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कमांड सेंटर ने महाकुम्भ-25 में भारी भीड़ को कंट्रोल करने के साथ 60 लाख से अधिक साइबर अटैक को किया ध्वस्त

45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई थी आस्था की डुबकी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिव्य-भव्य महाकुम्भ- 25 आयोजन की देश ही नहीं पूरी दुनिया ने सराहना की, जहां 45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस आयोजन को सुरक्षित बनाने के लिये यूपी पुलिस की भी देश और विदेश में तारीफ हुई। इस आयोजन को थल से लेकर नभ तक सुरक्षित बनाने के लिये यूपी पुलिस के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) ने अहम भूमिका निभाई। इस सेंटर ने जहां एक ओर जमीन पर भारी भीड़ को कंट्रोल किया, वहीं 60 लाख से अधिक साइबर अटैक को ध्वस्त किया। नर्व सेंटर बना इंट्रीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है कि प्रयागराज में आयोजित महाकुम्भ-25 को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली और आईसीसीसी को स्काच गोल्ड अवार्ड (SKOCH Gold Award) से सम्मानित किया गया। प्रयागराज के महाकुंभ-25 को दुनिया के सबसे बड़े मानवीय समागमों में गिना गया, जहां 45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं, मौनी अमावस्या जैसे दिनों में असाधारण पीक-फुटफॉल, हजारों हेक्टेयर में फैली अस्थायी नगरी और अभूतपूर्व लॉजिस्टिक्स का समन्वय देखने को मिला। इस विराट आयोजन की तैयारी एक साल पहले शुरू हुई थी। इसमें “पब्लिक-फर्स्ट” चिंता और जमीन-आसमान दोनों मोर्चों पर चलती क्राइसिस-मैनेजमेंट की मशीनरी का नर्व सेंटर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बना। 12 महीने पहले ही शुरू हुआ “वार-रूम मॉडल महाकुम्भ-25 की तैयारी “इवेंट मैनेजमेंट” नहीं, बल्कि सिस्टम-इंजीनियरिंग थी। इसे अमलीजामा पहनाने के लिये योजना बनाने से लेकर धरातल पर उतारने के लिये एक साल पहले तैयारी शुरू की गई। इसमें टेबल-टॉप एक्सरसाइज़, परिदृश्य-आधारित परीक्षण (scenario testing) और भीड़-ओवरफ्लो जैसी स्थितियों के लिए डिजिटल-ट्विन सिमुलेशन तक शामिल था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश था कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षित अनुभव और मेले का सुचारू संचालन हो। इसके लिये कटिंग-एज टेक्नोलॉजी को जनहित में तैनात किया गया। आईसीसीसी:नर्व सेंटर, जो भीड़, आपदा और प्रतिक्रिया को एक स्क्रीन पर लाया महाकुम्भ-25 में आईसीसीसी को केंद्रीय कमांड हब की तरह डिजाइन किया गया जो चौबीसों घंटे सक्रिय रहा। इसमें भीड़-प्रबंधन, पब्लिक-सेफ्टी, आपदा-प्रतिक्रिया, ट्रैफिक-मैनेजमेंट और इंटर-एजेंसी समन्वय से लेकर रीयल-टाइम शामिल थी। इस प्रणाली में 2,750 से अधिक एआई समर्थित कैमरे, चार ऑपरेशनल आईसीसीसी यूनिट्स, 400 से अधिक कार्मिक, 1920 कॉल-सेंटर (हर शिफ्ट में 50 ऑपरेटर), जैम-प्रूफ वायरलेस ग्रिड, ANPR-आधारित वाहन मॉनिटरिंग, VMD डिस्प्ले, और श्रद्धालुओं की सहायता हेतु 11 भाषाओं वाला AI चैटबॉट “Kumbh Sah’AI’yak” जैसे घटक शामिल रहे। यही वह “सिंगल-पॉइंट कमांड” था जहाँ से QRT डिस्पैच, ग्रीन-चैनल एक्टिवेशन, रेलवे-बस-स्टैंड इनफ्लो अलर्ट, और बहु-विभागीय सूचना-हैंडओवर ज़ीरो-डिले लक्ष्य के साथ चलाया गया। जमीन पर भीड़ और ऑनलाइन “डिजिटल हमला”: 60 लाख से अधिक साइबर अटैक महाकुम्भ-25 जितना भौतिक-रूप से बड़ा था, उतना ही “डिजिटल-फुटप्रिंट” बड़ा स्वरूप था। इसी डिजिटल निर्भरता ने इसे साइबर हमलावरों के लिए हाई-वैल्यू लक्ष्य बनाया। 45-दिवसीय आयोजन के दौरान 60 लाख से अधिक malicious/ संदिग्ध साइबर हमले रोके गए, जिनके IP 25+ देशों से ट्रेस हुए; हमलों में DDoS, ransomware-टाइप गतिविधियां, DNS poisoning, SQL injection, spoofing, brute force, web-app attacks आदि शामिल बताए गए। यह सफलता केंद्रीय एजेंसियों के समय पर अलर्ट और राज्य पुलिस/सिस्टम-इंटीग्रेटर्स की त्वरित कार्रवाई से संभव हुई। साथ ही आईआईटी कानपुर और ट्रिपलआईटी प्रयागराज की तकनीकी टीमों ने साइबर-सिक्योरिटी असेसमेंट व ऑन-ग्राउंड सपोर्ट में भूमिका निभाई। STQC (MeitY) के माध्यम से डिजिटल-इन्फ्रास्ट्रक्चर के टेस्टिंग/क्वालिटी-चेक का भी उल्लेखनीय योगदान रहा है। डिजिटल कुम्भ के साथ डिजिटल सेफ्टी को किया गया सुनिश्चित आईपीएस भानु भास्कर ने बताया कि महाकुम्भ की टेक-तैनाती में 56 “साइबर वॉरियर्स” द्वारा सक्रिय मॉनिटरिंग ने “डिजिटल कुम्भ” के साथ-साथ “डिजिटल सेफ्टी” को भी सुनिश्चित किया। महत्वपूर्ण बात यह रही कि साइबर-डिफेंस को केवल “आईटी-इश्यू” नहीं माना गया, बल्कि इसे भीड़-प्रबंधन, इमरजेंसी-रिस्पॉन्स और पब्लिक-ट्रस्ट से सीधे जोड़कर देखा गया क्योंकि एक भी सफल defacement/DoS/हैकिंग घटना गलत सूचना, अफरा-तफरी और ऑपरेशनल बाधा पैदा कर सकती थी। इंटर-एजेंसी कॉर्डिनेशन: एक प्लेटफॉर्म, अनेक विभाग आईसीसीसी मॉडल की ताकत “टेक्नोलॉजी” से भी ज्यादा उसकी इंटर-एजेंसी सिंक्रोनाइज़ेशन क्षमता रही। पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, आपदा-प्रबंधन, ट्रैफिक, नगर-सेवाएँ, रेलवे-समन्वय तथा तकनीकी/शैक्षणिक संस्थानों का सहयोग भी अहम है। साइबर-सुरक्षा के लिए भी यही सहयोग-आर्किटेक्चर अपनाया गया। CERT-In की सरकारी इकाइयों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप CISO-फंक्शन, समर्पित साइबर-टीम और रिपोर्टिंग/रेस्पॉन्स-मैकेनिज़्म जैसी सर्वोत्तम प्रथाओं की दिशा में समन्वय की सोच दिखाई देती है। साइबर हमलों से निपटने को देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों को सहयोग लिया गया आई जी प्रेम गौतम ( तत्कालीन आईजी रेंज प्रयागराज) द्वारा डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की संभावित कमजोरियों एवं साईबर हमलों से निपटने के लिए देश के कई  प्रतिष्ठित संस्थानों/केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग प्राप्त किया गया जो अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। फील्ड-स्तर पर जहां 60,000+ प्रशिक्षित कर्मियों की विशाल तैनाती रही, वहीं आईसीसीसी  में “मानव-मशीन” साझेदारी ने ऑपरेशंस को गति और सटीकता दी। महाकुम्भ आईसीसीसी का पर्यवेक्षण भानु भास्कर (पूर्व ADG Prayagraj Zone) ने किया, जिन्हें वरिष्ठ अधिकारियों/टीम ( तरुण गाबा, पुलिस आयुक्त प्रयागराज, प्रेम गौतम आईजी रेंज प्रयागराज, डीआईजी महाकुम्भ वैभव कृष्ण ) का सहयोग मिला।  “ऑफिसर-इन-चार्ज” के रूप में Amit Kumar, IPS ने ऑपरेशनल कमांड व टेक्नोलॉजी-ह्यूमन इंटीग्रेशन की जिम्मेदारी निभाई। SKOCH Gold Award 2025 महाकुम्भ-25 के आईसीसीसी मॉडल को 105th SKOCH Summit में SKOCH Gold Award 2025 से सम्मानित किया गया। Skoch समिति द्वारा तत्कालीन एडीजी जोन प्रयागराज भानु भास्कर को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया जिसे तत्कालीन एसपी आईसीसीसी अमित कुमार द्वारा ग्रहण किया गया। यह अवॉर्ड यूपी पुलिस की टेक-ड्रिवन, नागरिक-केंद्रित पहलों को राष्ट्रीय मान्यता देता है जिसमें आईसीसीसी को “24×7 nerve centre” के रूप में रेखांकित किया गया।

आयुक्त श्री भोंडवे ने मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना में अनियमितता पर की कड़ी कार्यवाही

3 उपयंत्रियों सहित 6 अधिकारियों/कर्मचारियों की रोकी गई की वेतनवृद्धियां भोपाल नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने नगर परिषद सोनकच्छ में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना में अनियमितता पाये जाने पर 3 उपयंत्रियों सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई कर वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश दिये हैं। आयुक्त श्री भोंडवे के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के अंतर्गत पाईपलाइन के कार्य में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की शिकायत को सही पाये जाने पर उपयंत्री श्रीमती शिवानी गर्ग और श्री ओमप्रकाश द्विवेदी की 3 वेतनवृद्धियां साथ ही उपयंत्री श्री शशांक शाह की 2 वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गई है। इसके अतिरिक्त तत्कालीन सीएमओ श्री सी.एल. कैथल की एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से तथा श्री मोहम्मद अशफाक खान एवं श्री रवि भट्ट की एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है। आयुक्त श्री भोंडवे ने कहा कि संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का यह कृत्य घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शासकीय दायित्वों के प्रति गंभीर उपेक्षा का परिचायक है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग भविष्य में भी ऐसी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।  

मुख्यमंत्री साय बोले – विकास की रफ्तार बढ़ी, युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के नगर पंचायत मुख्यालय गुण्डरदेही में 233 करोड़ रुपये की लागत से 103 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें ₹163.88 करोड़ के 61 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹69.82 करोड़ के 42 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुण्डरदेही में एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के लिए ₹1 करोड़ तथा प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों हेतु ₹1 करोड़ की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास किया गया है, वे सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि अवसरों के नए द्वार हैं। उन्होंने कहा कि ₹1 करोड़ की लागत से बनने वाले व्यावसायिक परिसर से युवाओं को स्वरोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं सड़क, पुल एवं अधोसंरचना के निर्माण से आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को उच्चतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, और चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर आदिवासी श्रमिकों को राहत पहुंचाई जा रही है। वनोपज के मूल्य संवर्धन से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना से आमजन को देश की संस्कृति और विरासत से जोड़ा जा रहा है। वहीं प्रभावी पुनर्वास नीति के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति लौट रही है और बस्तर अंचल में विकास की नई रोशनी फैल रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस अवसर पर रायपुर में डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक विशेष सौगात है, जहां आदिवासी नायकों की गौरवगाथा सहेजी गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर, जो कभी लाल आतंक के लिए जाना जाता था, अब शांति, प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय का स्थानीय व्यापारियों द्वारा लड्डुओं से तौलकर अभिनंदन किया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए।कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने स्वागत उद्बोधन में नगर की विकास आवश्यकताओं की जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राउत के ‘मुंबई बंद’ बयान पर फडणवीस का पलटवार, शिंदे का जिक्र कर दिया करारा जवाब

मुंबई शिवसेना यूबीटी से राज्यसभा सांसद संजय राउत के 'मुंबई बंद कराने' के दावे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया है। उन्होंने राउत की बात को गीदड़ भभकी करार दिया है। साथ ही कहा है कि दिवंगत बाला साहब ठाकरे के समय में ऐसा हो सकता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। 15 जनवरी को होने वाले BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। मीडिया के एक कार्यक्रम में पहुंचे राउत ने कहा था, 'संगठन मजबूत है हमारा। आज भी हम मुंबई बंद कर सकते हैं 10 मिनट में।' उन्होंने कहा, 'यह सबसे बड़ा अचीवमेंट है हमारे लिए। … समझ लो धमकी ही है।' खास बात है कि कुछ समय बाद चैनल के ही कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस भी पहुंचे थे, जहां उन्होंने राउत के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'देखिए पहली बात तो, गीदड़ भभकियों से डरने वाले लोग हम हैं नहीं। दूसरा, अगर आपकी ताकत इतनी थी तो आपने चैलेंज दिया था कि जिस समय एकनाथ शिंदे जी मुंबई में आएंगे, हम उनको एंट्री नहीं करने देंगे। मुंबई में कदम नहीं रख पाएंगे। मुंबई में वह आगे नहीं बढ़ पाएंगे।' फडणवीस ने कहा, 'एकनाथ शिंदे जी मुंबई में आए। 50 विधायकों के साथ आए। इसी मुंबई के रास्ते से हम चलते हुए राज भवन गए। हमने सरकार स्थापित की। मुंबई बंद करना छोड़ दीजिए, इनके घर के आसपास भी ये लोग बंद नहीं कर पाए। ये सारी बोलने वाली बाते हैं। देखिए, जिस समय बाला साहब ठाकरे थे, तब की शिवसेना की ताकत थी कि बाला साहब ठाकरे के एक इशारे पर दो घंटे में मुंबई बंद हो सकती थी। अब इनमें किसी में दम नहीं है।' बीएमसी चुनाव में राज और उद्धव ठाकरे का गठबंधन खास बात है कि बीएमसी चुनाव के लिए ठाकरे बंधु राज और उद्धव ने गठबंधन किया है। इस पर राउत ने कहा, 'उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भाई हैं। उनकी माताएं बहने हैं। यह परिवार का मामला है। मैं दोनों का मित्र हूं। अगर उनके एक होने में मेरी कोई भी भूमिका है, तो मैं खुद को भाग्यशाली मानूंगा।'  

‘सनम बेरहम’ रिलीज: ईशा मालवीय और बसीर अली की दमदार एक्टिंग ने फैंस को किया भावुक

मुंबई 'बिग बॉस' फेम ईशा मालवीय और बसीर अली स्टारर इमोशनल हिंदी सॉन्ग 'सनम बेरहम' सुर म्यूजिक के आधिकारिक चैनल से रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस गाने को अपनी दिल छू लेने वाली आवाज से सजाया है मशहूर सूफी सिंगर सुल्ताना नूरन ने। गाने में प्यार, जुदाई और टूटे हुए दिल की कहानी को बेहद इमोशनल अंदाज में पेश किया गया है, जिसने दर्शकों को पहली ही झलक में इंप्रेस कर दिया है। गाने में ईशा और बसीर की केमिस्ट्री खास तौर पर चर्चा में है। दोनों के बीच का दर्द, तकरार और टूटते रिश्तों की पीड़ा को बहुत ही खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है। बैकग्राउंड में सुल्ताना नूरन की दर्दभरी आवाज इस कहानी को और भी गहराई देती है। यही वजह है कि रिलीज के कुछ ही समय में यह टीजर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा है और फैंस इसे जमकर शेयर कर रहे हैं। 'सनम बेरहम' गाना रिलीज गाने के बोल और संगीत अशोक पंजाबी ने तैयार किए हैं, जो इस रोमांटिक–दर्दभरी कहानी को और मजबूती देते हैं। 'सनम बेरहम' एक ऐसा गाना बनकर सामने आ रहा है, जो टूटे दिलों की आवाज बनेगा। इसके संगीत और लिरिक्स में इश्क की मासूमियत और बेवफाई का दर्द दोनों साफ झलकते हैं, जो इसे आम रोमांटिक गानों से अलग बनाता है। 'सनम बेरहम' गाने पर फैंस के रिएक्शन टीजर की जबरदस्त प्रतिक्रिया को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि 'सनम बेरहम' जल्द ही म्यूजिक चार्ट्स पर अपनी जगह बनाने वाला है। फैंस पूरे गाने की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। प्यार और दर्द की इस अनोखी दास्तान ने पहले ही दिलों पर दस्तक दे दी है, और आने वाले दिनों में यह गाना और भी बड़ा हिट साबित हो सकता है। कमेंट सेक्शन में फैंस ने इस जोड़ी पर खूब प्यार लुटाया है। फैंस को पसंद आई ईशा-बसीर की जोड़ी एक फैन ने लिखा- बसीर और ईशा की केमेस्ट्री आग लगा रही है। एक ने कहा- ईशा की एक्टिंग देखकर रोंगटे खड़े हो गए। एक फैन बोला- सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा ये गाना। ज्यादातर लोगों ने दोनों की फ्रेश जोड़ी की खूब तारीफ की है।

भारतीय युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी की अंडर-19 वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड ब्रेकिंग तैयारी

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका के खिलाफ यूथ वनडे सीरीज़ में तूफानी प्रदर्शन कर चर्चा में आए वैभव सूर्यवंशी अब अंडर-19 वर्ल्ड कप में इतिहास रचने को तैयार हैं। 15 जनवरी से शुरू हो रहे इस मेगा टूर्नामेंट में भारत की युवा टीम यूएसए के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। वैभव की बल्लेबाज़ी का अंदाज़ आक्रामक है और उनके आंकड़े बताते हैं कि वह जहां भी खेले हैं, बड़े स्कोर किए हैं। ऐसे में अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनसे कई बड़े रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद की जा रही है। छक्कों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड खतरे में वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाज़ी की सबसे बड़ी पहचान उनकी बाउंड्री हिटिंग है। उनके कुल रनों का बड़ा हिस्सा चौकों और छक्कों से आता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप के एक सीज़न में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड फिलहाल साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस के नाम है, जिन्होंने 2022 में 18 छक्के लगाए थे। वैभव की आक्रामक शैली को देखते हुए माना जा रहा है कि यह रिकॉर्ड इस बार टूट सकता है। स्ट्राइक रेट में नया कीर्तिमान संभव अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट का रिकॉर्ड भारत के शिखर धवन के नाम है, जिन्होंने 2004 में 93.51 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की थी। वैभव सूर्यवंशी आमतौर पर 150 से ऊपर की स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं। ऐसे में उनका यह आंकड़ा टूर्नामेंट में नया बेंचमार्क सेट कर सकता है और यह रिकॉर्ड भी इतिहास बन सकता है। सबसे ज्यादा रन बनाने का भारतीय रिकॉर्ड अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सरफराज खान के नाम दर्ज है, जिन्होंने 2014 से 2016 के बीच 566 रन बनाए थे। वैभव सूर्यवंशी की निरंतरता और बड़ी पारियां खेलने की आदत को देखते हुए यह रिकॉर्ड भी उनके निशाने पर है, खासकर अगर भारत टूर्नामेंट में आगे तक जाता है। शतकों की संख्या में भी बदलाव संभव इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल जैक बर्नहैम और शिखर धवन के नाम है, दोनों ने तीन-तीन शतक लगाए हैं। वैभव सूर्यवंशी का शतक लगाने का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। अगर वह अपने फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो शतकों की यह सूची भी बदल सकती है। सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर पर नजर अंडर-19 वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर 191 रन का है, जो 2018 में हशिता बोयागोडा ने बनाया था। अब तक कोई भी बल्लेबाज़ इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक नहीं लगा पाया है। वैभव सूर्यवंशी के पास न सिर्फ इस रिकॉर्ड को तोड़ने बल्कि इतिहास में पहला दोहरा शतक लगाने का भी सुनहरा मौका है।  

झारखंड में सरकारी कंबल चोरी करते BDO की गाड़ी ग्रामीणों ने रोकी

हरिहरगंज/पलामू. पिपरा प्रखंड में कंबल वितरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने बीडीओ व कर्मचारियों पर कंबल चोरी करने का आरोप लगाया और उनकी गाड़ी को सड़क पर रोक दिया। यह हंगामा छतरपुर थाना क्षेत्र के दीनादाग मोड़ के पास एनएच 98 पर हुआ। इससे, काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। जाकारी के अनुसार, पिपरा के बीडीओ अपनी सरकारी गाड़ी से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान पंचायत प्रतिनिधियों व स्थानीय ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि बीडीओ सरकारी कंबल चोरी कर बाहर ले जा रहे हैं। इसी दौरान प्रखंड में तैनात एक अन्य कर्मचारी की मोटरसाइकिल को भी रोका गया। इसके पास दो कंबल पाए गए। बीडीओ की गाड़ी से 10 कंबल मिला। आक्रोशित कई ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने बीडीओ की गाड़ी की चाबी छीन ली। स्थिति बिगड़ती देख छतरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंचकर हस्ताक्षेप कर मामले को शांत कराया। पुलिस के समझाने के बाद बीडीओ की गाड़ी की चाबी वापस कर दी गई। छुट्टी के दिन कंबल ले जाने पर उठे सवाल पिपरा के प्रखंड प्रमुख विक्रांत सिंह यादव ने कहा कि बीडीओ पहले भी 10 कंबल लेकर जा चुके थे। जरूरतमंद लगातार कंबल की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छुट्टी के दिन बीडीओ कंबल लेकर प्रखंड क्षेत्र से बाहर जा रहे थे, जो संदेहास्पद है। कंबल वितरण के लिए था तो प्रखंड क्षेत्र में ही गाड़ी रोकी जा सकती थी। जानबूझकर छतरपुर क्षेत्र में ले जाकर उन्हें कंबल बाहर ले जाने की कोशिश की गई। बीडीओ ने आरोपों को किया खारिज इस मामले में पिपरा के बीडीओ विनय कुमार ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रखंड को कुल 800 कंबल उपलब्ध कराए गए थे। इनमें से करीब 700 का वितरण पहले हो चुका है। उनकी गाड़ी में हर समय कुछ कंबल रहते हैं, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत दिया जा सके। छुट्टी के दिन वह बस पकड़ने के लिए छतरपुर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी को रोक दिया गया। चाबी छीन ली गई। पूरे मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

राजस्थान में भीषण शीतलहर के बीच 13 जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं

जयपुर. राजस्थान में जारी भीषण शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए राज्य के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं और कहीं-कहीं स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। छात्रों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 12 और 13 जनवरी के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में तापमान लगातार गिर रहा है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान के 11 जिलों में शीतलहर को लेकर रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 14–15 जनवरी के बाद ही ठंड से कुछ राहत मिलने की संभावना है। जिलावार स्कूलों को लेकर आदेश जयपुर में कक्षा 5 तक के सभी स्कूलों में 12 और 13 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल 14 जनवरी से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे। नागौर में कक्षा 5 तक के स्कूल 12 और 13 जनवरी को बंद रहेंगे। दौसा में कक्षा 8 तक के सभी छात्रों के लिए 12 जनवरी से अवकाश घोषित किया गया है। सीकर में कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल बंद किए गए हैं। जालोर में कक्षा 5 तक के स्कूल 12 से 14 जनवरी तक बंद रहेंगे। झुंझुनूं में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों की छुट्टियां 13 जनवरी तक बढ़ा दी गई हैं। झालावाड़/जूनागढ़ में कक्षा 5 तक के स्कूल 12 और 13 जनवरी को बंद रहेंगे। डूंगरपुर में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, हनुमानगढ़ में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में सोमवार को अवकाश रहेगा, जबकि मंगलवार को लोहड़ी का अवकाश रहेगा। स्कूल 14 जनवरी से खुलेंगे। अजमेर में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल अगले आदेश तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे। चूरू में कक्षा 8 तक के स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। जोधपुर संभाग में सभी स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलाए जाएंगे। बच्चों को लेकर प्रशासन की अपील लगातार पड़ रही ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर ही स्कूल भेजें और जिला स्तर पर जारी होने वाले निर्देशों पर नजर बनाए रखें। राज्य में ठंड का प्रकोप फिलहाल जारी रहने की संभावना है, ऐसे में आने वाले दिनों में स्कूलों को लेकर और भी आदेश जारी किए जा सकते हैं।

आज राष्ट्रीय युवा दिवस: स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती पर CM हेमंत का नमन

रांची आज 12 जनवरी को भारत के महान आध्यात्मिक गुरु और सबसे बड़े युवा आइकन स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती है। स्वामी विवेकानन्द को करोड़ों युवा अपना आदर्श मानते हैं और उनके जोशीले विचारों से प्रेरणा लेते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वामी विवेकानंद को नमन किया है। CM हेमंत ने राष्ट्रीय युवा दिवस की दी बधाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सादर नमन। आज राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं, जोहार।         राजयपाल ने भी किया नमन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोशल मीडिया पर लिखा, युगपुरुष एवं महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन तथा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। भारतीय संस्कृति को विश्व-पटल पर गौरव दिलाने वाले स्वामी विवेकानंद जी के विचार और आदर्श युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत हैं। विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता के उच्च न्यायालय में एक वकील थे। विवेकानंद के जन्म के समय उनका नाम नरेंद्र नाथ दत्त रखा गया था। 25 साल की आयु में विवेकानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस से प्रेरित हो कर अपना घर छोड़ दिया था और एक सन्यासी की तरह अपना जीवन बिताने लगे थे। स्वामी विवेकानंद की 39 वर्ष की आयु में 4 जुलाई 1902 को मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु का कारण रात 9 बजे ध्यान करते समय मस्तिष्क में रक्त वाहिका का टूटना बताया गया था।

शिबू सोरेन की कॉफी टेबल बुक देख भावुक हुईं रूपी सोरेन

रांची. शिबू सोरेन पर प्रकाशित कॉफी टेबल बुक के विमोचन के साथ ही झामुमो के सीनियर नेता कॉफी टेबल बुक लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के पास पहुंचे। वहां एक-एक पन्ना पलटकर झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने रूपी सोरेन को पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन से जुड़ी पुरानी तस्वीरें दिखाईं। झामुमो नेता मनोज पांडेय भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे। सामूहिक तस्वीरों में रूपी सोरेन ने शैलेंद्र महतो, सूरज मंडल, निर्मल महतो आदि की तस्वीरों को पहचाना और इस क्रम में उनके अधरों पर मुस्कान की हल्की लकीर भी दिखी। तस्वीरों को देखने के क्रम में उन्हें अपने ज्येष्ठ पुत्र दुर्गा सोरेन की याद आ गई और इस याद के साथ ही उनकी आंखें डबडबा गईं। कंपकंपाते होठों से उन्होंने दुर्गा सोरेन का नाम भी लिया और पार्टी नेताओं की ओर देखा। तस्वीर में शिबू भाषण देते दिख रहे थे और दुर्गा सोरेन खड़े थे। झामुमो नेताओं को यह बात समझते देर नहीं लगी कि मामला अब गमगीन हो सकता है सो उन्होंने दूसरी तस्वीरें दिखानी शुरू कर दीं। रूपी अपने परिवार के अन्य सदस्यों को कॉफी टेबल बुक में देखकर प्रसन्न भी हुईं। कॉफी कौतूहल के साथ सभी तस्वीरों को देखा। एक-एक पन्ना पलटा। इसके बाद वे मौके पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ चर्चा करने में जुट गईं।