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भविष्य की फैक्टरी? चीन में AI संभाल रहा 5000 लूम का काम, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली  हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चीन की एक विशाल टेक्सटाइल फैक्ट्री के वीडियो तेजी से वायरल हुए हैं, जिनमें चीन के शिनजियांग प्रांत के अराल शहर में 5,000 से अधिक लूम (बुनाई मशीनें) स्वचालन और AI‑आधारित नियंत्रण के तहत 24 घंटे, 7 दिन nonstop चल रही हैं, और वहां कोई मानव श्रमिक दिखाई नहीं दे रहा। यह क्लिप टेक्सटाइल उद्योग में चीन के ऑटोमेशन रुझान को लेकर वैश्विक चर्चा का विषय बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि 5000 करघे (looms) पूरी तरह AI के सहारे, बिना किसी इंसान के 24 घंटे चल रहे हैं।   इन वीडियो को “ZERO Humans Factory” और “Fully Autonomous Textile Plant” जैसे दावों के साथ साझा किया जा रहा है।  विशेषज्ञों के मुताबिक यह चीन की स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग क्रांति का उदाहरण है, लेकिन यह दावा अभी प्राधिकृत समाचार स्रोतों में पुष्ट नहीं हुआ है।  हालांकि, इस वीडियो को लेकर यह स्पष्ट प्रमाणित नहीं हुआ है कि यह किसी प्राधिकृत समाचार एजेंसी या सरकारी स्रोत द्वारा पुष्टि की गई रिपोर्ट है। यह मुख्य रूप से सोशल मीडिया और प्लेटफॉर्म वीडियो पोस्ट्स में दिखाई जा रहा तस्वीरों/फुटेज पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि इसे फैक्ट‑चेक की आवश्यकता है।     ऑटोमेशन है, लेकिन इंसान गायब नहीं प्रमाणिक औद्योगिक रिपोर्ट्स और चीन के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक, यह दावा भ्रामक और अधूरा है।  चीन ने वाकई AI-संचालित लूम्स, रोबोटिक यार्न हैंडलिंग, ऑटो-क्वालिटी डिटेक्शन और स्मार्ट सेंसर सिस्टम को बड़े पैमाने पर अपनाया है। लेकिन पूरी तरह इंसान-मुक्त टेक्सटाइल फैक्ट्री फिलहाल मौजूद नहीं है। AI क्या करता है?     करघों की गति और पैटर्न का ऑटो कंट्रोल     धागे की टूट-फूट का तुरंत पता     ऊर्जा दक्षता और उत्पादन ऑप्टिमाइज़ेशन     रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स इंसान कहां जरूरी ?     मशीन मेंटेनेंस और इमरजेंसी इंटरवेंशन     सॉफ्टवेयर मॉनिटरिंग     क्वालिटी ऑडिट और फाइनल इंस्पेक्शन     सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स क्यों फैल रहा है ‘ZERO Humans’ नैरेटिव? विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की तकनीकी ताकत को अति-नाटकीय तरीके से दिखाने और सोशल मीडिया एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए ऐसे दावे किए जाते हैं। वास्तविकता में इसे “High Automation Factory” कहना ज्यादा सही होगा, न कि “No Humans Factory”। चीन में टेक्सटाइल उद्योग में ऑटोमेशन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग का विकास कई वर्ष से चल रहा है। औद्योगिक इंटरनेट और टेक्नोलॉजी से जुड़ी रिपोर्ट बताती हैं कि चीन की कई टेक्सटाइल फैक्ट्रियाँ AI, IoT और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ काम कर रही हैं, जहाँ मशीनें उच्च गति पर लगातार चल रही हैं और केवल निगरानी के लिए कुछ लोग मौजूद रहते हैं। लेकिन यह सत्यापित नहीं हुआ है कि कोई फैक्टरी पूरी तरह बिना किसी मानव हस्तक्षेप के चल रही है। आमतौर पर उत्पादन लाइनें स्वचालित हैं, मगर इंसानों की निगरानी, रख‑रखाव और गुणवत्ता नियंत्रण अभी भी अधिकांश औद्योगिक सेट‑अप में आवश्यक है। चीन में ऑटोमेशन क्यों बढ़ा? चीन अब औद्योगिक ऑटोमेशन को राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा बना रहा है, जिसमें AI‑संचालित रोबोट्स और मशीनें लागत कम, उत्पादन तेज और गुणवत्ता बढ़ाने में सहायता कर रही हैं।   रिपोर्टों के अनुसार, चीन में मैन्युफैक्चरिंग रोबोट्स की तैनाती दुनिया के कई देशों से अधिक है, जिससे ट्रेड‑वॉर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में चीन अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।  भारत‑चीन टेक्सटाइल मुकाबला  चीन की टेक्नोलॉजी‑भारी उत्पादन प्रणाली से भारत जैसे बड़े कपड़ा उत्पादक देशों पर प्रभाव भी दिख रहा है।  चीन सस्ते निर्यात और उच्च क्वालिटी उत्पादन के लिए ऑटोमेशन का लाभ उठा रहा है, जिससे दुनियाभर के बाजारों में चीन का प्रभाव और मजबूत हो रहा है। वहीं भारत में तकनीक‑उन्मुख अपग्रेडेशन और एक्सपोर्ट‑फोकस्ड प्रयासों से वैश्विक कपड़ा आपूर्ति श्रृंखला में हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश हो रही है। उदाहरण के लिए भारत अब कई बाजारों में कपड़ा निर्यात के नए केंद्र के रूप में उभरा है। ऐसे में AI‑बेस्ड ऑटोमेशन, मशीन‑ड्रिवन उत्पादन, और मानव श्रम की भूमिका में बदलाव आज वैश्विक टेक्सटाइल प्रतिस्पर्धा के नए परिदृश्य हैं।

HTET 2026 नोटिफिकेशन जारी: अब शुरू हुए आवेदन, इस दिन तक भर सकेंगे फॉर्म

हरियाणा  एचटेट के लिए बीते दिन बुधवार से आवेदन शुरू हो गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 जनवरी है। इस बार आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सिर्फ दस दिन ही दिए गए हैं।आवेदन के लिए बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर लिंक जारी कर दिया गया है। आवेदन में सुधार के लिए अभ्यर्थियों को चार और पांच जनवरी का समय दिया गया है। HTET 2026 के लिए कैसे करें आवेदन? सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट –  bseh.org.in व htet.eapplynow.com पर जाना होगा। इसके बाद होम पेज पर दिख रहे HTET 2026 के लिंक पर क्लिक करना होगा। अब अपनी जरूरी जानकारी भरकर लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म को ध्यानपूर्वक पूरा करें। फॉर्म भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें। अंत में कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।

बैडमिंटन स्टार पी.वी. सिंधु का वैश्विक सम्मान, BWF एथलीट्स कमीशन की कमान संभाली

नई दिल्ली दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय शटलर पी.वी. सिंधु को 2026–29 कार्यकाल के लिए बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) की एथलीट्स कमीशन का चेयरपर्सन चुना गया है। इस भूमिका के साथ ही सिंधु बीडब्ल्यूएफ काउंसिल की सदस्य के रूप में भी सेवाएं देंगी, जिससे विश्व बैडमिंटन की नीतियों और प्रशासन में खिलाड़ियों की आवाज और मजबूत होगी। इसके अलावा, हांगकांग चीन के चान हो यूएन डैनियल को पैरा बैडमिंटन एथलीट्स कमीशन का चेयर चुना गया है। सिंधु वर्ष 2017 से बीडब्ल्यूएफ एथलीट्स कमीशन की सदस्य रही हैं और 2020 से बीडब्ल्यूएफ इंटीग्रिटी एंबेसडर की भूमिका भी निभा रही हैं। 2019 की विश्व चैंपियन सिंधु अपने लंबे अनुभव और प्रभावशाली व्यक्तित्व के साथ इस अहम जिम्मेदारी को संभालेंगी। इस मौके पर सिंधु ने कहा, “मैं इस भूमिका को गहरी जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ स्वीकार करती हूं। एथलीट्स कमीशन की चेयर के रूप में मेरा फोकस यह सुनिश्चित करना होगा कि खिलाड़ियों की आवाज हर स्तर पर साफ, निरंतर और सम्मान के साथ सुनी जाए। मैं इस भूमिका को खिलाड़ियों और प्रशासन के बीच एक सेतु के रूप में देखती हूं। साथी खिलाड़ियों द्वारा मुझ पर जताया गया भरोसा मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पूर्व चेयर ग्रेसिया पोली को उनके शानदार कार्य के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं।” सिंधु की डिप्टी चेयर नीदरलैंड्स की डेबोरा जिले होंगी। दक्षिण कोरिया की एन से यंग, मिस्र की दोहा हानी और चीन की जिया यी फैन भी कमीशन की अन्य खिलाड़ी प्रतिनिधि हैं। पैरा बैडमिंटन में, चान हो यूएन डैनियल ने इस साल की शुरुआत में अंतरिम चेयर के रूप में कार्य किया था और अब वह इस भूमिका को पूर्णकालिक रूप से निभाएंगे। दो बार के पैरालंपियन रह चुके डब्लूएच2 खिलाड़ी चान ने कहा, “बीडब्ल्यूएफ पैरा एथलीट्स कमीशन का चेयर चुना जाना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। यह न केवल मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि दुनिया भर के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों की मेहनत और प्रगति की पहचान भी है।” डेनमार्क की कैथरीन रोसेनग्रेन उनकी डिप्टी होंगी। अमेरिका की एमी बर्नेट, फ्रांस के गुइयोम गैली, भारत के अबू हुबैदा और मिस्र के तारेक अब्बास घरीब ज़हरी कमीशन के अन्य सदस्य हैं। इस बीच, ईरान की सोराया अगाएई हाजी आगा, जो टोक्यो 2020 ओलंपिक में ईरान का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी थीं, को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की एथलीट्स कमीशन के पांच नए सदस्यों में शामिल किया गया है।  

खेती होगी सस्ती और स्मार्ट: हरियाणा में सोलर पंप पर 75% सब्सिडी का ऐलान

हरियाणा  हरियाणा के किसानों के लिए अच्छी खबर आई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रधानमंत्री कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर एनर्जी पंप लगाने का अवसर दिया जा रहा है। इच्छुक किसान आज से 29 दिसंबर 2025 तक सरकार के सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत किसानों को 3 एचपी, 5 एचपी, 7.5 एचपी और 10 एचपी क्षमता के सोलर पंप 12 अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने पहले बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।   तय समय सीमा में जमा करवाएं आवेदन  वहीं वेटिंग लिस्ट में शामिल पुराने आवेदकों को भी राहत दी गई है। यदि वे अपने सोलर पंप की क्षमता या प्रकार बदलना चाहते हैं, तो वे पुरानी फैमिली आईडी के माध्यम से दोबारा आवेदन कर सकते हैं। ऐसे किसानों को नया चालान जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि उनका अंश पहले ही विभाग के पास जमा है। यदि तय समय सीमा में नया आवेदन नहीं किया गया और पंप आवंटित नहीं होता, तो जमा की गई राशि वापस कर दी जाएगी। जानें आवेदन के लिए किसानों के पास क्या-क्या होना चाहिए ऑनलाइन आवेदन के लिए किसानों के पास फैमिली आईडी, कृषि भूमि के रिकॉर्ड या जमाबंदी और यह प्रमाण पत्र होना जरूरी है कि आवेदक के नाम पर कोई बिजली आधारित पंप नहीं है। किसानों को वर्चुअल अकाउंट नंबर के साथ चालान जारी किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी को अपना हिस्सा NEFT या RTGS के माध्यम से जमा करवाना पड़ेगा।  

पंजाब सरकार की चेतावनी: 31 दिसंबर आखिरी तारीख, कर्मचारियों पर सख्ती तय

लुधियाना  सरकार द्वारा बकाया नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस जमा करवाने पर दी गई छूट की डैडलाइन 31 दिसम्बर को खत्म हो जाएगी। इससे पहले पैंडिंग फाइलों के निपटारे के लिए इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट में 26 दिसम्बर को फिर से कैंप का आयोजन किया जाएगा। यहां बताना उचित होगा कि लोकल बॉडीज विभाग द्वारा जारी की गई वन टाइम सैटलमैंट पॉलिसी में एन.सी.एफ. पर छूट के लिए 31 जुलाई तक आवेदन करने की डैडलाइन फिक्स की गई थी और वह लोग 31 दिसम्बर तक बकाया किस्तें जमा करवा सकते थे। लेकिन चेयरमैन के पास पहुंची शिकायतों के मुताबिक मुलाजिमों द्वारा ओ.टी.एस. से संबंधित ज्यादातर आवेदन बिना वजह एतराज लगाकर पैंडिंग रखे गए हैं। इसके मद्देनजर चेयरमैन तरसेम भिंडर द्वारा पहले सारे स्टाफ की मीटिंग बुलाकर अपनी वर्किंग में सुधार लाने की चेतावनी दी गई और फिर 18 दिसम्बर को कैंप लगाकर रजिस्ट्री, ट्रांसफर, एन.ओ.सी. से संबंधित 40 पेंडिंग केस आन द स्पॉट क्लीयर करवाए। इसके बाद भी काफी केस पैंडिंग होने की सूचना मिलने पर चेयरमैन ने 31 दिसम्बर की डैडलाइन खत्म होने से पहले 26 दिसम्बर को एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार फिर कैंप लगाने का फैसला किया गया है। 

लोक प्रशासन में उत्कृष्टता को मान्यता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा

जिलों और विभागों से प्राप्त 312 प्रविष्टियों में से 10 नवाचारों का चयन — तकनीक, परिणाम और नागरिक-केंद्रित सेवा पर विशेष जोर छत्तीसगढ़ के श्रेष्ठ प्रशासनिक नवाचारों को मिलेगा सम्मान “नागरिकों की बेहतर सेवा के लिए शासन का निरंतर विकसित होना आवश्यक है” : मुख्यमंत्री साय रायपुर, छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में हो रहे परिवर्तन और प्रशासनिक संस्कृति के सुदृढ़ होते स्वरूप को रेखांकित करते हुए आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा की । यह पुरस्कार राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों द्वारा लागू किए गए उन नवाचारों को सम्मानित करने हेतु दिए जाएंगे, जिन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा स्थापित ये पुरस्कार इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य शासन सार्वजनिक प्रशासन के केंद्र में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की गुणवत्ता को केवल मंशा या व्यय के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक, मापनीय प्रभाव, विस्तार-योग्यता और जमीनी समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर आँका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार इस नई प्रशासनिक सोच को संस्थागत रूप देने का प्रयास हैं, जहाँ तकनीक, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधार मिलकर सार्वजनिक सेवा को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि निरंतर हो रहे नवाचारों से साकार होता है। परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में जनहित को केंद्र में रखकर विकसित किए गए उत्कृष्ट प्रशासनिक नवाचारों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के विजेताओं की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासन में नवाचार कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रणालियों को नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ निरंतर स्वयं को ढालना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नवाचारों के सम्मान की आज घोषणा की गई  है, वे केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि भविष्य-उन्मुख शासन के लिए अनुकरणीय और दोहराने योग्य मॉडल हैं। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के लिए एक सुदृढ़ और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसका उद्देश्य समावेशिता और गुणवत्ता के बीच संतुलन स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 312 नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 275 जिलों से और 37 राज्य स्तरीय विभागों से थे। यह व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि शासन के प्रत्येक स्तर पर समस्या-समाधान की नवाचारी सोच विकसित हो रही है। यह प्रवृत्ति समाधान-केंद्रित प्रशासन की ओर हो रहे सांस्कृतिक बदलाव को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पहले चरण में 55 नवाचारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 13 नवाचारों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया और अंततः 10 विजेता नवाचारों का चयन किया गया, जिनमें जिला और विभागीय श्रेणियों से समान संख्या में प्रविष्टियाँ शामिल रहीं। मूल्यांकन के दौरान परिणामों को 50 अंक, विस्तार-योग्यता को 40 अंक और नवाचार को 10 अंक का भार दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि सम्मान केवल विचारों पर नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावशाली परिणामों पर आधारित हो। जिला श्रेणी के विजेताओं में दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया। जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई। मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है। नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली। विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा। वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन … Read more

खिलाड़ी ने पूछा- और कैसे हो, पीएम मोदी ने दिया फनी रिप्लाई, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

 नई दिल्ली सांसद खेल महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के प्रतिभावान खिलाड़ियों से बात कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने हरियाणा के एक उभरते बॉक्सर से बातचीत की जो ओलंपिक में जाने का सपना देखता है. बातचीत की शुरुआत ही इतनी मजेदार थी कि देखते ही देखते ऑनलाइन वायरल हो गया.  जैसे ही प्रधानमंत्री कहते हैं – नीरज, राम-राम. उधर से बॉक्सर का जवाब मिलता है – और कैसे हो. इस पर पीएम मोदी मुस्कुराने लगते हैं और कहते हैं – मैं तेरे जैसा ही हूं. इस बॉक्सर के साथ पीएम मोदी की बातचीत का ये हिस्सा काफी वायरल हो रहा है. बॉक्सर नीरज ने इतनी मासूमियत से पीएम से सवाल करता है और उनके सवालों के जवाब देता है, जिसे सुनकर किसी की भी हंसी छूट जाए.  बॉक्सर नीरज की मासूमियत ने लोगों को किया कायल आगे पीएम मोदी बॉक्सर से पूछते हैं – अच्छा नीरज, ये नीरज का नाम सुनकर ही तुम्हें लगा होगा कि मेरा नाम नीरज है तो मैं भी नीरज चोपड़ा बन जाऊं. इस पर फिर बॉक्सर मासूमियत से जवाब देता है- हां जी. इसके बाद  पीएम नीरज को अपने बारे में कुछ बताने को कहते हैं. बॉक्सर बताता है कि मेरा नाम नीरज है जी. मेरे पिता जी का नाम बलवान सिंह है. वो कॉपरेटिव सोसाइटी में काम करते हैं. मम्मी घर का काम करती है और मैं हरियाणा के टोहाना के डांगरा गांव का रहने वाला हूं. मैं बॉक्सिंग खिलाड़ी हूं और नेशनल मेडलिस्ट भी हूं. पीएम मोदी ने पूछा – आपने खेलों में आगे करियर बनाने का सोचा है. इस पर नीरज ने कहा- हां जी, मैं आगे बॉक्सिंग मे आगे जाना चाहता है. पीएम मोदी ने जब पूछा कि क्या आप मोबाइल पर इंटरनेट पर दुनिया के बड़े-बड़े बॉक्सरों के मैच देखते हैं. इस पर नीरज ने कहा कि हां, जरूर देखता हूं. दुनिया के भी और अपने देश के भी बड़े बॉक्सरों के खेल देखता हूं और उनसे सीखता हूं. इससे मोटिवेट भी होता हूं.  पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए की बातचीत पीएम मोदी ने फिर नीरज से मजाकिया अंदाज में पूछा कि जब आप मोबाइल पर बैठे रहते होगे तो आपके पिता जी कहते होंगे ये क्या कर रहे हो. जाओ जाकर खेलो. नीरज ने बतााय कि हां ऐसा तो होता है, लेकिन बॉक्सरों की अच्छी फाइट देखकर खुद को रोक नहीं पाता.  नीरज ने ओलंपिक गोल्ड मेडल लाने का किया वादा पीएम मोदी ने पूछा कि क्या नीरज क्या मैं आज मानकर जाऊं कि आने वाले समय में हमारा एक और हरियाणवी बॉक्सर देश को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीताएगा. इस पर नीरज ने बताया कि हां जी, जरूर. इस पर लोग तालियां बजाने लगे. नीरज ने कहा कि इस ओलंपिक में या उसके अगले ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर आऊं और आपके हाथ में लाकर दे दूं.

चीन में भारतीय ट्रैवल व्लॉगर को 15 घंटे डिटेन, बुनियादी ज़रूरतों से भी रखा गया वंचित

चीन  भारतीय ट्रैवल व्लॉगर अनंत मित्तल, जिन्हें सोशल मीडिया पर “ऑन रोड इंडियन” के नाम से जाना जाता है, ने चीन में अपने कथित हिरासत अनुभव को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। अनंत के अनुसार, 16 नवंबर को चीन के एक एयरपोर्ट पर उन्हें चीनी अधिकारियों ने रोक लिया और लगभग 15 घंटे तक हिरासत में रखा।अनंत ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि हिरासत के दौरान कई घंटों तक उनसे कोई बातचीत नहीं की गई। उनका कहना है कि उन्हें बाथरूम जाने की अनुमति नहीं दी गई और बार-बार मांगने के बाद ही थोड़ा-सा पानी उपलब्ध कराया गया।   अनंत के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने उनके बैग और निजी सामान की गहन जांच की, हालांकि उसमें कुछ भी अवैध नहीं मिला। इसके बावजूद उनसे लंबी पूछताछ की गई। अनंत का दावा है कि यह पूरी कार्रवाई उनकी अरुणाचल प्रदेश से जुड़ी टिप्पणी के कारण हुई। करीब 15 घंटे बाद, पूछताछ पूरी होने पर उन्हें छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर चीन की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों और विदेशी नागरिकों के साथ व्यवहार को लेकर बहस तेज हो गई है।हालांकि, इस मामले पर चीनी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और यह दावा फिलहाल व्लॉगर के व्यक्तिगत बयान पर आधारित है।

लखनऊ में शानदार प्रेरणा स्थल स्थापित कराने पर राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी बधाई

लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक दशक में देश जिन मंत्रों के साथ आगे बढ़ा है, उनमें ‘अपने महापुरुषों-विरासत पर गौरव की अनुभूति करना, उनका सम्मान व संरक्षण करना’ भी है जिसे पीएम मोदी ने दिया है। इस सोच से प्रभावित होकर राष्ट्र प्रेरणा स्थल में भारत के तीन ऐसे महापुरुषों (पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व अटल बिहारी वाजपेयी) की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो प्रेरणा के मूर्त स्वरूप हैं। इन्होंने आजाद भारत को सम्मान, स्वाभिमान व नई पहचान दिलाने का कार्य किया। रक्षा मंत्री ने प्रख्यात मूर्तिकार रामसुतार के प्रति श्रद्धांजलि और दो प्रतिमा बनाने वाले मांटू राम के प्रति सम्मान प्रकट किया। रक्षा मंत्री ने शानदार प्रेरणा स्थल यूपी की राजधानी लखनऊ में स्थापित करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।  डॉ मुखर्जी, पं. दीनदयाल व अटलजी के साथ महामना का भी स्मरण  रक्षा मंत्री ने पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति श्रद्धा निवेदित की। उन्होंने पं. महामना मदन मोहन मालवीय का भी स्मरण किया। कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की एकता व अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए लंबा संघर्ष किया। जम्मू-कश्मीर को धारा-370 के तहत विशेष दर्जा मिला था, उसे समाप्त करने के लिए डॉ. मुखर्जी ने प्राणों की आहुति दी। पीएम मोदी ने आजाद भारत ने उनके संकल्प को पूरा किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद व अंत्योदय का विचार प्रस्तुत किया था। उन्होंने जो विचारधारा दी, उसी आधार पर पीएम मोदी सशक्त, स्वाभिमानी व स्वावलंबी भारत बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। पं. उपाध्याय का मानना था कि व्यक्ति के मान, सम्मान व स्वाभिमान की भी चिंता की जानी चाहिए। रक्षा मंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन का सार बताते हुए कहा कि तन के सुख के लिए धनधान्य, मन के सुख के लिए मान, सम्मान व स्वाभिमान, बुद्धि के सुख के लिए ज्ञान और आत्मा के सुख के लिए भगवान चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार गरीब कल्याण की प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त कर रही है तो उसके पीछे हमारी प्रेरणा पं. दीनदयाल उपाध्याय हैं।  भारतीय राजनीति, समाज, संस्कृति के विकास में अटल जी का योगदान अतुलनीय  रक्षा मंत्री ने कहा कि लखनऊ संसदीय क्षेत्र के लोग पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से घुले-मिले थे। सभी उनके विनोदी स्वभाव से परिचित हैं। रक्षा मंत्री ने अटल जी के पाकिस्तान दौरे से जुड़ी घटना सुनाते हुए उनकी हाजिर जवाबी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति, समाज, संस्कृति के विकास में अटल जी का योगदान अतुलनीय है।  गांव, गरीब, किसानों के लिए काम कर रहे मोदी रक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गांव, गरीब, किसानों के लिए बड़ा काम किया है। पहले मनरेगा में तरह-तरह की धांधली होती थी, उसके स्थान पर जी राम जी के नाम पर संसद में नया विधेयक पारित किया है। पहले श्रमिकों को 100 दिन का काम मिलता था, अब 125 दिन का काम मिलेगा। साथ ही गांवों में स्थानीय बुनियादी ढांचों का विकास भी होगा।  पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास की नई बुलंदियों की तरफ बढ़ रहा भारत  रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास की नई बुलंदियों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार महंगाई की दर एक फीसदी के नीचे गई है। पीएम मोदी के शासनकाल में 8 फीसदी से अधिक की विकास दर दिख रही है। पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष/केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर ब्रेक: 2 दिन जोमैटो-स्विगी रहेंगे प्रभावित, डिलीवरी बॉय हड़ताल पर

नई दिल्ली  जोमैटो, स्विगी, जेप्टो, ब्लिंकिट, अमेजन और फ्लिपकार्ट से जुड़े डिलीवरी वर्कर 25 और 31 दिसंबर को हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस प्रस्तावित आंदोलन का नेतृत्व इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) और तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) कर रहे हैं। डिलीवरी वर्करों की मांग है कि उन्हें नौकरी की गारंटी, बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ प्रदान किए जाएं। यह विरोध प्रदर्शन उन चिंताओं को सामने लाता है, जिनमें तेजी से बढ़ती प्लेटफॉर्म कंपनियों की कमाई के मुकाबले डिलीवरी वर्करों की बिगड़ती कार्य स्थितियां शामिल हैं। यूनियनों का देशव्यापी आंदोलन का ऐलान यूनियनों का कहना है कि यह हड़ताल खराब होती कार्य परिस्थितियों और लगातार घटते भुगतान के खिलाफ एक संगठित आवाज है। IFAT और TGPWU ने संयुक्त रूप से इस हड़ताल का आह्वान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर यूनियनों ने स्विगी, जोमैटो, फ्लिपकार्ट मिनट्स सहित सभी प्रमुख फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी वर्करों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। यूनियनों ने इसे देशव्यापी आंदोलन बताया है और इसे जानबूझकर उन दिनों के लिए तय किया गया है, जब फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेवाओं की मांग सबसे अधिक रहती है। क्या है यूनियनों की मुख्य मांगे यूनियन की प्रमुख मांगों में नौकरी की सुरक्षा, अधिक वेतन, सुरक्षित कामकाजी हालात और सामाजिक सुरक्षा के लाभ शामिल हैं। TGPWU के संस्थापक अध्यक्ष शेख सलाउद्दीन ने एक बयान में कहा कि अस्थिर कार्य ढांचा, घटती आय और सामाजिक सुरक्षा की पूरी तरह से कमी के कारण डिलीवरी वर्कर बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल न्याय, सम्मान और जवाबदेही की मांग है। उनका कहना है कि सरकार अब आंखें मूंदकर नहीं बैठ सकती, जब प्लेटफॉर्म कंपनियां वर्करों की जान जोखिम में डालकर मुनाफा कमा रही हैं। नए श्रम कानून जल्द हो लागू यह प्रस्तावित हड़ताल ऐसे समय में सामने आई है, जब सरकार ने कुछ ही हफ्ते पहले नए श्रम कानून लागू किए हैं। इन कानूनों में पहली बार गिग वर्क, प्लेटफॉर्म वर्क और एग्रीगेटर की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। नए नियमों के तहत, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डिलीवरी, वेयरहाउसिंग और इससे जुड़ी सेवाओं के लिए गिग वर्करों पर निर्भर हैं, उन्हें अपने वार्षिक कारोबार का 1 से 2 प्रतिशत गिग वर्कर वेलफेयर फंड में जमा करना अनिवार्य होगा। इस घोषणा के बाद जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल और स्विगी ने बयान जारी कर कहा है कि वे नए श्रम कानूनों का पालन करेंगे। कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन बदलावों का उनके लंबे समय के व्यवसाय या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। वहीं, डिलीवरी वर्करों का कहना है कि जमीनी स्तर पर हालात में सुधार के लिए इन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है।