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कांग्रेस के सीनियर नेता सुरेश कलमाड़ी का निधन, लंबी बीमारी के बाद चले गए

 नई दिल्ली कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री और सीनियर नेता सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार सुबह 81 साल की उम्र में निधन हो गया. वे कई दिनों से बीमार चल रहे थे. पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनका अंतिम संस्कार पुणे के वैकुंठ धाम श्मशान घाट में दोपहर 3 बजे किया जाएगा. बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में नाम आने के बाद कलमाड़ी ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इस विवाद ने उस वक्त पूरे देश में बहस और राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी थी. सुरेश कलमाड़ी के परिवार में उनकी पत्नी, उनका बेटा और बहू, दो शादीशुदा बेटियां और दामाद, और उनके पोते-पोतियां हैं. सुरेश कलमाड़ी कौन थे? सीनियर कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी कांग्रेस के उन बड़े नेताओं में शामिल थे, जिनका आलाकमान के साथ अच्छा संबंध माना जाता था. वे रेल राज्य मंत्री रह चुके हैं और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के अध्यक्ष भी थे. पुणे के एक लोकप्रिय राजनीतिक नेता, कलमाडी कई बार शहर से लोकसभा के लिए चुने गए थे. कई साल तक, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई भूमिकाएं निभाईं और लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रशासन से जुड़े रहे. हालांकि, 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स भ्रष्टाचार मामले को लेकर IOA में उनके कार्यकाल पर सवाल उठे और उन पर फंड के कथित दुरुपयोग के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए. उन्हें अप्रैल 2011 में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया था. कॉमनवेल्थ घोटाले से छवि को लगा झटका  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार को महाराष्ट्र के पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में 81 साल की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. सुबह 3:30 बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा. सूत्रों के अनुसार, वैकुंठ श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार दोपहर दो बजे के क़रीब किया जाएगा. सुरेश कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को पुणे में हुआ था. उन्होंने 1960 के दशक की शुरुआत में नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) में एंट्री ली और भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा दी.  1964 से 1972 तक उन्होंने भारत की सेवा की, जिसमें 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध भी उनकी भागीदारी रही. 1974 में वायु सेना से समय से पहले सेवानिवृत्त होकर उन्होंने राजनैतिक सफर शुरू किया. स्क्वाड्रन लीडर के रैंक के पद पर रहते हुए उन्होंने सेवानिवृत्त ली थी.   

बांग्लादेश में 18 दिन में छठा मामला: हिंदू युवक की हत्या, अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बढ़ रही हिंसा

ढाका बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. ताजा मामला नरसिंदी जिले का है, जहां किराना व्यापारी मणि चक्रवर्ती की बदमाशों ने हत्या कर दी. यह घटना सोमवार रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मणि चक्रवर्ती चारसिंदुर बाज़ार में अपनी किराना दुकान चलाते थे. चारसिंदुर बाजार, नरसिंदी के पलाश उपजिला क्षेत्र में आता है. मणि चक्रवर्ती साधरचर यूनियन, शिबपुर उपजिला के रहने वाले थे और मदन ठाकुर के बेटे थे. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रोज की तरह मणि चक्रवर्ती अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर हमला कर दिया. इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और मणि चक्रवर्ती को बचाने की कोशिश करते हुए अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मणि चक्रवर्ती एक शांत और सौम्य स्वभाव के व्यक्ति थे और उनकी जानकारी में उनका किसी से कोई विवाद नहीं था. खुले बाजार में इस तरह की बेरहमी से की गई हत्या ने व्यापारियों और आम लोगों के बीच असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है. स्थानीय समुदाय के जागरूक लोगों ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के एक व्यापारी की इस तरह सार्वजनिक तौर पर हत्या बेहद चिंताजनक है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए.

नए बजट को लेकर आज से मंत्री स्तरीय बैठकों में कई प्रस्तावों पर होगी चर्चा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026-27 का बजट बनाने की प्रक्रिया निर्णायक दौर में आ पहुंची चुकी है. आज से महानदी भवन, मंत्रालय में मंत्री स्तरीय बजट चर्चा होने जा रही है, जो 6 जनवरी से शुरू होकर 9 तक चलेगी. फिलाहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों की चर्चा का समय तय नहीं हुआ है. मुख्य बजट और नवीन मद के प्रस्तावों पर होगी बात मंत्री स्तरीय बजट चर्चा में 6 जनवरी से 9 जनवरी तक मुख्य बजट प्रस्तावों और नवीन मद प्रस्तावों पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी के साथ चर्चा होगी. बताया गया है कि मंत्री अपने विभागों से संबंधित नई योजनाओं के प्रस्ताव पेश करेंगे. वित्त मंत्री से चर्चा के बाद प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर बजट में शामिल किया जाएगा. जिन नवीन मद के प्रस्तावों पर सहमति नहीं होगी उन्हें दरकिनार किया जाएगा. इसी चर्चा के एक हिस्से में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों के प्रस्तावों पर वित्त मंत्री के साथ चर्चा होगी. आज से मंत्री स्तरीय बैठकें 6 जनवरी को सुबह 11 बजे उद्योग, आबकारी एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, दोपहर 12 बजे स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं ओबीसी कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, दोपहर 2 बजे पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल और दोपहर 3 बजे कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं एससी कल्याण मंत्री गुरु खुशवंत के नए प्रस्तावों पर चर्चा कर मंजूरी दी जाएगी. 7 जनवरी को सुबह 11 बजे वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, दोपहर 12 बजे राजस्व, स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, दोपहर 2.30 बजे अजाक कल्याण, कृषि एवं मछली-पशुधन पालन मंत्री रामविचार नेताम और अपराह्न 4 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपने विभागों के प्रस्तावों पर निर्णय लेंगे. 8 जनवरी को सुबह 11 बजे उप मुख्यमंत्री अरुण साव के लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेल एवं युवा कल्याण और नगरीय प्रशासन विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा होगी. दोपहर 2.30 बजे स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी विभागों के प्रस्ताव रखे जाएंगे. 9 जनवरी को दोपहर 12 बजे महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और दोपहर 2 बजे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और आईटी विभाग के नए प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा अलग से तय की जाएगी.

छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास योजनाओं से सशक्तिकरण की नई दिशा: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : महिला एवं बाल विकास की योजनाओं से छत्तीसगढ़ में सशक्तिकरण की नई इबारत: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ शासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक और ठोस बदलाव लाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 69 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है और अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। योजना का सामाजिक प्रभाव यह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अब पारिवारिक और आर्थिक निर्णयों में स्वतंत्र भूमिका निभा रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है, जिससे छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। नवंबर 2023 की तुलना में नवंबर 2025 तक स्टंटिंग, वेस्टिंग और अंडरवेट बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। 19 लाख से अधिक हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें महिला स्व सहायता समूहों की भागीदारी से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण वितरण सुनिश्चित हुआ है। महिला सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से हजारों महिलाओं और बच्चों को त्वरित सहायता प्रदान की गई है। बाल संरक्षण सेवाओं, दत्तक ग्रहण, फॉस्टर केयर और न्यायिक प्रकरणों के निराकरण में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, नई नियुक्तियों, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और ई-भर्ती पोर्टल जैसी पहलों से विभागीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हजारों बेटियों के विवाह गरिमामय ढंग से संपन्न कराए गए हैं। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित, सशक्त और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।

माघ मेला-2026 को लेकर रेलवे का बड़ा इंतजाम, प्रयाग स्टेशन पर कई ट्रेनों को अस्थायी ठहराव

इंदौर माघ मेला-2026 के अवसर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे द्वारा प्रयाग स्टेशन पर कुछ ट्रेनों को अस्थायी ठहराव प्रदान किया है। इस ठहराव में पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनें भी शामिल है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार इस अवधि के दौरान चार ट्रेनों को प्रयाग स्टेशन पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव प्रदान किया है, जो कि तत्काल प्रभाव से 20 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।   प्रयाग स्टेशन पर अस्थायी ठहराव वाली प्रमुख ट्रेनें : इंदौर-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस आगमन 01:24 बजे/प्रस्थान 01:26 बजे, बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस आगमन 01:58 बजे/प्रस्थान 02:00 बजे, गांधीनगर कैपिटल-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस आगमन 20:48 बजे/ प्रस्थान 20:50 बजे और ओखा-वाराणसी एक्सप्रेस आगमन 23:23 बजे/प्रस्थान 23:25 बजे रहेगा। इसके अतरिक्त अन्य कोई बदलाव नहीं किया गया हैं।  

RKMP में हाईटेक मेंटेनेंस की शुरुआत, भोपाल की ट्रेनों में 15 दिन का काम अब सिर्फ 3 घंटे में होगा

भोपाल भोपाल रेल मंडल की ट्रेनों के संचालन को और अधिक तेज, सुचारू और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। रानी कमलापति (आरकेएमपी) रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक व्हील टर्निंग मशीन की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 10.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस शेड का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कनेक्टिविटी कार्य पूरा होते ही मशीन को चालू कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने से भोपाल से संचालित एवं होकर गुजरने वाली ट्रेनों के व्हील मेंटेनेंस में लगने वाला समय और संसाधन दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी। परिणामस्वरूप ट्रेनों की उपलब्धता और समयपालन में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इस शेड के सिविल निर्माण कार्य का दायित्व एम/एस एल.एन. पांठी को सौंपा गया है, जबकि इलेक्ट्रिकल (जी) से संबंधित निर्माण कार्य एम/एस मारर सैनफील्ड इंडिया लिमिटेड, भोपाल द्वारा किया जा रहा है। तीन घंटे में एक व्हील की होगी रिपेयरिंग अब तक ट्रेनों के पहियों के मेंटेनेंस के लिए कोचों को निशातपुरा वर्कशॉप भेजना पड़ता था, जहां इस प्रक्रिया में करीब 10-15 दिन का समय लग जाता था। कई बार समय पर मेंटेनेंस न होने से ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ता था। नई व्हील टर्निंग मशीन के शुरू होने के बाद यह पूरा काम आरकेएमपी स्टेशन पर ही हो सकेगा। खास बात यह है कि यह पूरी तरह ऑटोमेटिक मशीन है, जिससे जहां पहले एक हफ्ता लगता था, वहीं अब महज 3 घंटे में व्हील मेंटेनेंस संभव होगा। इससे ट्रेन टर्नअराउंड टाइम घटेगा और संचालन कहीं अधिक सुचारू बन सकेगा।  

पुलिसकर्मियों को मिलेगी थाने में स्वास्थ्य सुविधा, भोपाल के जूनियर डॉक्टरों की नई सोच

भोपाल काम के भारी दबाव और अनियमित दिनचर्या के चलते बीमारियों का शिकार हो रहे पुलिसकर्मियों के उपचार के लिए गांधी मेडिकल कालेज (जीएमसी) के जूनियर डाक्टरों ने नई पहल की है। अब खाकी वर्दी वालों को उपचार के लिए अस्पताल की लंबी कतारों में नहीं लगना होगा, बल्कि डॉक्टर खुद थाने पहुंचकर उनके स्वास्थ्य का परीक्षण करने के साथ ही उन्हें चिकित्सा उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए प्रत्येक पुलिस थाने में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। लाइफस्टाइल बीमारियों की समय रहते पहचान इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में तेजी से बढ़ रही लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों की समय रहते पहचान करना और उनका उपचार शुरू करना है। मालूम हो कि पुलिस की नौकरी में ड्यूटी के घंटे तय नहीं होते। त्योहार हो या वीआइपी मूवमेंट, पुलिसकर्मी घंटों खड़े रहकर ड्यूटी करते हैं। इस भागदौड़ और मानसिक दबाव के कारण उनमें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां घर कर रही हैं।  

राजधानी में खिलेगा गुलाबों का संसार, 9–11 जनवरी तक महकेंगे फूलों के राजा

प्रदर्शनी के लिये ऑनलाइन और ऑफलाइन 6 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित भोपाल फूलों के राजा गुलाब की महक 9 से 11 जनवरी तक राजधानी के गुलाब उद्यान में महकेगी। उद्यानिकी विभाग और मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में गुलाब प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिये आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन 6 जनवरी 2026 तक आमंत्रित किये गये हैं। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री अरविन्द दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश फूलों के उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। राज्य सरकार द्वारा फूलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रतिवर्ष भोपाल स्थित गुलाब उद्यान परिसर में गुलाब प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। गुलाब के प्रति आम लोगों के रूझान को देखते हुए गुलाब उत्पादकों के बीच स्वस्थ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इसमें गमले से लेकर बगिया तक और टैरेस पर तैयार किये गये गुलाब के फूलों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाता है। तीन श्रेणियों में होगी प्रतियोगिता आयुक्त श्री दुबे ने बताया कि भोपाल शहर और उसके आसपास लगभग 40 किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किये गये गुलाब उद्यानों की इंट्री इस प्रतियोगिता में शामिल की जाती हैं। जो गुलाब उत्पादक बड़ी संख्या में गुलाब का उत्पादन करते हैं, वह प्रतियोगिता में शामिल होने के लिये 6 जनवरी तक ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके उपरान्त 7 और 8 जनवरी को रोज सोसायटी और उद्यानिकी विभाग के प्रतिनिधि उन गुलाब उद्यानों का निरीक्षण करेंगे, 9 जनवरी को घरों में गमलों में लगाये गये गुलाबों का प्रदर्शन गुलाब उद्यान में किया जायेगा। इसके लिये गुलाब उत्पादक सुबह 8 से 12 बजे तक गुलाब उद्यान में प्रविष्ठि कर सकते हैं। 10 जनवरी को कट-फ्लावरों का प्रदर्शन गुलाब उद्यान परिसर में किया जायेगा। गुलाब प्रदर्शनी का 10 जनवरी को समारोहपूर्वक शुभारंभ किया जायेगा तथा 11 जनवरी को विजेताओं को पुरस्कार वितरित होंगे।  

सांगानेर स्टेशन के कायाकल्प की शुरुआत, रेल मंत्री रखेंगे वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट की नींव

जयपुर राजधानी जयपुर के यात्रियों को नए साल में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। सांगानेर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस किया जाएगा। मंगलवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव स्टेशन पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल होंगे। करीब दो साल पहले यह योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन बीसलपुर पेयजल परियोजना की पाइपलाइन के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। अब नए डिजाइन और प्रस्ताव के साथ परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।   स्टेशन को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण होगा, जबकि दूसरे चरण में जयपुर-सवाई माधोपुर रेलखंड के दोहरीकरण और यार्ड विस्तार का कार्य किया जाएगा। तीन लाइनों वाले स्टेशन को पांच लाइनों में बदला जाएगा, जिससे ट्रेनों की आवाजाही सुचारु होगी।  

रूफ-टॉप सोलर लक्ष्य से दूर बांसवाड़ा, PM सूर्यघर योजना में 11.47% ही उपलब्धि

बांसवाड़ा प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत रूफ-टॉप सोलर स्थापना में राजस्थान का बांसवाड़ा जिला लगातार पिछड़ता नजर आ रहा है। अजमेर डिस्कॉम के बांसवाड़ा वृत्त को इस वर्ष 6,365 रूफ-टॉप सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन अब तक केवल 730 संयंत्र ही स्थापित हो पाए हैं। यह कुल लक्ष्य का महज 11.47 प्रतिशत है, जो डिस्कॉम के औसत 23 प्रतिशत से भी काफी कम है।डिस्कॉम रिकॉर्ड के अनुसार जिले में अब तक 3,230 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो लक्ष्य का करीब 50 प्रतिशत हैं, लेकिन इनमें से 1,036 आवेदन स्थापना के लिए लंबित हैं। इसके अलावा 35 मामले लोड वेरिफिकेशन के स्तर पर अटके हुए हैं।   ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या ऑनलाइन प्रक्रिया और भुगतान को लेकर सामने आ रही है। उपभोक्ता डिजिटल औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पा रहे, वहीं उपखंड स्तर पर जागरूकता शिविरों की कमी भी बड़ी वजह है। अधिकारी स्तर पर अपेक्षित सक्रियता नहीं होने से योजना की गति धीमी बनी हुई है। शहरी क्षेत्र में स्थिति और जटिल है। बांसवाड़ा शहर में मीटरिंग, बिलिंग और रिकवरी का जिम्मा सिक्योर मीटर्स कंपनी के पास है, जिसका सॉफ्टवेयर डिस्कॉम के सिस्टम से अब तक लिंक नहीं हो पाया है। इस तकनीकी अड़चन के कारण राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पा रहा, जिससे लोग रूफ-टॉप सोलर लगवाने से पीछे हट रहे हैं। फिलहाल जिले में पांच सोलर वेंडर रजिस्टर्ड हैं, जबकि अन्य जिलों के वेंडर एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। औसतन हर महीने 100-125 संयंत्र ही लग पा रहे हैं। अधीक्षण अभियंता भगवान दास ने बताया कि जल्द ही ब्लॉक-स्तरीय कैंप लगाकर प्रक्रिया तेज की जाएगी। वहीं सिक्योर मीटर्स के प्रभारी विराग शर्मा ने कहा कि सॉफ्टवेयर लिंक के लिए जरूरी अपडेट पर काम चल रहा है और कुछ ही दिनों में समस्या दूर कर ली जाएगी।