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लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण लोकपथ 2.0 का हुआ लोकार्पण

लोक निर्माण विभाग, लोक अर्थात जनता और निर्माण अर्थात सृजन से जन-जन की सेवा के संकल्प को कर रहा है साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण लोकपथ 2.0 का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की सराहना लोक निर्माण केवल सड़कें नहीं, प्रदेश की गति और विकास की है रीढ़ : मंत्री सिंह मुख्यमंत्री की पहल पर इंजीनियर्स के लिए आधुनिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की कल्पना हो रही साकार मुख्यमंत्री कैपेसिटी ने बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026 का किया विमोचन 2 वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर केन्द्रित पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंजीनियरर्स की क्षमता के आधार पर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न देख रहे हैं। लोक निर्माण विभाग अपने नाम के अनुरूप लोक अर्थात जनता और निर्माण अर्थात सृजन से राज्य के जन-जन की सेवा के संकल्प को साकार कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक राजनेता होने के साथ सन्यासी भाव से भारत की प्रगति और क्षमता निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। लोक निर्माण विभाग में विकास कार्यों को नई ऊंचाइयां देने की क्षमता है। भगवान श्रीराम के काल में नल और नील ने समुद्र पर पुल निर्माण करने की तकनीक खोज ली थी। लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे। भगवान विश्वकर्मा ने पुष्पक विमान बनाया, जिसमें सभी को समाहित करने की क्षमता थी। यह सभी को विकास और कल्याण में साथ लेकर चलने के भाव की अभिव्यक्ति थी। वर्तमान में भी सभी की सुविधा और जीवन में सभी को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही निर्माण कार्य जारी हैं। मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग नई तकनीक और समय का सदुपयोग करते हुए अधोसंरचना विकास कार्यों को गति प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लोक निर्माण विभाग के नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण-सत्र को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। लोकपथा ऐप का उन्नत संस्करण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने में करेगा मदद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथय में लोक निर्माण से लोक कल्याण की भावना को साकार करने वाले इस कार्यक्रम के आरंभ में वंदे मातरम का सामूहिक गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर जनजातीय कलाकारों द्वारा परम्परागत वाद्य यंत्रों पर मंगल गान के साथ उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंगवस्त्रम, सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा तथा तुलसी का पौधा भेंटकर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा अभियंताओं के प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और आधुनिक परियोजना प्रबंधन में मार्गदर्शन के लिए विकसित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क 2026 का विमोचन, लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण – लोकपथ 2.0 का लोकार्पण किया। यह ऐप सड़क रखरखाव की निगरानी, नागरिक शिकायतों के त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा तथा सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जैसी सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को एक समग्र, उपयोगकर्ता-अनुकूल और आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ ही प्रोजेक्ट-फाइनेंशियल और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट भी शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत 2 वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया। इसमें डिजिटल समाधान, गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, नई निर्माण तकनीकों और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों की झलक प्रस्तुत की गई है। कार्यक्रम में कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क, लोक पथ 2.0 एप और विभाग की गत 2 वर्ष की गतिविधियों पर केंद्रित पुस्तक पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। मैनेजमेंट एक्सपर्ट डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने तकनीकी प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट पर केन्द्रित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क का प्रस्तुतिकरण दिया। लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय परंपरा में तकनीक, ज्ञान और नवाचार का समृद्ध इतिहास रहा है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और सांस्कृतिक उदाहरण यह सिखाते हैं कि सामूहिक क्षमता, बुद्धि और समर्पण से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसी भाव के साथ आज के अभियंता आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बना रहे हैं। देश के इंजीनियर मुंबई में समुद्र पर ब्रिज, पहाड़ों के बीच से टनल और हाई-वे का निर्माण कर रहे हैं, जो तकनीक और निर्माण प्रक्रिया की दृष्टि से विश्व स्तरीय है। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुसार लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए है। सड़क, पुल, भवन और अन्य संरचनाएँ जब गुणवत्ता, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ बनती हैं, तो वे जन-जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाती हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अपनाए जा रहे नवाचार, आधुनिक तकनीक और कार्यों की गति इस बात का प्रमाण हैं कि लोक निर्माण विभाग नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण – मंत्री सिंह लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग केवल सड़कें, पुल और भवनों का निर्माण करने वाला विभाग नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की गति, दिशा और विकास की रीढ़ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग ने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की अवधारणा को व्यवहारिक धरातल पर उतारते हुए अधोसंरचना विकास को जन-जीवन से सीधे जोड़ा है। विभाग द्वारा बनाई गई सड़कें किसानों को मंडियों से, बच्चों को शिक्षा से, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से और उद्योगों को निवेश के अवसरों से जोड़ती हैं। यही कारण है कि देश के सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल लोक निर्माण विभाग में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। अगले दो वर्षों में प्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश के सबसे दक्ष इंजीनियरों का होगा समूह लोक निर्माण मंत्री सिंह ने कहा कि … Read more

सीएम योगी की चेतावनी: ‘हिंदू एक नहीं हुए तो सर्वनाश, बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती है’

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश में हो हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा को लेकर इशारों में विपक्षी दलों पर बड़ा हमला बोला। प्रयागराज में जगदगुरु रामानंदाचार्य की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हिंदुओं को बांटने की कोशिश हो रही है। जाति, मत, संप्रदाय के नाम पर विभाजन उसी तरह हम लोगो के लिए सर्वनाश का कारण बन जाएगा, जैसे बांग्लादेश में हम देख रहे हैं। बांग्लादेश के अंदर जो हो रहा है, उस पर कोई बोल नहीं रहा है। सेक्यूलरिज्म के नाम पर ठेका लेकर चलने वाले लोग चुप हैं। इन लोगों ने हिंदू धर्म को तोड़ने और बांटने की पूरी ताकत लगा दी है। सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश की घटना पर इनका (विपक्ष का) मुंह बंद है। ऐसा लगता है किसी ने इनके मुंह पर फेविकोल चिपका दिया है। ऐसे लगता है कोई टेप इनके मुंह पर चिपक चुका है। बांग्लादेश की घटना को लेकर इनके द्वारा कोई कैंडल मार्च नहीं निकाला जा रहा है। यह हम सब लोगों के लिए चेतावनी भी है। सीएम योगी ने कहा कि हिंदुओं को बांटने वाले और तोड़ने वाले लोगों को पनपने न दें। इन लोगों को किसी भी स्थिति में आगे नहीं बढ़ने देना है। इन सब संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे तो आने वाला समय सनातन धर्म का ही होगा। पूरी दुनिया के अंदर सनातन झंडा दिखाई देगा। तब कोई बांग्लादेश में हिंदू को काटने का दुस्साहस नहीं कर पाएगा। कहा कि हमारा संत समाज जब एक मंच पर आकर उद्घोष करता है तो परिणाम भी आता है। अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण संतों की साधना और तप का ही परिणाम है। उन्हें मौका मिला तो दंगों की आड़ में झुलसाएंगे सीएम योगी ने कहा कि मोदी जी पहले पीएम हैं जो राम मंदिर दर्शन करने के लिए गए। राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी गए। मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद सनातन धर्म की ध्वजा पताका को भी फहराया। जो लोग आज भी आपको बांट रहे हैं। ये आपके हितैषी नहीं हो सकते हैं। कभी नहीं होंगे। ये वही लोग हैं जो सत्ता में थे तो परिवार को देखते थे। आज तमाम तरह के नारे देंगे, लेकिन इनको जब भी मौका मिलेगा ये वही करेंगे जो पहले किया था। सनातन धर्म पर प्रहार करेंगे। दंगों की आड़ में फिर से लोगों को झुलसाएंगे।

जयपुर में रोबोटिक डॉग्स की एंट्री, सड़कों पर दिखी इनकी खासियतें, जानें इनका नाम

जयपुर सेना दिवस 2026 की मुख्य परेड जयपुर में 15 जनवरी होगी। इस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल चल रही है। जयपुर की सड़कों पर इन दिनों फौजी बूटों की धमक के साथ-साथ एक और आवाज़ सुनाई दे रही है – लोहे के पैरों की खनक। इस लोहे के रोबोटिक डॉग्स को जो भी देख रहा है वो दंग रह जा रहा है। आखिर ये है क्या चीज? भारतीय सेना ने अपनी सबसे एडवांस तकनीक यानी 'रोबोटिक डॉग्स' को जयपुर की परेड में भी उतारा है। इस 'रोबोटिक डॉग्स' को देखने वालों की सांसें थम जाती हैं। आखिर ये क्या बला है। क्या है इस रोबोटिक डॉग्स की खासियत? ये महज़ खिलौने हैं या फिर जंग के मैदान में पासा पलटने वाले आधुनिक हथियार? आइए जानते हैं रोबोटिक डॉग्स, मल्टी यूटीलिटी लेगी इक्विपमेंट (MULE) की खासियत? रोबोटिक डॉग्स या खच्चर रोचक बात है कि नए रोबोटिक डॉग्स का नाम म्यूल क्यों रखा गया है। नए रोबोटिक डॉग्स को तकनीकी भाषा में MULE यानी Multi-Utility Legged Equipment कहा जाता है। सेना में सामान ढोने के लिए खच्चर का प्रयोग किया जाता है। खच्चर को अंग्रेजी में म्यूल कहते हैं। सामान्यतौर पर इसका भी थोड़ा बहुत इसी प्रकार का उपयोग है। इसका चीन, अमेरिका में भी प्रयोग होता है। सेना ने रोबोटिक डॉग्स का नाम रखा है 'संजय' रोबोटिक डॉग्स यानि म्यूल की खासियतें जानकर चौंक जाएंगे। एकबारगी तो आपको विश्वास नहीं होगा। सेना ने बहुत प्यार से रोबोटिक डॉग्स का नाम 'संजय' रखा है। इनका वजन करीब 51 किलोग्राम है और ये दिखने में किसी खूंखार शिकारी कुत्ते जैसे लगते हैं। लेकिन इनकी असली ताकत इनके अंदर छिपी 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' में है। इनको दिल्ली की एरोआर्क कंपनी ने विकसित किया है। ये रोबोटिक डॉग्स एक बार में चार्ज होने के बाद 20 घंटे तक लगातार काम कर सकते हैं। इनमें NVIDIA के ग्राफिग कार्ड्स लगाए गए हैं। इन्हें रिमोट से तो ऑपरेट किया ही जा सकता है। ये ऑटोमैटिक रूप से भी काम करते हैं। रोबोटिक डॉग्स की खासियतें ये रोबोटिक डॉग्स -40°C की हाड़ कंपाने वाली ठंड से लेकर 55°C की चिलचिलाती धूप में भी काम कर सकते हैं। ये 3 मीटर प्रति सेकंड की रफ़्तार से भाग सकते हैं। ऊबड़-खाबड़ पहाड़, गहरी खाइयां या शहर की संकरी सीढ़ियां, इनके लिए चुटकियों का खेल है। इनके चेहरे पर लगे हाई-डेफिनिशन थर्मल कैमरे और LiDAR सेंसर रात के अंधेरे में भी दुश्मन को पहचान लेते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन रोबोट्स पर हल्के हथियार (Small Arms) फिट किए जा सकते हैं। ये करीब 12 से 15 किलो तक का बारूद, खाना या दवाइयां अग्रिम चौकियों तक पहुंचा सकते हैं, जहां इंसान का पहुंचना मुश्किल होता है। इन्हें वाई-फाई या LTE के जरिए 10 किमी दूर बैठकर भी कंट्रोल किया जा सकता है। यानी अब आतंकी ठिकानों या संकरी गलियों में घुसने के लिए हमारे जवानों को जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं होगी, ये रोबोटिक डॉग्स खुद मोर्चा संभालेंगे। फिलहाल ये रोबोटिक डॉग्स जयपुर के जगतपुरा और महल रोड पर रिहर्सल के दौरान लोगों के लिए कौतूहल का विषय बने हुए हैं। ये पूरी तरह से 'आत्मनिर्भर भारत' की तस्वीर पेश करते हैं। 15 जनवरी को आर्मी डे परेड देखने जरूरी जाएं तो 15 जनवरी को जब आप आर्मी डे परेड देखने पहुंचेंगे, तो इन आधुनिक योद्धाओं का स्वागत तालियों के साथ ज़रूर कीजिएगा। तकनीक और साहस का यह मेल बताता है कि भारतीय सेना अब केवल जज़्बे से ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बेहतरीन टेक्नोलॉजी से भी लैस है। देश में दिल्ली से बाहर सेना दिवस परेड की मेजबानी करने वाला जयपुर, बेंगलूरू, लखनऊ और पुणे के बाद चौथा शहर है।

झारखंड में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से बालिकाओं की पढ़ाई को मिला बल

रांची. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में सम्मिलित सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत अब तक 104.65 करोड़ रुपये का भुगतान लाभुक बालिकाओं के बीच हो चुका है। राज्य की हर बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊंचाइयों तक पहुंचने के सभी अवसर मिले, इस उद्देश्य के साथ यह योजना वर्ष 2022-23 में की गई थी। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध ढंग से 40 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि किशोरी ड्राप आउट न हो तथा उसकी पढ़ाई जारी रहे। इस योजना का लाभ लेने के लिए इस वर्ष आवेदन की आनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है। आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा की सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से इस योजना का लाभ लेने के लिए सावित्रीबाईपीकेएसवाइ डाट झारखंड डाट इन पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं। अब तक 6,07,467 बालिकाओं ने इसका लाभ लेने के लिए आवेदन किया है, जिनमें 2,78,463 बालिकाओं को 104.65 लाख से अधिक राशि भुगतान किया जा चुका है। शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अब तक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15,007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालयों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को समय पर निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सीडीपीओ या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक से संपर्क किया जा सकता है।

बीकानेर में बोर्ड एग्जाम से पहले 4394 लेक्चरर के तबादले, शिक्षा विभाग ने दो चरणों में की ट्रांसफर लिस्ट जारी

बीकानेर  राजस्थान में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू होने में एक माह का समय बचा है, लेकिन उस से पहले ही शिक्षा विभाग ने तबादलों की झड़ी लगा दी है। शनिवार के दिन 4,394 लेक्चररों के ट्रांसफर कर दिए गए। करीब सुबह 7:30 बजे 1,644 हिन्दी लेक्चररों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई। इसके कुछ ही समय बाद अन्य विषयों के 2,750 लेक्चररों की ट्रांसफर लिस्ट जारी कर दी गई। अभी और ट्रांसफर लिस्ट आने की संभावना विभागीय सूत्रों के मुताबिक अभी अन्य ट्रांसफर लिस्ट भी जारी की जा सकती हैं। इनमें बड़ी संख्या में लेक्चररों की अदला-बदली की जा सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले स्कूलों के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती हैं।  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की 10वीं और 12वीं कक्षायों की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार ये परीक्षाएं मार्च के बजाय फ़रवरी में करवाई जा रही हैं, लेकिन पाठ्यक्रम में कोई कटौती नहीं की गई है। ऐसे में छात्र पहले से ही समय की कमी से जूझ रहे थे। इस पर ये तबादलें छात्रओ की पढ़ाई पर  असर डाल सकते हैं। सर्दी में भी छुट्टी नहीं सर्दी के मौसम में भी दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की छुट्टी नहीं की गई है। इसके बावजूद कई स्कूलों में उपस्थिति कम बनी हुई है। ऐसे समय में  लेक्चररों के तबादले होने से छात्रों की बोर्ड परीक्षा तैयारी पर सीधा असर पड़ेगा।      इन जिलों में ज्यादा तबादले     जारी आदेश के अनुसार सबसे अधिक तबादले जयपुर जिले में किए गए हैं, जहां 25 से अधिक वाइस प्रिंसिपल और समकक्ष अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। बीकानेर जिले से 10 से ज्यादा, चूरू से 8 से अधिक और नागौर से करीब 12 तबादले हुए हैं। इसी तरह अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, उदयपुर, टोंक, सीकर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, बूंदी और भरतपुर जैसे जिलों में भी 4 से 8 के बीच तबादले किए गए हैं। कई जिलों में यह तबादले एक ही जिले के भीतर, तो कई में एक जिले से दूसरे जिले में किए गए हैं। प्रिंसिपलों के भी हुए थे तबादले माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बोर्ड परीक्षाओं से ठीक पहले 400 से अधिक प्रिंसिपलों के तबादले किए थे। ये तबादले एक साथ नहीं, बल्कि चार अलग-अलग ट्रांसफर लिस्ट जारी कर किए गए थे, जिससे कई स्कूलों में लगातार प्रशासनिक अस्थिरता बनी रही। परीक्षा ड्यूटी पर असर बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर लेक्चररों की ड्यूटी लगाई जाती है। बड़ी संख्या में तबादलों के चलते परीक्षा ड्यूटी का समुचित प्रबंधन करना विभाग के लिए एक चुनौती बन सकता है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से स्कूलों में असमंजस की स्थिति बनी हुई हैं। 

चतरा के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का बदल गया स्थान

रांची/चतरा. मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट अब इटखोरी में लगाया जाएगा। पूर्व में इस प्रोजेक्ट को सदर प्रखंड के लक्षणपुर गांव स्थित भेड़-बकरा प्रजनन प्रक्षेत्र की भूखंड पर स्थापित करने की योजना थी, लेकिन झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादन महासंघ की तकनीकी टीम ने इटखोरी प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि फार्म की जमीन को उपयुक्त बताया है। कृषि फार्म की 10 एकड़ भूमि पर प्लांट की स्थापना की जाएगी। प्लांट स्थापना के लिए जमीन की अनापत्ति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादन महासंघ के प्रबंध निदेशक जयदेव बिस्वास ने 26 सितंबर 2025 को उपायुक्त कीर्तिश्री जी को पत्र लिख कर एनओसी की मांग की थी। प्रबंध निदेशक की इस मांग पर एनओसी की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उसके बाद तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करते हुए विस्तृत परियोजना प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। जिले में दूध उत्पादन, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी और महत्वाकांक्षी पहल की है। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की राशि से अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्लांट की स्थापना लंबे समय से लंबित है। करीब तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन उपायुक्त अबु इमरान इस दिशा में पहल की थी। लेकिन सफल नहीं हो पाए थे। उसके बाद उनका स्थानांतरण हो गया। उनके स्थान पर रमेश घोलप यहां के उपायुक्त बने थे। लेकिन उन्होंने प्लांट स्थापना की दिशा में कोई रूचि नहीं दिखाई थी। वर्तमान उपायुक्त कीर्तिश्री जी प्रस्तावित परियोजना को जमीन पर उतारने को लेकर झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ लिमिटेड और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ पत्राचार कर पुनर्जीवित किया। जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस साल के अंत तक प्लांट प्रारंभ हो जाए। NDDB होगी क्रियान्वयन एजेंसी हाल के महीनों में झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ लिमिटेड और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की संयुक्त तकनीकी टीम ने इटखोरी स्थित कृषि फार्म का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भूमि की उपलब्धता, परिवहन सुविधा, आसपास के बाजार और दूध उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए टीम ने इसे इटखोरी का चयन किया है। डेयरी प्लांट का क्रियान्वयन एजेंसी नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) होगी। 50 हजार लीटर क्षमता का प्लांट मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की क्षमता 50 हजार लीटर प्रतिदिन की है। तकनीकी टीम ने प्रस्तावित डेयरी प्लांट की क्षमता लिए पूरी तरह उपयुक्त बताया है। इटखोर में प्लांट की स्थापना होने से न सिर्फ चतरा, बल्कि हजारीबाग, बरही और चौपारण जैसे आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में विपणन योग्य अधिशेष दूध उपलब्ध है, जिसका समुचित उपयोग इस प्लांट के माध्यम से किया जा सकेगा। NOC की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जिला प्रशासन का लक्ष्य इस साल के अंत तक प्लांट की स्थापना है। उस दिशा में तीव्र गति से काम चल रहा है। स्थल का चयन पूर्व में लक्षणपुर गांव में किया गया था। लेकिन झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ लिमिटेड और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की संयुक्त तकनीकी टीम ने इटखोरी स्थित कृषि फार्म की जमीन को उपयुक्त बताया है। -कीर्तिश्री जी, डीसी, चतरा।

विजिलेंस के काम में रुकावट डालने पर मजीठिया का नौकर गिरफ्तार

जालंधर/चंडीगढ़. विजिलेंस ब्यूरो के कामकाज में दखलअंदाजी व रुकावट डालने के आरोपों में आज पुलिस ने अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के सेवादार दविन्द्र वेरका को गिरफ्तार कर लिया है। 25 जून को पिछले वर्ष जब मजीठिया के आवास पर छापा मारा गया था तो उस समय विजिलेंस ब्यूरो ने आरोप लगाया था कि सेवादार दविन्द्र वेरका ने रुकावट डालने का प्रयास किया था। पुलिस ने दविन्द्र वेरका का अदालत से 2 दिनों का पुलिस रिमांड भी ले लिया है। संभवत: पुलिस द्वारा दविन्द्र वेरका से भी मजीठिया के संदर्भ में पूछताछ की जा सकती है। दविन्द्र वेरका को अमृतसर के सिविल लाइन पुलिस थाने में बंद किया गया है। यह भी हो सकता है कि उसे मोहाली के विजिलेंस ब्यूरो के कार्यालय में ले जाया जा सकता है। दविन्द्र वेरका काफी वर्षों से मजीठिया के आवास पर काम कर रहे थे।

झारखंड कैबिनेट ने 18 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र को दी मंजूरी

रांची. राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 फरवरी से 19 मार्च तक विधानसभा का बजट सत्र चलाने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दावोस और लंदन दौरे के लिए होने वाले खर्च की उद्योग विभाग को मंजूरी दी गई। महीने भर चलने वाले बजट सत्र में 24 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। 9 से 18 मार्च तक आय व्यय की अनुदान मांगों पर वाद विवाद होगा। कैबिनेट से मिली स्वीकृति के बाद राज्य के दस पंचायतों में नारी अदालत योजना चलाई जाएगी। राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना में भी संशोधन किया गया है। अब इस योजना में आने वाले स्वास्थ्य कर्मी एडवांस के तौर पर पांच लाख रुपए ले सकेंगे। इसके अलावा देश के 13 बड़े अस्पतालों में सीजीएचएस दर से अधिक दर पर भी राज्य कर्मी इलाज करा सकेंगे। शामिल किए गए अस्पतालों में सीएमसी वेल्लोर, अपोलो और मेदांता जैसे अस्पताल शामिल हैं। विधायकों और पूर्व विधायकों के लिए इस योजना में शामिल होने को स्वैच्छिक किया गया है। डीजीपी नियुक्ति नियमावली में संशोधन को मंजूरी राज्य कैबिनेट ने बैठक में डीजीपी नियुक्ति नियमावली-2025 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके अलावा राज्य के 606 थानों में 8 हजार 854 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट क निर्देश के बाद जैप आइटी ने इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना दी है जिसे मंजूरी दी गई। 10 पंचायतों में बनेगी नारी अदालत महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के प्रस्ताव पर स्वीकृति देते हुए राज्य मंत्रिपरिषद ने 10 पंचायतों में प्रथम चरण में नारी अदालत लगाने की स्वीकृति दी है। पहले वर्ष इन अदालतों में महिला अधिकारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसमें 7 से 11 सदस्यीय महिलाओं का समूह बनाया जाएगा। यह समूह सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक मामलों में महिलाओं की समस्या का समाधान करेगा। रांची जिले के नामकुम प्रखंड में रामपुर में यह अदालत लगाया जाएगा। कैबिनेट के अन्य निर्णय – पलामू जिले में रोड ओवर ब्रिज के निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिस पर 114 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बोकारो जिले के जैनामोड़ से फुसरो तक सड़क निर्माण के लिए 157 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई। झारखंड विधि आयोग के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में पदों के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई। रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में भी पदों के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। झारखंड मिल्क फेडरेशन के अंतर्गत सरायकेला जिले में एक नया डेयरी प्लांट स्थापित किया जाएगा। नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्रबंधन एवं संचालन से संबंधित नियमावली को मंजूरी दी गई। अब जमशेदपुर के बालीगुमा की जगह सरायकेला के तीतर बेला में खुलेगा डेयरी प्लांट।

नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाने की ऐतिहासिक पहल

हैक & मेक 2026 नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल भोपाल में भारत की पहली ट्राई-ट्रैक नवाचार प्रतियोगिता ‘हैक & मेक’ 2026 का आयोजन भोपाल  भोपाल में ‘हैक & मेक’ 2026 का आयोजन भोपाल के जहांनुमा पैलेस होटल में 11-12 जनवरी को किया जायेगा। भारत की पहली राज्य-स्तरीय ट्राई-ट्रैक नवाचार का यह अभिनव आयोजन सॉफ्टवेयर विकास, हार्डवेयर प्रोटोटाइपिंग और निर्यात–व्यापार समाधान के क्षेत्रों में एक साथ क्रियान्वयन-आधारित नवाचार को बढ़ावा देगा। मध्यप्रदेश शासन की यह पहल पारंपरिक हैकथॉन से आगे बढ़ते हुए प्रतिभागियों के समक्ष कार्यान्वयन-केन्द्रित मॉडल बनाने की चुनौती प्रस्तुत करती है। प्रतियोगिता में चयनित सॉल्युशंस को वास्तविक धरातल पर लागू करने के लिये अवसर उपलब्ध कराए जायेंगे। ‘हैक & मेक’ 2026 का पुरस्कार वितरण समारोह रवींद्र भवन, भोपाल में होगा। विजेता टीमों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विजेता टीमों को सम्मान पत्र और नगद पुरस्कार, 12 माह तक शासकीय इन्क्यूबेशन सुविधाएँ, GeM के माध्यम से सरकारी खरीद हेतु फास्ट-ट्रैक पंजीकरण, विभागों के साथ पायलट क्रियान्वयन, निवेशक नेटवर्किंग, रेग्युलेटरी एक्जिक्यूशन और बाज़ार पहुँच के लिये 12 माह की सतत मेंटरशिप भी ऑफर करेंगे। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य कश्यप, सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे। आयोजन में देश की सुप्रसिद्ध कंपनी ‘बोट’ के सह-संस्थापक श्री अमन गुप्ता प्रतिभागियों के साथ विशेष संवाद करेंगे। संवाद सत्र में श्री गुप्ता उद्यमिता, उत्पाद नवाचार, विपणन रणनीतियाँ और स्टार्टअप विस्तार की चुनौतियों के संबंध में अपने अनुभव साझा करेंगे। ‘हैक & मेक’ 2026 का3 आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, मध्यप्रदेश शासन; IM Global और FICCI के संयुक्त रूप से कर रहे हैं। ‘हैक & मेक’ 2026 को देशभर से अत्यंत उत्साहजनक फीडबैक मिला है। इसमें 500 से अधिक टीमों ने पंजीकरण कराया है और 1,500 से अधिक प्रतिभागी प्रतियोगिता में शामिल होंगे। कड़ी प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद 90 टीमें (प्रत्येक ट्रैक से 30) शॉर्टलिस्ट की गई हैं। इन टीमों के लिए 11 जनवरी 2026 को जहाँनुमा पैलेस होटल में 12 घंटे की ट्राई-ट्रैक नवाचार स्प्रिंट आयोजित की जाएगी। प्रातः कालीन सत्र में ट्राई-ट्रैक स्प्रिंट–1 इस चरण में टीमें अपने विचारों को संरचित डिज़ाइन में बदलते हुए विकास कार्य आरंभ करेंगी। मेंटर रोटेशन के माध्यम से तकनीकी व्यवहार्यता, बाज़ार-तैयारी, नियामक अनुपालन और व्यवसाय मॉडल पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाएगा। जूरी नवाचार, समस्या-समाधान और विस्तार क्षमता का आकलन करेगी। दोपहर सत्र में स्प्रिंट–2 इस चरण में बिल्ड-इट (क्रियाशील हार्डवेयर प्रोटोटाइप), कोड-इट (कार्यशील सॉफ्टवेयर डेमो) और शिप-इट (डिजिटल प्लेटफॉर्म मॉक-अप और क्रियान्वयन रोडमैप) तैयार कराये जायेंगे। यहां निष्पादन क्षमता, समाधान की कार्यशीलता और बाज़ार-प्रवेश तैयारी का मूल्यांकन होगा। अंतिम पिचिंग राउंड दोनों स्प्रिंट चरणों के संयुक्त मूल्यांकन के आधार पर प्रत्येक ट्रैक से शीर्ष 5 टीमें (कुल 15) अंतिम पिचिंग राउंड के लिए चुनी जाएँगी। जूरी के समक्ष प्रस्तुति में नवाचार, व्यवहार्यता, बाज़ार संभावनाएँ, विस्तार क्षमता और राज्य की विकास प्राथमिकताओं से सामंजस्य जैसे मापदंडों पर इनका मूल्यांकन किया जायेगा। भारत का पहला निर्यात एवं ‘ओडीओपी’ आधारित ट्राई-ट्रैक हैकथॉन शिप-इट ट्रैक के माध्यम से पहली बार किसी हैकथॉन में निर्यात और व्यापार सुविधा पर केंद्रित पृथक ट्रैक शामिल किया गया है, जो मध्यप्रदेश के एक जिला–एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत 55 जिलों के कारीगरों, बुनकरों और एमएसएमई उद्यमियों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने वाले डिजिटल सॉल्यूशंस विकसित करेगा। विजेता सॉल्यूशंस को विभागों के माध्यम से उपयोग में लाया जायेगा। इसके लिये GeM पोर्टल पर फास्ट-ट्रैक पंजीकरण, इन्क्यूबेशन, पायलट परियोजना अवसर और 12 माह की पोस्ट-इवेंट मेंटरशिप की सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। सशक्त उद्योग सहभागिता और नेटवर्किंग राष्ट्रीय ब्रांड्स और विशेषज्ञों की उपस्थिति प्रतिभागियों को वास्तविक व्यावसायिक अनुभव से सीखने का मंच उपलब्ध कराया जायेगा।  

ओवैसी का बयान- हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, नितेश राणे ने कहा- कोई चांस नहीं

 सोलापुर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सोलापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक प्रावधानों की तुलना करते हुए समान नागरिक अधिकारों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर देता है, जबकि पाकिस्तान के संविधान में प्रधानमंत्री पद के लिए धार्मिक शर्तें तय की गई हैं. ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में साफ तौर पर लिखा है कि केवल एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है लेकिन बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारत के संविधान में यह स्पष्ट है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है. उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया. ओवैसी ने युवाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की और कहा कि शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता के माध्यम से ही सामाजिक बदलाव संभव है. उन्होंने यह भी कहा कि देश की विविधता ही उसकी पहचान है और इसे कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत बनाने की जरूरत है. ओवैसी ने कहा कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है.  भाजपा ने ओवैसी के बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया इस बीच, ओवैसी के बयान पर सियासी विवाद भी तेज हो गया है. ओवैसी के इस बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीतीश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी. राणे ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और यहां हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं प्रधानमंत्री या मुंबई की मेयर नहीं बनेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे पदों की आकांक्षा रखते हैं उन्हें इस्लामिक देशों में जाना चाहिए.  नीतीश राणे की टिप्पणी पर AIMIM नेता वारिस पठान ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत संविधान से चलता है न कि किसी की व्यक्तिगत सोच से. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, राज्यपाल या मेयर बन सकता है. पठान ने कहा कि ओवैसी के बयान में कुछ भी गलत नहीं है और AIMIM किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं है. इस बीच, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी ओवैसी की आलोचना की. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर संविधान की बात करते हैं तो पहले AIMIM में किसी पसमांदा या हिजाब पहनने वाली महिला को पार्टी अध्यक्ष बनाकर दिखाएं.  बता दें, ये विवाद ऐसे समय सामने आया है जब मुंबई नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है. हाल ही में न्यूयॉर्क में दक्षिण एशियाई मूल के मुस्लिम नेता जोहरान ममदानी की मेयर चुनाव में जीत के बाद, मुंबई बीजेपी प्रमुख अमित सातम के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी विवाद को जन्म दिया था. सातम ने कहा था कि मुंबई में किसी खान को मेयर नहीं बनने दिया जाएगा जिसे लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई थी.  हिजाब पहनने वाली बेटी बनेगी देश की प्रधानमंत्री: ओवैसी AIMIM प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि उनका सपना है कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने. उन्होंने कहा कि यह सपना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस संविधान की भावना का प्रतीक है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है. ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान धर्म, जाति और पहनावे के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव की अनुमति नहीं देता.  असदुद्दीन ओवैसी ने क्या गलत कहा- वारिस पठान नीतीश राणे के बयान पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा, “भारत का संविधान इस देश को शासित करता है और इसके अनुसार कोई भी प्रधानमंत्री, राज्यपाल या महापौर बन सकता है।” उन्होंने (असदुद्दीन ओवैसी ने) क्या गलत कहा? उन्होंने कहा कि हमारी यही इच्छा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बने। जो मुझे धमकी दे रहा है, वह मुझे बताए कि मुझे कहां आना चाहिए? हम उनकी धमकियों से नहीं डरते।