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U-19 वर्ल्ड कप: वैभव सूर्यवंशी का कहर! भारत के सामने बांग्लादेश कर रहा दुआ

नई दिल्ली पहले मैच में आत्मविश्वास से भरी जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम शनिवार को बुलावायो में आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के अपने दूसरे मैच में बांग्लादेश की कड़ी चुनौती के बावजूद जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी। पांच बार की चैंपियन भारत ने बारिश से प्रभावित मैच में अमेरिका को केवल 107 रन पर आउट करके छह विकेट से जीत दर्ज करके अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हेनिल पटेल ने सात ओवरों में 16 रन देकर पांच विकेट लिए जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कई स्टार खिलाड़ी शामिल हैं। उसके बल्लेबाज बांग्लादेश के खिलाफ क्रीज पर लंबा समय बिताने की उम्मीद करेंगे क्योंकि अमेरिका के खिलाफ उन्हें खेलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। बांग्लादेश को कमजोर नहीं आंका जा सकता है और उसकी टीम आयुष म्हात्रे के नेतृत्व वाली टीम के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकती है। म्हात्रे और 14 वर्षीय सनसनी वैभव सूर्यवंशी की सलामी जोड़ी एक बार फिर उप कप्तान विहान मल्होत्रा, ऑलराउंडर आरोन जॉर्ज और वेदांत त्रिवेदी और विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडू के साथ मिलकर बल्लेबाजी विभाग का जिम्मा संभालेंगे। डी दीपेश, आरएस अंबरीश, हेनिल पटेल, किशन कुमार सिंह और उद्धव मोहन के रूप में टीम के पास तेज गेंदबाजी के अच्छे विकल्प हैं, जबकि कनिष्क चौहान, खिलन पटेल और मोहम्मद एनान जैसे खिलाड़ी स्पिन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यह टूर्नामेंट 1988 में शुरू हुआ था और भारतीय टीम ने इसमें अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले एक साल में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में श्रृंखला जीतने से लेकर टीम ने अब तक हर प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया है। अमेरिका के खिलाफ जीत पिछले 17 मैचों में भारत की 14वीं जीत थी। टीम को भरोसा है कि वह अपने अगले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ भी इस बेहतरीन फॉर्म को बरकरार रखेगी। जहां तक ​​बांग्लादेश की बात है तो उसके पास कप्तान अजीजुल हकीम के रूप में अनुभवी खिलाड़ी हैं। जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में उनके नेतृत्व क्षमता की भी परीक्षा होगी। हकीम उप कप्तान ज़ावद अबरार के साथ बांग्लादेश की बल्लेबाजी की अगुवाई करेंगे। अंडर-19 स्तर पर दोनों बल्लेबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने 2024 में खेले गए पिछले टूर्नामेंट के बाद से लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। बांग्लादेश के पास एक अन्य बल्लेबाज कलाम सिद्दीकी भी है जिन्होंने अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखी है। बांग्लादेश के पास मजबूत गेंदबाजी आक्रमण भी है। उसके तेज गेंदबाज इकबाल हुसैन और अल फहद को जिम्बाब्वे की तेज गेंदबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों में भरपूर सहयोग मिलने की उम्मीद है। इन दोनों गेंदबाज ने पिछले अंडर-19 विश्व कप के बाद से क्रमशः 45 और 43 विकेट लिए हैं। बाएं हाथ के स्पिनर समीउन बसीर भी उनसे कुछ ही पीछे हैं। उन्होंने इस अवधि में 29 विकेट लिए हैं और उनका इकॉनमी रेट चार से कम है। टीम इस प्रकार हैं: भारत: आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, डी दीपेश, मोहम्मद एनान, एरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उधव मोहन, हेनिल पटेल, खिलन ए पटेल, हरवंश सिंह, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी। बांग्लादेश: अजीजुल हकीम तमीम (कप्तान), जवाद अबरार, समिउन बसीर रतुल, शेख परवेज जिबोन, रिज़ान होसन, शहरिया अल अमीन, शादीन इस्लाम, मोहम्मद अब्दुल्ला, फरीद हसन फैसल, कलाम सिद्दीकी अलीन, रिफत बेग, साद इस्लाम रजिन, अल फहद, शहरयार अहमद, इकबाल हुसैन। रिजर्व: अब्दुर रहीम, देबाशीष सरकार देबा, रफी उज्जमां रफी, फरहान शहरियार, फरजान अहमद अलीफ, संजीद मजूमदार, एमडी सोबुज। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1.00 बजे शुरू होगा।  

MP के 100 गांवों में होगा ‘मेगा विकास’, माइक्रो प्लान से दिखेगा चमत्कार

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को नरसिंहपुर के गाडरवारा में सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन की विस्तारित परियोजना का भूमिपूजन का करने का न्योता दिया। साथ ही मप्र को नक्सल मुक्त बनाने और किसानों के कल्याण के लिए वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने जैसे अहम कामों व नवाचारों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने दो साल के कार्यकाल में हासिल उपलब्धियों के बारे में बताया और अगले तीन साल में किए जाने वाले बड़े कामों का रौडमैप भी सौंपा। पीएम मोदी ने नक्सल प्रभावित रहे जिलों के गांवों का फीडबैक लिया सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री से बालाघाट, मंडला और डिंडौरी के उन गावों के बारे में फीडबैक लिया, जो लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के कारण प्रभावित रहे। इस पर मुख्यमंत्री ने तीनों के ऐसे 100 गांवों के विकास का माइक्रो प्लान प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखा। यह भी बताया कि तीनों जिलों में तय डेडलाइन से पहले चिह्नित नक्सलियों को खत्म किया। अब उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोडऩे में भी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इन गांवों में विकास कार्यों को लेकर विस्तार से योजना बनाई है। इसके तहत शीघ्र ही काम शुरू होंगे। पीएम मोदी से मुख्यमंत्री की चार महीने में यह दूसरी मुलाकात है। पीएम मोदी चार महीने पहले अपने जन्मदिन पर 17 सितंबर को धार आए थे, जहां उन्होंने पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन किया था। दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी भेंट की और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर विचार-विमर्श किया। सीएम ने बताया सरकार का 'मोदी विजन', AI कॉन्फ्रेंस और 7 एमओयू सरकार सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में एआइ का उपयोग कर रही है। सरकार जल्द एआइ नीति लाएगी। प्रदेश में एआइ पर मिशन मोड में काम होगा। ये बातें सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहीं। बोले-प्रदेश के माइनिंग व हेल्थ सेक्टर में एआइ के प्रयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। विकसित भारत के लक्ष्य में राज्य सरकार पीएम मोदी के विजन के अनुसार काम कर रही है। सीएम ने भोपाल में मप्र रीजनल एआइ इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने एआइ लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआइ पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल सरकारी स्कूल-कॉलेजों, आइटीआइ, शिक्षकों व सरकारी अफसरों को एआइ के प्रति जागरूक करेगी। उन्हें ट्रेनिंग देकर शहर व गांवों के डिजिटल अंतर कम करेगी। सीएम ने मप्र स्पेस टेक नीति-2026 भी लॉन्च की। एमओयू से ये फायदे -शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा। – जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआइ बेस्ड शोध एवं सहयोग। – शासकीय विभागों में एआइ व क्लाउड तकनीक प्रोत्साहन। – राज्य में एआइ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना। – ग्रामीण व वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता। पीएम मोदी से साझा किए ये काम और नवाचार – पहली बार मप्र में किसानों के कल्याण के लिए पूरे वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष घोषित कर 10 संकल्पों का रोडमैप बनाकर काम शुरू किया। – ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट की। इसमें 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक, निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन एवं 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क का लोकार्पण हुआ। – दुग्ध क्रांति लाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से अनुबंध कर तय किया कि 50 लाख किलोग्राम दूध प्रतिदिन सहकारी दुग्ध संघों के जरिए एकत्रित करेंगे। इसके लिए 26 हजार गांवों में सहकारी समितियां खोलेंगे। – सिंहस्थ 2028 को सफल बनाने के लिए किए जाने वाले जरूरी कामों का मास्टर प्लान तैयार किया है। डेडलाइन पर काम कर रहे हैं। – किसान, युवा, नारी और गरीबों के कल्याण के लिए चार अलग-अलग मिशन शुरू किए। – आम जनता की सहूलियतों के लिए ई-ऑफिस। – सिंचाई का रकबा 1 करोड़ हेक्टेयर करने सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी। – आवागमन को बेहतर बनाने के लिए 12 लाख करोड़ से अधिक की सड़कों के काम चल रहे हैं। – जीआइएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मिले 30 लाख 77 हजार करोड़ के प्रस्तावों में से 30% प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है। नरसिंहपुर में एनटीपीसी के सुपर पावर स्टेशन का होगा विस्तार एमपी के नरसिंहपुर के गाडरवारा में एनटीपीसी लिमिटेड का सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन स्थित है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने उक्त सुपर पॉवर स्टेशन में 1600 मेगावॉट क्षमता के विस्तार की अनुमति दी है। जिसकी लागत 20 हजार 446 करोड़ रुपए है। इसे 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है।   

माघ मेला 2026: प्रयागराज स्टेशन पर इन 12 ट्रेनों को मिलेगा स्टॉपेज, जानें कौन सी हैं ये ट्रेनें

भोपाल  माघ मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन ने भोपाल मंडल होकर संचालित 12 ट्रेनों को प्रयागराज रामबाग और झूसी स्टेशन पर 2 मिनट का अतिरिक्त ठहराव देने का निर्णय लिया है। यह अतिरिक्त ठहराव जनवरी और फरवरी में अलग-अलग तिथियों तक दिया जाएगा। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन संख्या, तिथि और समय-सारिणी की पुष्टि आधिकारिक रेलवे वेबसाइट, एनटीईएस ऐप या नजदीकी रेलवे स्टेशन से अवश्य कर लें। इन ट्रेनों को मिलेगा अतिरिक्त ठहराव 11062 जयनगर–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस 15 फरवरी 2026 तक 11061 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–जयनगर एक्सप्रेस 15 फरवरी 2026 तक 20934 दानापुर–उधना एक्सप्रेस से 15 फरवरी 2026 तक 20933 उधना–दानापुर एक्सप्रेस से 14 फरवरी 2026 तक 11034 दरभंगा–पुणे एक्सप्रेस 13 फरवरी 2026 तक 11033 पुणे–दरभंगा एक्सप्रेस 21 फरवरी 2026 तक 15559 दरभंगा–अहमदाबाद एक्सप्रेस 21 फरवरी 2026 तक 15560 अहमदाबाद–दरभंगा एक्सप्रेस 13 फरवरी 2026 तक 20962 बनारस–उधना एक्सप्रेस 21 फरवरी 2026 तक 20961 उधना–बनारस एक्सप्रेस 20 फरवरी 2026 तक 11037 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 12 फरवरी 2026 तक 11038 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 14 फरवरी 2026 तक इस बारे में सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुविधा देना है। अतिरिक्त ठहराव से यात्रियों को उतरने-चढ़ने में आसानी होगी और भीड़भाड़ के कारण होने वाली परेशानियों में कमी आएगी। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन संख्या, तिथि और समय-सारिणी की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES ऐप या नजदीकी रेलवे स्टेशन से अवश्य जांच लें।

समाधान योजना :632 करोड़ 92 लाख मूल राशि हुई जमा, 276 करोड़ सरचार्ज हुआ माफ

समाधान योजना में अब तक 11 लाख 88 हजार बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन : ऊर्जा मंत्री तोमर समाधान योजना :632 करोड़ 92 लाख मूल राशि हुई जमा, 276 करोड़ सरचार्ज हुआ माफ समाधान योजना में अब 31 जनवरी 2026 तक मिलेगी सौ फीसदी तक सरचार्ज में छूट भोपाल  समाधान योजना 2025-26 के प्रथम चरण में अब तक 11 लाख 88 हजार 240 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। अब तक 632 करोड़ 92 लाख रूपये मूल राशि जमा हुई है। साथ ही 276 करोड़ रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि बकायादार उपभोक्‍ताओं की सतत भागीदारी और उनके उत्‍साह को देखते हुए समाधान योजना के प्रथम चरण की अवधि में 31 जनवरी 2026 तक विस्‍तार किया गया है। पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्‍ताओं ने सौ फीसदी तक छूट का लाभ लिया। उन्होंने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके 100 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 3 लाख 84 हजार 130 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 403 करोड़ 69 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 215 करोड़ 95 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 3 लाख 98 हजार 470 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। मूल राशि 122 करोड़ 79 लाख रूपये जमा हुई है तथा 43 करोड़ रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत 4 लाख 5 हजार 640 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। कुल मूल राशि 106 करोड़ 44 लाख रूपये जमा हुई है। साथ ही 16 करोड़ 77 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ हो रहा है जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कुछ कम हो जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर 2025 से हुई जो कि 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसमें बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करने पर 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा। इसके बाद द्वितीय और अंतिम चरण शुरू होगा जो कि 01 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को कंपनी के ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

गोल्‍ड और सिल्‍वर ETFs के दाम पहुंचे रिकॉर्ड हाई, अब बेचें या खरीदें? जानें क्या करना सही रहेगा

नई दिल्‍ली ग्‍लोबल अनिश्चितता और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण कीमती धातुओं के दाम में उछाल रुक नहीं रही है. सोना और चांदी के दाम अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए हैं. इस बीच, सिल्‍वर और गोल्‍ड ETF में भी खरीदारी तेजी से बढ़ रही है. ज्‍यादातर निवेशकों ने तो इन मेटल में SIP तक शुरू कर दी है. दूसरी ओर, सालाना आधार पर सोने की कीमतों में 80 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है, जबकि चांदी की कीमतें 190 फीसदी बढ़ी हैं. वहीं पिछले एक साल में सिल्‍वर ETF में 188% की उछाल आई है और गोल्‍ड ईटीएफ ने 80 फीसदी से ज्‍यादा का रिटर्न दिया है.  सिल्‍वर और गोल्‍ड ETFs अपने रिकॉर्ड हाई पर बने हुए हैं. आइए जानते हैं क्‍या इसमें प्रॉफिट बुक करने का सही मौका है.    अभी निवेशकों को क्‍या करना चाहिए?  बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेजी के बाद लॉन्‍गटर्म प्रॉफिट की उम्मीदों के लिए नए निवेश आदर्श नहीं हो सकते हैं. उनका कहना है कि लॉन्‍गटर्म निवेशक निवेशित रह सकते हैं, लेकिन अधिक समझदारी भरा तरीका यह होगा कि अतिरिक्त निवेश को कम किया जाए और पोर्टफोलियो को फिर से रिस्‍ट्रक्‍चर करें. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि अभी निवेशकों को थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग कर लेनी चाहिए और जब करेक्‍शन आए तो खरीदारी करनी चाहिए.   क्‍यों अभी नहीं करना चाहिए निवेश?  इसके पीछे का तर्क समझाते हुए एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी चीज की अत्यधिक मांग होने पर,  कुछ छूट जाने का डर (FOMO) बन जाता है, जिस कारण लोग हाई रेट पर भी खरीदारी कर लेते हैं. यह सबसे बड़ी गलती होती है, क्‍योंकि रिकॉर्ड हाई के बाद जब गिरावट आती है तो निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ता है. अपने अनुभव को शेयर करते हुए सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (सीएफपी) और फाइनेंशियल रेडियंस के संस्थापक राजेश मिनोचा ने ईटीएम्यूटुअलफंड्स को बताया कि चांदी लॉन्‍गटर्म मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म के दौरान इसमें गिरावट का रिस्‍क है.  उन्‍होंने कहा कि सिल्‍वर प्राइस में करीब 200 फीसदी की उछाल के बाद अभी निवेश करना उचित नहीं होगा. हालांकि लॉन्‍ग्‍टर्म निवेशक अभी भी बाजार में बने रह सकते हैं, लेकिन अतिरिक्‍त निवेश को कम करना और एक लक्ष्‍य के साथ सीमित अमाउंट तक ही निवेश करना सही फैसला होगा.  फिस्डम के रिसर्च उपाध्यक्ष सागर शिंदे ने ET को बताया कि चांदी के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण रिस्‍क बढ़ गया है. तेज उछाल के बाद अब बड़ा लाभ कमाने वाले निवेशक इसमें शॉर्टटर्म प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं. इसी तरह सोने के रिकॉर्ड हाई पर होने के कारण एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अभी निवेशकों को स्थिरता का इंतजार करना चाहिए, फिर इसमें निवेश बढ़ाया जा सकता है. लॉन्‍गटर्म नजरिए के लिए गोल्‍ड में निवेशित रह सकते हैं, लेकिन अभी नए निवेश से बचना चाहिए.  क्‍यों इतनी तेज से भाग रही चांदी?      चांदी की कीमतों में उछाल के कई कारण सामने आए हैं, जिसमें औद्योगिक मांग सबसे बड़ी वजह है, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स से लेकर सोलर एनर्जी तक में चांदी की डिमांड तेजी से बढ़ी है. चांदी को अब सोने के विकल्प के बजाय एक वैल्‍यूवेबल औद्योगिक सामग्री के रूप में देखा जा रहा है.      दूसरा सबसे बड़ा कारण ग्‍लोबल जियो-पॉलिटिकल टेंशन और अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी खरीदी जा रही है. जिस कारण सिल्‍वर ईटीएफ का वेटेज बढ़ा है.      चांदी के रेट में बढ़ोतरी का तीसरा बढ़ा कारण आपूर्ति की कमी, खनन में सीमित निवेश है.   MCX पर सोने-चांदी के रेट्स  5 मार्च वायदा के लिए चांदी के दाम गुरुवार को करीब 600 रुपये चढ़कर 292152 रुपये प्रति किलो पर थे, जो इसके रिकॉर्ड हाई के काफी करीब है. 5 फरवरी वायदा के लिए गोल्‍ड के रेट करीब 70 रुपये टूटकर 143056 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. 

‘सरकार ही कर सकती है हमारा भला’, डिलीवरी बॉयज की 10 मिनट की बाध्यता खत्म होने पर खुशी, सरकार से एक और अनुरोध

आगरा  उत्तर प्रदेश के आगरा में डिलीवरी बॉयज में खुशी की लहर है. सरकार ने उन्हें 10 मिनट की बाध्यता से मुक्त कर दिया है. अब डिलीवरी का सामान आराम से पहुंचाया जा सकता है. पहले जल्दी के चक्कर में कई बार एक्सीडेंट हो जाया करता था. डिलीवरी बॉयज ने सरकार से अपील की है कि उनका पेआउट भी थोड़ा बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा है कि कंपनी 3 से 4 रुपए एक ऑर्डर पर दे रही है. डिलीवरी बॉयज ने कहा कि महंगाई के दौर पर उनका आर्थिक जीवन मुश्किल में पड़ गया है. जिस तरह सरकार ने उनके 10 मिनट की बाध्यता खत्म की है, इसी तरह थोड़ा उन्हें आर्थिक लाभ भी दिलाए. उन्होंने कहा कि सरकार से अनुरोध है कि वह कम्पनी से आग्रह कर उन्हें पेट्रोल खर्चा उनके हिसाब से दें, क्योंकि पेट्रोल काफी महंगा है. पेट्रोल खर्चा थोड़ा बढ़ाया जाए आगरा में डिलीवरी बॉयज ने कहा है कि सरकार उनके आर्थिक लाभ के बारे में विचार करे. आगरा के डिलीवरी बॉय मनोज ने कहा कि कंपनी उन्हें 3 से 4 रुपए डिलीवरी का देती है. इसमें सामान को डिलीवर कर वापस भी आना होता है. ऐसे में पेट्रोल इतना महंगा है कि उनको नुकसान हो जाता है. उन्होंने कहा कि कम्पनी को पेट्रोल का खर्चा थोड़ा और बढ़ाना चाहिए. डिलीवरी बॉय मनोज ने कहा कि दिन में 12 घंटे की जॉब करते हैं और फिर भी 300 से 400 रुपए ही कमा पाते हैं. सरकार से अनुरोध है कि थोड़ा उनकी आर्थिक मदद में सहयोग करें. बाइक टूटने का खर्चा भी कंपनी नहीं देती आगरा के डिलीवरी बॉय मनोज ने कहा कि कई बार डिलीवरी करते समय बाइक फिसल जाती है, जिसमें राइडर को भी चोट आती है और बाइक भी डैमेज हो जाती है. इस स्थिति में भी कम्पनी उनका साथ नहीं देती है. ऐसी परिस्थिति में डिलीवरी बॉय को ही अपने पैसों से इलाज और बाइक ठीक करानी होती है. उन्होंने कहा कि कंपनी बिल्कुल सहयोग नहीं करती है. मनोज बताते हैं कि पहले से परिवार पर आर्थिक संकट होता है, ऐसे में अगर एक्सीडेंट हो जाए तो सारे पैसे इलाज में ही खर्च हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि जैसे सरकार ने 10 मिनट का रूल खत्म किया है, वैसे ही थोड़ा उनके आर्थिक सहयोग के बारे में भी सोचे.

ग्वालियर मेले में 1000 गाड़ियों की डिलीवरी रुकी, खरीददारों ने छूट के नोटिफिकेशन के कारण नहीं लिया डिलीवरी

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेला वर्षों से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा है. खासकर इस मेले में दशकों से वाहन खरीदारों को फायदा होता आया है. इसकी वजह है मेले में मिलने वाली विशेष 50 प्रतिशत आरटीओ टैक्स छूट जो ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए मेला को गुलजार कर देती है. इस साल भी ग्वालियर में छूट का ऐलान हो चुका है. लेकिन व्यापारियों को इस बात की खुशी के साथ-साथ इस बार व्यापार कम होने चिंता भी सता रही है. इस बार मेले में वाहन खरीदी पर डबल मुनाफा असल में ग्वालियर व्यापार मेला में प्रतिवर्ष वाहन खरीदी पर आरटीओ टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिलती आई है. जिसकी वजह से कई ग्राहक साल भर अपनी पसंदीदा गाड़ी खरीदने का इंतजार करते हैं. क्योंकि छूट की वजह से उन्हें वाहन आम दिनों के अपेक्षा सस्ता मिलता है. इस बार तो जीएसटी की कटौती और फिर आरटीओ की छूट ग्राहकों के साथ साथ वाहन डीलरों के लिए भी त्योहार से कम नहीं होने वाला था. क्योंकि उम्मीद जतायी जा रही थी कि इस बार पिछले सालों के मुकाबले ज़्यादा गाड़ियों की बुकिंग होगी. अब गाड़ियां तो बुक हो रही हैं लेकिन अभी तक ग्राहक उनकी डिलीवरी नहीं ले रहे. वजह है लोगों को अभी भी छूट के नोटिफिकेशन का इंतजार है. जिससे उन्हें पता चल सके उनकी गाड़ी कितनी सस्ती मिलने वाली है. 20 दिन की देरी ने घटाया छूट का समय इस छूट को लेकर डीलर भी चिंता में दिखाई दे रहे हैं. क्योंकि पहले के मुकाबले इस बार छूट मिलने में दो हफ़्ते देरी हो चुकी है और ऊपर से अब जब कैबिनेट में आरटीओ छूट को मंजूरी मिल गई है तो अब तक नोटिफिकेशन नहीं आया. वाहन कंपनियों के डीलरों ने अपने शोरूम में गाड़ियां सजा ली हैं और ग्राहक भी बुकिंग कराने लगे हैं. लेकिन इन व्यापारियों का मानना है कि, आरटीओ टैक्स में छूट देरी से मिल रही इसकी वजह से अब ग्वालियर मेले में छूट के साथ गाड़ियां बेचने के लिए महज 1 महीने का ही समय मिलेगा. दूसरा उज्जैन मेले में भी आरटीओ छूट दिए जाने से कुछ हद तक इसका प्रभाव ग्वालियर मेला की बिक्री पर भी पड़ेगा. छूट नोटिफिकेशन के चलते अटकी गाड़ियों की डिलीवरी ग्वालियर के निकुंज मोटर्स की और से मेले में शोरूम मैनेजर सुजा-उल-रहमान का कहना है कि, ''ग्वालियर व्यापार मेला में अभी शोरूम लगाए कुछ ही दिन हुए हैं लेकिन 1 हज़ार से ज़्यादा गाड़ियां बुक हो चुकी हैं. कई लोग हैं जो 50 प्रतिशत आरटीओ की छूट की वजह से फाइनल पेमेंट के लिए रुके हैं. अब जब अनाउंसमेंट हो गया है तब कई लोग पेमेंट भी कर रहे हैं. नोटिफिकेशन आने के बाद आरटीओ मेले में बैठने लगेंगे तो वेरिफिकेशन शुरू हो पाएंगे और गाड़ियां डिलीवर होने लगेंगी.'' उज्जैन मेले में भी छूट से पड़ेगा व्यापार पर सीधा असर शो रूम मैनेजर रहमान का कहना है कि, "उज्जैन में भी कुछ समय से गाड़ियों पर आरटीओ छूट दी जाने लगी है. इसका इंपैक्ट ग्वालियर में भी पड़ा है, क्योंकि उज्जैन, इंदौर, भोपाल, रीवा, सतना से आने वाले ग्राहक रुक गए. अब ये ग्राहक उज्जैन मेले से ही गाड़ी ले लेते हैं. अब ये मेला ग्वालियर के आसपास के क्षेत्रीय ग्राहकों तक सीमित हो गया है. उज्जैन मेले से अब ग्राहकी पर सीधे 25 फ़ीसदी तक इंपैक्ट आयेगा. लग्जरी ब्रांड पर फायदा, ग्वालियर नहीं आयेगा बाहर का ग्राहक ग्वालियर के ऑटो डीलर अनंत टोयोटा के मेला शोरूम मैनेजर आशीष कौशल भी कहते हैं, ''उनके पास अब तक 400-500 गाड़ियों की बुकिंग आ चुकी है, लेकिन डिलीवरी आरटीओ छूट के लागू होने के इंतज़ार में रुकी हुई हैं." वहीं उज्जैन मेले में आरटीओ की छूट की वजह से ग्वालियर में भी ग्राहकी पर असर की बात आशीष ने भी कही. उनका कहना था कि, "पहले ग्वालियर व्यापार मेले में इंदौर मालवा क्षेत्र से लोग मर्सेडीज, रेंज रोवर, ऑडी जैसी महंगी गाड़ियां खरीदने आते थे. क्योंकि उन पर आरटीओ टैक्स की अच्छी बचत हो जाती थी. लेकिन अब इनके ग्राहक उज्जैन ही रुक जाते हैं. उज्जैन मेले से ग्वालियर में भी 20 से 30 प्रतिशत का डाउन सेल का असर देखने को मिल सकता है. मेला छूट पर एमपी चेंबर ऑफ कॉमर्स की अपनी राय आरटीओ टैक्स छूट पर मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स की भी अपनी राय है. एमपी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ग्वालियर के मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल का कहना है कि, ''हर साल ही सरकार से आरटीओ की छूट ग्वालियर व्यापार मेला में मिलती आई है. लेकिन उसके लिए हर बार प्रतिनिधि मंडल मिलते हैं. बार बार ज्ञापन दे रहे हैं तब छूट पर फैसला होता है क्यों सरकार इन चीज़ों का इंतज़ार करती है. मेला 25 दिसंबर को शुरू होता है, दिसंबर के पहले हफ़्ते में ही सरकार को ऐलान कर देना चाहिए कि मेले के साथ ही आरटीओ छूट लागू हो जाएगी. आज के समय में इस छूट को एक एक महीने तक टालना कहीं से उचित नहीं है. क्योंकि इससे ऑटो मोबाइल सेक्टर के डीलर भी टेंशन में रहते हैं उसे पहले से अपना स्टॉक मांगना पड़ता है. उन्हें बहुत दिक्कतें आती हैं, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए.''

हाईकोर्ट में 30,000 करोड़ की वसीयत पर विवाद, SC ने करिश्मा को भेजा नोटिस

मुंबई  बिजनेसमैन संजय कपूर की मौत के बाद उनकी 30,000 करोड़ की वसीयत को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है. सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस करिश्मा कपूर को नोटिस जारी किया है. दरअसल, यह नोटिस प्रिया कपूर द्वारा दायर एक याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने करिश्मा कपूर और उनके दिवंगत पति संजय कपूर के बीच हुए तलाक से जुड़े दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है. जानकारी के मुताबिक, संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच 2016 में हुए तलाक से जुड़े सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में कहा गया है कि प्रिया कपूर जो संजय कपूर की तीसरी पत्नी थीं. उनको कानूनी और व्यक्तिगत कारणों से उक्त तलाकी दस्तावेजों की आवश्यकता है . इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने करिश्मा कपूर से जवाब तलब करते हुए आगे की सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है. प्रिया कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर तलाक कार्यवाही से संबंधित सभी रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं. यह मामला जस्टिस ए. एस. चंदुरकर की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष सुना जाएगा, जो यह तय करेगी कि क्या इन गोपनीय दस्तावेजों को प्रिया कपूर के साथ साझा किया जा सकता है या नहीं. बताया जा रहा है कि प्रिया इन रिकॉर्ड्स के जरिए उस समय हुए वित्तीय समझौतों और बच्चों की कस्टडी से जुड़ी जानकारियों की पुष्टि करना चाहती हैं. इस बीच, संजय कपूर की संपत्ति को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है. करिश्मा कपूर से उनके बच्चों समायरा और कियान कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल एक याचिका में प्रिया कपूर द्वारा प्रस्तुत डिजिटल सबूतों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बच्चों का दावा है कि उनके पिता की विवादित वसीयत के निष्पादन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मेल नहीं खाते. रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चों ने अदालत को बताया कि प्रिया कपूर के मोबाइल लोकेशन डेटा से यह संकेत मिलता है कि 21 मार्च 2025 को उनका फोन नई दिल्ली में था, जबकि प्रिया ने अपने हलफनामे में दावा किया है कि वह उस दिन गुरुग्राम में मौजूद थीं. यही वह तारीख है, जब संजय कपूर की कथित वसीयत पर हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है. याचिका में यह भी कहा गया है कि उस दिन न सिर्फ प्रिया कपूर बल्कि संजय कपूर भी दिल्ली में मौजूद थे, न कि गुरुग्राम में. इसके अलावा, दस्तावेजों में यह दावा किया गया है कि उसी दिन करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच व्हाट्सऐप के जरिए बच्चों की पुर्तगाली नागरिकता को लेकर बातचीत हुई थी.  रिपोर्ट के मुताबिक, समायरा और कियान कपूर ने अदालत से प्रिया कपूर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की भी मांग की है. उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 338 और 340 लागू करने का अनुरोध करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें उनकी वैध विरासत से वंचित करने के लिए एक फर्जी वसीयत तैयार की गई.

हरिद्वार में गैर हिंदू श्रद्धालुओं की एंट्री पर पाबंदी, हरकी पौड़ी में पोस्टर लगाए गए

हरिद्वार तीर्थ नगरी हरिद्वार के कुंभ क्षेत्र में गैर हिंदुओं की एंट्री बैन किए जाने की मांग के बीच हरकी पौड़ी पर चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें हर की पैड़ी पर ‘अहिंदू प्रवेश निषेध क्षेत्र’ यानी गैर हिंदू की एंट्री पर रोक की चेतावनी लिखी गई है. शुक्रवार सुबह हर की पौड़ी की व्यवस्था संभालने वाली संस्था गंगा सभा की ओर से ब्रह्म कुंड और उसके आसपास ये बोर्ड लगाए गए हैं. बोर्ड गंगा के नाम से नहीं, बल्कि म्युनिसिपालिटी बायोलॉज के हवाले से लगाए गए हैं. दरअसल बीते मंगलवार को दो युवक अरबी शेख की पोशाक में हर की पौड़ी पर घूमते हुए नजर आए थे, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं. गंगा सभा से जुड़े तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि पहले से मौजूद नियमों के तहत चेतावनी के बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि लोग हर की पैड़ी क्षेत्र में प्रवेश के नियमों को लेकर जागरूक हो सकें. पोस्टर लगाने का क्या है उद्देश्य हरिद्वार के तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने कहा कि बोर्ड लगाने का उद्देश्य यही है कि सभी को यहां के नियमों और मर्यादाओं की जानकारी रहे. पहले भी ऐसे पोस्टर लगे थे, लेकिन कुछ क्षतिग्रस्त हो गए थे. हमारा उद्देश्य यही है कि सनातन धर्म के इस पवित्र स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह पता होना चाहिए और किस धर्म ने जुड़े हुए लोगों को यहां प्रवेश करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि यह बोर्ड हर की पौड़ी या उसके आसपास आने वाले हर क्षेत्र में लग चुके हैं. अब इसका सज्ञान सभी लोग लेंगे और प्रशासन इन नियमों को कड़ाई से पालन कराने में हमारा सहयोग करेगा. संस्था गंगा सभा की ओर से लगाए गए इस पोस्टर के बाद इसकी चर्चा तेज हो गई है और कई संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. चार तीर्थों में प्रमुख स्थान बता दें कि हरिद्वार हिंदू धर्म में चार तीर्थों में प्रमुख स्थान रखता है, जहां दूर-दूर से भक्त गंगा स्नान करने और दान कर पुण्य प्राप्त करने आते हैं. वहीं श्री गंगा सभा संस्था हर की पौड़ी क्षेत्र की व्यवस्थाएं देखने का कार्य करती है. इस संस्था की नींव महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने रखी गई थी. श्री गंगा सभा के वर्तमान अध्यक्ष नितिन गौतम ने हर की पौड़ी क्षेत्र में गैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है और उनकी इस मांग का साधु-संतों और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग भी समर्थन कर रहे हैं.

अशोकनगर में शादी में प्री-वेडिंग शूट और गोल्ड गिफ्ट पर बैन, 1 लाख रुपये का जुर्माना होगा

अशोकनगर  आधुनिकता की दौड़ में शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ती फिजूलखर्ची व दिखावा कल्चर को रोकने सिख समाज ने क्रांतिकारी पहल की है। प्री-वेडिंग शूट व शादी में लडक़ी पक्ष की तरफ से सोने के उपहार दिए जाने पर रोक लगा दी है। यदि किसी ने निर्णय नहीं माना तो एक लाख रु. तक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। शहर के गुरुसिंह सभा गुरुद्वारे में सिख समाज की अहम मुद्दों पर बैठक हुई। सामाजिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर गहन चर्चा हुई। विवाह समारोह में बढ़ते दिखावे और अनावश्यक खर्च पर चिंता जताई। साथ ही निर्णय लिया कि विवाह के दौरान लड़की पक्ष की ओर से लड़के पक्ष को सोने की अंगूठी या किसी प्रभार के सोने के आभूषण उपहार स्वरूप नहीं दिए जाएंगे, क्योंकि इससे परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ता है और असमानता भी बढ़ती है। चेतावनीः निर्णय का पालन नहीं तो भारी भरकम जुर्माना गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रधान सतपालसिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में इस तरह के कठोर व आवश्यक निर्णय लेना जरूरी है। जो भी व्यक्ति या परिवार इन निर्णयों का पालन नहीं करेगा, उस पर जुर्माने का प्रावधान रखा जाएगा। जिसकी राशि नियमों के उल्लंघन अनुसार 5100 रुपए से लेकर एक लाख रु. तक होगी। समाज ने यह भी लिए निर्णय     शादी में हल्दी-मेंहदी रस्म अत्यधिक खर्चीली हो रही है, जिन्हें सादगी, पवित्र संबंध और मर्यादा के साथ मनाने का निर्णय लिया।     शादी में प्री-वेडिंग शूट व फोटो शूट को भी समाज के मूल्यों के विरुद्ध माना जाता है, जिस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा।     शोक पर फिजूलखर्ची रोकने का निर्णय, लंगर गुरुमत मर्यादा अनुसार सादा रखा जाए, अनावश्यक खर्च व दिखावे से बचें।