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खराब फॉर्म के बावजूद सूर्या और शुभमन सुरक्षित, उपकप्तान की छुट्टी क्यों? कैफ ने बताई असली वजह

नई दिल्ली  पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम को लेकर बात की, जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव बहुत खराब फॉर्म के बावजूद बरकरार हैं, जबकि उपकप्तान शुभमन गिल का पत्ता साफ हो गया है। मोहम्मद कैफ का कहना है कि मैच विजेता खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव की तुलना शुभमन गिल से नहीं होनी चाहिए। कैफ ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई और सिलेक्टर्स के फैसले का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने उपकप्तान शुभमन गिल को टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम से बाहर रखा। मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि इस फॉर्मेट में सूर्यकुमार के पिछले प्रभुत्व ने उन्हें विस्तारित समर्थन दिलाया, कुछ ऐसा जो गिल अभी भी हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। कैफ ने कहा, “गिल और सूर्या के केस में फर्क है। सूर्या T20s में एक प्रूवन मैच-विनर रहे हैं। वह ICC रैंकिंग में टॉप पर रहे हैं और उन्होंने मैच भी जिताए हैं। हम यहां दोनों की तुलना नहीं कर सकते। गिल को इंडियन टीम में इस फॉर्मेट में खुद को साबित करना था।” उन्होंने आगे विराट कोहली का उदाहरण दिया और कहा, "कोहली का उदाहरण लें, उन्होंने COVID के दौरान उन दो सालों में बहुत रन नहीं बनाए, लेकिन क्योंकि उनका पिछला रिकॉर्ड बहुत अच्छा था और वे लगभग 10 साल तक मैच विनर रहे, तो आपने उनकी रेप्युटेशन पर उनका साथ दिया और वे उस फेज से बाहर निकलकर फिर से रन बनाने लगे। सूर्या भी इसी कैटेगरी में हैं। गिल इस फॉर्मेट में सूर्या के आस-पास भी नहीं हैं। यह कहना कि अगर वे फॉर्म में नहीं हैं तो दोनों को हटा देना चाहिए, यह सही नहीं है। सूर्या ने यह कमाया है।" सूर्या को लेकर एक सवाल है… हालांकि, मोहम्मद कैफ ने कहा है कि सवाल यह है कि वह इस दौर से कैसे निकल सकते हैं? पूरे साल में उनसे टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक अर्धशतक तक नहीं निकला। क्रिकेटर से कमेंटेटर बने कैफ ने माना है कि कप्तानी सूर्यकुमार पर ज्यादा प्रेशर डालकर उनके परफॉर्मेंस पर बुरा असर डाल रही है। कैफ ने कहा, "उसे ड्रॉप नहीं किया जा सकता। सूर्या के मामले में, उसे सपोर्ट करना होगा। आपको इस बात पर फोकस करना होगा कि वह कहां गलतियां कर रहे हैं और वह स्कोर क्यों नहीं कर पा रहा हैं? क्या कैप्टेंसी वजह है? क्या उस पर प्रेशर पड़ रहा है? यही सवाल है।"  

नाइट क्लब में चल रही थी रेव पार्टी, गुरुग्राम से 16 नाइजीरियाई समेत 18 अरेस्ट, महिलाओं की भी गिरफ्तारी

गुरुग्राम  गुरुग्राम पुलिस ने सोमवार को बेहल्पा गांव के एक फार्महाउस पर छापा मारकर 16 नाइजीरियाई नागरिकों समेत 18 लोगों को रेव पार्टी करते हुए गिरफ्तार कर लिया। ये लोग वहां बिना लाइसेंस के अवैध रूप से शराब परोस रहे थे और जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने मौके से करीब 5 लाख रुपये की महंगी शराब और 32 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पकड़े गए विदेशी दिल्ली और फरीदाबाद में रह रहे थे। मामले की विस्तृत जांच जारी है। गुरुग्राम पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बेहल्पा गांव के पास स्थित 'एलिगेंट फार्म हाउस' में एक रेव पार्टी चल रही है। फार्म हाउस में बिना अनुमति के शराब परोसी जा रही है और जुआ खेला जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने मौके पर छापा मारा जहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। पुलिस ने नाइजीरियाई मूल के 16 नागरिकों सहित कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। डीसीपी दक्षिण हितेश यादव ने बताया कि पार्टी में बिना किसी कानूनी लाइसेंस के महंगी विदेशी शराब परोसी जा रही थी। इसमें कई लोग जुए की मेज पर दांव लगा रहे थे। रेड के दौरान पुलिस ने मौके से करीब तीन लाख 20 हजार रुपये कैश बरामद किया। मौके से 24 पेटी महंगी विदेशी शराब और 16 पेटी बीयर जब्त की गई। इसकी कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई जा रही है। छापे के दौरान ताश की गड्डियां और डीजे सिस्टम भी कब्जे में लिया गया है। महिलाओं समेत पकड़े गए विदेशी नागरिक दिल्ली के महरौली, साकेत और द्वारका जैसे इलाकों में रह रहे थे। वे अपने वैध पासपोर्ट और वीजा दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। पुलिस ने इनके खिलाफ विदेशी अधिनियम, आबकारी अधिनियम और जुआ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार विदेशियों को जल्द उनके देश डिपोर्ट कर दिया जाएगा। पकड़े गए अन्य आरोपियों में दो बाउंसर भी हैं। पुलिस फार्म हाउस के मालिक और मैनेजर की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि वह नए साल और क्रिसमस के मद्देनजर सभी फार्म हाउसों पर पैनी नजर रख रही है। पुलिस ने साफ किया कि अवैध शराब, नशीले पदार्थ या बिना अनुमति के होने वाली पार्टियों पर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी।  

खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा: श्रेयशी सिंह ने जिले में नए क्रिकेट स्टेडियम की घोषणा की

दरभंगा दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में आयोजित काजी मौलाना मुजाहिद उल इस्लाम मेमोरियल जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 का फाइनल मुकाबला भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। फाइनल मैच का उद्घाटन बिहार सरकार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयशी सिंह ने किया। दरभंगा पहुंचने पर पूर्व मंत्री सह जाले विधायक डॉ. जीवेश कुमार मिश्रा सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने खेल मंत्री का मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, चादर और मखाना की माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर खेल मंत्री ने जाले की जनता को एक बड़ी सौगात देते हुए अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हम जाले की पावन धरती से यह घोषणा करते हैं कि यहां एक अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।” मंत्री की इस घोषणा के साथ ही पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और जाले विधानसभा क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल मंत्री की मौजूदगी में खेले गए फाइनल मुकाबले में मोतिहारी और समस्तीपुर की टीमें आमने-सामने थीं। मुकाबले में मोतिहारी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समस्तीपुर को 28 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। मोतिहारी की टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलित और प्रभावी खेल का प्रदर्शन किया। वहीं समस्तीपुर की टीम अंत तक संघर्ष करती रही और मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। फाइनल मैच के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयशी सिंह एवं पूर्व मंत्री सह जाले विधायक डॉ. जीवेश कुमार मिश्रा मौजूद रहे। दोनों अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया और सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति की जमकर सराहना की। टूर्नामेंट का समापन समारोह अत्यंत उत्साह और उमंग के माहौल में संपन्न हुआ। खिलाड़ियों, दर्शकों और आयोजकों के सामूहिक प्रयास से यह प्रतियोगिता यादगार बन गई। वहीं जाले में क्रिकेट स्टेडियम निर्माण की घोषणा ने इस आयोजन की खुशियों को दोगुना कर दिया है।

दीपू चंद्र दास की हत्या पर उठा वैश्विक सवाल, UN तक गूंजा बांग्लादेश की हिंसा का मुद्दा

ढाका  संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या और हिंसा की अन्य घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को दैनिक प्रेस वार्ता में कहा, 'हां, बांग्लादेश में हमने जो हिंसा देखी है उससे हम बहुत चिंतित हैं।' वे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों, विशेष रूप से पिछले कुछ दिनों में हिंदुओं की पीट-पीट कर की गई हत्याओं की घटनाओं पर महासचिव की प्रतिक्रिया से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।   उन्होंने कहा, 'चाहे बांग्लादेश हो या कोई अन्य देश, इस बात की जरूरत है कि ऐसे लोग जो 'बहुसंख्यक' वर्ग से बाहर हैं वे सुरक्षित महसूस करें और सभी बांग्लादेशी सुरक्षित महसूस करें। हमें विश्वास है कि सरकार प्रत्येक बांग्लादेशी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।' पिछले सप्ताह बलुका में ईशनिंदा के आरोप में कपड़ा कारखाने में काम करने वाले श्रमिक दीपू चंद्र दास (25) की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और उसके शव को आग लगा दी। दास की हत्या के सिलसिले में रविवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। समाचारपत्र ‘डेली स्टार’ ने पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) के सूत्रों के हवाले से बताया कि इन गिरफ्तारियों के साथ अब तक हत्या में कथित संलिप्तता के आरोप में 12 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने कहा है कि वह बांग्लादेश में पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों के नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या से बेहद चिंतित हैं। हादी को कुछ दिन पूर्व बदमाशों ने गोली मार दी थी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी। टर्क ने शांति बनाए रखने और सभी से हिंसा से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा, 'प्रतिशोध केवल विभाजन को गहरा करेंगे और सभी के अधिकारों को कमजोर करेंगे।' उन्होंने कहा, 'मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे हादी की मौत का कारण बने हमले की शीघ्र, निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी तरीके से जांच करें और घटना के जिम्मेदार लोगों के लिए उचित प्रक्रिया और जवाबदेही सुनिश्चित करें।' देश में फरवरी में संसदीय चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में टर्क ने कहा कि एक ऐसा वातावरण सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है जिसमें सभी व्यक्ति शांतिपूर्ण ढंग से भाग ले सकें और स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें। टर्क ने कहा, 'मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे इस नाजुक समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और पत्रकारों की सुरक्षा के अधिकारों को बरकरार रखें और किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकें।'  

25 दिसंबर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट 25 दिसंबर को ग्वालियर में, केंद्रीय गृह मंत्री शाह होंगे शामिल निवेश से रोजगार का अटल संकल्प, विकास की नई दिशा ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सहभागिता और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उनके विकासवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को समर्पित रहेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की दूरदर्शी विकास दृष्टि से प्रेरित यह समिट ‘निवेश से रोजगार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश’ की थीम पर आधारित है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में बीते दो वर्षों के दौरान हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोजगार सृजन के ठोस एवं धरातलीय परिणामों से नागरिकों को अवगत कराना तथा भविष्य की औद्योगिक प्राथमिकताओं और विकास के स्पष्ट रोडमैप को साझा करना है। इस राज्य स्तरीय आयोजन में लगभग एक लाख लाभार्थियों की सहभागिता अपेक्षित है। समिट के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट एवं विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेश आयोजनों के माध्यम से प्राप्त दो लाख करोड़ रु. से अधिक के निवेश प्रस्तावों से जुड़ी परियोजनाओं का भूमि-पूजन, दस हजार करोड़ रु. से अधिक की पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन तथा आशय-पत्रों का वितरण किया जाएगा। साथ ही निवेश प्रस्तावों से जुड़े लाभार्थियों का सम्मान तथा रोजगार-केंद्रित पहलों का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से रोजगार प्राप्त युवाओं, सफल लाभार्थियों और महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश सामने आए। औद्योगिक सुधार और नवाचार के अंतर्गत विशेष औद्योगिक क्षेत्र का शुभारंभ, एक क्लिक प्रोत्साहन वितरण प्रणाली की शुरुआत, नए औद्योगिक क्लस्टरों तथा प्लग-एंड-प्ले इकाइयों का उद्घाटन किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा। प्रदेश सरकार की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक विस्तृत प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें औद्योगिक सुधारों, नीतिगत नवाचारों, निवेश प्रोत्साहन, अधोसंरचना विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को प्रभावी एवं दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जिला स्तर पर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की उपलब्धियों को भी इस मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर एक विशेष स्मृति प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आधारभूत संरचना विकास, औद्योगिक दृष्टि और सुशासन से जुड़े ऐतिहासिक योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी अटल जी के विचारों से प्रेरित वर्तमान मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को रेखांकित करेगी। समिट में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश-अनुकूल नीतियाँ, सिंगल विंडो प्रणाली, भूमि एवं अधोसंरचना उपलब्धता तथा MSME, स्टार्ट-अप, महिला उद्यमिता, युवा कौशल विकास और क्षेत्रीय औद्योगिक संभावनाओं से जुड़े अवसरों को दर्शाने वाली थीमेटिक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में उद्योग जगत के प्रमुख निवेशक, औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि, महिला एवं युवा उद्यमी, लाभार्थी समूह तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सहभागिता करेंगे। अटल जयंती के अवसर पर आयोजित यह राज्य स्तरीय आयोजन आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोजगार-समृद्ध मध्यप्रदेश की दिशा में प्रदेश के विकास संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।  

हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड की राख पर अस्थाई रोक हटाई, समीक्षा आवेदन के बाद निर्णय

जबलपुर  हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण से निकली राख की लैंडफिलिंग पर लगी रोक को अस्थाई रूप से वापस ले लिया है. लैंडफिलिंग पर लगाई गई रोक के आदेश पर समीक्षा करने सरकार की ओर से आवेदन दायर किया था. हाईकोर्ट जस्टिस विवेक कुमार सिंह व जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ ने आवेदन की सुनवाई करते हुए पूर्व में पारित आदेश के अनुसार आगे कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं. हाईकोर्ट ने लगाई थी लैंडफिलिंग पर रोक इस याचिका की सुनवाई 2004 में आलोक प्रताप सिंह द्वारा लगाई गई याचिका के साथ संयुक्त रूप से हो रही थी. 2004 में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रहा था. वहीं, सोमवार से पहले हुई कई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से कचरे की विनष्टीकरण की रिपोर्ट पेश करने को कहा था. इसके बाद रिपोर्ट देखकर हाईकोर्ट ने राख को घनी आबादी के पास लैंडफिल किए जाने पर रोक लगा दी थी. यूनियन कार्बाइड की राख पर हाईकोर्ट ने जताई थी चिंता 8 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट ने कहा था कि जहरीले राख की लैंडफिलिंग के आदेश के बावजूद सरकार ने दूसरे स्थान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी. सरकार द्वारा इंसानों की आबादी से सिर्फ 500 मीटर दूर लैंड फिलिंग का स्थान निर्धारित किया गया है. राख अभी भी जहरीली है और अगर इसे ठीक से नहीं रोका गया तो भूकंप जैसी किसी प्राकृतिक आपदा के कारण उसे रोकने वाला स्ट्रक्चर गिरने पर एक और आपदा हो सकती है. ऐसे में राज्य सरकार को राख ऐसी जगहों पर ले जाने की संभावना पर विचार करना चाहिए जो इंसानी बस्तियों, पेड़-पौधों और पानी के सोर्स से बहुत दूर हों. कंटेनमेंट सिस्टम टूट भी जाए, तो भी इसके बुरे असर बहुत कम हों. हालांकि, अगली सुनवाई में इसे लेकर सरकार ने अपनी ओर से तर्क रखे. दो महीने के अंदर पूरी करें विनष्टीकरण की प्रक्रिया : हाईकोर्ट सरकार की ओर से इस मामले में फिर दलील दी गई कि जहरीली राख को रोकने के लिए जो स्ट्रक्चर बनाया है, उसे सबसे मॉडर्न सुरक्षा तकनीक से बनाया गया है. शुरुआत में कोर्ट राज्य सरकार की ओर से दिए गए इस तर्क से सहमत नहीं था. हालांकि, सोमवार को राज्य सरकार द्वारा आदेश पर समीक्षा करने के आवेदन पर युगलपीठ ने राहत दे दी. हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि पूर्व में पारित आदेश को देखने व मामले के तथ्यातक पहलुओं पर विचार करने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे है कि 8 अक्टूबर 2025 के आदेश को अस्थाई रूप से स्थगित रखा जाए. राज्य सरकार को न्यायालय के द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की राय के अधीन दो माह की अवधि के अंदर पूर्व में पारित आदेशानुसार विनष्टीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी.

दर्दनाक हादसा: नूंह में अनियंत्रित कार की टक्कर से परिवार उजड़ा, 3 की जान गई

नूंह  फरीदाबाद से सटे नूंह जिले के होडल रोड पर सोमवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कार की टक्कर से बाइक सवार तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक फरार हो गया। मरने वाले तीनों लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा थाना सदर नूंह क्षेत्र में नायरा पेट्रोल पंप के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही बाइक में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान शाकिब (17), निजरवी (70) और यासनी (45) के रूप में हुई है। तीनों गांव अड़बर के निवासी बताए गए हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर सीएचसी नूंह के शवगृह में भिजवाया। हादसे के बाद कार चालक गाड़ी मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घटना सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हादसे से गांव अड़बर सहित आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।  

काग़ज़ों में मौत, हकीकत में ज़िंदगी: BHU में 12 साल बाद सामने आया हैरान करने वाला मामला

वाराणसी  बीएचयू में एक जीवित कर्मचारी के परिवार को पांच साल से ज्यादा समय तक पेंशन देने का प्रकरण सामने आया है। इसकी जानकारी भी तब हुई, जब कर्मचारी रमाशंकर राम की तरफ से कुलसचिव कार्यालय में शिकायत की गई। कर्मचारी की पारिवारिक पेंशन को आननफानन में रोकने के आदेश दिए गए। प्रशासन अब इस प्रकरण पर आगे की कार्यवाही की तैयारी कर रहा है। प्रकरण के मुताबिक एबी हॉस्टल कमच्छा में वरिष्ठ सहायक के रूप में कार्यरत रमाशंकर राम सामान्य प्रशासन में टाइपिस्ट और वित्त विभाग में कैशबुक में काम कर चुके थे। 2013 में रमाशंकर राम अचानक कहीं लापता हो गए। परिवार की तरफ से 19 मई 2013 को लंका थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सात साल के इंतजार के बाद बीएचयू की तरफ से कर्मचारी की पारिवारिक पेंशन शुरू कर दी गई। इस बीच नवंबर-2025 में अचानक कर्मचारी रमाशंकर राम लौट आए। कर्मचारी का कहना है कि 2007 के बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था और शरीर के बाएं हिस्से में लकवा मार गया था। इतने वर्ष वह कहां रहे इस संबंध में उन्हें कुछ याद नहीं। स्वास्थ्य सुधरा तो धीरे-धीरे याददाश्त लौटी और उन्हें पता चला कि उनकी पेंशन परिवार को दी जा रही है। उन्होंने बीएचयू के कुलसचिव कार्यालय में 7 नवंबर और 25 नवंबर को पत्र देकर अपनी दावेदारी का प्रमाण दिया। साथ ही पारिवारिक पेंशन बंद कर रिकवरी की मांग की। यह अजीबोगरीब प्रकरण सामने आने के बाद बीएचयू के सेवा पुस्तिका एवं निवृत्तिका अनुभाग की तरफ से 29 नवंबर को पारिवारिक पेंशन पर रोक लगाने संबंधी आदेश जारी किया गया है। हालांकि बीएचयू प्रशासन अब कर्मचारी के जीवित होने का प्रमाण खोज रहा है। सात साल तक प्रतीक्षा का प्रावधान कर्मचारी की गुमशुदगी और पेंशन संबंधी नियम पर पेंशन अनुभाग के एक अधिकारी ने बताया कि किसी कर्मचारी की गुमशुदगी पर नियमानुसार सात सात तक उसकी प्रतीक्षा की जाती है। इस अवधि के बाद पुलिस की रिपोर्ट और कोर्ट के आदेश पर उसे मृत मानते हुए परिवार की पेंशन शुरू की जाती है। लंबे समय तक गुमशुदा कर्मचारी को सेवानिवृत्ति देने का भी नियम है। रमाशंकर राम के प्रकरण में भी पुराने अभिलेख खंगाले जा रहे हैं।  

श्रीमती अनुराधा पाण्डेय प्रदेश संगठन सचिव मनोनीत

रायपुर  अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति के प्रदेश सांगठन सचिव लखेश्वर पाण्डेय जी की अनुशंसा पर समिति के नारिशक्ति प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती चित्रा तिवारी द्वारा श्रीमती अनुराधा पाण्डेय जी को नारिशक्ति प्रकोष्ठ, प्रदेश संगठन सचिव के पद पर मनोनीत किया एवं नारिशक्ति प्रकोष्ठ दुर्ग संभाग के प्रभार दिया गया है। समिति को विश्वास है कि श्रीमती अनुराधा पाण्डेय अपने  अनुभव एवं समर्पण भाव से समाज हित में कार्य करते हुए संगठन को सशक्त बनाएंगी। श्रीमती पाण्डेय के मनोनयन पर संगठन के तामेश तिवारी, योगेश तिवारी,राजेंद्र तिवारी, मनोरमा त्रिपाठी साधना शुक्ला सुनीता तिवारी आदि  सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई प्रेषित किए।

सलाह के गोल से मिस्र ने जिम्बाब्वे को हराया

रबात (मोरक्को) स्टार स्ट्राइकर मोहम्मद सलाह के गोल की मदद से मिस्र ने जिम्बाब्वे को 2-1 से हराकर अफ्रीका कप ऑफ नेशंस फुटबॉल टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत की। विश्व रैंकिंग में 129वें स्थान की टीम जिम्बाब्वे ने मिस्र के सामने कड़ी चुनौती पेश की और एक समय वह मैच ड्रॉ कराने के करीब पहुंच गया था। ऐसे में सलाह में इंजरी टाइम में गोल करके मिस्र को जीत दिलाई। एक अन्य मैच में दक्षिण अफ्रीका ने अंगोला को 2-1 से हराया। यह दक्षिण अफ्रीका की अंगोला के खिलाफ पिछले छह मैचों में पहली जीत है। ⁠कैसाब्लांका में खेले गए एक अन्य मैच में पैटसन डाका ने स्टॉपेज टाइम में गोल किया जिससे जाम्बिया ने माली के खिलाफ मैच 1-1 से ड्रॉ कराया। मेजबान देश मोरक्को ने रविवार को कोमोरोस पर 2-0 से जीत हासिल की थी।