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6, 6, 6, 6, 6… हार्दिक पंड्या ने छक्कों की बारिश करते हुए विजय हजारे ट्रॉफी में जड़ा पहला लिस्ट-ए शतक

राजकोट भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अपनी मौजूदगी शानदार तरीके से दर्ज कराई. शनिवार (3 जनवरी) को विदर्भ के खिलाफ मुकाबले में पंड्या ने वडोदरा के लिए तूफानी शतक लगाया. पंड्या ने 8 छक्के और 6 चौकों की मदद से सिर्फ 68 गेंदों पर शतक पूरा किया. पंड्या के लिस्ट-ए करियर का ये पहला शतक रहा. राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में आयोजित इस मैच में हार्दिक पंड्या ने कुल मिलाकर 92 गेंदों पर 133 रन बनाए, जिसमें 11 छक्के और 8 चौके शामिल रहे. हार्दिक का स्ट्राइक रेट 144.56 रहा. एक समय हार्दिक ने 62 गेंदों पर 68 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने गियर बदल दिया. 39वें ओवर में हार्दिक ने विदर्भ के स्पिन गेंदबाज पार्थ रेखाडे की खबर ली. उस ओवर में हार्दिक ने लगातार पांच छक्के लगाए और फिर आखिरी बॉल पर चौका जड़कर अपना शतक पूरा कर लिया. हार्दिक का लिस्ट-ए रिकॉर्ड कैसा है?     हार्दिक पंड्या अब तक 119 लिस्ट-ए मुकाबले खेल चुके हैं, जिसमें उनके नाम 2382 रन दर्ज हैं. हार्दिक ने 1 शतक के अलावा 13 अर्धशतक जड़े हैं. हार्दिक ने लिस्ट-ए में 110 विकेट भी झटके हैं. खास बात यह रही कि जहां वडोदरा के बाकी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए, वहीं पंड्या अकेले मोर्चा संभालते दिखे. हार्दिक अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. हार्दिक के शतक के दम पर वडोदरा ने इस मैच में 9 विकेट पर 293 रनों का स्कोर खड़ा किया. हार्दिक पंड्या साउथ अफ्रीका के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में खेलते नजर आए थे, जिसके बाद वो कुछ दिनों के ब्रेक पर रहे. वापसी के साथ ही उन्होंने दिखा दिया कि वह पूरी तरह लय में हैं. पंड्या ने 44 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद सिर्फ 24 गेंदों में शतक तक पहुंच गए. अब हार्दिक पंड्या इस महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में नजर आएंगे. यह सीरीज और विजय हजारे ट्रॉफी दोनों ही फरवरी में शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों का अहम हिस्सा है. नंबर 7 पर बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ पंड्या ने साफ कर दिया है कि वह बड़े मंच पर एक बार फिर आतिशी प्रदर्शन के लिए तैयार हैं.

बिलासपुर में PM श्री स्कूल के अंदर कुत्ते ने छात्र-टीचर को नोचा

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आवारा कुत्ता स्कूल में घुस आया। पहली कक्षा के छात्र को काट दिया। बच्चे को नोंचते देखकर महिला टीचर बचाने दौड़ी, तो कुत्ते ने टीचर पर भी हमला कर दिया। बच्चे की आंख के पास चोट आई है। घटना सरकंडा क्षेत्र के खमतराई में पीएम श्री स्कूल की है. जानकारी के मुताबिक हेडमास्टर ने अन्य लोगों की मदद से छात्र और शिक्षिका को सिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया है। बताया जा रहा है कि पागल कुत्ता अब तक 13 लोगों को काट चुका है। इस घटना से स्कूली बच्चों के पेरेंट्स दहशत में हैं। बच्चे के चेहरे में चोट के गंभीर निशान मिले हैं। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, शुक्रवार सुबह (2 जनवरी) को खमतराई के पीएम श्री प्राइमरी स्कूल के स्कूल परिसर में रोजाना की तरह सुबह की प्रार्थना हो रही थी। प्रार्थना के बाद स्कूली बच्चे अपनी-अपनी क्लास में जाने लगे। इसी दौरान एक कुत्ता स्कूल परिसर में घुस आया। कुत्ते ने पहली क्लास के सावन लस्कर का पीछा किया और उसे काट लिया। इससे सावन घायल हो गया। बच्चा जमीन पर गिर गया। बच्चे पर हमला करते देख महिला टीचर सीता कश्यप बचाने के लिए दौड़ी। इस दौरान कुत्ते ने टीचर को भी काट लिया। इससे महिला टीचर सीता कश्यप भी जख्मी हो गईं। महिला टीचर को बनाया शिकार, अब तक 13 पर हमला स्कूली छात्र और एक महिला टीचर को कुत्ते के काटने के बाद अफरा-तफरी मच गई। हेडमास्टर और दूसरे टीचर्स ने मिलकर कुत्ते को स्कूल से बाहर भगाया। कुत्ते को दोबारा स्कूल में आने से रोकने के लिए टीचर शालिनी तिवारी गेट बंद करने गईं, तभी कुत्ते ने उन पर भी हमला किया और उन्हें भी काट लिया। आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे। कुत्ते को भगाने में कामयाब रहे। घायल छात्र और दोनों टीचर्स को SIMS अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। बताया जा रहा है कि यह आवारा कुत्ता इलाके में आतंक मचा रहा है। पहले ही 13 लोगों को काट चुका है। हेडमास्टर ने जोन कमिश्नर को लिखा पत्र स्कूल के हेडमास्टर सरोज यादव ने डीईओ, बीईओ के साथ ही नगर निगम के जोन कमिश्नर को पत्र लिखकर कुत्ते के आतंक की जानकारी दी है। उन्होंने स्थानीय लोगों के माध्यम से नगर निगम के अधिकारियों को घटना की जानकारी देकर कुत्ते को रेस्क्यू करने के लिए भी कहा। बताया जा रहा है कि डीईओ, बीईओ के साथ ही नगर निगम के जोन कमिश्नर को पत्र लिखने के बाद भी पागल कुत्ते को अब तक पकड़ा नहीं जा सका है। इसकी वजह से स्कूल के बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। अभी तक इस कुत्ते को नहीं पकड़ा गया है। रिटायर्ड हेडमास्टर के बेटे और गाय पर किया हमला स्कूल में छात्र और महिला टीचर को काटने के बाद कुत्ता सिद्धि विहार कॉलोनी की तरफ भाग गया। जहां उसने रिटायर्ड हेडमास्टर हरनाम सिंह के बेटे को दौड़ाकर काट लिया। इसके साथ ही एक गाय पर भी हमला कर दिया। इससे गाय घायल हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर नगर निगम का काउ कैचर मौके पर पहुंचा, लेकिन कुत्ते को पकड़ा नहीं जा सका। शहर में पागल और आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। आवारा कुत्तों की संख्या 7 हजार से अधिक है। पिछले तीन महीने में डॉग बाइट के 1625 मामले सामने आए हैं, जिनका सिम्स में उपचार कराया गया है। इस दौरान 7300 से अधिक एंटी रेबीज वैक्सीन की डोज दी गई है। पिछले साल जनवरी में सबसे अधिक 705 मामले दर्ज किए गए। फरवरी में 549 और मार्च में भी 549 केस सामने आए। स्थिति यह है कि औसतन रोजाना 18 लोग डॉग बाइट के शिकार हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में फर्जी नियुक्तियों पर शिक्षा विभाग के चार कर्मचारी सेवा से बाहर

रायपुर. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला शिक्षा विभाग की ओर से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय स्तर पर की गई विस्तृत जांच के बाद चार कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई को विभाग की अब तक की सबसे कड़ी अनुशासनात्मक पहल माना जा रहा है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि टीकमचंद साहू, फगेंद्र सिंहा, रजिया अहमद और अजहर अहमद की नियुक्ति वर्ष 2021 में सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य पदों पर जिन आदेशों के आधार पर दिखाई गई थी, वे विभागीय रिकॉर्ड में अस्तित्व में ही नहीं थे। जांच के दौरान नियुक्ति पत्रों पर अंकित क्रमांक और हस्ताक्षर भी आधिकारिक अभिलेखों से मेल नहीं खा सके। मामले के उजागर होने के बाद संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा गया, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज और स्पष्टीकरण नियुक्ति की वैधता साबित करने में असफल रहे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए चारों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक करने का आदेश जारी कर दिया।

छत्तीसगढ़ रेरा ने नक्शे से हटकर निर्माण पर प्रमोटर पर लगाया 10 लाख का जुर्माना

रायपुर. रायपुर की आवासीय परियोजना ‘वॉलफोर्ट एलेन्सिया’ के प्रमोटर के खिलाफ छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए प्रमोटर पर 10 लाख रुपए का आर्थिक दंड लगाया है। रेरा में हुई सुनवाई के दौरान सामने आया कि परियोजना का विकास नगर और ग्राम निवेश विभाग की ओर स्वीकृत ले-आउट के अनुसार नहीं किया गया। जांच में यह पाया गया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण तय नक्शे से हटकर किया गया है, जो अधिनियम की धारा 14(1) का उल्लंघन है। इस धारा के तहत किसी भी परियोजना में निर्माण कार्य केवल अनुमोदित योजना और निर्देशों के अनुसार करना अनिवार्य होता है। प्राधिकरण ने यह भी ध्यान में रखा कि वर्तमान में उक्त एसटीपी का उपयोग परियोजना के आवंटित लोग कर रहे हैं। आवंटितियों के हितों और रोजमर्रा की सुविधाओं को प्रभावित न करने के उद्देश्य से फिलहाल एसटीपी को तोड़ने या दोबारा निर्माण करने का निर्देश नहीं दिया गया। इसके बावजूद, बिना अनुमति ले-आउट में बदलाव को गंभीर चूक मानते हुए प्रमोटर को दोषी ठहराया गया है। रेरा ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत ले-आउट या योजनाओं में सक्षम प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना किया गया कोई भी परिवर्तन कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और नियमों के सख्त पालन का संदेश देता है।

छत्तीसगढ़ में GPM के मनोज कुमार खिलारी बने नए एसपी

रायपुर. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुलिस महकमे को नया नेतृत्व मिल गया है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार खिलारी को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का नया पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे दूसरी वाहिनी बिलासपुर में कमांडेंट के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जिले के पूर्व पुलिस अधीक्षक एस. आर. भगत 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो गए थे, जिसके बाद से एसपी का पद रिक्त चल रहा था। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार खिलारी एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उनके पास पुलिसिंग के क्षेत्र में और बल प्रबंधन का व्यापक अनुभव है। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में जिले की कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। नए एसपी द्वारा अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। नवनियुक्त एसपी शीघ्र ही जिले का पदभार ग्रहण करेंगे, जिसके बाद से पुलिसिंग व्यवस्था में नई सक्रियता और सख्ती देखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा ऐलान: अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना से चंबल क्षेत्र में तेज़ी से होगा विकास

अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना से चंबल क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परियोजना के संबंध में दिए दिशा-निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्षेत्रीय विकास में सड़कों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना से प्रदेश के चंबल क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। इस मार्ग से मुरैना, श्योपुर और भिंड जिले, राजस्थान से निकल रहे दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे और उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ हाईवे से जुड़ेंगे। इससे क्षेत्र की कोटा, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तथा यात्रा का समय कम होगा। परिणामस्वरूप क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार-व्यवसाय, पर्यटन और आवागमन को प्रोत्साहन मिलेगा। किसानों और क्षेत्रीय निवासियों की सहमति और संतुष्टि अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कर परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना की मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेंच राष्ट्रीय उद्यान-कान्हा टाइगर रिजर्व-बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पन्ना राष्ट्रीय उद्यान को जोड़ने वाले मार्ग को टाइगर टूरिज्म कॉरीडोर के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 625 कि.मी. लंबे इस मार्ग से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुसार वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। बैठक में अटल एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित दो प्लान का तुलनात्मक प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह उपस्थित थे।  

प्रयागराज में माघ मेले की पौष पूर्णिमा पर 21 लाख श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

प्रयागराज प्रयागराज महाकुंभ के बाद पहला माघ मेला आज से शुरू हो गया है। पहले दिन पौष पूर्णिमा पर अब तक 21 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालु स्नान-दान के बाद लेटे हनुमानजी के दर्शन कर रहे हैं। मेला प्राधिकरण का अनुमान है।  इधर, पुलिस ने दो फर्जी बाबा पकड़े हैं। उनके पास से फर्जी आधार कार्ड और नकली नोट मिले हैं। महाकुंभ में ‘दातून बॉय’ के नाम से मशहूर हुए आकाश थार से प्रयागराज पहुंचे हैं। उन्होंने मेले में दातून का कैंप लगाने का ऐलान किया है। इस बीच सपा कार्यकर्ता ने दिवंगत मुलायम सिंह यादव की तस्वीर के साथ गंगा में डुबकी लगाई। माघ मेला 2026 का शुभारंभ आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सैलाब के साथ हुआ। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद तड़के सुबह से ही लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम की ओर उमड़ पड़े। पुण्य की कामना के साथ पवित्र स्नान किया। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर हर-हर गंगे के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए शहर से संगम तक फोर्स तैनात दिखी। व्यापक पुलिस बल, एनडीआरएफ, जल पुलिस, ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी के जरिए पल-पल की निगरानी की गई। माघ मेले की शुरुआत के साथ ही प्रयागराज एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन गया है, जहां आस्था और व्यवस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।  सीएम योगी ने अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा नहीं होनी चाहिए और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा के लिए 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मेले की निगरानी AI तकनीक से लैस CCTV कैमरों से की जा रही है। ATS-NIA के कमांडो भी तैनात हैं। योगी सरकार माघ मेले को मिनी कुंभ के रूप में आयोजित कर रही है। मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और 15 फरवरी तक चलेगा। मेले को 7 सेक्टरों में बांटा गया है। 8 किलोमीटर लंबे स्नान घाट बनाए गए हैं। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं। 2 जनवरी की रात 8 बजे से मेले में वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। संगम नोज पर सिर्फ प्रशासकीय और चिकित्सीय वाहनों को ही जाने की अनुमति है। यह व्यवस्था 4 जनवरी की सुबह तक लागू रहेगी। आज से कल्पवास भी शुरू हो गया है। कल्पवासी 45 दिनों तक गंगा तट पर रहकर पूजा-अर्चना करेंगे। माघ मेला होने के कारण इसमें अखाड़े शामिल नहीं होते और न ही पेशवाई निकाली जाती है। पौष पूर्णिमा के साथ माघ मेला 2026 का औपचारिक शुभारंभ हो गया। पहले स्नान पर्व पर देश के कोने-कोने आए लाखों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। आधी रात के बाद से ही संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड और ठिठुरन के बावजूद आस्था का उत्साह कम नहीं हुआ। साधु-संतों, कल्पवासियों और आम श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार और हरिनाम संकीर्तन के बीच स्नान किया। प्रशासन ने इस बड़े आयोजन को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। संगम क्षेत्र को कई जोन और सेक्टर में बांटा गया। प्रमुख स्नान घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ प्रबंधन के लिए वन-वे ट्रैफिक प्लान लागू किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें नावों के जरिए लगातार गश्त करती रहीं। ड्रोन से की जाती रही निगरानी पौष पूर्णिमा पर सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त रहा। पुलिस और फोर्स की निगरानी चप्पे-चप्पे  पर दिखी। मेले में दोपहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। ड्रोन कैमरे से पूरे माघ मेला और घाटों की निगरानी की जाती रही। संगम पर बने वॉच टॉवर के माध्यम से पुलिस संगम नोज और सभी घाटों पर नजर बनाए रखी।  स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क रहा। संगम क्षेत्र और मेला परिसर में अस्थायी अस्पताल, एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीमें तैनात की गईं। ठंड को देखते हुए अलाव, गर्म पानी और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई। नगर निगम और स्वच्छता कर्मियों ने सुबह से ही सफाई अभियान चलाया ताकि घाटों पर स्वच्छता बनी रहे। 

बांग्लादेश में खोकन दास की अस्पताल में मौत, तालाब में कूदकर भी नहीं बची जान, क्रूरता का शिकार हुआ युवक

ढाका  बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे बर्बर हमलों ने एक और जान ले ली है. ढाका से लगभग 150 किलोमीटर दूर अपने गांव में दवा और मोबाइल बैंकिंग का व्यवसाय चलाने वाले खोकन चंद्र दास पर बुधवार रात इस्लामिक कट्टरपंथियों ने जानलेवा हमला किया था. हमलावरों ने न केवल उन पर धारदार हथियारों से वार किया, बल्कि उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश भी की थी. खोकन चंद्र दास के परिवार ने बताया कि वह बुधवार रात दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया. हमले में गंभीर रूप से झुलसे खोकोन दास किसी तरह पास के तालाब में कूद गए, जिससे आग बुझ सकी, लेकिन उनका चेहरा और सिर बुरी तरह झुलस गया था. स्थानीय लोगों ने उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, बाद में हालत बिगड़ने पर ढाका रेफर किया गया, जहां शुक्रवार तड़के उनकी मौत हो गई. खोकन दास अपने गांव में दवा और मोबाइल बैंकिंग का छोटा कारोबार चलाते थे. यह गांव ढाका से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित है. घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने इसे धार्मिक आधार पर हो रही हिंसा बताते हुए कहा कि यह सिलसिला बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल दोनों जगह चिंताजनक रूप से जारी है. पार्टी ने पिछले साल मुर्शिदाबाद में हुई हत्याओं का हवाला देते हुए कहा कि बंगाली हिंदुओं पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे. लगातार हो रहे हैं हमले खोकन दास का नाम अब उन हिंदुओं की बढ़ती सूची में जुड़ गया है, जिन पर मुस्लिम-बहुल बांग्लादेश में कथित तौर पर धार्मिक कारणों से जानलेवा हमले हुए हैं. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौर में अल्पसंख्यकों पर हिंसा के मामलों में इजाफे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता जताई है. बांग्लादेश में हिंसा की यह कड़ी नई नहीं है. इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि पहले उन्हें मार डाला गया और फिर शव को पेड़ से बांधकर जला दिया गया. उन पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था. इसके बाद 25 दिसंबर को अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. हालांकि अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बीच बांग्लादेश सरकार ने दावा किया कि अमृत मंडल एक आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति था और उगाही के विवाद में भीड़ ने उसे निशाना बनाया. वहीं 29 दिसंबर को मेहराबारी इलाके में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान बजेंद्र बिस्वास (42) की गोली लगने से मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी नोमान मिया (29) को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में दावा किया कि गोली “मजाक में” चली थी. भारत ने भी कई बार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ “लगातार शत्रुता” पर गंभीर चिंता जताते हुए हालात पर करीबी नजर रखने की बात कही है. वहीं बांग्लादेश सरकार का कहना है कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, हालांकि जमीनी हालात कुछ और कहानी बयां करते हैं.

यूपी का लौटा सांस्कृतिक वैभव, नये साल का जश्न मनाने तीर्थस्थल पहुंच रहे युवा

काशी के पर्यटन में रिकार्ड वृद्धि, वर्ष 2025 में पहुंचे 7 करोड़ 26 लाख श्रद्धालु, जिसमें 80 फीसदी युवा  यूपी का लौटा सांस्कृतिक वैभव, नये साल का जश्न मनाने तीर्थस्थल पहुंच रहे युवा  सांस्कृति पुनर्जागरण की लहर, नये साल पर काशी विश्वनाथ का दर्शन करने पहुंचे 30 लाख से अधिक युवा  वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन ने वाराणसी को न केवल आध्यात्मिक नगरी के रूप में पुनर्स्थापित किया है, बल्कि वैश्विक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित किया है। वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के साथ गंगा घाटों, प्राचीन मंदिरों, सड़कों और चौराहों का जिस तरह से सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास हुआ है, इसका प्रमाण वर्ष 2025 में रिकार्ड 7 करोड़ 26 लाख से अधिक पर्यटकों ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किये। इसमें महाकुम्भ के पलट प्रवाह और महाशिवरात्रि के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सर्वधिक रही। वहीं नये साल का जश्न मनाने भी लाखों की संख्या में युवा काशी पहुंचे।   काशी में वर्ष 2025 में पहुंचे रिकार्ड संख्या में पर्यटक वाराणसी में भव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण और गंगा जी के घाटों और मंदिरों के जीर्णोद्धार के बाद काशी आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पर्यटन विभाग के अनुसार पिछले वर्ष 2025 में काशी में 7,26,76,780 पर्यटकों ने काशी के मनोरम घाटों और मंदिरों का दर्शन किया। इस आंकड़े में प्रयागराज महाकुंभ के 'पलट प्रवाह' के दौरान आए 2 करोड़ 87 लाख श्रद्धालुओं की संख्या भी शामिल है। जिन्होंने महाकुम्भ में त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान के बाद काशी विश्वनाथ के भी दर्शन किये। साथ ही महाशिवरात्रि पर्व और पवित्र सावन माह में काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन करने वालों की संख्या सर्वाधिक रही, जिसके लिए मंदिर प्रबंधन कमेटी और काशी प्रशासन ने विशेष इंतजाम किये थे।  नये साल का जश्न मानाने 30 लाख से अधिक युवा पहुंचे काशी   सीएम योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में उठी सांस्कृतिक पुनर्जागरण की लहर ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी में धार्मिक स्थलों और तीर्थों के प्रति श्रद्धा में भी बढ़ोतरी की है। इसका जीवंत प्रमाण हमें नये साल के जश्न के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों पर उमड़ी अपार भीड़ के रूप में देखने को मिला। जहां 24 दिसंबर 2025 से 01 जनवरी 2026 के दौरान 3075769 श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। इस संबंध में काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने विश्व भूषण मिश्र ने कहा कि सनातन संस्कृति उत्सव, उत्साह एवं उल्लास की आश्रयस्थली है। विश्व के समस्त उत्सव सनातन मान्यता में उत्कर्ष प्राप्त करते हैं। उत्सवों में प्रायः लोक तात्कालिक सत्ता के आचरण को प्रतिबिंबित करता है। अतः स्वाभाविक ही है कि वर्तमान काल में प्रत्येक पर्व पर चाहे वह भारतीय हो अथवा पश्चिम का पर्व, सनातन आस्था के केंद्रों पर श्रद्धालुओं का प्रवाह अभूतपूर्व है। साथ ही सीएम योगी के प्रयासों से काशी, प्रयागराज और अयोध्या को जिस सैक्रेड ट्रायएंगल के रूप में विकसित किया जा रहा है, उससे इन तीर्थों में पर्यटकों की सख्यां में भारी मात्रा में वृद्धि दर्ज की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों को आधार कार्ड एवं अन्य वैध दस्तावेजों से मिल रहा योजनाओं का लाभ

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से राज्य में वृद्धजनों के लिए सुनियोजित, व्यापक एवं सतत सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ पात्र वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी पृथक “सीनियर सिटीजन कार्ड” के उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए अलग पहचान पत्र की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आधार कार्ड एवं अन्य वैध दस्तावेजों के माध्यम से आयु एवं पात्रता का सत्यापन कर योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुगम बनी है। 26 वृद्धाश्रमों के माध्यम से सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन राज्य में वर्तमान में 26 वृद्धाश्रम संचालित हैं, जहाँ निराश्रित, असहाय एवं देखभाल की आवश्यकता वाले वृद्धजनों को निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। यह व्यवस्था ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए संबल बनी है, जिनके पास पारिवारिक या सामाजिक सहारा उपलब्ध नहीं है। 13 प्रशामक गृहों में विशेष देखभाल गंभीर रोगों से ग्रस्त एवं बिस्तर पर आश्रित वृद्धजनों के लिए राज्य में 13 प्रशामक गृह संचालित किए जा रहे हैं। यहाँ उन्हें निःशुल्क आवास, निरंतर देखभाल, उपचार सहयोग एवं सहायक सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे अत्यंत संवेदनशील वृद्धजनों को मानवीय और सम्मानजनक जीवन मिल सके। वृद्धावस्था पेंशन से आर्थिक संबल सामाजिक सुरक्षा के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा बीपीएल एवं एसईसीसी वंचन समूह के पात्र वृद्धजनों को 500 रुपए प्रतिमाह तथा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को 680 रुपए प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन नियमित रूप से दी जा रही है। यह पेंशन वृद्धजनों को न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन में सहायक सिद्ध हो रही है। सहायक उपकरण और तीर्थ यात्रा से जीवन में नई ऊर्जा राज्य शासन द्वारा आवश्यकता के अनुरूप वृद्धजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे दैनिक जीवन में अधिक आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण के लिए 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की तीर्थ यात्रा योजना भी संचालित की जा रही है। समग्र संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास छत्तीसगढ़ शासन का स्पष्ट संदेश है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए समग्र सामाजिक सुरक्षा, संरक्षण और सहभागिता सुनिश्चित करना राज्य की प्राथमिकता है। पेंशन, आवास, स्वास्थ्य देखभाल, सहायक सुविधाएँ और सामाजिक जुड़ाव के माध्यम से राज्य अपने वरिष्ठ नागरिकों को गरिमापूर्ण, सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।