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आज का राशिफल 17 दिसंबर: किसे मिलेगा भाग्य का साथ और किसे बरतनी होगी सावधानी

मेष 17 दिसंबर के दिन लाइफ में बैलेंस व खुद की देखभाल को प्राथमिकता दें। नए अवसरों के लिए खुले रहें। नया प्रोजेक्ट या कोई जिम्मेदारी आपके सामने आ सकती है। अपना बजट प्लान बनाएं। ऐसी एक्टिविटी के लिए समय निकालें, जो आपको खुशी दे सके। वृषभ 17 दिसंबर का दिन महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रहा है। आज लव, करियर और धन के मामले में कई मौके मिल सकते हैं। इन बदलावों को पॉजिटिव नजरिए के साथ अपनाएं। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मिथुन 17 दिसंबर के दिन हेल्थ पर नजर बनाए रखें। धन के मामले में समय-समय पर जांच परख और जरूरी बदलाव भी करें। किसी भी प्रॉब्लम पर तुरंत ध्यान दें। डिसिप्लिन बनाए रखें। आपका रिश्ता मजबूत होगा। कर्क 17 दिसंबर के दिन फालतू के खर्चे से बचें। अपनी फिलिंग्स को खुलकर और ईमानदारी के साथ बताएं। अपने प्रोफेशनल गोल्स को ध्यान में रखकर आगे बढ़ें। अपने रास्ते में आने वाले अवसरों का लाभ उठाएं। सिंह 17 दिसंबर के दिन अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। रिश्ते में विश्वास होना जरूरी है। अपने प्रेम जीवन में इन बदलावों को अपनाएं। हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखना जरूरी है। अप्रत्याशित खर्च हो सकते हैं। कन्या 17 दिसंबर के दिन काम पूरा करने के लिए नए-नए तरीकों को अपनाएं। सैलरी में वृद्धि के अवसर हैं। हेल्थ पर नजर बनाए रखें। नए अनुभवों के लिए तैयार रहें। काम या पर्सनल लाइफ से तनाव बढ़ सकता है। तुला 17 दिसंबर के दिन पहले से प्लानिंग करना बुद्धिमानी होगी। सहकर्मियों के साथ मिलकर काम करना फायदेमंद रहेगा। सिंगल तुला राशि वाले खुद को किसी नए व्यक्ति की ओर अट्रैक्ट होते हुए पा सकते हैं। वृश्चिक 17 दिसंबर के दिन आपको अपनी लव लाइफ में ऐसे मौके मिलेंगे, जिससे आपका कनेक्शन इमोशनल तौर पर मजबूत होगा। फालतू खरीदारी से बचें और योजना पर ध्यान दें। जरूरी टास्क को प्राथमिकता दें। धनु 17 दिसंबर के दिन खुद की देखभाल करें। एक्सरसाइज, आराम और हेल्दी डाइट आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। दिन इमोशनल साबित हो सकता है। आपको कई महत्वपूर्ण डिसीजन लेने पड़ सकते हैं। मकर 17 दिसंबर के दिन आपको प्रोडक्टिव रिजल्ट्स मिलेंगे साथ ही सीनियर्स से संभावित मान्यता मिलेगी। स्ट्रेस को कम करने के लिए मेडिटेशन करें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस बनाएं। कुंभ 17 दिसंबर के दिन अपना फोकस बनाए रखें। खुले दिमाग से बदलावों को अपनाएं। विकास और सफलता के अवसरों का लाभ उठाएं। अगर आप किसी रिलेशनशिप में हैं तो अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। मीन 17 दिसंबर के दिन रिलेशनशिप वाले जातक अपने बीच की अंडरस्टैंडिंग बढ़ाएं। जरूरत पड़ने पर दूसरों को काम सौंप दें। अपने खर्चों को समझदारी से मैनेज करना जरूरी है। हेल्दी लाइफस्टाइल को प्राथमिकता दें।

भारत–अफगानिस्तान स्वास्थ्य सहयोग को मिलेगी नई दिशा, दिल्ली में होगी उच्चस्तरीय बैठक

नई दिल्ली अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री मौलवी नूर जलाल जलाली मंगलवार को भारत पहुंचे। यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए चर्चा करना है। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री की भारत यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के पब्लिक हेल्थ मंत्री मौलवी नूर जलाल जलाली का भारत की पहली आधिकारिक यात्रा पर हार्दिक स्वागत है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा अफगानिस्तान के हेल्थकेयर सिस्टम के लिए भारत के लगातार समर्थन को दिखाती है, और हम उपयोगी बातचीत की उम्मीद करते हैं। भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे में योगदान दिया है, जो अफगान लोगों के प्रति उसके अटूट समर्थन की पुष्टि करता है। इस महीने की शुरुआत में भारत ने काबुल को इन्फ्लूएंजा और मेनिन्जाइटिस के टीकों की 63,734 खुराकें भेजीं। 28 नवंबर, भारत ने अफगानिस्तान को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए 73 टन जीवन रक्षक दवाएं, टीके और आवश्यक पूरक सामग्री भेजीं। विदेश मंत्रालय ने 'एक्स' पोस्ट कर कहा, "अफगानिस्तान के स्वास्थ्य सेवा प्रयासों को बढ़ावा देते हुए भारत ने तत्काल चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए काबुल को 73 टन जीवन रक्षक दवाएं, टीके और आवश्यक पूरक सामग्री भेजी हैं। अफगान जनता के प्रति भारत का अटूट समर्थन जारी है।" अफगानिस्तान से भारत की यह तीसरी मंत्रिस्तरीय यात्रा है। अफगानिस्तान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी 20 नवंबर को नई दिल्ली आए थे और उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापार, संपर्क और जन-संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने अफगानिस्तान के लोगों के विकास और कल्याण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। इसे लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था, "नई दिल्ली में अफगानिस्तान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी से मुलाकात करके मुझे खुशी हुई। हमने अपने व्यापार, संपर्क और जन-संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। हमने अफगानिस्तान के लोगों के विकास और कल्याण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।"

इतिहास रचने के करीब एलन मस्क: 600 अरब डॉलर से आगे बढ़ी नेटवर्थ, ट्रिलियनेयर बनने की दौड़ में सबसे आगे

नई दिल्ली  टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और ऐसे कई फैसले ले रहे हैं, जिससे वह यह उपलब्धि आने वाले कुछ वर्षों में ही हासिल कर सकते हैं। यह जानकारी रिपोर्ट्स में दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्क की कंपनी स्पेसएक्स 800 अरब डॉलर की वैल्यू पर टेंडर ऑफर लाने की तैयारी कर रही है। इससे मस्क की नेटवर्थ 168 अरब डॉलर बढ़कर 677 अरब डॉलर होने का अनुमान है। फोर्ब्स के मुताबिक, मस्क दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिनकी संपत्ति 600 अरब डॉलर से अधिक हो गई है। इसके साथ ही स्पेसएक्स अगले साल 1.5 ट्रिलियन डॉलर पर इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है, जिससे मस्क की संपत्ति में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है। मस्क के पास इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला में 12 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू 197 अरब डॉलर है, जिसमें स्टॉक ऑप्शन शामिल नहीं है। इसके अलावा, मस्क की एआई कंपनी एक्सएआई होल्डिंग्स 230 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर नई फंडिंग जुटाने जा रही है और मस्क की इस कंपनी में हिस्सेदारी 53 प्रतिशत है और जिसकी वैल्यूएशन करीब 60 अरब डॉलर है। सितंबर 2021 में मस्क 200 अरब डॉलर की संपत्ति का आंकड़ा पार करने वाले तीसरे व्यक्ति बने थे। नवंबर 2021 में उनकी कुल संपत्ति 300 अरब डॉलर, दिसंबर 2024 में 400 अरब डॉलर और अक्टूबर में 500 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी। इस महीने की शुरुआत में, मस्क ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि स्पेसएक्स 800 अरब डॉलर की फंडिंग जुटा रही है या नासा उनकी अंतरिक्ष कंपनी को सब्सिडी दे रही है। फोर्ब्स के मुताबिक, मस्क के बाद संपत्ति के मामले में दूसरे स्थान पर गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज हैं, जिनकी संपत्ति 253 अरब डॉलर है। तीसरे स्थान पर 235 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ लैरी एलिसन हैं।

तेलंगाना के आवासीय विद्यालय कार्यक्रम को मिलेगा केंद्र का सहयोग? मुख्यमंत्री ने सीतारमण से की चर्चा

हैदराबाद  तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर ‘यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल्स’ (वाईआईआईआरएस) कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार तेलंगाना में कुल 105 वाईआईआईआरएस स्थापित करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, इन विद्यालयों के माध्यम से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लगभग चार लाख छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाईआईआईआरएस और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण पर करीब 30,000 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। उन्होंने शिक्षा अवसंरचना में बड़े पैमाने पर निवेश को देखते हुए इस उद्देश्य के लिए लिए जाने वाले ऋणों को राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम की सीमाओं से छूट देने का अनुरोध किया। इस दौरान कांग्रेस सांसद किरण कुमार चामाला, डॉ. मल्लू रवि, सुरेश शेटकर और अनिल कुमार यादव भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि सितंबर में उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर 30,000 करोड़ रुपये के वाईआईआईआरएस कार्यक्रम के लिए विशेष वित्तीय सहायता और एफआरबीएम छूट की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि यह पहल लाखों बच्चों की शिक्षा और पोषण में बदलाव लाएगी, हाशिए पर रहने वाले समुदायों को सशक्त करेगी और भारत के जनसांख्यिकीय लाभ को मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से इस दीर्घकालिक मानव पूंजी निवेश के लिए एफआरबीएम छूट देने का आग्रह दोहराया और कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक भोजन की चुनौतियों से निपटने के लिए शुरू किया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की और हैदराबाद में एक भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) की स्थापना को मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि आईआईएम के लिए आवश्यक 200 एकड़ भूमि की पहचान कर ली गई है और अस्थायी परिसर में तुरंत कक्षाएं शुरू करने की व्यवस्था भी तैयार है। मुख्यमंत्री ने यह भी मांग की कि तेलंगाना में जिलों की संख्या बढ़ने के अनुरूप 9 केंद्रीय विद्यालय और 16 जवाहर नवोदय विद्यालयों को मंजूरी दी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन विद्यालयों की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को तैयार है।

सूदखोरों की दरिंदगी: 1 लाख का लोन, 74 लाख का बोझ और मजबूरी में किसान ने किया किडनी दान

मुंबई  महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से हाल ही में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कथित तौर पर कर्ज से तंग आकर एक किसान को अपनी किडनी बेचनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक किसान ने एक लाख का लोन लिया था, जो बढ़कर 74 लाख तक पहुंच गया। कर्ज पर हर दिन 10,000 रुपये की दर से ब्याज भी लग रहा था। इन पैसों को चुकाने के लिए ही रोशन सदाशिव कुडे नाम के इस किसान ने अपनी किडनी बेचने का फैसला किया।   मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रोशन कुडे को खेती में लगातार नुकसान हो रहा था। इसके बाद उसने डेयरी का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया जिसके लिए उसने कई देनदारों से 1 लाख रुपये का लोन लिया। हालांकि डेयरी का बिजनेस शुरू होने से पहले ही कुडे को तब तगड़ा झटका लगा जब उसकी दोनों गायें मर गईं। वहीं दूसरी तरफ कर्जदार उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बनाने लगे। इन सबसे परेशान होकर रोशन कुडे ने अपनी जमीन, ट्रैक्टर और घर के सभी कीमती सामान भी बेच दिए, लेकिन वह इतनी रकम नहीं चुका पाया। इसके बाद एक साहूकार ने कुडे को अपनी किडनी बेचने की सलाह दी। जानकारी के मुताबिक रोशन कुडे एक एजेंट के जरिए पहले कोलकाता गया। यहां कुछ टेस्ट करवाने के बाद उसे कंबोडिया भेजा गया, जहां उसकी किडनी निकालकर 8 लाख रुपये में बेच दी गई। मामला सामने आने के बाद कुडे ने आरोप लगाए हैं कि उसकी शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसने न्याय नहीं मिलने पर परिवार संग राज्य सरकार के हेडक्वार्टर के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी है।

बड़ा प्रशासनिक फैसला: हरियाणा में बनेगा 23वां जिला, सीएम नायब सैनी की घोषणा

हांसी  हरियाणा में अब 23वें जिले होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हांसी को जिला बनाने की घोषणा की। सीएम ने हांसी में आयोजित रैली में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सात दिन में हांसी को जिला बनाने की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। हांसी को जिला ( Hansi New District in Haryana ) बनाने को लेकर पिछले काफी समय से मांग की जा रही है। हांसी शहर सदियों पुराना है और हांसी की धरोहर के किस्से भी काफी फेमस हैं। लेकिन आजाद भारत के बाद से हांसी आज तक जिले के रूप में अस्तित्व में नहीं आया है। कभी हंसी के किले से राजा की सियासत पूरे इलाके में चलती थी। हांसी का बड़सी गेट आज भी अपने शहर के अस्तित्व की पहचान रखे हुए हैं। समय-समय पर पिछले कई सालों से स्थानीय लोग जिला बनाने की मांग उठा रहे थे। पंजाब से अलग हरियाणा में थे 7 जिले पंजाब से अलग होकर जब हरियाणा का गठन किया गया तो सूबे में सात जिले बनाए गए। जिनमें गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रोहतक, करनाल, अंबाला, जींद और हिसार का नाम शामिल रहा। वहीं हरियाणा के गठन के करीब छह साल बाद तत्कालीन सीएम चौधरी बंसीलाल ने 22 दिसम्बर 1972 को भिवानी के साथ सोनीपत को जिला बनाया। वहीं कुरुक्षेत्र को 23 जनवरी 1973 और सिरसा को 26 अगस्त 1975 जिला भी चौधरी बंसीलाल की सरकार में ही गठन किया गया। ऐसे बने सभी जिले इसके बाद हरियाणा के 12वां जिला फरीदाबाद को तत्कालीन सीएम चौधरी भजनलाल के कार्यकाल में 15 जुलाई 1979 को बनाया गया। इसके बाद चौधरी देवीलाल के कार्यकाल में चार जिले बनाए गए। जिनमें रेवाड़ी, पानीपत, यमुनानगर और कैथल का गठन 1 नवम्बर 1989 को किया गया। इसके बाद तत्कालीन सीएम चौधरी भजनलाल ने चंडीगढ़ से सटे पंचूकला को 15 अगस्त 1995 को जिला बनाने की घोषणा की। वहीं 15 जुलाई 1997 को तत्कालीन सीएम चौधरी बंसीलाल ने झज्जर के साथ फतेहाबाद को नया जिला बनाया। करीब 8 साल बाद तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नूँह(मेवात) को 04 अप्रैल 2005 में जिला बनाने की घोषणा की, वहीं 13 अगस्त 2008 को पलवल जिला भी हुड्डा सरकार में बनाया गया। चौधरी बंसीलाल ने अपने कार्यकाल में 6 जिले बनाए वहीं हरियाणा का 22वां जिला चरखी दादरी को तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने 4 दिसम्बर 2016 को गठन किया। एक हिसाब से देखा जाए तो सबसे ज्यादा नए जिलों का गठन चौधरी बंसीलाल ने अपने कार्यकाल में 6 जिले बनाए। वहीं चौधरी देवीलाल ने अपने कार्यकाल में 4 जिले बनाए, चौधरी भजनलाल ने अपने कार्यकाल में 2 जिलों का गठन किया। वहीं दो जिलों का गठन चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में हुआ, तो एक जिला चरखी दादरी मनोहर लाल ने बनाया। अब 23वें जिले की घोषणा मौजूदा सीएम नायब सिंह सैनी ने की है।

यूक्रेन संकट में शांति की किरण, ट्रंप प्लान के 90 फीसदी बिंदुओं पर बनी सहमति: अमेरिका

कीव लगभग 4 सालों से जारी यूक्रेन जंग में एक बार फिर शांति की उम्मीदें जगी हैं। नए अमेरिकी प्रस्ताव पर जोरों-शोरों से काम चल रहा है, जहां अमेरिका दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को कहा है कि उनके द्वारा तैयार की गई शांति योजना के लगभग 90 प्रतिशत बिंदुओं पर यूक्रेन और यूरोप सहमत हो गए हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा है कि दोनों देश शांति समझौते के पहले से कहीं अधिक करीब है। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक बयान में कहा है कि रूस के साथ जारी युद्ध को खत्म करने के लिए अगले कुछ दिनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद शांति समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके बाद अमेरिकी दूत अगले सप्ताहांत अमेरिका में संभावित बैठकों से पहले समझौते के मसौदे को रूस के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। जेलेंस्की ने सोमवार देर रात संवाददाताओं से कहा कि बर्लिन में अमेरिका के साथ चर्चा की गई शांति योजना का मसौदा ‘बहुत ही व्यावहारिक’ है। हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति ने आगाह किया कि रूस के कब्जे में उसके क्षेत्र सहित कुछ मुद्दे हैं, जो अब भी अनसुलझे हैं। भूमि का मुद्दा व्यापक समझौते के रास्ते में सबसे कठिन बाधाओं में से एक बना हुआ है। पुतिन चाहते हैं कि सैन्य कार्रवाई के जरिये कब्जे में लिये गए चार प्रमुख क्षेत्रों के साथ ही 2014 में कब्जा किए गए क्रीमिया प्रायद्वीप को रूसी क्षेत्र के रूप में मान्यता दी जाए। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ अन्य प्रस्तावों पर आपत्ति जता रहे हैं, जिनमें यूक्रेन के लिए युद्धोत्तर सुरक्षा गारंटी भी शामिल है। इधर जेलेंस्की ने दोहराया है कि यूक्रेन, देश के आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण डोनबास क्षेत्र के किसी भी हिस्से पर रूस के नियंत्रण को मान्यता नहीं देगा।

ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोग, बीच में ही रुक गया फ्लाईओवर निर्माण

तरनतारन  गांव कक्का कंडियाला में पिछले जनवरी महीने से चल रहा फ्लाईओवर का काम सरकार की तरफ से ग्रांट जारी न होने के कारण रुकता नजर आ रहा है, जिसकी वजह से संबंधित कॉन्ट्रैक्टर ने आने वाले दिनों में यह काम पूरी तरह से रोकने की चेतावनी दे दी है। जानकारी के मुताबिक, गांव कक्का कंडियाला में फ्लाईओवर का उद्घाटन पिछले जनवरी महीने में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने किया था। सरकार ने इस फ्लाईओवर के कंस्ट्रक्शन के लिए जे.के. एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 69 करोड़ 80 लाख रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दिया था, जिसे पूरा होने में दो साल लगने थे, जिसके चलते इस पुल का काम जनवरी 2027 में पूरा होना था, लेकिन पंजाब सरकार की तरफ से पिछले 4 महीने से फ्लाईओवर के लिए कोई भी बिल पास न करने के कारण संबंधित कंपनी के कॉन्ट्रैक्टर ने कछुए की तरह काम करना शुरू कर दिया है, जिसके कारण इस पुल का कंस्ट्रक्शन का काम ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। जे.के एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजर जिम्मी और योगराज सिंह ने बताया कि कक्का कंडियाला फ्लाईओवर के कंस्ट्रक्शन के लिए जनवरी 2025 में सरकार के साथ 69 करोड़ 80 लाख रुपए का कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ था।   इस संबंध में कंपनी की तरफ से अब तक करीब 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है, लेकिन पिछले चार महीने से सरकार की तरफ से भेजे गए करोड़ों रुपए के 2 बिल पास नहीं हो रहे हैं, जबकि 8 बिल पास हो चुके हैं। कंपनी की तरफ से किए जा रहे काम की बकाया रकम संबंधित पी.डब्ल्यू.डी. डिपार्टमैंट के एक्साइज डिपार्टमैंट की तरफ से पास नहीं की जा रही है। इसके कारण कंपनी को लेबर और दूसरे खर्चों के मामले में काफी नुक्सान हो रहा है।    मैनेजर जिमी ने कहा कि अगर सरकार ऐसे ही चलती रही तो आने वाले दिनों में उसे इस कछुए की चाल वाले काम को पूरी तरह से रोकना पड़ेगा। दूसरी तरफ, इस फ्लाईओवर के ढीले काम की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आने वाले समय में लोगों की दिक्कतें और बढ़ती दिख रही हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए एक्सीयन पी.डब्ल्यू.डी. (नेशनल हाईवे) सिमरनजीत सिंह गिल ने कहा कि सरकार से फंड न मिलने की वजह से संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को रकम जारी नहीं की गई है।

श्रमिक कल्याण को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री ने संबल के तहत 160 करोड़ रुपये किए सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के तहत प्रदेश के 55 जिलों के 7227 संबल हितग्राहियों के बैंक खाते में सिंगल क्लिक से 160 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। इस योजना के प्रारंभ वर्ष 2018 से लेकर अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7383 करोड़ रुपये की सहायता राशि जरूरतमंद हितग्राहियों को दी जा चुकी है।   इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का जरिया ही नहीं, यह सरकार और श्रमिकों के बीच आपसी भरोसे का रिश्ता भी है। राज्य सरकार हर उस जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है, जो इसके वास्तविक हकदार हैं। हमारी सरकार गरीब, लाचार, श्रमिक, निराश्रित और जरूरतमंद नागरिकों को स्नेह, अपनत्व, स्वावलंबन और आर्थिक सहायता का संबल देती रहेगी।   प्रदेश की जनता के सुख-दुख में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल कार्यक्रम में अमरकंटक से वर्चुअल शामिल होकर कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व की सरकार का बैकलाग भी खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब श्रम विभाग इस स्थिति में आ चुका है कि किसी भी संबल प्रकरण में हम मात्र 60 दिन के अंदर हितग्राही को भुगतान कर सकते हैं। यही हमारी दो साल की बड़ी उपलब्धि है।   मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना से भुगतान पाने वाले हितग्राही संचालित योजनाएं– सहायता राशि प्रति प्रकरण– हितग्राहियों की संख्या अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु पर)– 2 लाख — 6390 अनुग्रह सहायता (दुर्घटना मृत्यु पर)– 4 लाख — 790 अनुग्रह सहायता (आंशिक स्थायी अपंगता)– 1 लाख– 34 अनुग्रह सहायता (स्थायी अपंगता होने पर)– 2 लाख — 13 कुल –7,227  

बड़ा डेटा ब्रीच: 63 करोड़ पासवर्ड हुए लीक, एक क्लिक में जानें आपका अकाउंट सेफ है या नहीं

अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने एक बड़े साइबर अपराधी के कई डिवाइसेस से 63 करोड़ से ज्यादा चोरी हुए पासवर्ड बरामद किए हैं। ये पासवर्ड अलग-अलग जगहों से चुराए गए थे, जैसे डार्क वेब की मार्केटप्लेस, टेलीग्राम चैनल और खतरनाक मैलवेयर हमलों से। इतनी बड़ी संख्या में पासवर्ड एक ही हैकर के पास मिलना हैरान करने वाला है। FBI पिछले चार साल से ऐसे चोरी हुए पासवर्ड सुरक्षा विशेषज्ञ ट्रॉय हंट को दे रही है, जो 'हैव आई बीन प्वन्ड' नाम की वेबसाइट चलाते हैं। इस बार की सूची सबसे बड़ी है और ये सभी पासवर्ड अब उस वेबसाइट पर जांच के लिए उपलब्ध हैं। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि उनका पासवर्ड सुरक्षित है या नहीं। ये पासवर्ड कहां से आए? फोर्ब्स की रिपोर्ट (Ref.) बताती है कि 63 करोड़ पासवर्ड पुरानी डेटा चोरी की घटनाओं से आए हैं, लेकिन इनमें से करीब 7.4 प्रतिशत यानी 4.6 करोड़ पासवर्ड पहले कभी उनकी वेबसाइट पर नहीं देखे गए थे। बाकी पासवर्ड पहले से मौजूद थे, लेकिन अब उनकी गिनती बढ़ गई है। इससे साफ है कि साइबर अपराधी एक-दूसरे से डेटा खरीदते-बेचते हैं। ये पासवर्ड इन्फोस्टीलर नाम के मैलवेयर से भी चुराए गए थे, जो कंप्यूटर में घुसकर पासवर्ड चुपके से ले लेता है। कहीं आपका पासवर्ड तो लीक नहीं हुआ? आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपका पासवर्ड इन चोरी हुए पासवर्ड में है या नहीं। ट्रॉय हंट की 'Pwned Passwords' से सर्विस पर जाएं और अपना पासवर्ड डालें। ये पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि आपका पासवर्ड किसी ईमेल या नाम से नहीं जुड़ा होता। पासवर्ड को एक विशेष कोड में बदलकर जांचती है, जिसे SHA-1 हैश कहते हैं। अगर आपका पासवर्ड मिलता है, तो तुरंत उसे बदल दें। ऐसा न करने पर हैकर क्रेडेंशियल स्टफिंग हमले से आपके अकाउंट हैक कर सकते हैं। इसके अलावा, जहां संभव हो वहां पासकी का इस्तेमाल करें और सभी अकाउंट पर टू फेक्टर वाली सुरक्षा चालू करें। ये कदम उठाकर आप खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल क्यों जरूरी है? पासवर्ड मैनेजर एक ऐसा ऐप है जो आपके सभी पासवर्ड को सुरक्षित रखता है और मजबूत पासवर्ड खुद बनाता है। लोग अक्सर कमजोर या एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल करते हैं, जो हैकर के लिए आसान बनाता है। पासवर्ड मैनेजर से आपको सिर्फ एक पासवर्ड याद रखना होता है, बाकी सब वो संभाल लेता है। अगर एक अकाउंट हैक होता है, तो बाकी सुरक्षित रहते हैं। कई बार पासवर्ड मैनेजर कंपनियों में भी चोरी हुई है, लेकिन फिर भी ये सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि कमजोर पासवर्ड से खतरा ज्यादा होता है। गूगल पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल कर सकते हैं अगर आप गूगल का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, तो गूगल पासवर्ड मैनेजर अच्छा है। ये आपके सेव किए पासवर्ड को चेक करता है और बताता है कि कोई पासवर्ड चोरी हुआ है, कमजोर है या कई जगह इस्तेमाल हो रहा है। आईफोन यूजर्स के लिए ऐपल की पासवर्ड ऐप है, जो बिना आपके पासवर्ड ऐपल को बताए चेक करती है कि कोई लीक हुआ है या नहीं। कोई भी भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर चुनें, लेकिन इस्तेमाल जरूर करें। ब्राउजर वाले से अलग ऐप बेहतर होता है।