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महिलाओं में पेशाब की नली के इंफेक्शन की वजह, जलन और दर्द से परेशान होने का कारण जानें

युवा महिलाओं में होने वाली सबसे आम स्वास्थ्य दिक्कतों में से एक यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन है। इसकी वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसमें पेशाब करते समय जलन और बदबू आना भी शामिल है। लोगों को लगता है कि यह समस्या अचानक होती है। अधिकतर महिलाएं इसके पीछे मौसम में होने वाले बदलाव के बारे में नहीं जानती हैं। न्यूरो यूरोलॉजी, एकेडेमिक्स और सीनियर कंसल्टेंट के डीन डॉक्टर का कहना है कि यूटीआई अचानक नहीं होती। यह मौसम में होने वाले बदलाव और हमारी कुछ रोजाना की आदतों की वजह से बढ़ती है। सही रोकथाम के लिए इन कारणों को रोकना जरूरी है, जिससे आप आने वाली समस्या से बच सकती हैं। गर्मी का असर कैसे पड़ता है? गर्मी में ज्यादा पसीना आता है और कई बार महिलाएं पानी कम पीती हैं। इससे शरीर में पानी की कमी होती है और पेशाब भी कम बनता है। पेशाब कम करने की वजह से अंदर बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा रहता है। ये बैक्टीरिया गीले या तंग कपड़े पहनने की वजह से भी बढ़ते हैं। सर्दी का असर कैसे पड़ता है? ठंड के दौरान महिलाओं को प्यास कम लगती है। इस वजह से उनका वाटर इनटेक काफी कम हो जाता है। शरीर में पानी की कमी से पेशाब का उत्पादन कम होता है और इस तरह यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है। लाइफस्टाइल से जुड़ी वजहें     पेशाब रोककर रखने से ब्लैडर में बैक्टीरिया जमा होते हैं     यौन गतिविधि के बाद पेशाब ना करने से बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट में आ जाते हैं     प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई के गलत तरीके से बैक्टीरिया अंदर जा सकते हैं, साथ ही तेज सुगंध, केमिकल वाले उत्पाद के इस्तेमाल से भी खतरा बढ़ता है​ बचने का तरीका     पूरे दिन में बार बार पानी पीएं     जब भी पेशाब का प्रेशर लगे, टॉयलेट जरूर जाएं     गीले कपड़े ना पहनें और सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें​ डॉक्टर से सलाह लें डॉक्टर का कहना है कि इन कारणों से बचकर आप यूरिनरी ट्रैक्ट की हेल्थ को बेहतर बना सकती हैं। लेकिन अगर किसी महिला को पेशाब में जलन, बार बार पेशाब आना या पेशाब में खून आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।  

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सख्ती, सरपंच पति प्रथा पर 24 राज्यों के अधिकारियों को समन, महिला जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा

भोपाल  सरपंच पति प्रथा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त कदम उठाया है। देश के 24 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुख अधिकारियों को समन जारी किया है। महिला जन प्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का यह बड़ा कदम है। प्रमुख सचिवों को भी समन जारी इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के पंचायत एवं नगरीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिवों को भी समन जारी हुआ है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने यह जानकारी दी। आयोग ने सभी प्रदेशों के पंचायत और शहरी निकाय विभाग से इस विषय पर कार्यवाही रिपोर्ट मांगी थी। रिपार्ट नहीं मिलने पर मध्य प्रदेश को भी समन शहरी निकाय और पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिवों को 30 दिसंबर को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए है। 22 दिसंबर 2025 तक रिपोर्ट भेजने पर व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मिल सकती है। रिपोर्ट नहीं देने और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने पर आयोग ने कठोर कार्रवाई करने की बात कही है। यह प्रथा समानता, गरिमा और जीवन के अधिकार का उल्लंघन दरअसल प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपनी जांच में पाया कि यह प्रथा समानता, गरिमा और जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। यह 73वें एवं 74वें संविधान संशोधनों की भावना के विपरीत है। जिनका उद्देश्य महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण प्रदान करना है। ऐसे कृत्य भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत आपराधिक दायित्व को भी जन्म दे सकते हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने पंचायत राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षित पदों पर प्रधान पति कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा की ओर से दायर शिकायत पर कदम उठाया है। सुशील वर्मा ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि देश भर में कई स्थानों पर निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पति अथवा अन्य पुरुष रिश्तेदार वास्तविक सत्ता का प्रयोग कर रहे हैं, जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है। प्रॉक्सी शासन लोकतंत्र पर सीधा प्रहार आयोग ने दो टूक कहा है कि महिला आरक्षण का उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि वास्तविक नेतृत्व और निर्णयकारी भूमिका सुनिश्चित करना है, और किसी भी प्रकार का प्रॉक्सी शासन लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। यह आदेश महिला सशक्तिकरण, संवैधानिक शासन और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की गरिमा की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। मप्र में उठे थे मुद्दे ग्वालियर में सितंबर में मामला आया था। कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान की बैठक में पार्षद पति पहुंच गए थे। शहर की समस्याओं पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में पार्षद पति पहुंच गए थे। चार महिला पार्षदों की जगह उनके पति पहुंच गए थे। कलेक्टर ने पार्षद पतियों को कुर्सी से उठाकर पीछे बैठा दिया था। कलेक्टर ने कहा था- अब महिलाएं सबल हैं, पत्नियों को ही काम करने दीजिए। अक्टूबर में गुना नगर पालिका ने निकाला आदेश सीएमओ मंजूषा खत्री ने आदेश निकाला। आदेश में कहा कि- शासकीय कार्यालयों और बैठकों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ उनके पति या पत्नियों की उपस्थिति पूर्णतः प्रतिबंधित है। नगरपालिका कार्यालय में आने पर भी पार्षद पतियों और उनके रिश्तेदारों पर रोक लगाई गई। अप्रैल 2025 रतलाम जिला पंचायत में मुददा उठा था। साधारण सभा की बैठक में विवाद हुआ था। जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा और सदस्य डीपी धाकड़ ने महिला सदस्यों के साथ बैठक में उनके पति के आने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। सभा कक्ष में लंबी बहस हुई थी। विवाद के बीच बैठक नहीं हो पाई थी। 

एमपी में 100 ई-बसें चलेंगी, केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय का बड़ा फैसला, डीजल के बजाय पर्यावरण-friendly यात्रा

ग्वालियर केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा ग्वालियर शहर में पीएम ई-बस योजना के तहत 100 बसें चलाई जाएंगी। प्रथम चरण में जल्द ही 60 ई बस (E-Buses) शहर में आने की उम्मीद है, लेकिन अफसर अब तक सुस्त रवैया अपनाए हुए है। योजना के तहत बस संचालन और कलेक्शन सिस्टम समझने के लिए अफसरों को नासिक, दिल्ली, भोपाल और इंदौर का निरीक्षण करना था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई दौरा नहीं किया। हालांकि कलेक्शन एजेंसी राज्य सरकार व केंद्र सरकार से तय होना है अथवा नगर निगम ग्वालियर से इसको लेकर अफसर कन्फ्यूज थे, ऐसे में अफसर भी निरीक्षण में रुचि नहीं दिखा रहे थे, लेकिन अब क्लियर हो गया है कि बसों के कलेक्शन के लिए एजेंसी राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन द्वारा ही ग्वालियर सहित सभी नगर निगम में तय की जाएगी। इस तरफ वहन होगा खर्च बसों के संचालन से नगर निगम को उम्मीद है कि बस संचालन से 36.14 पैसे प्रति किलोमीटर कलेक्शन मिलेगा, जबकि 22 रुपए केंद्र सरकार की ओर से मिलेंगे। वहीं 58.14 पैसे प्रति किलोमीटर का भुगतान पीएम ई-बस संचालक को किया जाना है। लेकिन इंदौर भोपाल में अभी 22 व 23 रुपए प्रति किलोमीटर कलेक्शन ही मिल रहा है, ऐसे में निगम को बाकी के 14 से 15 रुपए खुद ही वहन करने होंगे और निगम में इसका अतिरिक्त खर्चा बढ़ेगा। डिपो का निर्माण शुरू पीएम ई बस संचालन के लिए रमौआ में डिपो निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। निगमायुक्त संघप्रिय ने बताया कि बसों के कलेक्शन के लिए एजेंसी अब राज्य सरकार द्वारा ही तय की जाएगी। पीएम ई बस सेवा को लेकर रमौआ पर डिपो निर्माण भी शुरू हो चुका है। शहरी कार्य मंत्रालय ने 100 बसों को दी मंजूरी केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय (Union Urban Affairs Ministry) ने प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में डीजल ईंधन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए प्रदेश के 8 नगर निगम में 972 पीएम ई बस सेवा को मंजूरी दी है। यह बसें शीघ्र संचालित हो इसके लिए नगरीय निकायों द्वारा बस डिपो और चार्जिंग से जुड़े सभी अधोसंरचना कार्य तेजी से करने के लिए गया है। इसमें ग्वालियर के लिए 100 ई-बसों को मंजूरी दी है। इसमें प्रथम चरण में 60 बसें नौ मीटर और दूसरे चरण में 40 बसें सात मीटर की आएंगी। बसों के लिए केन्द्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत राशि प्रदान करेगी। बसें एक बार में चार्ज होने पर 180 किलोमीटर तक आ-जा सकती है। 

इंदौर में 1450 बेड वाला अस्पताल, मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन, 773 करोड़ से बनेगा एमवाय अस्पताल का नया भवन

इंदौर  1952 से लेकर अब तक सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा इंदौर का महाराजा यशवंत राव हॉस्पिटल अब नए स्वरूप में 1450 बेड के साथ अपग्रेड होने जा रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  773.007 करोड़ की लागत से बनने जा रहे अस्पताल के नवीन भवन का भूमि पूजन किया. इंदौर का महाराजा यशवंत राव हॉस्पिटल सात मंजिला इमारत है, जिसे अब नए सिरे से बनाया जा रहा है. करीब 70 साल पुराना यह अस्पताल महाराजा यशवंत राव होलकर द्वारा बनवाया गया था. जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र रहा है. अब यहां अस्पताल की नई बिल्डिंग बनने जा रही है. प्रदेश में स्वास्थ सुविधाओं में वृद्धि इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, ''प्रदेश की स्वास्थ सुविधाओं में पिछले 11 वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है. मध्य प्रदेश में नए-नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज कॉलेज खोले रहे हैं. प्रदेश सरकार नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है. पिछले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है.'' कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि, ''जिस तरह इंदौर शहर हमारे प्रदेश का गौरव है, उसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल की भी मध्य प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान है.'' उन्होंने कहा कि, ''इंदौर में 1450 बिस्तरीय अस्पताल बन जाने से न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि हमारे पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी यहां बेहतर स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध होगी. इंदौर के एमवाय अस्पताल में बोनमेरो ट्रांसप्लांट और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है.'' उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को नए अस्पताल भवन के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए. ऐसा होगा नए अस्पताल का सेट अप मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक कान गला विभाग में कुल 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में कुल 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी. नए अस्पताल भवन में कुल 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे. इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड. रुपए व्यय किए जाएंगे. इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड रुपए तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं वाटर सप्लाई संबंधी कार्यों कार्य पर लगभग 10 करोड़ रुपए लागत आएगी.

क्योंकि सास भी कभी बहू थी: मिहिर–नोयोनिका की सच्चाई आई सामने, तुलसी का टूटा भरोसा, रिश्ता खत्म

मुंबई  टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में फाइनली वो वक्त आ गया, जब तुलसी अपने पति मिहिर से उसकी करतूतों के लिए सवाल पूछेगी। तुलसी के ज्यादातर सवालों का मिहिर के पास कोई जवाब नहीं होगा। नोयोनिका वाले किस्से के साथ-साथ मंदिरा वाला किस्सा भी जुड़ेगा। मिहिर इशारों-इशारों में माफी मांगने की कोशिश करेगा, लेकिन तुलसी के सामने उसकी एक नहीं चलेगी। नए प्रोमो वीडियो में दिखाया गया है कि तुलसी विरानी घर छोड़कर चली जाएगी। तुलसी अपना सामान लेकर सीढ़ियों से उतर रही होगी जब उसका बेटा ऋतिक पूछेगा कि मां आप कहां जा रही हैं? बाकी लोग भी यही सवाल करेंगे। जवाब में तुलसी कहेगी कि मिहिर से पूछो क्या हुआ है। सभी लोग जाकर मिहिर से सवाल करना शुरू करेंगे, लेकिन वो किसी पत्थर की मूर्ति की तरह अपनी जगह पर खड़ा रहेगा। मिहिर से रिश्ता खत्म करेगी तुलसी कुछ ही देर बाद किरण माहौल को समझते हुए मोर्चा संभालेगा और सभी को बताएगा कि मुझे पता है तुलसी भाभी क्यों मिहिर भईया से नाराज हैं। क्योंकि उनकी जिंदगी में एक दूसरी औरत आ गई है। इसके बाद तुलसी विरानी को आंखों में अंगारे लिए यह कहते हुए दिखाया गया है कि मैं मिहिर विरानी से अपना रिश्ता तोड़ती हूं। भले ही दोनों में तलाक नहीं हुआ है, लेकिन तुलसी का इतना कहना ही शांति निकेतन को हिलाकर रख देगा। कहानी में आ सकते हैं कौन से ट्विस्ट? बात करें कि सीरियल में आगे कौन से ट्विस्ट और टर्न्स आने वाले हैं तो माना जा रहा है कि परिवार के लोग फिर एक बार मिहिर और तुलसी को एक साथ लाने की कोशिश करेंगे, लेकिन क्या तुलसी मानेगी? क्या वो इस बार मिहिर को माफ करेगी? ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब अभी तक दर्शकों को नहीं मिले हैं। शो के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए जुड़े रहिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ।

नई गेंद ने बिगाड़ा खेल, भारतीय गेंदबाजों को लेकर मार्करम का बड़ा बयान

नई दिल्ली  दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम ने तीसरे टी20 मैच में मिली हार के बाद कहा कि भारत के नई गेंद के गेंदबाजों ने उनके लिये दिक्कतें खड़ी की और उनके बल्लेबाज तेजी से रन नहीं बना सके। भारत के अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने पहले चार ओवर के भीतर दक्षिण अफ्रीका के तीन विकेट उस समय निकाल दिये जब स्कोर बोर्ड पर सात रन ही टंगे थे। इन झटकों से मार्करम की टीम उबर नहीं सकी और 117 रन बनाने के बाद सात विकेट से हार गई। मार्करम ने मैच के बाद कहा, ‘उन्होंने सही जगहों पर गेंद डाली। अर्शदीप ने उम्दा गेंदबाजी की। उनके नयी गेंद के दोनों गेंदबाजों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।’ उन्होंने कहा, ‘आपको अनुकूल हालात मिल सकते हैं लेकिन आखिर में गेंदबाजों को सही जगहों पर गेंद डालनी होगी और उन्होने वही किया। उन्हें इसका श्रेय दिया जाना चाहिये। पहली गेंद से ही उन्होंने हमारे लिये मुश्किलें खड़ी की।’ मार्करम ने स्वीकार किया कि हालात चुनौतीपूर्ण थे लेकिन यह भी कहा कि टीम को इसके अनुकूल ढलना होगा। उन्होंने कहा, ‘हालात कठिन थे लेकिन हमें इसके अनुरूप ढलना होगा। मौसम ठंडा था जिसका असर पड़ा लेकिन इससे कोई समस्या नहीं होनी चाहिये। कम स्कोर वाले मैच भी रोमांचक हो सकते हैं।’  

Tata Sierra के नए Accomplished और Accomplished+ ट्रिम्स की कीमतों का ऐलान, पूरी डिटेल्स जानें

मुंबई   स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Tata Motors ने आखिरकार, अपनी नई Tata Sierra के टॉप-स्पेक ट्रिम्स Accomplished और Accomplished+ की कीमतों का खुलासा कर दिया है. कंपनी इस कार की बुकिंग 16 दिसंबर से शुरू करने वाली है. बता दें कि एक हफ़्ते पहले, Tata Motors ने इस कार के लाइनअप के सभी वेरिएंट की कीमतों की घोषणा की थी. लेकिन इसके टॉप-ऑफ-द-लाइन Accomplished और Accomplished+ की कीमतों का खुलासा नहीं किया था, और अब इन ट्रिम्स की कीमतों का खुलासा हो गया है. जहां Accomplished ट्रिम को कंपनी ने 17.99 लाख से 19.99 लाख रुपये के बीच उतारा है, वहीं इसके Accomplished+ ट्रिम की कीमत 20.29 लाख से 21.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. नई Tata Sierra की डिलीवरी 15 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाली है. Tata Sierra की कीमतें खास बात यह है कि कंपनी ने 1.5-लीटर, नेचुरली-एस्पिरेटेड रेवोट्रॉन पेट्रोल इंजन को Accomplished ट्रिम के साथ भी पेश किया है, जिसकी कीमत 17.99 लाख रुपये रखी गई है. हालांकि, यह इंजन फुली-लोडेड Accomplished+ वेरिएंट के साथ उपलब्ध नहीं होने वाला है. Tata Sierra में 1.5-लीटर T-GDI टर्बो-पेट्रोल इंजन सिर्फ़ ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ पेश किया गया है, इसकी कीमत Accomplished वेरिएंट में 19.99 लाख रुपये और Accomplished+ वेरिएंट में 20.99 लाख रुपये रखी गई है. Tata Sierra के इंजन विकल्प ट्रांसमिशन Smart+ Pure Pure+ Adventure Adventure+ Accomplished Accomplished+ 1.5 NA Revotron पेट्रोल इंजन MT 11.49 लाख रुपये 12.99 लाख रुपये 14.49 लाख रुपये 15.29 लाख रुपये 15.99 लाख रुपये 17.99 लाख रुपये     DCT – 14.49 लाख रुपये 15.99 लाख रुपये 16.79 लाख रुपये –     1.5 T-GDI टर्बो-पेट्रोल इंजन AT – – – – 17.99 लाख रुपये 19.99 लाख रुपये 20.99 लाख रुपये 1.5 Kryojet डीजल इंजन MT 12.99 लाख रुपये 14.99 लाख रुपये 15.99 लाख रुपये 16.49 लाख रुपये 17.19 लाख रुपये 18.99 लाख रुपये 20.29 लाख रुपये   AT – 15.99 लाख रुपये 17.49 लाख रुपये – 18.49 लाख रुपये 19.99 लाख रुपये 21.29 लाख रुपये इसके अलावा Tata Sierra Accomplished डीजल की बात करें तो मैनुअल वेरिएंट के लिए आपको 18.99 लाख रुपये और ऑटोमैटिक वर्जन के लिए 19.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) देने होंगे. Sierra Accomplished+ डीज़ल की कीमत मैनुअल वेरिएंट के लिए 20.29 लाख रुपये और ऑटोमैटिक ऑप्शन के लिए 21.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, जो इसे सिएरा पोर्टफोलियो में सबसे महंगा मॉडल बनाता है. Tata Sierra Accomplished और Accomplished+ के फीचर्स फीचर्स की बात करें तो Tata Sierra Adventure+ ट्रिम की तुलना में, इसके Accomplished वेरिएंट में कई फीचर्स जोड़े गए हैं, जिनमें लेवल-2 ADAS, लेदरेट अपहोल्स्ट्री, ऑगमेंटेड रियलिटी हेड-अप डिस्प्ले, डॉल्बी एटमॉस के साथ 12 JBL ब्लैक स्पीकर, ड्राइवर सीट के लिए सिक्स-वे पावर एडजस्टमेंट वाली वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, वायरलेस चार्जर, पडल लैंप, एम्बिएंट लाइटिंग (सिर्फ डैशबोर्ड) और एक्सप्रेस कूलिंग शामिल हैं. वहीं इसके टॉप-ऑफ-द-लाइन Accomplished+ वेरिएंट के फीचर्स की बात करें तो इसमें तीसरा स्क्रीन (आगे वाले पैसेंजर के लिए), 22 फीचर्स के साथ लेवल 2+ ADAS, ड्राइवर की सीट के लिए मेमोरी फंक्शन, जेस्चर कंट्रोल के साथ पावर्ड टेलगेट और पीछे बैठने वाले पैसेंजर्स के लिए दो 65W USB-C पोर्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं.  

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सर सह कार्यवाह श्री मुकुंदा जी ने किया अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय भोपाल का भ्रमण

भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय  सर सह कार्यवाह मुकुंदा जी ने अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय भोपाल का भ्रमण किया एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के  राज्य नेतृत्व के साथ शैक्षणिक एवं सामाजिक विषयों पर चर्चा की उनके साथ इस सार्थक चर्चा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्रीमान विमल जी गुप्ता एवं मध्यभारत के प्रांत कार्यवाह हेमंत जी सेठिया की भी उपस्थिति  रही  अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की और से इस चर्चा में  कुलपति गौतम पांडे स्टेट हेड अभिषेक राठौर एवं राज्य नेतृत्व्य के सभी सदस्य उपस्थित थे.

संगीतधानी ग्वालियर में 101वें तानसेन संगीत समारोह का शुभारंभ, CM डॉ. मोहन यादव देंगे शुरुआत

ग्वालियर संगीतधानी ग्वालियर की फिजाएं एक बार फिर सुरों की बारिश से सराबोर होने जा रही हैं। विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत का सबसे बड़ा आयोजन 101वां तानसेन संगीत समारोह आज से शुरू हो रहा है। हजीरा स्थित तानसेन समाधि स्थल पर आयोजित इस समारोह का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस बार मंच ग्वालियर के प्रसिद्ध चतुर्भुज मंदिर (शून्य मंदिर) की तर्ज पर तैयार किया गया है, जो आयोजन को और भी भव्य बना रहा है।  15 से 19 दिसंबर तक चलने वाले इस पांच दिवसीय समारोह में देश-विदेश के विश्वविख्यात शास्त्रीय संगीत कलाकार सुर सम्राट मियां तानसेन को स्वरांजलि अर्पित करेंगे। समारोह के पहले दिन शाम 6 बजे से राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण और राजा मानसिंह तोमर सम्मान वितरण समारोह होगा। इसमें मूर्धन्य संगीतज्ञ पंडित राजा काले (2024) और पंडित तरुण भट्टाचार्य (2025) को तानसेन अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। वहीं साधना परमार्थिक संस्थान समिति मंडलेश्वर और रागायन संगीत समिति ग्वालियर को राजा मानसिंह तोमर सम्मान प्रदान किया जाएगा।

महिला कलेक्टर के फैसले से हड़कंप, 19 साल की नौकरी में एक गलती पर सहायक ग्रेड-3 को चपरासी बना दिया

 बड़वानी मध्यप्रदेश में अब “चल जाएगा” वाली बाबूगिरी पर सीधी चोट हो रही है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी पैसे से खेल किया तो कुर्सी नहीं बचेगी. पहले बुरहानपुर में और अब बड़वानी में महिला कलेक्टर के एक फैसले ने सरकारी दफ्तरों में बैठे कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है. बड़वानी जिले में कलेक्टर जयति सिंह ने वित्तीय अनियमितता के गंभीर मामले में बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए सहायक ग्रेड-3 (क्लर्क) को उसके पद से हटाकर सीधे भृत्य यानी चपरासी बना दिया. यह कार्रवाई तहसील न्यायालय बड़वानी में पदस्थ रहे कर्मचारी प्रकाश डुडवे पर की गई है. शासकीय पैसे में हाथ डाला, मामला हुआ भारी जांच में सामने आया कि प्रकाश डुडवे ने शासकीय वसूली की राशि 3 लाख 2 हजार 266 रुपये सरकारी खजाने में जमा नहीं की. यह साफ तौर पर शासकीय धन का दुरुपयोग माना गया. कलेक्टर ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का गंभीर उल्लंघन माना. जवाब नहीं दे पाए, जांच में फंसे मामला सामने आने के बाद 16 अप्रैल 2024 को कर्मचारी को निलंबित कर स्पष्टीकरण मांगा गया. जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो 14 जून 2024 को अपर कलेक्टर को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया. जांच के दौरान कर्मचारी ने खुद स्वीकार किया कि उससे वित्तीय अनियमितता हुई है. उसने 5 जून 2024 को 1 लाख 43 हजार रुपये ऑनलाइन चालान के जरिए जमा भी किए, लेकिन तब तक मामला पूरी तरह पकड़ में आ चुका था. सुनवाई में कबूलनामा, फिर गिरी गाज 4 मार्च 2025 को हुई अंतिम सुनवाई में कर्मचारी ने विभागीय जांच में लगे सभी आरोप स्वीकार कर लिए. कलेक्टर ने 19 साल से अधिक की सेवा को ध्यान में रखते हुए सहानुभूति दिखाई, लेकिन संदेश भी साफ दिया कि गलती की सजा मिलेगी. इसके बाद आदेश जारी हुआ कि सहायक ग्रेड-3 को पदावनत कर तहसील कार्यालय पानसेमल में भृत्य (चपरासी) के पद पर पदस्थ किया जाए. पहले भी दिख चुकी है सख्ती इससे पहले जनवरी 2025 में बुरहानपुर की तत्कालीन कलेक्टर भव्या मित्तल ने भी रिश्वतखोरी के मामले में सहायक ग्रेड-3 को चपरासी बना दिया था. अब वही सख्ती बड़वानी में भी देखने को मिली है. इस कार्रवाई के बाद साफ हो गया है कि अब फाइलों में खेल नहीं चलेगा, वरना बाबू से चपरासी बनने में देर नहीं लगेगी.