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वाशिंगटन सुंदर की चोट पर केएल राहुल का बयान, बोले– मुझे अंदाजा नहीं था

वडोदरा भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए पहले वनडे मैच को 4 विकेट से जीत लिया। विजयी शॉट केएल राहुल के बल्ले से निकला। वह 29 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके साथ वाशिंगटन सुंदर भी 7 रन बनाकर नाबाद लौटे। मैच के बाद केएल राहुल ने कहा कि मुझे वाशिंगटन सुंदर की इंजरी की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। मैच के बाद केएल राहुल ने कहा कि वाशिंगटन सुंदर पहली पारी के दौरान इंजर्ड हुए थे, इसकी जानकारी तो मुझे थी, लेकिन उनकी इंजरी गंभीर है और उन्हें दौड़ने में परेशानी है, ये मुझे तब पता चला जब वे बल्लेबाजी के लिए आए। सुंदर को रन के लिए विकेटों के बीच दौड़ने में दिक्कत हो रही थी। राहुल ने सुंदर की तारीफ करते हुए कहा कि इंजरी के बावजूद वह गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा था और स्ट्राइक बदलते हुए अपना काम कर रहा था। वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड की पारी के दौरान गेंदबाजी करते हुए इंजर्ड हो गए थे। उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा था। इंजरी की वजह से ही उनसे पहले बल्लेबाजी के लिए हर्षित राणा को भेजा गया था। सुंदर की इंजरी पर कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि स्कैन के बाद ही इंजरी की गंभीरता का पता चल सकता है। जानकारी के मुताबिक सुंदर को साइड स्ट्रेन इंजरी हुई है। वाशिंगटन सुंदर की इंजरी ज्यादा गंभीर हुई तो टीम इंडिया की मुसीबत बढ़ सकती है। सुंदर टी20 विश्व कप 2026 की टीम का हिस्सा हैं। मैच की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। न्यूजीलैंड ने 8 विकेट पर 300 रन बनाए थे। भारतीय टीम ने 49 ओवर में 6 विकेट पर 306 रन बनाकर मैच 4 विकेट से जीत लिया। 93 रन बनाने वाले विराट कोहली प्लेयर ऑफ द मैच रहे।  

शिक्षा राज़्यमंत्री मदन दिलावर से शहर के प्रबुद्धजनों ने की शिष्टाचार भेंट’

जयपुर. दो दिवसीय जोधपुर प्रवास पर आए राजस्थान सरकार के शिक्षा (विद्यालयी/ संस्कृत) एवं पंचायती राज मंत्री तथा जोधपुर जिले के प्रभारी मंत्री मदन दिलावर से सोमवार को शहर के प्रबुद्धजनों ने सर्किट हाउस में शिष्टाचार भेंट की।  जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. वीरेंद्र सिंह जैतावत तथा राजस्थान ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष मुकेश भारतीय ने सर्किट हाउस पहुंचकर प्रभारी मंत्री मदन दिलावर से मुलाकात की तथा उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। भेंट के दौरान कुलगुरु डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कृषि विश्वविद्यालय से संबंधित विषयों पर चर्चा की, वहीं मंत्री दिलावर ने विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर अन्य गणमान्य नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभारी मंत्री से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं।

सफेद बाल उखाड़ने का सच: फैलते हैं या नहीं? एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं और बाल काले करने के देसी नुस्खे

आजकल लोग कई तरह की समस्या का शिकार होने लगे हैं। सेहत से लेकर स्किन और बालों तक की समस्याएं इन दिनों लोगों के लिए परेशानी की वजह बनी हुई है। इन्हीं में से एक बालों का असमय सफेद होना है। बदलती लाइफस्टाइल और खानपान में लापरवाही अक्सर सफेद बालों की वजह बनते हैं। सफेद बालों के नजर आते ही कई लोग इन्हें तोड़कर फेंक देते हैं, लेकिन कई लोग ऐसा मानते हैं कि सफेद बालों को तोड़ने पर यह बढ़ सकते हैं। हालांकि, इस बात में कितनी सच्चाई है, यह कोई नहीं जानता है। असल में यह बात सच नहीं है और ऐसा खुद एक्सपर्ट्स का मानना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सफेद बालों से छुटकारा पाने के लिए इन्हें तोड़ना ही एक उपाय है। आप कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से भी अपने बालों का रंग नेचुरली काला कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बनाएं बालों को नेचुरली काला- मेहंदी और कॉफी मेहंदी और कॉफी भी बालों का काला करने का रामबाण उपाय माना जाता है। बालों को लाल-भूरा रंग देने वाली मेहंदी में जब आप कॉफी मिलाते हैं, तो इससे बालों को काला रंग मिलता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक कप गर्म कॉफी में ठंडा होने के बाद मेहंदी पाउडर मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। रात भर इस पेस्ट को ऐसे ही रखा रहने दें और फिर अगले दिन बालों में लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। बाद में बालों को धो लें। चाय का पानी चाय कई लोगों की पसंदीदा ड्रिंक होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मन को शांति देने वाली यही चाय आपके बालों को भी काला कर सकती है। अगर आप नेचुरली अपने बाल काले करना चाहते हैं, तो इसके चाय के पानी का इस्तेमाल फायदेमंद रहेगा। इसमें मौजूद टैनिक एसिड बालों को नेचुरल काला रंग देता है। इसके लिए चाय की पत्तियों को एक कप पानी में उबालें और ठंडा होने पर इसे छान लें। अब शैंपू करने के बाद अपने बालों को इस पानी से धो लें। इसे 10-15 मिनट लगा रहने दें और फिर नॉर्मल पानी से धो लें। आंवला और शिकाकाई अगर आप अपने बालों के लिए नेचुरली काला बनाना चाहते हैं, तो आंवला और शिकाकाई एक बढ़िया विकल्प है। इसके पाउडर को बराबर मात्रा लें और फिर इसमें पानी या दही मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर लगाकर 25-30 मिनट के लिए छोड़ दें। हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करने से फायदा नजर आएगा।  

झारखंड में पुराने वाहनों के फिटनेस नियम हुए सख्त

रांची/रामगढ़. जिले व इसके आसपास यानी पड़ोसी बोकारो जिले के पुराने वाहन मालिकों के लिए थोड़ी परेशानी बढ़ गई है। पहले जिन पुराने वाहनों के फिटनेस के लिए आसानी से जिला परिवहन कार्यालय जाकर वाहनों की जांच करा फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करते थे। अब यह व्यवस्था पूरे राज्य में जनवरी महीने से बंद हो गई है। सड़क परिवहन राज मार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार अब ऐसे वाहनों को फिटनेस के लिए निजी स्तर पर एटीएस यानी आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में जाकर कराना होगा। जानकारों की मानें तो यह वर्तमान में दो रांची, एक जमशेदपुर व एक हजारीबाग में यानी पूरे प्रदेश के केवल चार स्थानों पर ही है। यहां के सभी प्रकार के निजी व व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस कराने के लिए या तो हजारीबाग का चक्कर लगाना होगा या फिर रांची का। दोनों ही स्थिति में वाहन मालिकों व ट्रांसपोर्टरों को 120 से 130 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी होगी। इसके अलावा राजधानी रांची जाने के दौरान नो इंट्री आदि के चक्कर में पड़ेंगे सो अलग से व प्रमंडलीय मुख्यालय हजारीबाग बड़कागांव रोड में यह एटीएस बना है। चूंकि रामगढ़, बोकारो व धनबाद जिला अधिकतर हिस्से में कोल इंडिया की कोलियरियां व अन्य औद्योगिक ईकाइयों में चलने वाले भारी मालवाहक वाहन हैं। ऐसे में इतनी दूरी तय करना यहां के ट्रांसपोर्टरों व वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बनेंगी। इससे अतिरिक्त खर्च भी इनके जेब पर भारी पड़ेगी। ट्रांसपोर्टरों की मानें तो क्षेत्र की कोलियरियों में छुट्टी अगर रविवार को होगी तो गाड़ी का फिटनेस रविवार को नहीं हो पाएगा क्योंकि एटीएस रविवार को को बंद रहेंगी। अब तक एमवीआई करते आ रहे थे फिटनेस का कार्य सड़क पर चल रही पुरानी हो चुकी छोटी बड़ी निजी व व्यवसायिक वाहनों का फिटनेस जिला परिवहन कार्यालय में कार्यरत एमवीआई करते आ रहे थे। संबंधित व्यवसायिक वाहनों मसलन बस आदि को फिटनेस कराने जाने के लिए रूट परमिट आदि की समस्याओं से दो-चार होना पड़ेगा। नहीं तो इस स्थिति में कभी प्रशासनिक कार्रवाई की जद में भी इनके वाहन आएंगे जो वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बनेगा। रामगढ़ में फिटनेस का कार्य बंद होने से उनके समक्ष परेशानी बढ़ी है। अब तक रामगढ़ में पूर्व की व्यवस्था होने से उन्हें परेशानी नहीं थी, अब रांची व हजारीबाग का चक्कर लगाना उनके लिए परेशानियों से भरा होगा। – राजू प्रसाद, ट्रांसपोर्टर अगर एटीएस रामगढ़ जिले में स्थापित होता तो इससे पास के बोकारो, धनबाद जिले के वाहन मालिकों व ट्रांसपोर्टरों को सुविधा होती लेकिन वर्तमान आदेश के बाद हम सभी के लिए परेशानी बढ़ेगी। – दिनेश साहू, वाहन मालिक सह ट्रांसपोर्टर रांची हजारीबाग गाड़ी ले जाना संभव नहीं है। कोलियरियों व रेलवे साइडिंग में एक दिन भी छुट्टी नहीं होती। छुट्टी अगर रविवार को होगी तो उनका रविवार को काम नहीं हो पाएगा, क्योंकि रविवार को एटीएस बंद रहेंगी। यह हमलोगों के लिए व्यर्थ की पेरशानी व जेब पर भारी पड़ने वाला निर्णय है। – संतोष कुमार, ट्रांसपोर्टर

हम मानवता के लिए जिएं, अपने देश के लिए जिएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय युवा दिवस : 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती स्वामी विवेकानंद ने अपने विचारों से राष्ट्र के युवाओं में नई ऊर्जा का किया संचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सूर्य नमस्कार करें, प्राणायाम करें और व्यक्तित्व के साथ चरित्र का भी करें निर्माण हम मानवता के लिए जिएं, अपने देश के लिए जिएं योग हमारी भारतीय परम्परा का है अहम हिस्सा मुख्यमंत्री ने किया सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम सुभाष स्कूल में आयोजित हुआ राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपने विचारों से राष्ट्र के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। वे एक महान चिंतक थे और केवल शरीर से बल्कि कर्म से भी युवा थे। उन्होंने कहा कि योग हमारी भारतीय परंपरा का हिस्सा है। सूर्य नमस्कार की यौगिक क्रियाएं हमारे संपूर्ण जीवन का निचोड़ है। यह केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि हमारे जीवन को सामान्यता से उत्कृष्टता की ओर लेकर जाने का बड़ा माध्यम है। हम रोजाना सूर्य नमस्कार में समाहित 12 योग क्रियाओं के जरिए ही अपने शरीर को निरोगी बनाकर सुखी रह सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) के अवसर पर भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाचार्यों के मार्गदर्शन में सुभाष स्कूल के सभी बच्चों के साथ सूर्य नमस्कार के 12-12 क्रियाओं के तीन चक्र और प्राणायाम भी किया। उन्होंने कहा कि योग सदियों से हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। सूर्य नारायण के प्रकाश से ही जीवन की सार्थकता होती है सिद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सूर्य नारायण संपूर्ण सृष्टि को प्रकाश देकर ऊर्जा का संचार करते हैं। भारतीय संस्कृति के सभी पर्व एवं त्योहारों की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ होती है, जो सूर्य नारायण की आराधना का प्रतीक है। सूर्य नारायण के प्रकाश से ही जीवन की सार्थकता सिद्ध होती है और शरीर ऊर्जा से सराबोर होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान किया कि वे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए स्वयं को तैयार करें। प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए नवाचार और नवनिर्माण करें। प्राचीन समृद्ध संस्कृति और विरासत का संरक्षण करें। स्वदेशी को प्रोत्साहित करें। अपने बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ अपने पाठ्यक्रम के अध्ययन तक ही सीमित न रहें, बल्कि जीवन की व्यवहारिकता से भी परिचित हों। नशे की लत और जंक फूड से बनाएं दूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वाध्याय भी ज्ञान अर्जन का एक सशक्त माध्यम है। सभी को स्वाध्याय करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नशे की लत और जंक फूड से हमेशा के लिए दूरी बनाएं। जंक फूड शरीर को विकृति की ओर ले जाते हैं। इन्हें कम से कम खाएं। पेड़ लगाएं। प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा शारीरिक व्यायाम के लिए अवश्य निकालें। अपना कोई एक पसंदीदा खेल जरूर खेलें। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहें। अपने व्यक्तित्व के साथ चरित्र का भी निर्माण करें। अपनी भावनाएं परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें, हताशा से नहीं, हमेशा आशा से भरे रहें। आधुनिकतम तकनीक का पूरी समझ और संवेदनाओं के साथ उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति वसुधैब कुटुम्बकम की परोपकारी भावना पर आधारित है। हम सब अपने जीवन के प्रत्येक पल को आनंद से जिएं। मानवता, समाज, प्रकृति और खुद के साथ दूसरों का जीवन बेहतर बनाने की भावना के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से 1000 साल पहले गजनी के महमूद ने भगवान सोमनाथ के मंदिर पर आक्रमण कर उसे नष्ट-भ्रष्ट करने का प्रयास किया था। हमें गर्व है कि भारतीय संस्कृति का यह जीवंत प्रतीक पूरे गौरव के साथ चट्टान की तरह आज भी खड़ा है। एक संकेत पर, एक साथ हुआ सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम सुभाष स्कूल में सुबह राष्ट्रगीत वंदेमातरम् गायन के साथ राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम की शुरूआत हुई। कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद जी द्वारा अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक संबोधन का प्रसारण भी किया गया। तदुपरांत सभी ने एक समय में, एक संकेत पर, एक साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया। इस कार्यक्रम का आकाशवाणी के सभी केन्द्र के जरिए प्रदेशभर के स्कूलों में सीधा प्रसारण किया गया। जिलों में भी योगधर्मियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने दिए गए मार्गदर्शन के अनुसार सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम क्रियाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के साथ हुआ। उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद की जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के अवसर पर पहली बार वर्ष 2007 में राज्य स्तरीय सूर्य नमस्कार कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। तब से लगातार यह आयोजन हो रहा है। भोपाल में आयोजित राज्यस्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रविंद्र यति, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक लोक शिक्षण डी.एस. कुशवाहा सहित शिक्षक एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती पर पालिटेक्निक चौराहे पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी जी अद्भुत व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान देने का काम किया। वे विज्ञान में स्नातक थे, परंतु अपने गुरू के प्रभाव में आने के बाद उन्होंने श्रीरामकृष्ण मिशन के जरिए समाज में जनचेतना जागृत करने का बीड़ा उठाया। इस पुनीत कार्य के लिए हम भारतवासी सदैव उनके ऋणी रहेंगे। वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि हम सब स्वामी जी के बताए मार्गों और आदर्शों … Read more

SC में ED का गंभीर आरोप, ममता बनर्जी पर ₹2,742 करोड़ के घोटाले और 20 करोड़ हवाला के लिंक का आरोप

 नई दिल्ली पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म 'इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी' (I-PAC) के कोलकाता दफ्तर और कंपनी के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. ईडी ने पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के डीजीपी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा के खिलाफ अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की है. केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया है कि 8 जनवरी 2026 को उसके वैधानिक सर्च ऑपरेशन में जानबूझकर बाधा डाली गई, जांच को पटरी से उतारने की कोशिश की गई और सबूतों से छेड़छाड़ व उन्हें नष्ट किया गया. ईडी ने अपनी याचिका में कहा है कि यह सर्च ऑपरेशन धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत “रीजन टू बिलीव” दर्ज करने के बाद किया गया था. छापेमारी दो स्थानों पर हुई- कोलकाता के पार्क स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास और बिधाननगर के सेक्टर-वी में स्थित इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (IPAC) के दफ्तर में. यह मामला ₹2,742.32 करोड़ के कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले से जुड़ा है. ईडी का दावा है कि इस घोटाले से जुड़े 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हवाला चैनलों के जरिए IPAC तक पहुंचाई गई. ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीब 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं और सर्च के दौरान ईडी अधिकारियों को रोका गया. आरोप है कि जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज जबरन लेकर पुलिस कस्टडी में लगभग दो घंटे तक रखे गए. ईडी का कहना है कि अधिकारियों को धमकाया गया, पंचनामा की कार्यवाही प्रभावित हुई और जांच पूरी नहीं करने दी गई. इसके बाद दुर्भावनापूर्ण और प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के तहत कोलकाता के अलग-अलग थानों में ED अधिकारियों के खिलाफ चार FIR दर्ज की गईं. ईडी ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि कलकत्ता हाई कोर्ट की कार्यवाही के दौरान सत्तारूढ़ दल के समर्थकों द्वारा कथित तौर पर हंगामा किया गया, जिसके चलते न्यायालय ने माहौल को सुनवाई के लिए प्रतिकूल बताया. ED का तर्क है कि ऐसे हालात में हाई कोर्ट में वैकल्पिक उपाय प्रभावहीन हो गया है. ED ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, डीजीपी, पुलिस कमिश्नर और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की CBI जांच की मांग की है. एजेंसी का कहना है कि इन घटनाओं में BNS, 2023 के तहत चोरी, डकैती, आपराधिक अतिक्रमण, सरकारी कर्मियों के कार्य में बाधा, सबूत नष्ट करने और आपराधिक धमकी जैसे संज्ञेय अपराध बनते हैं. ईडी ने अंतरिम राहत के तौर पर अपने अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक, किसी भी तरह की बदले की कार्रवाई  से सुरक्षा, और जब्त डिजिटल साक्ष्यों को सील कर सुरक्षित रखने व फॉरेंसिक संरक्षण की मांग की है. वहीं, IPAC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर किसी भी राजनीतिक या चुनावी डेटा की जब्ती से इनकार किया है और जांच एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग का दावा किया है.

भारत के 16 सैटेलाइट्स का हुआ अंतरिक्ष में गायब होना, जानें कैसे होते हैं खराब सैटेलाइट्स का निस्तारण

   नई दिल्ली   ISRO का आज का लॉन्च मिशन फेल हो चुका है. उसी के साथ सवाल ये उठता है कि PSLV रॉकेट से जो 16 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे गए. वो कहां हैं. कब धरती पर गिरेंगे. या अंतरिक्ष में ही घूमते रहेंगे. अंतरिक्ष में हजारों सैटेलाइट्स काम कर रहे हैं, लेकिन जब ये खराब हो जाते हैं, पुराने हो जाते हैं या ईंधन खत्म हो जाता है, तो इन्हें अंतरिक्ष में छोड़ना खतरनाक है.  ये स्पेस डेब्री (कचरा) बन जाते हैं, जो अन्य सैटेलाइट्स से टकरा सकते हैं. इसलिए, दुनिया भर के स्पेस एजेंसियां इन सैटेलाइट्स को डिस्पोज करने के नियम फॉलो करती हैं. लेकिन क्या ये खुद-ब-खुद गिरते हैं? या कोई फिक्स जगह है?  पुराने सैटेलाइट्स क्या करते हैं? दो मुख्य तरीके प्राकृतिक गिरावट  पृथ्वी के बहुत करीब (लो अर्थ ऑर्बिट – LEO, 200-2000 किमी ऊंचाई) वाले सैटेलाइट्स पर हवा का हल्का घर्षण (atmospheric drag) लगता है. यह घर्षण धीरे-धीरे सैटेलाइट की स्पीड कम करता है, और ये नीचे की ओर गिरते जाते हैं.       400-600 किमी ऊंचाई पर: 5-10 साल में खुद गिर जाते हैं.       700-1000 किमी पर: 100-200 साल या ज्यादा लग सकते हैं.     छोटे सैटेलाइट्स (जैसे CubeSats) ज्यादातर इसी तरह जलकर खत्म हो जाते हैं. लेकिन बड़े सैटेलाइट्स के टुकड़े जमीन पर गिर सकते हैं, इसलिए अब नियम सख्त हैं. कंट्रोल्ड डीऑर्बिट  एजेंसियां बचे हुए ईंधन से थ्रस्टर्स फायर करके सैटेलाइट को धीमा करती हैं, ताकि ये तय जगह पर गिरे. ज्यादातर बड़े सैटेलाइट्स और स्पेस स्टेशन इसी तरीके से गिराए जाते हैं. अंतरराष्ट्रीय नियम क्या हैं? स्पेस डेब्री को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN COPUOS) ने Space Debris Mitigation Guidelines बनाए हैं (2007 में अपनाए गए, 2025 तक अपडेटेड). ये नियम स्वैच्छिक हैं, लेकिन ज्यादातर देश फॉलो करते हैं. मुख्य नियम… 25-वर्ष नियम (25-Year Rule): मिशन खत्म होने के बाद सैटेलाइट को 25 साल के अंदर डीऑर्बिट करना चाहिए, ताकि वो LEO में ज्यादा समय न रहे.  अमेरिका (FCC), यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) अब 5 साल का नियम लागू कर रहे हैं.     सैटेलाइट्स को डिजाइन ऐसा करें कि वे सामान्य ऑपरेशन में डेब्री न छोड़ें.       विस्फोट न हो (passivation: बचे ईंधन को खत्म करना).       टकराव से बचाव (collision avoidance).       अगर सैटेलाइट पूरी तरह न जल सके, तो कंट्रोल्ड तरीके से गिराएं. अगर सैटेलाइट 2000 किमी से ऊपर (जैसे GEO ऑर्बिट – 36,000 किमी) है, तो उसे ग्रेवयार्ड ऑर्बिट में भेजा जाता है, जहां वो सदियों तक रह सकता है बिना टकराव के. फिक्स जगह: स्पेसक्राफ्ट सेमेटरी या पॉइंट नेमो बड़े सैटेलाइट्स, स्पेस स्टेशन और कार्गो व्हीकल्स को पॉइंट नेमो (Point Nemo) नाम की जगह पर गिराया जाता है. यह दक्षिणी प्रशांत महासागर में सबसे दूरस्थ जगह है…     सबसे नजदीकी जमीन से 2,688 किमी दूर (न्यूजीलैंड, ईस्टर आइलैंड, अंटार्कटिका से).     नाम: नेमो (Latin में कोई नहीं) – जूल्स वर्न की किताब से लिया गया है. Oceanic Pole of Inaccessibility या South Pacific Ocean Uninhabited Area. यहां क्यों? क्योंकि… कोई इंसान, जहाज या द्वीप नहीं है. अगर टुकड़े बच भी जाएं, तो कोई खतरा नहीं. 1971 से अब तक 264+ स्पेसक्राफ्ट यहां गिराए गए (रूस सबसे ज्यादा, Mir स्पेस स्टेशन सहित). ISS (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन) 2030-2031 में यहीं गिराया जाएगा. क्या कोई खतरा है? ज्यादातर सैटेलाइट्स वायुमंडल में जल जाते हैं. बड़े टुकड़े (जैसे Mir के) समंदर में डूब जाते हैं. अब तक कोई मौत नहीं हुई स्पेस डेब्री से (एक बार 1997 में महिला पर छोटा टुकड़ा गिरा था). लेकिन डेब्री बढ़ रहा है, इसलिए नियम सख्त हो रहे हैं. खराब सैटेलाइट्स खुद-ब-खुद गिर सकते हैं (प्राकृतिक तरीके से), लेकिन अब नियम कहते हैं कि उन्हें 5-25 साल में कंट्रोल्ड तरीके से गिराना चाहिए. छोटे सैटेलाइट्स वायुमंडल में जल जाते हैं, बड़े को पॉइंट नेमो के स्पेसग्रेवयार्ड में भेजा जाता है. यह जगह सबसे सुरक्षित है, क्योंकि वहां कोई नहीं है. 

अगर नहीं हटाया रात का मेकअप तो बढ़ सकती हैं त्वचा की परेशानियां, अपनाएं ये 4 जरूरी स्टेप्स

आज के समय में मेकअप हर लड़की की जिंदगी का एक छोटा-सा लेकिन बेहद अहम हिस्सा बन चुका है। शायद ही कोई लड़की ऐसी होगी, जिसे मेकअप करना पसंद न हो। मेकअप आपकी पर्सनालिटी और पूरे लुक को बदल देता है। हालांकि, कुछ लोग दिनभर की थकान के बाद बिना चेहरा साफ किए ही सो जाते हैं, खासकर जब उन्होंने मेकअप लगाया हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी लापरवाही आपकी स्किन को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती है? जी हां, आइए जानते हैं रात को बिना मेकअप हटाए सोने के कुछ भारी नुकसानों के बारे में। फ्री रेडिकल्स मेकअप लगाकर सोने से स्किन में फ्री रेडिकल्स बढ़ जाते हैं। ये ऐसे एलिमेंट होते हैं, जो स्किन में सूजन, रेडनेस और निखार को कम करते हैं। इतना ही नहीं, ये कोलेजन को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे समय से पहले झुर्रियां और फाइन लाइन्स जैसी परेशानी होने लगती हैं। पोर्स होते हैं बंद जब मेकअप पूरी रात चेहरे पर रहता है, तो पोर्स बंद हो जाते हैं। इससे मुंहासे, ब्लैकहेड्स और एक्ने की समस्या बढ़ सकती है। कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो रातभर स्किन पर रहने से जलन और पिंपल्स का कारण बन सकते हैं। आंखों के लिए खतरा अगर आप आईशैडो, आईलाइनर या मस्कारा लगाकर सोते हैं, तो इससे आंखों के आसपास की स्किन को नुकसान और पलकों में खुजली, रेडनेस और सूजन हो सकती हैं। साथ ही, पलकों के पोर्स बंद होने के कारण स्टाई बनने का खतरा बढ़ जाता है। सही तरीके से मेकअप कैसे हटाएं? सही रिमूवर चुनें कुछ मेकअप रिमूवर में खुशबू और काफी केमिकल्स होते हैं, जो स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। चेहरे से मेकअप हटाने के लिए आप नॉन फ्रेगरेंस रिमूवर और जेंटल प्रोडक्ट्स चुनें। डबल क्लींजिंग अपनाएं अगर आप सिर्फ फेसवॉश से मेकअप हटाने की कोशिश करते हैं, तो इससे मेकअप पूरी तरह से साफ नहीं होता। पहले ऑयल-बेस्ड क्लींजर या माईसेलर वॉटर से मेकअप हटाएं, फिर माइल्ड फेसवॉश से चेहरा धोएं। इससे स्किन पूरी तरह साफ होती है। स्किन को न रगड़ें मेकअप हटाने के बाद चेहरे को अच्छी तरह से धो लें और तौलिये से स्किन को हल्के से थपथपाएं ताकि कुछ नमी बनी रहे। ध्यान रखें कि चेहरा क्लीन करते समय स्किन न रगड़ें। मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें रात को सोने से पहले चेहरा साफ करने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। यह स्किन में नमी बनाए रखता है और रिपेयर प्रोसेस को तेज करता है।

रोमांचक मुकाबले में वेदांता कलिंगा लांसर्स की जीत, शूटआउट में एचआईएल जीसी पर 3-1 की बढ़त

रांची वेदांता कलिंगा लांसर्स ने पुरुष हीरो हॉकी इंडिया लीग में निर्धारित समय में स्कोर 1-1 से बराबर रहने के बाद हुए शूटाआउट में एचआईएल जीसी पर 3-1 से जीत दर्ज की। आज यहां मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम में खेले गये मुकाबल में अजीत यादव (19वें) और अलेक्जेंडर हेन्ड्रिक्स (23वें) मिनट में अपनी-अपनी टीमों के लिए गोल किए। खास बात यह है कि वेदांता कलिंगा लांसर्स ने पूरे मैच में एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिया। इस जीत के साथ विजेता टीम लीग की अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई हैं। एचआईएल जीसी ने इस मैच की शुरुआत में दबदबा बनाया, गेंद पर अधिकतर समय कब्जाये रखा। हालांकि, छह सर्कल एंट्री करने के बावजूद वे कोई खास सफलता हासिल नहीं कर पाए। वेदांता कलिंगा लांसर्स ने अपनी रणनीति बनाए रखी, काउंटर अटैक पर खेलते हुए खुद भी छह सर्कल प्रवेश किया। उन्हें खेल का पहला असली मौका पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला, लेकिन वे पहले गोल रहित क्वार्टर में इसका फायदा नहीं उठा पाए। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों में से किसी ने भी शॉट नहीं लगाया, जिसके बाद दूसरे क्वार्टर में एचआईएल जीसी ने अपने पहले ही प्रयास में बढ़त बना ली। कप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड से मूव बनाया, जिसके बाद अजीत यादव (19’) ने करीब से शॉट मारकर डेडलॉक तोड़ा। लांसर्स ने तुरंत जवाब देने की कोशिश की और कुछ ही मिनटों में गोल पर कुछ शॉट और छह पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। आखिरकार, उन्हें एचआईएल जीसी के गोलकीपर जेम्स मज़ारेलो को पार करने का रास्ता मिल गया, जब अलेक्जेंडर हेन्ड्रिक्स (23’) ने एक ज़ोरदार ड्रैगफ्लिक से गोल किया और हाफ टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। दूसरा हाफ भी पहले हाफ की तरह ही शुरू हुआ, जिसमें एचआईएल जीसी ने गेंद पर कब्ज़ा बनाए रखा और मौका ढूंढने के लिए गेंद को अच्छे से पास किया। दूसरी ओर, लैंसर्स ब्रेक पर खतरनाक दिख रहे थे और अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स के ज़रिए बढ़त लेने के करीब पहुँच गए थे, लेकिन जेम्स मज़ारेलो ने उन्हें रोक दिया, जो एचआईएल जीसी के लिए गोल में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे। तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कोई अंतर नहीं था। आखिरी क्वार्टर में, दोनों टीमें गोल करने में विफल रही और मैच का फैसला शूटआउट से हुआ। शूटआउट एक तनावपूर्ण मुकाबला था जिसमें दोनों गोलकीपर गोल में डटे रहे। अपने-अपने पहले प्रयास में गोल खाने के बाद, जेम्स मज़ारेलो और जेड स्नोडेन ने अगले दो खिलाड़ियों को रोक दिया। आर्थर वैन डोरेन ने लैंसर्स के लिए अपना संयम बनाए रखा, इससे पहले कि अजीत यादव एचआईएल जीसी के लिए चूक गए, जिससे दिलप्रीत सिंह ने शूटआउट में वेदांता कलिंगा लैंसर्स के लिए जीत पक्की कर दी।  

झारखंड सरकार लड़कियों को पढ़ाई के लिए देगी 30 हजार रुपए

रांची. झारखंड सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग (उच्च शिक्षा निदेशालय) ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से संचालित अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है, ताकि वित्तीय बाधाएं उनकी शैक्षणिक प्रगति में रोड़ा न बनें। उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा की ओर से सभी विवि के रजिस्ट्रार को जारी पत्र में छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना से जोड़ने को कहा गया है। छात्रवृत्ति उन छात्राओं के लिए है जिन्होंने 10वीं-12वीं सरकारी स्कूलों से उत्तीर्ण की हो और शैक्षणिक सत्र 2025-26 में किसी मान्यता प्राप्त स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नामांकन लिया हो। योजना के तहत चयनित छात्राओं को प्रतिवर्ष 30,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जिसका उपयोग ट्यूशन फीस या अन्य शिक्षा-संबंधी खर्चों में किया जा सकेगा। यह सहायता पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए दी जाएगी।