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पंजाब के NRI को ई-सनद पोर्टल से घर बैठे मिलेंगी 27 सेवाएं

चंडीगढ़. पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने प्रवासी पंजाबियों और एनआरआई समुदाय के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘एनआरआई ई-सनद पोर्टल’ लॉन्च किया है। इस डिजिटल पहल के तहत विदेशों में रह रहे पंजाबियों को अब 27 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं ऑनलाइन मुहैया कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस पहल का उद्देश्य एनआरआई समुदाय को दस्तावेज़ीकरण और प्रशासनिक सेवाओं के लिए बार-बार पंजाब आने की मजबूरी से मुक्ति दिलाना है। यह पोर्टल खासतौर पर उन प्रवासी पंजाबियों के लिए वरदान साबित होगा जो कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों में निवास करते हैं और अपने मूल प्रदेश से जुड़े रहना चाहते हैं। इस पोर्टल के माध्यम से एनआरआई अब जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र सहित कई अन्य दस्तावेज़ घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। पहले एनआरआई को इन दस्तावेज़ों के लिए या तो भारत आना पड़ता था या फिर रिश्तेदारों के माध्यम से लंबी प्रक्रिया पूरी करनी होती थी, जिसमें महीनों लग जाते थे। लेकिन अब मात्र कुछ क्लिक में और डिजिटल वेरिफिकेशन के बाद ये सभी सेवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पोर्टल यूज़र-फ्रेंडली हो और पंजाबी, अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहे। इससे न केवल समय और पैसे की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 में एनआरआई पंजाबियों के लिए ‘एनआरआई मिलनी’ नामक एक विशेष अंजुमन की योजना की भी घोषणा की है। इस अनूठी पहल के तहत विश्वभर में बसे पंजाबियों को एक मंच पर लाया जाएगा, जहां वे अपनी सांस्कृतिक पहचान को बरकरार रखते हुए राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे। यह मिलनी प्रवासी पंजाबियों और मातृभूमि के बीच एक सशक्त सेतु का काम करेगी। इस आयोजन में व्यापार, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे। सरकार का मानना है कि एनआरआई समुदाय पंजाब की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है और उन्हें सम्मानित करना राज्य का दायित्व है। आंकड़ों के अनुसार, पंजाब से सबसे ज्यादा प्रवासन हुआ है और दुनियाभर में लगभग 30 लाख से अधिक पंजाबी मूल के लोग बसे हुए हैं। ये प्रवासी भारतीय हर साल अरबों रुपये की विदेशी मुद्रा अपने परिवारों को भेजते हैं, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। लेकिन प्रशासनिक सेवाओं में जटिलताओं के कारण वे अक्सर असुविधा का सामना करते थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारे प्रवासी भाई-बहन पंजाब की धड़कन हैं। उनके लिए सेवाओं को सरल और सुलभ बनाना हमारी प्राथमिकता है। ई-सनद पोर्टल उसी दिशा में एक ठोस कदम है।” उन्होंने यह भी बताया कि सरकार भविष्य में इस पोर्टल पर और अधिक सेवाएं जोड़ने की योजना बना रही है। एनआरआई कल्याण मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस पोर्टल के माध्यम से संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़, पेंशन संबंधी सेवाएं और कानूनी प्रमाणपत्रों की सुविधा भी शीघ्र ही शामिल की जाएगी। राज्य सरकार ने विदेशों में भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि दस्तावेज़ों का सत्यापन तेज़ी से हो सके। डिजिटल हस्ताक्षर, आधार आधारित प्रमाणीकरण और ओटीपी वेरिफिकेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पोर्टल को पूर्णतः सुरक्षित बनाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है जहां बड़ी संख्या में प्रवासी समुदाय मौजूद हैं। कैनेडा में रहने वाले जसविंदर सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, “यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है। अब हर छोटे-मोटे काम के लिए टिकट काटकर भारत नहीं आना पड़ेगा। पंजाब सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और उसका समाधान किया।” वहीं, लंदन में व्यवसाय करने वाली हरप्रीत कौर ने कहा कि इस तरह की डिजिटल सुविधाओं से प्रवासी पंजाबी अपनी जड़ों से और मजबूती से जुड़े रह सकेंगे। सोशल मीडिया पर भी इस घोषणा को लेकर एनआरआई समुदाय में खुशी की लहर देखी गई है। कई लोगों ने इसे ‘गेम चेंजर’ और ‘ऐतिहासिक कदम’ बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है जो न केवल भ्रष्टाचार को कम करेगा बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा। तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. अमनदीप सिंह ने कहा, “पंजाब सरकार का यह कदम दूरदर्शी है। ऐसे पोर्टल विकसित देशों में आम हैं लेकिन भारत में राज्य स्तर पर यह पहल उल्लेखनीय है।” उन्होंने कहा कि अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया तो यह प्रवासी भारतीयों और मातृभूमि के बीच के संबंधों को नई ऊंचाई देगा। साथ ही, इससे निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा। पंजाब सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले एनआरआई परिवारों के बुजुर्ग सदस्यों को भी इस सेवा का लाभ मिल सके। इसके लिए सभी तहसील और जिला स्तर के कार्यालयों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। यहां प्रशिक्षित कर्मचारी नागरिकों की सहायता करेंगे और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में मदद करेंगे। सरकार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है जिस पर एनआरआई किसी भी समस्या के लिए संपर्क कर सकते हैं। भाषा की बाधा को दूर करने के लिए अंग्रेजी और पंजाबी दोनों में सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पहले महीने में ही हजारों एनआरआई ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि अगले छह महीनों में सभी 27 सेवाएं पूरी तरह से चालू हो जाएं और एनआरआई समुदाय को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को इस पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार एन्क्रिप्शन का उपयोग किया गया है। पंजाब सरकार की यह पहल निश्चित रूप से प्रवासी पंजाबियों और उनकी मातृभूमि के बीच के संबंधों को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। विशेषकर युवा पीढ़ी, जो विदेशों में जन्मी और पली-बढ़ी है, वह भी अब आसानी से अपनी जड़ों से जुड़ सकेगी। डिजिटल युग में इस तरह की पहल न केवल सुविधाजनक है बल्कि समय की मांग भी है। आने वाले समय में जब … Read more

कोहली के टेस्ट संन्यास पर सवाल, संजय मांजरेकर बोले– ODI को दी गई ज्यादा अहमियत

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर और दिग्गज कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर ने विराट कोहली को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि किंग कोहली अपनी कमियों, समस्याओं पर काम करने के बजाय टेस्ट से ही भाग गए। उन्होंने कोहली के टेस्ट पर ओडीआई को तरजीह दिए जाने पर भी निराशा जताई। 37 वर्ष के विराट कोहली ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहकर चौंका दिया था जबकि उनके समकालीन जो रूट और स्टीव स्मिथ का इस फॉर्मेट में रनों का अंबार लगाना जारी है।   विराट कोहली टेस्ट में 10 हजार रन पूरा करने से महज 770 रन दूर थे लेकिन उन्होंने संन्यास का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वह संघर्ष करते नजर आए थे। 10 पारियों में वह सिर्फ 194 रन बना पाए थे, जिसमें पर्थ टेस्ट में उनका एक शतक भी शामिल था। अब वह जिस तरह ओडीआई क्रिकेट में रन बरसा रहे हैं, उसे देखते हुए लगता है कि टेस्ट क्रिकेट से संन्यास में संभवतः उन्होंने जल्दबाजी कर दी। विराट कोहली को लेकर संजय मांजरेकर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर कहा, 'जैसे जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाई हासिल कर रहे हैं, मेरा मन विराट कोहली पर जा रहा। वह टेस्ट क्रिकेट से किनारा कर गए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रिटायरमेंट से पहले संघर्ष वाले उन 5 वर्षों में वह समस्या ढूंढने में पूरे जी-जान से नहीं लगे कि वह 5 वर्षों तक टेस्ट में 31 की औसत से क्यों रन बना रहे हैं। लेकिन ये देखकर दुख होता है कि जो रूट और स्टीव स्मिथ, केन विलियम्सन जैसे लोग टेस्ट क्रिकेट में अपना नाम बना रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'तब ठीक होता अगर विराट कोहली क्रिकेट से ही दूर हो गए होते, हर तरह के क्रिकेट से दूर हो गए होते। लेकिन उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट खेलना चुना, ये मुझे और निराश करता है क्योंकि किसी टॉप ऑर्डर बैटर के लिए ये फॉर्मेट सबसे आसान होता है, जो मैं पहले भी कह चुका हूं।'  

कलेक्टर का एक्शन, तहसीलदार को कलेक्ट्रेट अटैच, कोर्ट रीडर निलंबित, नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस

 सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने तहसील कार्यालय सरई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार न्यायालय में संचालित राजस्व प्रकरणों के अवलोकन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई। निरीक्षण में पाया गया कि अधिकांश राजस्व प्रकरण कई महीनों से लंबित हैं। कुछ मामलों में पारित आदेशों का पालन नहीं किया गया, जबकि कई प्रकरणों में निर्धारित तिथियों पर पेशी तक नहीं कराई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि तहसीलदार न्यायालय का संचालन नियमित रूप से नहीं हो रहा था। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तहसीलदार सरई चन्द्रशेखर मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी कर कलेक्ट्रेट कार्यालय में संलग्न अटैच करने के निर्देश दिए। वहीं तहसीलदार सरई के कोर्ट रीडर पुष्पेन्द्र द्विवेदी को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए। कलेक्टर तहसील सरई के वृत्त खनुआ स्थित नायब तहसीलदार न्यायालय का भी निरीक्षण किया। यहां भी राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनियमितता पाए जाने पर नायब तहसीलदार देवकरण सिंह एवं संबंधित कोर्ट रीडर लखपति सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम देवसर को निर्देशित किया कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का दो दिन के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। न्यायालयों का संचालन नियमित और सुचारू रूप से कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके।

बगैर बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधे कर्मचारियों को मिल रहा वेतन

तखतपुर. जनपद पंचायत तखतपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की शह पर कर्मचारियों की मनमानी एक बार फिर उस समय उजागर हो गई, जब जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने जनपद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। निरीक्षण के समय अधिकांश कर्मचारी अपने-अपने टेबल पर उपस्थित मिले और कार्य करते नजर आए, लेकिन जब बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली की जांच की गई, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। आधे से अधिक कर्मचारियों की बायोमैट्रिक में एंट्री ही नहीं जनपद अध्यक्ष द्वारा पूछे जाने पर बताया गया कि कार्यालय में बायोमैट्रिक मशीन चालू है और उसी के माध्यम से अटेंडेंस दर्ज किया जाता है। लेकिन जब यह पूछा गया कि क्या सभी कर्मचारियों का डेटा एंट्री बायोमैट्रिक मशीन में की गई है, तो जानकारी दी गई कि केवल आधे कर्मचारियों की ही एंट्री हुई है, शेष कर्मचारियों का अटेंडेंस बायोमैट्रिक में दर्ज ही नहीं होता। इस पर जनपद अध्यक्ष ने सवाल किया कि फिर कर्मचारियों का वेतन किस आधार पर तैयार किया जाता है? क्या बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर या मैन्युअल हस्ताक्षर वाले उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार? जिसका जवाब और भी चौंकाने वाला रहा। उन्हें बताया गया कि न तो बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर और न ही मैन्युअल उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार वेतन पत्रक तैयार किया जाता है, बल्कि सीईओ के निर्देश के अनुसार उपस्थिति और वेतन पत्रक बनाकर वेतन आहरण किया जाता है। जनपद अध्यक्ष ने जताई नाराजगी इस पर जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह गलत प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपस्थिति रजिस्टर या बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन पत्रक तैयार होना चाहिए और उसी के अनुसार भुगतान किया जाना चाहिए। मनरेगा शाखा में तकनीकी सहायक मिले अनुपस्थित इसके पश्चात जनपद अध्यक्ष ने मनरेगा शाखा का निरीक्षण किया, जहां आधे से अधिक तकनीकी सहायक अनुपस्थित पाए गए। जब उपस्थिति रजिस्टर की जांच की गई तो सामने आया कि अनेक तकनीकी सहायकों के पिछले दो दिनों के हस्ताक्षर रजिस्टर में दर्ज नहीं थे। इस संबंध में बताया गया कि 1 तारीख को व्यस्तता के कारण विजिट रजिस्टर में एंट्री नहीं हो सकी, जबकि 2 तारीख की एंट्री अभी शेष है। इस पर जनपद अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जो भी कर्मचारी विजिट पर जाते हैं, उन्हें पहले मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज करनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट रहे कि कौन कर्मचारी कहां है और कार्यालय में उपस्थित हुआ है या नहीं। इसके बाद जनपद अध्यक्ष ने अनुपस्थित तकनीकी सहायकों को उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश की अवहेलना! जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने बताया कि कलेक्टर महोदय के स्पष्ट आदेश हैं कि 1 जनवरी से सभी शासकीय कार्यालयों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य है। इसके बावजूद जनपद पंचायत तखतपुर में तीन महीने पहले बायोमैट्रिक मशीन लगने के बाद भी आधे से अधिक कर्मचारियों की एंट्री नहीं की गई, जिससे उनकी उपस्थिति दर्ज ही नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लापरवाही है या जानबूझकर की गई मनमानी, यह जांच का विषय है, लेकिन यह तथ्य सामने आया है कि वेतन भुगतान उपस्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि सीईओ के निर्देश पर किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। जनपद सदस्यों ने भी उठाए सवाल निरीक्षण के दौरान मौजूद जनपद सदस्य मनहरण कौशिक ने कहा कि बायोमैट्रिक मशीन लगने के बावजूद कर्मचारियों का वेतन सीईओ के निर्देश पर दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंचती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जनपद सदस्य रामकुमार सिंगरौली ने कहा कि जनपद पंचायत तखतपुर में सीईओ की मनमानी चरम पर है। जब मन होता है तब कार्यालय आते हैं और जब नहीं चाहते तो अनुपस्थित रहते हैं। आधे से अधिक कर्मचारियों की बायोमैट्रिक एंट्री न होना सीईओ की घोर लापरवाही को दर्शाता है। वहीं जनपद सदस्य ऋषभ कश्यप ने कहा कि जनपद के सीईओ तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं, जिससे आम जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शासन से मांग की कि ऐसे सीईओ को तत्काल हटाकर किसी ईमानदार, नियमों का पालन करने वाले और समय के पाबंद अधिकारी की नियुक्ति की जाए। निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार के साथ जनपद सदस्य मनहरण कौशिक, रामकुमार सिंगरौल एवं ऋषभ कश्यप उपस्थित रहे।

हाईकोर्ट ने इंदौर में हुई मौतों पर सरकार को दी फटकार, भागीरथपुरा में 38 नए मरीज मिले

 इंदौर   मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और बीमारी के मामले में बेहद तल्ख टिप्पणी (MP High Court on Indore Water Crisis) की है। एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मामले की सुनवाई चल रही है जिसमें कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में ऐसा हो रहा, बहुत दुखद है। देश ही नहीं विदेश तक में शहर की छवि बिगड़ी है। देश का नाम खराब हो रहा है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से पैदा हुआ स्वास्थ्य संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। दूषित पानी ने अब तक 17 लोगों की जान ले ली है और 110 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। यह केवल बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासन और न्याय की चुनौती भी बन चुका है। हर दिन नए मरीज सामने आ रहे हैं, हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है और प्रशासन राहत पहुंचाने में जुटा है। क्या इंदौर के लोग अब सुरक्षित पानी की उम्मीद कर पाएंगे, यह सवाल सभी के सिर पर मंडरा रहा है।  इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर मंगलवार (6 जनवरी) को एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि इस घटना ने शहर की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है. कोर्ट ने कहा कि पीने का पानी ही अगर दूषित हो तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है। हम इस मामले में मुख्य सचिव को सुनना चाहते हैं, क्योंकि यह समस्या सिर्फ शहर के एक हिस्से तक सीमित नहीं है। दरअसल, पूरे इंदौर शहर का पीने का पानी सुरक्षित नहीं है। खास बात यह की कोर्ट ने अगली सुनवाई में मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को वर्चुअली हाजिर होने को कहा है। अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी बता दें, दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है। इनमें से 311 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। आईसीयू में 15 मरीजों का इलाज चल रहा है। तीसरी जनहित याचिका, जिम्मेदारी तय करने की मांग मामले में दायर तीसरी जनहित याचिका भी हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। भागीरथपुरा जैसा स्वास्थ्य संकट मप्र में पहली बार बता दें इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल संकट बना हुआ है। उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। 15 का आइसीयू में इलाज चल रहा है। इस बीच, भोपाल से इंदौर पहुंची स्टेट इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (एसआइडीएसपी) टीम के प्रमुख डा. भागवत भार्गव ने कहा कि भागीरथपुरा जैसा स्वास्थ्य संकट मध्य प्रदेश में पहली बार सामने आया है। उन्होंने बताया कि इतने कम समय में, इतने सीमित क्षेत्र में बड़ी संख्या में मरीजों का सामने आना और महामारी (एपिडेमिक) जैसी स्थिति बनना बेहद असाधारण और चिंताजनक है। कांग्रेस का प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित 10 कांग्रेस नेताओं को भागीरथपुरा में जाने की अनुमति मिल गई है। ये सभी बाइक से क्षेत्र का दौरा करेंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने शाम को कैंडल मार्च और हर वार्ड में रैली निकालने की घोषणा की है। उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 6 मरीजों को अरबिंदो हॉस्पिटल रेफर किया गया है। आखिरकार इन्दौर प्रशासन ने 17 मौतें मानी भागीरथपुरा (Bhagirathpura) सहित प्रभावित क्षेत्रों में 17 मौतों को स्वीकारते हुए प्रशासन (administration)  ने सभी मृतकों के परिजनों (Finally) को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर दी।  कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को चैक वितरित किए। प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे मृतकों की जांच रिपोर्ट सामने आती रही, चैक तैयार किए जाते रहे और उन्हें कल वितरित किया गया। क्षेत्रवासियों ने इस बात से भी राहत की सांस ली कि आखिरकार उनके परिजनों को मृतक की सूची में शामिल कर लिया गया। इन 17 लोगों की मौत हालिया बीमारी और दूषित जल से जुड़ी बताई जा रही थी। मृतकों में बुजुर्ग, महिलाएं और एक कम उम्र का बच्चा भी शामिल है। अधिकांश मामलों में उल्टी-दस्त और संक्रमण के लक्षण सामने आए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों की जांच की गई। जिन-जिन के मामलों की पुष्टि होती गई चैक दिए गए हैं। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से यहां के रहवासियों की मदद के लिए तैनात है। वहीं नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति, टंकियों की सफाई और दवा वितरण के निर्देश दिए गए हैं। इनको मिली 2- 2 लाख की मदद उर्मिला पति अलगू राम, मंजुला पति दिगंबर बाघे, सीमा पति गौरीशंकर, अवयान पिता सुनील साहू, तारारानी कोरी, नंदलाल सिद्धार्थ पाल, उमा बिहारीलाल कोरी, संतोष पिता कल्याण ,सुमित्रादेवी पति रामेश्वर दास, गोमती पति गोपाल, अशोक पिता मोतीलाल, रामकली पति जगदीश, शंकरलाल जीवनलाल बरेडे, श्रवण पिता नाथू व गीताबाई ध्रुवकर को देर शाम तक चैक का वितरण कर दिया गया। याचिकाकर्ता बोले- सप्लाई हो रहा पानी दूषित 31 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को यह निर्देश दिया था कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस पर एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी है कि प्रभावित क्षेत्र में अब भी जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह दूषित है, न कि स्वच्छ और पीने योग्य। 15  जनवरी को अगली सुनवाई  हाई कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए तलब किया गया. कोर्ट ने पूरे प्रदेश में पानी को लेकर चिंता जताई है. वहीं, स्टेटस रिपोर्ट में 4 मौत दिखाने को लेकर सरकार को फटकार भी लगाई है. जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 15 जनवरी तय की है.  यदि शिकायतें सुन लेते तो ये नौबत नहीं आती अन्य याचिकाओं में यह मुद्दा … Read more

हरियाणा का युवक अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन की जानकारी पाकिस्तानी पहुंचते गिरफ्तार

अंबाला. पाकिस्तान को गोपनीय सूचना देने के मामले में पकड़ा गया सबगा गांव निवासी सुनील एयरफोर्स के कांट्रेक्टर के पास 2020 से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। इसलिए एयरफोर्स स्टेशन में आना जाना लगा रहता था। फेसबुक के जरिये हनीट्रैप ने फंसने वाली महिला ने खुद को दिल्ली की रहने वाली बताया था। यह जानकारी अंबाला क्राइम डीएसपी विरेंद्र शर्मा ने सोमवार को सीआईए-2 कार्यालय में दी प्रेसवार्ता के दौरान दी। बताया कि सूचना के आधार पर सबगा गांव निवासी सुनील उर्फ सन्नी को काबू किया था। जो एयरफोर्स की सूचना पड़ोसी दुश्मन देश को दिया करता था। प्राथमिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि व्यक्ति एक सोशल मीडिया के जरिए एक महिला से बात किया करता था और हनी ट्रैप के जाल में फंस गया था। जिसके बाद आरोपी ने एयरफोर्स की सूचनाएं भेजना शुरू कर दिया, फिलहाल अभी आरोपी को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान इससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी ओर भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है, वही ये अकेला था या इसके साथी थे इन सभी मुद्दों पर जांच की जा रही है। आरोपी का आई कार्ड भी किया बरामद पुलिस ने आरोपी का आई कार्ड भी बरामद किया है। आरोपी के फोन को भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि आखिर कहां-कहां की लोकेशन व जानकारी भेजी गई है। लेनदेन का पता लगाने के लिए बैंक खातों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की टीमें सुरक्षा एजेंसियों संग मिलकर इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। साइबर सेल की मदद से फेसबुक पर आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट सहित व्हाट्सएप वाले नंबर को भी ट्रेस किया जा रहा है। इंडियन नंबर के व्हाट्सएप से झांसे में आया था युवक सुनील से फेसबुक के जरिये संपर्क में आई महिला या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने एक व्हाट्सएप के जरिये सूचनाएं ली। हैरानी की बात यह है कि यह नंबर भी इंडियन नंबर की तरह था, जिसने युवक को झांसे में लिया। ऐसे में पता नहीं चल पाता कि यह सूचना देश से बाहर कहीं जा सकती हो। हालांकि पुलिस इसकी भी गहनता से जांच कर रही है। बताया जाता है कि सुनील को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने वाली महिला ने खुद को दिल्ली की रहने वाली बताया था। आरोपी का सबगा गांव में अपना मकान है। पिता रेलवे से रिटायर्ड है और वह दो भाई है। गांव में हर कोई हैरान है कि ऐसा कैसे हो गया। आरोपी पर पहले किसी तरह का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड भी नहीं है। यह पंजाबी खत्री है। सुनील ने पसियाला के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की हुई है। यह था पूरा मामला हनीट्रैप में फंसकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में अंबाला पुलिस ने सबगा गांव निवासी सुनील को 2 जनवरी को काबू किया था। अंबाला सीआईए-2 की टीम ने आरोपी को 3 दिसंबर को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हुआ है। सुनील पर आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया था। सेना से जुड़ी सूचनाएं जैसे सेना की यूनिट कहां जा रही है व कहां कौन सी यूनिट है व अन्य जानकारी साझा कर रहा था। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

108MP कैमरा से लेकर कर्व्ड AMOLED स्क्रीन तक: भारत में आया Redmi Note 15 5G, जानें कीमत

नई दिल्ली   शाओमी के सब ब्रैंड रेडमी ने अपना नया स्‍मार्टफोन Redmi Note 15 5G भारत में लॉन्‍च कर दिया है। यह खूबसूरत डिजाइन, स्‍ल‍िम बॉडी के साथ आता है। फोन कर्व्‍ड एमोलेड डिस्‍प्‍ले दिया गया है। क्‍वॉलकॉम स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 3 चिपसेट इसमें मिलता है। 5520mAh की बैटरी है, जिसे लेकर दावा है कि यह 5 साल चलने के बाद भी 80% लाइफ साइकल के साथ डटी रहती है। Redmi Note 15 5G में 108 मेगापिक्‍सल का डुअल एआई कैमरा है। दावा है कि इस सेंसर को सैमसंग ने खास शाओमी के लिए बनाया है। फोन में 20 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा मिलता है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख फीचर्स, स्‍पेसिफ‍िकेशंस। भारत में प्राइस, उपलब्‍धता Redmi Note 15 5G स्मार्टफोन की कीमत 19,999 रुपये से शुरू है। इसमें 8GB RAM के साथ 128GB स्टोरेज दिया गया है। वहीं, 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 21,999 रुपये है। बता दें कि ये कीमतें बैंक डिस्काउंट के साथ हैं। फोन की सेल 9 जनवरी से शुरू हो जाएगी। फीचर्स और स्‍पेसिफ‍िकेशंस Redmi Note 15 5G कंपनी का अबतक का सबसे स्‍ल‍िम और लाइटवेट स्‍मार्टफोन है। यह 7.35mm स्‍लीक है और इसका वजन 178 ग्राम है। Redmi Note 15 5G में 6.77 इंच का कर्व्‍ड एमोलेड डिस्‍प्‍ले है, जो 120 हर्त्‍ज के रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसमें 3200 निट्स की ब्राइटनैस मिलती है। इन-डिस्‍प्‍ले फ‍िंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा है। यह डिस्‍प्‍ले टीयूवी ट्रिपल सर्टिफाइड है और आंखों को कम नुकसान पहुंचाता है। रेडमी का कहना है कि इस डिस्‍प्‍ले को गीली उंगल‍ियों से भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है। प्रोसेसर, ओएस Redmi Note 15 5G में क्‍वॉलकॉम स्‍नैपड्रैगन 6 जेन 3 चिपसेट दिया गया है। यह फोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्‍ड शाओमी हाइपर 2 ओएस पर रन करता है। कंपनी ने 4 ओएस अपग्रेड और 6 साल के सिक्‍यो‍रिटी अपडेट्स का वादा किया है। फोन में डॉल्‍बी एटमॉस साउंड सपोर्ट, एआई कॉल नॉइस रिडक्‍शन, आईआर रिमोट कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह गूगल के जेमिनी एआई की खूबियों से भी पैक है।  बैटरी, कैमरा Redmi Note 15 5G में 5520mAh की बैटरी दी गई है। यह 45 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कंपनी दावा कर रही है कि 5 साल इस्‍तेमाल किए जाने के बाद भी फोन की बैटरी हेल्‍थ 80 फीसदी बनी रहेगी। रेडमी के इस फोन में 108MP का सैमसंग ISOCELL HM9 कैमरा सेंसर है। यह ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन और 4K वीडियो सपोर्ट के साथ आता है। 20 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा इस डिवाइस में दिया गया है। कंपनी ने बताया है कि 108MP का यह सेंसर किसी और ब्रैंड के स्‍मार्टफोन में नहीं मिलेगा, क्‍योंकि इस सेंसर को शाओमी-रेडमी फोन्‍स के लिए बनाया गया है, जो अच्‍छी क्‍वॉलिटी की फोटो ले सकता है।

हरियाणा में शीतलहर के साथ पाला जमने की आशंका

चंडीगढ़. उत्तरी बर्फीली हवाओं ने हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में ठंड के तेवरों को प्रचंड बना दिया है। शीतलहर चलने के कारण लोगों का हाल बेहाल है। सोमवार को कोल्ड डे (शीत दिवस) व कोल्ड वेव (शीतलहर) ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया है। नारनौल में न्यूनतम तापमान 3.0 व हिसार में 3.6 डिग्री दर्ज किया गया। इन स्थानों पर शीतलहर के साथ पाला जमने की स्थिति भी देखने को मिल रही है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पूरे प्रदेश में रात का तापमान एक बार फिर लुढ़कने लगे हैं। रात के तापमान सिंगल डिजिट में पहुंच गए हैं। नारनौल में अधिकतम तापमान भी सामान्य से 5 डिग्री नीचे रहा, जिससे वहां कोल्ड डे की स्थिति बनी। सोमवार को हरियाणा के पश्चिमी और कुछ दक्षिणी हिस्सों से उत्तरी बर्फीली सर्द हवाओं से ऊपरी सतह का कोहरा साफ़ हो गया, जबकि पूर्वी और कुछ दक्षिणी हिस्सों में अभी भी कोहरा छाया रहा। हालांकि एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कहीं कहीं हल्के बादल भी छाए रहे। आगे ऐसा रहेगा मौसम उत्तरी बर्फीली हवाओं से दिन व रात के तापमान में और अधिक गिरावट आएगी। साथ ही साथ आमतौर पर आमजन को विंड चिल्ड फैक्टर की स्थिति से रूबरू होना पड़ेगा। कुछ स्थानों पर रात के तापमान शून्य डिग्री के आसपास पहुंच जाएगा, जिसकी वजह से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में शीतलहर लहर से गंभीर शीतलहर और पाला जमने की संभावना बन रही है। वहीं, दिन के तापमान भी 10 से 12 डिग्री से नीचे पहुंचने से कोल्ड डे की स्थिति देखने को मिलेगी। साथ ही पूर्वी और पूर्वी दक्षिणी हिस्सों में सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा। हालांकि वर्तमान समय में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से केवल आंशिक रूप से बादल छाए रहने और 9 जनवरी से मौसम में बदलाव की संभावना बन रही है।

महाआर्यमन हुए घायल, केंद्रीय मंत्री सिंधिया के बेटे का कार एक्सीडेंट

शिवपुरी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया शिवपुरी दौरे के दौरान एक हादसे का शिकार हो गए. अचानक ब्रेक लगने के कारण उन्हें सीने में चोट आई है. जानकारी के अनुसार, महाआर्यमन अपनी गाड़ी के सनरूफ से बाहर निकलकर जनता का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, तभी चालक ने अचानक तेज ब्रेक लगा दिए. झटके के कारण उनका सीना गाड़ी के अगले हिस्से से टकरा गया. दरअसल, महाआर्यमन सिंधिया दो दिवसीय शिवपुरी प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को कोलारस विधानसभा क्षेत्र में आयोजित युवा सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान वे कॉलेज ग्राउंड में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का भी जायजा लेने पहुंचे, जहां वे समर्थकों का अभिवादन कर रहे थे. इसी दौरान ड्राइवर ने अचानक से ब्रेक लगा दिए जिसके बाद वो चोटिलहो गए. शुरुआत में चोट को सामान्य मानते हुए उन्होंने अपना दौरा जारी रखा, लेकिन शाम होते-होते उनके सीने में दर्द बढ़ गया. एहतियात के तौर पर उन्हें तत्काल शिवपुरी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका सीटी स्कैन (CT Scan) किया. अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है. फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.

करनाल में लूट के बाद कारोबारियों दहशत का माहौल

कुरुक्षेत्र. सेक्टर-16 में सराफा कारीगर से डेढ़ किलो सोना और 15 लाख रुपये की लूट की वारदात के बाद सराफा कारोबारियों और पीड़ित परिवार के लोगों ने विधायक जगमोहन आनंद और एसपी नरेंद्र बिजारनिया से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं विधायक और एसपी ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि जल्दी लूट की गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा। इसके अलावा एसपी ने उचित सुरक्षा का भरोसा दिलाया। कर्ण गेट बिजनेस एसोसिएशन के प्रधान संकल्प भंडारी के नेतृत्व में सराफा व्यापारियों पुनीत बजाज, रजनीश सिंगला, शिवम गोयल ने कहा कि एसपी साहब हमारी सुरक्षा बढ़ा दो, उन्हें डर है कभी फिर दोबारा किसी दूसरे सराफा कारोबारी के साथ ऐसी वारदात न हो जाए। व्यापारियों ने कहा कि पहले कभी इतनी बड़ी लूट की वारदात नहीं हुई थी। इसके आलावा व्यापारियों ने कहा कि अब तो उन्हें अपनी दुकान से घर जाने में भी डर लगने लगा है। क्योंकि कारोबार ऐसा है कि साथ ही नगदी और सोना लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में वारदात का डर सताता है। सराफा कोरोबारी पुनीत बजाज, रजनीश सिंगला और वारदात का शिकार हुए बबन माने ने एसपी नरेंद्र बिजारनिया से गुहार लगाई की सराफा बाजार में लगातार पुलिस की तैनाती की जाए, क्योंकि अक्सर वहां एक दुकान से दूसरी दुकान पर सोना व अन्य आभूषण लेकर जाने का काम रहता है। वहीं, एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीसीटीवी की जांच की जा रही है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी। वहीं क्षेत्र में पुलिस की ओर ज्यादा गश्त बढ़ाई जाएगी। ताकि व्यापारी और आमजन सुरक्षित हो सकें। व्यापारियों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। महाराष्ट्र सांगली के विधायक ने करनाल विधायक को किया कॉल सोमवार को सोना कारीगर आदिक यशवंत पाटिक के साले बबन माने व्यापारियों के साथ करनाल विधायक जगमोहन आनंद से मिले। आनंद ने बताया कि उनके पास महाराष्ट्र के सांगली के विधायक धन्जय हरी गाडगिल ने फोन करके वारदात के बारे में जानकारी ली। वहां के विधायक ने भी पीड़ितों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। वहीं विधायक जगमोहन आंनद ने भी पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि जल्द आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। विधायक ने एसपी से बात करके व्यापारियों की एसपी नरेंद्र बिजारनिया से मुलाकात भी करवाई। बाजारों में वारदातें बढ़ रही हैं। पुलिस को सख्ती बढ़ानी चाहिए। पिछले दिनों चोरी का मामला सामने आया था, अब लूट की वारदात हुई है। कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। – संकल्प भंडारी, प्रधान, कर्ण गेट बिजनेस एसोसिएशन। बाजार में व्यापारी दहशत में हैं। सभी को लगता है कि कहीं उनके साथ कोई वारदात न हो जाए, पुलिस को रात में गश्त बढ़ानी चाहिए। बाजारों में सुरक्षा पुख्ता हो। – कुलदीप मक्कड़, व्यापारी, कर्णगेट। पहले मोबाइल शोरूम पर फायरिंग हुई थी, अब सराफ कारीगर के साथ घर जाते समय लूट हुई है। पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करके मामले का खुलासा करना चाहिए। – पुनीत बजाज, व्यापारी, सराफा बाजार। बदमाश कारोबारियों की रेकी कर रहे हैं। सुनसान जगहों पर मौका मिलते ही वारदात हो रही है। ऐसी वारदातों का सीधा असर कारोबार पर भी पड़ता है। पुलिस सख्ती करे। – प्रदीप नागपाल, कर्ण गेट मार्केट एसोसिएशन।