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‘बंदिश बैंडिट्स 2’ ने मचाया धमाल, दिव्या दत्ता ने सोशल मीडिया पर खुशी साझा की

मुंबई  इन दिनों फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज भी दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ रही हैं। वेब सीरीज में नए कलाकारों के साथ-साथ बड़े और मंझे हुए सितारे नजर आते हैं, जो कहानी को और भी ज्यादा रोचक बना देते हैं। हाल ही में लोकप्रिय वेब सीरीज 'बंदिश बैंडिट्स सीजन 2' ने आईएफएफआई और फिल्मफेयर अवॉर्ड में अपनी छाप छोड़ी। जहां, आईएफएफआई में 'बंदिश बैंडिट्स सीजन 2' को बेस्ट सीरीज का अवॉर्ड मिला। इसके अलावा, फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड्स में इसे बेस्ट म्यूजिक एल्बम का खिताब हासिल हुआ। आनंद तिवारी द्वारा निर्देशित सीरीज में स्टारकास्ट काफी कमाल की है। इसमें दिव्या दत्ता, नसीरुद्दीन शाह, शीबा चड्डा, श्रेया चौधरी समेत कई मंझे हुए कलाकार हैं। अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने सीरीज की उपलब्धि की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ की। उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर टीम के साथ तस्वीर शेयर की, जिसमें नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक समेत अन्य लोग भी दिखे। अभिनेत्री ने पोस्ट में लिखा, "इन पलों को दिल में हमेशा संजोकर रखूंगी और याद करूंगी। हमारी सीरीज 'बंदिश बैंडिट्स सीजन 2' को आईएफएफआई गोवा में बेस्ट सीरीज के खिताब से नवाजा गया और फिल्म फेयर में बेस्ट म्यूजिक एल्बम के लिए पुरस्कार मिला।" अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें और शीबा चड्डा को भी कई नॉमिनेशन मिले। उन्होंने लिखा, "हम दोनों ने इस खुशी का जश्न साथ में मनाया था। यह वो शो है, जिस पर हमें गर्व है और इसका हिस्सा बनकर मुझे बेहद खुशी है।" अभिनेत्री ने आखिरी में पूरी टीम को धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा, "निर्देशक आनंद तिवारी को हमारी इस यात्रा के लिए शुक्रिया। साथ ही अमृतपाल सिंह बिंद्रा आप सबसे बेहतरीन प्रोड्यूसर हैं। अद्भुत कास्ट और क्रू को ढेर सारा प्यार। नसीरुद्दीन और रत्ना पाठक, आपकी मौजूदगी ने इस शाम को और भी ज्यादा खूबसूरत बना दिया।" वेब सीरीज 'बंदिश बैंडिट्स 2' पहले सीजन के बाद की कहानी को दिखाता है। सीरीज में राधे (ऋत्विक भौमिक) और तमन्ना (श्रेया चौधरी) एक टीवी प्रतियोगिता के जरिए अपने संगीत और रिश्तों की समस्याओं का हल ढूंढते हैं। सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है।

GST विभाग की बड़ी कार्रवाई: नवीन इंजीनियरिंग वर्क्स में छापेमारी, रिकॉर्ड खंगाले गए

अंबिकापुर शहर के एमजी रोड स्थित नवीन इंजीनियरिंग संस्थान में जीएसटी विभाग ने छापेमार कार्रवाई की है. जीएसटी विभाग के अधिकारी लगातार 12 घंटे तक दस्तावेजों और उपकरणों की जांच करते रहे. जीएसटी विभाग की टीम ने रेड कार्रवाई में फर्म से संबंधित दस्तावेज और बिजली उपकरण ज्बत किया है. जानकारी के अनुसार, नवीन इंजीनियरिंग संस्थान मशीन मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों में सामग्री सप्लाई का कार्य करता है. छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने संस्थान से बड़ी मात्रा में बिल, वाउचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं. हालांकि, अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी तरह की अनियमितता या कार्रवाई के निष्कर्ष पर टिप्पणी करने से इंकार करते हुए इसे नियमित प्रक्रिया बताया है. गौरतलब है कि अंबिकापुर में जीएसटी विभाग द्वारा लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है, जिससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हलचल का माहौल बना हुआ है.

भोपाल-इंदौर-ग्वालियर में ठंड की मार, ट्रेनें और सड़क यातायात कोहरे से लेट

भोपाल   मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक शीतलहर से राहत नहीं मिलने की चेतावनी दी है। साथ ही कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे विजिबिलिटी मात्र 200 मीटर तक रहने की संभावना है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली ट्रेनें कोहरे की वजह से 30 मिनट से 8 घंटे तक लेट चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ, मंगला लक्षद्वीप समेत कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चल रही हैं। दूसरी ओर आज सुबह भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन समेत 12 जिलों में कोहरा छाया रहा। रीवा और सागर में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, गुना, ग्वालियर, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन खजुराहो, मंडला में विजिबिलिटी 2 से 4 किमी तक रही। उत्तरी हिस्से के अन्य जिलों में भी कोहरे का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में कई शहरों में पारे में गिरावट का दौर जारी रहा। इंदौर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 5.4 डिग्री, इंदौर में 4.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.3 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 9.2 डिग्री रहा। अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा      ग्वालियर: 9.8 डिग्री     उज्जैन: 8.0 डिग्री     दमोह: 8.5 डिग्री     जबलपुर: 8.6 डिग्री     खजुराहो: 8.2 डिग्री     मंडला: 8.5 डिग्री     नरसिंहपुर: 8.6 डिग्री     रीवा: 7.3 डिग्री     सतना: 8.4 डिग्री मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत की पहाड़ियों पर बर्फबारी से ठंडी हवाएं एमपी पहुंच रही हैं, जिससे शीतलहर का प्रभाव बढ़ गया है। घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट आ सकती है।  शाजापुर में 50 मीटर बाद कुछ नहीं दिखा, भोपाल-ग्वालियर में भी कोहरा इससे पहले बुधवार सुबह भोपाल, ग्वालियर समेत 22 जिलों में कोहरा छाया रहा। कोहरे की वजह से ट्रेनें-फ्लाइट भी डिले हुई। भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर और विदिशा में घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, मंडला, रीवा, सतना में 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी रही। वहीं, भोपाल, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, मलाजखंड, दतिया, गुना, इंदौर, रतलाम में 2 किमी के बाद कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। कोहरा छाने के दौरान वाहनों को सावधानी से चलाने की समझाइश भी दी गई। शाजापुर में इतना कोहरा था कि 50 मीटर के बाद कुछ भी नहीं दिख रहा था।   मंदसौर-शाजापुर सबसे ठंडे, पारा 4 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई शहरों में पारे में खासी गिरावट देखी गई। 5 बड़े शहरों की माने तो इंदौर में सबसे कम 4.9 डिग्री रहा। भोपाल में 5.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 8 डिग्री और जबलपुर में 8.6 डिग्री रहा। मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री पहुंच गया। शाजापुर में पारा 3.8 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़ में 4.4 डिग्री, पचमढ़ी-नौगांव में 5.4 डिग्री, उमरिया-मलाजखंड में 5.6 डिग्री, रायसेन में 6.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 6.8 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, मंडला में 8.1 डिग्री, खंडवा-सतना में 8.4 डिग्री, दमोह-बैतूल में 8.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.6 डिग्री, खजुराहो, रतलाम-गुना में 9.6 डिग्री और दतिया में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में कोहरा छा रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ– तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। 19 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 19 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इसके पीछे ही एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ रहा है। इससे ठंड का असर और भी बढ़ेगा। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 185 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। बुधवार को यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 185 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। बीते दिनों रफ्तार 222 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच चुकी है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है।

पुलिसिंग में नवाचार और सुधार पर चर्चा: मुख्यमंत्री की डीजी-आईजी कांफ्रेंस आज

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज का दिन बेहद व्यस्त रहने वाला है। वे पुलिस मुख्यालय (PHQ) में आयोजित डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे और स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल होंगे। सुबह 11 बजे पुलिस मुख्यालय (PHQ) में स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस ऑन इम्प्लीमेंटेशन फॉर डिसेमिनेशन ऑफ आउटकम्स ऑफ डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर पर हुई डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस के निष्कर्षों को राज्य स्तर पर लागू करने और प्रसारित करने पर विस्तृत चर्चा होगी। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होंगे और पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश देंगे। इसके बाद दोपहर 1:35 बजे सीएम हाउस में एक अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मुख्यमंत्री का अभिनंदन करेंगे। दोपहर 3 बजे सीएम हाउस में ही जनजातीय क्षेत्र आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का फोकस जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, चुनौतियों का समाधान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर होगा। मुख्यमंत्री इस सम्मेलन में संकल्प के साथ नई योजनाओं और पहलों की घोषणा कर सकते हैं। ये आयोजन राज्य में कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और जनजातीय क्षेत्रों के स्वास्थ्य विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।  मॉडर्न पुलिसिंग और साइबर सुरक्षा पर होगा मंथन  आज सुबह 11 बजे भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंसआयोजित की जा रही है। ये कॉन्फ्रेंस राष्ट्रीय स्तर पर हुई डीजी और आईजी कॉन्फ्रेंस के फैसलों को लागू करने के लिए बुलाई गई है। सीएम मोहन यादव इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य  मध्यप्रदेश में सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को सुधारना है। सीएम यहां मॉडर्न पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा और राज्य की इन्ट्रिंसिक सेफ्टी को लेकर नए दिशा-निर्देश भी जारी करेंगे।  जन-संवाद का कार्यक्रम PHQ Bhopal की बैठक के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1:35 बजे सीएम हाउस पहुंचेंगे, जहां एक खास स्वागत समारोह होगा। इस कार्यक्रम में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग सीएम से मिलकर उनके अब तक के काम के लिए उन्हें सम्मानित करेंगे। इसके बाद, दोपहर 3 बजे सीएम हाउस में 'जनजातीय क्षेत्र आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन' होगा। इस सम्मेलन में सीएम यादव जनजातीय इलाकों में स्वास्थ्य की चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। इसमें डॉक्टरों की उपलब्धता, नई स्वास्थ्य योजनाओं और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बारे में बातचीत होगी। इसके साथ ही, सीएम इस अवसर पर जनजातीय क्षेत्रों के लिए नई मोबाइल मेडिकल यूनिट्स या विशेष हेल्थ सेंटर्स की घोषणा भी कर सकते हैं। इन दोनों कार्यक्रमों के जरिए राज्य सरकार अपनी सुरक्षा और सेवा के वादे पर काम करने की कोशिश कर रही है। सरकार की प्राथमिकताएं बताएंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधिकारियों को कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं से भी अवगत कराएंगे। साथ ही बालाघाट, डिंडोरी और मंडला जिलों में नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां के लोगों की जीवनशैली में आए बदलाव और आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने फील्ड में पदस्थ अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और थानों में आने वाले नागरिकों की शिकायतों को संवेदनशीलता और सह्रदयता से सुनने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री इस विषय पर भी अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाणा सहित सभी डीजी, एडीजी और आईजी स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। सीएम मोहन यादव का आज का कार्यक्रम      सुबह 11:00 बजे: पुलिस मुख्यालय (PHQ) में 'स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस' में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।     सुबह 11:30 बजे: राष्ट्रीय डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस के निष्कर्षों को राज्य में लागू करने पर पुलिस अफसरों से चर्चा करेंगे।     दोपहर 12:30 बजे: साइबर सुरक्षा और मॉडर्न पुलिसिंग को लेकर नए दिशा-निर्देश और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स जारी करेंगे।     दोपहर 01:35 बजे: मुख्यमंत्री निवास (CM House) आगमन और विभिन्न समाज प्रमुखों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में हिस्सा लेंगे।     दोपहर 02:15 बजे: समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जन-संवाद और उनकी समस्याओं पर चर्चा करेंगे।     दोपहर 03:00 बजे: सीएम हाउस में 'जनजातीय क्षेत्र आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन' का शुभारंभ करेंगे।     दोपहर 03:45 बजे: जनजातीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान पर विशेषज्ञों से संवाद करेंगे।     शाम 04:30 बजे: आदिवासी इलाकों के लिए नई मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्पेसिफिक हेल्थ सेंटर्स की बड़ी घोषणा कर सकते हैं।

India–Oman Trade: 10.5 अरब डॉलर का व्यापार, आज होगी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर

नई दिल्‍ली भारत अपने व्‍यापार रणनीति को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. अब भारत एक और देश के साथ फ्री ट्रेड डील (FTA) करने जा रहा है. केंद्रीय और वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और ओमान गुरुवार को फ्री ट्रेड डील करने जा रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे और प्रमुख क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में इसपर हस्‍ताक्षर होंगे.  खाड़ी सहयोग परिषद देशों में ओमान भारत का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात स्‍थान रहा है और अब ये डील दोनों देशों के बीच आर्थिक स्थिति को और भी मजबूत करने वाली है. गोयल ने कहा कि ओमान लगभग 20 सालों से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्‍तक्षर कर रहा है. अमेरिका के साथ इसने 2006 में इसी तरह का समझौता किया था. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कारोबारियों के लिए नया अवसर लेकर आएगा, उन्‍होंने कहा कि जूते, कपड़े, ज्‍वेलरी, एग्रीकल्‍चर, वाहन और कलपुर्जे, नवीनीकरण ऊर्जा जैसे सेक्‍टर्स में संभावनाएं और बढ़ेंगी.  कई देशों के लिए खुलेंगे रास्‍ते मंत्री ने कहा कि यह डील अफ्रीका और मध्‍य एशिया के लिए एंट्री गेट है. इस कदम से अन्‍य देशों से भी व्‍यापार करने की संभावनाएं बढ़ेंगी. भारत और ओमान के बीच व्‍यापार 10.5 अरब डॉलर का है. भारत ओमान से 6 अरब डॉलर से ज्‍यादा का आयात करता है, जबकि निर्यात 4 अरब डॉलर का है. अब आइए जानते हैं भारत ओमान से क्‍या मंगाता है और क्‍या देता है?    ओमान से क्‍या मंगाता है भारत?  भारत के ओमान से प्रमुख आयात पेट्रोलियम और यूरिया है. आयात में इनकी हिस्‍सेदारी 70 फीसदी से ज्‍यादा की है. इसके अलावा, भारत ओमान से प्रोपलीन, एथ‍लिन पॉलीमर, पेट कोक, जिप्‍सम, केमिकल, लोहा और इस्‍पात अपरिष्‍कृत एल्‍युमीनियम शामिल है.  ओमान भारत से क्‍या मंगाता है?  ओमान भारत से भी बड़ी मात्रा में चीजों का आयात करता है, जो करीब 4 अरब डॉलर की है. भारत ओमान को खनिज ईधन, केमिकल, बहुमूल्‍य धातुएं, लोहा और इस्‍पात, अनाज, जहाज, नावें, विद्युत मशीनरी, बॉयलर, चाय, कॉफी, मसाले, वस्‍त्र और खाद्य पदार्थ देता है. 

महज 100 रुपये में मिलेंगे T20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच टिकट

कोलकाता T20 World Cup 2026 के मैचों की टिकट सेल शुरू हो चुकी है। इस बीच कोलकाता के ईडन गार्डेंस को मैनेज करने वाली बंगाल क्रिकेट संघ यानी सीएबी ने बुधवार 17 दिसंबर को टी20 विश्व कप के मैचों के लिए टिकटों की कीमतों का ऐलान किया। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होने वाले ग्रुप चरण के मैचों के लिए अलग और नॉकआउट मैचों के लिए कीमत अलग-अलग रखी गई है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का 10वां सत्र सात फरवरी से शुरू होगा। 100-100 रुपये में भी टी20 वर्ल्ड कप के मैचों के टिकट आपको मिल जाएंगे। हालांकि, इतनी कीमत पर इंडिया के मैचों के लिए टिकट आपको नहीं मिलेगा। बांग्लादेश बनाम इटली, इंग्लैंड बनाम इटली और वेस्टइंडीज बनाम इटली के ग्रुप मैच के लिए टिकट की कीमतें इस प्रकार हैं, जिनमें प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी (बी प्रीमियम) के लिए आपको 4,000 रुपये का टिकट खरीदना होगा, जबकि लोअर ब्लॉक बी और एल 1-1 हजार रुपये, लोअर ब्लॉक सी, एफ और के लिए 200-200 रुपये, लोअर ब्लॉक डी, ई, जी, एच और जे के लिए भी 200-200 रुपये का टिकट मिलेगा। वहीं, अपर ब्लॉक बी1, सी1, डी1, एफ1, जी1, एच1, के1 और एल1 के टिकट आपको महज 100-100 रुपये में मिलेंगे। वेस्टइंडीज बनाम बांग्लादेश और इंग्लैंड बनाम बांग्लादेश ग्रुप मैच के टिकट की कीमतें थोड़ी सी अधिक रखी गई हैं, क्योंकि इन मैचों में फैंस के भारी संख्या में पहुंचने की उम्मीद होगी। प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी (बी प्रीमियम) टिकट की कीमत 5,000 रुपये होगी, जबकि लोअर ब्लॉक बी और एल की कीमत 1,500 रुपये रखी गई है। लोअर ब्लॉक सी, एफ और के टिकट की कीमत 1,000 रुपये, लोअर ब्लॉक डी, ई, जी, एच और जे के टिकट 500 रुपये, और अपर ब्लॉक बी1, सी1, डी1, एफ1, जी1, एच1, के1 और एल1 की कीमत 300 रुपये है। ईडन गार्डन्स में होने वाले सुपर आठ मुकाबलों और सेमीफाइनल के लिए प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी (बी प्रीमियम) टिकट की कीमत 10,000 रुपये रखी गई है। लोअर ब्लॉक बी और एल टिकट की कीमत 3,000 रुपये, लोअर ब्लॉक सी, एफ और के की कीम 2,500 रुपये, लोअर ब्लॉक डी, ई, जी, एच और जे की कीमत 1,500 रुपये होगी जबकि अपर ब्लॉक बी1, सी1, डी1, एफ1, जी1, एच1, के1 और एल1 की कीमत 900 रुपये रखी गई है। टीम इंडिया को कोई भी मुकाबला इस मैदान पर लीग फेज में नहीं खेलना है।

ज्यादातर सीटों पर AAP का कब्जा, पंजाब पंचायत चुनाव में कांग्रेस–अकाली को झटका

 चंडीगढ़     पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के मतों की गिनती के बाद अब तक आए नतीजे जारी किए गए. राज्य चुनाव आयोग ने मंगलवार को तमाम केंद्रों पर मतगणना प्रक्रिया पूरी की. आम आदमी पार्टी ने राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह चुनाव लड़ा.  सत्तारूढ़ पार्टी ने जिला परिषद की 177 और ब्लॉक समिति की 2097 घोषित सीटों में से ज्यादातर पर जीत दर्ज की.  विपक्षी दलों कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी को कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा. प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे.Punjab Panchayat Election जिला परिषद में AAP की बड़ी जीत जिला परिषद के कुल 346 जोन के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिनमें से 177 के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इनमें आम आदमी पार्टी 98 सीटों पर जीती है और 22 सीटों पर उसके उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं. इस तरह AAP के पास कुल 120 सीटें हैं.  वहीं, कांग्रेस को 27 और शिरोमणि अकाली दल को 21 सीटें मिली हैं. बहुजन समाज पार्टी ने 3 सीटें जीती हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी और सीपीआई (एम) का अब तक खाता नहीं खुला है. खडूर साहिब के एक जोन में कोई वैध नामांकन नहीं मिला था. ब्लॉक समिति के नतीजों का गणित ब्लॉक समिति की कुल 2838 सीटों में से 352 पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे और 2486 जोन के लिए मतदान हुआ. अब तक कुल 2097 सीटों के नतीजे आधिकारिक तौर पर घोषित किए गए हैं. इनमें AAP ने 892 सीटों पर जीत और 339 निर्विरोध सीटों के साथ कुल 1231 सीटों पर कब्जा किया है. कांग्रेस को 419 जीत और 3 निर्विरोध सीटों के साथ 422 सीटें मिली हैं. अकाली दल को 253, बीजेपी को 49 और बसपा को 26 सीटें हासिल हुई हैं. निर्दलीय उम्मीदवारों ने कुल 116 सीटें जीती हैं. अंतिम आंकड़ों का इंतजार चुनाव परिणामों की अंतिम तालिका का अभी भी इंतजार किया जा रहा है. मतगणना जारी रहने के कारण बाकी सीटों के नतीजे धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहे हैं. अब तक के रुझानों और नतीजों ने पंजाब की राजनीति में AAP के बढ़ते प्रभाव को साफ कर दिया है. बीजेपी और अन्य छोटी पार्टियों के लिए ये नतीजे चुनौतीपूर्ण रहे हैं. 6 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जिला परिषद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. अंतिम आंकड़े घोषित होने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.

जाति आधारित गाली: प्राइवेट या पब्लिक, यही तय करेगा SC-ST एक्ट का केस

जयपुर  एससी-एसटी एक्ट यानी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर एक अहम फैसला सामने आया है. किसी ने जाति को लेकर गाली प्राइवेट में दी या पब्लिक में, अब इससे मुकदमा तय होगा. जी हां, राजस्थान हाईकोर्ट का मानना है कि अगर किसी की जाति को लेकर गाली प्राइवेट में दी गई है तो उससे एससी-एसटी एक्ट का केस नहीं बनता है. यही कारण है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने SC/ST एक्ट के तहत 31 साल पुरानी सजा रद्द कर दी है.  मामला शोरूम में ऋण से खरीदे वाहन के भुगतान को लेकर जुड़े विवाद से था. दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट के मुताबिक, बंद शोरूम के भीतर हुई कथित जातिसूचक गाली को ‘सार्वजनिक दृष्टि’ में नहीं माना जा सकता. राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलट दिया और इस मामले में याचिककार्ता को बरी कर दिया. कोर्ट ने कहा कि ‘सार्वजनिक दृष्टि’ का मतलब है आम लोगों द्वारा देखा या सुना जाना. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(x) तभी लागू होती है जब अपमानजनक शब्द आम लोगों की नजर में या सुनाई में बोले जाएं. हाईकोर्ट ने घटना शोरूम के अंदर होने और स्वतंत्र गवाह न होने की पुष्टि की. क्योंकि यह मामला व्यावसायिक विवाद से जुड़ा है, इसलिए इस पर SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(x) लागू नहीं होगा. क्या है मामला? मामला 31 साल पुराना है. मामले की शुरुआत 1994 में हुई. तब जोधपुर के एक शोरूम में व्यावसायिक विवाद के दौरान जातिसूचक गाली देने का आरोप लगा. शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से संबंधित रखता था. उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे जाति के आधार पर अपमानित किया. विवाद की जड़ एक वाहन की खरीद से जुड़ी थी. शिकायतकर्ता ने शोरूम से ऋण पर एक वाहन खरीदा था, मकगर भुगतान में देरी हो गई. इसी कारण शोरूम मालिक ने वाहन को जब्त करने की कोशिश की. इस दौरान शोरूम के अंदर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, और आरोप है कि आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया. शिकायतकर्ता ने दावा किया कि यह अपमान SC/ST एक्ट के तहत आता है, क्योंकि यह उन्हें सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाने का प्रयास था. ट्रायल कोर्ट का फैसला क्या था ट्रायल कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद 1994 में आरोपी को दोषी ठहराया. कोर्ट ने SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(x) के तहत सजा सुनाई, जिसमें जाति के आधार पर अपमान करने पर दंड का प्रावधान है. ट्रायल कोर्ट का मानना था कि शोरूम एक व्यावसायिक स्थान है, जहां लोग आते-जाते रहते हैं, इसलिए यह घटना सार्वजनिक दृष्टि में आती है. आरोपी को जेल की सजा और जुर्माना लगाया गया. हालांकि, आरोपी ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, और मामला हाईकोर्ट पहुंचा. अपील में आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि घटना बंद शोरूम के अंदर हुई थी, जहां कोई बाहरी व्यक्ति मौजूद नहीं था. यह एक निजी विवाद था, न कि सार्वजनिक अपमान. क्या है एससी-एसटी एक्ट एससी-एसटी एक्ट का पूरा नाम है अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम. यह 1989 में बना एक कानून है. इसका मकसद दलितों और आदिवासियों को जाति के आधार पर होने वाले अपमान, हिंसा और अत्याचार से बचाना है. अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर इन समुदायों के व्यक्ति को जातिसूचक गाली देता है, मारता है या उनकी संपत्ति नुकसान पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान है. यह कानून पीड़ितों को तुरंत न्याय और सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है.

निजी ऐप्स के हाइपर लोकल AQI मानकों पर भरोसा न करें, जनता से अपील

लखनऊ का AQI (वायु गुणवत्ता इंडेक्स) 174 निजी ऐप्स का हाइपर लोकल मानक अपनाने से फैल रहा भ्रम जनता से अपील: भ्रामक खबरों से रहें सावधान लखनऊ  लखनऊ का AQI (वायु गुणवत्ता इंडेक्स) 174 है जो हवा की मॉडरेट क्वालिटी को प्रमाणित करता है। सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर  AQI से संबंधित भ्रामक आंकड़े प्रचारित और प्रसारित किए जा रहे हैं जो वायु गुणवत्ता बताने वाले निजी एप से लिए गए हैं।  अधिकतर विदेशी प्लेटफॉर्म US-EPA मानकों का उपयोग करते हैं, जबकि भारत में National Air Quality Index (NAQI) का पालन किया जाता है। दोनों के मापदंड अलग-अलग हैं। साथ ही सरकारी स्टेशन (जैसे लालबाग, तालकटोरा, अलीगंज) प्रमाणित और कैलिब्रेटेड उपकरणों का उपयोग करते हैं। निजी संस्थाएं अक्सर सैटेलाइट डेटा या अनकैलिब्रेटेड सेंसर का प्रयोग करती हैं, जिनमें त्रुटि की संभावना अधिक होती है। सीपीसीबी का डेटा 24 घंटे के औसत पर आधारित सीपीसीबी द्वारा जारी AQI आंकड़े पिछले 24 घंटों के औसत वैज्ञानिक मूल्यांकन पर आधारित होते हैं, जिससे शहर की वास्तविक और समग्र वायु गुणवत्ता की स्थिति सामने आती है। इसके विपरीत, कई निजी ऐप्स क्षणिक और स्थानीय धूल और कणों को दिखाते हैं, जो किसी एक चौराहे, ट्रैफिक जाम या सीमित गतिविधि के कारण हो सकते हैं और पूरे शहर की स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करते। तकनीकी अंतर से पैदा होता है भ्रम वायु गुणवत्ता मापने की तकनीक और मानकों में अंतर के कारण निजी ऐप्स पर दिखाई देने वाले आंकड़े अक्सर भ्रामक हो जाते हैं। सीपीसीबी का मॉडल भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित किया गया है, जबकि अधिकतर निजी ऐप विदेशी परिस्थितियों पर आधारित होते हैं, जो भारत की भौगोलिक, मौसमी और पर्यावरणीय स्थितियों को सही तरीके से आंकने में सक्षम नहीं हैं। धूल और धुएं में अंतर नहीं कर पाते निजी ऐप्स विशेषज्ञों के अनुसार कई निजी ऐप धूल कण और धुएं के बीच अंतर नहीं कर पाते। भारतीय शहरों में धूल की मात्रा स्वाभाविक रूप से अधिक होती है, लेकिन विदेशी मॉडल इसे सीधे प्रदूषण मान लेते हैं। इसी कारण AQI को वास्तविकता से अधिक दिखाया जाता है और अनावश्यक डर का माहौल बनता है। एक ही शहर के लिए अलग-अलग आंकड़े, भरोसेमंद नहीं निजी डेटा यह भी सामने आया है कि निजी ऐप्स एक ही शहर के अलग अलग इलाकों के लिए अलग अलग AQI दिखाते हैं, जो समग्र शहरी स्थिति नहीं बताते। ऐसे आंकड़े न तो प्रमाणिक होते हैं और न ही किसी आधिकारिक एजेंसी द्वारा सत्यापित, जिससे आमजन में भ्रम और चिंता फैलती है। भ्रामक आंकड़ों से फैलाई जा रही चिंता निराधार निजी ऐप के आधार पर फैलाया जा रहा डर तथ्यहीन और निराधार है। लखनऊ की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है, स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। नागरिकों से अनुरोध है कि केवल सीपीसीबी और सरकारी स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

स्निको की तकनीकी खामी से बच गए एलेक्स कैरी, एशेज में मचा बवाल

  एडिलेड ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की एशेज सीरीज का तीसरा मुकाबला एडिलेड में खेला जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया टीम टेस्ट सीरीज में 2-0 से आगे है. ये मुकाबला जीतने पर कंगारू टीम एशेज एक बार फिर अपने नाम कर लेगी. दूसरी ओर इंग्लैंड की निगाहें कमबैक करने पर हैं. एडिलेड टेस्ट में 'स्निको' तकनीक को लेकर हंगामा मच गया है, जिसके केंद्र में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एलेक्स कैरी रहे. यह विवाद ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के 63वें ओवर में हुआ. उस ओवर में जोश टंग की पहली गेंद पर एलेक्स कैरी ने कट शॉट खेलने की कोशिश की. हालांकि इस कोशिश में वो पूरी तरह सफल नहीं हो पाए. गेंद बल्ले को हल्का स्पर्श करते हुए विकेटकीपर जेमी स्मिथ के पास गई और उन्होंने कैच पकड़ लिया. इंग्लैंड के खिलाड़ी कॉट बिहाइंड की जोरदार अपील करने लगे. हालांकि अंपायर अहसान रजा ने बैटर के पक्ष में फैसला सुनाया. इंग्लिश खिलाड़ी हैरान थे और कप्तान बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड ने डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS लिया. स्निकोमीटर पर एक स्पाइक दिखाई दी, लेकिन वह गेंद के बल्ले के पास से गुजरने से 2-3 फ्रेम पहले की थी. तीसरे अंपायर क्रिस गैफनी ने माना कि बल्ले और गेंद के बीच साफ गैप है और कोई स्पाइक नहीं है. गैफनी ने एलेकस कैरी के पक्ष में फैसला सुनाया. इस फैसले से इंग्लैंड की टीम संतुष्ट नहीं थी, साथ ही उसने एक रिव्यू भी गंवा दिया था. ईएसपीएन क्रिकइंफो के मुताबिक पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद इंग्लैंड के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम और टीम मैनेजर वेन बेंटली ने मैच रेफरी जेफ क्रो से इस मुद्दे पर बातचीत की. साथ ही इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से इस तकनीक की समीक्षा की मांग की. ICC ने क्या कदम उठाया? आईसीसी ने तकनीकी गलती को स्वीकार करते हुए इंग्लैंड का डीआरएस फिर से बहाल कर दिया. आईसीसी ने पुष्टि की कि ब्रॉडकास्ट पार्टनर BBG स्पोर्ट से बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया.. BBG स्पोर्ट ही स्निकोमीटर तकनीक की सप्लायर कंपनी है. दिलचस्प बात यह रही कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने  भी माना कि शायद गेंद बल्ले से लगी थी. कैरी ने कहा, 'मुझे ऐसा लगा कि गेंद कुछ छूकर गई है. उस समय आप सिस्टम पर भरोसा करते हैं, लेकिन ऐसा लगा कि खिलाड़ी स्क्रीन से ज्यादा जानते थे.' बीबीजी स्पोर्ट्स की ओर से कहा गया कि गलत स्टम्प माइक चुना गया था और इस गलती की पूरी जिम्मेदारी ली. कंपनी ने इसके लिए माफी भी मांगी. इस पूरे मामले पर इंग्लैंड के फास्ट बॉलिंग कोच डेविड सैकर ने भी तकनीक पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'एक दिन का खेल खत्म होने के बाद हमें इस बारे में बात नहीं करनी चाहिए. आज के समय में तकनीक इतनी बेहतर होनी चाहिए कि ऐसी चीजें साफ पकड़ में आ जाएं.' एलेक्स कैरी इस तकनीकी खामी का फायदा उठाया और शानदार 106 रन बनाए. कैरी के शानदार शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 371 रन बनाए. उस्मान ख्वाजा (82 रन) और मिचेल स्टार्क (54 रन) के बल्ले से भी उपयोगी रन निकले. इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन: जैक क्राउली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), विल जैक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग. ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन: ट्रेविस हेड, जेक वेदराल्ड, मार्नस लाबुशेन, उस्मान ख्वाजा, कैमरन ग्रीन, जोश इंगलिस, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लायन और स्कॉट बोलैंड.