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मुख्यमंत्री ने कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में आयोजित 134वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के समापन पर छात्र-छात्राओं को दिया मूलमंत्र

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए इतिहास के गौरवशाली क्षणों से प्रेरणा लेना आवश्यक है। इतिहास की गलतियों का समय पर परिमार्जन होना चाहिए, तभी समाज प्रगति करता है। यदि कहीं त्रुटि हुई है तो उसे सुधार करना होगा और अच्छे कार्यों को जीवन की प्रेरणा बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी परंपराओं को पर्व-त्योहारों के माध्यम से संजोकर रखा है। देश में राजनीति अपना काम करती रही, लेकिन राजे रजवाड़ों और समाज के नेतृत्वकर्ताओं ने कभी हस्तक्षेप नहीं किया, बल्कि संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में योगदान दिया। मुख्यमंत्री योगी ने मंगलवार को कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में आयोजित 134वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री योगी ने की मार्च पास्ट की तारीफ मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मार्च पास्ट के दौरान विद्यार्थियों का अनुशासन, कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का जज्बा और समर्पण देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर आजाद हिंद फौज के नौजवान देश की आजादी के लिए स्वयं को समर्पित कर रहे हों। उन्होंने कहा कि यह प्रयास सराहनीय है और इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने कहा कि मैं इस अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा इस संस्था के पूर्व अध्यक्ष कुंवर आनंद सिंह को, जिनके साथ मैंने कई बार इस संस्था के उन्नयन के बारे में चर्चा की। आज वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं है, मैं उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। समाज को जोड़ने में शिक्षा संस्थानों की भूमिका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को तोड़ने वाले तत्व हमेशा मौजूद रहते हैं, लेकिन समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी शिक्षण संस्थानों की होती है। वर्ष 1889 में जब इस संस्थान की स्थापना हुई होगी, तब देश की परिस्थितियां कठिन रही होंगी। उसी कालखंड में वंदे मातरम् जैसे विचारों ने लोगों के मन में स्वतंत्रता की चेतना जगाई। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद भी गुलामी को स्थायी मान लिया गया था, लेकिन बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने उपन्यास आनंदमठ के माध्यम से वंदे मातरम् जैसी कालजयी रचना देश को दी। वर्ष 1896 में कांग्रेस के मंच से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसे स्वर दिए जाने के बाद यह आजादी के आंदोलन का मंत्र बन गया। भारत की विरासत पर आधारित हाउस प्रणाली की सराहना मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज द्वारा विद्यार्थियों के लिए अजंता, नालंदा, तक्षशिला, सांची और उज्जैन जैसे ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों के नाम पर हाउस बनाना भारत की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखने का उत्कृष्ट प्रयास है। तक्षशिला दुनिया के प्राचीनतम विश्वविद्यालयों में से एक रहा, जहां ढाई हजार वर्ष पहले ज्ञान, विज्ञान, आयुर्वेद और दर्शन की आधारशिला रखी गई। नालंदा की समृद्ध परंपरा, उज्जैन का खगोल ज्ञान और महाराज विक्रमादित्य का न्याय, अजंता और सांची की स्थापत्य विरासत आज भी भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक ऊंचाई का प्रमाण हैं। इन मूल्यों के आधार पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का प्रयास सराहनीय है। ऐतिहासिक उपलब्धियों से जुड़ा महत्वपूर्ण वर्ष मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, यह वर्ष देश के लिए अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियों से जुड़ा हुआ है। गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 350वीं जयंती, वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होना देश के गौरवपूर्ण इतिहास की स्मृति कराते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने का उत्सव केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश ने दीपावली के माध्यम से इसे अपनाया। होली सामाजिक समता का पर्व बनी। रामनवमी, जन्माष्टमी, शिवरात्रि और रक्षाबंधन जैसे पर्वों ने समाज को जोड़ने का कार्य किया। हमारे पूर्वजों ने इन पर्वों को परंपरा के रूप में संरक्षित कर पीढ़ियों तक आगे बढ़ाया। बच्चों को दिया सफलता का मूलमंत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन और परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। नियमित पढ़ाई के साथ किसी न किसी रचनात्मक गतिविधि से जुड़ना चाहिए। समय पर उठना, समय पर सोना और संयमित दिनचर्या स्वस्थ जीवन का आधार है। उन्होंने सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी और कहा कि आधे घंटे से अधिक समय तक इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल न करें। भाषा व ज्ञान का विकास समाचार पत्रों और अच्छी पुस्तकों के अध्ययन से होता है, इसलिए पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ लाइब्रेरी में जाकर पौराणिक व ऐतिहासिक रचनाओं को पढ़ें। खेल, फिटनेस और तकनीक पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में देश में खेलकूद को नई ऊंचाइयां मिली हैं। खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है। हर गांव में खेल का मैदान और स्टेडियम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओपन एयर जिम और शारीरिक गतिविधियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के नए युग में हम प्रवेश कर रहे हैं। हमें तकनीक को आत्मसात करना है। तकनीक हमारा वाहक बने, हमें तकनीक का वाहक नहीं बनना है। उन्होंने कहा कि एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में अवसर हैं, जिनके प्रति जागरूकता आवश्यक है। साथ ही, वैश्विक परिदृश्य में हो रहे उन्नयन कार्यों के प्रति भी अपडेट रहना चाहिए। कानाफूसी करने वालों से रहने की सलाह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज में कुछ लोग भ्रम फैलाने का कार्य करते हैं। ऐसे लोगों से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए। हार से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कप और शील्ड देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले प्रमुख छात्र-छात्राओं में दिनेश प्रताप सिंह, प्रांजल त्रिपाठी, देवराज सिंह पटेल, आयुषी सिंह और सार्थक त्रिपाठी शामिल रहे। कार्यक्रम में 11 गोरखा राइफल्स के बैंड ने परेड में  मुख्यमंत्री को सलामी दी। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री तथा ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष कीर्तिवर्धन सिंह, पूर्व विधान परिषद सदस्य राकेश प्रताप सिंह, कॉलेज के प्रबंधक मनीष वर्धन सिंह, प्रबंध समिति के सदस्य विनय कुमार … Read more

सीएम हेल्पलाइन में ‘सेटिंग’ की कीमत 10 हजार! रिश्वत लेते पकड़ा गया छिंदवाड़ा बीएसी

छिंदवाड़ा जिले में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं ।मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अमरवाड़ा विकासखंड में पदस्थ ब्लाक एकेडमिक कोआर्डिनेटर(बीएसी) सत्येंद्र जैन को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, यूनिक पब्लिक स्कूल के संचालक ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि सत्येंद्र जैन उनके स्कूल से जुड़ी एक सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को बंद कराने (नस्तीबद्ध करने) के बदले में पैसों की मांग कर रहे हैं। शिकायत की पुष्टि होने के बाद जबलपुर लोकायुक्त टीम ने मंगलवार शाम को जाल बिछाया। जैसे ही सत्येंद्र जैन ने छिंदवाड़ा के चक्कर रोड स्थित आई.सी.एच. के पास शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लिए, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपी के हाथ धुलाने पर वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है ।

प्रधानमंत्री मोदी से मिले नीरज चोपड़ा, खेल और आने वाले लक्ष्यों को लेकर साझा किया विजन

नई दिल्ली दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस खास मुलाकात में नीरज के साथ उनकी पत्नी हिमानी मोर भी मौजूद रहीं। बातचीत के दौरान खेल और उससे जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई खास मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि 7 लोक कल्याण मार्ग पर नीरज चोपड़ा और उनकी पत्नी हिमानी मोर से मुलाकात हुई, जहां खेल समेत कई विषयों पर सार्थक बातचीत हुई। निजी जीवन में नई शुरुआत नीरज चोपड़ा ने इस साल की शुरुआत में पूर्व टेनिस खिलाड़ी हिमानी मोर से निजी समारोह में विवाह किया था। फिलहाल नीरज किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं और आगामी सत्र की तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं। मिला-जुला रहा नीरज का साल 2025 का साल नीरज चोपड़ा के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने दोहा डायमंड लीग में पहली बार 90 मीटर से ज्यादा भाला फेंककर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। हालांकि फिटनेस समस्याओं के कारण वह विश्व चैंपियनशिप में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके और आठवें स्थान पर रहे। कोच बदला, भविष्य पर नजर सत्र की शुरुआत में नीरज ने चेक गणराज्य के दिग्गज जान जेलेजनी को अपना नया कोच नियुक्त किया। जेलेजनी तीन ओलंपिक स्वर्ण पदकों के विजेता हैं और उनके नाम 98.48 मीटर का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है। नीरज ने बेंगलुरु में अपने नाम से आयोजित भाला फेंक प्रतियोगिता की मेजबानी की और खिताब भी जीता।  

बुरहानपुर में हथियारों का जखीरा: पंजाब का युवक तीन देसी पिस्टलों के साथ गिरफ्तार

बुरहानपुर पंंजाब के अमृतसर से अवैध हथियार खरीदने आए एक युवक को खकनार थाना पुलिस ने तीन देसी पिस्टलों व एक मैग्जीन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान नंगली मोहल्ला फरीत नगर अमृतसर पंजाब निवासी संदीप सिंह 19 वर्ष के रूप में की गई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक तुकईथड़ के झिरमिटी फाटे के पास अवैध हथियार लेकर खड़ा है। इसके बाद थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने टीम के साथ घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। बैग की तलाशी लेने पर तीन पिस्टल बरामद हुए। आरोपित के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि आरोपित मुख्य तस्कर के लिए पिस्टल खरीदने आया था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।   फरार हथियार तस्कर को भी दबोचा खकनार थाना पुलिस ने एक अफरार हथियार तस्कर को भी गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। थाना एसटीएफ भोपाल के एक मामले में फरार आरोपित शमशेर सिंह 30 वर्ष निवासी पाचोरी व वीरेंद्र सिंह 33 वर्ष निवासी पाचोरी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों ने भोपाल एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान पुलिस झूमाझटकी कर सरकारी काम में बाधा डाली थी। इसके बाद से फरार चल रहे थे। दोनों को मंगलवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें खंडवा जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार शमशेर सिंह पर पूर्व में भी दो प्रकरण दर्ज हैं, जबकि वीरेंद्र पर आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं।

अपनी ही सरकार को घेरना पड़ा भारी! प्रतिमा बागरी को CM यादव ने दिलाई मंत्री पद की याद

भोपाल भाई के गांजा रखने के मामले में पकड़े जाने से चर्चा में आईं मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपनी ही सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। अपने क्षेत्र में खराब सड़क निर्माण की पोल सार्वजनिक रूप से खोल कर भले ही वह जनहित का हवाला दे रही हों लेकिन जो दिख रहा है, मामला वैसा नहीं है। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई प्रतिमा बागरी की इस सक्रियता की वजह घटिया सड़क निर्माण नहीं बल्कि जिले में पदस्थ पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से नाराजगी है। यह एक तरह से दबाव बनाने की राजनीति रही। दरअसल, प्रतिमा बागरी कुछ इंजीनियरों को सतना जिले से हटवाना चाहती हैं, उनकी मांग नहीं सुनी गई इसलिए उन्होंने इस घटिया सड़क का मुद्दा सार्वजनिक कर दिया जबकि इस मामले में सड़क निर्माण गुणवत्ताहीन पाए जाने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पहले ही आरंभ की जा चुकी है।   सरकार को कठघरे में खड़ा करना मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाकर चेतावनी भी दी, तब प्रतिमा ने यह तक कहा कि मेरे कहने के बाद भी वहां के कार्यपालन अधिकारी को हटाया नहीं जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार में हो, यह भूलना नहीं चाहिए। यह पहला मामला नहीं है। विधायक और मंत्री जनहित के नाम पर उनकी न सुने जाने पर इस तरह सरकार को कठघरे में खड़ा करते रहते हैं। पहले भी भिंड से विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह सार्वजनिक रूप से कलेक्टर से भिड़ चुके हैं। पार्टी की ओर से कड़ी कार्रवाई की मांग ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां नेता भले पार्टी को सर्वोपरि बताएं लेकिन खुद की अहमियत साबित करने के लिए वे व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर देते हैं। पार्टी कड़ी कार्रवाई नहीं करती इसलिए दोहराव भी होता रहता है। बता दें, कुछ दिन पहले प्रतिमा बागरी ने मझगवां के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने पैर से ही गिट्टी-डामर हटाकर निर्माण कार्य को गुणवत्ताहीन बता दिया। 'आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं…' – सीएम मोहन यादव इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे विपक्ष को सरकार पर हमला करने का अवसर मिल गया। सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिमा बागरी को अपने कक्ष में बुला लिया। इसके पहले वे इस सड़क से संबंधित पूरी जानकारी ले चुके थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आपने जिस सड़क की बात उठाई, उस पर तो विभाग पहले ही कार्रवाई कर चुका है। आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं है। पहले भी कई विधायकों के साथ जुड़ा विवाद इसी साल अप्रैल माह में इंदौर-3 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला ने साथियों के साथ देवास की माता टेकरी पर हंगामा किया था। आधी रात को मंदिर के पट खुलवाने का पुजारी पर दबाव बनाया। कुछ माह पहले हाटपीपल्या से भाजपा विधायक मनोज चौधरी के भतीजे डॉ. निखिल चौधरी ने भोपाल रोड स्थित टोल नाके पर तोड़फोड़ की थी। देवास से भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के पुत्र विक्रम सिंह पवार वाहनों के काफिले के साथ श्री महाकाल महालोक में घुस गए थे।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल म्यूजियम के क्यूरेशन का काम पूरा, प्रधानमंत्री करेंगे 25 दिसंबर को उद्घाटन

एलडीए ने 98000 वर्ग फुट के क्षेत्र में बनाया है म्यूजियम ब्लॉक, पैन इंटेल कॉम ने किया है क्यूरेशन म्यूजियम में राष्ट्र नायकों को समर्पित 5 गैलरियों और 5 कोर्टयार्ड का किया गया है निर्माण भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना का करेगा संचार, ओरियेंटेशन रूम में दिखेंगे राष्ट्र नायकों के जीवन के प्रेरक प्रसंग  आ लखनऊ,  राष्ट्रवाद की त्रिवेणी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित हैं, राष्ट्र प्रेरणा स्थल। राष्ट्र प्रेरणा का उद्घाटन 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के भव्य उद्घाटन समारोह की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसी क्रम में प्रेरणा स्थल में राष्ट्र नायकों के जीवन वृत्त को दर्शाने वाले म्यूजियम के क्यूरेशन का कार्य भी पूरा हो चुका है। 5 गैलरियों और 5 कोर्टयार्ड से युक्त म्यूजियम के क्यूरेशन का कार्य पैन इंटेल कॉम कंपनी ने किया है। भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना के संचार के लिए बने म्यूजियम को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। राष्ट्र नायकों को समर्पित है प्रेरणा स्थल का म्यूजियम ब्लॉक राष्ट्र प्रेरणा स्थल में राष्ट्रवाद की त्रिवेणी कहे जाने वाले राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम का भी निर्माण किया गया है। प्रेरणा स्थल के 98000 वर्ग फुट के क्षेत्र में एलडीए ने म्यूजियम ब्लॉक का निर्माण कराया है। इसके क्यूरेशन का कार्य पैन इंटेल कॉम कंपनी ने किया है। म्यूजियम में 2 फ्लोर में 5 गैलरियां और 5 कोर्टयार्ड, वीवीआईपी ग्रीन रूम और 12 इंटरप्रिटेशन वॉल का निर्माण किया गया है। म्यूजियम की पहली गैलरी ओरियेंटेशन रूम के रूप में बनाई गई है, जिसमें वीडियो और एवी के माध्यम से राष्ट्र नायकों के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को दिखाया जाएगा। दूसरी गैलरी में भारतीय जन संघ के निर्माण और उसकी विकास यात्रा को दर्शाया गया है। म्यूजियम की क्रमशः तीसरी, चौथी और पाँचवीं गैलरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित हैं। इन गैलरियों में उनकी फोटो, अखबार की कटिंग, सिलिकॉन की मूर्तियों के जरिए उनके जीवन के प्रेरक प्रसंगों को दिखाया गया है। म्यूजियम में लगी हैं भारत माता, दीपक और सुदर्शन चक्र की प्रतिकृतियां म्यूजियम में 5 गैलरियों के साथ 5 कोर्टयार्ड का भी निर्माण किया गया है। फर्स्ट फ्लोर पर बने तीन कोर्टयार्ड क्रमशः भारत माता, जन संघ के प्रतीक चिन्ह दीपक और सुदर्शन चक्र की प्रतिकृतियां बनाई गई हैं। एक कोर्टयार्ड में भारत माता की 10 फिट ऊँची मूर्ति लगी है, साथ ही दीवार पर वन्दे मातरम उत्कीर्ण किया गया है। सेकंड फ्लोर पर बने कोर्टयार्ड में राष्ट्र नायकों के प्रयोग किए गए समान जैसे- तख्त, मेज-कुर्सी, छड़ी को लोगों के दर्शन के लिए रखा गया है। इसके अलावा म्यूजियम में 12 इंटरप्रिटेशन वॉल बनाई गई हैं, जिन पर म्यूरल और रिलीफ आर्ट के माध्यम से भारत के स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं और महान विभूतियों को दर्शाया गया है। एक वॉल पर, राष्ट्रवाद से प्रेरित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की कविता की पंक्तियाँ लिखी गई हैं। इसके साथ ही म्यूजियम ब्लॉक में वीवीआईपी ग्रीन रूम का भी निर्माण किया गया है। राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम आने वाले समय में भी भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना का संचार करेगा।

एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव: अब स्कूलों को मिलेगी रैंकिंग, सरकारी और प्राइवेट स्कूल होंगे एक ही पैमाने पर

भिवानी हरियाणा में पहली बार स्कूलों को रैंकिंग देने की तैयारी है। इसके लिए प्रथम चरण में 14,000 सरकारी स्कूलों और दूसरे में प्राइवेट स्कूलों का मूल्यांकन होगा। रैंकिंग साबित करेगी कौन सा स्कूल कितना अच्छा है। इसका आधार निर्धारित 181 बिंदु होंगे। इस रैंकिंग को सार्वजनिक किया जाए‌गा। इसका   फायदा यह होगा कि अभिभावकों और बच्चों को पता चल सकेगा कि कौन सा स्कूल कितना अच्छा है। उसके आधार पर प्रवेश को लेकर अभिभावक निर्णय ले सकेंगे। स्कूलों में बेहतर करने की भावना भी जागृत होगी। स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी। यह योजना अगले शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। प्रथम चरण में प्रदेश के लगभग 14,000 सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन किया जाएगा। इनमें 22 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। दूसरा चरण में प्राइवेट स्कूलों का भी श्रेणीबद्ध मूल्यांकन किया जाएगा। एक्रीडेशन आफ हरियाणा) पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता से काम पर ध्यान दिया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से आनलाइन सचालित होगी। स्कूल शिक्षा विभाग का उद्देश्य एक ऐसा पारदर्शी और निष्पक्ष सिस्टम बनाना है जिससे स्कूलों की कमियों का पता चल सके।  

केंद्रीय राज्यमंत्री के तीखे तेवर, दिशा बैठक में अपनी पार्टी के जिला अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से हड़काया

पलवल केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने आज पलवल लघु सचिवालय में दिशा की मीटिंग ली और नगर परिषद में हुए घोटालों को लेकर अधिकारियों ने जमकर लताड़ लगाई और घोटालों की विजिलेंस जांच के लिए लिखा। इस दौरान स्थानीय भाजपा जिला अध्यक्ष के बीच में हस्तपक्षेप करने पर उनको भी जमकर हड़काया और कहा कि मीटिंग लेने में आया हूं तुम नहीं चुप बैठो। इस दौरान अन्य अधिकारी भी बगल झांकते नजर आए। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के ये तेवर यहां मौजूद लोगों के कैमरों में कैद हो गए। कृष्णपाल गुर्जर ने घोटालों की लिस्ट के साथ एक एक कर सभी घोटालों को लेकर सवाल जबाव किए इस दौरान अधिकारियों पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं बना तो केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और ज्यादा हाइपर हो गए। इस दौरान उन्होंने अवैध रूप से निकाली गई राशि का ब्यौरा जिला नगर आयुक्त से सवाल किया तो कोई जवाब नहीं बन पाया, साथ ही उन्होंने कार्यरत कर्मचारी और भर्ती किए गए कुल कर्मचारियों के बीच के अंतर को लेकर भी जमकर लताड़ लगाई।   बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है और काफी लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी जिसको लेकर अब विजिलेंस जांच के आदेश दिए है जो भी जांच में सामने आएगा उनपर कार्यवाही की जाएगी। आपको बतादें की नगर परिषद में लंबे समय से घोटालों के आरोप लग रहे थे हाल ही में कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री करन दलाल ने भी घोटालों के मुद्दे को प्रेस वार्ता के माध्यम से उठाया था जिनपर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के तीखे तेवरों ने मोहर लगा दी।  

कियारा आडवाणी ने दीपिका पादुकोण की मांग को बताया सही, बोलीं– मेंटल हेल्थ पर गंभीरता जरूरी

  मुंबई एक्ट्रेस कियारा आडवाणी इन दिनों अपनी मदरहुड जर्नी को काफी एंजॉय कर रही हैं. हाल ही में साल 2026 में आने वाली फिल्म ‘टॉक्सिक’  से उनका फर्स्ट लुक रिवील किया गया है. इसी बीच अब कियारा ने दीपिका पादुकोण  के आठ घंटे काम करने की मांग वाले मुद्दे पर अपनी राय देते हुए प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में संतुलन के महत्व को लेकर बात किया है. ‘इंडस्ट्री में ज्यादा तनाव किसी के लिए अच्छा नहीं’ बता दें कि कियारा आडवाणीम ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में बात करते हुए आठ घंटे की शिफ्ट पर चल रही बहस पर दीपिका पादुकोण का समर्थन किया है. कहा- किसी भी इंडस्ट्री में अत्यधिक तनाव किसी के लिए भी अच्छा नहीं होता. उनका कहना है कि उनके काम का तरीका तीन प्वॉइंट्स पर निर्भर रहता है. पहला- गरिमा, दूसरा- संतुलन और तीसरा है सम्मान. यही आधार वो अपने घर पर और प्रोफेशनल स्टाफ पर भी लागू करती हैं. वहीं, फिल्मों में अपने काम को लेकर एक्ट्रेस ने कहा कि वो नई स्क्रिप्ट की तलाश कर रही हैं. उनका कहना है कि मेरा किरदार शैली से ज्यादा कहानी की गहराई पर आधारित होता है. मैं कहानी को देखकर ही किसी फिल्म या स्क्रिप्ट का चयन करती हैं. मुझे जॉनर से कोई लेना-देना नहीं है. बेटी के जन्म के बाद काम को मैनेज करने को लेकर कियारा आडवाणी ने कहा- सरायाह के जन्म के बाद से मुझमें एक नई स्पष्टता और प्रेरणा आई है, अब मैं खुद के और दूसरों के मेंटल हेल्थ को भी काफी महत्व देती हूं. बता दें कि कियारा आडवाणी साल 2026 में सुपरस्टार यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ में नजर आने वाली हैं. हाल ही में मेकर्स ने फिल्म से उनका फर्स्ट लुक रिवील किया गया है.

एक्शन मोड में दिल्ली सरकार: नियम तोड़ने वाली 800 फैक्ट्रियों पर ताला, बिना PUCC ईंधन नहीं

नई दिल्ली  दिल्ली कैबिनेट की अहम बैठक में शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। बसों के संचालन में बदलाव पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दिल्ली में पहले 50% बसें DIMTS (Delhi Integrated Multi-Modal Transit System) द्वारा संचालित होती थीं, जबकि बाकी 50% DTC (Delhi Transport Corporation) के नियंत्रण में थीं। अब यह जिम्मेदारी पूरी तरह से DTC के पास आ गई है। इसका उद्देश्य 'रूट रेशनलाइजेशन' यानी बसों के रूटों का बेहतर प्रबंधन करना और संचालन में सुधार लाना है। होलंबी कलां में हाईटेक ई-वेस्ट प्लांट दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए होलंबी कलां में एक विशाल ई-वेस्ट प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। यह प्लांट 11.5 एकड़ में फैलेगा और 0% पानी की बर्बादी के सिद्धांत पर काम करेगा। इस पहल से राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट का बेहतर और पर्यावरण-मित्र तरीके से प्रबंधन संभव होगा। जल निकायों का कायाकल्प दिल्ली में मौजूद 1,000 से अधिक जल निकायों में से 160 जल निकाय सीधे दिल्ली सरकार के अधीन हैं। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि इन जल निकायों के रिजुवेनेशन के लिए सरकार ने ₹100 करोड़ का बजट मंजूर किया है। सरकार ने यह आश्वासन भी दिया कि जल निकायों को नया जीवन देने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।   PUCC अनिवार्य, फैक्ट्रियों पर सख्ती GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) हटने के बाद भी अब दिल्ली में बिना वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) सर्टिफिकेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। 12 PUCC सेंटरों में जांच के दौरान धांधली पाई गई, जिन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही, प्रदूषण फैलाने वाली 800 से अधिक इंडस्ट्रीज को बंद करने का आदेश दिया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 411 इंडस्ट्रीज को क्लोजर नोटिस जारी किया है, जबकि नगर निगम (MCD) ने 400 को सील कर दिया है। यह कदम दिल्ली में वायु और जल प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बैठक के फैसलों से दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन, जल निकायों की सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक कचरे का प्रबंधन और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती सुनिश्चित होगी। सरकार ने यह संदेश भी स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण और नागरिकों की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।