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छत्तीसगढ़ स्किल टेक में कौशल-आधारित निवेश को मिली नई गति: 13,690 करोड़ रुपये के स्किलिंग-लिंक्ड निवेश आकर्षित

  GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बना प्रमुख आकर्षण रायपुर भविष्य-उन्मुख कौशल विकास के साथ औद्योगिक विकास को सुदृढ़ रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्किल टेक का आयोजन किया गया। यह उद्योग-केंद्रित निवेश कार्यक्रम प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM SETU) के अंतर्गत कौशल विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (MoUs) हस्ताक्षरित किए गए तथा निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश सामने आए हैं, जिनसे राज्य में 12,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। ये निवेश विभिन्न क्षेत्रों में कौशल-आधारित रोजगार को मजबूती प्रदान करेंगे। कौशल-आधारित औद्योगिक विकास की धुरी बना गेल का प्रोजेक्ट निवेश प्रतिबद्धताओं में गेल (GAIL) का प्रस्तावित गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र राज्य के लिए एक प्रमुख एवं सबसे बड़े औद्योगिक प्रस्तावों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया। लगभग 10,500 करोड़ रुपये के प्रथम चरण निवेश तथा 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) यूरिया उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल एवं उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। यह प्रस्तावित परियोजना गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (MNJPL) के साथ प्लान की गई है, जो अनुकूल तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर आधारित होगी। यह परियोजना राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित है, जबकि 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि एक समर्पित टाउनशिप के लिए आरक्षित की गई है।परियोजना में भविष्य में मांग एवं अधोसंरचना की उपलब्धता के अनुरूप क्षमता विस्तार का भी प्रावधान रखा गया है। परियोजना के संचालन में आने के पश्चात लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही संचालन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस तथा संबद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की निरंतर मांग उत्पन्न होगी, जो राज्य के कौशल-एकीकृत औद्योगिकीकरण के दृष्टिकोण को और सशक्त करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—“छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को आपस में जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंचों के माध्यम से हम निवेशकों के विश्वास को ज़मीनी स्तर पर परिणामों में बदल रहे हैं, ताकि राज्य में कुशल रोजगार के अवसर सृजित हों। इसके पीछे स्पष्ट नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता हमारी ताकत है।” विविध क्षेत्रों में निवेश रुचि से मजबूत हुआ कौशल पारिस्थितिकी तंत्र गेल के अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ स्किल टेक में परिधान एवं वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण तथा अन्य उभरते (सनराइज़) क्षेत्रों में भी निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। ये सभी क्षेत्र राज्य की कौशल विकास प्राथमिकताओं एवं रोजगार सृजन लक्ष्यों के अनुरूप हैं। कार्यक्रम के दौरान जशपुर में स्थापित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी एक महत्वपूर्ण उद्योग-प्रेरित कौशल पहल के रूप में रेखांकित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक एवं उभरते क्षेत्रों में कार्यबल की क्षमताओं को सुदृढ़ करना और आजीविका के अवसर बढ़ाना है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक राज्य में पहले से चल रहे निवेश गति को और आगे बढ़ाने वाला मंच सिद्ध हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ को 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएँ कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि कार्यान्वयन में चल रही परियोजनाओं में से 58 प्रतिशत राज्य द्वारा चिन्हित प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये निवेश राज्य के 26 जिलों में फैले हुए हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन एवं औद्योगिक विविधीकरण पर छत्तीसगढ़ सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की उस उभरती पहचान को पुनः पुष्ट करता है, जहाँ औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और समावेशी विकास एक-दूसरे के साथ समानांतर आगे बढ़ते हैं, ताकि आर्थिक प्रगति राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक और सार्थक आजीविका अवसरों में परिवर्तित हो सके।

उत्तर बस्तर कांकेर विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रकाशन

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों की बैठक लेकर दी जानकारी उत्तर बस्तर कांकेर भारत निर्वाचन आयोग तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर  के निर्देशानुसार 28 अक्टूबर 2025 से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य प्रारंभ किया गया। इसके तहत मतदाताओं के सत्यापन एवं एसआईआर के डिजिटाइजेशन हेतु 04 नवम्बर से 18 दिसम्बर (संशोधित तिथि) के बीच बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर पूर्ण किया गया। आयोग के निर्देशानुसार आज एसआईआर के तहत निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज राजनैतिक दलों की बैठक एवं मीडिया प्रतिनिधियों की प्रेसवार्ता आहूत कर निर्वाचक नामावली के प्रारंभिक प्रकाशन के संबंध में विधानसभावार मतदाताओं की संख्या एवं इससे संबंधित जानकारी दी गई। प्रारंभिक सूची में कुल 5,35,364 मतदाताओं के नाम दर्ज, दावा-आपत्ति 22 जनवरी तक आमंत्रित कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह आयोजित बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचक नामावली के आज प्रारंभिक प्रकाशन के उपरांत दावा-आपत्तियां 22 जनवरी तक आमंत्रित की गई है। प्रारंभिक सूची में सम्मिलित मतदाता दावा एवं आपत्ति 22 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा ईआरओ द्वारा नोटिस जारी करने एवं सुनवाई की समय-सीमा आज से 14 फरवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचक नामावली की प्रारंभिक सूची में जिले के अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-79, भानुप्रतापपुर क्रमांक-80 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-81 (सभी अजजा) में कुल 05 लाख 35 हजार 364 मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैं। इनमें 02 लाख 63 हजार 037 पुरूष मतदाता, 02 लाख 72 हजार 318 महिला मतदाता और 09 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल हैं। अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 01 लाख 66 हजार 923 मतदाता, भानुप्रतापपुर में 01 लाख 94 हजार 415 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 01 लाख 74 हजार 026 मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची में दर्ज किया गया है। उन्हांने यह भी बताया कि प्रारंभिक प्रकाशन के पूर्व जिले में कुल 05 लाख 69 हजार 601 मतदाताओं के नाम दर्ज थे, जिनमें 02 लाख 77 हजार 317 पुरूष मतदाता, 02 लाख 92 हजार 284 महिला मतदाता तथा 18 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल थे। एसआईआर में 11,375 ‘नॉटमैप्ड’ इलेक्टर्स पाए गए जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि एसआईआर के दौरान कुल 11 हजार 375 नॉटमैप्ड इलेक्टर पाए गए जिनकी संख्या कुल निर्वाचक नामावली के 02 प्रतिशत हैं। इनमें नॉटमैप्ड इलेक्टर्स की संख्या अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 06 हजार 386, भानुप्रतापपुर में 02 हजार 245 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 02 हजार 744 हैं। उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार उक्त 11 हजार 375 ‘नो मैपिंग इलेक्टर्स’ को नोटिस जारी किया जाएगा। दावा-आपत्ति की सूची सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट में अपलोड बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए मतदाताओं के नाम केवल एक ही स्थान पर शामिल किए जाएंगे। दावा-आपत्ति की सूची सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट में भी अपलोड की जाएगी। साथ ही बीएलओ एवं बीएलए संबंधी बैठकों का कार्यवाही विवरण और फोटोग्राफ्स जिले के वेबसाइट kanker.gov.in  में अपलोड की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि दावा-आपत्ति की सूची का प्रदर्शन ईआरओ के द्वारा फॉर्म 09, 10, 11, 11ए एवं 11बी में प्रकाशन किया जाएगा।  बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के दौरान अब तक प्राप्त फॉर्म-6 की कुल संख्या 05 हजार 034 है, इनमें अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 1469, भानुप्रतापपुर में 1660 तथा कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 1905 फॉर्म प्राप्त हुए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। बैठक के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी क्षीरसागर ने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्वाचक नामावली के प्रारंभिक प्रकाशन की सूची प्रदान की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जितेन्द्र कुमार कुर्रे, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

सर्दी का कहर शुरू, घना कोहरा छाएगा दिनभर, मौसम विभाग का कोल्ड-डे रेड अलर्ट

हिसार लगातार ठंड बढ़ती नजर आ रही है। पूरे हरियाणा में हाड़ कंपा देने वाली ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।पूरा उतर भारत इस ठंड की चपेट में है।वही मौसम विभाग द्वारा 26 दिसंबर तक घने कोहरे और कोल्ड-डे का रेड अलर्ट जारी किया गया है। आज और कल सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और उत्तर हरियाणा के जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है क्रिसमस के बाद एकाएक ठंड और बढ़ेगी। हरियाणा में कोल्ड डे की स्थिति रहेगी। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार रात नारनौल 6.0°सी के साथ राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा। हालांकि औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.2°सी अधिक बना हुआ है। लेकिन आने वाले 4 दिनों में कोहरे और कोल्ड-डे की स्थिति जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। आज सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह (मेवात), रोहतक और जींद में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। वही कोहरे की वजह से वाहन चालकों को वाहन चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।साथ में वाहन की लाईट जलाकर वाहन सड़कों परो रेंगते नजर आए। वही कोहरे का असर से परिवहन सेवाओं और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

राहुल गांधी की टिप्पणियों के पीछे विदेशी ताकतें, देशहित से खिलवाड़ : विश्वास सारंग

जबलपुर  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बर्लिन दौरे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब कभी विदेश दौरे पर जाते हैं, तो वो भारत विरोधी बयानबाजी जरूर करते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं राहुल गांधी को इसके लिए विदेशी फंडिंग तो नहीं मिलती है। इसकी बाकायदा जांच होनी चाहिए, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो सके। उन्होंने मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी भारत की गरिमा को नीचा करने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए विदेश जाते हैं, जिसे अब बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है।  अब स्थिति राहुल गांधी की अपरिपक्वता का हिस्सा नहीं, बल्कि विदेशी साजिश का हिस्सा है। जिसकी जांच जरूरी है। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री ने कहा कि अगर बर्लिन में राहुल गांधी को बोलने के लिए मंच दिया जा रहा है, तो इसकी मूल वजह यह है कि वो दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के नेता प्रतिपक्ष हैं। राहुल गांधी को इसलिए नहीं बर्लिन में बोलने दिया जा रहा है कि उनके कोई पर लगे हुए हैं। अफसोस की बात है कि जिन लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की वजह से राहुल गांधी को वहां पर मौका मिल रहा है, वो उसी पर कुठाराघात कर उसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है। सारंग ने कहा कि एक तरफ जहां पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को स्वीकारा जा रहा है। पूरी दुनिया इस बात को मान रही है कि आज की तारीख में भारत दोहरी गति से विकास पथ पर अग्रसर है। ऐसी स्थिति में राहुल गांधी विदेशी मंच पर जाकर भारत विरोधी टिप्पणी कर रहे हैं। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि वो ऐसा करके किसी विदेशी साजिश को सफल करने में अपनी तरफ से अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारत के विरोध में झंडा बुलंद करने वाले देशों से मिले पैसों के दम पर राष्ट्र विरोधी अभियान चला रहे हैं। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता। राहुल गांधी को यह समझना होगा कि यह राष्ट्र विरोधी कृत्य है, जो बिल्कुल गलत है।

दुबला दिखना ही फिटनेस नहीं: रोहित शर्मा के समर्थन में उतरे पूर्व दिग्गज क्रिकेटर

नई दिल्ली  रोहित शर्मा ने चैंपियंस ट्रॉफी के बाद अपनी फिटनेस पर जबरदस्त काम किया है। इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करीब 7 महीने बाद जब उन्होंने वापसी की तो एक अलग ही रोहित शर्मा नजर आए। 11 किलोग्राम वेट लॉस। यंग लुक और मैदान पर गजब की चुस्ती-फुर्ती। वापसी भी क्या शानदार की। प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ओडीआई की होम सीरीज में भी उन्होंने 2 अर्धशतकों के साथ 146 रन ठोके। फिट दिखने को उन्होंने चुनौती के रूप में लिया और 38 वर्ष की उम्र में अपने ट्रांसफॉर्मेशन से चौंका दिया। इस बीच भारत के पूर्व क्रिकेटर अमित मिश्रा ने रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह तो पहले भी फिट थे।   रोहित शर्मा अब 24 दिसंबर से शुरू होने जा रहे विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते दिखेंगे। उनकी फिटनेस को लेकर अमित मिश्रा ने मेन्स एक्सपी यूट्यूब चैनल से बातचीत में कहा कि हिटमैन पहले भी फिट थे। फिट होने का मतलब पतला होना नहीं है। आप सिर्फ फिट दिखने के लिए फिट मत बनिए। मिश्रा ने कहा, 'हर किसी का शरीर एक जैसा नहीं होता। अंतर होता है। अलग-अलग प्रकार होता है। इन दिनों फिटनेस का अंदाजा लुक से ज्यादा लगाया जा रहा। पतला दिखिए। लेकिन बेहतर ये है कि आप अपने असली बॉडी के साथ फिटनेस मैंटेन कीजिए। अच्छा खाइए। कड़ी मेहनत कीजिए। आप फिट रहेंगे। अपने डाइट का ध्यान रखिए और चीजों को स्वाभाविक ढंग से कीजिए। सिर्फ फिट दिखने के लिए फिट मत होइए।' अमित मिश्रा ने कहा, ‘रोहित शर्मा ने वापसी की है और वह फिट हैं। वह पहले भी फिट थे। मैं उनके साथ खेला हूं। लोग उन्हें हैवी कहते थे लेकिन मैंने कभी भी महसूस नहीं किया कि मैदान पर वह धीमा है या रन नहीं बना रहे। ऐसा नहीं था कि वह बल्लेबाजी करने जा रहे हैं और आउट हो रहे हैं, वह फील्डिंग भी करते थे और ऐक्टिव थे। सबकी अपनी राय होती है।’ रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं। उनका सारा फोकस ओडीआई पर है और उनकी नजर 2027 के वर्ल्ड कप पर है। ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले बढ़ती उम्र को लेकर उनके ओडीआई भविष्य पर सवाल भी उठे थे लेकिन उन्होंने बल्ले से आलोचकों का मुंह सील दिया। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद अब वह विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलेंगे। ट्रॉफी की शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। रोहित शर्मा विजय हजारे ट्रॉफी के कुछ शुरुआती मैच खेलेंगे। उसके बाद वह न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 वनडे मैचों की सीरीज में खेलेंगे जो 11 जनवरी से शुरू हो रही है।

स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे जांजगीर-चांपा अस्पताल, नई सुविधाओं का किया शुभारंभ

रायपुर, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक संजीव झा एवं सहायक संचालक डॉ. सुरेंद्र पाम्भोई उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में नवनिर्मित ओपीडी हॉल एवं नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार हेतु 10 बेड के अत्याधुनिक एनआईसीयू वार्ड का विधिवत शुभारंभ  किया। उन्होंने कहा 10 बेड के एनआईसीय से अब क्षेत्र के नवजात शिशुओं को क्रिटिकल केयर हेतु बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य मंत्री मंत्री ने जीवनदीप समिति के माध्यम से स्वीकृत कार्यों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय मोहबे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप जीवनदीप समिति से समयबद्ध स्वीकृतियाँ देना सराहनीय कदम है, जिससे अस्पताल की सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हुई हैं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.के. मरकाम, सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, जिला अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार, आरएमओ डॉ. संदीप साहू सहित जिला चिकित्सालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्कूलों को चेतावनी: बच्चों को सांता क्लॉज बनाने के लिए मजबूर न करें

श्री गंगानगर श्रीगंगानगर जिले के निजी स्कूलों में क्रिसमस के अवसर पर बच्चों को सांता क्लॉज की ड्रेस पहनाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अशोक वधवा ने सभी निजी स्कूलों के प्राचार्यों और प्रबंधकों को आदेश जारी कर चेतावनी दी है कि यदि ऐसी कोई शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश भारत-तिब्बत सहयोग मंच की शिकायत पर आधारित है। मंच के जिलाध्यक्ष सुखजीत सिंह अटवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की थी कि स्कूलों में बच्चों को जबरन सांता क्लॉज नहीं बनाया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीगंगानगर मुख्य रूप से सनातन हिंदू-सिख बहुल क्षेत्र है और पिछले कुछ वर्षों से स्कूलों में क्रिसमस पर बच्चों को जबरन सांता क्लॉज बनाना एक प्रथा बन गई है। मंच ने स्कूलों में भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की भी मांग की। अटवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है, जो गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। इसलिए सभी स्कूलों को इस दिन भारतीय संस्कृति के गौरव और श्रेष्ठ बलिदान की परंपरा के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। एडीईओ अशोक वधवा ने स्पष्ट किया कि यदि अभिभावकों और बच्चों की सहमति से सांता क्लॉज बनाया जा रहा है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जबरदस्ती करने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "एक तरफ बाल दिवस मनाया जा रहा है, दूसरी तरफ क्रिसमस। शिकायतें आई हैं कि निजी स्कूलों में दबाव डालकर बच्चों को सांता बनाया जा रहा है। सहमति से ठीक है, लेकिन जबरन नहीं।"

संघर्ष से सफलता तक: कुरुक्षेत्र के युवक ने दूसरे अटेम्प्ट में पाई AIR-6, राजस्थान न्याय सेवा में चयन

कुरुक्षेत्र हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि यहां के होनहार युवा भारत जांगड़ा ने राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर जज बनने का सपना साकार किया है। भारत जांगड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया छठी रैंक प्राप्त कर न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। भारत जांगड़ा ने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की, जहां उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा की तैयारी शुरू की। पहले अटेम्प्ट में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी रणनीति को और मजबूत किया। वे रोजाना 10 से 12 घंटे तक नियमित अध्ययन करते रहे, जिसका नतीजा दूसरे प्रयास में सफलता के रूप में सामने आया। भारत के पिता सोहन लाल जांगड़ा ने बताया कि भारत बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहा है। पढ़ाई के प्रति उसका लगाव इस कदर था कि उसे सोने के लिए भी टोकना पड़ता था। उन्होंने बताया कि वे जेल विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है। माता ममता जांगड़ा गृहिणी हैं। भारत जांगड़ा ने अपनी सफलता का श्रेय पूरे परिवार को दिया है। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में असफल होने के बाद वे काफी निराश हो गए थे, लेकिन दादा के भाई श्याम लाल जांगड़ा ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दोबारा प्रयास करने की सलाह दी, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है। भारत के दादा कंज्यूमर कोर्ट में सेवाएं दे चुके हैं, जबकि उनके चाचा गौरव जांगड़ा पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। भारत ने बताया कि बचपन में वे अपने दादा से अदालत में आने वाले लोगों के दुख-दर्द की कहानियां सुनते थे। तभी उनके मन में न्याय सेवा में जाने का संकल्प पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी और खुद को पूरी तरह पढ़ाई में झोंक दिया। भारत जांगड़ा ने कुरुक्षेत्र के एक संस्थागत स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। वे पहली कक्षा से ही मेधावी रहे और 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। चयन के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जल्द ही भारत जांगड़ा राजस्थान के जोधपुर में प्रशिक्षण के लिए रवाना होंगे। 

जाने-माने लेखक विनोद कुमार शुक्ल का निधन, साहित्य जगत में शोक

रायपुर  ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल (89) का मंगलवार को निधन हो गया। सांस लेने में कठिनाई के कारण उन्हें दो दिसंबर को एम्स में भर्ती किया गया था। शुक्ल वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, जहां मंगलवार शाम पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में हुआ। शिक्षा को पेशे के रूप में चुनकर उन्होंने अपना अधिक समय साहित्य सृजन में लगाया। वे हिंदी भाषा और साहित्य के ऐसे लेखक रहे, जिन्हें सरल भाषा, गहरी संवेदनशीलता और सृजनात्मक लेखन के लिए जाना जाता है। उनके हिंदी साहित्य में अनूठे योगदान, विशिष्ट शैली और सृजनात्मकता के लिए वर्ष 2024 में उन्हें 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया। विनोद कुमार शुक्ल हिंदी के 12वें ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ, और वे छत्तीसगढ़ राज्य के पहले लेखक हैं, जिन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एम्स पहुंचकर उनका हालचाल जाना था। 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' के लेखक विनोद कुमार शुक्ल की 30 लाख की रायल्टी ने तोड़ा भ्रम, साबित हुई हिंदी किताबों की ताकत साहित्य और लेखन की विशेषताएं लेखक, कवि और उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल ने उपन्यास और कविता दोनों विधाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी पहली कविता ‘लगभग जयहिंद’ (1971) प्रकाशित हुई। उनके प्रमुख उपन्यासों में ‘नौकर की कमीज’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं। 1979 में प्रकाशित ‘नौकर की कमीज’ पर फिल्मकार मणिकौल ने इसी नाम से फिल्म भी बनाई। उनके उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ को साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है। शुक्ल का लेखन सरल भाषा, संवेदनशीलता और अनूठी शैली के लिए प्रसिद्ध था। उन्होंने हिंदी साहित्य में प्रयोगधर्मी लेखन के नए आयाम स्थापित किए। विनोद कुमार शुक्ल केवल कवि ही नहीं, बल्कि कथाकार भी रहे। उनके उपन्यासों ने हिंदी में एक मौलिक भारतीय उपन्यास की दिशा दी। उन्होंने लोक आख्यान और आधुनिक मनुष्य की जटिल आकांक्षाओं को समाहित करते हुए नए कथा ढांचे का निर्माण किया। उनके उपन्यासों में मध्यवर्गीय जीवन की बारीकियों को कुशलता से चित्रित किया गया। उनकी विशिष्ट भाषिक शैली, संवेदनात्मक गहराई और सृजनशीलता ने भारतीय और वैश्विक साहित्य को समृद्ध किया।

नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा कड़ी, झारखंड पुलिस को SRE योजना से 43.66 करोड़ की सहायता

रांची झारखंड में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और सुद्दढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय को केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से संचालित एसआरई (सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर) योजना के तहत कुल 43.66 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।          केंद्र–राज्य की साझा हिस्सेदारी जारी आदेश के अनुसार, स्वीकृत राशि एसआरई योजना के दोनों घटकों के अंतर्गत दी गई है। इसमें एक हिस्सा 100 प्रतिशत केंद्र प्रायोजित मद के तहत है, जबकि दूसरा हिस्सा 60:40 के अनुपात (केंद्र : राज्य) में साझा किया गया है। कुल 43.66 करोड़ रुपये में से केंद्र सरकार का योगदान 35.99 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार का अंश 7.66 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। आईजी अभियान होंगे निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी फंड की निकासी और उपयोग को लेकर सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में आईजी अभियान, झारखंड, रांची को इस राशि का निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। इसका अर्थ है कि फंड की निकासी और खर्च की पूरी जिम्मेदारी आईजी अभियान के अधीन होगी।          राशि लेप्स न होने के निर्देश, समयबद्ध खर्च पर जोर सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल उन्हीं मदों और कार्यों पर किया जाएगा, जिनके लिए इसे स्वीकृति प्रदान की गई है। किसी भी स्थिति में राशि का दुरुपयोग या निर्धारित मद से इतर खर्च स्वीकार्य नहीं होगा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि निकाली गई राशि लेप्स नहीं होनी चाहिए, यानी तय समय-सीमा के भीतर उसका पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा खर्च पर होगा उपयोग गौरतलब है कि एसआरई फंड का उपयोग मुख्य रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा से जुड़े खर्चों के लिए किया जाता है। इसमें सुरक्षाबलों की आवाजाही, हथियारों और आधुनिक उपकरणों की खरीद, खुफिया तंत्र को मजबूत करने, अभियान के दौरान होने वाले आकस्मिक खर्च तथा अन्य सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं शामिल हैं।   पुलिस की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद       सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फंड से झारखंड पुलिस की ऑपरेशनल क्षमता में इजाफा होगा और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की यह स्वीकृति आने वाले समय में पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण संबल मानी जा रही है।