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25 दिसंबर का राशिफल: नौकरी, व्यापार और स्वास्थ्य पर क्या पड़ेगा असर, जानें 12 राशियों का हाल

मेष: आज मेष राशि वालों की लाइफ में आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। आज आपको संतान सुख में वृद्धि मिल सकती है। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं, इसके कारण आपको पैसा खर्च करना पड़ सकता है। वृषभ: वृषभ राशि वालों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी। जीवन साथी की सेहत का ध्यान रखें। आज आपको बिजनेस में माता-पिता का साथ मिलेगा। कारोबार के लिए कहीं बाह पर जाना पड़ सकता है। मिथुन : आज मिथुन राशि वालों को आत्म संयत रहना होगा। धैर्यशीलता बनाए रखें। आपको लिए समय उत्तम है। आज किसी दोस्त से मिलना हो सकता है। कारेाबार में भागदौड़ रहेगी। कर्क: कर्क राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। इस समय कारोबार चल निकलेगा और लाभ के अवसर भी मिलेंगे। मित्रों व परिवार का साथ मिलेगा, इससे आपको लाभ होगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। सिंह: परिवार की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ मिलेगा। आज सिंह राशि वालों को मन परेशान हो सकता है। कोशिश करें कि बातचीत में संतुलन बनाए रखें। लाइफ पार्टनर के लिए धन आगम के योग। तुला: आपके लिए इस रिलेशनशिप मैटर करते हैं, आपको इन पर ध्यान देना चाहिए। ऑफिस में आपके साथ काम करने वाले आपको हर तरह से सपोर्ट करेंगे। आपका बिजनेस आपके लिए अच्छी खबर लाएगा। कन्या : इस समय कन्या राशि वालों को शांत रहना होगा। फाइनेंस में जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें। भागदौड़ अधिक रहेगी। आपके लिए करियर में आगे बढ़ने के योग भी बन रहे हैं। वृश्चिक: वृश्चिक राशि वालों का मन आज खुश रहेगा। बिजनेस इस समय बढ़ सकता है। आपकी प्रोपर्टी में भी वृद्धि हो सकती है। कारोबार में लाभ के मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। धनु : धनु राशि वालों के लिए शैक्षिक कार्यों में सम्मान और ट्रांसफर के योग बन रहे हैं। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होने के योग बन रहे हैं। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। मकर : इस समय मकर राशि वालों को आत्म संयत रहना होगा। धैर्यशीलता बनाए रखने का कोशिश करें, खासकर लवलाइफ में धैर्य रखना होगा। परिवार में किसी मंगलकार्य में पैसा खर्च करना पड़ सकता है। कुंभ: किसी दोस्त के सहयोग से किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। लेकिन कारोबार के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। आपके लिए जीवन में खुशियां आने वाली हैं। मीन: आज मीन राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। भवन के रख-रखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं।

कांग्रेस की ताकत हैं राहुल और प्रियंका, रिश्ता दूध-चीनी जैसा— पप्पू यादव का बयान

पटना  पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का रिश्ता 'दूध और चीनी' जैसा है और लोगों को उनसे भरोसे और रिश्तों से सीखना चाहिए। पप्पू यादव का यह बयान उस वक्त आया है, जब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के प्रियंका गांधी को पीएम बनाने की वकालत पर बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा ने भी सहमति जताई। मीडिया से बातचीत में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा परिवार का हिस्सा हैं और कांग्रेस में फैसले सीडब्ल्यूसी और सीईसी जैसी कांग्रेस की लीडरशिप बॉडी लेती हैं। राहुल गांधी कांग्रेस में सर्वसम्मति से माने जाने वाले नेता और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। प्रियंका गांधी और यहां तक कि मल्लिकार्जुन खड़गे भी प्रधानमंत्री बनने के काबिल हैं। बिहार में आपराधिक घटनाओं पर पप्पू यादव ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि हर दिन इतनी हत्याएं क्यों हो रही हैं। अगर कोई आंखें होते हुए भी अंधा और कान होते हुए भी बहरा बनना चाहता है, तो इसमें मेरी क्या गलती है। पूरी दुनिया देख सकती है कि हालात कैसे हैं। आम लोग और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। जिस समुदाय ने उन्हें वोट दिया, उसे माफिया नहीं माना जाता, जबकि जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया, उन सभी को माफिया करार दिया जाता है। भाजपा नेता नवनीत राणा के बयान, जिसमें उन्होंने हिंदुओं से अपील की है कि कम से कम चार बच्चे जरूर करें, इस पर सांसद पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा नेताओं के परिवारों में भी कई बच्चे हैं। आज भाजपा नेताओं की शादियां सभी समुदायों में हो रही हैं, हिंदू और मुस्लिम दोनों में। हम चाहते हैं कि भाजपा नेता पासवान और ऋषिदेव जैसे दलित समुदायों में भी शादी करें और सच में जाति की दीवारों को तोड़ें। उन्होंने कहा, भाजपा नेताओं को 19 बच्चे या 21 बच्चे पैदा करने से कौन रोक रहा है? वे 21 बच्चे भी पैदा कर सकते हैं। यह उनकी मर्जी है।

यूपी पंचायत चुनाव से पहले सियासी हलचल: संभल में फर्जी वोटिंग केस, 48 लोगों पर मामला दर्ज

संभल  उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से ठीक पहले संभल के गांव विलालपत से सामने आया फर्जी वोटर बनाने का मामला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। फर्जी दस्तावेज और गलत आधार संशोधन के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के आरोप में 48 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई लेखपाल गुन्नू बाबू कीअसमोली थाने में दर्ज शिकायत पर की गई।  मामला तब उजागर हुआ, जब जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह हाल ही में गांव विलालपत पहुंचे। वे वहां एसआईआर के कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान गांव से जुड़ी गंभीर शिकायतें उनके संज्ञान में आईं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच समिति गठित की। समिति ने 19 दिसंबर को अपनी जांच आख्या सौंपी, जिसमें स्पष्ट किया गया कि कई लोगों ने बीएलओ को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिनके आधार पर उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज कर दिए गए। यह सीधा-सीधा चुनावी प्रक्रिया से छेड़छाड़ का मामला बताया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर 20 दिसंबर को जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए। इसके बाद 22 दिसंबर को तहसीलदार ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। लेखपाल गुन्नू बाबू ने बताया कि डीएम संभल के आदेश पर असमोली थाने में मामला दर्ज किया गया एफआईआर में ग्राम विलालपत के 48 नामजद आरोपी शामिल हैं, जिनमें पुरुष और महिला दोनों हैं। सभी पर फर्जी दस्तावेज के जरिए वोट बनवाने का आरोप है। जांच आख्या में यह भी कहा गया है कि ग्राम विलालपत में आधार कार्ड में गलत तरीके से संशोधन कराकर वोट बनवाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है तथा आने वाले दिनों में और नाम सामने आ सकते हैं। यह मामला सिर्फ फर्जी वोट बनवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायत चुनाव से पहले लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इतना बड़ा फर्जीवाड़ा बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के संभव था? क्या कार्रवाई सिर्फ 48 नामों तक सीमित रहेगी या फर्जी वोटर नेटवर्क की पूरी परतें उखड़ेंगी?

सरकारी नौकरी का मौका: असिस्टेंट डायरेक्टर व सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर पदों पर निकली भर्ती

जयपुर  राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने असिस्टेंट डायरेक्टर और सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 दिसंबर से शुरू होगी। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 27 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इस भर्ती के तहत कुल 28 पदों को भरा जाएगा। कौन कर सकता है आवेदन? इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास ज़ूलॉजी, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी सहित संबंधित विषयों में एमएससी (M.Sc.) की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आयोग द्वारा निर्धारित अन्य पात्रताएं भी पूरी करनी होंगी।  उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु-सीमा में छूट दी जाएगी। एससी और एसटी वर्ग को 5 वर्ष, ओबीसी वर्ग को 3 वर्ष तथा दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट का प्रावधान है। आवेदन शुल्क इन पदों पर आवेदन करने के लिए सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए एप्लीकेशन फीस 600 रुपये तय की गई है, जबकि एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 400 रुपये रखा गया है। कैसा रहेगा परीक्षा पैटर्न? लिखित परीक्षा में संबंधित विषय से कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका कुल अंक भार 150 होगा। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित की गई है। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी। लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इतना मिलेगा वेतन असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर चयनित उम्मीदवारों को पे-मैट्रिक्स लेवल L-16 के तहत वेतन दिया जाएगा, जबकि सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर पद के लिए पे-मैट्रिक्स लेवल L-15 लागू होगा। हालांकि, राज्य सरकार के नियमों के अनुसार नियुक्ति के बाद परिवीक्षाकाल के दौरान उम्मीदवारों को नियत मासिक वेतन यानी फिक्स पे ही देय होगा। कैसे कर सकेंगे आवेदन?     सबसे पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।     यदि आप नए उम्मीदवार हैं, तो पहले OTR (One Time Registration) पूरा करें। पहले से रजिस्टर्ड उम्मीदवार सीधे लॉगिन कर सकते हैं।     रजिस्ट्रेशन आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल में लॉगिन करें।     असिस्टेंट डायरेक्टर/सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर भर्ती लिंक पर क्लिक करें।     मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य विवरण सही-सही भरें।     फोटो, सिग्नेचर और आवश्यक प्रमाण पत्र निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।     अपनी श्रेणी के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें।     सभी विवरण जांचने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट करें।  

ड्रोन टेक्नोलॉजी पर सख्ती: अमेरिका ने विदेशी ड्रोन संचालन पर लगाई रोक, चीन ने दी प्रतिक्रिया

बीजिंग  चीन ने मंगलवार को अमेरिका के उस निर्णय की कड़ी निंदा की, जिसके तहत 'राष्ट्रीय सुरक्षा' के नाम पर सभी विदेशी निर्मित ड्रोन प्रणालियों और उनके प्रमुख घटकों को प्रतिबंधित आपूर्तिकर्ताओं की सूची में शामिल किया गया है। चीन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने अपना रवैया नहीं बदला, तो वह अपने उद्यमों के वैध हितों की रक्षा के लिए आवश्यक और प्रभावी कदम उठाएगा। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह प्रतिक्रिया अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) द्वारा हाल ही में जारी नोटिस के बाद दी। इस नोटिस के अनुसार, सभी विदेशी ड्रोन कंपनियों को 'अविश्वसनीय आपूर्तिकर्ताओं' की सूची में डाल दिया गया है, जिससे उनका अमेरिकी बाजार में संचालन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। प्रवक्ता ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका ने चीनी और अमेरिकी कंपनियों के बीच सामान्य व्यापारिक लेनदेन तथा दोनों देशों के उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं की बार-बार अनदेखी की है। उसने 'राष्ट्रीय सुरक्षा' की अवधारणा का दुरुपयोग कर चीनी उद्यमों को दबाने और प्रतिस्पर्धा को अनुचित तरीके से सीमित करने का प्रयास किया है। यह बाजार व्यवस्था को बाधित करने और एकतरफा दबाव की नीति का उदाहरण है। उन्होंने आगे कहा कि चीन अमेरिका से इन गलत प्रथाओं को तुरंत समाप्त करने और संबंधित प्रतिबंधात्मक उपायों को वापस लेने का आग्रह करता है। यदि अमेरिका अपनी मनमानी जारी रखता है, तो चीन न केवल अपने उद्यमों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करेगा, बल्कि आवश्यक होने पर जवाबी कार्रवाई भी करेगा। विश्लेषकों का कहना है कि यह निर्णय दोनों देशों के बीच तकनीकी और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को और गहरा कर सकता है। ड्रोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चीन अग्रणी वैश्विक शक्ति है और अमेरिकी बाजार उसके लिए एक प्रमुख उपभोक्ता केंद्र माना जाता है। इस पृष्ठभूमि में चीन की तीखी प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि वाशिंगटन और पेइचिंग के बीच तकनीकी वर्चस्व की प्रतिस्पर्धा अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है।

कानूनी शिकंजा: हाजिर न होने पर मंत्री नितेश राणे पर कोर्ट सख्त, जारी हुआ NBW

सिंधुदुर्ग महाराष्ट्र में कुडाल कोर्ट ने राज्य के कैबिनेट मंत्री और सिंधुदुर्ग जिले के गार्डियन मिनिस्टर नितेश राणे को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई लंबे समय से कोर्ट में पेश न होने और बार-बार गैरहाजिर रहने के चलते की गई है। संविधान बचाने के लिए हुए प्रोटेस्ट से जुड़े प्रकरण में विधायक प्रवीण दरेकर और विधायक प्रसाद लाड के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। यह मामला 26 जून 2021 का है, जब सिंधुदुर्ग जिले में ओबीसी आंदोलन के दौरान कुडाल पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। प्रोटेस्ट के सिलसिले में राजन तेली, विधायक नीलेश राणे, मंत्री नितेश राणे और 42 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान विधायक नीलेश राणे, राजन तेली और अन्य आरोपी कोर्ट में उपस्थित थे, जबकि नितेश राणे सहित कुल छह आरोपी गैरहाजिर रहे। कोर्ट ने नितेश राणे के वकीलों द्वारा दी गई गैरहाजिरी की याचिका को खारिज कर दिया। लगातार तारीखों पर पेश न होने को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने उनके खिलाफ नॉन बेलेबल अरेस्ट वारंट जारी किया। इससे पहले नासिक हाउसिंग घोटाले से जुड़े मामले में कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी (अजित पवार गुट) नेता माणिकराव कोकाटे को दो साल की सजा सुनाई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन गिरफ्तारी से संरक्षण देते हुए दो साल की जेल की सजा को अंतिम सुनवाई तक निलंबित कर दिया। हाईकोर्ट का यह आदेश नासिक सेशन कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका पर आया है, जिसमें कोकाटे को सरकारी फ्लैटों के अवैध अधिग्रहण से जुड़े हाउसिंग फ्रॉड मामले में दो साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। सेशन कोर्ट के फैसले के बाद कोकाटे ने हाईकोर्ट का रुख किया था।

जलभराव पर लगाम लगाने की तैयारी: हरियाणा सरकार ने 528 करोड़ का विशेष एक्शन प्लान किया लागू

चंडीगढ़  हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों को 528 करोड़ रुपये की लागत वाली 328 बाढ़ नियंत्रण प्राथमिक योजनाओं की तत्काल समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर पहले आबादी क्षेत्र (आबादी देह) की सुरक्षा और उसके बाद कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा तीन दिनों के भीतर मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपी जाए। ये निर्देश उन्होंने 55वीं "हरियाणा स्टेट टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ऑन फ्लड्स" (HSTAC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य आगामी मानसून से पहले पूरे किए जाने चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन को फील्ड स्तर पर कार्यों की सख्त निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और समय-सीमा के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वित्त आयुक्त ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे सभी डी-वॉटरिंग पंपों की सूची तैयार करें और यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह कार्यशील हों, ताकि उन्हें केंद्रीकृत और रणनीतिक तरीके से तैनात किया जा सके। इससे प्रत्येक जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पंपिंग क्षमता उपलब्ध रहेगी और भारी वर्षा तथा जलभराव की स्थिति में समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि डी-वॉटरिंग मशीनरी की पूरी सूची पहले से तैयार रखी जाए। बैठक में मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बैठक में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 642 करोड़ रुपये की लागत वाली 378 बाढ़ सुरक्षा योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। वर्तमान में 231 योजनाएं क्रियान्वयन की अवस्था में हैं, जबकि 48 योजनाओं का कार्य अभी शुरू होना बाकी है।   बैठक में शहरी बाढ़ नियंत्रण उपायों की भी समीक्षा की गई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने बताया कि 525.95 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 30 स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज परियोजनाएं फिलहाल निर्माणाधीन हैं, जबकि पिछले वर्ष 23 परियोजनाएं पूरी की गई थीं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का समाधान करना है। डॉ. मिश्रा ने पिछले वर्ष चिन्हित संवेदनशील बिंदुओं की गहन समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ से संबंधित कार्यों के लिए, पूरक प्रावधानों सहित 460 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। चालू वर्ष में अब तक लगभग 395 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है। उपायुक्तों को विशेष रूप से नदी संरक्षण और तटबंध संबंधी कार्यों का नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान वित्त आयुक्त ने हरियाणा इंटीग्रेटेड फ्लड मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (IFMIS) के विकास की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि अगली बोर्ड बैठक से पहले इस प्रणाली को पूरी तरह क्रियाशील किया जाए।  

अमित शाह का पंचकुला दौरा: सहकारी सम्मेलन में हरियाणा को मिलीं नई सौगातें, नायब सैनी की जमकर तारीफ

पंचकुला केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पंचकुला आगमन पर हरियाणा को एक साथ कई सौगातें दी हैं। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित थे। शाह सहकारी सम्मेलन में पहुंचे थे। इस अवसर पर सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि अमित शाह ने जिला भिवानी में दूध शीतकरण केंद्र सलेमपुर प्लांट , जिला रेवाड़ी के हैफेड आटा मिल जाटूसाना तथा सहकारिता मंत्रालय द्वारा तैयार आईवाईसी के पोर्टल का पंचकुला से रिमोट द्वारा ई -लोकार्पण किया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने इसी अवसर पर हरियाणा राज्य सहकारी बैंकों के 5 लाभार्थियों को रुपे -प्लैटिनम डेबिट कार्ड तथा हरियाणा में कृभको द्वारा बनाए गए 2 एम-पैक्स के अध्यक्षों को पंजीकरण प्रमाण-पत्र का वितरण किया। उन्होंने कृभको द्वारा तैयार आईवाईसी के समारोहों पर आधारित वर्ष पुस्तिका का विमोचन भी किया। इससे पूर्व कृभको कॉर्पोरेट फिल्म का प्रदर्शन किया गया इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण , सहकारिता मंत्री अरविन्द शर्मा , कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, खेल मंत्री गौरव गौतम, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के अलावा कृभको के अध्यक्ष श्री वी सुधाकर चौधरी , प्रबंध निदेशक एस एस यादव भी उपस्थित थे।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने पंचकूला में आयोजित 'सहकार से समृद्धि' कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा आज देश में किसान कल्याण, पारदर्शी शासन और तेज़ निर्णय क्षमता का आदर्श बन चुका है। अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वह कर दिखाया है, जिसकी हिम्मत बहुत कम सरकारें कर पाती हैं। चुनावी घोषणा पत्र के दौरान जब 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का प्रस्ताव सामने आया, तो उन्होंने रात को फोन करके इस घोषणा को पुनः कन्फर्म किया तो मुख्यमंत्री सैनी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि आप घोषणा करिए, खरीद की ज़िम्मेदारी मेरी है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहाँ 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवल खरीद ही नहीं, बल्कि 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में फसलों का भुगतान करके हरियाणा सरकार ने एक नई प्रशासनिक क्रांति भी की है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को देश में सबसे अधिक मूल्य देने का काम भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किया है, जिससे पूरे देश की सरकारों पर सकारात्मक दबाव बना है। अमित शाह ने हरियाणा सरकार की जल प्रबंधन और सिंचाई योजनाओं की भी विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि “पर ड्रॉप – मोर क्रॉप” योजना के अंतर्गत 85 प्रतिशत सब्सिडी, दशकों से वंचित क्षेत्रों तक सिंचाई का पानी पहुँचाना और 2088 अमृत सरोवरों का निर्माण, ये सभी कदम दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का छोटा राज्य होते हुए भी कृषि, दुग्ध उत्पादन, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान देता रहा है। आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में यह परंपरा और भी सशक्त हुई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हरियाणा का उद्योग, जीएसटी और आयकर में बड़ा योगदान है, लेकिन किसी भी सरकार की असली पहचान यह होती है कि उसका किसान खुश है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के किसान को मुस्कुराने का कारण दिया है और यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।” अमित शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के मंत्र पर चलते हुए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में और मजबूत स्थान दिलाएंगे।

अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति से बढ़कर संस्कार और विचार का प्रतीक: सीएम भजनलाल शर्मा

जयपुर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर बिरला ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने स्व. वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को जोड़ा, जिससे गांवों में खुशहाली आई तथा गांव तक पहुंच आसान हुई। उन्होंने कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती है। वाजपेयी और चौधरी चरण सिंह ने किसानों और मजदूरों के लिए काम किया। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं, एक युग, एक विचार और एक संस्कार थे। वे तार्किक दृष्टिकोण के धनी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी वाजपेयी के सानिध्य में रहकर करीब से जानने का मौका मिला। मां भारती को लेकर उनकी भावनाओं में राष्ट्रप्रेम और विचारक की दृष्टि समाहित थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राष्ट्र और हमारे विचारों को मजबूत करने में श्री वाजपेयी ने बड़ा काम किया है। आज भारतीय जनता पार्टी देश ही नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा राजनैतिक दल बन चुका है। यह उन्हीं की देन है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और डॉ प्रेमचंद बैरवा, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद घनश्याम तिवाड़ी, मंजू शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण जैन, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और श्रोतागण उपस्थित रहे।  

गांवों में टिकाऊ विकास की बुनियाद रखने का संकल्प: ‘जी राम जी’ पर शिवराज चौहान की सोच को पीएमओ की सराहना

नई दिल्ली प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 'विकसित भारत-जी राम जी' पर लिखे लेख को शेयर किया है। पीएमओ ने कहा है कि 'विकसित भारत-जी राम जी' एक्ट 2025 को आय सहायता और बड़े ग्रामीण विकास के बीच एक रिश्ते के तौर पर देखा जा रहा है। इस आर्टिकल में 'विकसित भारत-जी राम जी' एक्ट 2025 को केवल योजनाओं या घटनाओं की एक शृंखला के रूप में नहीं, बल्कि इनकम सपोर्ट, संपत्ति निर्माण, कृषि स्थिरता और समग्र ग्रामीण विकास को जोड़ने वाले एक व्यापक आर्थिक फ्रेमवर्क के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इस विधेयक को तैयार करने से पहले केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ बड़े पैमाने पर परामर्श किया था। इसके अलावा, तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया और विभिन्न हितधारकों-किसानों, ग्रामीण समुदायों, विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के साथ विस्तृत बातचीत की गई, ताकि जमीनी जरूरतों और व्यावहारिक चुनौतियों को समझा जा सके।" केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस पोस्ट पर पीएमओ ने लिखा कि यह जानकारीपूर्ण आर्टिकल 'विकसित भारत-जी राम जी' एक्ट 2025 की मूल भावना को उजागर करता है। यह कानून इनकम सपोर्ट, परिसंपत्ति निर्माण, कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता और समुदाय के नेतृत्व वाले ग्रामीण विकास को अलग-अलग पहलुओं के रूप में नहीं, बल्कि आपस में जुड़े हुए तत्वों के रूप में देखता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। आर्टिकल में यह भी जिक्र किया गया है कि 'विकसित भारत-जी राम जी' एक्ट 2025 का उद्देश्य केवल अल्पकालिक सहायता देना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ विकास की नींव रखना है। इसके तहत रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे का विकास, कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि 'विकसित भारत-जी राम जी' एक्ट 2025 ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'विकसित भारत-जी राम जी' पर एक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि बदलाव मौके पैदा करता है। मनरेगा की आड़ में यूपीए सरकार ने लोगों को बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। 'विकसित भारत-जी राम जी' बिल पेश करके हमने कांग्रेस द्वारा छोड़ी गई गंभीर कमियों को दूर करने की कोशिश की है। इस बिल के बारे में कांग्रेस द्वारा अब जो भ्रम और गलत जानकारी फैलाई जा रही है, उसका सिर्फ एक ही मकसद है अपनी नाकामियों और पिछले गलत कामों को छिपाना।