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चंगोराभाठा में अनुमति के विपरीत निर्माणाधीन भवन पर चला बुलडोजर

रायपुर. नगर पालिक निगम के आयुक्त विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर खीरसागर नायक के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 5 मगर निवेश विभाग की टीम ने जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत रिंग रोड अंतर्गत चंगोराभाठा में अनुमति के विपरीत निर्माणाधीन भवन को हटाने की कार्यवाही जेसीबी मशीन की सहायता से की गयी. कार्यवाही के दौरान नगर निगम कार्यपालन अभियंता लाल महेंन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता नागेश्वर राव रामटेके, उप अभियंता टिकेन्द्र चंद्राकर सहित नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता की टीम की स्थल में उपस्थिति रही.

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जानने, समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर फोटो प्रदर्शनी

रायपुर. छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक नृत्यों और विविध लोक कलाओं को व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाने के उद्देश्य से क्लाउड एवं संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ के सहयोग से एक विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन विधायक पुरंदर मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी राज्य की जनजातीय, ग्रामीण और लोक परंपराओं की जीवंत, कलात्मक और प्रामाणिक झलक प्रस्तुत कर रही है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप से दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कला प्रेमियों के साथ-साथ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, संस्कृति अध्येताओं और आम नागरिकों के लिए भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जानने, समझने और अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध होगा। दीपेंद्र दीवान ने बताया कि यह फोटो प्रदर्शनी 02 जनवरी से 04 जनवरी 2026 तक कला वीथिका, महंत घासीदास परिसर, घड़ी चौक, रायपुर में आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11बजे से सायं 7 बजे तक खुली रहेगी । प्रदर्शनी देखने प्रवेश सभी के लिए पूर्णतः निःशुल्क है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक आयोजन से जुड़ कर अपने छत्तीसगढ की सांस्कृतिक वैभव की जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि यह फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से न केवल दृश्य सौंदर्य प्रस्तुत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोक जीवन, लोक संस्कृति की विविधता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी दे रही है। फोटो प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है एंव लोक कलाकारों और शिल्पकारों के योगदान को रेखांकित कर तथा लोक कला के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।

रायगढ़ में महिला के पेट पर बिना चीरा सफल ऑपरेशन

रायगढ़. कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार गुणवत्ता और सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इसी कड़ी में मातृ एवं शिशु 100 बिस्तर अस्पताल रायगढ़ में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक जटिल समस्या का सफल उपचार कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में निवास करने वाली 55 वर्षीय महिला लंबे समय से गर्भाशय में दर्द एवं गर्भाशय बाहर आ जाने की गंभीर समस्या से पीड़ित थीं। आर्थिक एवं भौगोलिक कारणों से महिला बड़े शहरों में उपचार नहीं करा पा रही थीं। मातृ एवं शिशु रोग अस्पताल रायगढ़ पहुंचने पर महिला की जांच सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल के नेतृत्व में तथा डॉ. अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में की गई। वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. दिशा ठाकुर क्षत्रिय एवं डॉ. उपमा पटेल द्वारा मरीज की पहले विस्तृत काउंसलिंग की गई। आवश्यक जांचों के पश्चात महिला का वैजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। यह शल्य प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पेट पर किसी प्रकार का चीरा नहीं लगाया जाता और मरीज को शीघ्र आराम मिलता है। चिकित्सकों के अनुसार 45 वर्ष की आयु के बाद एवं मेनोपॉज के पश्चात कई महिलाएं भय के कारण इस समस्या का उपचार नहीं करातीं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। समय पर किए गए इस ऑपरेशन से महिला को राहत मिली है और वह अब सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं। इस सफल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ.पी.एल.पटेल, सिस्टर इंचार्ज लता मेहर एवं जैसिंता सिस्टर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक रंजना पैकरा ने बताया कि अब जिले की महिलाओं को जटिल स्त्री रोग संबंधी उपचार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह उपलब्धि जिले में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है।

सीएम साय ने प्रदेशवासियों को लोकपर्व छेरछेरा की दी बधाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान और अन्न के दान का सबसे बड़ा पर्व लोकपर्व छेरछेरा पुन्नी आज मनाया जा रहा है. इस दिन को पौष पूर्णिमा व शांकभरी जयंती के नाम से भी जाना जाता है. छत्तीसगढ़ में छेरछेरा पुन्नी का अलग ही महत्व है. वर्षों से मनाया जाने वाला ये पारंपरिक लोक पर्व साल के शुरुआत में मनाया जाता है. इस दिन रुपए-पैसे नहीं बल्कि अन्न का दान करते हैं. इस पर्व में सरकार भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है.महादान और फसल उत्सव के रूप त्यौहार मनाया जाने वाला छेरछेरा तिहार छत्तीसगढ़ के सामाजिक समरसता, समृद्ध दानशीलता की गौरवशाली परम्परा का संवाहक है. इस दिन ‘छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा’ बोलते हुए गांव के बच्चे, युवा और महिलाएं खलिहानों और घरों में जाकर धान और भेंट स्वरूप प्राप्त पैसे इकट्ठा करते हैं और इकट्ठा किए गए धान और राशि से वर्षभर के लिए कार्यक्रम बनाते हैं. छत्तीसगढ़ के किसानों में उदारता के कई आयाम दिखाई देते हैं. यहां उत्पादित फसल को समाज के जरूरतमंद लोगों, कामगारों और पशु-पक्षियों के लिए देने की परम्परा रही है. छेरछेरा का दूसरा पहलू आध्यात्मिक भी है, यह बड़े-छोटे के भेदभाव और अहंकार की भावना को समाप्त करता है. फसल के घर आने की खुशी में पौष मास की पूर्णिमा को छेरछेरा पुन्नी तिहार मनाया जाता है. इसी दिन मां शाकम्भरी जयंती भी मनाई जाती है. पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शंकर ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, इसलिए लोग धान के साथ साग-भाजी, फल का दान भी करते हैं. पौष पूर्णिमा धान के लिए प्रसिद्ध है. संपूर्ण भारतवर्ष में इस शुभदिन अन्न, दलहन-तिलहन का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. यह सूर्य के उत्तरायण की प्रथम पूर्णिमा है. अत: इसका विशेष महत्व माना गया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकपर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा महादान, सामाजिक समरसता और दानशीलता का प्रतीक पर्व है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध, गौरवशाली और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत परंपरा को सजीव रूप में अभिव्यक्त करता है। नई फसल घर आने की खुशी में यह पर्व पौष मास की पूर्णिमा को बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिन मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और जीवन के संरक्षण का संदेश देती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा ग्रहण की थी। इसी परंपरा के अनुरूप छेरछेरा पर्व पर धान के साथ-साथ साग-भाजी, फल एवं अन्य अन्न का दान कर लोग परस्पर सहयोग, करुणा और मानवता का परिचय देते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा पर्व हमें समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और साझा समृद्धि की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस लोकपर्व को सद्भाव, उल्लास और पारंपरिक मूल्यों के साथ मनाने का आह्वान किया।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी मुठभेड़, 12 से ज्यादा नक्सली मारे गए

सुकमा  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान जारी है। सुकमा और बीजापुर जिलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है। सुकमा जिले के किस्टाराम क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 10 नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, जबकि इलाके में अब भी रुक-रुककर फायरिंग जारी है। दूसरी ओर बीजापुर जिले में दो माओवादियों को ढेर कर दिया गया है, जिनके शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान शनिवार तड़के नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई। माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान शनिवार तड़के नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। सुबह करीब 5 बजे से माओवादियों के साथ रुक-रुककर मुठभेड़ जारी है। सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक बीजापुर क्षेत्र से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ की पुष्टि एसपी जितेंद्र यादव ने की है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए मुठभेड़ के सटीक स्थान और ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या का खुलासा नहीं किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी। 3 जनवरी की सुबह करीब 5 बजे से लगातार रुक-रुककर गोलीबारी चल रही है। बीजापुर में हुई मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने अब तक दो नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। मुठभेड़ की पुष्टि बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने की है। उन्होंने बताया कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सुरक्षा कारणों को देखते हुए फिलहाल मुठभेड़ के सटीक स्थान और ऑपरेशन में शामिल जवानों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी। हाल के दिनों में तेज हुए नक्सल विरोधी अभियान गौरतलब है कि 8 दिन पहले पड़ोसी राज्य ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली नेता गणेश उईके समेत 6 माओवादियों को मार गिराया था। उस कार्रवाई में दो महिला नक्सली भी ढेर हुई थीं और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती राज्यों में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को नक्सल नेटवर्क पर अब तक का बड़ा दबाव माना जा रहा है। Yearender 2025 – छत्तीसगढ़ के बड़े नक्सल एनकाउंटर  छत्तीसगढ़ में मार्च 2026 तक नक्सल खात्मे का लक्ष्य रखा गया है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर दौरे में नक्सलियों से हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी. इस अपील के बाद बड़ी संख्या में नक्सलियों ने फोर्स के सामने हथियार डाले. जिन नक्सलियों ने हथियार के साथ फोर्स को चुनौती देने की कोशिश की उनके नामो निशान मिट गए.साल 2025 बड़े नक्सलियों के खात्मे के लिए भी जाना जाएगा. दिसंबर 19.12.2025 : बीजापुर जिले में सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 5 लाख का इनामी नक्सली मारा गया. ASP चंद्रकांत गोवर्णा ने बताया कि भैरमगढ़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इंद्रावती क्षेत्र में डीआरजी टीम ने तलाशी अभियान चलाया था.जिसमें एक नक्सली ढेर हुआ. 18.12.2025: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 3 नक्सली मारे गए, जिनमें कई हिंसक घटनाओं में शामिल एक महिला नक्सली भी थी. गोलापल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पहाड़ी वन क्षेत्र में यह मुठभेड़ हुई. 03.12.2025: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर में हुई मुठभेड़ में पीएलजीए कंपनी नंबर 2 के कमांडर मोदियामी वेल्ला समेत 18 नक्सली मारे गए. मुठभेड़ में तीन सुरक्षाकर्मी भी शहीद हो गए, जबकि दो घायल हुए. छत्तीसगढ़ सरकार ने वेल्ला पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था. नवंबर 18.11.2025: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 6 माओवादी मारे गए. इनमें बस्तर का वरिष्ठ माओवादी नेता और केंद्रीय समिति सदस्य माडवी हिड़मा भी शामिल था. 11.11.2025: बीजापुर जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 6 नक्सली मारे गए. इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम क्षेत्र में वरिष्ठ माओवादी कैडरों की उपस्थिति की सूचना के आधार पर नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. सितंबर 28.09.2025: छत्तीसगढ़ के कांकेर में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 14 लाख रुपए के 3 इनामी नक्सली मारे गए. कांकेर पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसला के मुताबिक कांकेर और गरियाबंद जिलों की सीमा पर स्थित छिंदखड़क गांव के पास एक पहाड़ी पर मुठभेड़ हुई. 22.09.2025: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 2 नक्सली मारे गए. नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर, महाराष्ट्र से सटे अबूझमाड़ के मूसफरशी जंगलों में एक अभियान शुरू किया गया और सुबह गोलीबारी शुरू हो गई. नारायणपुर के एसपी रॉबिन्सन गुड़िया ने कहा कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. 11.09.2025: छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने हाल के वर्षों में अपनी सबसे बड़ी सफलताओं में से एक को अंजाम दिया, जब उन्होंने गरियाबंद क्षेत्र में एक सुनियोजित अभियान में 10 कट्टर नक्सलियों को मार गिराया. मारे गए लोगों में मोदम बालकृष्ण उर्फ ​​मोनाज (CCM) भी शामिल था, जिस पर एक करोड़ रुपए का इनाम था. 5.22 करोड़ रुपए के इनामी 10 नक्सली मारे गए: रायपुर रेंज के आईजी अमरीश मिश्रा ने बताया कि गरियाबंद मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गए. इनमें बालकृष्ण उर्फ मनोज उर्फ ​​बलन्ना भी शामिल था, जिस पर एक करोड़ रुपए का इनाम था.इस मुठभेड़ में अन्य नक्सली भी मारे गए, जिन पर कुल मिलाकर 4.22 करोड़ रुपए का इनाम था. अगस्त 13.08.2025: छत्तीसगढ़ के मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों ने भीषण मुठभेड़ में दो वरिष्ठ माओवादी नेताओं को मार गिराया. यह मुठभेड़ मदनवाड़ा क्षेत्र के बांदा पहाड़ रेतेगांव … Read more

रायपुर: CM साय ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से की मुलाकात, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेज़बानी पर चर्चा

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से की भेंट प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को  मिलना समूचे राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय  – मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित “प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स – 2026” के सफल आयोजन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व तथा भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में खेलों को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलना समूचे राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय है, यह अवसर राज्य की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने अवगत कराया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत एथलेटिक्स, तीरंदाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, हॉकी, फुटबॉल और तैराकी सहित कुल 07 मुख्य खेलों की स्पर्धाएँ आयोजित की जाएँगी, वहीं 2 खेल डेमो स्वरूप प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रस्तावित आयोजन के अनुसार सरगुजा संभाग में कुश्ती, तीरंदाजी एवं वेटलिफ्टिंग,रायपुर में हॉकी, फुटबॉल एवं तैराकी तथा बिलासपुर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने  कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 का उद्घाटन समारोह 14 फरवरी 2026 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री मांडविया को उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं में खेल प्रतिभा प्रचुर मात्रा में है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इस प्रकार के आयोजन खेलों के प्रति नए उत्साह और अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने आयोजन की सभी तैयारियों में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी अंचलों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा तथा छत्तीसगढ़ खेल महाशक्ति के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मनसुख मांडविया को ईएसआईसी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने राज्य में खेलों के आधारभूत ढाँचे के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण अवसरों के विस्तार तथा खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में खेल मंत्रालय के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने देश में कार्यान्वित ऐतिहासिक लेबर कोड के लिए भी केंद्रीय मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रमिक हितों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा कवरेज और श्रम क्षेत्र में पारदर्शिता एवं सरलता को नई दिशा मिली है।

राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

राजस्व के सभी मामलों का मेरिट के आधार पर हो निस्तारणः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश प्रदेश के सभी जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश की जल्द लागू हो व्यवस्था नामांतरण के वादों का ऑटो मोड पर हो निस्तारण, चकबंदी प्रक्रिया को बनाएं पारदर्शी, हो नियमित मॉनिटरिंग प्रदेश में शीतलहर को देखते हुए अलाव, रैनबसेरों तथा कंबल वितरण की प्रक्रिया को तेज करने के दिये निर्देश मुख्यमंत्री जी ने युद्ध स्तर पर और मिशन मोड में कार्यों को पूर्ण करने के दिये निर्देश लखनऊ राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उ्न्होंने कहा कि राज्य में राजस्व के सभी मामले, चाहे वह पैमाईश से संबंधित हो, नामांतरण से संबंधित हो या फिर आबादी दर्ज करने से संबंधित हो, सभी का निपटारा मेरिट के आधार पर तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सभी लंबित मामलों में जवाबदेही तय करते हुए इनका निर्धारित समायवधि में निस्तारण सुनिश्चित करे। साथ ही, प्रदेश के सभी जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली को लागू करने के लिए निर्देश दिए।  ऑटोमोड पर कार्य करे नामांतरण प्रक्रिया मुख्यमंत्री जी ने नामांतरण व वरासत के मामलों को लेकर निर्देश दिये कि ऐसी प्रणाली विकसित की जाए जिससे यह कार्य ऑटो मोड पर हो सके। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह नागरिकों को सुगम और समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इससे अतिरिक्त, चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, नक्शा और रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली को लागू करने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उनके अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में रोवर से पैमाइश के लिए रोवर की खरीद ही नहीं बल्कि ट्रेनिंग कराने तथा प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए फ्रेमवर्क को तैयार किया जाए। जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश को पूर्ण करने के लिए ट्रेनिंग हेतु इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेनिक एवं आईटीआई का सहयोग भी लिया जा सकता है। कार्यों की प्रगति में लाएं तेजी, उन्हें शत प्रतिशत समय से पूरा करने पर करें फोकस मुख्यमंत्री जी ने समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग को निर्देश दिये कि सभी कार्यों की प्रगति में तेजी लाते हुए उन्हें शत प्रतिशत पूर्ण करने पर फोकस करें। मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य में  तेजी लाते हुए इन्हें शीघ्र पूर्ण किया जाए। विभागीय निगरानी सरल हो और इसका लाभ आमजन को मिले। धारा 80 के अन्तर्गत भू-उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए राजस्व परिषद के स्तर पर कॉल सेंटर जैसी प्रणाली की जाए विकसित। तकनीकी रूप से पारदर्शी व्यवस्था हो सुनिश्चित      मुख्यमन्त्री जी ने चकबंदी प्रक्रिया में तकनीकी के प्रयोग और यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान रजिस्ट्री, पैमाइश और खसरा पड़ताल से जुड़े सभी लम्बित प्रकरणों का समाधान तय समय सीमा में अनिवार्य रूप से किया जाय। उन्होंने आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा निवास प्रमाण पत्र  जैसी शासकीय सेवाओं सेवा को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, प्रदेश में शीतलहर को देखते हुए रैन बसेरों में व्यवस्थाओं का सुचारू प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था तथा कंबल वितरण को लेकर राजस्व विभाग को कार्यप्रणाली में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कार्यों को मिशन मोड में युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।  मुख्यमंत्री जी ने ग्राम पंचायतों में लगी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों/स्मारकों को सुरक्षित करने के लिए समाज कल्याण विभाग के सहयोग से बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने लेखपालों को पंचायत भवनों में अपना कार्यालय बनाकर जनसमस्याओं के निस्तारण करने के निर्देश दिये।  मुख्यमंत्री जी ने जनपद स्तर पर एकीकृत बहुमंजली कार्यालय का निर्माण हो, जहां जिलाधिकारी के साथ साथ समस्त जनपदीय कार्यालय उसमें समाहित हों।

गंगा की रेती पर बस गया तंबुओं का अस्थायी शहर, पौष पूर्णिमा से शुरू होगा माघमेला

संगम में प्रवाहित हो रही संयम, साधना और भक्ति की त्रिवेणी गंगा की रेती पर बस गया तंबुओं का अस्थायी शहर, पौष पूर्णिमा से शुरू होगा माघमेला 4 लाख से अधिक कल्पवासियों के जप-तप और संकल्प की साक्षी बनेगी संगम नगरी प्रयागराज प्रयागराज के संगम तट में लगे आस्था के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक समागम माघ मेले में पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के साथ ही माघ मेला क्षेत्र में तप, साधना और संयम की त्रिवेणी प्रवाहित होने लगेगी । भक्ति साधना  और संयम की यह त्रिधारा है कल्पवास जिसकी शुरुआत पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शनिवार को होगी। इस बार कल्पवासियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि की वजह से  योगी सरकार ने कल्पवासियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए हैं। माघमेला 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा से प्रारंभ होकर 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा। 4 लाख से अधिक कल्पवासियों की भक्ति और साधना से प्रकाशमान होंगे गंगा के तट प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित होने वाला माघ मेला धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का देश का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन है। पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के साथ ही ज्ञान , भक्ति और साधना की विविध धाराएं यहां प्रवाहित होने लगेंगीं। माघ मेला क्षेत्र में एक तरफ दंड धारण करने वाले दंडी संतों और  रामानंदी आचार्य संतो और मुकाम धारी खालसा के संतों की दुनिया होगी तो वहीं होगा चतुष्पीठ  के शंकराचार्यों का वैभव। अध्यात्म के इस सागर में यहां कल्पवासियों के जप, तप और संयम की त्रिवेणी अभी से प्रवाहित होने लगी है। पौष पूर्णिमा से पूरे एक महीने तक गंगा और यमुना की रेत पर तंबुओं के शिविर बनाकर ठिठुरती ठंड में साधना करने वाले इन कल्पवासियों की संख्या में इस साल अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। मेला प्रशासन का अनुमान है कि इस बार 4 लाख कल्पवासी माघ मेले में कल्पवास करेंगे। पहली बार कल्पवासियों के लिए बनाया गया प्रयाग वाल नगर कल्पवासियों को माघ मेले का प्रथम साधक माना जाता है जिनके बिना माघ मेले के आयोजन की कल्पना भी नहीं संभव है। माघ मेला क्षेत्र में इन्हें बसाना मेला प्रशासन की प्राथमिकता होती है। एडीएम माघ मेला दयानन्द प्रसाद बताते हैं कि इस बार महाकुंभ 2025 के भव्य और दिव्य आयोजन की स्मृति और 12 साल बाद कल्पवास के संकल्प लेने की परम्परा के चलते कल्पवासियों की संख्या बढ़ गई है। इसे देखते हुए पहली बार माघ मेला क्षेत्र में कल्पवासियों के लिए एक अलग से भी 950 बीघे में एक नगर बसाया गया है जिसे प्रयागवाल नाम दिया गया है। नागवासुकी मंदिर के सामने गंगा नदी के पार इसे बसाया गया है। तीर्थ पुरोहितों और मेला प्रशासन के साथ आपसी विचार विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है। वैसे तीर्थ पुरोहितों की मांग और सहूलियत को देखते हुए विभिन्न सेक्टरों में भी कल्पवासियों के लिए तंबू लगाए गए हैं। कल्पवासी की उम्र और अवस्था को देखते हुए इन्हें बसाया जा रहा है।  मेला क्षेत्र में मूल रूप से कल्पवास करने वाले इन श्रद्धालुओं को गंगा के तटों के पास ही तंबुओं की व्यवस्था की गई थी ताकि सुबह प्रतिदिन इन्हें गंगा स्नान के लिए दूर तक न चलना पड़े। कल्पवासियों के शिविर में स्वच्छता पर प्राथमिकता योगी सरकार माघ मेला क्षेत्र  को दिव्य ,भव्य और स्वच्छ  स्वरूप दे रही है। इसके लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र में स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मेला प्रशासन के मुताबिक विभिन्न सेक्टर में बस रहे कल्पवासियों के शिविर में भी स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है। कल्पवासियों से भी अपील की जाएगी कि वह सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल शिविर में न करें।  बुजुर्ग कल्पवासियों के लिए शीत लहरी से बचाव हो इसके लिए भी प्रशासन कई कदम उठा रहा है।  प्रशासन ने कल्पवासियों के शिविर के बाहर अलाव जलाने की व्यवस्था की थी ताकि शीत लहरी से कल्पवासियों का बचाव हो सके। माघ मेला 2026 के मुख्य स्नान पर्व पौष पूर्णिमा : 3 जनवरी मकर संक्रांति :14 जनवरी मौनी अमावस्या : 18 जनवरी बसंत पंचमी : 23 जनवरी माघी पूर्णिमा : 01 फरवरी महाशिवरात्रि : 15 फरवरी

वर्ष 2024 के 17,58,930 की तुलना में वर्ष 2025 में ट्रैफिक रूल उल्लंघन के हुए 13,78,919 मामले दर्ज

योगी सरकार का ट्रैफिक अवेयरनेस मंत्र हिट, पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 4 लाख कम हुए चालान वर्ष 2024 के 17,58,930 की तुलना में वर्ष 2025 में ट्रैफिक रूल उल्लंघन के हुए 13,78,919 मामले दर्ज  सीसीटीवी कैमरों और डिजिटल निगरानी के माध्यम से वर्ष 2026 में चलाया जाएगा सघन चेकिंग और जागरूकता अभियान राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 01 जनवरी से शुरू, चल रहा है प्रदेशव्यापी सघन चेकिंग अभियान  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में परिवहन विभाग ने वर्ष भर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाये, उसी का परिणाम है कि पिछले साल की तुलना में वर्ष 2025 में लगभग चार लाख चालान कम दर्ज किए गये हैं। जो लोगों में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक रूल के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने हाल ही में सम्पन्न हुई समीक्षा बैठक में बताया कि विभाग ने वर्ष 2024 के 17,58,930 चालानों के मुकाबले वर्ष 2025 में 13,78,919 चालान दर्ज किये हैं। जिसके आधार पर लगभग 454.49 करोड़ रुपये वसूले किये गये हैं। इसी क्रम में परिवहन विभाग वर्ष 2026 में डिजीटल निगरानी और जागरूकता अभियान चलाएगा, जिसकी शुरूआत जनवरी माह में चलाए जा रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के साथ हो रही है।   हेल्मेट न पहनने वालों के हुए सबसे ज्याद चालान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक यूपी परिवहन विभाग ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाये और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया। परिणाम स्वरूप ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के अपेक्षाकृत कम मामले दर्ज किए गये हैं। इसके बारे में विस्तृत रिपोर्ट पेश करते हुए विभाग के अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में बताया कि वर्ष 2025 में सबसे ज्याद चालान 6,32,901 हेलमेट न पहनने के मामले में दर्ज हुए। इसी तरह 14,535 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए और सीटबेल्ट उल्लंघन के मामलों में 1,33,189 चलान हुए हैं। जबकि ओवरस्पीडिंग के पिछले वर्ष के 7,77,897 मामलों की तुलना में इस वर्ष 3,30,171 मामलों में चालान के साथ उल्लेखनीय कमी भी दर्ज की गई है। वहीं ड्रिंक एंड ड्राइव के 3,611 मामले और रॉन्ग साइड चलाने वालों से 56,079 चालान वसूले गये हैं।  व्यवसायिक वाहनों में ओवरलोडिंग के 54,923 मामले हुए दर्ज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि व्यवसायिक वाहनों की प्रवर्तन कार्यवाही के मामालों में ओवरलोडिंग के 54,923 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि गलत नंबर प्लेट के 11,892 और माल वाहन से यात्री ढोने के 1,226 चालान वसूले गये। वहीं कमर्शियल वाहनों में स्पीड लिमिट डिवाइस न लगाने के 20,431 मामले दर्ज किए गये। विभाग की ओर से चलाए गये विशेष चेकिंग अभियानो  के जरिये अप्रैल माह में अपंजीकृत ई-रिक्शा के खिलाफ 36,773 और अंतर्जनपदीय ओवरलोड मालवाहकों पर 1,786 मामले दर्ज किये गये। मई माह में अनधिकृत यात्री वाहनों पर 2,218 और जून माह में निजी वाहनों के वाणिज्यिक उपयोग पर 1,821 चालान दर्ज किये गये। सितंबर में अन्य राज्यों के उल्लंघनकारी वाहनों पर 6,832 और अक्टूबर में बिना नंबर प्लेट के डम्पर-ट्रक पर 5,073 चालान दर्ज हुए हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में प्रदेशव्यापी सघन चेकिंग अभियान   परिवहन विभाग के अधिकारी ने बैठक में बताया कि वर्ष 2026 में विभाग प्रदेश में सड़क दुर्घटना में कमी लाने और ट्रैफिक रूल के पालन को सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल निगरानी और जागरूकता अभियानों को और तेज करेगा। जिसकी शुरूआत 01 जनवरी से शुरू हो रहे, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के साथ की जा रही है। इसके दौरान परिवहन विभाग, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा और सूचना विभाग के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के साथ सघन चेकिंग अभियान भी चलाएगा। मोटरसाइकिल चालकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरे माह नो हेल्मेट नो फ्यूल का भी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही प्रदेश के चिन्हित ब्लैक स्पॉट और हाई रिस्क जोन में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वहीं सूचना के सहयोग से सड़क सुरक्षा और जागरूकता का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है साथ ही स्कूल-कालेजों में जागरूकता अभियान चलाए जाएगें।

मोबाइल कनेक्टिविटी में उत्तर प्रदेश पूर्व और पश्चिम बने उपभोक्ता गतिविधि के प्रमुख केंद्र

उत्तर प्रदेश बन रहा है देश का उभरता दूरसंचार पावरहाउस  मोबाइल कनेक्टिविटी में उत्तर प्रदेश पूर्व और पश्चिम बने उपभोक्ता गतिविधि के प्रमुख केंद्र नवंबर 2025  में यूपी पूर्व में 1.97 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम में 1.35  मिलियन पोर्टिंग अनुरोध दर्ज योगी सरकार का विकास मॉडल, त्वरित गति से हो रहा है औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास  लखनऊ   उत्तर प्रदेश में दूरसंचार क्षेत्र की तेजी से प्रगति हो रही है। प्रदेश में मोबाइल, ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवाओं का विस्तार शहरी के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में मजबूती से हो रहा है। इस विस्तार का सबसे बड़ा कारण सरकारी नीतिगत समर्थन और निजी निवेश है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र का त्वरित गति से दायरा बढ़ता जा रहा है। इसी का परिणाम है कि देश के अग्रणी दूरसंचार बाजारों में उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से शामिल है। योगी सरकार के विकास मॉडल से प्रदेश के डिजिटल क्षेत्र को नया आयाम मिल रहा है।  भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 में देश भर में कुल वायरलेस मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 1173.88 मिलियन रही। अक्टूबर 2025 में यह संख्या 1171.87 मिलियन था। इसमें उत्तर प्रदेश पूर्व और उत्तर प्रदेश पश्चिम दोनों लाइसेंस्ड सेवा क्षेत्रों की भागीदारी विशेष रही है। उपभोक्ता गतिविधि के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बना हुआ है। नवंबर 2025  तक उत्तर प्रदेश पूर्व में 1.97 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम में 1.35  मिलियन पोर्टिंग अनुरोध दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि प्रदेश में मोबाइल सेवाओं की मांग अधिक है। फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस विशेष कर 5-जी आधारित सेवाओं में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। नवंबर 2025  के अंत तक देश में कुल 5-जी एफडब्ल्यूए उपभोक्ताओं की संख्या 10.41 मिलियन दर्ज की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश पूर्व में 0.79 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम में 0.62 मिलियन उपभोक्ता शामिल हैं। केवल एक महीने के भीतर इन दोनों क्षेत्रों में हजारों नए उपभोक्ताओं का जुड़ना यह संकेत देता है कि सरकार की डिजिटल कनेक्टिविटी नीति का लाभ आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। दूर-दराज के गांवों में भी हाई स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर खोल रही है। वायरलाइन सेवाओं के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने स्थिर वृद्धि दर्ज की है। नवंबर 2025  के अंत तक देश में कुल वायरलाइन उपभोक्ताओं की संख्या 47.05 मिलियन रही। उत्तर प्रदेश में सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और शहरी आवासीय क्षेत्रों में वायरलाइन कनेक्शन की मांग बनी हुई है। योगी सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस सेवाओं को व्यापक रूप से लागू किए जाने से विश्वसनीय और सुरक्षित कनेक्टिविटी की आवश्यकता बढ़ी है जिससे वायरलाइन नेटवर्क को मजबूती मिली है। सक्रिय मोबाइल उपभोक्ताओं के मामले में भी प्रदेश की स्थिति सशक्त बनी हुई है। अक्टूबर की तुलना में नवंबर 2025  तक में देश भर में कुल मोबाइल उपभोक्ताओं में से 1090.91 मिलियन उपभोक्ता सक्रिय पाए गए। ऑनलाइन सरकारी सेवाएं, डिजिटल भुगतान, ई-शिक्षा और टेली मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की भूमिका लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक विकास का प्रमुख माध्यम बनाया है। ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार, मोबाइल टावरों की संख्या में वृद्धि और 5-जी तकनीक को बढ़ावा देने से उत्तर प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।