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बोंडी बीच हमले में नया खुलासा: आरोपी नवीद की कार से ISIS का झंडा बरामद, पहले भी था संदिग्ध

सिडनी  ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बोंडी बीच पर हुए आतंकी हमले को लेकर लगातार खुलासे हो रहे हैं। दोनों हमलावर बाप-बेटे की पहचान पाकिस्तान के नागरिकों के रूप में की गई है। यहूदियों के त्योहार के मौके पर हुए हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों हमलावरों का लिंक खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस से पाया गया है। घटनास्थल के पास ही खड़ी हमलावर की कार से आईएसआईएस का झंडा मिला है। इसके अलावा कार से एक विस्फोटक भी बरामद किया गया है।   आतंकी साजिद के पास लाइसेंसी हथियार थे। जानकारी के मुताबिक उसके पास कम से कम 6 बंदूकें थीं। वहीं उसे बेटे नवीद के पास भी कई हथियार थे। साजिद की मौके पर ही मौत हो गई जबकि नवीद को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक साजिद 1998 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था। 2001 में उसे परमानेंट वीजा मिल गया। इसके बाद वह तीन बार विदेश यात्रा कर चुका है। पहले भी हो चुकी है ISIS लिंक की जांच एबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक नवीद की आतंकी लिंक को लेकर पहले भी जांच हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया की जांच एजेंसी एएसआईओ ने 2019 में उसके आईएसआईएस से जुड़े होने की जांच की थी। अधिकारियों के मुताबिक वह इसाक अल मतारी जैसे आतंकी के संपर्क में था। मतारी सात साल जेल में काट चुका था। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी बताया कि नवीद अकरम 2019में भी शक के दायरे में आ चुका है। अधिकारियों का कहना है कि इस हमले का ईरान लिंक भी हो सकता है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के राजदूत को भी निष्कासित कर दिया है। वहीं ईरान के कट्टरपंथी संगठन इजरायलियों और यहूदियों को निशाना बनाने में कसर नहीं छोड़ते। ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स को भी आतंकी घोषित कर दिया था।  

सिर्फ 163 पारियां और 300 छक्के! अभिषेक शर्मा ने टी20 में तोड़ा भारतीय रिकॉर्ड

नई दिल्ली  टी20 इंटरनेशनल में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने छक्के जड़ने के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। वह टी20 में सबसे तेजी से 300 छक्के जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज बन चुके हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक दिन पहले हुए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में शर्मा के पास सबसे तेजी से 300 छक्के जड़ने वाले भारतीय बनने के लिए 3 सिक्स की जरूरत थी। शर्मा ने चेज करते हुए महज 5वें ओवर में ही ये रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने ओट्टेनिल बार्टमैन के उस ओवर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर टी20 में 300 सिक्स का कारनामा कर दिया।   अभिषेक शर्मा से पहले टी20 में सबसे तेजी से 300 छक्के जड़ने का रिकॉर्ड केएल राहुल के नाम था। राहुल ने 205 टी20 पारियों में 300 छक्कों का आंकड़ा छुआ था लेकिन अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 163 पारियों में ये कारनामा कर दिखाया है। टी20 में सबसे कम पारियों में 300 छक्के जड़ने वाले भारतीयों में सूर्यकुमार यादव दूसरे नंबर पर थे और अब वह खिसककर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। यादव ने 251वीं पारी में 300 छक्के के आंकड़े को छुआ था। अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 163 टी20 पारियों में 300 छक्के जड़ दिए हैं टी20 में सबसे ज्यादा सिक्स का रिकॉर्ड यूनिवर्स बॉस के नाम से मशहूर क्रिस गेल के नाम है। उन्होंने 455 पारियों में 1056 छक्के जड़े हैं। वह टी20 में 1000 छक्के जड़ने वाले पहले और अब तक के इकलौते बल्लेबाज हैं। वेस्टइंडीज के ही कायरन पोलार्ड 644 टी20 पारियों में 971 छक्के जड़ चुके हैं और वह टी20 में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने के मामले में गेल के बाद दूसरे नंबर पर हैं। टी20 में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले भारतीय की बात करें तो ये रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है। उन्होंने टी20 की 450 पारियों में 547 छक्के जड़े हैं। दूसरे नंबर पर विराट कोहली हैं जिन्होंने 397 पारियों में 435 छक्के जड़े हैं। तीसरे नंबर पर सूर्यकुमार यादव हैं जिन्होंने 319 टी20 पारियों में 395 छक्के जड़े हैं। संजू सैमसन भारतीयों में चौथे नंबर पर हैं जिन्होंने 302 पारियों में 368 छक्के जड़े हैं।  

टेरिटोरियल आर्मी में 93 साल बाद पहली महिला लेफ्टिनेंट बनीं साई जाधव, पिता हैं मेजर

नई दिल्ली   इस साल देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में एक नया और गौरवशाली अध्याय लिखा गया. अपने 93 साल के लंबे इतिहास में पहली बार इस प्रतिष्ठित संस्थान से किसी महिला अधिकारी कैडेट ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया है. यह सम्मान महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली साई जाधव को मिला है. उन्होंने प्रादेशिक सेना (Territorial Army) के विशेष कोर्स के तहत सख्त ट्रेनिंग पूरी की और अब वह लेफ्टिनेंट बन चुकी हैं. साई जाधव की उपलब्धि भारतीय सेना में Gender Inclusion और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है. साई जाधव का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा और SSB इंटरव्यू पास करने के बाद हुआ था. उन्होंने IMA में 6 महीने का गहन और चुनौतीपूर्ण सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया. यह ट्रेनिंग न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी बहुत डिमांडिंग थी. उनकी सफलता उस अटूट दृढ़ संकल्प, अनुशासन और साहस का प्रमाण है, जो उन्होंने बाधाओं को पार करने के लिए दिखाया. उनकी यह उपलब्धि देश की उन हजारों युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है, जो भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने का सपना देखती हैं और देश की सेवा करना चाहती हैं. 93 साल के इतिहास में पहला कदम भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) वर्षों से देश को उत्कृष्ट सैन्य अधिकारी दे रही है. इस अकादमी के लिए यह पासिंग आउट परेड (POP) ऐतिहासिक क्षण से कम नहीं थी. IMA से ट्रेनिंग पूरी करके पहली महिला अधिकारी कैडेट बनकर लेफ्टिनेंट साई जाधव ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है. उन्होंने प्रादेशिक सेना (Territorial Army) के लिए निर्धारित 6 महीने का विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया और लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया. ट्रेनिंग और कमीशनिंग की खास बातें साई जाधव ने IMA के रेगुलर कोर्स में नहीं, बल्कि प्रादेशिक सेना के विशेष प्रशिक्षण कोर्स के तहत ट्रेनिंग पूरी की. वह इस कोर्स में शामिल 16 ऑफिसर कैडेट्स में अकेली महिला थीं. साई ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण शारीरिक और मानसिक, दोनों रूप से बहुत चैलेंजिंग था. लेकिन इसने उनके नेतृत्व कौशल, सहनशक्ति और भारतीय सेना के प्रति कर्तव्य की गहरी भावना को मजबूत किया. पासिंग आउट सेरेमनी में उनके माता-पिता ने उनके कंधे पर लेफ्टिनेंट के स्टार लगाए. सेना में थे दादा और पिता साई जाधव की उपलब्धि उनके परिवार के मजबूत सैन्य इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई है. साई जाधव के पिता संदीप जाधव भारतीय सेना में मेजर हैं. उनके दादा ने ब्रिटिश सेना में देश की सेवा की थी. परिवार की यह समृद्ध सैन्य परंपरा ही साई के सशस्त्र बलों में करियर बनाने के फैसले को प्रभावित करने का मुख्य कारण बनी. लेफ्टिनेंट साई जाधव की सफलता सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय सेना में महिलाओं के लिए समान अवसरों का रास्ता भी खोलती है. इस कार्यक्रम के दौरान घोषणा की गई कि जून 2026 से महिला अधिकारी कैडेट्स नियमित रूप से पुरुष कैडेट्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर IMA में ट्रेनिंग लेंगी और पासिंग आउट परेड में भी हिस्सा लेंगी.  

CJI सूर्यकांत की दिल्ली की जहरीली हवा पर टिप्पणी: ‘अमीर प्रदूषण फैलाते हैं, गरीब झेलते हैं

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ते वायु प्रदूषण के स्तर से संबंधित याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पामचोली की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह की दलीलों पर ध्यान दिया, जो एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) के रूप में उनकी सहायता कर रही हैं. सुनवाई के दौरान कोर्ट के अपराजिता सिंह ने कहा कि जब तक अदालतें स्पष्ट निर्देश नहीं देतीं, तब तक राज्य सरकारें प्रदूषण से निपटने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं करतीं.  उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रोटोकॉल मौजूद हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है. दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के संकट पर अदालत का ध्यान दिलाते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर–जनवरी के दौरान खेल गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया था, इसके बावजूद विभिन्न जगहों पर खेल आयोजन कराए जा रहे हैं. अदालत के आदेशों को दरकिनार करने के लिए राज्य सरकारों की तरफ से 'तरीके और साधन' अपनाए जा रहे हैं. कुछ निर्देशों को जबरन लागू करना पड़ता है: CJI उन्होंने यह भी कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दे रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है. इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत इस समस्या से पूरी तरह अवगत है और केवल ऐसे आदेश पारित किए जाएंगे, जो प्रभावी हों और जिनका अनुपालन कराया जा सके. CJI ने कहा कि कुछ निर्देश ऐसे होते हैं, जिन्हें जबरन लागू करना पड़ता है, लेकिन महानगरों में लोगों की अपनी जीवनशैली होती है, जिसे बदलना आसान नहीं है. दिल्ली पॉल्यूशन  पर 17 दिसंबर को SC में सुनवाई मुख्य न्यायाधीश ने यह भी टिप्पणी की कि प्रदूषण की मार सबसे ज्यादा गरीबों पर पड़ती है, जबकि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों में अक्सर संपन्न वर्ग की भूमिका होती है. एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने इससे सहमति जताते हुए कहा कि गरीब मजदूर इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं. उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर एक अलग आवेदन दायर किया गया है. इस पर CJI ने दो टूक कहा, 'हम समस्या को जानते हैं. दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण से जुड़ा यह मामला 17 दिसंबर को पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा, जहां इस पर विस्तार से विचार किया जाएगा.'

राजस्थान सियासत में स्टिंग का तूफान, सत्ता और विपक्ष दोनों की हालत हुई खराब

जयपुर  राजस्थान की सियासत में  ऐसा भूचाल आया कि सत्ता और विपक्ष दोनों की ज़मीन हिल गई। विधायक निधि से काम स्वीकृत करने के बदले कमीशनखोरी के गंभीर आरोप सामने आते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पलभर की देरी किए बिना सख्त और निर्णायक कार्रवाई कर दी। तीन विधायकों के विधायक निधि खातों को तत्काल फ्रीज कर दिया गया और पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है, जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी। यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि राजनीति में एक साफ संदेश है भ्रष्टाचार में कोई रंग, कोई दल, कोई ओहदा नहीं देखा जाएगा।” विधायक निधि घोटाले में खींवसर से भाजपा विधायक रेवतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विधायक निधि से काम स्वीकृत कराने के बदले कमीशन की मांग की। जैसे ही मामला सार्वजनिक हुआ, सरकार हरकत में आई और संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के फंड पर ताला लगा दिया गया। बता दे की विधायक निधि में भ्रष्टाचार को लेकर अब तक का सबसे बड़ा स्टिंगनुमा खुलासा हुआ है, जिसमें विकास कार्यों की अनुशंसा के नाम पर माननीयों द्वारा खुलेआम 40 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने का दावा किया गया है। इस स्टिंग में एक डमी फर्म के प्रोपराइटर बनकर विधायकों से संपर्क कर खुद को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से संबद्ध बताते हुए विधायक निधि से स्कूलों में दरी/कारपेट सप्लाई का प्रस्ताव रखा। न तो काम की वास्तविक जरूरत पर चर्चा हुई और न ही लागत पर विधायकों का फोकस केवल एक सवाल पर रहा कि “हमें कितना प्रतिशत मिलेगा?” स्टोरी के मुताबिक खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने 40 प्रतिशत कमीशन के बदले 50 लाख रुपए का काम देने की बात कही, वहीं हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने 50 हजार रुपए एडवांस लेकर 80 लाख रुपए के काम का अनुशंसा पत्र जारी कर दिया। उधर, बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत के पति ने 40 लाख रुपए की डील फाइनल करने का दावा किया। डांगा और अनीता की ओर से जिला परिषद के सीईओ के नाम अनुशंसा पत्र भी दिए गए। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में प्रत्येक विधायक को ‘विधानसभा सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना’ के तहत सालाना 5 करोड़ रुपए मिलते हैं, जिसका उद्देश्य जनकल्याण है, न कि कमीशनखोरी। पड़ताल में विधायक निधि में कमीशनखोरी की तस्वीर और भी बेनकाब होती दिखी। खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने रिपोर्टर से बातचीत में न सिर्फ सौदे की खुली बातचीत की, बल्कि अधिकारियों को “थोड़ा-थोड़ा देने” की बात भी कही। डांगा ने 10 लाख रुपए एडवांस लेने और 50 लाख रुपए का अनुशंसा पत्र देने की पेशकश करते हुए कहा कि कई कामों में तो 40 प्रतिशत कमीशन चलता है। जब रिपोर्टर ने 25 से 30 प्रतिशत की बात की, तो डांगा ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वे पूरा सिस्टम समझते हैं और अधिकारियों को राजी करना पड़ेगा, वरना वे अड़ंगा लगा देंगे। दूसरी ओर, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने अधिकारियों द्वारा पहले काम अटकाने की शिकायत करते हुए सीधे डील पर हामी भरी। जयपुर स्थित आवास पर बातचीत के दौरान उनके करीबी पवन शर्मा ने सौदे की कमान संभाली। 40 प्रतिशत कमीशन पर सहमति बनी, 50 हजार रुपए का टोकन लिया गया और अनीता जाटव ने 80 लाख रुपए के काम का साइन किया हुआ अनुशंसा पत्र थमा दिया। वहीं, बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने बजट का हवाला देते हुए सीधे डील से दूरी बनाई, लेकिन उनके पति ऋषि बंसल ने अलग कमरे में रिपोर्टर से बातचीत कर 40 लाख रुपए की डील फाइनल कर दी। बातचीत में जिला परिषद के सीईओ को “देख लेने” की बात कही गई, हालांकि टोकन के तौर पर दिए गए 50 हजार रुपए यह कहकर लौटा दिए गए कि काम होने पर ही रकम ली जाएगी। यह पूरी बातचीत विधायक निधि को जनकल्याण की योजना से ज्यादा कमीशनखोरी का जरिया बनाने की मानसिकता को उजागर करती है, जिसने राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर साफ शब्दों में कहा कि विधायक निधि में भ्रष्टाचार के आरोप अत्यंत गंभीर हैं। उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्णत: जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। सीएम ने दो टूक कहा“जनता का पैसा जनकल्याण के लिए होता है, किसी की जेब भरने के लिए नहीं। दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।” सीएम के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता मुख्य सतर्कता आयुक्त (ACS गृह) भास्कर सावंत करेंगे। समिति में पंचायतीराज सचिव जोगाराम और वित्त (बजट) सचिव राजन विशाल सदस्य होंगे, जबकि विशिष्ट शासन सचिव गृह मनीष गोयल को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति को स्पष्ट निर्देश हैं कि 15 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए। जांच पूरी होने तक किसी भी तरह का वित्तीय लेन-देन नहीं होगा। घोटाले की आंच कांग्रेस तक पहुंचते ही पार्टी के भीतर भी हलचल तेज हो गई। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हिंडौन विधायक अनीता जाटव के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र लिखकर 7 दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस तीन सदस्यीय जांच समिति बनाएगी। यदि विधायक दोषी पाई जाती हैं, तो संगठनात्मक स्तर पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधायक जनता के ट्रस्टी होते हैं और विधायक निधि में भ्रष्टाचार लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने मांग की कि दोषी चाहे किसी भी दल का हो, उसे बख्शा न जाए और पूरी सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले को सदाचार समिति को सौंपते हुए शीघ्र रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है और दोषियों पर कार्रवाई तय है। वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सीएम के त्वरित एक्शन को सराहनीय बताते हुए निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई। विधायक निधि घोटाला अब सिर्फ एक जांच … Read more

मैनपाट के करमा रिसॉर्ट में 19 दिसंबर को होगी धूमधाम से लोकनृत्य प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का बड़ा आयोजन

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का शानदार आयोजन: मैनपाट के करमा रिसॉर्ट में 19 दिसंबर को धूमधाम से लोकनृत्य प्रतियोगिता, विजेताओं को आकर्षक नगद पुरस्कार छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना  रजत जयंती वर्ष पर विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 8 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक विशेष गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की भव्य श्रृंखला आयोजित कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न पर्यटन केंद्रों, रिसॉर्ट्स और पर्यटन बोर्ड के प्रधान कार्यालय रायपुर में रचनात्मक कार्यक्रमों का दौर चल रहा है। इनका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इसी कड़ी में पर्यटन बोर्ड 19 दिसंबर 2025 को सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित करमा रिसॉर्ट में लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 7 हजार रुपये नगद, द्वितीय को 5 हजार रुपये तथा तृतीय को 3 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी भेंट किए जाएंगे। प्रचार सामग्री में स्थान और व्यापक पहचान का अवसर प्रतियोगिता के दौरान कैद किए गए छायाचित्रों और वीडियो को छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रचार सामग्री तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। ये आयोजन न केवल स्थानीय पर्यटन को गति देंगे, बल्कि युवाओं में लोककला के प्रति उत्साह भी जगाएंगे। पर्यटन बोर्ड ने राज्य के युवाओं, पर्यटकों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। विस्तृत जानकारी के लिए +91-93991-61360 पर संपर्क किया जा सकता है।

शाम ढलते ही दरिंदगी, महिलाओं पर हमले करने वाला आरोपी बेंगलुरु से दबोचा गया

बेंगलुरु  बेंगलुरु पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। खबर है कि शहर में महिलाओं को निशाना बनाने वाले दरिंदे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवक की पहचान विनोद के रूप में हुई है, जो शाम के समय महिलाओं को हवस का शिकार बनाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की हरकतों में शामिल। इससे पहले भी बेंगलुरु में खुलेआम छेड़छाड़ की खबर सामने आ चुकी है।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विनोद महिलाओं पर नजर रखता था और शाम को 6 बजे के बाद उनपर हमला करता था। वह खासतौर पर उन महिलाओं को निशाना बनाता था, जो अकेली चल रही होती थीं या दो पहिया वाहन पर होती थीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी गड्ढों के पास महिला की गाड़ी धीमी होने का इंतजार करता और अचानक उनपर हमला कर देता था। रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि आरोपी महिलाओं की तरफ भागता, उन्हें जबरदस्ती पकड़ता था और अश्लील हरकतें करता था। पुलिस ने कहा कि आरोपी एक महीने से ज्यादा समय से इन हरकतों में शामिल था और उसके खिलाफ इससे पहले किसी भी महिला की तरफ से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 2 दिसंबर को एक महिला ने सुंकड़कट्टे में श्रीनिवास सर्कल पर हमले की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के पीछे कार में आ रहे पति ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश भी की थी, लेकिन वह भागने में सफल रहा था। इसके बाद उन्होंने 112 से संपर्क साधा और होयसाला पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल, आरोपी हिरासत में है और पुलिस जांच कर रही है। हालांकि, इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। जुलाई में बेंगलुरु के गोविंदपुरा इलाके में एक युवक को सार्वजनिक स्थान पर महिला के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी ने महिला के तंग किया और होंठ पर काट लिया था। हालांकि, बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।  

टूटा शीशा घर में लाता है क्लेश, जानें इसके 3 गंभीर प्रभाव और क्यों है यह अशुभ

वास्तु शास्त्र एक प्राचीन विज्ञान है, जिसका उद्देश्य घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना होता है. कहा जाता है कि अगर घर में ऊर्जा सही दिशा में बहती है, तो जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.वास्तु के अनुसार कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिन्हें घर में रखना अशुभ माना जाता है. इन्हीं में से एक है टूटा हुआ शीशा या कांच.अगर आपके घर में कहीं भी टूटा हुआ शीशा रखा है, तो उसे तुरंत बाहर निकाल देना चाहिए. वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार टूटा हुआ शीशा नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है. शीशा व्यक्ति की छवि और ऊर्जा को दर्शाता है.जब शीशा टूट जाता है, तो वह सकारात्मक ऊर्जा को कम करता है और नकारात्मक प्रभाव बढ़ाने लगता है. इसका असर धीरे-धीरे पूरे घर और घर में रहने वाले लोगों पर पड़ता है. घर में बढ़ता है क्लेश टूटे हुए कांच या शीशे से निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा घर के माहौल को बिगाड़ देती है. ऐसे घरों में छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होने लगते हैं.परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, मनमुटाव और अशांति बनी रहती है. बिना किसी बड़ी वजह के गुस्सा, चिड़चिड़ापन और मानसिक अशांति महसूस होती है. कई बार घर का माहौल इतना भारी हो जाता है कि शांति से रहना मुश्किल हो जाता है. आर्थिक स्थिति पर पड़ता है असर वास्तु के अनुसार टूटा हुआ शीशा आर्थिक नुकसान का भी संकेत माना जाता है. ऐसे घरों में पैसों की तंगी बनी रहती है. कमाई के रास्ते में रुकावटें आने लगती हैं और खर्चे अचानक बढ़ जाते हैं. मेहनत के बावजूद धन टिक नहीं पाता. कई बार नौकरी या व्यापार में नुकसान होने लगता है, जिससे व्यक्ति मानसिक तनाव में आ जाता है. हर काम में आती है बाधा अगर घर में टूटा हुआ शीशा रखा हो, तो व्यक्ति के काम भी अटकने लगते हैं. बनते हुए काम बिगड़ जाते हैं और हर प्रयास में रुकावट महसूस होती है. चाहे पढ़ाई हो, नौकरी हो या कोई नया काम शुरू करना हो, हर क्षेत्र में सफलता मिलने में देरी होती है. इससे आत्मविश्वास भी धीरे-धीरे कम होने लगता है. क्या करें? वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर में में शीशा या कांच टूट जाए, तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए. बेहतर है कि उसे घर से बाहर फेंक दें और उसकी जगह सही, साफ और बिना दरार वाला शीशा लगवाएं. इससे घर में फिर से सकारात्मक ऊर्जा आती है और सुख-शांति बनी रहती है.

यूक्रेन युद्ध में बड़ा मोड़: NATO में शामिल होने से इनकार, जेलेंस्की की दो अहम डिमांड सामने आईं

मॉस्को बीते तीन सालों से रूस से चले आ रहे संघर्ष के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की फिलहाल समझौते के मूड में नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वह नाटो में शामिल होने की अपनी मांग को वापस लेने के लिए तैयार हैं। इसी को लेकर रूस हमलावर रहा है कि आखिर यूक्रेन नाटो में क्यों शामिल होना चाहता है और यदि वह अमेरिका के नेतृत्व वाले इस सैन्य संगठन का हिस्सा बनता है तो उसकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा होगा। इस बीच यूक्रेनी नेता ने यदि नाटो में जाने की डिमांड को ही वापस लेने की बात कर दी है तो फिर उनके झुकाव का संकेत है, लेकिन उन्होंने दो मांगें भी रख दी हैं। वोलोदिमीर जेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर से कहा है कि वह दो बातें कहना चाहते हैं। पहली बात यह कि वह रूस की ओर से कब्जाए गए इलाकों पर दावेदारी छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके अलावा वह चाहते हैं कि अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर से यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी दी जाए। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दिनों शांति प्रस्ताव को लेकर यह शर्त भी रखी थी कि रूस की ओर से कब्जाए इलाकों का उसी में विलय हो जाए और यूक्रेन की ओर से उस पर सहमति जताते हुए युद्ध को समाप्त कर दिया जाए। अब वोलोदिमीर जेलेंस्की ने नाटो वाली शर्त को तो स्वीकार कर लिया है, लेकिन यूक्रेन के इलाके रूस को सौंपने को लेकर वह सहमत नहीं हैं। इस वार्ता के दौरान जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भी उनके साथ बैठे थे। पत्रकारों से बातचीत में जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों ने यूक्रेन की ओर से नाटो में शामिल होने की कोशिश से इनकार कर दिया है। लेकिन हम चाहते हैं कि नाटो और उसके सहयोगी देशों की ओर से हमें सुरक्षा को लेकर भरोसा दिया जाए। इस भरोसे से हमें मदद मिलेगी कि रूस हम पर दोबारा इस तरह का हमला ना करे। उन्होंने कहा कि ऐसा करना भी हमारी तरफ से एक समझौता ही है।  

दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर, फ्री बिजली खर्च में केजरीवाल से आगे रेखा गुप्ता सरकार

नई दिल्ली मुफ्त बिजली योजना पर रेखा गुप्ता सरकार को भारी-भरकम राशि खर्च करनी पड़ रही है। बिजली पर दिल्ली सरकार का सब्सिडी बिल पहली बार 4000 करोड़ रुपये से पार जा सकता है। सरकार ने पहले ही इसका बजट बढ़ा दिया था, लेकिन वह भी कम पड़ रहा है। भाजपा सरकार को अनुमान से और अधिक खर्च करने की आवश्यकता होगी।   मीडिया ने सरकार के सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि 2025-26 में बिजली सब्सिडी पर दिल्ली सरकार को 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करनी होगी। सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 3,849 करोड़ रुपये का आवंटन बजट में किया था, जोकि 2024-25 के मुकाबले 250 करोड़ रुपये अधिक था। रिपोर्ट के मुताबिक बिजली विभाग ने इस मद में अतिरिक्त 361 करोड़ रुपये की मांग की है। अधिकारियों ने कहा कि अतिरिक्त धनराशि की मांग मुफ्त बिजली योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में लगातार इजाफे के साथ-साथ बिजली वितरण कंपनियों को देय जमा भुगतानों की वजह से है। इस महीने दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संशोधित बजट को पेश किया जा सकता है। सरकार आवंटन को बढ़ा सकती है। मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत 2015-16 में आम आदमी पार्टी सरकार ने की थी। तब दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 52.62 लाख थी और सब्सिडी का खर्च 1442 करोड़ था। पिछले एक दशक में उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 69 लाख हो गई जबकि सब्सिडी खर्च तीन गुना हो गया। अधिकारियों का अनुमान है कि इस साल यह खर्च 4200 करोड़ तक जा सकता है। दिल्ली के कुल बिजली उपभोक्ताओं में से 83 फीसदी घरेलू हैं। 200 यूनिट प्रति माह खर्च करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली जीरो आता है। 201 से 400 यूनिट तक खर्च करने वालों को 50 फीसदी सब्सिडी मिलती है, जिसकी अधिकतम सीमा 800 रुपये है। 400 से अधिक यूनिट खर्च करने वाले पूरा बिल चुकाते हैं। आधिकारिक डेटा के मुताबिक सर्दियों में जीरो बिल वाले उपभोक्ताओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। दिसंबर 2022 में 31 लाख कनेक्शन पर जीरो बिल था। जनवरी 2023 में यह संख्या 29 लाख थी। दिसंबर 2023 में यह संख्या बढ़कर 42 लाख हो गई जबकि जनवरी 2024 में 35 लाख हो गई। पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में यह संख्या क्रमश: 45 और 40 लाख रही।