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मध्यप्रदेश सरकार व्यापार व्यवसाय के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी के उपयोग को दिया बढ़ावा मध्यप्रदेश सरकार व्यापार व्यवसाय के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री, भोजपाल मेले में हुए शामिल, मालवा के व्यंजन गराडू का लिया स्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया है। मध्यप्रदेश सरकार भी भोजपाल मेले जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है। व्यापार और वाणिज्य क्षेत्र के उन्नयन के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल मेले 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले की श्रेष्ठ व्यवस्थाओं और उत्कृष्टआयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेला वो है जहां लोग परस्पर मिलते हैं। व्यक्तियों के मध्य मतभेद को समाप्त करवाने में भी मेले महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के मौसम का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटन विकास के लिए बड़ी झील में शिकारों का संचालन प्रारंभ किया गया है। भोपाल के नागरिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और इस तरह के मेलों का आनंद लेना पसंद करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले में उपस्थित नागरिकों से चर्चा की और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। साथ ही विभिन्न व्यंजन स्टॉल्स का अवलोकन किया। उन्होंने मालवा क्षेत्र में लोकप्रिय व्यंजन गराडू का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मेला समिति के पदाधिकारी सुनील यादव और विकास वीरानी ने स्वागत किया।  

योगी आदित्यनाथ की सरकार के एसटीईएम विजन को मिला राष्ट्रीय मंच, निखरीं ग्रामीण प्रतिभाएं

सरकारी स्कूल से आईआईटी बॉम्बे तक उड़ान: संभल के बच्चों ने रचा इतिहास योगी आदित्यनाथ की सरकार के एसटीईएम विजन को मिला राष्ट्रीय मंच, निखरीं ग्रामीण प्रतिभाएं परिषदीय विद्यालयों के छात्रों ने टेकफेस्ट-2025 में इंजीनियरिंग छात्रों के समक्ष प्रस्तुत की चुनौती कोज्मोक्लेंच और मेसमराइज जैसी जटिल रोबोटिक्स स्पर्धाओं में सहभागिता कर प्रतिभा का मनवाया लोहा संभल  योगी आदित्यनाथ सरकार की गुणवत्तापरक शिक्षा नीति, एसटीईएम आधारित नवाचार और समान अवसरों के विजन का प्रभाव अब राष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। संभल के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले परिषदीय पृष्ठभूमि के बच्चों ने वह उपलब्धि हासिल की है, जिसे अब तक बड़े और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों तक सीमित माना जाता रहा है। इन विद्यार्थियों ने IIT Bombay के टेकफेस्ट 2025 में भाग लेकर तकनीकी उत्कृष्टता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। योगी सरकार की एसटीईएम विजन को मिला राष्ट्रीय मंच सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित संभल जनपद के विद्यार्थियों ने एशिया के प्रतिष्ठित विज्ञान एवं तकनीकी महोत्सव टेकफेस्ट 2025 में कोज्मोक्लेंच और मेसमराइज जैसी जटिल रोबोटिक्स स्पर्धाओं में सहभागिता की। कक्षा 4 से 9 तक के इन छात्रों ने देशभर के बीटेक विद्यार्थियों की 250 से अधिक टीमों को सीधी चुनौती दी। उनके तकनीकी कौशल और नवाचार क्षमता से प्रभावित होकर आईआईटी बॉम्बे ने विद्यार्थियों को तकनीकी उत्कृष्टता के लिए विशेष प्रशंसा तथा उत्कृष्टता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि परिषदीय विद्यालयों के छात्र भी उच्च स्तरीय तकनीकी मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन बच्चों ने रोबोटिक्स जैसी जटिल विधाओं में अपनी दक्षता दिखाई और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों के समक्ष कड़ी प्रतिस्पर्धा प्रस्तुत की। प्रशासनिक संबल और गुणवत्तापरक शिक्षा बन रही पहचान इस सफलता के पीछे योगी आदित्यनाथ की सरकार के शिक्षा सुधारों की स्पष्ट भूमिका दिखाई देती है। एसटीईएम शिक्षा पर विशेष फोकस, अवसरों की समानता और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सहयोग ने इन विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दिया। जिलाधिकारी डॉ राजेन्द्र पैंसिया के संरक्षण में चयनित 11 मेधावी छात्र, जिनमें बालिकाएं, दिव्यांग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी भी शामिल थे, शिक्षक दल के साथ मुंबई पहुंचे। बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा ने बताया कि ये विद्यार्थी इससे पहले आईआईटी दिल्ली और आईआईटी कानपुर में भी पुरस्कृत हो चुके हैं। अब आईआईटी बॉम्बे में दो रोबोटिक्स स्पर्धाओं में सम्मान प्राप्त कर संभल ने शिक्षा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा नीति गांव देहात की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सफल हो रही है।

1 जनवरी से बड़े बदलाव लागू, जेब पर पड़ेगा असर: सैलरी हाइक से लेकर CNG-PNG की कीमतें घटेंगी

नई दिल्ली  कैलेंडर बदलने के साथ ही 1 जनवरी 2026 से आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से लेकर रसोई गैस के दाम और सोशल मीडिया के इस्तेमाल तक, नए साल की सुबह कई बड़े बदलाव लेकर आएगी। अगर आपने समय रहते इन बदलावों की तैयारी नहीं की, तो आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। आइए जानते हैं 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले इन प्रमुख बदलावों के बारे में: 8वें वेतन आयोग का आगाज: सरकारी कर्मचारियों की मौज नए साल का सबसे बड़ा तोहफा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए हो सकता है। 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने की संभावना है। सैलरी में बढ़ोतरी: अनुमानों के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर में बदलाव के साथ कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में 20% से 35% तक का इजाफा हो सकता है। फिटमेंट फैक्टर: चर्चा है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच रखा जा सकता है, जिससे न्यूनतम वेतन में बड़ी वृद्धि होगी। सस्ता होगा सफर और रसोई: CNG-PNG के दाम में राहत यूनिफाइड टैरिफ सिस्टम में बदलाव के कारण नए साल में गैस की कीमतें कम हो सकती हैं: CNG: प्रति किलो 1.25 से 2.50 रुपये तक की कटौती संभव है। PNG: पाइप वाली रसोई गैस के दामों में 0.90 से 1.80 रुपये (प्रति SCM) तक की राहत मिल सकती है। कम होगी लोन की EMI: रेपो रेट में कटौती का असर दिसंबर में आरबीआई (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.25% की कटौती किए जाने के बाद, 1 जनवरी से बैंक अपने लोन की ब्याज दरें घटा सकते हैं। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) कम होने की उम्मीद है। LPG सिलेंडर की नई कीमतें तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर 1 जनवरी को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घट सकते हैं। बच्चों के लिए सुरक्षित होगा इंटरनेट: सोशल मीडिया पर सख्ती अगले साल से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सरकार नए नियमों के तहत बच्चों को आपत्तिजनक कंटेंट से बचाने के लिए 'एज वेरिफिकेशन' जैसे सख्त कदम उठाने जा रही है। नया इनकम टैक्स बिल 1 जनवरी से नया इनकम टैक्स बिल पूरी तरह प्रभावी हो सकता है। इसके तहत टैक्स स्लैब में बदलाव और जीएसटी (GST) में की गई कटौतियों का लाभ सीधे करदाताओं को मिलेगा, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी। पैन-आधार लिंक और जुर्माना अगर आपने 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया, तो 1 जनवरी से आपका पैन कार्ड 'इनऑपरेटिव' (निष्क्रिय) हो सकता है। इसके बाद लिंक कराने पर आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है और बैंकिंग ट्रांजेक्शन में दिक्कत आ सकती है। राशन कार्ड ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य राशन कार्ड धारकों के लिए 31 दिसंबर आखिरी मौका है। यदि आपने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो 1 जनवरी से आपको मुफ्त या रियायती राशन मिलना बंद हो सकता है। इसे आप अपने मोबाइल या नजदीकी राशन दुकान के जरिए पूरा कर सकते हैं। 1 जनवरी 2026 से होने वाले ये बदलाव डिजिटल सुरक्षा से लेकर वित्तीय लाभ तक फैले हुए हैं। सुचारू लेनदेन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए 31 दिसंबर तक अपने पेंडिंग काम निपटाना ही समझदारी है।

नए साल की शुरुआत में ग्रहों की चाल बदलेगी: जनवरी में चार ग्रह बदलेंगे राशि

नए साल के पहले महीने में कई प्रमुख ग्रहों का राशि परिवर्तन और चाल में बदलाव देखने को मिलेगा। जनवरी 2026 में कुल मिलाकर चार ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा। इस महीने में सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ- साथ मंगल, बुध और शुक्र ग्रह भी गोचर करेंगे। जनवरी महीने के ग्रह गोचर का असर सारी 12 राशियों पर पड़ेगा। कुछ राशि वालों के लिए जनवरी का ग्रह गोचर शुभ रहेगा। वहीं कुछ राशि के जातक को इस गोचर से सावधान रहने की आवश्यकता है। ज्योतिषाचार्या बताते है कि जनवरी 2026 में सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे।  मंगल 16 जनवरी को मकर राशि में गोचर करेंगे।  ग्रहों के राजकुमार बुध 17 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र ग्रह 13 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे।  ऐसे में कुछ राशि के जातकों के लिए जनवरी के महीने में विशेष सावधानियां बरतनी होगी। ज्योतिष गणना के अनुसार जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो उसका असर हर राशि के जातकों के जीवन पर पड़ता है। सूर्य का गोचर ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि वर्तमान में सूर्य देव धनु राशि में विराजमान हैं। वे 13 जनवरी 2026 तक इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस गोचर से कई राशियों के जातकों को नौकरी और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग बनेंगे। इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा, जो नई शुरुआत और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। शुक्र का गोचर ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि सुख-सुविधाओं और ऐश्वर्य के कारक शुक्र देव 12 जनवरी तक धनु राशि में रहेंगे। इसके बाद 13 जनवरी 2026 को वे मकर राशि में गोचर करेंगे। शुक्र के इस परिवर्तन से कई राशियों के जातकों को भौतिक सुख, धन-लाभ और रिश्तों में मधुरता का अनुभव हो सकता है। मंगल का गोचर ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि ग्रहों के सेनापति मंगल फिलहाल धनु राशि में हैं और 15 जनवरी 2026 तक वहीं रहेंगे। इसके बाद 16 जनवरी को मंगल मकर राशि में प्रवेश करेंगे और 22 फरवरी तक इसी राशि में स्थित रहेंगे। मंगल का यह गोचर करियर, साहस और आत्मविश्वास को मजबूत करेगा। कई लोगों को मनचाही सफलता और पद-प्रतिष्ठा मिलने के संकेत हैं। बुध का गोचर ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि ग्रहों के राजकुमार बुध 17 जनवरी को मकर राशि में गोचर करेंगे। बुध का यह परिवर्तन व्यापार, निवेश और संचार से जुड़े क्षेत्रों में लाभ दिला सकता है। शुभ प्रभाव –  मिथुन, वृश्चिक, मकर और मीन अशुभ प्रभाव – वृष, सिंह, तुला और कुंभ मिलाजुला प्रभाव – मेष कर्क, कन्या और धनु ग्रहों के गोचर का प्रभाव ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि बीमारियों के इलाज में भी नए-नए आविष्कार होंगे। नई-नई दवाइयां और तकनीक विकसित होगी। कोरोना के नए वेरिएंट का नहीं होगा भारत पर बड़ा असर। दुर्घटनाएं अप्रिय घटनाएं हिंसा, प्राकृतिक आपदा होने की आशंका। फिल्म एवं राजनीति से दुखद समाचार। शुक्र बुध और सूर्य के राशि परिवर्तन से व्यापार में तेजी आएगी। बीमारियों में कमी आएगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आय में इजाफा होगा। वायुयान दुर्घटना होने की संभावना। पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे। सत्ता संगठन में बदलाव होंगे। पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा। देश में आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, वायुयान दुर्घटना, विमान में खराबी, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है। करें पूजा-पाठ और दान ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि ग्रहों के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। भगवान शिव और माता दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।

न्यू ईयर ट्रैवल प्लान: माता वैष्णो देवी जाने वालों के लिए स्पेशल ट्रेनों का ऐलान, कई स्टेशनों पर ठहराव

जम्मू जम्मू मंडल द्वारा यात्रियों के सुविधाजनक आवागमन हेतु समय-समय पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है। जिससे की रेलवे द्वारा यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के साथ, अतिरिक्त भीड प्रबंधन के दौरान यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाया जा सके। इस दौरान भारी भीड़ और नए साल के उपलक्ष में रेलवे द्वारा नई दिल्ली – श्री माता वैष्णो देवी कटरा – नई दिल्ली तक दिनांक 27 दिसंबर 2025 से 01 जनवरी 2026 तक विशेष आरक्षित ट्रेन संख्या 04081/ 04082 चलाने का निर्णय लिया गया हैं। विशेष आरक्षित ट्रेनों का विवरण:-   विशेष आरक्षित ट्रेन संख्या 04081 नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा दिनांक 27.12.25 से 31.12.25 ( 05 ट्रिप )    यह विशेष आरक्षित ट्रेन अपने पहले दिन दिनांक 27 दिसंबर को नई दिल्ली से रात 11.45 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर में 12 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन पानीपत, कुरूक्षेत्र, अम्बाला कैंट, लुधियाना, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, जम्मू तथा शहीद कैप्टन तुषार महाजन ( उधमपुर ) रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। विशेष आरक्षित ट्रेन संख्या 04082 श्री माता वैष्णो देवी कटरा से नई दिल्ली दिनांक 28.12.25 से 01.01.26 ( 05 ट्रिप )   यह विशेष आरक्षित ट्रेन अपने पहले दिन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से दिनांक 28 दिसंबर को रात 09.20 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। मार्ग में यह ट्रेन शहीद कैप्टन तुषार महाजन ( उधमपुर) , जम्मू, पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट, लुधियाना, अम्बाला कैंट, कुरूक्षेत्र तथा पानीपत  रेलवे स्टेशनों पर यथावत रूकेगी। कैसें करें टिकट बुकिंग             जम्मू मंडल में समय-समय पर चलने वाली विशेष ट्रेनों पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, श्री उचित सिंघल ने बताया कि इस आरक्षित विशेष ट्रेन का संचालन जम्मू कश्मीर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या और स्थानीय लोगों की छुट्टियों के दौरान यात्रा की जरूरत को पूरा करने के लिए किया गया है, इससे उन्हें नए साल का जश्न मनाने के लिए अपने परिवारों और दोस्तों के साथ जुड़ने में आसानी होगी, तथा नए साल पर भीड़ से राहत मिलेगी। आरक्षित विशेष ट्रेन का संचालन 16 कोचों के साथ किया जाएगा। यात्री भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट/  एप या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं, तथा यात्रियों से अनुरोध किया जाता है, कि अपनी यात्रा प्रारंभ करने से पहले ट्रेन के समय की सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त कर ले ‌।

इलेक्ट्रिक वाहनों में क्रांति की तैयारी: सैमसंग बना रही फास्ट-चार्जिंग बैटरी, ज्यादा रेंज का दावा

नई दिल्ली इलेक्‍ट्रि‍क गाड़‍ियों के मार्केट में नई क्रांति आ सकती है। ग्राहकों की सबसे बड़ी उलझन सुझल सकती है। जिस रेंज और चार्जिंग स्‍पीड को लेकर लोग सबसे ज्‍यादा फ‍िक्र करते हैं और इलेक्‍ट्र‍िक गाड़‍ियां खरीदने से बचते हैं, उसका हल न‍िकालने पर काम शुरू हो गया है। साउथ कोरियाई दिग्‍गज कंपनी सैमसंग ( Samsung ) सिलिकॉन-कार्बन (Si-C) एनोड बैटरी को बनाने जा रही है। एक र‍िपोर्ट के अनुसार, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की बैटरी बनाने वाली कंपनी सैमसंग SDI ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए बैटरी पैक टेक्नोलॉजी को मिलकर विकसित करने के लिए KG Mobility के साथ एक साझेदारी की घोषणा की है। केजी मोब‍िलिटी, साउथ कोरिया की प्रमुख ऑटोमोबाइल मैन्‍युफैक्‍चरर है। किस तकनीक का इस्‍तेमाल करती है नई बैटरी? सैममोबाइल की रिपोर्ट (ref.) के अनुसार, इस सिलिकॉन-कार्बन (Si-C) एनोड बैटरी में सैमसंग SDI के 46-सीरीज की सिलिंड्रिकल सेल का इस्तेमाल किया जाएगा। दावा है कि जब यह बैटरी इलेक्‍ट्र‍िक गाड़‍ियों में लगने लगेगी तो उनकी रेंज और चार्जिंग स्‍पीड में जबरदस्‍त सुधार होगा। ऐसी उम्‍मीद की जा रही है कि भविष्‍य में इस तकनीक को स्‍मार्टफोन्‍स में भी लाया जाएगा। ऐसा होता है तो हम लंबी बैटरी लाइफ वाले स्‍मार्टफोन्‍स को भी लॉन्‍च होता हुआ देखेंगे। बैटरी फूलने की समस्‍या होगी कम, बढ़ेगी लाइफ रिपोर्ट के अनुसार, सैमसंग SDI ने KG Mobility के साथ एक एक एमओयू साइन किया है। अब दोनों कंपनियां मिलकर इलेक्ट्रिक कारों के लिए इस बैटरी पैक टेक्नोलॉजी पर काम करेंगी। बताया जा रहा है कि सैमसंग SDI की नई बैटरी में हाई-निकेल NCA कैथोड और खास सिलिकॉन कार्बन नैनोकम्पोजिट एनोड का इस्तेमाल किया गया है। दावा है कि नई तकनीक से बैटरियों के फूलने की शिकायत में कमी आएगी और उनकी लाइफ बढ़ेगी। डिजाइन ऐसा, जिससे मिलेगी फास्‍ट चार्जिंग रिपोर्ट के अनुसार, सैमसंग ने बैटरी के डिजाइन पर खास ध्‍यान दिया है। उसने बैटरी को इस तरह तैयार किया है कि वह अंदरूनी तौर पर कम रेजिस्‍ट होती है, जिससे बैटरी में करंट का फ्लो अच्‍छा बना रहता है। इससे बैटरी में पावर आउटपुट बढ़ता है और वह तेजी से चार्ज भी हो पाती है। बताया जाता है कि बैटरी में गर्मी को कंट्रोल करने की प्रक्र‍िया को भी सुधारा गया है। यह पहले डेवलप की गई बैटरियों से ज्‍यादा भरोसेमंद और सुरक्ष‍ित है। किन कारों में लगेगी ये बैटरी अभी तक आई जानकारी के अनुसार, नए बैटरी पैक KG Mobility की नेक्‍स्‍ट जेन इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि ऐसी उम्‍मीद की जानी चाहिए कि भविष्‍य में ये बैटरी अन्‍य कार कंपनियों को भी पावर देगी। वहीं, यह उम्‍मीद भी है कि भविष्‍य में सैमसंग की यह तकनीक उसकी गैलेक्‍सी सीरीज के स्‍मार्टफोन्‍स में भी आएगी।

हर महीने बिना बताए कट रहा पैसा! कहीं AutoPay तो एक्टिव नहीं? GPay, PhonePe, Paytm पर ऐसे करें कैंसिल

नई दिल्ली डिजिटल पेमेंट के दौर में PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे UPI ऐप्स ने लोगों के लिए AutoPay (ऑटो डेबिट) की सुविधा को आसान बना दिया है। इन तीनों ऐप्स में ऑटो पे का फीचर मिलता है। मोबाइल रिचार्ज, OTT सब्सक्रिप्शन, बिजली-पानी के बिल, EMI या म्यूचुअल फंड SIP जैसी सर्विसेज के लिए अपने आप पैसे कट जाते हैं। इससे यूजर्स का समय बचाता है और पेमेंट मिस होने की टेंशन भी नहीं रहती है। हालांकि, कभी-कभी यह सुविधा परेशानी का कारण भी बन जाता है। यह आपसे पूछे बिना उस सर्विस के लिए भी पेमेंट कर देता, जो आपको नहीं चाहिए होती है। कई बार तो पता भी नहीं चलता है कि आपने किस-किस सर्विस के लिए ऑटो पे सेट किया है। पैसे कट जाने पर आपको पता चलता है कि आपने उस सर्विस के लिए भी ऑटो पे सेट किया था। हालांकि, इस परेशानी को दूर करने के लिए PhonePe, Google Pay, Paytm तीनों ऐप में ऑटो पे को कैंसिल करने का ऑप्शन मिलता है। साथ ही, आप ये भी देख सकते हैं कि आपने किस-किस सर्विस के लिए ऑटो पे सेट किया है। आइये, तीनों ऐप से ऑटो पे कैंसिल करने का तरीका जानते हैं। दो तरह से रोक सकते हैं ऑटो पे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऑटो पेमेंट को रोकने के दो तरीके हैं। आप किसी सर्विस या फिर सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटो पे को केंसिल कर सकते हैं या फिर इसे पॉस यानी कुछ समय के लिए रोक सकते हैं। पॉस करने से एक तय समय के लिए ऑटो पेमेंट बंद हो जाएगा। वहीं, केंसिल करने से वह हमेशा के लिए रद्द हो जाएगा, लेकिन आप उसे बाद में कभी भी रीएक्टिवेट यानी चालू कर सकते हैं। Paytm से ऑटो पे बंद करना है बहुत आसान     अगर आप पेटीएम के जरिए सेटअप किए गए ऑटो पे को कैंसिल करना चाहते हैं तो ऐप ओपन करने के बाद प्रोफाइल पर जाएं।     अब स्क्रॉल डाउन करके नीचे आएं और UPI सेटिंग पर क्लिक करें।     फिर आपको ऑटोमेटिक पेमेंट या फिर पेमेंट मैनेजमेंट के ऑप्शन पर क्लिक करना है।     अब उस पेमेंट को सिलेक्ट करें, जिसे कैंसिल करना चाहते हैं।     इसके बाद Cancel Automatic Payment पर क्लिक करें और कन्फर्म कर दें। ​ GPay के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स     गूगल पे के लिए आपको ऐप ओपन करते ही राइट साइड में You टैब दिखेगा। इस पर क्लिक कर दें।     फिर नीचे आएं और AutoPay के ऑप्शन पर क्लिक करें।     अब आपको तीन सेक्शन लाइव, पेंडिंग और कम्पलीट यानी पूरा मिलेंगे। इनमें से आपको लाइव सेक्शन में जाना है।     इसके बाद कैंसिल ऑटो पे पर क्लिक करें और यूपीआई पिन डालें। PhonePe से कैसे कैंसिल करें ऑटो पे     अगर आप फोनपे के जरिए ऑटो पे को कैंसिल करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए सबसे पहले अपने डिवाइस में ऐप ओपन करना होगा।     उसके बाद लेफ्ट साइड में सबसे ऊपर आ रहे प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करें।     फिर स्क्रॉल डाउन करके नीचे आएं और मैनेज पेमेंट पर क्लिक कर दें।     इसके बाद आपको नीचे मोर ऑप्शन्स सेक्शन के तहत AutoPay का ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक करें।     यहां पर Ongoing टैब में आपको सभी सर्विसेस के लिए चालू ऑटो पे की लिस्ट दिख जाएगा।     आपको जिस सर्विस के लिए ऑटो पे कैंसिल करना है, उस पर क्लिक करके आगे की प्रोसेस पूरी कर लें।     ध्यान रखें ऑटो पे डिलीट या फिर कैंसिल करने के लिए आपको यूपीआई पिन डालना होगा।

नए साल के जश्न से पहले बस्तर पुलिस सतर्क: शांति-सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम

जगदलपुर नए वर्ष के स्वागत को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस दौरान शहर और ग्रामीण इलाकों में विभिन्न कार्यक्रमों और आयोजनों की तैयारियां जोरों पर है। हालांकि बीते वर्षों के अनुभवों को देखते हुए इन आयोजनों के दौरान विवाद, अव्यवस्था और हादसों की आशंका भी बनी रहती है। खासकर शराब के नशे में वाहन चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कई बार लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। इन सभी संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए बस्तर पुलिस इस बार पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। करीब डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से 24 घंटे शहर पर निगरानी रखी जा रही है। बस्तर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि नए वर्ष को लेकर पुलिस ने एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिस पर सभी थाना प्रभारियों को सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि नए वर्ष के दौरान जिन स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहां आयोजनकर्ताओं के साथ बैठक कर उन्हें सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के सीमित और तय मानकों के अनुसार उपयोग के साथ-साथ ऐसे गानों या भीड़भाड़ से बचने को कहा गया है, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर हो रही कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाग ने बताया, शहर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिसे नए वर्ष तक और अधिक सख्ती के साथ चलाया जाएगा। इसके साथ ही शहर में लगाए गए करीब डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इन कैमरों की मदद से अवैध गतिविधियों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर मौके पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं ई-चालान काटकर संबंधित वाहन चालकों के पते पर भेजे जा रहे हैं। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात किए गए हैं। कुल मिलाकर नए वर्ष का जश्न शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मनाया जा सके, इसके लिए बस्तर पुलिस हर स्तर पर मुस्तैद और पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।

बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए कठिनाई, मोहम्मद यूनुस की एक गलती का पड़ा असर

ढाका  बांग्लादेश आज हिंसा और कट्टरपंथ की आग में झुलस रहा है. मुहम्मद यूनुस की एक गलती की सजा अब बांग्लादेश भुगत रहा है. चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान, हर कोई हिंसा की आग में जल रहा है. आज बांग्लादेश की जो हालत है, उसकी जड़ें मुहम्मद यूनुस के एक फैसले से जुड़ी हैं. जी हां, जिस फैसले को यूनुस ने लोकतांत्रिक बताकर पेश किया था, आज वही फैसला बांग्लादेश के लिए अभिशाप बन गया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मु्हम्मद यूनुस के उस फैसले के कारण ही बांग्लादेश में हिंदू और मुसलमान के बीच खाई बढ़ गई है. अब नौबत यह है कि कभी हिंदू युवक दीपू दास और सम्राट की लिंचिंग हो जाती है तो कभी मुसलमान उस्मान हादी की हत्या. अब सवाल है कि आखिर यूनुस की वह गलती क्या है, जिसका अंजाम बांग्लादेश की आवाम भुगत रही है. कैसे वह एक फैसला हिंदुओं के लिए काल बन चुका है. दरअसल, शेख हसीना के पद छोड़ते ही मुहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में एक ऐसा फैसला लिया, जिसने पूरे देश को अस्थिरता और कट्टरपंथ की आग में झोंक दिया. वह फैसला था जमात-ए-इस्लामी से बैन हटाना. जी हां, नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने शेख हसीना के देश छोड़ते ही जमात-ए-इस्लामी पर लगा प्रतिबंध हटा लिया था. इसे ही अब बांग्लादेश की मौजूदा दुर्दशा और हिंदू समुदाय पर बढ़ते अत्याचारों का मुख्य कारण माना जा रहा है. जमात-ए-इस्लामी एक कट्टरपंथी संगठन है. यह खिलाफत राष्ट्र की वकालत करता है. इसका पाकिस्तान प्रेम समय-समय पर झलका है. यूनुस के इसी फैसले ने एक कट्टरपंथी संगठन को खुली छूट दे दी, जिसका नतीजा आज बांग्लादेश में फैलते अतिवादऔर अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों के रूप में दिखाई दे रहा है. यूनुस की वो साजिशन गलती क्या 8 अगस्त ही वह तारीख थी, जब बांग्लादेश के बुरे दिन शुरू हो गए थे. पिछले साल 8 अगस्त को ही एक बड़ा फैसला हुआ था. वही फैसला अब पूरे बांग्लादेश को परेशान कर रहा है. उसके चलते ही बांग्लादेश की शांति खत्म हो गई है. जगह-जगह हिंसा हो रही है. बांग्लादेश का लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ चुका है. उसके आगे अब यूनुस की भी नहीं चल रही है. जी हां, 8 अगस्त को ही मोहम्मद यूनुस ने जमात-ए-इस्लामी नाम के संगठन पर लगा बैन हटा दिया था. यह संगठन कट्टरपंथी है और हिंदुओं से नफरत करता है. इस फैसले से बांग्लादेश में कट्टरवाद बढ़ गया और हिंदुओं पर हमले ज्यादा हो गए. क्यों शेख हसीना ने लगाया था बैन पहले शेख हसीना की सरकार ने 1 अगस्त 2024 को जमात-ए-इस्लामी और उसके छात्र ग्रुप इस्लामी छत्र शिबिर पर रोक लगाई थी. वजह थी छात्र कोटा के खिलाफ प्रदर्शनों में हुई हिंसा, जहां 150 से ज्यादा लोग मारे गए. शेख हसीना ने इसे आतंकवाद रोकने वाले कानून के तहत बैन किया, क्योंकि यह संगठन हिंसा फैलाने में डायरेक्ट शामिल था. जमात-ए-इस्लामी की शुरुआत 1941 में हुई थी. यह संगठन पूरी तरह से पाकिस्तान परस्त है. वह आईएसआई के इशारों पर काम करता है. इसकी झलक पूरी दुनिया 1971 के जंग में देख चुकी है. जी हां, 1971 के बांग्लादेश आजादी के युद्ध में जमात-ए-इस्लीमी ने पाकिस्तान की सेना का साथ दिया था और लाखों लोगों की हत्या में उसकाा हाथ था. साल 2013 में बांग्लादेश की कोर्ट ने इसे चुनाव लड़ने से रोक दिया था, क्योंकि इसका नियम संविधान के खिलाफ था. जमात-ए-इस्लामी क्या चाहता है? लेकिन 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना ने इस्तीफा दिया और भारत चली आईं. इसके बाद इस कट्टरपंथी संगठन के अच्छे दिन शुरू हो गए. 8 अगस्त को यूनुस की सरकार ने बैन हटा लिया. यूनुस सरकार ने कहा कि जमात की कोई आतंकी गतिविधि नहीं है और शेख हसीना सरकार का आरोप गलत था. पर सच तो यह है कि जमात कट्टर इस्लामी संगठन है, जो बांग्लादेश को शरिया कानून वाला देश बनाना चाहता है. इसका छात्र ग्रुप शिबिर बहुत हिंसक है, जो दुश्मनों की हत्या करता है, धार्मिक झगड़े भड़काता है और झूठी खबरें फैलाता है. यह संगठन हिंदुओं से नफरत करता है और दूसरे कट्टर ग्रुपों से जुड़ा है. साल 2013 में युद्ध अपराध के फैसले के बाद इसके लोगों ने 50 से ज्यादा हिंदू मंदिर तोड़े और 1,500 से ज्यादा हिंदू घरों-दुकानों को आग लगाई. बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति नफरत बढ़ गया है. जमात अब दे रहा हिंदुओं को जख्म मोहम्मद यूनुस के इसी फैसले से जमात को फिर से ताकत मिली. बैन हटने के बाद उन्होंने ढाका में बड़ी-बड़ी रैलियां कीं और कट्टरवाद फैलाया. यूनुस की सरकार आने के बाद देश में कट्टर ग्रुप मजबूत हुए, जिससे अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और लोगों के बीच एकता खराब हुई. सबसे ज्यादा नुकसान हिंदुओं को हुआ. 2024 की हिंसा में 4 से 20 अगस्त तक 2,010 हमले हुए, 1,705 परिवार प्रभावित हुए, 157 घर-दुकानें लूटी या जलाई गईं, और 152 मंदिरों को नुकसान पहुंचा. हिंदुओं की हत्याओं में जमात का कट्टरवाद साफ दिखता है, जहां राजनीति के नाम पर सांप्रदायिक हमले होते हैं. इस जमात के कारण ही बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े. अभी बीते कुछ समय से जो हालात बने हुए हैं, उसके पीछे भी जमात है. दीपू दास की हत्या भी जमात की भीड़ ने की. शेख हसीना ने क्यों लगाया था जमात-ए-इस्लामी पर बैन?     शेख हसीना सरकार ने जमात-ए-इस्लामी पर इसलिए प्रतिबंध लगाया था क्योंकि यह संगठन खुले तौर पर कट्टर इस्लामी विचारधारा को बढ़ावा देता रहा है.     जमात पर 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान युद्ध अपराधों, नरसंहार और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के गंभीर आरोप रहे हैं.     शेख हसीना सरकार का मानना था कि यह संगठन लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए खतरा है.     इसी वजह से जमात-ए-इस्लामी को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखा गया था. मुहम्मद यूनुस ने बैन हटाकर दी खुली छूट     शेख हसीना के सत्ता से हटते ही अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने जमात-ए-इस्लामी से प्रतिबंध हटा दिया.     यूनुस सरकार की तरफ से तर्क दिया गया कि जमात-ए-इस्लामी आतंकी गतिविधियों में शामिल नहीं है और उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अधिकार … Read more

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 2025 में 10.35 करोड़ लाभार्थियों को मिली सब्सिडी

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत लाभ पाने वाले लोगों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.25 करोड़ हो गई है। यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। पीएमयूवाई के तहत सरकार गरीब परिवारों को 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी देती है और एक साल में एक परिवार अधिकतम नौ सिलेंडर्स पर यह सब्सिडी ले सकता है। इससे देश में एलपीजी की खपत बढ़ाने में मदद मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश में प्रति परिवार औसत खपत बढ़कर 4.47 सिलेंडर हो गई है, जो कि पहले वित्त वर्ष 2019-20 में 3 थी। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 4.85 प्रति परिवार तक पहुंचने की उम्मीद है। सरकार ने बयान में कहा कि बकाया आवेदन को निपटाने और ज्यादा परिवारों तक एलपीजी गैस को पहुंचाने के लिए, सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दी है। आधार ऑथेंटिकेशन में तेजी लाकर सब्सिडी टारगेटिंग और पारदर्शिता में सुधार किया गया। 1 दिसंबर, 2025 तक, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ने पीएमयूवाई के 71 प्रतिशत और नॉन-पीएमयूवाई के 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं को कवर किया। सरकार ने बताया कि देश भर में चलाए गए 'बेसिक सेफ्टी चेक' अभियान ने ग्राहक सुरक्षा को मजबूत किया है। ग्राहकों के घरों पर 12.12 करोड़ से अधिक फ्री सेफ्टी इंस्पेक्शन किए गए और 4.65 करोड़ से अधिक एलपीजी होज रियायती दरों पर बदले गए, जिससे घरेलू एलपीजी इस्तेमाल में जागरूकता और सेफ्टी स्टैंडर्ड में काफी सुधार हुआ। मंत्रालय ने पेट्रोलियम मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया। 90,000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स को डिजिटल पेमेंट की सुविधा दी गई, जिन्हें 2.71 लाख से ज्यादा पीओएस टर्मिनलों का सपोर्ट मिला। मंत्रालय ने आगे कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कवरेज बढ़कर 307 ज्योग्राफिकल इलाकों तक पहुंच गई है। सितंबर 2025 तक पीएमजी घरेलू कनेक्शन की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ और सीएनजी स्टेशन की संख्या बढ़कर 8,400 से अधिक हो गई है।