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पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण, बोले राज्यपाल पटेल

पेसा के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण : राज्यपाल  पटेल लोक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में पेसा, अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को विकास के नए आयाम दिए हैं। जनजातीय समुदाय और ग्राम सभाओं में पेसा नियम की जन जागरूकता आवश्यक है। संबंधित विभाग पेसा नियम के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ग्राम सभा और समितियों की विशेष सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने नवाचार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने पेसा ग्राम सभाओं और पेसा समितियों द्वारा किए गए विशेष कार्यों की जानकारी ली और सराहना की। लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि पेसा नियमों के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण की सफलता अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारे की भावना को मजबूत कर रही है। जनजातीय समुदाय को अनावश्यक मुकदमों एवं आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। संबंधित विभाग इन सफलताओं की बुकलेट बनाएं और वितरित करें। बैठक में पेसा ग्राम सभाओं के वित्तीय पक्ष, वन ग्रामों को राजस्व में परिवर्तन, ग्राम सभाओं के नजरी नक्शा, लंबित प्रस्ताव, पट्टों की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्रहण भुगतान आदि विभिन्न बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की।   राज्यपाल  पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  पटेल ने पेसा नियमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आगामी लक्ष्यों, उपलब्धियों, कठिनाईयों और उनके व्यावहारिक समाधान के विभागीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पेसा मोबेलाइजर्स के मानदेय के भुगतान संबंधी आगामी नवाचार प्रयासों को बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्धारित बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी। समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त सह-संचालक  छोटे सिंह, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह-संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

भोजशाला : बसंत पंचमी से पहले चला बुलडोजर, हिंदू संगठनों ने कहा- पूजा का अवसर पूरे दिन मिलना चाहिए

धार   नगर गौरव दिवस और बसंत पंचमी उत्सव (Basant Panchami) को लेकर धार शहर में तैयारियां तेज हो गई है। आयोजन के मद्देनजर हिंदू संगठनों के साथ ही पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे है। 17 जनवरी को शहर में हिंदू संगठनों द्वारा वाहन रैली निकाली जाएगी, जबकि 23 से 26 जनवरी तक नगर गौरव दिवस के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके चलते शहर की गलियों और मुख्य सड़को पर भगवा पताकाएं, स्वागत द्वार और सजावट की गई है, जिससे पूरा शहर आयोजन से पहले दुल्हन की तरह सजा हुआ नजर आ रहा है। भोजशाला (Bhojshala) और मोतीबाग चौक क्षेत्र में प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने सप्ताहिक हाट और अस्थायी दुकानो को खाली करा दिया है। नगर पालिका की टीम ने दोपहर में जेसीबी से एक दुकान तोड़ी (Bulldozer Action), साथ ही गुमटियों को हटाकर पूरा क्षेत्र साफ कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से भोजशाला परिसर को 300 मीटर परिधि को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। आदर्श रोड से हटाई गई फुटपाथ की दुकानें घोड़ा चौपा‌टी से त्रिमूर्ति चौराहे के बीच आदर्श रोड पर लंबे समय से फुटपाथ पर लग रही सब्जी व फल की दुकानों को प्रशासन ने सख्ती से हटाया। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एक दिन पहले ही मुनादी कर चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद नहीं मानने वाले दुकानदारों को गुरुवार को हटाया गया। इसके बाद आदर्श रोड की सडक चौड़ी और सुगम नजर आई। घोड़ा चौपाटी स्थित उत्कृष्ट विद्यालय के सामने हमेशा लगने वाले ठेलों के हटने से वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। किला मैदान के पास दी गई थी अस्थायी जगह फुटपाथ से हटाए गए सब्जी विक्रेताओं को किला मैदान के पास अस्थायी रूप से बैठने की जगह बताई गई थी। नगर पालिका द्वारा पहले भी यहां दुकानों को शिफ्ट करने का प्रयास किया गया था, लेकिन विरोध के चलते सफलता नहीं मिल पाई। गुरुवार को भी सड़क से हटाने के बाद दुकानदारों को नई जगह दुकान लगाने की कहा गया, किंतु शिफ्टिंग स्थल पर कोई दुकानदार नहीं पहुंचा। फिक्स प्वाइंट पर पुलिस तैनात शुक्रवार को वसंत पंचमी तिथि होने के चलते भोजशाला से जुड़े आयोजन को लेकर करीब 10 साल बाद इतनी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए माइक्रो मैनेजमेंट किया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर फिक्स प्वाइंट पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है. वहीं गली-मोहल्लों में पड़े ईंट-पत्थर भी हटवाए जा रहे हैं, ताकि किसी तरह की अपिय स्थिति न बने। बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की मांग केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन भोजशाला में शुक्रवार 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर एक दिन के लिए सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा की अनुमति देने की मांग को लेकर धार में गतिविधियां तेज हो गई है। गुरुवार को जिला मुख्यालय धार में अग्रवाल समाज, रामीमाली समाज नौगांव, लोधा समाज और सकल वैश्य समाज द्वारा अलग-अलग ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए। ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय एवं पुरातत्व महानिदेशक के नाम संबोधित है। इनमें 2003 के आदेश का हवाला देते हुए वसंत पंचमी पर निर्विघ्न पूजा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। बसंत पंचमी को लेकर जन जागरण अभियान भी तेज किया जा रहा है। 17 जनवरी से धार में अखंड पूजा के संकल्प के तहत जन जागरण रैलियां निकाली जाएंगी। इसमें युवा वाहन रैली, बाल मनुहार रैली के साथ ही महिलाओं द्वारा भी यात्राएं निकाली जाएंगी। देशभक्ति गीतों से गूंजा आयोजन स्थल मकर संक्रांति के अवसर पर बसंत पंचमी उत्सव समिति कार्यालय में मातृशक्तियों का हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिलाओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम को भोजशाला मुक्ति आंदोलन के संयोजक गोपाल शर्मा तथा राजेश शुक्ला ने संबोधित किया। शहर के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ज्ञापन सौंपने का दौर शुरू हो गया है, दिग्ठान में सकल हिंदू समाज द्वारा पुलिस चौकी पर आवेदन देकर 23 जनवरी वसंत पंचमी को अखंड पूजा की अनुमति देने की मांग की गई। सीएम के नाम ज्ञापन, कोतवाली थाने पर भी आवेदन भोजशाला मोतीबाग चौक पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार आशीष राठौर को सौंपा। इसमें बसंत पंचमी पर निर्विघ्न पूजन-हवन सुनिश्चित करने की मांग की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष अशोक मुनिया, मालवा प्रांत संगठन मंत्री संजय यादव सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इधर भारतीय किसान संघ भी समर्थन में मैदान में उतर आया है। गुरुवार को भाकिसं पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने पहुंचकर थाना प्रभारी दीपकसिंह को भोजशाला वसंत पंचमी को लेकर आवेदन सौंपा।

झारखंड के रिम्स में 8.5 लाख से अधिक ओपीडी और 63 हजार की हुई सर्जरी

रांची. राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आम लोगों का भरोसा लगातार मजबूत होता जा रहा है। अस्पताल की ताजा वार्षिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में रिम्स की ओपीडी में 8 लाख 58 हजार से अधिक मरीजों ने इलाज कराया, जबकि 78 हजार से ज्यादा मरीजों को इंडोर यानी आइपीडी सेवाएं दी गई। ये आंकड़े न सिर्फ रिम्स की बढ़ती क्षमता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी साबित करते हैं कि राज्य के लोग अब जटिल बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर भरोसा करने लगे हैं। हजारों सर्जरी, जटिल इलाज में भी इजाफा रिपोर्ट के अनुसार, वर्षभर में रिम्स में कुल 63,926 सर्जरी की गईं। इनमें 20,995 मेजर आपरेशन शामिल हैं, जबकि 42,931 माइनर सर्जरी की गई। मेजर सर्जरी की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि अब हार्ट, ब्रेन, कैंसर, ट्रामा और अन्य जटिल बीमारियों का इलाज रिम्स में बड़े स्तर पर संभव हो रहा है। इससे मरीजों को बाहर के निजी अस्पतालों या दूसरे राज्यों में रेफर होने की मजबूरी भी कम हुई है। जांच सुविधाओं पर भी बढ़ा भरोसा रिम्स में डायग्नोस्टिक सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक एक साल में कुल 1,40,779 रेडियोलाजी जांच की गई। इनमें 90,758 एक्स-रे, 23,868 अल्ट्रासाउंड और 26,153 सीटी स्कैन शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच उपलब्ध से गंभीर बीमारियों का शुरुआती स्तर पर ही निदान संभव हो पा रहा है, जिससे इलाज की सफलता दर बढ़ी है। लैब सेवाओं पर भारी दबाव पैथोलाजी और सेंट्रल लैब सेवाओं में भी रिकार्ड संख्या में जांच की गई। सेंट्रल लैब में कुल 8,92,531 जांच दर्ज की गई। इनमें हेमेटोलाजी विभाग में 1.75 लाख से अधिक जांच, क्लिनिकल पैथोलाजी में 25,625 जांच, माइक्रोबायोलाजी में 2.72 लाख से अधिक और वायरलाजी व एसपी मालिक्यूलर जांच की संख्या 1.82 लाख रही। यह आंकड़े बताते हैं कि रिम्स राज्य का सबसे बड़ा डायग्नोस्टिक हब बनता जा रहा है। हृदय रोगियों को मिली बड़ी राहत कार्डियोलाजी विभाग में भी मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार एक साल में 35,735 ईसीजी, 17,580 ईको, 1,248 टीएमटी और 302 होल्टर टेस्ट किए गए। इससे बीपी, हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों की समय पर पहचान और इलाज संभव हो सका। मातृ-शिशु सेवाओं में भी अहम योगदान रिम्स ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्षभर में अस्पताल में 5,214 प्रसव कराए गए, जिनमें 2,773 बालक और 2,441 बालिकाओं का जन्म हुआ। वहीं, 10,165 मौतें दर्ज की गई, जो यह दर्शाती हैं कि रिम्स एक तृतीयक रेफरल सेंटर होने के कारण राज्यभर से गंभीर और जटिल मरीजों का दबाव झेलता है। टीकाकरण में भी सक्रिय भूमिका रिम्स में वर्षभर में कुल 33,505 टीकाकरण किए गए। इसमें बीसीजी, डीपीटी, पेंटावैक, ओपीवी, रोटा वायरस, पीसीवी, हेपेटाइटिस-बी सहित अन्य आवश्यक टीके शामिल हैं। इससे बच्चों और आम लोगों को कई संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा मिली। रिम्स निदेशक डा. राजकुमार के अनुसार ये आंकड़े बताते हैं कि रिम्स अब केवल रांची ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए जीवनरेखा बन चुका है। सीमित संसाधनों और बढ़ते मरीज दबाव के बावजूद रिम्स द्वारा दी जा रही सेवाएं यह संकेत देती हैं कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

शत्रुजीत कपूर बने ITBP डायरेक्टर और राकेश अग्रवाल NIA चीफ

चंडीगढ. हरियाणा के रहने वाले दो सीनियर आईपीएस अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक रह चुके शत्रुजीत कपूर जहां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के महानिदेशक का दायित्व संभालेंगे। वहीं, हिमाचल प्रदेश के आईपीएस राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। शत्रुजीत कपूर मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले हैं, जबकि राकेश अग्रवाल हरियाणा के हिसार के रहने वाले हैं। शत्रुजीत कपूर को अफसरशाही में भ्रष्टाचार खत्म करने, बिजली विभाग को घाटे से उबारने और परिवहन विभाग में ई-टिकटिंग की सुविधा आरंभ करने के लिए जाना जाएगा। दूसरी बार मिली जिम्मेदारी एनआईए चीफ की जिम्मेदारी हरियाणा के मूल निवासी किसी आईपीएस को दूसरी बार मिली है। राकेश अग्रवाल से पहले असम-मेघालय काडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी वाईसी (योगेश चंद्र) मोदी एनआइए के चीफ रह चुके हैं। वाईसी मोदी मूल रूप से फतेहाबाद जिले के टोहाना के रहने वाले हैं। बाद में उनका परिवार जींद आ गया था। उनकी 10वीं तक पढ़ाई जींद और स्नातक की पढ़ाई सोनीपत में हुई। कानून की पढ़ाई उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से की। उनके भाई आईपीएस अधिकारी यशपाल सिंघल हरियाणा के पुलिस महानिदेशक और राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त रह चुके हैं, जबकि बेटी आस्था मोदी हरियाणा काडर की 2013 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, जो फिलहाल केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर राज्य में दो साल से अधिक समय तक पुलिस महानिदेशक रहे हैं। उन्होंने विजिलेंस प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं देकर कई भ्रष्ट आईपीएस व आइएएस अधिकारियों को बेनकाब किया, जो बाद में कोर्ट भी गए, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली। पूरन कुमार सुसाइड केस में आया शत्रुजीत कपूरा का नाम पुलिस महानिदेशक पद पर रहते हुए शत्रुजीत कपूर का नाम आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में आया तो सरकार ने उन्हें दो माह की छुट्टी पर जाने के लिए राजी कर लिया था। कपूर के छुट्टी से लौटने के बाद उन्हें हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया। इसी पद पर रहते हुए कपूर को आइटीबीपी के महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी साल 31 अक्टूबर को उनकी रिटायरमेंट है। शत्रुजीत कपूर ने दी ये सेवाएं आईपीएस रहते आइएएस काडर के पदों पर दी सेवाएं आइटीबीपी प्रमुख के तौर पर शत्रुजीत कपूर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच तैनात हिमवीरों का नेतृत्व करेंगे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास और सीमा की चौकसी को और अधिक सुदृढ़ करना उनके कार्यकाल की मुख्य प्राथमिकताएं होंगी। उनकी गिनती केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल के भरोसेमंद अधिकारियों में होती रही है। मनोहर लाल ने ही मुख्यमंत्री रहते हुए शत्रुजीत कपूर के रूप में किसी आईपीएस अधिकारी को आइएएस अधिकारी के नेतृत्व वाली बिजली कंपनियों व के चेयरमैन और परिवहन विभाग के प्रधान सचिव पदों की अहम जिम्मेदारी सौंपी थी। बिजली व परिवहन सुधारों के लिए जाने जाएंगे कपूर हरियाणा की बिजली कंपनियों के चेयरमैन के रूप में सेवाएं दे चुके शत्रुजीत कपूर की छवि एक ‘रिजल्ट-ओरिएंटेड’ (तुरंत परिणाम देने वाले) अधिकारी की है। उन्होंने जब बिजली कंपनियों के चेयरमैन के रूप में काम संभाला था, उस समय राज्य के सिर्फ 105 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जाती थी, लेकिन शत्रुजीत कपूर ने इसे 5300 गांवों तक पहुंचाने का बड़ा काम किया। आज अभी तक छह हजार गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंच रही है। राकेश हरियाणा के दूसरे अफसर, जो एनआइए चीफ बने 1994 बैच के हिमाचल प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी हिसार निवासी राकेश अग्रवाल हरियाणा के ऐसे दूसरे अधिकारी हैं, जो एनआइए चीफ बने हैं। सदानंद दाते के महाराष्ट्र का डीजीपी बनने के बाद से यह पद खाली चल रहा था। राकेश अग्रवाल एनआइए के महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभालने के दिन से 31 अगस्त 2028 तक अपनी रिटायरमेंट या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। वाईसी मोदी रहे एनआईए चीफ नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के समय वाईसी मोदी थे एनआइए चीफ नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के समय वाईसी मोदी एनआइए चीफ थे। इसके बाद कुछ समय के लिए कुलदीप सिंह कार्यवाहक रहे, फिर बाद में पंजाब के डीजीपी रह चुके दिनकर गुप्ता एनआइए चीफ बने थे। इनके बाद सदानंद दाते को कमान मिली थी। उनकी अगुवाई में पहलगाम हमले की जांच हुई थी।

खुद के नाम जमाबंदी नहीं होने से ई-केवाईसी में आगे लेकिन रजिस्ट्री में पीछे

लखीसराय. सरकार द्वारा किसानों को फसल ऋण, फसल बीमा, मुआवजा एवं आपदा राहत जैसी योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत प्रथम चरण में उन्हीं किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है, जिनके नाम से भूमि की जमाबंदी कायम है और जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक हैं। जिले में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत पांच दिसंबर 2025 को रामगढ़ चौक प्रखंड से की गई थी। यह अभियान 31 दिसंबर 2025 तक प्रस्तावित था, लेकिन भूमि संबंधी लंबित मामलों के निष्पादन में राजस्व कर्मचारियों के व्यस्त रहने के कारण 10 दिसंबर से 31 दिसंबर तक फार्मर रजिस्ट्री का कार्य बाधित रहा। इसके बाद छह जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 तक फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। इस अवधि में जिले के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कुल 49,123 सक्रिय लाभुक किसानों में से 40,656 किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा सका, जबकि मात्र 9,190 किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो पाई। फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति को देखते हुए सरकार ने पुनः 18 जनवरी 2026 से 21 जनवरी 2026 तक गहन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। प्रखंडवार स्थिति (6 से 11 जनवरी 2026 तक) – बड़हिया प्रखंड में 3,950 लाभुकों में 4,122 का ई-केवाईसी तथा 1,021 की फार्मर रजिस्ट्री हुई। चानन प्रखंड में 8,532 लाभुकों में 6,336 का ई-केवाईसी और 1,456 की रजिस्ट्री की गई। हलसी प्रखंड में 7,350 लाभुकों में 5,675 का ई-केवाईसी और 2,060 की रजिस्ट्री हुई। लखीसराय प्रखंड में 5,576 लाभुकों में 4,625 का ई-केवाईसी और 812 की रजिस्ट्री हुई। पिपरिया प्रखंड में 2,678 लाभुकों में 2,236 का ई-केवाईसी और 514 की रजिस्ट्री की गई। रामगढ़ चौक प्रखंड में 4,331 लाभुकों में 3,783 का ई-केवाईसी और 950 की रजिस्ट्री हुई। वहीं सूर्यगढ़ा प्रखंड में सर्वाधिक 16,706 लाभुकों में 13,879 का ई-केवाईसी और 2,377 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की गई। फार्मर रजिस्ट्री धीमी होने का कारण प्रथम चरण में केवल उन्हीं किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो रही है, जिनके नाम से भूमि की जमाबंदी दर्ज है। जिले के अधिकांश प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक किसानों की भूमि उनके पिता या परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से दर्ज है। स्वयं के नाम से जमाबंदी रखने वाले किसानों की संख्या कम होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया कृषि समन्वयक द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों का आधार सत्यापन के माध्यम से ई-केवाईसी किया जाता है। इसके बाद राजस्व कर्मचारी भूमि विवरण के आधार पर फार्मर आईडी का निर्माण कर फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करते हैं। फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य – प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। सरकार ने इसे लेकर 18 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक गहन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। – कुंदन कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, लखीसराय

यूपी में झूठी FIR पर कार्रवाई, गवाह भी होंगे दायित्व में, HC ने DGP को दिए कड़े निर्देश

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने झूठी एफआईआर दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला फैसला दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि झूठी एफआईआर दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता ही नहीं, बल्कि उनके गवाहों के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने आदेश दिया है कि यदि किसी मामले की विवेचना के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि कोई अपराध बनता ही नहीं है और अंतिम/क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाती है, तो विवेचना अधिकारी को शिकायतकर्ता एवं गवाहों के विरुद्ध लिखित शिकायत भी प्रस्तुत करनी होगी। यह शिकायत बीएनएस की धारा 212 और 217 (पूर्व में आईपीसी की धारा 177 व 182) के अंतर्गत होगी, ताकि बीएनएस की धारा 215(1)(ए) (सीआरपीसी की धारा 195(1)(ए)) के तहत संज्ञान लिया जा सके। पुलिस महानिदेशक को दिए निर्देश कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि इस कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी की गई तो विवेचना अधिकारी, थाना प्रभारी, सर्किल अधिकारी ही नहीं, बल्कि संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई और अदालत की अवमानना की कार्यवाही हो सकती है। इस संबंध में हाई कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि वे अधीनस्थ अधिकारियों के लिए आवश्यक आदेश जारी करें। कोर्ट ने कहा कि यदि विवेचना अधिकारी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करता है, तो केवल रिपोर्ट दाखिल करना पर्याप्त नहीं होगा। उसे पुलिस रेगुलेशन के अनुसार झूठी सूचना देने के लिए विधिवत शिकायत दर्ज कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर संबंधित पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के आचरण के विरुद्ध हाई कोर्ट में उचित कार्रवाई के लिए संपर्क किया जा सकता है। अधीनस्थ अदालतों को निर्देश दिया एकलपीठ ने सभी न्यायिक मजिस्ट्रेटों और अधीनस्थ अदालतों को निर्देश दिया है कि अभियुक्त के पक्ष में क्लोजर रिपोर्ट आने की स्थिति में वे पूरी केस डायरी का अवलोकन करें। साथ ही, जांच अधिकारी को सूचक (वादी) और एफआईआर में नामित गवाहों के विरुद्ध लिखित शिकायत प्रस्तुत करने का निर्देश दें, जैसा कि सीआरपीसी की धारा 195(1)(ए) (तदनुरूप बीएनएसएस की धारा 215(1)(ए)) में प्रावधानित है। कोर्ट ने यह भी कहा कि संज्ञान लेने से पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट पूरे अभिलेखों का परीक्षण करें। यदि प्रथमदृष्टया अपराध बनता प्रतीत न हो, तो शिकायतकर्ता से विरोध याचिका (प्रोटेस्ट पिटीशन) आमंत्रित कर उसे सुनें। इसके पश्चात यदि अपराध बनता है, तभी सीआरपीसी की धारा 190(1)(ए) या 190(1)(बी) के तहत संज्ञान लिया जाए। शिकायत भी अनिवार्य रूप से दाखिल करें इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि सभी विवेचना अधिकारी, थाना प्रभारी, सर्किल अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक एवं लोक अभियोजक अंतिम/क्लोजर रिपोर्ट के साथ आवश्यक शिकायत भी अनिवार्य रूप से दाखिल करें। इस आदेश के अनुपालन के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। यह है मामला मामले के अनुसार, अलीगढ़ निवासी उम्मे फारवा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने पूर्व पति महमूद आलम खान द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर को चुनौती दी थी। याची ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को सही ठहराते हुए मजिस्ट्रेट द्वारा प्रोटेस्ट याचिका स्वीकार कर केस कायम करने की कार्रवाई को न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया था। याची और विपक्षी पहले कोरिया के सियोल में रहते थे। लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर विवाद के बाद दोनों का तलाक हो गया। इसके पश्चात पूर्व पति ने अलीगढ़ के क्वार्सी थाने में एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने विवेचना के बाद अंतिम रिपोर्ट दाखिल की, लेकिन प्रोटेस्ट याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामला कायम रखते हुए याची को समन जारी कर दिया। इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट की सफाई को आंशिक रूप से संतोषजनक माना और स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणियों का उनके भविष्य के कैरियर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, हाई कोर्ट ने अलीगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द करते हुए निर्देश दिया है कि मामले में नए सिरे से, विधि के अनुसार अभियुक्त को सुनकर निर्णय लिया जाए।

झारखंड के 119 स्कूलों को मिलेगा मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार

गिरिडीह. मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए गिरिडीह जिला के आठ और पूरे राज्य के 119 विद्यालयों का चयन पांच अलग-अलग कैटेगरी में हुआ है। आठ जनवरी को संपन्न राज्य स्तरीय समिति (JEPC) की बैठक में विद्यालयों का चयन किया गया। गिरिडीह जिला के चयनित विद्यालयों में प्राइमरी ग्रामीण कैटेगरी में प्राथमिक विद्यालय भंडारीडीह व उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय घोंसे ऊपर टोला, एलीमेंट्री ग्रामीण कैटेगरी में उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोरियांचू, एलीमेंट्री शहरी में पीएम श्री शारदा कन्या मध्य विद्यालय पचंबा, उच्च विद्यालय ग्रामीण में उत्क्रमित उच्च विद्यालय दोंदलो व प्लस टू एसएस उच्च विद्यालय कुम्हरलालो, शहरी में उत्क्रमित प्लस टू सर जेसी बोस बालिका विद्यालय गिरिडीह तथा आवासीय कैटेगरी में पीएम श्री झारखंड आवासीय विद्यालय सरिया शामिल हैं। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने सभी उपायुक्त और उप विकास आयुक्त को पत्र जारी कर चयनित विद्यालयों की सूची प्रेषित की है। साथ ही आवश्यक दिशानिर्देश दिया है। चयनित विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा साप्ताहिक करने का निर्देश दिया गया है। कहा गया है कि ये चयनित विद्यालय न केवल स्वच्छ रहे बल्कि आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम ग्रीन स्कूल्स के रूप में पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें।

मकर में मंगल का प्रवेश, इन 5 राशि वालों को मिलेगा बड़ा फायदा

ज्योतिष शास्त्र में मंगल एक बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं. मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, शक्ति, पराक्रम, भूमि, भाई आदि का कारक कहा गया है. ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह के गोचर को बहुत विशेष माना गया है. मंगल के राशि परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों और देश दुनिया में देखने को मिलता है. आज मंगल ने शनि देव की राशि मकर में प्रवेश किया है. मकर राशि में मंगल का प्रवेश सुबह 4 बजकर 36 मिनट पर हुआ है. मकर राशि में पहले से ही सूर्य, शुक्र विराजमान हैं. ऐसे में मंगल के मकर राशि में आने के बाद त्रिग्रही योग बन रहा है. इसके प्रभाव से 5 राशियों को तगड़ा लाभ होने वाला है. त्रिग्रही योग के प्रभाव से इन पांच राशि वालों के लाभ के योग बनेंगे और तरक्की करेंगे. आइए जानते हैं इन 5 लकी राशियों के बारे में जानते हैं. मेष राशि मेष राशि के लोगों को इस दौरान काम के शुभ अवसर मिल सकते हैं. नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है. व्यापार करने वाले लोगों को लाभ मिल सकता है. करियर में ग्रोथ हो सकती है. सरकारी काम में शुभ परिणाम मिल सकते हैं. कर्क राशि कर्क राशि के लोगों को इस दौरान साझेदारी के काम में लाभ मिल सकता है. प्यार के मामले में ये समय अच्छा रह सकता है. लव लाइफ बेहतर हो सकती है. करियर और परिवार में स्थिरता देखने को मिल सकती है. कन्या राशि कन्या राशि के लोगों का इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है. करियर के लिहाज से ये समय बहुत अच्छा रहने वाला है. कार्यस्थल पर जिम्मेदारी का काम मिल सकता है. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के मार्केटिंग, सेल्स और टीचिंग के प्रोफेशन से जुड़े लोगों के लिए ये समय बहुत अच्छा रहने वाला है. व्यापार में लाभ मिल सकता है. भाई-बहन का सहयोग प्राप्त हो सकता है. इस समय में कोई बड़ा फैसला कर सकते हैं. मकर राशि मंगल का गोचर मकर राशि में ही हुआ है, इसलिए ये समय इस राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है. मकर राशि के लोगों को इस गोचर के प्रभाव से लाभ मिल सकता है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुरीदके में कोई जगह नहीं बची, लश्कर के प्रमुख अब्दुल रऊफ ने किया खुलासा

 मुरीदके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक अब्दुल रऊफ ने एक समारोह के दौरान भारतीय मिसाइल हमलों की विनाशाकारी ताकत का कच्चा चिट्ठा खोला है। रऊफ ने स्वीकार किया कि 6 और 7 मई को हुए भारतीय हमलों ने उनके सबसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र और मुख्यालय की कमर तोड़ दी है। मुरीदके में नए आतंकियों को संबोधित करते हुए रऊफ ने उस मंजर का वर्णन किया जिसे अब तक लश्कर छिपाने की कोशिश कर रहा था। उसने संगठन के 'हब' के रूप में इस्तेमाल होने वाली एक ठिकाने के विनाश के बारे में बताया। उसने कहा. "6-7 मई को जो हुआ, उसके बाद वह जगह अब मस्जिद नहीं रही। आज हम वहां बैठ भी नहीं सकते। वह पूरी तरह खत्म हो चुकी है। वह ढह गई है।" उसका यह बयान लश्कर की ओर से अब तक का सबसे बड़ा कबूलनामा है। आमतौर पर लश्कर जैसे संगठन अपनी कमजोरियों और नुकसान को छिपाते हैं, लेकिन रऊफ ने भारतीय स्ट्राइक की सटीकता को साबित कर दिया है। बाल-बाल बचे थे आतंकी अब्दुल रऊफ ने अपने संबोधन में एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उसने बताया कि भारतीय मिसाइलों के गिरने से चंद लम्हे पहले ही वहां मौजूद ट्रेनी को कैंप से बाहर निकाला गया था। यह दर्शाता है कि भारतीय खुफिया एजेंसी और सेना के पास सटीक जानकारी थी और हमला इतना अचानक था कि लश्कर के पास संभलने का वक्त नहीं था। भारतीय सेना द्वारा मई के शुरुआती हफ्ते में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का लक्ष्य सीमा पार आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। अब्दुल रऊफ वही कमांडर है जिसने हमले में मारे गए आतंकियों का अंतिम संस्कार कराया था। उन जनाजों की तस्वीरों ने पहले ही भारी नुकसान के संकेत दिए थे, लेकिन अब रऊफ के शब्दों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

ठंड और पाले से बचाने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय और विभाग ने किसानों को जारी की एडवाइजरी

गुरदासपुर. पंजाब भर में पिछले कई दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी के कारण दिन और रात के तापमान में सामान्य से काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सैल्सियस से भी नीचे गिर गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आने वाले दिनों में घनी धुंध और जमीनी पाले (कोहरा) की भविष्यवाणी की गई है। इसके मद्देनजर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पी.ए.यू.) लुधियाना और कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा संबंधी एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। पी.ए.यू. के कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान ठंड और पाले के दौरान खेतों की फसलों, बागों, सब्जियों और पशुओं की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता है। खासतौर पर सब्जियां और नए लगाए गए बाग ठंड और पाले से अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसी स्थिति में फसलों को हल्की सिंचाई देकर मिट्टी में नमी और तापमान को बरकरार रखा जा सकता है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से मल्च या सरकंडों का उपयोग करके सब्जी के पौधों और फलदार पौधों को पाले से बचाया जा सकता है। इस संबंध में जिला गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी डा. रणधीर सिंह ठाकुर ने बताया कि गुरदासपुर क्षेत्र में इस समय दिन का तापमान लगभग 12 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जबकि रात का तापमान घटकर 4 डिग्री सैल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम की स्थिति में गेहूं, गन्ना और सरसों जैसी मुख्य फसलों की हालत अभी तक संतोषजनक है, लेकिन लगातार ठंड और पाला बने रहने के कारण फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। डा. ठाकुर ने किसानों को सलाह दी कि गेहूं की फसल में आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें, ताकि पाले के प्रभाव से बचाव हो सके। सरसों की फसल में कीटों और बीमारियों की निगरानी जारी रखें और जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही कीटनाशकों का प्रयोग करें। गन्ने की फसल में भी नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है, ताकि ठंड के कारण होने वाले नुकसान से बचा जा सके। पी.ए.यू. और कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने  किसानों से अपील की है कि वे लगातार अपने खेतों का सर्वेक्षण करते रहें और मौसमी बदलावों से अवगत रहें। पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे पशुओं को ठंड से बचाने के लिए अंदर रखें और उनकी खुराक पोषण भरपूर रखी जाए, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य पर ठंड का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।