samacharsecretary.com

प्रदेश के 65 हजार से अधि​क मतदान केंद्रों पर हुआ प्रारुप मतदाता सूची का प्रकाशन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रारूप प्रकाशन के संबंध में दी जानकारी भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को निर्वाचन सदन, भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने राजनीतिक दलों को प्रारूप सूची की सीडी भी प्रदान की. बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव सहित भाजपा के श्री भगवान दास सबनानी, कांग्रेस के श्री जे.पी. धनोपिया एवं श्री ललित सेन और आप पार्टी के श्री सी.पी. सिंह चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य 4 नवंबर से शुरू हुआ था.इस अवधि में बीएलओ द्वारा घर घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया. गणना पत्रक भरे गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि राज्य में इस कार्य में मतदाताओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी. इस अवधि में वास्तविक मतदाता अपना नाम जुड़वा सकते हैं या आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं। युवा मतदाता जुडवा सकते हैं नाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री झा ने बताया कि जो युवा मतदाता 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे ऑफलाइन या ऑनलाइन अपना नाम जुडवा सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट Voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म-6 भरना होगा. इसके साथ ही ऑफलाइन के लिए बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।  

डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से सशक्त बना रही योगी सरकार

लखनऊ, डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों के बढ़ते दायरे के साथ साइबर ठगी और हाईटेक अपराध के चलते आम नागरिकों की सुरक्षा और डिजिटल विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से योगी सरकार साइबर अपराध के विरुद्ध सशक्त रणनीति के तहत लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में साइबर क्राइम प्रशिक्षण पोर्टल के माध्यम से अब तक 84,705 पुलिस कर्मियों को प्रमाणित प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिससे पुलिस बल को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाया गया है। चरणबद्ध तरीके से साइबर अपराध नियंत्रण का ढांचा किया मजबूत विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित जवाब में सरकार ने साइबर ठगी और हाईटेक अपराधों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी। जवाब में बताया गया कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में केवल दो साइबर क्राइम थाने (लखनऊ और गौतमबुद्धनगर) ही कार्यरत थे। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए योगी सरकार ने चरणबद्ध तरीके से साइबर अपराध नियंत्रण का ढांचा मजबूत किया। इसके तहत 06 फरवरी 2020 को 16 परिक्षेत्रीय साइबर क्राइम थानों तथा 14 दिसंबर 2023 को 57 जनपदीय साइबर क्राइम थानों की स्थापना की गई। साथ ही प्रदेश के सभी जनपदीय थानों में साइबर सेल का गठन कर प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। वर्तमान में प्रदेश के सभी जनपदों में कुल 75 साइबर क्राइम थाने संचालित हो रहे हैं, जबकि प्रत्येक जनपदीय थाने में साइबर सेल भी सक्रिय है। सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम सरकार ने यह भी अवगत कराया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए अब तक 65,966 सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। वहीं, साइबर अपराध की त्वरित शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की क्षमता 20 सीटों से बढ़ाकर 50 सीट कर दी गई है, जो 24×7 क्रियाशील है। सरकार के अनुसार, प्रशिक्षित पुलिस बल, मजबूत साइबर ढांचा और व्यापक जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में लगातार प्रगति हो रही है।

डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: राज्य मंत्री लोधी

संपूर्ण भारत और वैश्विक पटल पर मध्य प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित करना हमारी प्राथमिकता मध्यप्रदेश पर्यटन की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश   पिछले साल 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का हुआ आगमन पर्यटन के उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से किया गया सम्मानित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा देश 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण   वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को क्रिएटिव सिटी के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना हमारा लक्ष्य भोपाल पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सांस्कृतिक पुर्नजागरण हो रहा है। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश संपूर्ण भारत में एवं वैश्विक पटल पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित हो ऐसी हमारी प्राथमिकता है। आने वाले समय में निश्चित ही आपको पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक अद्वितीय कार्य देखने को मिलेंगे। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं। विगत 2 वर्षों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 400 से अधिक होमस्टे का निर्माण कर प्रारंभ किये गये हैं। जिनसे ग्रामीण परिवारों को 7 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्राप्त हुआ है। सरकार का लक्ष्य 1000 हजार होम स्टे निर्माण करने का है। पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे बड़े आयोजन किये गये हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, संचालक संस्कृति विभाग श्री एन. पी. नामदेव तथा विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि ओमकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसके प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है तथा द्वितीय चरण में अद्वैत लोक के निर्माण हेतु रूपये 2424 करोड़ से अधिक राशि की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। पर्यटन के क्षेत्र में सरकार द्वारा जो विकास कार्य एवं नवाचार किये गये हैं, उसी का परिणाम है कि पिछले साल मध्यप्रदेश की धरती पर 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ है तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो देश में सर्वाधिक है। पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार द्वारा 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है, जो लगभग पूर्णता की ओर है। विगत 2 वर्षों में सरकार द्वारा भगवान श्री राम को समर्पित श्री रामचन्द्र वनगमन पथ की संकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया गया है, और युग अवतार भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित श्री कृष्ण पाथेय योजना की संकल्पना को स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों का साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा रहे हैं। विगत 2 वर्षों में 15 जिलों के साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा चुके हैं। इसके साथ ही हमारी सरकार द्वारा उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर, महेश्वर जैसे अनेक स्थानों पर विशिष्टता को सम्मिलित करते हुये पूरे प्रदेश में संग्रहालयों की एक नवीन श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। संस्कृति के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने 8 विश्व कीर्तिमान स्थापित किये हैं। विगत 2 वर्षों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को लाभान्वित किया गया है। इसके साथ हीं विगत 2 वर्षों में 132 शासन संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार भी हमारी सरकार द्वारा किया गया है। आने वाले समय में हमारा लक्ष्य प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये आने वाले समय में 500 नये होटलों के माध्यम से 20 हजार कक्षों और 500 मार्ग सुविधा केन्द्रों का निर्माण किया जाएगा। समावेशी विकास एवं सेफ टूरिज्म के लिए 50 हजार महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को 'क्रिएटिव सिटी' के रूप में विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। दो वर्षों की उपलब्धियाँ मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना     मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 20 ट्रेनों का सफल संचालन कर 16 हजार तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 08 ट्रेनों का सफल संचालन कर 6 हजार 400 तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     25 वायुयानों से 800 यात्रियों को लाभान्वित किया गया।     मंदिरों का जीर्णोद्धार     विगत दो वर्षों में शासन संधारित 132 मंदिरो के जीर्णोद्धार के कार्य स्वीकृत किये गये।     शासन संधारित मंदिरों के पुजारियों के लिये लगभग 32 करोड़ का अनुदान आबंटित किया गया है।     शासन संधारित देवालयों में पुजारियों के लिये उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये गये।       पुजारियों के मानदेय में वृद्धि की गई।     शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण     प्रदेश के सभी जिलों में स्थित शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण किया गया। जिसका डिजिटलाइजेशन का कार्य प्रकियाधीन है। नवाचार     धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग एवं स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के बीच विरासत संरक्षण, रेट्रोफिंटिंग और स्मारकों के पुनर्वास, मंदिर परिसरों और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के दायरे में आने वाली सुविधाओं सहित परामर्श सेवाओं के सभी पहलुओं को शामिल कर समझौता एम.ओ.यू. … Read more

खाने-सोने की गलत दिनचर्या डाल रही है सेहत पर असर, अभी करें सुधार

आपकी जीवनशैली पर वास्तु का गहरा असर पड़ता है। खाने से लेकर सोने तक वास्तु शास्त्र में हर चीज के लिए एक सही दिशा का वर्णन किया गया है, जिनका ध्यान रखने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बहुत महत्व माना जाता है। ऐसे में आपको भी इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। खाने के लिए सही दिशा वास्तु शास्त्र में खाना खाने के लिए पूर्व या उत्तर दिशा को सही माना गया है। अर्थात भोजन करते समय आपका मुख पूर्व या फिर उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। वास्तु शास्त्र में माना गया है कि ऐसा करने से पाचन में मदद मिलती है और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही दक्षिण दिशा में भोजन करने से बचना चाहिए, क्योंकि वास्तु शास्त्र में इसे यम की दिशा माना गया है। ऐसे में इस दिशा में मुख करके भोजन करने से व्यक्ति को स्वास्थ्य व मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अगर पश्चिम दिशा में भोजन किया जाए, तो इससे बीमारियों में वृद्धि होती है। सोने के लिए कौन सी दिशा है उचित वास्तु शास्त्र में माना गया है कि सोते समय आपका सिर दक्षिण या पूर्व की ओर होना चाहिए। ऐसा करने से आरामदायक नींद आती है, जिससे स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही उत्तर या फिर पश्चिम दिशा में सिर करके सोने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है और स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही वास्तु नियमों के अनुसार, घर के मुख्य द्वार के सामने नहीं सोना चाहिए और न ही दरवाजे की तरफ पैर करके सोना चाहिए। इन दिशाओं का भी रखें ध्यान वास्तु शास्त्र में पूजा आदि के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी (ईशान कोण) को सबसे उत्तम माना गया है। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है और घर में दिव्यता लाती है। ऐसे में आपका मंदिर इसी दिशा में होना चाहिए। वहीं अगर आपका बेडरूम घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में है, तो इससे रिश्तों में स्थिरता और मधुरता आती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में सोने से दांपत्य जीवन खुशहाल बना रहता है।  

एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाई बीजेपी, विधानसभा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आरोप

चंडीगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि विधानसभा के हालिया सत्र के दौरान भाजपा सरकार का रवैया पूरी तरह से जन-विरोधी और जनहित के मुद्दों से भागने वाला रहा। पूरे सत्र में सरकार ने विपक्ष के सवालों, प्रस्तावों और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस ने चंडीगढ़ के स्टेटस, अरावली में खनन, किसानों की समस्याएं, बेरोजगार युवाओं, भर्ती घोटालों, एमएसपी, धान घोटाला, मनरेगा, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खिलाड़ियों की मौतें, एसवाईएल जल विवाद और भाजपा नेताओं की हेट स्पीच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए विभिन्न प्रस्ताव दिए थे। लेकिन विधानसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस का एक भी स्थगन प्रस्ताव, कार्य स्थगन प्रस्ताव या अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वोट चोरी जैसे गंभीर खुलासे के बाद बीजेपी के भीतर छटपटाहट साफ नजर आ रही है। इसीलिए विधानसभा में जानबूझकर इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी चुनाव सुधार पर चर्चा का प्रस्ताव लेकर आई। जबकि यह विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में ही नहीं आता। इसीलिए कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस वोट चोरी पर चर्चा के लिए अगले सत्र में विशेष प्रस्ताव लेकर आएगी। हुड्डा अपने आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान हमने खेलों और खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया। हमारी स्पोर्ट्स पॉलिसी की वजह से हरियाणा का नाम पूरे देश में चमका था, लेकिन मौजूदा सरकार ने उसे बर्बाद कर दिया। कांग्रेस ने 300 से अधिक स्टेडियम बनाए थे, लेकिन अब उनकी दुर्दशा हो रही है। प्रदेश के दो होनहार युवा खिलाड़ी हार्दिक और अमन की असमय मौत हुई, जो कि सरकारी लापरवाही का नतीजा थी। हम इस पर चर्चा के लिए प्रस्ताव लाए, लेकिन सरकार जवाब देना तक उचित नहीं समझा। अरावली के लिए कांग्रेस ने अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव दिया, लेकिन इससे भी सरकार भाग गई। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में साफ है कि अरावली का विनाश हरियाणा पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालेगा। इससे प्रदूषण फैलेगा और हरियाणा के 'फेफड़ों' की तरह काम करने वाली यह पहाड़ियां नष्ट हो जाएंगी। इसपर हरियाणा सरकार का स्टैंड क्या है? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने इसे क्यों नहीं बचाया और अब रिव्यू पिटीशन क्यों नहीं दाखिल कर रही? सरकार ने इसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसी तरह, कांग्रेस के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव जलभराव, बढ़ते प्रदूषण, धान घोटाला और मनरेगा पर थे। मनरेगा की स्थिति इतनी खराब है कि 8 लाख लोग पंजीकृत हैं, लेकिन कुल 100 दिनों का रोजगार सिर्फ 2,100 लोगों को ही मिला। पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड देखें तो मनरेगा नियम के तहत मजदूरों को जो मुआवजा देना होता है, लेकिन एक भी व्यक्ति को मुआवजा नहीं दिया गया। नशे से होने वाली मौतें हरियाणा में पंजाब से भी ज्यादा हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर हमारे सभी साथियों ने पूरी तैयारी की थी, लेकिन चर्चा ही नहीं हुई। भाजपा मंत्रियों और विधायकों की हेट स्पीच पर भी कोई जवाब नहीं आया। कांग्रेस ने सरकार को चंडीगढ़ का स्टेटस स्पष्ट करने को कहा। क्योंकि रोज अखबारों में पढ़ने को मिलता है कि चंडीगढ़ का स्टेटस बदल रहा है। कांग्रेस ने मांग करी कि स्पष्ट करो – चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है या नहीं? पिछले स्पीकर ने कहा था कि हमने फैसला कर लिया है, अलग जमीन लेकर विधानसभा बनाई जाएगी। लेकिन अब खबर आई है कि गृह मंत्रालय ने इससे इंकार कर दिया है। अगर चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है, तो हमारी जमीन लेने से कौन रोक सकता है? हुड्डा ने कहा किएसवाईएल के मामले में भी हरियाणा सरकार का स्टैंड स्पष्ट होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का आदेश 2002 में आया था, जो फाइनल हो चुका है। पंजाब ने एग्रीमेंट टर्मिनेट किया, तो 2004 में हमने (जब मैं सांसद था) राष्ट्रपति रेफरेंस करवाया। 2016 में फैसला आया। उसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें मैं भी था। बैठक में फैसला हुआ कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने पीएम से मिलवाने जिम्मेवारी ली थी, लेकिन आज तक प्रधानमंत्री से मुलाकात नहीं हुई। सरकार ने सदन में वंदे मातरम पर चर्चा की। हमने पूछा कि इसका मकसद क्या है? वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है, जिसे संविधान सभा ने 1950 में अपनाया। क्या आप इसे बदल सकते हैं? इसी तरह, इलेक्टोरल रिफॉर्म्स का मुद्दा उठाया, जो हरियाणा विधानसभा के डोमेन में ही नहीं है। संसद, विधानसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव इलेक्शन कमीशन की संवैधानिक बॉडी के अधीन हैं, यहां इसपर चर्चा हो ही नहीं सकती। यह सब बीजेपी अपनी विफलताएं छिपाने के लिए कर रही है। क्योंकि वो हरियाणा के हितों की रक्षा नहीं कर पा रही और अब कह रही हैं कि एसआईआर पर चर्चा को तैयार हैं। हमने कभी एसआईआर का विरोध नहीं किया, लेकिन हम रिफॉर्म चाहते हैं। जैसे कि चुनाव बैलेट पेपर पर हों या वीवीपैट की पर्ची वोटर को दी जाए, ताकि पता चले वोट कहां गई। ईवीएम से वीवीपैट तक रिफॉर्म होने चाहिए। हुड्डा ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में हरियाणा 18 राज्यों में 14वें नंबर पर है। स्टेट वाइज डेब्ट इंडेक्स में 18 में से 15वें स्थान पर। ब्याज भुगतान राजस्व प्राप्तियों का 23% है। कैपिटल एक्सपेंडिचर 2018-19 में 16.4% से घटकर 2022-23 में 9.7% रह गया। 

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत मिला ऋण, 3000 के लक्ष्य की ओर बढ़ा उद्योग विभाग

कानपुर,  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का 'जॉब क्रिएटर' बनाने का मिशन अब कानपुर में हकीकत बनकर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना ने जिले के युवाओं की सोच को एक नई उड़ान दी है, जिससे कानपुर नगर अब उद्यम का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। जिले में अब तक 1879 युवाओं को उनके नए स्टार्टअप और बिजनेस को विस्तार देने के लिए ऋण वितरित किया जा चुका है। 3000 का लक्ष्य जल्द होगा प्राप्त कानपुर के लिए शासन द्वारा 3000 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपायुक्त उद्योग, अंजनीश प्रताप सिंह के अनुसार, इस लक्ष्य को पाने के लिए विभाग और बैंक मिलकर काम कर रहे हैं। वर्तमान में 1879 लाभार्थियों को सीधे आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ा गया है, जिससे न केवल जिले की बेरोजगारी कम हो रही है बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। स्वरोजगार से संवर रही तकदीर योजना का लाभ लेकर शहर के युवा अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। इन्ही में से एक हैं अनुभव शुक्ला, जिन्होंने मशरूम उत्पादन जैसे आधुनिक कृषि क्षेत्र को अपना करियर चुना। विभाग ने उनकी मार्जिन मनी भी जारी कर दी है। वहीं, नारी शक्ति का उदाहरण पेश करते हुए प्रभनूर कौर ने बेकरी मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कदम रखा है। आयुषी चतुर्वेदी ने भी ब्यूटी पार्लर खोलकर स्वरोजगार की राह चुनी है। शहर के खान-पान के शौक को व्यापार बनाने में अनुपम शुक्ला और मोहम्मद अशफाक भी पीछे नहीं हैं। अनुपम ने फास्ट फूड सेवा की शुरुआत की है, तो वहीं मोहम्मद अशफाक ने अपना खुद का फूड रेस्टोरेंट शुरू कर दिया है। उपायुक्त उद्योग ने विश्वास जताया कि यह योजना जल्द ही कानपुर के एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को एक नई और मजबूत पहचान दिलाएगी।

ड्राई स्टेट गुजरात में बड़ा फैसला: सरकार ने बदली शराब नीति, इस शहर में मिलेगी छूट

अहमदाबाद गुजरात सरकार ने गिफ्ट सिटी में शराब सेवन से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किया है। अब गुजरात या भारत के बाहर से आने वाले गैर-निवासियों को शराब पीने के लिए किसी तरह की परमिट लेने की जरूरत नहीं होगी। इसका मतलब गुजरात या देश के बाहर से आने वाले लोग केवल फोटो आईडी दिखाकर चिन्हित होटल और रेस्टोरेंट में शराब पी सकेंगे। यह फैसला 20 दिसंबर को जारी राज्य गृह विभाग की अधिसूचना के जरिए लागू हो गया है। राज्य सरकार द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब “एक्सटर्नल पर्सन” यानी गुजरात के बाहर के व्यक्ति या विदेशी नागरिक, गिफ्ट सिटी में शराब सेवन कर सकेंगे। पहले ऐसे लोगों को अस्थायी परमिट लेना अनिवार्य था, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नए नियमों के तहत केवल फोटो आईडी दिखाना पर्याप्त होगा। यह सुविधा सिर्फ गिफ्ट सिटी के निर्धारित परिसरों तक सीमित रहेगी। सामान्य गुजरात क्षेत्र में शराबबंदी के नियम यथावत रहेंगे। सरकार के इस फैसले को गिफ्ट सिटी की वैश्विक छवि मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विदेशी कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और बाहरी निवेशकों के लिए यह सुविधा व्यावसायिक सहूलियत बढ़ाएगी। इससे गिफ्ट सिटी को दुबई और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों के जैसी प्रतिस्पर्धा में मदद मिलेगी। हालांकि नियमों का दायरा सीमित रखा गया है ताकि राज्य की शराबबंदी नीति पर कोई असर न पड़े। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल गिफ्ट सिटी तक ही लागू रहेगी। गुजरात में शराबबंदी बता दें कि गुजरात एक ड्राई स्टेट है, जहां शराब का निर्माण, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित है। हालांकि साल 2023 में राज्य सरकार ने गिफ्ट सिटी को विशेष छूट दी थी। इस छूट के तहत सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में सीमित शर्तों के साथ शराब की बिक्री और सेवन की अनुमति दी गई थी। अब नए संशोधन के बाद नियमों को और सरल कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान दिवस की बधाई दी

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी श्री चरण सिंह की जयंती पर किया पुण्य स्मरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की लगन और अथक परिश्रम से ही देश के अन्न भंडार समृद्ध हैं। अन्नदाताओं का परिश्रम और प्रतिबद्धता वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर सादर नमन किया, उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के कल्याण और कृषि विकास के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उल्लेखनीय है पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को सम्मान देने के लिए, उनकी जयंती किसान दिवस के रूप में मनाई जाती है।  

‘किस्मत की चाबी’ ने मचाया सुरों का जादू, उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया राहु केतु के नए गाने का भव्य लॉन्च

उज्जैन राहु केतु के मेकर्स ने अपना नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ रिलीज़ कर दिया है और ये अब सभी प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा रहा है। पॉप स्टार राजा कुमारी और अभिनव शेखर की आवाज़ में, और संगीत व बोल भी अभिनव शेखर के है, ये ट्रैक जबरदस्त एनर्जी, जोश और दमदार सोशल मैसेज का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है, जहां संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सोच बदलने का जरिया बनता है। ये गाना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में लॉन्च किया गया, और सीधे जुड़ता है राज्य के नशा मुक्ति अभियान से, जो समाज, परिवार और युवाओं पर नशे के असर से लड़ने का मिशन है।  ‘किस्मत की चाबी’ इस सोच को ताकत देता है कि जागरूकता, सही समय पर कदम और मिलकर जिम्मेदारी निभाने से सच में बदलाव आ सकता है। पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे पर फिल्माया गया ये गाना राहु केतु की कहानी से एकदम घुलमिल जाता है, और एडिक्शन जैसे गंभीर मुद्दे को भावुक, समझने लायक और रिलेट करने जैसा बनाता है। ये गाना याद दिलाता है कि बदलाव की शुरुआत सोच से होती है और सही सपोर्ट, समझ और हौसला सब कुछ बदल सकता है। विपुल गर्ग द्वारा निर्देशित और ज़ी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत ‘राहु केतु’ ज़ी स्टूडियोज और बीलाइव प्रोडक्शंस की फिल्म है, जो किस्मतों की टक्कर, ग्रहों की गड़बड़ी और मस्तीभरे हाहाकार के बीच जबरदस्त एंटरटेनमेंट का वादा करती है। राहु केतु 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, सीतापुर की एक हजार से अधिक महिलाएं मोरिंगा के जरिए बन रहीं आत्मनिर्भर

एफपीओ के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण महिलाओं की बढ़ रही आमदनी सवा लाख रुपये तक की हो रही आय, बाजार में बढ़ रही उत्पादों की मांग लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन का असर अब गांव-गांव दिखने लगा है। राजधानी लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर और सीतापुर समेत तमाम जिलों में मोरिंगा आधारित आजीविका मॉडल ने ग्रामीण महिलाओं को स्थायी रोजगार और सम्मानजनक आय का रास्ता दिया है। इन जिलों की एक हजार से अधिक महिलाएं मोरिंगा की पत्तियों, बीज और छाल की प्राथमिक प्रोसेसिंग से जुड़कर नियमित कमाई कर रही हैं। मोरिंगा को लेकर इस पहल की अगुवाई कर रहीं जेवीकेएस बायो एनर्जी फार्मर प्रोडूसर कंपनी लिमिटेड बीकेटी लखनऊ की डायरेक्टर डॉ. कामिनी सिंह बताती हैं कि सीतापुर जिले के सिधौली ब्लॉक के ग्राम गाजीपुर में सीमा देवी, बउआ देवी, शालिनी देवी, ममता देवी, पूनम देवी, प्रियंका, राजकुमारी सहित प्रदेश के अन्य जिलों की सैकड़ों महिलाएं इस मॉडल से जुड़ी हैं। इन्हें प्रतिमाह 10,000 तक और वार्षिक सवा लाख रुपये तक की आय हो रही है। महिलाओं ने समूह के रूप में काम सीखकर गुणवत्ता, पैकेजिंग और समयबद्ध सप्लाई पर फोकस किया, जिससे बाजार में उनके उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है। प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट्स के जरिए हो रहा काम यह पूरा प्रोजेक्ट एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के अंतर्गत संचालित किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से चल रहा है। एफपीओ ने प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित की हैं, जहां मोरिंगा की पत्तियों, बीजों और छाल से वैल्यू-एडेड उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन हुआ है और महिलाओं की आय में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। घर के पास काम मिलने से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी सीएम योगी के निर्देश पर मोरिंगा के जरिए स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसकी सबसे खास बात ये है कि घर के पास काम मिलने से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। ग्रामीण महिलाएं पत्तियों की तुड़ाई, सुखाने, ग्रेडिंग और प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण लेकर आय अर्जित कर रही हैं। डॉ कामिनी सिंह के अनुसार मोरिंगा से टैबलेट, पाउडर, मोरिंगा चाय, हैंडमेड साबुन, मोरिंगा सीड आयल और मोरिंगा लड्डू, मोरिंगा बिस्कुट बनते हैं। इसके माध्यम से प्रशिक्षित महिलाएं गांव की अन्य महिलाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही हैं।