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पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय पुलिस मंथन सम्मेलन का सफल समापन

"पुलिस मंथन" वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 का समापन          पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन, ‘पुलिस मंथन’ के अन्तिम दिन दिनांक 28-12-2025 को 04 अलग-अलग विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।  अयोध्या     सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर (DG नागरिक सुरक्षा/UPSSF) के पैनल द्वारा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण, ज्यादा आबादी घनत्व एवं लगातार आने वाली आपदाओं से बने जोखिम भरे माहौल में, उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन ‘इंसिडेंट कमांड सिस्टम’ (ICS) को लागू करने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकट के समय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड ऑपरेशनल फोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया ।     सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के पैनल द्वारा बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा उनके उपाय के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों—जैसे भीड़ की घनता का विश्लेषण, भू-चिन्हित क्रमिक (Geo-Tagged Sequencial) पार्किंग, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analysis), डिजिटल डैशबोर्ड, ड्रोन की सहायता तथा भौतिकी पर आधारित सिमुलेशन—के माध्यम से भीड़ की स्थिति को पहले से समझने, समय रहते बेहतर योजना बनाने, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई ।      सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges विषय पर नोडल अधिकारी भगवान स्वरूप, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना के पैनल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न दुरुपयोग से आने वाली चुनौतियों, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी आदि चुनौतियों एवं “रिलीजियस कन्वर्जन” पर विस्तृत चर्चा की गयी । साथ ही सोशल मीडिया से सम्बन्धित खतरों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले सार्थक कदमों व भविष्य की कार्य-योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया  ।     सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर नोडल अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था के पैनल द्वारा उ0प्र0 में पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल से जुड़ी सीमाओं पर बढ़ते आंतकवाद के नए आयामों के विश्लेषण एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी (सर्विलांस) का सुदृढ़ीकरण किये जाने के साथ-साथ उ0प्र0 में ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ के रोकथाम हेतु नयी तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल आदि के उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों का सेवन की जटिल और संगठित समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।     उत्तम प्रथाओं (Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र में प्रकाश डी. अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा किए गए नवाचारों, सोनम कुमार, DCP ट्रैफिक आगरा द्वारा इनवेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम (Police Inventory Portal), अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जमानतदार सत्यापन, सुअंकित शर्मा,पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा ऑपरेशन जागृति, सागर जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहारनपुर द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों की डाटाबेस आधारित रैंकिंग एवं अमृत जैन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलीगढ़ द्वारा धारा 107 BNS के प्रयोग से सम्बन्धी नवाचारों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया ।     सभी सत्र के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा पदक अलंकरण समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया ।  मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित वर्ष 2022 1.    प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र  2.    विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश  3.    रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद  4.    दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग 5.    मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद वर्ष 2023 6.    शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र  7.    विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ 8.    विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर 9.    मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर  10.    सुशैलेष कुंतल- महिला आरक्षी वर्ष 2024 11.    अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली 12.    विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ 13.    अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ वर्ष 2025  14.    कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल  15.    प्रेम शुक्ला-पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ 16.    प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा     माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने सम्बोधन में इस दो दिवसीय आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुख बताया गया। उन्होंने पुलिस मंथन के सफल आयोजन हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा कहा कि यह सम्मेलन आदरणीय प्रधानमंत्री जी के स्मार्ट पुलिसिंग एवं विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रदान करता है।     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजित 11 सत्रों में बीट पुलिसिंग, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण, पुलिस व्यवहार, थाना प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, अभियोजन, कारागार, फॉरेंसिक, आपदा प्रबंधन, इंटेलिजेंस, संगठित अपराध एवं क्राउड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी रणनीति का आधार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान समयबद्ध एवं विषय-केंद्रित प्रस्तुतीकरण की विशेष सराहना की ।     अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के राज, सुरक्षा की भावना और पारदर्शी शासन व्यवस्था से आज प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल एवं वॉटर-वे जैसी उपलब्धियों की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर टिकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की अहम भूमिका है।     उन्होंने पुलिस के व्यवहार, संवेदनशीलता, संवाद और ह्यूमन इंटेलिजेंस को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों, धर्माचार्यों, व्यापारियों एवं नागरिकों से सतत संवाद पर बल दिया। साथ ही थाना, सर्किल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।     मुख्यमंत्री जी ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस अवसंरचना, बैरकों, पुलिस लाइनों, पीएसी पुनर्गठन, महिला वाहिनियों एवं महिला कार्मिकों की बढ़ती भागीदारी को उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्तिकरण यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया। … Read more

एमपी को मिली आधुनिक मेट्रो ट्रेन की सौगात, इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो शुरू, सफर सिर्फ 40 मिनट

इंदौर सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वंदे भारत मेट्रो दौड़ने लगेगी। यह ट्रेन वर्तमान पटरियों पर ही दौड़ेगी। इसके लिए अलग से ट्रेक बिछाने की आवश्यकता नहीं होगी। वंदे भारत मेट्रो शटल सेवा के रूप में चलेगी। रेलवे पहले ही इस ट्रैक पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल कर चुका है, इसलिए 160 किमी घंटे की रफ्तार से वंदे भारत मेट्रो दौड़ाने में रेलवे को कोई दिक्कत नहीं होगी। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि उन्होंने इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा की है। रेल मंत्री ने सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने का आश्वासन दिया है। रेलवे ने इस पर काम शुरू कर भी दिया है। वंदे भारत मेट्रो में 12 कोच होंगे और ये पूरी तरह से एयर कंडिशनर (एसी) होंगे।   40 मिनट में हो सकेगा सफर लालवानी ने बताया कि इंदौर से उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो का सफर 40 मिनट का होगा। इस ट्रेन में तीन हजार से ज्यादा यात्री एक बार में सफर कर सकेंगे। इन कोच में 1100 से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता रहेगी, जबकि दो हजार के लगभग यात्री खड़े होकर सफर कर सकेंगे। चूंकि वंदे भारत मेट्रो के लिए अलग से ट्रैक नहीं बिछाना है इसलिए यह योजना आसानी से तय समय पर मूर्त रूप ले लेगी। इसके लिए कोच तैयार करने का काम शुरू हो भी गया है। यूपी, गुजरात में पहले से चल रही हैं वंदे भारत मेट्रो लालवानी ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में यात्रियों का दबाव बढ़ना तय है। यही वजह है कि हमने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंदौर, उज्जैन और आसपास के स्टेशनों से 300 से अधिक ट्रेनें संचालित की जाएंगी। इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो शटल सेवा शुरू होने का फायदा सिंहस्थ में आने वालों को मिलेगा।

कांप उठा झारखंड: 6 जिलों में शीतलहर की दस्तक, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

रांची झारखंड के छह जिलों के लिए शीतलहर की चेतावनी जारी की गई और राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। यह जानकारी मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक बुलेटिन में दी गई। गुमला सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। आईएमडी के जारी बुलेटिन के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरदगा और गुमला के लिए शीतलहर की स्थिति को लेकर ‘येलो' अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में रविवार सुबह 8:30 बजे तक ठंड का प्रकोप जारी रहने का अनुमान है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, ‘‘झारखंड के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में चलने वाली उत्तर-पश्चिमी से पश्चिमी हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति उत्पन्न हो रही है।'' उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने का अनुमान नहीं है और उसके बाद अगले दो से तीन दिनों में इसमें दो-तीन डिग्री की वृद्धि होगी। आईएमडी के अधिकारी ने बताया कि राज्य के 12 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में खूंटी में 4.7 डिग्री सेल्सियस और लोहरदगा में 5.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि डाल्टनगंज में पारा गिरकर 5.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। इसमें कहा गया कि रांची में न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस, बोकारो में 8.5 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा।  

चौका थाना बना झारखंड का सर्वश्रेष्ठ, नेशनल लेवल पर टॉप-4 में दर्ज हुई उपलब्धि

रांची  झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाने को प्रदर्शन के आधार पर की गई रैंकिंग के अनुसार प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ और देश में चौथा स्थान दिया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय प्रतिवर्ष देश भर के थानों का सर्वेक्षण करता है और उनके प्रदर्शन के आधार पर थानों की रैंकिंग पर रिपोर्ट जारी करता है। पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि थानों का मूल्यांकन विभिन्न मापदंडों पर किया जाता है और उसी के अनुसार उन्हें रैंक दी जाती है। एसपी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी थानों की रैंकिंग 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार चौका थाना राज्य में पहले और देश में चौथे स्थान पर है। पुलिस थानों की रैंकिंग रिपोर्ट प्रतिवर्ष डीजीपी के सम्मेलन के दौरान जारी की जाती है और देश के शीर्ष दस पुलिस थानों का चयन करके उन्हें रैंकिंग दी जाती है। एसपी ने कहा कि स्वतंत्र एजेंसियां 'क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम' (सीसीटीएनएस) के डेटाबेस, अपराधों के आंकड़े, महिलाओं के खिलाफ अपराध, कमजोर वर्ग के खिलाफ अत्याचार, पुलिस थाने के बुनियादी ढांचे, नागरिकों की प्रतिक्रिया, स्वच्छता, आईटी संसाधन, फोरेंसिक, पुलिस संचार और डिजिटल रिकॉर्ड, सक्रिय पहल और आम आदमी के साथ पुलिसकर्मियों के आचरण सहित विभिन्न पहलुओं पर जमीनी निरीक्षण करती हैं। सर्वेक्षण के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रायपुर में आयोजित हाल ही में हुए डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन के दौरान पुलिस थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग जारी की है। मूल्यांकन में चौका पुलिस थाने ने सभी मापदंडों को पूरा किया है और उसे देश में चौथा और झारखंड में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के 18,000 से अधिक पुलिस थानों में चौका थाने की उपलब्धि सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस के अनुशासन और "सेवा ही लक्ष्य" के प्रति उसकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।  

नितिन गडकरी की सख्त चेतावनी: पेट्रोल-डीजल पर रोक नहीं लगी तो होगी कार्रवाई, ऑटो सेक्टर अलर्ट

नई दिल्ली नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि देश को पारंपरिक ईंधनों से बाहर निकलना होगा और इसके लिए सरकार वैकल्पिक ईंधन को तेजी से बढ़ावा दे रही है। गडकरी ने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि बतौर परिवहन मंत्री उन्होंने इस दिशा में कड़ा रुख अपनाया है। ‘डीजल और पेट्रोल बंद करो, वरना यूरो-6 लागू करूंगा’ कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा, “मैं ट्रांसपोर्ट मंत्री हूं और मैंने डंडा लगाया है। डीजल और पेट्रोल बंद करो, वरना यूरो-6 के इमिशन नॉर्म्स लागू कर दूंगा।” उन्होंने बताया कि सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे ऑटोमोबाइल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में पेट्रोल-डीजल की जगह स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन को अपनाया जा सके। फ्लेक्स इंजन तकनीक पर तेजी से काम गडकरी ने जानकारी दी कि अब ट्रैक्टर कंपनियां भी फ्लेक्स इंजन तकनीक पर तेजी से काम कर रही हैं। उनके मुताबिक, 100 फीसदी इथेनॉल और सीएनजी से चलने वाले फ्लेक्स इंजन ट्रैक्टर तैयार हो चुके हैं। यह तकनीक किसानों और परिवहन क्षेत्र के लिए लागत कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी। वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार अल्टरनेटिव फ्यूल और बायो फ्यूल को अपनाने वालों को आर्थिक प्रोत्साहन भी दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कंस्ट्रक्शन इक्यूपमेंट के लिए फाइनेंस कराने वाले लोग अगर वैकल्पिक ईंधन या बायो फ्यूल आधारित मशीनें चुनते हैं, तो उन्हें पांच प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसका उद्देश्य इन नई और स्वच्छ तकनीकों को तेजी से लोकप्रिय बनाना है। हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाले ट्रक हुए लॉन्च नितिन गडकरी ने यह भी बताया कि हाल ही में हाइड्रोजन आधारित तकनीक पर तीन ट्रकों को लॉन्च किया गया है। इनमें से दो ट्रक ऐसे हैं, जिनमें डीजल या पेट्रोल इंजन के साथ हाइड्रोजन का मिश्रण इस्तेमाल किया गया है, जबकि एक ट्रक पूरी तरह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इसी तरह के प्रयोग कंस्ट्रक्शन और कृषि उपकरणों में भी किए जा रहे हैं। अपने संबोधन के अंत में गडकरी ने कहा कि भारत का भविष्य अल्टरनेटिव फ्यूल और बायो फ्यूल से जुड़ा हुआ है। आने वाले समय में यही तकनीकें देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएंगी और प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेंगी।  

सोने से पहले कब करें डिनर? आयुर्वेद ने बताया आदर्श समय

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में देर रात खाना खाना और उसके तुरंत बाद सो जाना आम आदत बन गई है। कभी काम की व्यस्तता तो कभी मोबाइल और टीवी की वजह से लोगों को समय का ध्यान ही नहीं रहता। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि रात के खाने का समय आपकी नींद, पाचन और कुल सेहत पर सीधा असर डालता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा, दोनों इस बात पर जोर देते हैं कि खाने और सोने के बीच पर्याप्त अंतर होना जरूरी है। सोने से कितनी देर पहले खाना चाहिए? आयुर्वेद के अनुसार, बेहतर पाचन और अच्छी नींद के लिए रात का खाना सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लेना चाहिए। इससे भोजन को पचने का पूरा समय मिलता है और गैस, एसिडिटी व सीने में जलन जैसी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स या GERD की शिकायत रहती है, उनके लिए यह अंतर 3 घंटे या उससे ज्यादा रखना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप रात 10 बजे सोते हैं तो 7–8 बजे तक खाना खा लेना बेहतर है। खाने और सोने के बीच अंतर क्यों जरूरी है? खाना खाने के बाद शरीर पाचन प्रक्रिया में लगा रहता है और उसे समय चाहिए। तुरंत लेटने से पाचन प्रभावित होता है और पेट का एसिड ऊपर की ओर आ सकता है, जिससे सीने में जलन और खट्टी डकार की समस्या हो सकती है। पेट हल्का रहने पर नींद गहरी आती है, शरीर को सही तरीके से आराम मिलता है और वजन बढ़ने का खतरा भी कम रहता है। रात में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? रात के समय हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए, जैसे उबली या हल्की पकी सब्जियां, दाल, खिचड़ी, थोड़ी मात्रा में रोटी या चावल, हल्का गर्म दूध और सीमित मात्रा में सूखे मेवे। वहीं तला-भुना, ज्यादा मसालेदार खाना, मिठाइयां, कैफीन वाली चीजें और भारी फल खाने से बचना चाहिए। सही समय और सही भोजन अपनाकर नींद और सेहत दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।

वैष्णो देवी यात्रा और ज्यादा सुरक्षित: श्राइन बोर्ड ने तैयार किया मास्टर प्लान, 700 CCTV कैमरों की तैनाती

जम्मू नए साल 2026 के स्वागत के लिए लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने की तैयारी कर रहे हैं। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। कटरा बेस कैंप से लेकर भवन तक पूरे 13 किलोमीटर के ट्रैक को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम पूरी यात्रा मार्ग पर लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। इनका नियंत्रण कक्ष सीधे कटरा स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़ा है। संवेदनशील इलाकों की जांच के लिए विशेष प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और एंटी-सबोटेज टीमों को तैनात किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और श्राइन बोर्ड के सुरक्षाकर्मी मल्टी-टियर सिक्योरिटी ग्रिड के तहत दिन-रात पेट्रोलिंग कर रहे हैं। बिना वैलिड RFID कार्ड के किसी भी यात्री को बाणगंगा से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार कार्ड की 24 घंटे की समय सीमा (Time Limit) भी तय की गई है। भीड़ प्रबंधन के लिए नए नियम श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे दर्शन के तुरंत बाद वापस कटरा की ओर प्रस्थान करें ताकि भवन क्षेत्र में भीड़ जमा न हो। इसके अलावा, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं और आरएफआईडी (RFID) कार्ड अपने पास संभाल कर रखें।

जनवरी से लागू नया नियम: कंफर्म टिकट की डेट बदलना अब बिना शुल्क

नई दिल्ली भारतीय रेलवे नए साल 2026 से यात्रियों को एक बड़ी सौगात देने जा रहा है। अब रेल यात्रियों को अपने कंफर्म टिकट की तारीख बदलने के लिए पुराने टिकट को कैंसिल करने की जरूरत नहीं होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, जनवरी 2026 से यात्री बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के अपने कंफर्म टिकट की यात्रा तिथि को ऑनलाइन बदल सकेंगे। क्या है नई व्यवस्था? वर्तमान नियम के अनुसार, यदि किसी यात्री को अपनी यात्रा की तारीख बदलनी होती है, तो उसे पहले टिकट कैंसिल करना पड़ता है, जिसमें भारी कैंसिलेशन या क्लर्केज चार्ज कटता है। इसके बाद नए सिरे से टिकट बुक करना होता है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत, IRCTC ऐप या वेबसाइट पर एक नया फीचर जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री सीधे अपनी यात्रा को आगे (Postpone) बढ़ा सकेंगे। इस प्रक्रिया में कोई कैंसिलेशन फीस नहीं ली जाएगी। सीट उपलब्धता और किराए का गणित इस सुविधा का लाभ लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा:     सीट की गारंटी नहीं: तारीख बदलने पर नई तिथि में बर्थ की उपलब्धता के आधार पर ही कंफर्म सीट मिलेगी।     किराये का अंतर: यदि नई तारीख का किराया पुरानी टिकट से अधिक है, तो यात्री को केवल अंतर की राशि का भुगतान करना होगा। यदि किराया कम हुआ, तो शेष राशि रिफंड कर दी जाएगी।     केवल कंफर्म टिकट: फिलहाल यह सुविधा सिर्फ कंफर्म ई-टिकट पर ही लागू होगी। वेटिंग टिकटों के लिए अभी पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे। उदाहरण और प्रभाव मान लीजिए आपके पास 20 जनवरी का दिल्ली से इंदौर का कंफर्म टिकट है, लेकिन अब आप 25 जनवरी को जाना चाहते हैं। नए नियम के तहत, आप बिना टिकट कैंसिल किए सीधे तारीख बदल सकेंगे। इससे न केवल यात्रियों के पैसों की बचत होगी, बल्कि रिफंड के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी। रेल मंत्री के मुताबिक, यह सिस्टम अपडेट होने के बाद IRCTC के प्लेटफॉर्म पर 'री-बुकिंग' का विकल्प दिखाई देगा। रेलवे का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है, जिससे करोड़ों रेल यात्रियों को सीधा फायदा होगा।  

कृषि और गैर कृषि आजीविका की संभावनाओं के अनुसार समूह से जोड़ने का मास्टर प्लान तैयार

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत घर-घर संपर्क कर समूह में जोड़ने की रणनीति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया कीर्तिमान गढ़ने की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत एक वर्ष में एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश की महिलाएं केवल लाभार्थी न रहें, बल्कि आर्थिक प्रगति की भागीदार बनें। इसी सोच के तहत कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका मॉडल को मजबूती दी जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आय के अवसर मिल सकें। आत्मनिर्भर बनेंगीं महिलाएं योगी सरकार उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के माध्यम से गांव-गांव महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने जा रही है। प्रशिक्षित टीमें घर-घर संपर्क कर महिलाओं को आजीविका से जोड़ने का काम करेंगी। इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। महिलाओं को कृषि, पशुपालन, डेयरी, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म उद्योग और सेवा क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें तत्काल पूंजी सहायता और मार्केट सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सशक्त महिला, समृद्ध प्रदेश जब तक गांव-गांव घर-घर की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होगी, तब तक परिवार और समाज पूरी तरह से सशक्त नहीं हो सकता। इसी सोच के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इस विजन को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना को मिशन मोड में लागू करने के लिए निर्देशित किया है। अर्थव्यवस्था के साथ सामाजिक संरचना को भी मिलेगी मजबूती योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में महिलाएं न केवल स्वरोजगार अपनाएं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाली बनें। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीक, बाजार और वित्त चारो स्तरों पर ठोस व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल योजनाओं का राज्य नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास मॉडल का उदाहरण बनता जा रहा है। यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संरचना को भी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

भोपाल के यात्रियों को बड़ी राहत, विदिशा स्टेशन से नई ठहराव सेवा का शुभारंभ

भोपाल राजधानी और उसके आसपास के यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रेल मंत्रालय की पहल के तहत विदिशा, सांची और दीवानगंज स्टेशनों पर नई ट्रेनों का प्रायोगिक ठहराव शुरू किया गया है, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को यात्रा में सुविधाओं और समय की बचत दोनों मिलेगी। लंबी दूरी की यात्रा में आसानी माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा रेलवे स्टेशन पर इस ठहराव सेवा का शुभारंभ किया। यात्रियों की लंबे समय से यह मांग थी कि प्रमुख ट्रेनों का ठहराव इन स्टेशनों पर हो, ताकि उन्हें लंबी दूरी की यात्रा में आसानी हो और यात्रा का अनुभव और सुविधाजनक बने। अब यशवंतपुर-नई दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, चेन्नई- श्री वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस और बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों का ठहराव इन स्टेशनों पर सुनिश्चित किया गया है।   इस अवसर पर विदिशा, सांची और कुरवाई के स्थानीय विधायक एवं नगर पालिका अध्यक्ष उपस्थित रहे। इस ठहराव सुविधा से न केवल यात्री आवागमन में सुविधाजनक होंगे, बल्कि क्षेत्र का सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास भी गति पाएगा। भोपाल और आसपास के यात्रियों के लिए यह कदम यात्रा अनुभव को सरल, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।