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चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का डेलिगेशन भाजपा दफ्तर पहुंचा, गलवान घटना के बाद पहली बार हुआ संवाद

नईदिल्ली  चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल  भाजपा के मुख्यालय पहुंचा। 2020 में गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष के बाद यह पहला मौका था, जब चीन के एक मात्र राजनीतिक दल का प्रतिनिधिमंडल भारत की सत्ताधारी पार्टी से संवाद के लिए पहुंचा। चीनी डेलिगेशन का नेतृत्व सुन हाइयान कर रहे थे, जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अंतरराष्ट्रीय विभाग के वाइस मिनिस्टर हैं। उनके साथ चीनी डेलिगेशन के भाजपा दफ्तर पहुंचने की जानकारी बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाइवाले ने एक्स पर दी। उन्होंने बताया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के डेलिगेशन के साथ इस बात को लेकर चर्चा हुई कि कैसे संवाद को बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से वार्ता का नेतृत्व भाजपा की ओर से महासचिव अरुण सिंह ने किया। इस बैठक में भारत में चीन के राजदूत शू फेइहॉन्ग भी मौजूद थे। अरुण सिंह ने भी इस बैठक की जानकारी एक्स पर दी है। उन्होंने लिखा, 'आज भाजपा दफ्तर में सुन हाइयान की लीडरशिप में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का डेलिगेशन आया। इस बैठक के दौरान हमने चर्चा की कि कैसे भाजपा और सीपीसी के बीच संवाद को बढ़ाया जा सकता है।' ऐतिहासिक रूप से भाजपा और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच एक औपचारिक संवाद वर्ष 2000 से ही जारी रहा। हालांकि इसका सिलसिला बीच-बीच में बाधित भी हुआ है। खासतौर पर गलवान में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच जो तनाव पैदा हुआ था, उसके 6 साल बाद ऐसी कोई औपचारिक मीटिंग हुई है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सहजता अक्तूबर 2024 के बाद से आई है। जब पीएम नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से रूस के कजान में मुलाकात हुई थी। इस मीटिंग के बाद लद्दाख में सेना भी दोनों देशों ने कम की है। इसके अलावा कूटनीतिक स्तर पर संवाद भी शुरू हुआ है। दरअसल बीजिंग से संवाद को लेकर भारत की राजनीति में भी पसोपेश की स्थिति रही है। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।

14 साल बाद सैमसंग को पीछे छोड़ ऐपल ने बनाई स्मार्टफोन बाजार में सबसे बड़ी स्थिति

नई दिल्ली Apple ने सैमसंग और दूसरे एंड्रॉयड प्लेयर्स को पछाड़ दिया है. इसके साथ ही Apple 2025 में दुनिया का टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. इसकी वजह iPhone 17 सीरीज की जबरदस्त डिमांड है. पिछले 14 सालों में ये पहला मौका है जब अमेरिकी स्मार्टफोन ब्रांड Apple ने सैमसंग को पीछे छोड़ते हुए टॉप स्पॉट हासिल किया है.  काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, टॉप 5 ब्रांड्स की लिस्ट में ऐपल ने सबसे ज्यादा ईयर-ऑन-ईयर (पिछले साल के मुकाबले इस साल) ग्रोथ हासिल की है. कंपनी 20 परसेंट ग्लोबल मार्केट शेयर के साथ टॉप स्पॉट पर पहुंच गई है.  2025 में जमकर हुई iPhone की बिक्री रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले 2025 में ऐपल की ग्रोथ 10 परसेंट हुई है. इसका मुख्य कारण iPhone 17 सीरीज की सफलता है, जो सितंबर 2025 में लॉन्च हुई है. इसके साथ ही iPhone 16 सीरीज की सेल भी एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से ऐपल को इतनी ग्रोथ मिलती है.  हर बार ये देखा गया है कि ऐपल के नए मॉडल्स के लॉन्च होने पर पुराने मॉडल्स की सेल बढ़ जाती है. इसकी वजह iPhone के पुराने मॉडल्स की कीमत का कम होना और उन पर मिलने वाली डील्स हैं. पिछले साल iPhone 16 भारत का बेस्ट सेलिंग फोन रहा है.  2025 की आखिरी तिमाही में ऐपल ने सबसे ज्यादा बिक्री की है. ऐपल को प्रीमियम डिवाइसेस की मांग बढ़ने का भी फायदा मिला है. पिछले कुछ वक्त से इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था कि ऐपल बेस्ट सेलिंग स्मार्टफोन की रेस में सैमसंग को पछाड़ देगा. वहीं सैमसंग का मार्केट शेयर अब 19 परसेंट रह गया है.   सैमसंग के अलावा टॉप-5 में कौन से ब्रांड हैं? पिछले साल के मुकाबले इस साल कंपनी ने 5 परसेंट की ग्रोथ हासिल की है. कंपनी की A-सीरीज और Galaxy S25 सीरीज की अच्छी डिमांड की वजह से ब्रांड की सेल बढ़ी है. प्रीमियम सेगमेंट में Galaxy Z Fold 7 की मांग ठीक-ठाक रही है. हालांकि, दुनिया के कुछ एरिया में कंपनी को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है.  सैमसंग और ऐपल के अलावा टॉप 5 लिस्ट में चीनी ब्रांड्स शामिल हैं. तीसरी पोजिशन पर Xiaomi है जिसका ग्लोबल मार्केट शेयर 13 फीसदी है. वहीं Vivo और Oppo क्रमशः चौथे और पांचवे नंबर पर हैं. Vivo की 3 परसेंट ग्रोथ हुई है, जबकि ओपो का मार्केट शेयर गिरा है.

गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर नहीं दिखेगी हरियाणा की झांकी

चंडीगढ़. गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर इस बार हरियाणा की झांकी नहीं दिखेगी। प्रदेश सरकार ने हिसार स्थित राखीगढ़ी को झांकी की विषय वस्तु के रूप में रक्षा मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा था। राखीगढ़ी सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्राचीन स्थल है, जो हिसार जिले में अब सूख चुकी सरस्वती नदी के तट पर स्थित है। यह सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक के रूप में उभरा है, जो पूर्व-हड़प्पा और हड़प्पा दोनों संस्कृतियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करता है। रक्षा मंत्रालय ने नियमों का हवाला देकर हरियाणा के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। हालांकि, इससे पहले लगातार चार साल हरियाणा की झांकी कर्तव्य पथ पर दिखती रही है। उससे पहले 2015 व 2017 में भी हरियाणा की झांकी ने सबका ध्यान खींचा था। 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में रक्षा मंत्रालय ने 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों को गणतंत्र दिवस परेड के लिए स्वीकृति दी है। हरियाणा सरकार के अधिकारियों का कहना है कि सभी राज्यों को उनकी झांकियां प्रदर्शित करने का मौका मिले, इसलिए एक रोटेशन पीरियड तय किया गया था। इस बार उन प्रदेशों को मौका दिया गया है, जिनकी कुछ सालों से झांकियां कर्तव्य पथ पर नहीं दिख रही थी। पिछले 10 सालों में हरियाणा की छह बार झांकियों ने कर्तव्य पथ की शोभा बढ़ाई है। साल 2015 में सुल्तान बर्ड सेंचुरी, 2017 में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, 2022 में हरियाणा नंबर वन इन स्पोर्ट्स, 2023 में अंतराष्टीय गीता जयंती महोत्सव, 2024 में मेरा परिवार मेरी पहचान और 2025 में समृद्ध हरियाणा-विरासत व विकास की थीम पर झांकी प्रदर्शित की गई थी। नई व्यवस्था की वजह से हिमाचल प्रदेश की पांच साल के लंबे अंतराल के बाद गणतंत्र दिवस के मौके पर झांकी देखने को मिलेगी। साल 2020 के बाद से गणतंत्र दिवस परेड के लिए हिमाचल प्रदेश की झांकी का चयन नहीं हो पाया था। पंजाब की भी झांकी को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पर आधारित भव्य झांकी पंजाब की ओर से देखने को मिलेगी, हालांकि पिछले साल भी पंजाब की झांकी का चयन किया गया था।

मध्यप्रदेश पुलिस को मिली बड़ी सफलता, चोरी, डकैती और नकबजनी के मामलों में किए गए बड़े खुलासे

मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं विगत चार दिनों में लगभग 89 लाख40हजार रूपए से अधिककी संपत्ति जब्‍त भोपाल   मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत चार दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित, प्रभावीएवंसमन्वितकार्रवाईकरतेहुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने चोरी, डकैती, नकबजनीएवं संगठित आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख 40 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की हैं। यह उपलब्धियां न केवल पुलिस की सतर्कता, बल्कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। विदिशा जिले की कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड का सफल खुलासा किया। 260 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, 180 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ एवं 08 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप 03 आरोपियों एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में लगभग 13 लाखरूपए की संपत्ति जब्‍त की है। छतरपुर जिला के थाना लवकुश नगर क्षेत्र में ग्राम प्रतापपुरा की चोरी का पुलिस ने24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.6 तोला सोना, 1.435 किलोग्राम चांदी एवं नगद राशि सहित लगभग 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  इंदौर शहर में थाना हीरानगरपुलिस ने मोबाइल टावरों से 5G नेटवर्क उपकरण चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर चोरी किए गए नेटवर्क उपकरण एवं घटना में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 9 लाख 30हजार का सामान बरामद किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना द्वारकापुरी पुलिस ने नकबजनी की 04 वारदातों में संलिप्त शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख 20हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  देवास जिलेमें ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश कर 03 चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 04 आरोपियों एवं 01 नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 लाखरूपए के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगद राशि जब्‍त की है।  उज्जैन पुलिस ने लॉकर चोरी की घटना पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतरएक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाखरूपए230 ग्राम सोना जब्‍त कियाहै।  सीहोर जिले के थाना रेहटी पुलिस द्वारा ग्राम कोसमी से चोरी हुई धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली को मात्र तीन दिनों के भीतर बरामद करते हुए लगभग 10 लाख रूपए की संपत्ति शत-प्रतिशत जब्‍त की गई।  मुरैना जिले की थाना पोरसा पुलिस ने क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 80 हजार रूपए के चोरी किए सोने–चांदी के आभूषणजब्त किए।   मंडला थाना कोतवाली पुलिस ने केबल वायर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1लाख 10हजार रूपएका चोरी गया सामान जब्‍त किया है। इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।  

चाइना डोर से पतंग उड़ाने वालों पर लगेगी धारा 307: DSP

समराला/चंडीगढ़. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही पतंग उड़ाने का शौक बढ़ जाता है, साथ ही खतरनाक प्लास्टिक डोर (चाइना डोर) से होने वाले हादसों का डर भी बढ़ जाता है। इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए समराला पुलिस ने अब सख्त रुख अपनाया है। हत्या की कोशिश (धारा 307) के तहत होगी कार्रवाई DSP समराला तरलोचन सिंह ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई भी व्यक्ति या बच्चा चाइना डोर से पतंग उड़ाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ धारा 307 यानी हत्या की कोशिश के तहत केस दर्ज किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि प्लास्टिक की डोर लोगों के गले और हाथों को गंभीर रूप से घायल कर सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। माता-पिता को भी सजा मिलेगी पुलिस ने सिर्फ पतंग उड़ाने वालों को ही नहीं, बल्कि बच्चों के माता-पिता को भी चेतावनी दी है। DSP ने कहा कि अगर कोई बच्चा प्लास्टिक की डोर का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया तो उसके माता-पिता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी आने वाले त्योहारों, जैसे लोहड़ी और बसंत पंचमी पर अब गुंडों और नियमों का उल्लंघन करने वालों की खैर नहीं होगी। समराला पुलिस इन त्योहारों के दौरान ड्रोन कैमरों से शहर की जांच करेगी ताकि यह पक्का किया जा सके कि कोई भी गैर-कानूनी डोर का इस्तेमाल न करे।

‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ में केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद बोलेः एआई पैठ में शीर्ष पर भारत

अगला ब्रेक-थ्रू अमेरिका की सिलिकॉन वैली में नहीं, बल्कि यूपी के टियर-2 व टियर-3 शहरों में होगाः जितिन प्रसाद ‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ में केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद बोलेः एआई पैठ में शीर्ष पर भारत    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोलेः 2017 के बाद यूपी के हेल्थ सेक्टर में आया ऐतिहासिक बदलाव नीति आयोग सदस्य विनोद कुमार पॉल के अनुसार, वर्ष 2035 तक भारत वैश्विक एआई परिदृश्य में देगा 10 से 15 प्रतिशत का योगदान लखनऊ उत्तर प्रदेश अब केवल निवेश का ही नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश डिजिटलाइजेशन, एआई और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह बातें केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को ‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ के उद्घाटन सत्र में कहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जहां दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, वहीं एआई पेनिट्रेशन के मामले में भी वैश्विक स्तर पर शीर्ष पर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि व स्वास्थ्य क्षेत्र का अगला बड़ा ब्रेक-थ्रू अमेरिका की सिलिकॉन वैली में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में देखने को मिलेगा। सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पॉल और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी एआई, स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन पर अपने विचार रखे। यूपी अब निवेश के साथ टेक डेस्टिनेशन भीः जितिन प्रसाद केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश का डेस्टिनेशन तो बन ही चुका है, अब वह तेजी से टेक डेस्टिनेशन की ओर बढ़ रहा है। एआई, डिजिटलाइजेशन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में देश में बड़े स्तर पर काम हो रहा है, जो किसी भी लिहाज से मामूली नहीं है। स्टैनफोर्ड सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की रिपोर्ट बताती हैं कि एआई पेनिट्रेशन में भारत पहले पायदान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि इस तेज बढ़त के साथ चुनौतियां भी हैं। साइबर लिट्रेसी को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करने वाले आम लोग बेसिक साइबर हाइजीन, एआई और नई तकनीकों को समझ सकें। डीपफेक और मिस-इन्फॉर्मेशन को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारें समन्वय के साथ काम कर रही हैं और किसी को नुकसान पहुंचाने वाले प्रयास बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत आज एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरा है। देश में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी को जनता का पूरा समर्थन प्राप्त है। जब जनभावना साथ होती है, तो सरकार के लिए बड़े और दूरगामी फैसले लेना आसान हो जाता है। पूरी दुनिया की नजर दिल्ली में होने वाले एआई इंपैक्ट समिट पर जितिन प्नसाद ने नई दिल्ली में होने वाले एआई इंपैक्ट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन आमतौर पर विकसित देशों में होता रहा है, लेकिन पहली बार भारत इसकी मेजबानी कर रहा है। पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि भारत में होने वाले इस समिट से क्या परिणाम निकलते हैं। आने वाले समय में यह समिट भारत की एआई नीति के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। केन्द्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि भारत ‘एआई सर्विस प्रोवाइडर ऑफ द वर्ल्ड’ बनने जा रहा है। इसमें स्टार्टअप्स और युवाओं की बड़ी भूमिका होगी। उत्तर प्रदेश इस यात्रा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सरकार ने रिसर्चर्स को कम दरों पर जीपीयू उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि वे नए मॉडल विकसित कर सकें और समाज के लिए उपयोगी समाधान निकाल सकें। उन्होंने यूपी में एआई प्रज्ञा, यूपी एग्रीस और एआई आधारित मार्केटप्लेस जैसे प्रयासों की सराहना की। स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘रोशनी मॉडल’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह फोटो के माध्यम से आंखों में मोतियाबिंद की पहचान करने में सक्षम है।  2017 के बाद हेल्थ सेक्टर में आमूलचूल परिवर्तनः ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है, जहां वह वैश्विक चुनौतियों को स्वीकार कर रहा है। उत्तर प्रदेश की भूमिका इसलिए भी अहम है क्योंकि जनसंख्या के लिहाज से यह दुनिया के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि यूपी में कोई योजना सफल होती है, तो उसे पूरे देश के बड़े हिस्से की सफलता माना जाता है। उन्होंने 2017 से पहले और बाद की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि 2017 के बाद प्रदेश के हेल्थ सेक्टर में आमूलचूल परिवर्तन आया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की परिकल्पना को जमीन पर उतारा गया है। वर्ष 2017 में जहां प्रदेश में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, वहीं आज 81 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं। एमबीबीएस सीटों की संख्या 5000 से बढ़कर लगभग तीन गुना हो चुकी है और 12 से साढ़े 12 हजार छात्र अध्ययनरत हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन सीटों और सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। टर्शरी केयर में लोहिया, पीजीआई और केजीएमयू ने बेहतर प्रदर्शन किया है। क्वार्टनरी केयर की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। ब्रजेश पाठक ने भरोसा जताया कि यूपी पीजीआई के माध्यम से देश में सबसे पहले इस दिशा में सफलता हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि एआई को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों को आपस में जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में बड़े स्तर पर निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अभिनव प्रयोग के तहत स्टेट बैंक के सहयोग से विकसित एप के माध्यम से महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा आसानी से मिल रही है। भारत के एआई परिदृश्य में उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिकाः विनोद कुमार पॉल नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पॉल ने कहा कि नीति आयोग लंबे समय से एआई पॉलिसी पर कार्य कर रहा है। 2018-19 में एआई स्ट्रैटेजी विकसित की गई और पिछले दो वर्षों में फ्रंटियर हब के जरिए एआई, क्वांटम इकॉनमी, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और जॉब क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में काम हुआ है। उन्होंने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक 2035 तक भारत वैश्विक एआई … Read more

MP Weather: ठंड और कोहरे का कहर, संक्रांति के बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस से मावठा की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश में जनवरी के दूसरे हफ्ते में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस 15 जनवरी से सक्रिय होगा। यह स्ट्रॉन्ग सिस्टम 2-3 दिन बाद प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में मावठा गिरने का कारण बन सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा और तेज ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभागों में सुबह से मध्यम कोहरा और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर और सीहोर में भी कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा रहा। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर में भी कोहरा है। हालांकि, विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर तक है। वहीं, उत्तरी हिस्से में सर्द हवाओं का असर बना रहेगा। वजह यहां बर्फीली हवाएं सीधे आना है। तेज सर्दी होने से ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री से नीचे चल रहा है। दतिया, श्योपुर जैसे जिलों में भी सर्दी का असर बरकरार है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, इंदौर में 9.6 डिग्री, उज्जैन में 9.4 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, कल्याणपुर में तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। दतिया में 5.4 डिग्री, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.6 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री और खजुराहो में 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे ही रहा। सोमवार को दिन में दतिया सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 21.8 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री, नौगांव में 21.6 डिग्री, रीवा में 22.2 डिग्री, खजुराहो-श्योपुर में 22.6 डिग्री और मलाजखंड में तापमान 22.8 डिग्री रहा। छा रहा कोहरा, ट्रेनों की टाइमिंग पर असर नए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम, सचखंड एक्सप्रेस समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाओं का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पूर्व भारत में इस समय पश्चिमी जेट स्ट्रीम की तेज हवाएं बह रही हैं। यही वजह है कि, प्रदेश में तापमान लगातार गिर रहा है और ठंड का असर बढ़ा है। आने वाले दिनों में सुबह और रात में ठंड और कोहरे का असर और मजबूत होगा। विशेष रूप से उत्तर-मध्य प्रदेश के जिलों में सर्द हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान और कम दर्जा वाला कोहरा रहेगा। ग्वालियर, दतिया, श्योपुर और मंडला जैसे जिले लगातार ठंड के प्रभाव में रहेंगे। 13 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 13 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में विजिबिलिटी घट सकती है। नागरिकों को कोहरे में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अलर्ट वाले जिले: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज

पूछ एआई के को-फाउंडर व सीईओ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात

एआई ही है ‘नेक्स्ट बिग थिंग’ – सिद्धार्थ भाटिया पूछ एआई  के को-फाउंडर व सीईओ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात सिद्धार्थ भाटिया ने की मुख्यमंत्री की तारीफ, बोले: प्रदेश में एआई को लेकर मुख्यमंत्री का विजन साफ और स्पष्ट सभी तक एआई की पहुंच ही देश व प्रदेश के कायाकल्प का माध्यम बनेगी: सिद्धार्थ भाटिया भारत का डेटा भारत में ही रहे और एआई का लाभ सभी को मिले, इस दिशा में हो रहा प्रयास लखनऊ  विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध डबल इंजन सरकार के प्रयास अब धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई देने लगे हैं। उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी भविष्य आधारित तकनीक का प्रयोग विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से हो रहा है। एआई को ही ‘नेक्स्ट बिग थिंग’ यानी अगला बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है। पूछ एआई के को-फाउंडर और सीईओ सिद्धार्थ भाटिया ने यह बात कही। सोमवार को उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई, जिसमें प्रदेश में एआई से जुड़े प्रयासों और इसे जनता तक अधिक सुलभ बनाने को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि जब शीर्ष नेतृत्व का विजन, उद्देश्य और महत्वाकांक्षा स्पष्ट होती है, तो उसके सकारात्मक परिणाम स्वतः ही धरातल पर दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एआई को लेकर जिस प्रकार नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन पर कार्य हुआ है, उससे आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन सहित कई बड़ी उपलब्धियां प्रदेश के खाते में जुड़ेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई की नागरिकों तक व्यापक और सुलभ पहुंच ही देश व प्रदेश के कायाकल्प का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारत में ही रहे भारत का डेटा, सभी को मिले एआई का लाभ पूछ एआई के सीईओ व को-फाउंडर सिद्धार्थ भाटिया के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में भारत में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ा है। हालांकि, यह आवश्यक है कि भारत का डेटा भारत में ही सुरक्षित रहे। इससे एआई के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि उनकी टीम भारत में एआई को इस तरह सुलभ बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसान हो, गृहिणी, पेशेवर या छात्र, बिना किसी ऐप के कॉल या व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से समाधान प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि यह सेवा सभी के लिए निःशुल्क होनी चाहिए और इसका उपयोग इतना सरल हो कि किसी को प्रॉम्प्ट सीखने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यूपीआई इसका सटीक उदाहरण है। प्रारंभ में इसे लेकर आशंकाएं थीं, लेकिन आज यह घर-घर तक और देश के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों तक डिजिटल भुगतान का सशक्त माध्यम बन चुका है। इसी प्रकार एआई का उपयोग भी उत्तर प्रदेश और भारत के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे, इसी दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। रोजगार छिनने का नहीं, सृजन का माध्यम है एआई सिद्धार्थ भाटिया ने कहा कि एआई रोजगार छीनने का नहीं, बल्कि रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग समय की आवश्यकता है और जो इससे स्वयं को अनभिज्ञ रखेगा, वह पीछे रह जाएगा। भविष्य की जरूरत यह है कि सभी पेशेवरों सहित आम नागरिक भी एआई के प्रति न केवल जागरूक हों, बल्कि उसका प्रभावी उपयोग करें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस दिशा में बड़े स्तर पर सराहनीय प्रयास हुए हैं, लेकिन इन्हें और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात के दौरान प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। सिद्धार्थ भाटिया आगामी दिनों में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एआई सेक्टर का प्रतिनिधित्व भी करेंगे।

निपाह वायरस का खतरा फिर बढ़ा बंगाल में, 2 लोग भर्ती; CS ने SOP के पालन पर जोर दिया

कोलकाता: निपाह वायरस का डर एक बार फिर पश्चिम बंगाल में लौट आया है. वायरस से संक्रमित होने के बाद दो लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. उन्हें बारासात के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है. पता चला है कि दोनों पीड़ित पेशे से नर्स हैं और उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है. वायरस से संक्रमित लोगों की उम्र 22 से 25 साल के बीच है. हेल्थ डिपार्टमेंट ने उनकी पहचान गुप्त रखी है. खबर है कि राज्य सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार सुबह स्थिति का जायजा लेने के लिए अस्पताल गया. स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर कड़ी नज़र रख रहा है. उन्होंने लोगों के सवालों और चिंताओं को दूर करने के लिए दो हेल्पलाइन नंबर शुरू करने की घोषणा की है. नंबर हैं 033-2333-0180 और 9874708858. संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए एक खास स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया गया है. राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने कहा, 'घबराने की कोई बात नहीं है. हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं, और संक्रमण को कंट्रोल में रखने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है.' वायरस के स्रोत और फैलने के बारे में राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने कहा, 'निपाह वायरस संक्रमण का स्रोत चमगादड़ हैं. इसलिए, चमगादड़ जिन चीजों को खाते हैं, उन्हें खाने से बचने की सलाह दी जाती है.' चीफ सेक्रेटरी नंदिनी चक्रवर्ती ने कहा, 'निपाह से निपटने के लिए तय एसओपी को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है. आम लोगों से मैं कहना चाहूंगी कि वे ऐसे फल या खाने की चीजें न खाएं जो चमगादड़ों से दूषित हो सकती हैं. क्योंकि चमगादड़ निपाह वायरस के वाहक माने जाते हैं.' स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार प्रभावित दोनों नर्सें निजी कारणों से पुरबा बर्धमान गई थी. हालांकि, उनका राज्य से बाहर यात्रा करने का कोई इतिहास नहीं है. उनका फिलहाल एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है, और उनकी हालत पर करीब से नजर रखी जा रही है. उनके खून के सैंपल एम्स कल्याणी भेजे गए हैं. स्वास्थ्य सचिव ने आगे कहा कि राज्य में निपाह वायरस की टेस्टिंग के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर है. खास नोडल अस्पतालों की पहचान की गई है, और किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं. प्रभावित लोगों के परिवार के सदस्यों को भी मेडिकल निगरानी में रखा गया है. इस स्थिति में कई डॉक्टरों के संगठनों ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई भी साफ तौर पर दिखने वाला जन जागरूकता अभियान या इमरजेंसी पब्लिक हेल्थ उपाय नहीं किए हैं. एसोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विसेज ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी को एक पत्र लिखकर कहा, 'संक्रमण को रोकने के लिए 'युद्ध स्तर पर' जिस तरह के कदम उठाने की जरूरत है, वे असल में दिख ही नहीं रहे हैं. इससे यह शक होता है कि क्या प्रशासन जानबूझकर स्थिति को छिपाने की कोशिश कर रहा है या मामले की गंभीरता को समझने में नाकाम हो रहा है.'मेडिकल कम्युनिटी के कुछ लोगों के अनुसार, स्थिति और भी चिंताजनक है क्योंकि पश्चिम बंगाल ने 2001 में सिलीगुड़ी में निपाह वायरस के विनाशकारी प्रकोप और उसके गंभीर परिणामों को पहले ही देखा है. इस अनुभव के बावजूद तेजी से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, क्वारंटाइन और अन्य जरूरी महामारी विज्ञान उपायों को लागू करने में देरी पर सवाल उठाए जा रहे हैं. इस स्थिति में संबंधित संगठनों ने स्वास्थ्य विभाग और निदेशालय से तुरंत दखल देने की जोरदार मांग की है. उनका तर्क है कि घबराहट फैलाने के बजाय, वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर जनता को शिक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है. व्यक्तिगत स्वच्छता के तरीकों, संक्रमण से बचाव के तरीकों और वास्तविक स्थिति को साफ तौर पर समझाने के लिए सरकार की ओर से तुरंत घोषणा की जरूरत है. उन्होंने कोविड -19 महामारी के अनुभव से सीखते हुए विस्तृत दैनिक स्वास्थ्य बुलेटिन प्रकाशित करने की भी मांग की है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई न जाए और जानकारी में कोई असमानता न हो.

स्टार्ट इन यूपी स्टार्टअप के अंतर्गत एक माह के भीतर 106 नए स्टार्टअप को मिली मान्यता

स्टार्टअप इकोसिस्टम : यूपी में स्टार्टअप्स को लगातार मिल रही उड़ान    स्टार्ट इन यूपी स्टार्टअप के अंतर्गत एक माह के भीतर 106 नए स्टार्टअप को मिली मान्यता   स्टार्टअप इंडिया के तहत भी यूपी में मिल रही मजबूती, कुल 19,042 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप    योगी सरकार के नीतिगत सहयोग और अनुकूल वातावरण से उत्तर प्रदेश बनता जा रहा स्टार्टअप हब लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम का परिदृश्य लगातार व्यापक होता जा रहा है। अनुकूल वातावरण की वजह से प्रदेश में स्टार्टअप्स के मामले में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है। प्रदेश सरकार की स्टार्ट इन यूपी पहल के अंतर्गत रिकॉग्नाइज्ड (मान्यता प्राप्त) स्टार्टअप्स की संख्या अब 3000 के पार पहुंच चुकी है। योगी सरकार की स्पष्ट मान्यता है कि प्रदेश का युवा नौकरी ढूँढ़ने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बने और यह साकार होने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में स्टार्ट इन यूपी रिकॉग्नाइज्ड स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 3011 हो गई है, जबकि दिसंबर 2025 में यह आंकड़ा 2905 था। दिसंबर के बाद मात्र कुछ ही समय में 106 नए स्टार्टअप्स को मान्यता मिली है, जो प्रदेश में बढ़ते उद्यमी विश्वास को दर्शाता है। प्रदेश स्तर के साथ-साथ केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया योजना के अंतर्गत भी उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार सुदृढ़ होती जा रही है। दिसंबर, 2025 में उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 18,568 थी जो वर्तमान में  बढ़कर 19,042 हो गई है। इस दौरान 474 नए स्टार्टअप्स को स्टार्ट अप इंडिया के अंतर्गत मान्यता प्राप्त हुई है। यह आंकड़ा प्रमाणित करता है कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर भी स्टार्टअप गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में स्टार्टअप्स को लेकर स्पष्ट और दूरदर्शी नीति अपनाई गई है। स्टार्ट इन यूपी नीति के माध्यम से सरकार ने फंडिंग, सपोर्ट, मेंटरशिप इनक्यूबेशन और तकनीकी सहयोग जैसी सुविधाओं को प्रदान करने का काम किया है। इसके साथ ही आवेदन और मान्यता की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे कि अधिक से अधिक युवा उद्यमिता की ओर आकर्षित हों। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए और उन्हें अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने के लिए अनुकूल वातावरण मिले।  आईटी विशेषज्ञ प्रदीप यादव का कहना है कि कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर और डिजिटल गवर्नेंस के विस्तार का असर भी स्टार्टअप सेक्टर पर स्पष्ट दिखाई आ रहा है। अब स्टार्टअप्स केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गए हैं, छोटे शहरों और जिलों से भी नए उद्यम सामने आ रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।