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24 दिसंबर का राशिफल: सभी राशियों के लिए आज का भविष्यफल, जानें क्या कहती है सितारे

मेष आज दिन की शुरुआत थोड़ी भारी लग सकती है। मन में कई बातें एक साथ चलेंगी, जिससे ध्यान भटक सकता है। कामकाज में जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है, इसलिए हर काम सोचकर करें। किसी करीबी से कहा-सुना हो सकता है, लेकिन बात को बढ़ाने से बचें। पैसों के मामले में आज जोखिम लेना ठीक नहीं। शाम के समय हालात संभलेंगे और मन हल्का होगा। वृषभ आज का दिन शांत और संतुलित रहने वाला है। रोजमर्रा के काम आराम से निपटेंगे। घर के किसी सदस्य से बातचीत मन को अच्छा करेगी। खर्च ज़रूरत के हिसाब से करें, दिखावे से दूर रहें। सेहत ठीक रहेगी, बस आलस हावी न होने दें। दिन के अंत में सुकून महसूस होगा। मिथुन आज बातचीत में सावधानी जरूरी है। आपकी बात का मतलब गलत निकाला जा सकता है। ऑफिस या कामकाज में व्यस्तता बनी रहेगी। फोन या मैसेज पर बहस से दूरी रखें। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। शाम को थोड़ी राहत मिलेगी और दिमाग शांत होगा। कर्क आज भावनाएं ज्यादा असर डाल सकती हैं। छोटी बात भी दिल पर लग सकती है। परिवार से जुड़ा कोई विषय मन में चलता रहेगा। काम में आपकी मेहनत साफ़ दिखेगी, लेकिन तारीफ थोड़ी देर से मिलेगी। किसी भरोसेमंद इंसान से बात करने से मन हल्का होगा। रात को नींद ठीक रहेगी। सिंह आज दिन थोड़ा व्यस्त हो सकता है। काम में रुकावटें आएंगी और मन दुखी हो सकता है। गुस्से में कोई फैसला लेने से बचें। दूसरों से ज़्यादा उम्मीद न रखें। धैर्य से काम लेंगे तो नुकसान नहीं होगा। शाम के बाद स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होने लगेगी। तुला आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। अटके हुए काम आगे बढ़ेंगे और दिमाग साफ़ रहेगा। पैसों से जुड़ा कोई छोटा फायदा मिल सकता है। काम में फोकस अच्छा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन थकान महसूस हो तो आराम जरूर करें। दिन कुल मिलाकर संतोषजनक रहेगा। धनु आज मन दुविधा में रह सकता है। किसी फैसले को लेकर बार-बार सोचेंगे। रिश्तों में बात दबाने से बेहतर है साफ़ कह देना। काम में मन कम लग सकता है। खर्च बढ़ने के योग हैं, इसलिए हाथ थोड़ा रोककर रखें। शाम को स्थिति थोड़ी साफ होगी। मकर आज मेहनत और जिम्मेदारी दोनों ज़्यादा रहेंगी। काम का दबाव महसूस होगा, लेकिन आप संभाल लेंगे। किसी पुराने मुद्दे पर फिर से बात हो सकती है। गुस्से में बोले गए शब्द नुकसान कर सकते हैं, इसलिए संयम रखें। दिन के आखिर में राहत मिलेगी। कुम्भ आज कुछ नया सोचने या बदलने का मन करेगा। पुराने काम से ऊब महसूस हो सकती है। किसी दोस्त या जान-पहचान वाले से मदद मिल सकती है। बाहर जाने या छोटी यात्रा का योग बन सकता है। खर्च थोड़ा बढ़ेगा, लेकिन जरूरी काम पर होगा। कन्या आज काम और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ी रहेंगी। टालमटोल करने से दबाव और बढ़ सकता है। परिवार में आपकी राय को महत्व मिलेगा। सेहत में हल्की थकान या शरीर भारी लग सकता है, खुद को आराम दें। दिन मेहनत भरा लेकिन संभलने वाला रहेगा। वृश्चिक आज ध्यान भटकने वाला दिन है। काम करते वक्त मन इधर-उधर जाएगा। किसी दोस्त या परिचित की परेशानी में साथ देना पड़ सकता है। पैसों के मामले में जोखिम से बचें। शाम को मन थोड़ा बेहतर होगा और तनाव कम होगा। मीन आज मन शांत और स्थिर रहेगा। चीजों को लेकर ज्यादा सोचने का मन नहीं करेगा। रिश्तों में अपनापन महसूस होगा। काम धीरे चलेगा, लेकिन तनाव नहीं रहेगा। कोई छोटी-सी खुशी या अच्छी खबर दिन बना सकती है।

क्या बढ़ता दबाव बना वजह? विपक्ष से संवाद को तैयार हुए पीएम शहबाज

इस्लामाबाद  पाकिस्तान की सियासत फिर करवट ले रही है। लामबंद विपक्ष ने एक मंच से सरकार की नाकामियां गिनाईं और सरकार के खिलाफ आगामी साल 8 फरवरी को 'ब्लैक डे' मनाने का ऐलान किया। इस फैसले के सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर छाते ही हुक्मरान थोड़ा असहज हो गए। पहले रसूखदार मंत्री, इमरान खान को लेकर बात न करने का संकल्प ले रहे थे, तो अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्पष्ट कह दिया कि वे बातचीत को तैयार हैं। शरीफ ने मंगलवार को कहा कि वह विपक्ष के साथ बातचीत के अपने प्रस्ताव को दोहरा रहे हैं। साथ ही, इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत केवल "वैध मामलों" पर ही आगे बढ़ सकती है।  दरअसल, 21 दिसंबर को, विपक्षी गठबंधन तहरीक तहफ्फुज आईन-ए-पाकिस्तान (टीटीएपी) द्वारा आयोजित एक "राष्ट्रीय सम्मेलन" के दूसरे और आखिरी दिन, प्रतिभागियों ने सरकार की नाकामियां गिनाईं, अर्थव्यवस्था की बदहाली का ब्योरा दिया और चरमराई कानून व्यवस्था का हवाला दिया। 8 फरवरी 2023 में जो सरकार चुनी गई उसकी वैधता पर भी सवाल खड़े किए और इसकी बरसी को ही 8 फरवरी 2026 में मनाने का फैसला लिया। इस दौरान कुछ दलों ने आवाम की बेहतरी के लिए संवाद कायम करने की भी बात कही थी। प्रधानमंत्री का यह प्रस्ताव इस्लामाबाद में एक संघीय कैबिनेट बैठक के दौरान दिया गया, जहां उन्होंने विपक्ष की पीटीआई (पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ) और उसके "साथियों द्वारा बातचीत के बारे में बात करने" की खबरों का जिक्र किया। यहां शरीफ याद दिलाना नहीं भूले कि उन्होंने पहले भी "कई मौकों पर ऐसी पेशकश की है, जिसमें असेंबली भी शामिल है, और विपक्ष को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था।" उन्होंने कहा, "अगर वे इसके लिए तैयार हैं, तो पाकिस्तान सरकार निश्चित रूप से तैयार है," और कहा कि देश की प्रगति और समृद्धि के लिए सभी राजनीतिक दलों के बीच सद्भाव जरूरी है। शरीफ ने इसके साथ ही कहा कि बातचीत की आड़ में कोई "ब्लैकमेलिंग" नहीं होनी चाहिए और बातचीत केवल "वैध मामलों " को लेकर ही आगे बढ़ सकती है। विपक्षी दलों के सम्मेलन में टीटीएपी का मानना ​​था कि मौजूदा राष्ट्रीय संकट को देखते हुए, देश को पहले से कहीं ज्यादा एक नए लोकतंत्र चार्टर की जरूरत है। सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत की जरूरत पर जोर दिया गया है क्योंकि पाकिस्तान राजनीतिक और आर्थिक संकटों का सामना कर रहा है। वहीं, शरीफ की बैठक में कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने सहिष्णुता और बातचीत पर आधारित एक नए राष्ट्रीय राजनीतिक चार्टर का आग्रह किया, जबकि पीएम के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक स्थिरता केवल संयम, आपसी सम्मान और निरंतर बातचीत से ही हासिल की जा सकती है। डॉन के अनुसार, ऐसा नहीं है कि सरकार की ये पहली पेशकश है। एक साल से ज्यादा समय तक बढ़े तनाव के बाद, दोनों पक्षों ने राजनीतिक माहौल को शांत करने के लिए दिसंबर 2024 के आखिरी सप्ताह में बातचीत शुरू की थी। लेकिन हफ्तों की बातचीत के बावजूद, बातचीत की प्रक्रिया बड़े मुद्दों पर अटक गई थी। मुद्दा 9 मई, 2023 और 26 नवंबर, 2024 के विरोध प्रदर्शनों की जांच के लिए दो न्यायिक आयोगों का गठन और पीटीआई कैदियों की रिहाई था। शहबाज सरकार ने इस साल फरवरी में एक बार फिर विपक्षी दल पीटीआई को बातचीत का प्रस्ताव दिया था। इसे इमरान खान की पार्टी ने ठुकरा दिया था। पार्टी नेता असद कैसर ने सरकार के दोहरे चरित्र पर सवाल खड़े किए थे और पूछा कि वे सरकार के साथ बातचीत कैसे कर सकते हैं, जब शासकों ने पीटीआई पर कार्रवाई तेज कर दी है। नेशनल असेंबली के स्पीकर सादिक ने 13 नवंबर को सरकार और विपक्षी पार्टियों के बीच बातचीत कराने के लिए अपने प्रस्ताव को दोहराया था। लेकिन तब प्रस्ताव की 'टाइमिंग' पर सवाल उठे थे। उस समय पीटीआई सदस्य 27वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित होने के दौरान असेंबली में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। 6 दिसंबर को, पीटीआई समर्थित सांसद ने सीनेट में कानून के शासन की कमी और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकातों पर बिना बताए प्रतिबंध की निंदा की। कथित तौर पर सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव दिया जिसे सिरे से खारिज कर दिया गया। मंगलवार की बैठक में प्रधान मंत्री के सलाहकार ने कहा कि "जिनसे वे (पीटीआई) बातचीत करना चाहते हैं, वे उनसे बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।" यहां "जिनसे" से मतलब आसिम मुनीर की सेना से है। मतलब स्पष्ट है कि पाकिस्तान की डोर अब भी आईएसआई और सेना के हाथ में है और सरकार दिखावे की ओट में बातचीत का प्रस्ताव दे रही है। जानते वो भी हैं कि जिस रास्ते पर पाकिस्तान चल पड़ा है वहां संवाद का कोई अर्थ नहीं रह गया है। खौफ है तो सत्ता के हाथ से चले जाने का। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है, मानवाधिकार संगठन भी मुखर हैं ऐसे में ये इमेज बचाने की कोशिश भी हो सकती है।  

गैस सिलेंडर पर नई आफत! पंजाब में अगले 7 दिन तक उपभोक्ताओं को झटका

लुधियाना सर्दियों के सीजन में घरेलू गैस सिलैंडरों की किल्लत पिछले डेढ़ महीने से बनी हुई है। इंडेन और हिंदुस्तान पैट्रोलियम गैस कम्पनियों के अधिकांश डीलर अपने उपभोक्ताओं को फोन कर माफी मांगते हुए बता रहे हैं कि अगले 7 दिन तक गैस सिलैंडर की सप्लाई संभव नहीं है। डीलरों ने बताया कि सर्दियों में रसोई गैस की मांग बढ़ जाने के कारण उन्हें लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बुकिंग करने के बाद कई बार उपभोक्ताओं को 5 से 7 दिन तक सिलैंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके पीछे कम्पनी अधिकारियों की तैयारी और समय पर प्लांट की मैंटीनैंस में देरी को मुख्य कारण माना जा रहा है। गैस एजैंसियों के कर्मचारियों और डिलीवरी स्टाफ ने कहा कि कई बार लोड (सिलैंडरों से भरे ट्रक) केवल 2 दिनों के अंतराल पर मिल रहे हैं, जिससे एजैंसी संचालन प्रभावित हो रहा है। घने कोहरे और मौसम की कठिनाई भी सप्लाई में देरी का एक और कारण बन रहे हैं। सेल्स अधिकारियों का दावा : इंडेन गैस कम्पनी के सेल्स अधिकारी अर्जुन कुमार और गौरव जोशी ने कहा कि केवल कुछ एजैंसियों में 3-4 दिनों का बैकलॉग है और जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पैनिक न हों।  

दिल्ली की दमघोंटू हवा पर LG की CM केजरीवाल को चिट्ठी, बोले– हालात भयावह, जिम्मेदारी आपकी

नई दिल्ली  दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। उपराज्यपाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति सिर्फ नकारात्मकता और तथ्यहीन प्रोपेगेंडा पर आधारित है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को अरविंद केजरीवाल लिखे पत्र में 56 बिंदुओं को रखा। इसमें उन्होंने प्रदूषण के मुद्दे को केजरीवाल की बड़ी बेपरवाही बताया। उपराज्यपाल ने अरविंद केजरीवाल के साथ अपनी बातचीत का खुलासा किया। उन्होंने पत्र में लिखा, "मैं मेरे और आपके (अरविंद केजरीवाल) बीच नवंबर-दिसंबर 2022 में हुई चर्चा की तरफ आकर्षित करना चाहूंगा। गंभीर वायु प्रदूषण के बीच मैंने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था। पंजाब के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र की प्रति आपको भी भेजी थी। जब मैंने आपसे इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए इसके समाधान के लिए निर्णायक कदम उठाने को कहा, तो आपने मुझसे कहा था, 'सर, यह हर साल होता है, 15-20 दिन मीडिया इसको उठाती है। एक्टिविस्ट और अदालतें इसका मुद्दा बनाते हैं और फिर सब भूल जाते हैं। आप भी इस पर ज्यादा ध्यान मत दीजिए।' अब इससे अधिक दोहरा रवैया क्या होगा ?" पत्र में उपराज्यपाल ने लिखा, "यह लगभग 11 साल की आपकी सरकार की अकर्मण्यता ही थी, जिसके कारण दिल्ली आज इस भयानक आपदा से गुजर रही है। आपने बहुत आसानी से और बहुत ही कम खर्च में, कम से कम दिल्ली की धूल भरी सड़कों की मरम्मत ही करवा दी होती। फुटपाथ और किनारों को कवर करवा दिया होता, तो धूल से उत्पन्न प्रदूषण से दिल्ली को निजात मिल जाती, लेकिन आपने ऐसा जान बूझकर नहीं किया।" वीके सक्सेना ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने पड़ोसी राज्यों और भारत सरकार के साथ टकराव के बजाय अगर आपने समन्वय से काम किया होता, तो दिल्ली आज वायु प्रदूषण की इस आपदा से नहीं गुजर रही होती। अफसोस है कि आपने दिल्ली के लिए कुछ नहीं किया। उपराज्यपाल ने लिखा, "मुझे आप (केजरीवाल) और आपके सहयोगी निरंतर अपशब्द कहते रहे हैं, क्योंकि मैं दिल्ली के लोगों के हित में काम करता हूं। मेरे काम करने से अगर आपकी अकर्मण्यता उभरकर लोगों के सामने आई है, तो इसमें मेरा कोई दोष नहीं है। अगर काम करने के एवज में किसी को गालियां दी जाने लगें, तो आप स्वयं विचार करें कि काम न करने वाले लोग क्या डिजर्व करते हैं।"

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को जमानत, आजीवन कारावास पर स्टे

उन्नाव  दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 के उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए उसे जमानत दे दी है। हालांकि, पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में सजायाफ्ता होने के कारण कुलदीप सेंगर जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने मंगलवार को अपने फैसले में कुलदीप सेंगर की सजा को उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान निलंबित किया है। पेंडिंग अपील में ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें उन्हें 17 साल की लड़की के रेप के लिए दोषी ठहराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी और 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने कई शर्तें लगाई हैं। जमानत के लिए कुलदीप सेंगर को 15 लाख रुपए का मुचलका भी देना होगा। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब तक निचली अदालत के दोषी ठहराने के खिलाफ दाखिल अपील पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक जमानत बरकरार रहेगी। हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को आदेश दिया कि वह पीड़िता के 5 किलोमीटर के दायरे में न आए और जमानत की अवधि के दौरान दिल्ली में ही रहे। उसे हर सोमवार को पुलिस को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। पूर्व विधायक को जमानत के साथ अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने और पीड़िता को कोई धमकी न देने की शर्तें भी रखी गई हैं। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा, "किसी भी शर्त का उल्लंघन करने पर जमानत रद्द कर दी जाएगी।" 2017 में उन्नाव की एक नाबालिग ने पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर पर अपहरण और रेप करने का आरोप लगाया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में सेंगर की गिरफ्तारी हुई थी। अगस्त 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले से जुड़े चार मामलों को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया और आदेश दिया कि इसकी सुनवाई प्रतिदिन के आधार पर की जाए और 45 दिनों के भीतर पूरी की जाए। दिसंबर 2019 में, निचली अदालत ने सेंगर को बलात्कार मामले में दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

ड्रग तस्करों पर शिकंजा: यूपी से सप्लाई हो रही 90 लाख की हेरोइन नारकोटिक्स सेल ने पकड़ी

यमुनानगर उत्तर प्रदेश बॉर्डर से हरियाणा के यमुनानगर जिले में नशे की बड़ी खेत को यमुनानगर एंटी नाकोटिकस सेल की टीम ने पकड़ा है। पकड़ी गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 80 लाख रुपए है। दोनों नशा तस्कर उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। यमुनानगर एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने 810 ग्राम हेरोइन के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 90 लाख है।  एंटी नाकोटिक्स सेल की टीम को सूचना मिली थी कि नशा तस्कर यमुनानगर में नशे की बड़ी खेप लेकर आ रहा है। टीम ने नशा तस्कर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और एक नशा तस्कर रजनीश को यमुनानगर रेलवे स्टेशन के पास से 810 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने जब नशा तस्कर रजनीश से सख़्ती से पूछताछ की तो उसने कहा कि यह हेरोइन सहारनपुर में सुफियान के पास सप्लाई करनी थी। डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि दोनों नशा तस्कर की क्राइम कुंडली खँगाली जाएगी और संबंधित थाने से इनका रिकॉर्ड भी लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुफियान सहारनपुर जिले का रहने वाला है जबकि रजनीश बरेली जिले का है। इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की सप्लाई करना। ऐसे में कई बड़े सवाल खड़ा करता है। पुलिस को पूछताछ में अब यह पता लगाना है कि पकड़ी गई हेरोइन कहां सप्लाई करनी थी और इनके तार किन नशा तस्करों से जुड़े हैं। और यह नशा तस्करी कब से कर रहे थे।

एक बयान और विवादों में नवजोत सिद्धू, क्या फिर छिड़ेगी राजनीतिक जंग?

अमृतसर  पंजाब की राजनीति में अपने साफ अंदाज के लिए जाने जाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया है। सिद्धू ने साफ कहा कि वह कबूतर की तरह नहीं, बल्कि बाज की तरह जीते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे पलटना आता है, मुझे झपट्टा मारना भी आता है और झपट्टा मारने के बाद पलटना मेरी आदत है।’ इस बयान को उनके राजनीतिक विरोधियों को सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू ने यह भी कहा कि वह किसी के दबाव में नहीं झुकने वाले हैं, न ही किसी से डरते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सच्चाई, हिम्मत और बहादुरी पर आधारित है। सिद्धू के बयान के बाद पंजाब की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि सिद्धू का बयान आने वाले समय में कांग्रेस की राजनीति और पंजाब के राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। उनके समर्थक इस बयान से उत्साहित हैं, जबकि उनके विरोधी इसे सिर्फ बयानबाजी बताकर खारिज कर रहे हैं। 

मध्‍यप्रदेश पुलिस ने विगत एक सप्ताह में लूट व चोरी की बड़ी वारदातों का किया खुलासा

68 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति बरामद भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लूट, चोरी तथा संगठित अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाइयाँ की गई हैं। हैं। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने त्वरित विवेचना, तकनीकी विश्लेषण एवं सशक्त मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपियों को गिरफ्तार कर 68 लाख रूपए से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की है। जिलेवार प्रमुख कार्रवाइयाँ सीहोर थाना शाहगंज पुलिस ने बिजली कंपनी से चोरी हुए लोहे के पोल और पाइप बरामद कर 90 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की। इसी प्रकार थाना जावर पुलिस ने ग्राम कजलास की चोरी का खुलासा करते हुए 30 तोला सोना, 3 किलो चांदी और 2 लाख रूपए नगद सहित लगभग 48 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। ग्वालियर थाना कम्पू पुलिस ने शराब कारोबारी के मुनीम से हुई लूट की घटना का खुलासा कर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने लूटी गई 1 लाख 70 हजार रूपए की राशि और घटना में प्रयुक्त कार जब्‍त की। विदिशा थाना कोतवाली पुलिस ने दुकान में चोरी के प्रकरण में एक आरोपी एवं एक विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया। टीम ने 11 बैटरियाँ, एक ऑटो समेत 2 लाख 64 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की। इसके अतिरिक्‍त शहर के राम जानकी मंदिर, शंकर नगर और मुखर्जी नगर क्षेत्रों में हुई चोरियों का भी खुलासा किया गया। 130 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और पूछताछ के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चांदी के आभूषण, नगदी और मोटरसाइकिल सहित कुल 3 लाख 75 हजार की संपत्ति जब्‍त की है। टीकमगढ़ थाना बमोरीकला पुलिस ने मात्र 24 घंटे में चोरी की वारदात का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा 4 लाख 54 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की। बुरहानपुर थाना नेपानगर पुलिस ने बिजली के एल्युमिनियम तार चोरी करने वाले शातिर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से 2 लाख 50 हजार रूपए के तार और घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार सहित कुल 6 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जप्त की है। इन सभी कार्रवाहियों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। पुलिस की सक्रियता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई के कारण आमजन की सुरक्षा और संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

प्रदेश प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में देश में छठवें स्थान पर

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अब तक 9508 मेगावॉट क्षमता हासिल की जा चुकी है। भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 में 5.72 लाख रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में मध्यप्रदेश देश में छठवें स्थान पर है। इसमें अब तक 76 हजार घरों पर 292 मेगावॉट के सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किये जा चुके हैं। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने यह बात मध्यप्रदेश सरकार के विकास और सेवा के 2 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में कही। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में विगत 2 वर्ष बेमिसाल रहे हैं। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति-2022 एवं यथा पुनरीक्षित मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा नीति-2025 लागू की है। मध्यप्रदेश में बॉयो-फ्यूल प्रोजेक्ट एवं पम्पड् हाइड्रो स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिये मध्यप्रदेश बॉयो-फ्यूल क्रियान्वयन स्कीम-2025, मध्यप्रदेश पम्पड् हाइड्रो स्टोरेज क्रियान्वयन स्कीम-2025 लागू की गई। प्रदेश में आगर-शाजापुर-नीमच में 1045 मेगावॉट क्षमता का सौर पार्क स्थापित किया गया है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर में विश्व की सबसे बड़ी 278 मेगावॉट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्थापित की गई। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के वर्ष 2030 में 500 गीगावॉट के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर कार्य कर आगे बढ़ रहा है। आगर में 550 मेगावॉट का सोलर पार्क और शाजापुर में 450 मेगावॉट का सोलर पार्क स्थापित किया जा चुका है। नीमच में 500 मेगावॉट के सोलर पार्क की स्थापना का कार्य प्रगतिरत है। प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा-अभियान घटक (स) अंतर्गत 14 हजार 500 मेगावॉट के 550 प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें 4 हजार 500 मेगावॉट का क्रियान्वयन भी शुरू हो गया है। मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में ग्रिड प्रबंधन व दिन के समय सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिये अनेक नवाचार किये जा रहे हैं। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसान अन्नदाता होने के साथ अब ऊर्जादाता भी बन रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा-अभियान घटक-ब (पीएम कृषक मित्र योजना) में अब तक 21 हजार 129 किसानों को लाभान्वित कर सोलर पम्प स्थापित किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि समस्त पात्र किसानों को आगामी 3 वर्षों में सोलर पम्प से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में 50 हजार सोलर पम्प स्थापनाधीन हैं। मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के समस्त शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के 47 जिलों के 1500 शासकीय भवनों पर 70 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट स्थापित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा-अभियान (पीएम जन-मन) में अब घर अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए 2060 पीवीटीजी घरों में सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किये जाने का कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महा-अभियान घटक-अ में प्रदेश में 1790 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना का कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए ऊर्जा भण्डारण के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है। इस दिशा में मुरैना सोलर पॉवर प्लस स्टोरेज प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण है। इस प्रोजेक्ट में 440 मेगावॉट की ऊर्जा क्षमता हासिल की जायेगी। यह प्रदेश की प्रथम ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इसमें प्राप्त होने वाली प्रति यूनिट दर देश में सबसे कम ऐतिहासिक रूप से मात्र 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट है। पत्रकार वार्ता में अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव और एमडी ऊर्जा विकास निगम श्री अमनबीर सिंह बैंस ने भी पत्रकारों के सवालों के जवाब दिये।  

मेडिकल एजुकेशन में नई क्रांति: धार में बना देश का पहला PPP मॉडल मेडिकल कॉलेज

धार देश के पहले पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) माडल के मेडिकल कालेज का भूमि पूजन मंगलवार को धार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि धार का यह मेडिकल कालेज देश में अपनी तरह का पहला संस्थान है, जो निजी जन-भागीदारी से बनाया जा रहा है। यह केवल एक भवन नहीं होगा, बल्कि यहां से तैयार होकर एमबीबीएस डॉक्टर गांव-गांव तक सेवाएं देंगे। चिकित्सा विशेषज्ञों की चिंता चिकित्सा विशेषज्ञों की चिंता यही है कि अधिक से अधिक मेडिकल कालेज खोलने के चक्कर में मेडिकल कालेजों की स्थिति भी इंजीनियरिंग और नर्सिंग कॉलेजों जैसी न हो जाए। गुणवत्ता के लिए सबसे जरूरी फैकल्टी (प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक) हैं, पर इस वर्ष प्रारंभ हुए श्योपुर और सिंगरौली मेडिकल कालेज मात्र 10 प्रतिशत फैकल्टी के सहारे चल रहे हैं।   116 पदों में से 12 ही पदस्थ फैकल्टी की कमी से नुकसान मात्र विद्यार्थियों का ही नहीं बल्कि मरीजों को भी उठाना पड़ रहा है। मेडिकल कालेज के नाम पर आसपास के जिला अस्पतालों से रोगियों को मेडिकल कालेज रेफर किया जाता है, पर सुविधाओं के अभाव में उन्हें उचित उपचार नहीं मिल पाता है। फैकल्टी की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिंगरौली में फैकल्टी के 116 पदों में से 12 यानी 10 प्रतिशत ही पदस्थ हैं।