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झारखंड में हर जिले के 3 पीएम श्री विद्यालय बनेंगे मेंटर

रांची. प्रत्येक जिला के तीन-तीन पीएम श्री स्कूल मेंटर के रूप में विकसित किए जाएंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा गठित स्टेट पीएमयू द्वारा 24 जिलों से कुल 144 उच्च प्रदर्शन वाले स्कूल चिन्हित किए जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक जिले को अपने जिले के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन स्कूलों का चयन करना होगा। स्कूलों का चयन राज्य पीएमयू द्वारा उपलब्ध कराई जानेवाली सूची के आधार पर किया जाएगा। सभी जिलों से कुल 72 विद्यालयों का चयन कर उन्हें गहन निगरानी, सतत मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग प्रदान की जाएगी, जिससे चयनित विद्यालय अन्य पीएमश्री स्कूलों के लिए सीखने और अपनाने योग्य मानक के साथ मेंटर स्कूल बन सके। इन स्कूलों की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन के अनुसार, पीएम श्री का उद्देश्य केवल स्कूलों को अपग्रेड करना नहीं, बल्कि ऐसे मॉडल स्कूल विकसित करना है, जहां बच्चों को उत्कृष्ट, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके। इसी स्पष्ट सोच के साथ पीएमश्री “आदर्श विद्यालय पहल” शुरू की गई है। इसके माध्यम से पीएमश्री स्कूल केवल ढांचागत उन्नयन नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मानक बन सकेंगे।

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी में सहायक अभियंता और केमिस्ट का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के नव नियुक्त सहायक अभियंता व केमिस्ट का प्रशिक्षण शुरू भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के नवनियुक्त 16 सहायक अभियंताओं (प्लांट) व केमिस्ट के प्रथम बैच का का 6 सप्ताह का प्रशिक्षण राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई) नागपुर में प्रारंभ हुआ। छह सप्ताह के प्रशिक्षण में सहायक अभियंताओं को थर्मल व हाइड्रो पॉवर प्लांट के ऑपरेशन व मेंटेनेंस का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। अभियंताओं को दो सप्ताह का विशेष सुपर-क्रिटिकल सिम्युलेटर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। केमिस्ट को प्रशिक्षण के अंतर्गत जल रसायन,कोल टेस्टिंग, पर्यावरण कारकों का परीक्षण आदि का प्रशिक्षण प्रदान दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत में एनपीटीआई नागपुर के प्रमुख निदेशक रामचन्द्र उकिरदे ने कहा कि सत्र का पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि सहायक अभियंता ताप व जल विद्युतगृहों के संचालन व संधारण के कार्यों में समान रूप से महारत हासिल कर सकेंगे। प्रशिक्षण में सहायक अभियंताओं व केमिस्ट को विद्युत उत्पादन की नई तकनीक के साथ पर्यावरण की बारीरकियों व मापदंडों से परिचित करवाया जाएगा।  

हरियाणा बिजली टैरिफ पर डिस्कॉम ने नहीं दी वोल्टेज-सर्विस कास्ट अध्ययन रिपोर्ट

चंडीगढ़. हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के समक्ष उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVNL) द्वारा दाखिल टैरिफ याचिकाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व विद्युत मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह ने आयोग को सौंपी। उन्होंने आरोप लगाया है कि आयोग के बार-बार निर्देशों के बावजूद डिस्कॉम ने वोल्टेज व उपभोक्ता वर्गवार सर्विस कास्ट अध्ययन रिपोर्ट दाखिल नहीं की। फिर भी वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 3000 करोड़ रुपए की भारी टैरिफ वृद्धि को मंजूरी दे दी गई। यह निर्णय न तो किसी विधिवत याचिका पर आधारित था और न ही उपभोक्ताओं एवं हितधारकों को सुनवाई का अवसर दिया गया। 9 जनवरी को एचईआरसी इसको लेकर 9 जनवरी को सुनवाई करने जा रहा है। 4484 करोड़ रुपए का घाटा संपत सिंह ने एचईआरसी को लिखे लेटर में कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 की याचिका में भी यह देखा गया है कि वितरण कंपनियों ने 4484.71 करोड़ रुपए से अधिक के संयुक्त राजस्व घाटे का अनुमान लगाया है जबकि इस घाटे को पूरा करने के लिए कोई कार्यप्रणाली भी नहीं बताई है। इस तरह की गैर-अनुपालन को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पिछले वित्तीय वर्ष की तरह उपभोक्ताओं की जानकारी के बिना कोई भी टैरिफ नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। हजारों करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रोफेसर ने लिखा है कि डीएचबीवीएन ने 2738.69 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव रखा है, जबकि आवर्ती राजस्व (APR) 1900 करोड़ रुपए है और टू-अप (2024 25) का दावा 1658.36 करोड़ रुपए है, जो निराधार प्रतीत होता है। एकीकृत योजना के संबंध में स्पष्ट रूप से विचारहीन है। इसी प्रकार यूएचबीवीएन ने 2056 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव रखा है। प्रतिपूर्ति विवरण और लागत-लाभ विश्लेषण के बिना पूंजीगत व्यय अर्थहीन है इसलिए प्रत्येक मद के तहत विस्तृत जानकारी और हानि में कमी, आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ भार वृद्धि पर उनके प्रभाव को हस्तक्षेप कर्ताओं द्वारा विश्लेषण और टिप्पणी के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए। एआरआर रिपोर्ट पर उठाए सवाल अनुमानित राजस्व 28,112 करोड़ रुपए (डीएचबीवीएन) है, जो 4116 करोड़ रुपए की राजस्व वृद्धि है। जिसका मुख्य कारण निश्चित शुल्कों में वृद्धि है। यह राशि टैरिफ में कमी के रूप में उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए थी। विभिन्न वार्षिक रिपोर्ट (ARR) रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2022-23 के लिए वितरण हानियां 11.42 प्रतिशत थी जबकि वर्ष 2023-24 के लिए यह 11.35 प्रतिशत थी। 27 नवंबर 2025 के ज्ञापन अनुसार वर्ष 2024-25 के लिए वितरण हानियां 9.54 प्रतिशत निर्धारित की गई हैं। सप्लाई लॉस बढ़ाया गया इसी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए लक्ष्य 9.75 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। वितरण हानियों को कम करने की दिशा में प्रयास वार्षिक एआरआर चर्चाओं में प्रमुख बिंदुओं में से एक रहा है। सप्लाई लॉस के लक्ष्य को 9.54 प्रतिशत से और कम करने के बजाय इसे बढ़ा दिया गया है। आयोग इस पर विचार कर सकता है और एक कम करने योग्य लक्ष्य निर्धारित कर सकता हैं ताकि डीएचबीवीएन इसे प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर सके। कंपनियों का प्रबंधन नहीं पूर्व ऊर्जा मंत्री ने लिखा है कि भारी पूंजीगत व्यय के बावजूद डीएचबीवीएन ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वितरण हानि 9.54 प्रतिशत और यूएचबीचीएन ने 9.85 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। ये आंकड़े उनके द्वारा बताए गए वास्तविक पाटे से अधिक हैं। वितरण कंपनियां परिचालन की दृष्टि से अक्षम बनी हुई हैं। एफआरपी और उदय से पहले के आंकड़ों से इनको तुलना करना निरर्थक है। एचटी-एलटी अनुपात में सुधार को देखते हुए इस प्रकार की हानि 6 से 8 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। दोनों डिस्कॉमों द्वारा प्राप्तियों का प्रबंधन लगातार सुस्त बना हुआ है। जिसके परिणामस्वरूप कार्यशील पूंजी की आवश्यकता और उस पर ब्याज में काफी वृद्धि हुई है।

साउथ अफ्रीका के सामने दोहरे शतक का धमाल: वैभव सूर्यवंशी के बाद आरोन जॉर्ज ने भी रचा इतिहास

नई दिल्ली भारत की अंडर-19 टीम के ओपनर आरोन जॉर्ज का बुधवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे यूथ वनडे मैच में बल्ला रजा। कप्तान वैभव सूर्यवंशी ही नहीं, आरोन ने भी बेनोनी के विलोमूर पार्क में शतक ठोका। आरोन ने 106 गेंदों में 16 चौकों की मदद से 118 रनों की पारी खेली। 19 वर्षीय बल्लेबाज ने लिस्ट ए क्रिकेट में पहली बार सेंचुरी जड़ने का कारनामा अंजाम दिया। वह सीरीज के शुरुआती दो मैचों में सस्ते में पवेलियन लौटे थे। उन्होंने पहले मुकाबले में 5 और दूसरे मैच में 20 रन बनाए।   तीसरे मुकबले में टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम को आरोन और 14 वर्षीय सूर्यवंशी ने दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 227 रन जोड़े। यह साझेदारी 26वें ओवर में सूर्यवंशी के आउट होने पर टूटी। उन्हें न्टांडो सोनी ने जेसन रोल्स के हाथों कैच कराया। सूर्यवंशी ने 74 गेंदों में 127 रन जुटाए, जिसमें 9 चौके और 10 सिक्स शामिल हैं। उन्होंने 63 गेंदों में 100 का आंकड़ा छुआ था। उन्होंने पिछले मैच में 24 गेंदों में 68 रनों की तूफानी पारी खेली थी। सूर्यवंशी के जाने के बाद आरोन ने वेदांत त्रिवेदी के साथ मोर्चा संभाला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 52 रनों की पार्टनरशिप की। आरोन ने 91 गेंदों में 100 रन कंप्लीट किए। उन्होंने फिफ्टी 30 गेंदों में पूरे कर ली थी लेकिन उसके बाद रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई। आरोन ने अगले 50 रन जोड़ने के लिए 61 गेंदों का सामना किया। वह 35वें ओवर में जेसन रोल्स का शिकार बने। आरोन ने डैनियल बोसमैन को कैच थमाया। वह जब लौटे तब भारत का स्कोर 279 था।  

बिहार जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने मेगा स्किल सेंटर को बताया ऐतिहासिक पहल

पटना. जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मंगलवार को कहा कि सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों में मेगा स्किल सेंटर की स्थापना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। यह योजना आने वाले समय में युवाओं के कौशल विकास को नया आयाम प्रदान करेगी। उन्हें स्वरोजगार के लिए सशक्त अवसर उपलब्ध कराएगी। जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार के सृजन के लक्ष्य को लेकर पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए विभाग के रूप में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया है, जो विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी अवसरों का सृजन कर उन्हें सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाएगा। मेगा स्किल सेंटरों में वर्तमान समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स एवं अन्य आधुनिक तकनीकों पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर सुनिश्चित हो सकेंगे।

झारखंड HC ने विद्युत शुल्क अधिनियम किया निरस्त

रांची. झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य के औद्योगिक और बिजली क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए सोमवार को एक अहम फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने झारखंड विद्युत शुल्क (प्रथम संशोधन) अधिनियम, 2021 तथा उससे जुड़े विद्युत शुल्क नियम 2021 को असंवैधानिक और मनमाना करार देते हुए निरस्त कर दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने यह फैसला मेसर्स पाली हिल ब्रुअरीज प्राइवेट लिमिटेड समेत 30 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के बाद दिया। इन याचिकाओं में बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों, कैप्टिव पावर उत्पादकों, स्टील और खनन कंपनियों तथा औद्योगिक संगठनों ने राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने माना कि राज्य सरकार ने मूल कानून बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 1948 (जिसे झारखंड ने अपनाया है) की चार्जिंग धारा में संशोधन किए बिना ही बिजली शुल्क की गणना की पद्धति बदल दी गई। बिजली शुल्क केवल खपत या बिक्री की गई बिजली की इकाइयों (यूनिट) पर ही लगाया जा सकता है। नेट चार्जेज के आधार पर शुल्क लगाने का कोई कानूनी प्रविधान नहीं है। नेट चार्जेज शब्द की परिभाषा कानून में नहीं दी गई, जिससे यह व्यवस्था अस्पष्ट और मनमानी बन जाती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक मामले में नई व्यवस्था के कारण किसी औद्योगिक उपभोक्ता पर बिजली शुल्क में लगभग 1000 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई थी। नेट चार्जेज के आधार पर शुल्क लगाने का कोई कानूनी प्रविधान नहीं है। खंडपीठ ने उस प्रविधान को भी निरस्त कर दिया, जिसके तहत राज्य सरकार को अधिसूचना जारी कर बिजली शुल्क की दरें बदलने का अधिकार दिया गया था। अदालत ने इसे बिना किसी स्पष्ट नीति के विधायी शक्तियों का अत्यधिक हस्तांतरण बताया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय टैरिफ से बिजली शुल्क को जोड़ना समान परिस्थितियों वाले उपभोक्ताओं के बीच असमानता पैदा कर सकता है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। हालांकि, कोर्ट ने झारखंड विद्युत शुल्क (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2021 को वैध ठहराया। इस संशोधन के तहत कैप्टिव पावर प्लांट्स पर 17 फरवरी 2022 से 50 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क लगाया गया है। अदालत ने कहा कि कर दर तय करना राज्य की आर्थिक नीति का विषय है और जब तक इसमें संवैधानिक उल्लंघन न हो, न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने कानून की मूल संरचना को बदले बिना ही टैक्स लगाने की पूरी प्रणाली बदल दी, जो संविधान और स्थापित न्याय सिद्धांतों के विपरीत है।

शाहीन अफरीदी की फिटनेस पर सलमान आगा ने तोड़ी चुप्पी, जानिए विश्व कप को लेकर क्या कहा

इस्लामाबाद पाकिस्तान की टी20 टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने उम्मीद जताई है कि तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी घुटने की चोट से उबरकर अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप तक पूरी तरह से फिट हो जाएंगे। अफरीदी पाकिस्तान के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अहम खिलाड़ी हैं तथा भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले विश्व कप में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।   कप्तान सलमान अली आगा ने दांबुला में पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि वह विश्व कप के लिए फिट हो जाएंगे, लेकिन अंतिम फैसला मेडिकल पैनल की सलाह पर (पाकिस्तान क्रिकेट) बोर्ड करेगा।’’ अफरीदी अभी लाहौर के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के मेडिकल पैनल की देखरेख में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में बिग बैश लीग के एक मैच में फील्डिंग करते समय शाहीन के घुटने में चोट लग गई थी। इसके बाद पीसीबी ने उन्हें रिहैबिलिटेशन के लिए वापस बुला लिया था। सलमान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान विश्व कप के लिए संतुलित और मजबूत टीम तैयार करने में कामयाब रहा है और श्रीलंका में होने वाली सीरीज से उनके खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुकूल होने में मदद मिलेगी। पाकिस्तान विश्व कप के अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगा। सलमान ने कहा,‘‘ यह सीरीज हमारे खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है और इससे उन्हें परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। विशेषकर उन खिलाड़ियों को इससे मदद की मिलेगी जिन्होंने श्रीलंका में ज्यादा क्रिकेट नहीं खेली है।’’ पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप के लिए अपनी 15 सदस्यीय संभावित टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को सौंप दी है, लेकिन अभी तक इसे सार्वजनिक नहीं किया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक विश्वसनीय सूत्र ने यह जानकारी दी। आईसीसी ने इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए सभी टीमों से एक जनवरी तक अपनी संभावित टीम सौंपने के लिए कहा था और पीसीबी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। सभी टीमों को 31 जनवरी तक अपनी संभावित टीम में बदलाव करने की अनुमति है। उसके बाद किसी भी तरह के बदलाव के लिए आईसीसी की टूर्नामेंट तकनीकी समिति से मंजूरी लेनी पड़ेगी। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की संभावित टीम में चोटिल तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी, पूर्व कप्तान बाबर आजम और ऑलराउंडर शादाब खान भी शामिल हैं। शादाब कंधे की चोट के कारण पिछले साल मई से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाए हैं।  

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 26 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 65 लाख रुपये का इनाम था 13 माओवादियों पर

सुकमा  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बुधवार को 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 13 पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम था। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुकमा पुलिस की ओर से ‘‘पूना मार्गेम’’ पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान संचालित किया जा रहा है। इससे प्रभावित होकर तथा पुलिस के बढ़ते प्रभाव से 26 नक्सलियों ने आत्मसमपर्ण किया है। इन 26 नक्सलियों में सात महिलाएं हैं। इन सभी ने सामान्य जीवन में लौटने का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 50,000 रुपये की सहायता दी गई और उन्हें सरकार की नीति के अनुसार पुनर्वासित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये लोग माओवादियों की पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन और आंध्र ओडिशा सीमा डिवीजन में सक्रिय थे और अबूझमाड़, छत्तीसगढ़ के सुकमा और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में कई घटनाओं में शामिल थे। ये माओवादी राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित थे जिसके तहत आत्मसमर्पण किया है।   लाली उर्फ मुचाकी पर था दस लाख का इनाम लाली उर्फ मुचाकी आयते लखमू (35), जो एक कंपनी पार्टी समिति की सदस्य थी इस पर 10 लाख रुपये का इनाम था। मुचाकी हिंसा की कई बड़ी घटनाओं में शामिल थी, जिसमें 2017 में कोरापुट रोड (ओडिशा) पर एक वाहन को निशाना बनाकर IED विस्फोट करना भी शामिल है, जिसमें 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी। चार अन्य प्रमुख कैडर – हेमला लखमा (41), अस्मिता उर्फ कमलू सन्नी (20), रामबती उर्फ पदम जोगी (21) और सुंदरम पाले (20) इन चारों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। 2020 के मिनपा हमले में शामिल था लखमा पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लखमा 2020 के मिनपा हमले में शामिल था, जिसमें 17 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई थी। आत्मसमर्पण करने वाले अन्य कैडरों में से तीन पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था, एक कैडर पर तीन लाख रुपये, एक कैडर पर दो लाख रुपये और तीन कैडरों पर  एक-एक लाख रुपये का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 50,000 रुपये की सहायता दी गई है और उन्हें सरकार की नीति के अनुसार आगे पुनर्वासित किया जाएगा।   आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली 1. लाली उर्फ मुचाकी आयते पिता मुचाकी गंगा पति स्व. रमेश उम्र लगभग 35 वर्ष निवासी तोलेवर्ती गायतापारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा।धारित पद सीआरसी कम्पनी 3, प्लटून 2 डिप्टी कमाण्डर/सीवायपीसीएम/इनाम 10 लाख रूपये। 2. हेमला लखमा पिता टोकलू उम्र लगभग 41 वर्ष निवासी पारलागट्टा पटेलपारा थाना जगरगुण्ड़ा जिला सुकमा। धारित पद प्लाटून नंबर 4 का कमाण्डर/डीव्हीसीएम/इनामी 08 लाख। 3. आसमिता उर्फ कमलू सन्नी पिता स्व. भीमा उम्र लगभग 20 वर्ष निवासी पारलागट्टा थाना जगरगुण्ड़ा जिला सुकमा। धारित पद कम्पनी नंबर 7 की पार्टी सदस्या/इनामी 8 लाख। 4. रामबत्ती उर्फ संध्या उर्फ पदाम जोगी पिता स्व. हुंगा उम्र लगभग 21 वर्ष निवासी निवासी तोलेवर्ती दोड़बुण्डपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा।धारित पद कम्पनी नंबर 7 की पार्टी सदस्या/इनामी 8 लाख। 5. सुण्डाम पाले पिता स्व. भीमा उम्र लगभग 20 वर्ष निवासी परलागट्टा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद पीएलजीए बटालियन नंबर 1 कम्पनी नंबर 1 सेक्सन बी (पार्टी सदस्य)/इनामी 8 लाख। 6. निलेश उर्फ हेमला भीमा पिता स्व0 हांदा उम्र लगभग 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी प्रतापगिरी थाना तोंगपाल जिला सुकमा। धारित पद दरभा डिवीजन कृषि टीम कमाण्डर/एसीएम/इनामी 5 लाख। 7. मुचाकी संदीप उर्फ हिड़मा पिता स्व. सन्नू निवासी तोलवर्ती थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद पूर्व सिलगेर एलओएस कमांडर/एसीएम/इनामी 5 लाख। 8. मड़कम चैते उर्फ मंगली पति संदीप उर्फ मुचाकी हिड़मा (जगरगुण्डा एरिया एसीएम) निवासी जब्बागट्टा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद जगरगुण्डा एरिया केएमएस अध्यक्षा/एसीएम/इनामी 5 लाख। 9. ताती सोमडू पिता स्व. ताती पण्डरू उम्र लगभग 40 वर्ष निवासी परलागट्टा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद बैयमपल्ली आरपीसी मिलिशिया कमांडर/इनामी 3 लाख। 10. मुचाकी देवा पिता सोमड़ा उम्र लगभग 35 वर्ष निवासी बेड़मा जोंगापारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद बेड़मा आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष/इनामी 2 लाख। 11. सरिता उर्फ इरपा सीते पिता स्व. दारा उम्र लगभग 28 वर्ष निवासी पेद्दागेलूर थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर। धारित पद बासागुड़ा एलओएस पार्टी सदस्या/इनामी एक लाख। 12. वेट्टी मासा उर्फ वासु पिता भीमा उम्र लगभग 17 वर्ष निवासी परलागट्टा पटेलपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद एओबी/सी.सी. उदय दादा का गार्ड सदस्य/ इनामी एक लाख। 13. हेमला दशरू उर्फ अजय पिता हेमला बुधरू उम्र लगभग 17 वर्ष निवासी परलागट्टा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद गढचिरौली एसजेडसीएम गिरधर का गार्ड सदस्य(पार्टी सदस्य)/इनामी एक लाख। 14. विजय मुचाकी पिता स्व. देवा उम्र लगभग 19 वर्ष निवासी किन्दरेलपाड़ थाना भेज्जी जिला सुकमा। धारित पद गोमपाड़ आरपीसी सीएनएम सदस्य। 15. आकाश मुचाकी पिता बुधरा उम्र लगभग 21 वर्ष निवासी किन्दरेलपाड़ थाना भेज्जी जिला सुकमा। धारित पद गोमपाड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य। 16. मड़कम/मुचाकी पायके पिता आकाश मुचाकी उम्र लगभग 23 वर्ष निवासी किन्दरेलपाड़ थाना भेज्जी जिला सुकमा। धारित पद गोमपाड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्या। 17. मिड़ियम सुरेश पिता मगंडू उम्र लगभग 24 वर्ष निवासी बेड़मा आमापारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद बेड़मा आरपीसी आर्थिक शाखा अध्यक्ष। 18. मुचाकी बुधरा पिता स्व. हिड़मा उम्र लगभग 67 वर्ष निवासी किन्दरेलपाड़ थाना कोंटा जिला सुकमा। धारित पद गोमपाड़ आरपीसी उपाध्यक्ष कृषि कमेटी अध्यक्ष। 19. मुचाकी मुड़ा पिता मुचाकी जोगा उम्र लगभग 29 वर्ष निवासी किन्दरेलपाड़ पटेलपारा थाना भेज्जी जिला सुकमा। धारित पद गोमपाड़ आरपीसी मिलिशिया सदस्य। 20. माड़वी हड़मा पिता स्व. मासा उम्र लगभग 33 वर्ष निवासी तुमालपाड़ थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद जोन्नागुड़ा आरपीसी मिलिशिया सदस्य। 21. माड़वी सुक्का उर्फ रवि पिता स्व. हड़मा उम्र लगभग 39 वर्ष निवासी गोमपाड़ नयापारा थाना भेज्जी जिला सुकमा। धारित पद गोमपाड़ आरपीसी जंगल कमेटी अध्यक्ष। 22. मड़कम हुंगा पिता सुक्का उम्र लगभग 24 वर्ष निवासी गोमपाड़ थाना भेज्जी जिला सुकमा। धारित पद गोमपाड़ आरपीसी मिलिषिया सदस्य। 23. सुण्डम राजू पिता स्व. जोगा उम्र लगभग 38 निवासी परनलागट्टा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद बैयमपल्ली आरपीसी डीएकेएमएस उपाध्यक्ष । 24 वेट्टी बुधू पिता स्व सुक्का उम्र लगभग 35 वर्ष निवासी परलागट्टा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा। धारित पद बैयमपल्ली आरपीसी मिलिशिया सदस्य। 25 गोंचे उर्फ मड़कम देवा पिता स्व. जोगा उम्र लगभग 42 वर्ष निवासी मड़़पी दुलेड थाना चिंतागुफा जिला सुकमा। धारित पद ग्राम मड़पेदुलेड़ डीएकेएमएस … Read more

चांदी हुई 8000 रुपये सस्ती, देखें आज के ताजे भाव और एक दिन पहले का रिकॉर्ड

नई दिल्‍ली.  चांदी की कीमत तो जैसे रोलर कोस्‍टर पर सवार है. एक दिन पहले तक रिकॉर्ड कीमत पर पहुंच चुकी चांदी ने बुधवार के कारोबार में बड़ी गिरावट दिखाई. मल्‍टीकमोडिट एक्‍सचेंज पर आज चांदी का वायदा भाव करीब 8 हजार रुपये टूट गया. एक दिन पहले ही चांदी की कीमत 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दिख रही थी, जो आज बड़ी गिरावट के साथ 2.52 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई. चांदी में यह गिरावट ग्‍लोबल मार्केट में बढ़ रहे दबाव की वजह से दिखी है. मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) पर 7 जनवरी की सुबह चांदी का वायदा भाव करीब 3 फीसदी टूट गया और 2,51,729 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर आ गया. इससे एक दिन पहले यानी 6 जनवरी को चांदी का भाव एमसीएक्‍स पर 2,59,692 रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था. आज के कारोबार में मई का वायदा भाव 2.5 फीसदी गिरा, फिर भी यह 2,58,566 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर दिखा. इसी तरह, जुलाई का वायदा भाव 2 फीसदी की गिरावट के साथ 2,65,028 रुपये प्रति किलोग्राम पर दिखा था. ग्‍लोबल मार्केट में भी टूटी चांदी ऐसा नहीं है कि आज सिर्फ एमसीएक्‍स पर ही चांदी का वायदा भाव टूटा है, ग्‍लोबल मार्केट में भी चांदी का हाजिर भाव 3.5 फीसदी की गिरावट के साथ 78.43 डॉलर प्रति औंस के भाव रहा. 29 दिसंबर को ग्‍लोबल मार्केट में चांदी का हाजिर भाव 83.62 डॉलर प्रति औंस के साथ अपने रिकॉर्ड लेवल पर था. चांदी में तेज गिरावट का कारण मुनाफा वसूली है, क्‍योंकि अमेरिका के जॉब डाटा जल्‍द ही आने वाले हैं और निवेशकों के मन में चांदी को लेकर संभावनाएं निगेटिव हो रही हैं. सिल्‍वर ईटीएफ के भी टूटे भाव चांदी की वायदा और हाजिर कीमतों में गिरावट की वजह से आज सिल्‍वर एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड में भी गिरावट दिख रही है. आज के कारोबार में 360 ONE Silver ETF 2 फीसदी गिरा, जबकि Axis Silver ETF, Tata Silver ETF, SBI Silver ETF और HDFC Silver ETF में मामूली उछाल दिख रहा है. इसके अलावा Nippon India Silver ETF, UTI Silver ETF, ICICI Prudential Silver ETF, Motilal Oswal Silver ETF, Zerodha Silver ETF में भी 0.5 फीसदी तक का उछाल दिख रहा है. निवेशकों के लिए क्‍या सुझाव वीएसआरके कैपिटल के कमोडिटी एक्‍सपर्ट संजय अग्रवाल का कहना है कि चांदी में अभी काफी उतार-चढ़ाव दिख रहा है. निवेशकों को इस पर ज्‍यादा भरोसा तब दिखाना चाहिए, जब इसकी कीमतें स्थिर हों. INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का कहना है कि साल 2026 में चांदी का कारोबार बढ़ता दिख रहा है, क्‍योंकि इंडस्‍ट्री में इसकी डिमांड बढ़ती जाएगी. इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सोलर सेक्‍टर में चांदी की बढ़ती मांग की वजह से मार्केट में भी इसकी कीमतों में उछाल दिखेगा. अगर चांदी पर दांव लगाना है तो आने वाले साल में यह तेज रिटर्न दिला सकता है, लेकिन लंबी अवधि में इसकी कीमतों में गिरावट से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.

मोहन यादव की ई-कैबिनेट पहल: सभी 31 मंत्रियों को टैबलेट, अब कैबिनेट बैठकें होंगी पेपरलेस

  भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए अपने कैबिनेट के सभी सदस्यों को टैबलेट बांटे. इस कदम का मकसद सिस्टम को पेपरलेस बनाना और समय बचाना है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को टैबलेट दिए गए. CM यादव ने कहा कि कैबिनेट बैठकों से जुड़ी पूरी जानकारी इन टैबलेट के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी. कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए यादव ने कहा, "मध्य प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस पहल में ई-कैबिनेट पहल भी शामिल है. ई-कैबिनेट एप्लिकेशन के संबंध में संबंधित लोगों को ज़रूरी ट्रेनिंग दी जा रही है." यादव ने कहा, "यह एप्लिकेशन एक आधुनिक, पेपरलेस, सुरक्षित और गोपनीय सिस्टम है जिसे मंत्री परिषद अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी, कहीं भी एक्सेस कर सकती है. ई-कैबिनेट एप्लिकेशन मुख्य रूप से कैबिनेट एजेंडा देखने और पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों की कंप्लायंस रिपोर्ट की समीक्षा करने में मदद करेगा." CM ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि कैबिनेट सदस्य पारदर्शिता और समय बचाने के लिए इस नए सिस्टम का पूरा इस्तेमाल करेंगे. शुरुआत में, कैबिनेट बैठक का एजेंडा फिजिकल और डिजिटल दोनों फॉर्मेट में भेजा जाएगा और बाद में, इसे पूरी तरह से डिजिटल रूप से भेजा जाएगा. पेपरलेस होगी एमपी की मोहन कैबिनेट मंत्रिमंडल के सदस्यों को टैब से लैश करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  मंत्रिमंडल के सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि, 'मध्य प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस पहल में ‘ई-कैबिनेट' ऐप भी शामिल है. उन्होंने कहा कि ‘ई-कैबिनेट' आवेदन के संबंध में संबंधित लोगों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है. इससे कागज की खपत और फोल्डर वितरण की आवश्यकता समाप्त होगी। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि वर्ष 1960 से अब तक के कैबिनेट के सभी निर्णयों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों के निर्णय एक क्लिक पर उपलब्ध हैं। बैठक के अंत में मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग और ई-कैबिनेट एप्लीकेशन की कार्यप्रणाली से संबंधित प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।  ‘ई-कैबिनेट' ऐप पर होगी कैबिनेट मीटिंग बकौल सीएम,, 'ई-कैबिनेट ऐप एक आधुनिक, कागज रहित, सुरक्षित और गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रिपरिषद कभी भी, कहीं भी अपनी सुविधानुसार इस्तेमाल कर सकती है. ई-कैबिनेट ऐप मंत्रिमंडल के एजेंडे को देखने और पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा करने की सुविधा प्रदान करेगा. मध्य प्रदेश की मौजूदा मोहन सरकार में कुल 31 मंत्री हैं. सभी मंत्रियों को ई-कैबिनेट ऐप के बारे में जानकारी दी गई. ई-कैबिनेट ऐप मंत्रिमंडल के एजेंडे को देखने और पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा करने की सुविधा प्रदान करेगा. कैबिनेट का एजेंडा डिजिटल भेजा जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मंत्रिमंडल के सदस्य पारदर्शिता और समय बचाने के लिए नई प्रणाली का पूरी तरह से उपयोग करेंगे. एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में मंत्रिमंडल की बैठक का एजेंडा भौतिक और डिजिटल दोनों प्रारूपों में भेजा जाएगा और बाद में, इसे पूरी तरह से डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा. डिजिटलाइज्ड किए गए मंत्रिमंडल के फैसले राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि 1960 के बाद से लिए गए मंत्रिमंडल के फैसलों को डिजिटल कर दिया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक के अंत में एक प्रस्तुति में मंत्रियों को टैबलेट के इस्तेमाल के उद्देश्य, उनकी व्यापक उपयोगिता और उनकी कार्यक्षमता के बारे में बुनियादी जानकारी दी गई. उन्होंने कहा कि इस पेपरलेस सिस्टम – ई-कैबिनेट एप्लिकेशन – की शुरुआत से फिजिकल फोल्डर बांटने, कागज और समय की बचत होगी. राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि 1960 से लिए गए कैबिनेट फैसलों को डिजिटाइज किया गया है. पिछले दो सालों के कैबिनेट फैसलों को एक क्लिक से देखा जा सकता है. एक अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट बैठक के आखिर में, एक प्रेजेंटेशन के जरिए मंत्रियों को टैबलेट के इस्तेमाल के मकसद, उनकी पूरी उपयोगिता और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में बेसिक जानकारी दी गई. बता दें कि मध्य प्रदेश में कुल 31 मंत्री हैं.