samacharsecretary.com

पेरिस में भारतीय संस्कृति की झलक: एस. जयशंकर ने विरासत प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

पेरिस/नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर 4 जनवरी से दो देशों के विदेश दौरे पर हैं। पहले चरण में जयशंकर फ्रांस पहुंचे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने पेरिस में 'से क्वी से ट्रैम' नामक एक प्रदर्शनी का दौरा किया। इसमें भारत की पुरानी कपड़ा विरासत और शानदार कारीगरी को पेश किया गया, जो यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध कितने गहरे और मजबूत हैं। इस सिलसिले में ईएएम जयशंकर ने भारतीय समयानुसार सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "आज शाम पेरिस में 'से क्वी से ट्रैम' प्रदर्शनी देखी। यह प्रदर्शनी भारत की टेक्सटाइल विरासत, सवोइर-फेयर और क्रिएटिविटी को दिखाती है। यह भारत-फ्रांस के मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव की भी याद दिलाती है।" बता दें, एस जयशंकर 4-9 जनवरी तक फ्रांस और लक्जमबर्ग के आधिकारिक दौरे पर हैं। फ्रांस के अपने दौरे के दौरान, वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के साथ विदेश मंत्री, जीन नोएल बैरोट के साथ बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "वे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति और वैश्विक महत्व के मामलों पर चर्चा करेंगे। ईएएम गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर फ्रेंच एम्बेसडर कॉन्फ्रेंस के 31वें एडिशन को भी संबोधित करेंगे।" इसके बाद लक्समबर्ग के दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल और वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे। लक्जमबर्ग में मौजूद भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी वह बातचीत करेंगे। पिछले साल नवंबर में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जी20 समिट के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की थी। मीटिंग के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "जोहान्सबर्ग जी20 समिट के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर खुशी हुई। हमने अलग-अलग मुद्दों पर अच्छी बातचीत की। भारत-फ्रांस के रिश्ते दुनिया की भलाई के लिए एक ताकत बने हुए हैं।" दोनों नेताओं ने पिछले साल सितंबर 2025 में फोन पर बात की थी, जिसमें यूक्रेन में लड़ाई खत्म करने की कोशिशों पर विचार साझा किए गए थे। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान और पूरे इलाके में जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए भारत के लगातार समर्थन को दोहराया था। इससे पहले दोनों नेताओं ने 21 अगस्त, 2025 को भी फोन पर बात की थी। इस समय भी यूक्रेन को लेकर बातचीत हुई थी। पिछले कुछ महीनों में अपनी बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष समेत अलग-अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुए विकास की समीक्षा की। उन्होंने होराइजन 2047 रोडमैप, इंडो-पैसिफिक रोडमैप और डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप के हिसाब से इंडिया-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

चाय के साथ कप भी! कलेक्टर की पहल से बदलेगा चाय पीने का अंदाज़

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह में प्रशासन एक नई पहल करने जा रहा है। यह पहल प्रकृति को बचाने के पक्ष में होने जा रही है। दरअसल प्लास्टिक से पार पाने के लिए दमोह प्रशासन इस  दिशा में कदम उठाने जा रहा है। दमोह जिले में पहली बार सरकारी कार्यक्रमों में डिस्पोजल प्लास्टिक कप की जगह बिस्किट से बने खाने योग्य एडिबल कप प्रयोग में लाएं जाएंगे। इन एडिबल कपों कपो की खास बात ये होगी कि यह बिस्किट से बने होगें और इनको खाया भी जा सकता है। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की एक खास प्लानिंग दरअसल ये पहल दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की एक खास प्लानिंग पर हो रही है। सुधीर कोचर ने इसके बारे में बताते हुए कहा कि वो  जब भोपाल मीट में शामिल होने गए थे, वहां पर उन्होंने  इन एडिबल कपों का प्रयोग होते देखा था और वहीं से ये आइडिया उनके मन में आया है। कोचर ने कहा कि  ये कप इसलिए भी उन्हें अच्छे लगे क्योंकि अगर इनका चलन सरकारी कार्यक्रमों में शुरु होता है तो कम से कम प्लास्टिक कपों को तो बंद किया जा सकता है। प्रशासनिक बैठकों में होगा प्रयोग शुरु कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने ज्यादा जानकारी देते हुए कहा कि  ने प्रशासनिक बैठकों, कार्यालयों में एडिबल कपों का उपयोग होने से बडे स्तर पर लाभ होगा। ये कप मजबूत बिस्किट से बनाए गए हैं, जिनमें कोई गर्म चीज डालने से भी सुरक्षित रूप से परोसा जा सकता हैं। यहीं नहीं गर्म पेय का  उपयोग करने के बाद इनको  खाया जा सकेगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि  कचरे की समस्या भी खत्म हो जाएगी। सुधीर कोचर ने कहा कि पर्यटन विकास विभाग ने आइएस मीट में ऐसे एडबिल कपों का उपयोग किया गया था ,इसके  बाद ही लिए प्लान तैयार किया है। इसके लिए एडबिल कप को बनाने के लिए स्वं सहायता समूहों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

प्रदूषण को लेकर दिल्ली विधानसभा में हंगामा, ‘आप’ विधायकों ने किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में सोमवार को शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले आम आदमी पार्टी ने वायु प्रदूषण और खराब हवा को लेकर परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी के लोग पिछले कई महीनों से जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार समस्या को हल करने के बजाय आंकड़ों से छेड़छाड़ कर रही है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि पिछले चार महीनों से दिल्ली के लोग ठीक से सांस तक नहीं ले पा रहे हैं। दिल्ली के बच्चे घुटन महसूस कर रहे हैं और बुजुर्गों की जान खतरे में है। एम्स जैसे बड़े अस्पताल भी कह रहे हैं कि दिल्ली में रहना मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार क्या कर रही है? सरकार एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई मापने वाले मॉनिटरों में हेरफेर कर रही है।" आतिशी ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक स्थिति छिपाकर लोगों को गुमराह कर रही है। इस बीच, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने विधानसभा सत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सत्र दिल्ली विधानसभा का एक महत्वपूर्ण सत्र है। मंत्री आशीष सूद ने आईएएनएस से बताया, "सरकार इस सत्र में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को सदन के सामने रखेगी। सरकार के कामकाज और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।" वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने पलटवार कर पूर्व सरकार पर निशाना साधा। भाजपा विधायक सूर्य प्रकाश खत्री ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को दिल्ली की जनता के सामने लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "सीएजी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पिछली सरकार की गलतियों और गड़बड़ियों का सच सामने आ सके। यह हमारी जिम्मेदारी है, नहीं तो दिल्ली की जनता कैसे जानेगी कि पिछले 11 वर्षों में उन्हें किस तरह की परेशानियों और धोखे का सामना करना पड़ा?" भाजपा विधायक चंदन कुमार चौधरी ने भी पूर्व सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार दिल्ली को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है, लेकिन पूर्व सरकार घोटालों में उलझी रही। आज पेश की जाने वाली सीएजी रिपोर्ट में उन घोटालों का पूरा ब्योरा सामने आएगा। दिल्ली विधानसभा के इस शीतकालीन सत्र में एक तरफ जहां 'आप' प्रदूषण को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सीएजी रिपोर्ट के जरिए पूर्व सरकार की जवाबदेही तय करने की बात कर रही है।

एक बार फिर बाहर आया राम रहीम: रेप मामले में दोषी को 15वीं पैरोल, उठे सवाल

चंडीगढ़ रेप का आरोपी डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। राम रहीम को कोर्ट से 40 दिन की पैरोल मिली है, जिसकी शुरुआत सोमवार यानी आज से हो गई है। राम रहीम को 2017 से अपनी दो शिष्याओं से रेप करने के मामले में आरोपी ठहराया गया था और कोर्ट ने उसे 20 साल की सजा सुनाई थी। रेप जैसे घिनौने अपराध में सजा सुनाए जाने के बावजूद राम रहीम को कोर्ट से कई बार पैरोल मिल चुकी है। यह 15वीं बार है जब वो जेल से बाहर आया है। 2025 में तीन बार पैरोल पर जेल से बाहर आया इससे पहले अगस्त 2025 में वह 40 दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसके अलावा अप्रैल 2025 में भी राम रहीम को 21 दिन की पैरोल दी गई थी। 5 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जनवरी 2025 में भी राम रहीम 30 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसी तरह 2024 में 5 अक्टूबर को हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले 1 अक्टूबर को राम रहीम 20 दिनों के लिए जेल से बाहर आया था। इससे 2 महीने पहले अगस्त 2024 में ही राम रहीम को 21 दिनों की पैरोल मिली थी।   पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भी मिली थी पैरोल इसके अलावा 2022 में पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक दो हफ्ते पहले 7 फरवरी को भी राम रहीम को जेल से तीन हफ्तों की छुट्टी मिली थी। इसके अलावा भी राम रहीम कई बार जमानत पर जेल से बाहर आ चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जैसे सिख संगठन कई बार राम रहीम को कोर्ट से मिलने वाली राहत की आलोचना कर चुके हैं। लेकिन सामाजिक संगठनों के विरोध के बावजूद राम रहीम को कोर्ट से राहत मिलती रही है और अब वह 15वीं बार फिर से जेल से बाहर आ गया है।   सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रहेगा 40 दिन अब तक 14 बार जब भी वो जेल से बाहर आया है उसने अपना अधिकतर समय उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित अपने डेरा आश्रम में बिताया है। इस बार रोहतक की सुनारिया जेल से निकलकर वह सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय जाएगा। डेरा प्रवक्ता और वकील जितेंद्र खुराना ने बताया कि वह अगले 40 दिन यहीं बिताएगा। बता दें कि रेप के अलावा राम रहीम को 2019 में एक हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया था। यह मामला 16 साल पहले हुई एक पत्रकार की हत्या से जुड़ा था। इसमें राम रहीम के अलावा दो अन्य लोग दोषी पाए गए थे। 2024 में एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बरी किया इन दोनों मामलों के अलावा एक CBI कोर्ट ने राम रहीम और चार अन्य लोगों को एक अन्य हत्या के मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला 2002 में हुई रणजीत सिंह की हत्या से जुड़ा था, जो कि डेरा सच्चा सौदा के पूर्व मैनेजर थे। लेकिन 2024 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट का मानना था कि इस मामले की जांच संदेहपूर्ण और अधूरी थी।  

टैक्स छूट की रफ्तार थमी: आरटीओ नियमों ने ग्वालियर मेले में वाहन कारोबार रोका

ग्वालियर ग्वालियर शहर का मान कहे जाने वाले ऐतिहासिक व्यापार मेले का शुभारंभ हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मेले का सबसे मुख्य आकर्षण आटोमोबाइल सेक्टर फिलहाल सन्नाटे की आगोश में है। 25 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मेले के भव्य उद्घाटन के बाद उम्मीद थी कि आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा तत्काल हो जाएगी, लेकिन शासन स्तर पर हो रही देरी ने कारोबारियों और खरीदारों दोनों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि शोरूम्स पर गाड़ियां तो सजी हैं, लेकिन उनकी बिक्री का पहिया पूरी तरह थम गया है। पिछले तीन साल से हो रही है टैक्स छूट मिलने में देरी ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट देरी से दिए जाने का सिलसिला पिछले तीन सालों से जारी है। 2022-23 में आरटीओ टैक्स छूट का नोटीफिकेशन मेला शुरू होने से दो दिन पहले ही आ गया था। लेकिन इसके बाद 2023-24, 2024-2025 में जनवरी मध्य यानि मकर संक्राति तक ही 50 प्रतिशत छूट आरटीओ टैक्स में मिल पाई। यानि मेला शुरू होने के बीस दिन बाद। अब व्यापार मेला 2025-26 को शुरू हुए भी 10 दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी नहीं हुआ है।   क्या असर होता है मेले पर     छूट में में देरी होने से वाहनों की बिक्री भी कम होती है और जिससे कारोबारियों को तो नुकसान होता है, शासन को भी राजस्व का नुकसान होता है।     ग्वालियर व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण ऑटोमोबाइल सेक्टर है। इस सेक्टर में रौनक ही टैक्स छूट मिलने के बाद आती है। दूसरे टैक्स छूट न मिलने से आटोमोबाइल सेक्टर में कारोबार भी प्रभावित होता है।     बुकिंग वाले वाहनों की डिलिवरी न होने से शोरूम मालिक डिमांड के मुताबिक कारों का स्टाक नहीं मंगा पा रहे हैं। यह भी बताई जा रही वजह 2023-24 में ग्वालियर के साथ उज्जैन में विक्रम व्यापार मेला की शुरूआत हुई थी। जब जनवरी मध्य में ग्वालियर के लिए छूट मिली थी तभी मार्च से शुरू होने वाले विक्रम व्यापार मेला के लिए छूट जारी हो गई। 2024-2025 में भी जनवरी मध्यम में ग्वालियर के साथ ही उज्जैन मेले के लिए टैक्स छूट का नोटीफिकेशन जारी हुआ था। इसके पीछे बताया जाता है कि इसके पीछे उज्जैन मेला को प्रमोट करना अधिक है। ऐसे में ग्वालियर मेले के लिए टैक्स छूट देरी से दी जा रही है। बुकिंग की कतार, डिलीवरी कम सैकड़ों लोगों ने अपनी पसंद की कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग करा ली है, लेकिन कोई भी डिलीवरी लेने को तैयार नहीं है। सभी को आरटीओ टैक्स की 50 प्रतिशत की छूट का इंतजार है। यही वजह है कि पिछले चार दिनों में नाममात्र के वाहनों की ही बिक्री हुई है।  

टाटा मेमोरियल अस्पताल को मिली बम धमकी, मुंबई पुलिस अलर्ट मोड पर

मुंबई मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में दावा किया गया था कि अस्पताल परिसर में बम रखा गया है। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने तुरंत मुंबई पुलिस को इसकी जानकारी दी। मुंबई पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, अस्पताल में बम होने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गईं। सूचना पाकर मुंबई पुलिस की कई टीमें, बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड) और अन्य सुरक्षा इकाइयां मौके पर पहुंची। फिलहाल अस्पताल में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है। बम स्क्वॉड द्वारा बारीकी से जांच की जा रही है। मुंबई पुलिस ने बताया कि धमकी भरा ईमेल किसने भेजा, उसका मकसद क्या है और यह किसी शरारत का हिस्सा है या किसी बड़ी साजिश से जुड़ा है। इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। साइबर सेल भी ईमेल की तकनीकी जांच में जुट गई है ताकि मेल भेजने वाले की पहचान की जा सके। जानकारी के अनुसार, अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर हर पहलू से जांच की जा रही है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मुंबई या देश के अन्य हिस्सों में इस तरह की धमकियां सामने आई हैं। इससे पहले, 18 दिसंबर को मुंबई के बांद्रा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। धमकी भरे ईमेल के बाद मुंबई पुलिस, बम निरोधक दस्ता समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंची। काफी देर तक चली जांच के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। इसी तरह, 1 दिसंबर को मुंबई के सांताक्रूज इलाके में स्थित एक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी भेजी गई थी। उस समय स्कूल प्रशासन ने तुरंत मुंबई पुलिस और बम निरोधक दस्ते को इसकी सूचना दी थी। मौके पर पहुंची टीमों ने स्कूल परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन वहां भी कोई विस्फोटक नहीं मिला था। पुलिस ने उस मामले में भी धमकी को झूठा बताया था।

ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनने की राह पर भारत, 11 वर्षों में 6 गुना बढ़ा प्रोडक्शन

नई दिल्ली केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि भारत पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम यानी डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लीकेशन, मटेरियल और इक्विपमेंट में आने वाले समय में बड़ा खिलाड़ी बनेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एप्पल ने 2025 में भारत से 50 अरब डॉलर मूल्य के मोबाइल फोन को शिप किया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और हमारे उत्पादन केंद्रित अर्थव्यवस्था बनने की तरफ एक बड़ा मील का पत्थर है। वैष्णव ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बीते 11 वर्षों में छह गुना बढ़ा है। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 8 गुना बढ़ा है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स देश की ओर से किए जाने वाले शीर्ष तीन निर्यातों में शामिल हो गया है।" उन्होंने आगे कहा कि 46 कंपोनेंट निर्माण परियोजनाएं, लैपटॉप, सर्वर और ऑडियो डिवाइस निर्माताओं के जुड़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख चालक बन रहा है। केंद्रीय मंत्री के कहा कि इस वर्ष चार सेमीकंडक्टर संयंत्रों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अब कुल रोजगार की संख्या 25 लाख हैं, जिनमें से कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में एक ही स्थान पर 5,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। कुछ यूनिट्स में तो एक ही स्थान पर 40,000 तक कर्मचारी कार्यरत हैं। इससे पहले, केंद्र सरकार ने रविवार को डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (डीएलआई) के तहत भारतीय सेमीकंडक्टर यानी चिप बनाने वाले उद्योग को मजबूत करने के लिए 24 नए चिप डिजाइन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी। ये प्रोजेक्ट्स वीडियो निगरानी, ड्रोन का पता लगाने, एनर्जी मीटर, माइक्रोप्रोसेसर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, ब्रॉडबैंड और आईओटी सिस्टम ऑन-चिप्स (एसओसी) जैसे क्षेत्रों में हैं। सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन चिप बनाने की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा मूल्य जोड़ने वाला हिस्सा है। यह आपूर्ति श्रृंखला में 50 प्रतिशत और फैबलेस सेगमेंट के माध्यम से वैश्विक सेमीकंडक्टर बिक्री में 30-35 प्रतिशत का योगदान देता है। सरकारी बयान में कहा गया कि डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) समर्थित योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। स्कीम के तहत अब तक 16 टेप-आउट, 6 एएसआईसी चिप्स, 10 पेटेंट और 1,000 से ज्यादा इंजीनियर शामिल हो चुके हैं। साथ ही निजी निवेश भी तीन गुना तक बढ़ा है।

क्या रात में कपड़े धोने से आती है नकारात्मक ऊर्जा? वास्तु शास्त्र की चेतावनी

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष विज्ञान में दिनचर्या से जुड़े हर कार्य के लिए एक निश्चित समय और नियम बताया गया है। अक्सर आधुनिक जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सुविधा के अनुसार काम करते हैं। इन्हीं में से एक है रात के समय कपड़े धोना। आजकल वर्किंग कपल्स या व्यस्त दिनचर्या वाले लोग समय बचाने के लिए रात में वॉशिंग मशीन चला देते हैं और कपड़े धोकर रात भर के लिए बाहर सुखा देते हैं लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, रात में कपड़े धोना और उन्हें खुले आसमान के नीचे सुखाना आपके जीवन में गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानियां ला सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वास्तु के अनुसार रात में कपड़े धोना क्यों वर्जित है और इसका आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र और नकारात्मक ऊर्जा का संबंध वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद वातावरण में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है। दिन के समय सूर्य की पराबैंगनी किरणें वातावरण को शुद्ध करती हैं और कीटाणुओं के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा का भी नाश करती हैं। इसके विपरीत, रात के समय चंद्रमा की शीतलता होती है, लेकिन बाहरी वातावरण में तामसिक ऊर्जा का वास होता है। आर्थिक तंगी और दरिद्रता का वास धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद लक्ष्मी जी के आगमन का समय होता है। इस समय घर में साफ-सफाई, शांति और भक्ति का माहौल होना चाहिए। रात में कपड़े धोने से घर में 'कलह' और 'अशांति' का वातावरण बनता है, जिससे माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं। इससे घर की बरकत रुक जाती है और बेवजह के खर्चे बढ़ने लगते हैं। स्वास्थ्य पर बुरा असर वैज्ञानिक और वास्तु दोनों ही दृष्टिकोणों से रात में कपड़े सुखाना सेहत के लिए हानिकारक है। रात के समय ओस गिरती है और धूप न होने के कारण कपड़ों में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणु मर नहीं पाते। जब हम इन कपड़ों को पहनते हैं, तो त्वचा संबंधी रोग और सांस की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। वास्तु के अनुसार, ऐसे कपड़ों को पहनने से व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा कमजोर होती है। नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि खुले आसमान के नीचे रात भर सूखे कपड़े नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेते हैं। हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार रात में अदृश्य नकारात्मक शक्तियां सक्रिय होती हैं। गीले कपड़ों में उनकी ऊर्जा जल्दी समाहित हो जाती है, जिससे व्यक्ति के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, तनाव और डरावने सपने जैसी समस्याएं आ सकती हैं। कपड़ों की चमक और आयु कम होना प्राकृतिक रूप से देखा जाए तो सूर्य की रोशनी कपड़ों के लिए प्राकृतिक कीटाणुनाशक का काम करती है। रात में कपड़े धोने से वे पूरी तरह नहीं सूख पाते और उनमें एक अजीब सी गंध रह जाती है। यह गंध और नमी आपके व्यक्तित्व पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।

दिल्ली में सियासी हलचल तेज: मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच PM मोदी से मिले CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार की सुबह देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। योगी के दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है, क्योंकि माना जा रहा है कि यूपी में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार और सांगठनिक फेरबदल हो सकता है। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की और करीब 45 मिनट तक वहां रहे। बताया जा रहा है कि बैठक में प्रदेश की विकास योजनाओं के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई। सीएम योगी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात करेंगे।   क्यों अहम है यह दौरा? मुख्यमंत्री का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम योगी ऐसे समय दिल्ली पहुंचे हैं जब यूपी के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी दिल्ली में ही हैं। ब्रजेश पाठक ने भी सोमवार की सुबह भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार की ही सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। यूपी कैबिनेट में फिलहाल कई पद खाली हैं। चर्चा है कि नए चेहरों को शामिल करने और कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव को लेकर दिल्ली में हाईकमान के साथ अंतिम मुहर लग सकती है। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ होने वाली बैठक को यूपी संगठन में होने वाले संभावित बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व यूपी में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए जातिगत समीकरणों को साधते हुए कुछ बड़े फैसले ले सकता है। सीएम योगी के दिल्ली पहुंचने से पहले केशव और ब्रजेश पाठक के साथ ही यूपी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी दिल्ली में होने की खबरें हैं। आधिकारिक तौर पर इसे एक 'शिष्टाचार भेंट' बताया जा रहा है, लेकिन बैठकों के एजेंडे में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल और मिशन 2027 की रूपरेखा मुख्य रूप से शामिल है।  

निवाई में रहस्यमय घड़ा: दिन भर की जांच के बाद रात को दोबारा खुदाई

टोंक टोंक के निवाई में मिले घड़े का रहस्य अभी बरकरार है। हालांकि, रविवार रात को फिर वहीं पर खुदाई की गई। रात एक बजे बाद जेसीबी से खुदाई की गई लेकिन ग्रामीण डर के कारण मौके पर नहीं पहुंचे। हाल ही में मिले घड़े का रहस्य बरकरार है वहीं, अब दूसरे गड्डे का भी रहस्य बना हुआ है। इस गड्डे की खुदाई किसने की और इसमें क्या निकला किसी को पता नहीं। दूसरी तरफ प्रशासन की और से यहां सुरक्षा के तौर पर पुलिस की तैनाती नहीं की गई। निवाई के देवरी गांव में शनिवार को खुदाई में निकले घड़े को निवाई ट्रेजरी में सील कर ताले में रखवाया है और पुलिस तैनात कर दी गई। इस पूरे मामले में एसडीएम ने कलेक्टर को एक पत्र लिखा, जिसके बाद कलेक्टर ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। एडीएम रामरतन सौंकरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि खुदाई में निकले घड़े की जांच पुरातत्व विभाग के अधिकारी आकर करेंगे।   फिलहाल टोंक जिले की निवाई में खजाना मिलने की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। सीदड़ा ग्राम पंचायत के देवरी गांव में खुदाई की जगह ग्रामीणों की आज भी भारी भीड़ जमा है। लोगों ने प्रशासन से और खुदाई करने की मांग की। लोगों को कहना है कि प्रशासन जल्द जांच करें जिससें खुलासा हो सके की खजाना है या अफवाह। लोगों ने घड़े में खजाना देखा लेकिन असली नकली को लेकर संदेह बना हुआ है। दरअसल, शनिवार रात जमीन से बड़ी मात्रा में सोने से भरा भारी भरकर घड़ा निकलने की जानकारी मिली। चारागाह जमीन पर खोदी हुई जमीन पर गुलाब के फूल बिखरे होने पर ग्रामीणों ने शव होने की आंशका जताई थी जिसके बाद पुलिस को बुलाया। निवाई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से खुदाई की। खुदाई के दौरान भारी भरकर एक बड़े आकार का घड़ा निकला। लोग इसे चांदी का घड़ा बता रहे हैं। जिसे देखकर ग्रामीणों में लूट सी मच गई। खुदाई की खबर आग की तरह फैल गई और मौके पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस लोगों को हटाकर घड़ा निवाई लेकर पहुंची, जहां अधिकारियों को जानकारी दी। भारी भरकम घड़े को सील कर ट्रेज़री में रखवाया और उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। संभवतः घड़े में कुछ होने पर ही सील किया गया। तहसीलदार नरेश गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि पुरातत्व के अधिकारियों की मौजूदगी में घड़ा खोला जाएगा।