन्होंने मुझसे कहा, ‘आपको सफेद वर्दी और जूते पहने हुए 11 खिलाड़ियों के साथ 55 रुपये और एक गेंद देनी होगी।’’ आमरे ने कहा, ‘‘मेरे किसी भी दोस्त के पास इतने पैसे नहीं थे और मैं सिर्फ अपने पिता से ही मदद मांग सकता था। मैंने उस मैच में सिर्फ 10 रन बनाए, लेकिन जब मैं अचरेकर सर को 55 रुपये देने गया, तो उन्होंने कहा, ‘अगर तुम्हें क्रिकेट खेलना है, तो मेरे पास आना।’ तब से मेरी जिंदगी बदल गई।’’ आमरे ने भारत के लिए 11 टेस्ट (425 रन) और 37 एकदिवसीय (513 रन) मैच खेले हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में समग्र औद्योगिक विकास की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

पी.एम. मित्र पार्क में 89 परिवारों के पुनर्वास का पहला चरण, 24 परिवारों को सौंपे पक्के घर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं को केवल निवेश के रूप में नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी सोच के साथ धार जिले के ग्राम भैंसोला में विकसित हो रहा देश का पहला पी.एम. मित्र पार्क में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पी.एम. मित्र पार्क की भूमि पर निवासरत कुल 89 परिवारों के पुनर्वास के लिए एम.पी.आई.डी.सी. द्वारा समीप ही सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनी विकसित की जा रही है। इस पुनर्वास योजना के प्रथम चरण में 24 परिवारों को पक्के मकान बनाकर सौंपे गए और विधि-विधान के साथ उनका गृह प्रवेश कराया गया। शेष परिवारों को भी चरणबद्ध रूप से आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार औद्योगिक विकास करते हुए हर परिवार का ख्याल रखा जायेगा। इसी नीति के तहत पी.एम. मित्र पार्क के लिए प्रभावित परिवारों को केवल आवास ही नहीं बल्कि बेहतर जीवन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। 89 पक्के मकान, 140 भूखण्ड और पूर्ण आधारभूत सुविधाएँ पी.एम. मित्र पार्क के लिए विकसित की जा रही पुनर्वास कॉलोनी में कुल 89 टू बी.एच.के. पक्के मकान तथा 140 विकसित भूखण्ड शामिल हैं। कॉलोनी में बिजली, नल से जल, सड़क, नाली और एस.टी.पी. जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ आंगनवाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय, पार्क और सामुदायिक भवन विकसित किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से कवर किया गया है। 13.48 करोड़ रु. की पुनर्वास योजना, अप्रैल 2026 तक पूर्ण यह संपूर्ण पुनर्वास परियोजना लगभग 13.48 करोड़ रु. की लागत से विकसित की जा रही है। प्रत्येक मकान की लागत लगभग 6 लाख रु. है। परियोजना को अप्रैल 2026 तक पूरा कर शेष सभी हितग्राहियों को चरणबद्ध रूप से मकान सौंपे जाएंगे। विकसित किए गए 140 भूखण्ड भविष्य में अन्य विस्थापन कार्यों के लिए उपयोग में लाए जाएंगे। देश के पहले पी.एम. मित्र पार्क में उद्योग स्थापना और पुनर्वास का यह संतुलित मॉडल यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार के लिए औद्योगिक प्रगति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। 

सरकार का बड़ा कदम: हरियाणा में 27 IAS-HCS अधिकारियों का ट्रांसफर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 27 IAS और HCS अधिकारियों के तबादला किया है।जारी आदेशों के अनुसार यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस सूची में कुल 27 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश के तहत योगेश कुमार, IAS को नगर निगम करनाल का आयुक्त एवं जिला नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। सुभिता ढाका, IAS को पलवल में अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं जयदीप कुमार, IAS को स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन) का मिशन डायरेक्टर बनाया गया है। कई HCS अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग मिली है। इनमें वत्सल वशिष्ठ, HCS को मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD-I लगाया गया है, जबकि गौरव कुमार, HCS को हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विभिन्न जिलों में SDM, अतिरिक्त उपायुक्त और विभागीय निदेशक स्तर पर भी तबादले किए गए हैं। 

‘हर शिकायत पर होगी कार्रवाई’— जनता दर्शन में फरियादियों से मिले मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं, सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम योगी ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

विजय की रैली पर सख्ती: इजाजत से पहले प्रशासन ने रखीं 84 कड़ी शर्तें

चेन्नई  अभिनेता से नेता बने दक्षिण भारत के मशहूर एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) तमिलनाडु के इरोड में 18 दिसंबर को एक रैली का आयोजन करना चाह रही थी। इसके लिए पुलिस प्रशासन से इजाजत मांगी गई थी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने पार्टी पर 84 शर्तों ठोकी हैं। हालांकि, रविवार को पुलिस अधिकारियों ने पार्टी को रैली करने की इजाजत दे दी है लेकिन अनुमति पत्र में कहा गया है कि रैली के आयोजकों को 50,000 रुपये की सुरक्षा जमा राशि जमा करनी होगी। इसके अलावा रैली के बाद कार्यक्रम स्थल को साफ करके उसकी मूल स्थिति में वापस करना होगा।   इरोड पुलिस ने यह अनुमति जारी की है। अनुमति पत्र में रैली स्थल पर कानून व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कार्यक्रम स्थल के उचित रखरखाव को सुनिश्चित करने समेत कुल 84 शर्तें लगाई हैं। पुलिस ने एक शर्त यह भी रखी है कि रैली सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही करनी होगी। पार्टी के मुख्य समन्वयक के. ए. सेंगोट्टैयन ने तीन दिन पहले पुलिस एवं राजस्व विभाग में एक आवेदन देकर विजय की सभा को विजयमंगलम में पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। बता दें कि इससे पहले इसी साल 27 सितंबर को टीवीके की करूर में एक रैली हुई थी, जिसमें भगदड़ मच गई थी। उस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस उस हादसे से भी सबक लेकर रैली को सुरक्षित बनाना चाह रही है। अब जिस भूमि पर रैली होनी है, वह भूमि हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR &CE) के नियंत्रण में स्थित एक निजी मंदिर की है। पुलिस ने आयोजकों से 84 मांगें पूरी करने को कहा लेकिन HR & CE ने तुरंत अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी नहीं किया। रविवार को टीवीके प्रतिनिधियों की मंदिर प्राधिकारियों से मुलाकात के बाद, उन्होंने अपनी 16 एकड़ जमीन पर बैठक आयोजित करने के लिए आवश्यक एनओसी पुलिस को दी। इस पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस अधीक्षक ए. सुजाता ने पुलिसकर्मियों के साथ इलाके का दोबारा निरीक्षण किया और बैठक की अनुमति दी। उन्होंने टीवीके को मंदिर के किराए के तौर पर 50 हजार रुपये और सुरक्षा जमा के तौर पर 50 हजार रुपये देने को कहा। टीवीके के पदाधिकारियों ने अनुमति देने के लिए पुलिस और एचआर एंड सीई का आभार व्यक्त किया। इससे पहले, सेंगोट्टैयन ने संवाददाताओं से कहा कि 18 दिसंबर को प्रस्तावित जनसभा की तैयारियों का काम जारी है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ विजयमंगलम टोल नाके के पास स्थित प्रस्तावित बैठक स्थल का निरीक्षण किया। सेंगोट्टैयन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे नेता को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त है। टीवीके का कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है। जनता के अपार समर्थन के बल पर विजय अगले साल के चुनाव में मुख्यमंत्री बनेंगे।’’ सभा की तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि तैयारियां रविवार से शुरू हो गई हैं और लोग स्वयं आकर इसे देख सकते हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, “इस बारे में हमारे पार्टी प्रमुख स्वयं औपचारिक घोषणा करेंगे।” अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता वी के शशिकला के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की अटकलों पर पूछे जाने पर सेंगोट्टैयन ने कहा, “इस बारे में आप उनसे ही पूछिए। चुनावी परिदृश्य का अनुमान कोई नहीं लगा सकता। हमें इंतजार करना होगा।” नौ बार विधायक और मंत्री रह चुके सेंगोट्टैयन 27 नवंबर को टीवीके प्रमुख विजय की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें पार्टी का मुख्य समन्वयक नियुक्त किया गया था।

भारतीय स्टार शेफाली वर्मा बनीं आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ

नई दिल्ली  भारत की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा को नवंबर 2025 के लिए 'आईसीसी महिला प्लेयर ऑफ द मंथ' चुना गया है। शेफाली वर्मा ने बीते महीने संपन्न हुए महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ यादगार पारी खेली थी। शेफाली ने थाईलैंड की थिपत्चा पुथावोंग और यूएई की ईशा ओझा को पछाड़कर अपना पहला 'प्लेयर ऑफ द मंथ' अवॉर्ड जीता है। शेफाली वर्मा को महिला वनडे विश्व कप में चोटिल प्रतिका रावल के स्थान पर टीम में शामिल किया गया था। शेफाली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में महज 10 रन की पारी खेली, जिसके बाद खिताबी मुकाबले में 78 गेंदों का सामना करते हुए 2 छक्कों और 7 चौकों के साथ 87 रन बनाए। यह वर्ल्ड कप फाइनल में किसी भारतीय महिला ओपनर का सबसे बड़ा स्कोर है। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। आईसीसी की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में शेफाली ने कहा, "मेरा पहला आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप का अनुभव वैसा नहीं रहा जैसा मैंने सोचा था, लेकिन यह सफर उससे कहीं बेहतर तरीके से खत्म हुआ जैसा मैंने कभी सोचा या कल्पना की थी। मैं शुक्रगुजार हूं कि फाइनल में टीम की सफलता में योगदान दे पाई और पहली बार वर्ल्ड कप जीतने और घरेलू दर्शकों के सामने इतिहास रचने का हिस्सा बन पाई। उन्होंने कहा, "मुझे नवंबर के लिए 'महिला प्लेयर ऑफ द मंथ' चुने जाने पर बहुत गर्व है। मैं यह अवॉर्ड अपनी टीम के साथियों, कोच, परिवार और उन सभी को समर्पित करती हूं जिन्होंने अब तक यात्रा में मेरा साथ दिया है। हम एक टीम के तौर पर जीतते और हारते हैं। यह बात इस अवॉर्ड पर भी लागू होती है।" खराब फॉर्म के बाद शेफाली वर्मा ने भारतीय महिला टीम से अपनी जगह गंवा दी थी, लेकिन विश्व कप में उन्हें गोल्डन चांस मिल गया। इस मौके का भरपूर फायदा उठाते हुए शेफाली वर्मा ने आलोचकों को करारा जवाब दिया। शेफाली अब 21 दिसंबर से विशाखापत्तनम में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए नजर आएंगी।