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महू में वंदे भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए तैयार हो रहा आधुनिक कवर्ड शेड, इंदौर से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी

इंदौर   देशभर मे लग्जरी रेलयात्रा की पहचान बनी वंदे भारत ट्रेन अब मेंटेनेंस के दौरान आराम फरमा सकेंगी. इंदौर के महू मे इसके लिए कवर्ड शेड तैयार होगा. देश के विभिन्न इलाकों में फरवरी 2019 से शुरू की गई वंदे भारत सेवा से जुड़ी ट्रेनों को भी अब मेंटेनेंस की दरकार है. भारत के विभिन्न शहरों से करीब 164 वंदे भारत ट्रेन चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास का रेलवे सफर उपलब्ध करवा रही हैं. वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी अब रेल मंत्रालय की कोशिश है कि देश में 2030 तक 800 और 2047 तक करीब 2400 ट्रेन चलाई जा सकें. इसके लिए वंदे भारत के नेटवर्क और सेटअप को लगातार विकसित किया जा रहा है. इसी क्रम में अब मेंटेनेंस के लिए वंदे भारत ट्रेन के लिए कवर्ड शेड भी तैयार किया जा रहे हैं. हाल ही में इसे इंदौर के लिए भी स्वीकृत किया गया है, जो इसी साल इंदौर के महू में बनकर तैयार होगा. रेलवे के मुताबिक महू को वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस हब बनाने की तैयारी है. महू में बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का शेड महू में तैयार किए जा रहे कवर्ड शेड में वंदे भारत ट्रेन की निर्धारित यात्रा के बाद सतत रूप से मेंटेनेंस और रखरखाव किया जा सकेगा. इंदौर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया "महू में 64.50 करोड़ की लागत से 2 फीट लाइन और आधुनिक शेड बनाए जाने हैं, जिनकी स्वीकृति मिल गई है. इन्हीं शेड से भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो सकेगा. फिलहाल इंदौर से नागपुर के लिए वंदे भारत ट्रेन का संचालन होता है." इंदौर से बड़े शहरों को वंदे भारत चलाने की मांग इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई, हावड़ा के लिए भी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलने की मांग की जा रही है. माना जा रहा है कि वंदे भारत के लिए शेड तैयार हो जाने से इंदौर से नागपुर ही नहीं, अन्य स्थानों के लिए भी वंदे भारत ट्रेन शुरू करने में आसानी रहेगी. इस मामले में रेलवे के विशेषज्ञ नागेश नाम जोशी ने बताया "वंदे भारत का मेंटेनेंस ज्यादा सुविधाजनक तब रहेगा, जहां जहां से उसे चलाया जा रहा है, वहीं इसकी व्यवस्था हो. इसलिए महू में वंदे भारत हब तैयार हो रहा है, जिसका लाभ भविष्य में इंदौर समेत आसपास के इलाकों को मिलेगा." 

डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम, स्कैमर्स के खिलाफ एक बटन से शुरू होगा ‘अरेस्ट’ प्रोसेस

नई दिल्‍ली.  देश में डिजिटल अरेस्‍ट की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कारगर पैंतरा अपनाया है. गृह मंत्रालय ने डिजिटल अरेस्‍ट की समस्‍या के समाधान के लिए उच्‍च स्‍तरीय समिति बनाई थी. इस समिति ने ‘किल स्विच’ जैसे विकल्‍प सुझाए हैं, जहां एक बटन दबाते ही स्‍कैमर्स के मंसूबों पर ताला लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं, अगर डिजिटल अरेस्‍ट के दौरान कोई वित्‍तीय नुकसान हुआ है तो उसकी भी भरपाई करने का तरीका समिति ने सुझाया है. गृह मंत्रालय की उच्‍च स्‍तरीय समिति ने ‘किल स्विच’ जैसे विकल्‍पों का सुझाव दिया है. इसका मतलब है कि अगर किसी को अपने साथ डिजिटल फर्जीवाड़े की आशंका है तो वह इस किल स्विच बटन के जरिये अपने सभी फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन तत्‍काल रोक सकता है. इससे स्‍कैमर्स को खाते से पैसे निकालने या धोखाधड़ी करने का मौका ही नहीं मिलेगा और बैंक की तरफ से यूजर के सभी खाते कुछ समय के लिए फ्रीज कर दिए जाएंगे. नुकसान की भरपाई के लिए भी व्‍यवस्‍था बैंकिंग सिस्टम में धोखाधड़ी से जुड़े नुकसान को कवर करने के लिए एक बीमा व्यवस्था भी जल्द आ सकती है, क्योंकि बढ़ते डिजिटल युग के घोटाले वाणिज्यिक बैंकों को अपने जोखिम प्रबंधन ढांचे पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर रहे हैं. इसका मकसद ग्राहकों और पूरे वित्तीय सिस्टम की बेहतर सुरक्षा करना है. समिति ने किल स्विच के साथ ऐसे बीमा उत्‍पाद लाने का भी सुझाव दिया है. कैसे काम करेगी इमरजेंसी बटन पिछले साल दिसंबर में किल स्विच के लिए एक अंतर विभागीय समिति बनाई गई थी. इसमें अन्य विकल्पों के साथ-साथ एक इमरजेंसी बटन की व्यवस्था की जा सकती है, जिसे लेंडर्स के पेमेंट ऐप्स में जोड़ा जाएगा. जब भी कोई यूजर महसूस करे कि वह धोखाधड़ी का शिकार हो रहा है, तो वह इस बटन को दबाकर अपने सभी बैंकिंग ऑपरेशन्स तुरंत फ्रीज कर सकता है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि विचार यह है कि क्या यूजर के पेमेंट ऐप, जैसे UPI ऐप या बैंक ऐप में किल स्विच हो सकता है और जैसे ही यूजर वह बटन दबाए, कोई भी बैंक ट्रांजेक्शन संभव न हो सके. धोखाधड़ी के बाद पैसा वापस दिलाने की कोशिश समिति यह भी देख रही है कि क्या ऐसे लेन-देन की पहचान करना संभव है जो धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं. साथ ही क्‍या ऐसा कोई तरीका है जिससे धोखाधड़ी के बाद उसे तुरंत कई म्यूल खातों में बांटा न जा सके, ताकि पैसों को वापस दिलाने की कोशिश की जा सके. डिजिटल अरेस्ट घोटालों में ठग पुलिस या अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों के रूप में वीडियो कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं और दावा करते हैं कि वे गंभीर अपराधों की जांच के दायरे में हैं. वे अपनी विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए लीक हुए निजी डेटा का इस्तेमाल करते हैं. अक्‍सर डर और जल्दबाजी का माहौल बनाते हैं और फर्जी आईडी व गिरफ्तारी वारंट दिखाकर पीड़ितों से बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं.  

एक कैप्सूल से खत्म होगा फैटी लिवर, हार्ट और लकवे का इलाज, वैज्ञानिकों की नई रिसर्च

इंदौर  अगर आप फैटी लीवर, हार्ट या लकवे की समस्या से परेशान है तो ये खबर आपके काम की है। एमजीएम मेडिकल कालेज से संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग ने तीन दिवसीय जीआइ कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इसमें देशभर के लिवर और एंडोस्कोपी विशेषज्ञों ने गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में हो रहे आधुनिक शोध और इलाज की नई तकनीकों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया, 2040 तक आज की जटिल एंडोस्कोपी जांच एक साधारण पिल (कैप्सूल) से संभव हो जाएगी। यह कैप्सूल न सिर्फ पाचन तंत्र की जांच करेगा, बल्कि फैटी लिवर, हार्ट की बीमारी और लकवे जैसी गंभीर समस्याओं की पहचान और इलाज में भी मददगार होगा। लोगों को पड़ रही ट्रांसप्लांट की जरूरत शराब के बढ़ते सेवन और उससे जुड़ी लिवर बीमारियों पर विशेष चिंता जताई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर इलाज नहीं होने पर मरीज को लिवर ट्रांसप्लांट तक की जरूरत पड़ सकती है। कॉन्क्लेव में पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित वरिष्ठ लिवर विशेषज्ञ डॉ. शिव सरिन की पुस्तक ओन योर बाडी का विमोचन किया गया। साथ ही पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण प्ला से सम्मानित एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डा. डी नागेश्वर रेड्डी का सम्मान किया गया। इंदौर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. डेमो सुनील जैन को लाइफटाइम गया अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। लाइव डेमो से ईयूएस एनाटामी को समझाया आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया, कार्यशाला में एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) पर आधारित 16 जटिल केस किए गए। इनमें गालब्लैडर कैंसर, पैंक्रियाज कैंसर, पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट मेंप्लास्टिक और मेटैलिक स्टेंट डालना, गैस्ट्रिक वैरिक्स में ग्लू और काइल से इलाज जैसे मामले शामिल रहे। लाइव डेमो से ईयूएस एनाटामी को समझाया गया और बायोप्सी व स्टेंट डालने की प्रक्रिया बताई गई। पेट में पानी भरने की समस्या पर चर्चा इसके अलावा कॉन्फ्रेंस में एल्कोहालिक लिवर डिजीज, मेटाबालिक एल्कोहालिक लिवर डिजीज (मेट-एएलडी), फैटी लिवर और एश्राइटिस यानी पेट में पानी भरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश लिवर रोग शराब, फैटी लिवर और गलत खानपान से होते हैं। इस दौरान नई दिल्ली के डॉ. आदर्श चौधरी, डॉ. अमित महदेव, मुंबई के डॉ. अनिल अरोरा, हैदराबाद के डॉ. प्रमोद गर्ग आदि को सम्मानित किया गया।

गुजरात जाइंट्स के खिलाफ मुकाबले में यूपी वारियर्स का पलड़ा भारी

वडोदरा खराब फॉर्म से जूझ रही गुजरात जाइंट्स के खिलाफ महिला प्रीमियर लीग के मैच में बृहस्पतिवार को यूपी वारियर्स का पलड़ा भारी होगा जबकि प्लेआफ के बाकी दो स्थानों के लिये मुकाबला कड़ा हो गया है। पूर्व चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू पांचों मैच जीतकर क्वालीफाई कर चुकी है जबकि दिल्ली कैपिटल्स ने मंगलवार को मुंबई इंडियंस को सात विकेट से हराकर सभी के लिये रास्ते खुले रखे हैं। मुंबई, यूपी, दिल्ली और गुजरात के चार अंक हैं लेकिन नेट रनरेट के आधार पर वारियर्स गुजरात से ऊपर हैं। गुजरात लगातार तीन हार के बाद सबसे नीचे है लेकिन पहले चरण में उसने यूपी वारियर्स को हराया था। ⁠ सत्र के पहले मैच में गुजरात ने 207 रन बनाने के बाद वारियर्स को आठ विकेट पर 197 रन रोक दिया था। इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स को चार रन से हराया। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पांच विकेट पर 192 रन बनाने के बावजूद गुजरात को हार झेलनी पड़ी। आरसीबी के खिलाफ 183 रन के लक्ष्य के जवाब में टीम 150 रन ही बना सकी और पिछले मैच में इसी टीम के खिलाफ 179 रन के लक्ष्य के जवाब में आठ विकेट पर 117 रन ही बना पाई। सीनियर बल्लेबाजों के खराब फॉर्म ने उसकी मुश्किलें बढा दी है। आस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाज बेथ मूनी पांच पारियों में 95 रन ही बना सकी है। सोफी डेवाइन ने पिछले तीन मैचों में आठ, आठ और 0 रन बनाये हैं। अनुष्का शर्मा अभी तक लय हासिल नहीं कर पाई हैं। अधिकांश दारोमदार कप्तान एशले गार्डनर पर रहा है जिन्होंने दो अर्धशतक बनाये हैं। दूसरी ओर यूपी ने खराब शुरूआत के बाद अपने गेंदबाजों के दम पर शानदार वापसी की है। गुजरात, आरसीबी और दिल्ली से पहले तीन मैच हारने के बाद उसने पांच विकेट पर 161 रन बनाने के बावजूद मुंबई इंडियंस को हराया। इसके बाद इसी टीम पर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। यूपी के गेंदबाजों क्रांति गौड़, शिखा पांडे और डिएंड्रा डोटिन ने शानदार प्रदर्शन किया है।स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन, दीप्ति शर्मा और आशा शोभना ने उनका बखूबी साथ निभाया। दीप्ति का बतौर बल्लेबाज खराब फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। बल्लेबाजी में हालांकि मैग लैनिंग और फीबी लिचफील्ड फॉर्म में हैं। टीमें : गुजरात जाइंट्स: एशले गार्डनर (कप्तान), बेथ मूनी, सोफी डिवाइन, रेणुका सिंह ठाकुर, भारती फुलमाली, तितास साधु, काशवी गौतम, कनिका आहूजा, तनुजा कंवर, जॉर्जिया वेयरहैम, अनुष्का शर्मा, हैप्पी कुमारी, किम गार्थ, यस्तिका भाटिया, शिवानी सिंह, डैनी वाट हॉज, राजेश्वरी गायकवाड़ और आयुषी सोनी। यूपी वारियर्स: मेग लैनिंग (कप्तान), हरलीन देओल, डींड्रा डॉटिन, सोफी एक्लेस्टोन, क्रांति गौड़, शिप्रा गिरी, चार्ली नॉट, फीबी लिचफील्ड, सुमन मीना, किरण नवगिरे, शिखा पांडे, प्रतिका रावल, श्वेता सहरावत, दीप्ति शर्मा, सिमरन शेख, आशा सोभना, गोंगाडी त्रिशा, क्लो ट्रायोन। मैच का समय : शाम 7.30 से।  

आजीविका ग्रीन मेला भोपाल हाट में 24 से 26 जनवरी तक, हर्वल पेय रहेंगे आकर्षण का केन्‍द्र

आजीविका ग्रीन मेला भोपाल हाट में 24 से 26 जनवरी तक पौधे, फल, सब्‍जी, अनाज, बीज एवं बागवानी सामग्री के लगेंगे स्टॉल जूस, फ्रॅूट सलाद, हर्वल पेय रहेंगे आकर्षण का केन्‍द्र भोपाल  शहर के भोपाल हाट में 24 से 26 जनवरी तक तीन दिवसीय आजीविका ग्रीन मेले का आयोजन मध्‍यप्रदेश राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा किया जा रहा है। मेले में मिशन अंतर्गत महिला स्‍व-सहायता समूहों के रसायन रहित उत्‍पाद आकर्षण का केन्‍द्र रहेंगे। मुख्‍य रूप से समूहों की नर्सरी में तैयार किये गये पौधे, फल, सब्‍जी,रसायन रहित अनाज, बीज, खाद, कीटनाशक एवं बागवानी का सामान मेले में उपलब्‍ध रहेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, मंदसौर, विदिशा, ग्‍वालियर, राजगढ, सागर, श्‍योपुर, आगर-मालवा बैतूल, जबलपुर, नरसिंहपुर एवं गुना जिलों से समूहों की दीदीयां सामग्री लेकर आ रही हैं, सामग्री बेचने के लिये भोपाल हाट में लगभग 40 स्‍टॉल लगाये जायेंगे। मेले में शोभादार पौधों में गुलाब, सेवंती, डहेलिया, आस्‍था के पौधों में तुलसी, शमी, बेल, सब्‍जी के पौधों में टमाटर, मिर्च, गोभी, पत्‍ता गोभी, ग्राफ्टेड सब्‍जी में बैगन के पौधे उपलब्‍ध रहेंगे। उन्‍नत फलदार वृक्षों में ग्राफ्टेड आम, अमरूद (थाई पिंक थाई) नीबू (सीड लेस), संतरा, चीकू, अनार आदि विशेष रूप से उपलब्‍ध रहेंगे। इसके अलावा जैविक खाद, केंचुआ खाद, नाडेप खाद, धनजीवामृत, द्रव्‍यजीवामृत और जैविक कीटनाशक में नीमास्‍त्र, बह्रमास्‍त्र, अग्नि अस्‍त्र, पांचपर्णी, दशपर्णी काढा उपलब्‍ध रहेगा। एकीकृत कीट नियंत्रण सामग्री में नीला, पीला स्टिकी ट्रैप, फेरोमोने ट्रैप, लाई ट्रैप उपलब्‍ध रहेंगे। इसी प्रकार मिट्टी एवं गोबर के गमले, सब्‍जी पौध तैयार करने के लिये सामग्री रूट ट्रे, कोको पिट, नर्सरी में उपयोग होने वाले छोटे यंत्र खुरपी, कटाई छटाई हेतु सिकेटियर, बडिंग चाकू भी उपलब्‍ध रहेंगे। मेले में आने वाले लोगों के लिये विभिन्‍न प्रकार के फ्रेश जूस, फ्रूट सलाद, हर्वल पेय आदि भी मिलेंगे। मेला प्रति दिन 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुलेगा।  

IPL में फाइनल वेन्यू पर अनिश्चितता, 2 टीमों को BCCI ने दी डेडलाइन

मुंबई  IPL 2026 को लेकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के सामने अपने घरेलू मैदान को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. शीर्ष सूत्रों के अनुसार, BCCI ने दोनों फ्रेंचाइजियों को 27 जनवरी तक यह जानकारी देने को कहा है कि वे अपने घरेलू मैच किन शहरों में खेलना चाहती हैं. RCB की पहली पसंद हमेशा से बेंगलुरु का एम चिन्नास्वामी स्टेडियम रही है, लेकिन राज्य सरकार के कुछ नए नियम अब फ्रेंचाइजी के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, स्टेडियम के बाहर की सड़क की जिम्मेदारी, वहां फायर ब्रिगेड की तैनाती और DJ की अनुमति ना मिलने जैसी शर्तें RCB को मंजूर नहीं हैं. RCB का मानना है कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियां फ्रेंचाइजी पर डाल रही है, जो कि सही नहीं है. इसी वजह से अब RCB, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के साथ मिलकर राज्य सरकार से बातचीत करेगी और फिर IPL गवर्निंग काउंसिल को अपना फैसला बताएगी. वहीं दूसरी ओर, राजस्थान रॉयल्स को जयपुर में IPL मैच ना मिलने का खतरा मंडरा रहा है. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से चुनाव नहीं हुए हैं, जिसके चलते जयपुर का वेन्यू BCCI के रडार पर है. सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक अनिश्चितता के कारण जयपुर को IPL मैचों से वंचित किया जा सकता है. अगर हालात नहीं सुधरे, तो राजस्थान रॉयल्स को अपने घरेलू मुकाबलों के लिए वैकल्पिक शहर तलाशने पड़ सकते हैं. अब देखना होगा कि 27 जनवरी की डेडलाइन से पहले दोनों फ्रेंचाइजी क्या फैसला लेती हैं.  

आधिकारिक ईमेल प्रणाली अब जोहो प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट : ऊर्जा मंत्री तोमर

एमपी ट्रांसको के स्वदेशी टेक की ओर मजबूत कदम आधिकारिक ईमेल प्रणाली अब जोहो प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी आधिकारिक ईमेल प्रणाली को स्वदेशी तकनीक आधारित जोहो कॉर्पोरेशन के प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक शिफ्ट कर दिया है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने जानकारी दी कि इस पहल का उद्देश्य डेटा सुरक्षा को सुदृढ़ करना, संचालन को अधिक भरोसेमंद बनाना तथा विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता को कम करना है। डिजिटल इंडिया की ओर एक और कदम एम पी ट्रांसको के आई टी हेड डाक्टर हिमांशु श्रीवास्तव के अनुसार, एडवांस फीचर्स के जोहो प्लेटफॉर्म पर ईमेल शिफ्ट होने से सुरक्षित डेटा होस्टिंग, बेहतर एक्सेस कंट्रोल, उन्नत स्पैम व साइबर सुरक्षा फीचर्स तथा निर्बाध संचार सुनिश्चित होगा। यह कदम भारत सरकार की डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत थीम के अनुरूप है। उल्लेखनीय है कि एमपी ट्रांसको ने स्वदेशी अराताई (ARATTAI) प्लेटफॉर्म का उपयोग प्रारंभ किया था। इसके अलावा अत्यंत संवेदनशील स्काडा सिस्टम को भी स्वदेशी तकनीक और उपकरणों की सहायता से अपग्रेड किया गया है, जिससे ट्रांसमिशन नेटवर्क की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, विश्वसनीयता और साइबर सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  

भोपाल और पूरे कंपनी क्षेत्र में 6.57 लाख स्मार्ट मीटर हुए स्थापित

भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 06 लाख, 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित दिन के टैरिफ में मिल रही 20 प्रतिशत की छूट भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है तथा दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिल रही है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक 6 लाख, 57 हजार 147 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में 3 लाख, 30 हजार से अधिक स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं, वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्‍ता संतुष्‍ट हैं। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। दिसंबर माह का बिल जो कि जनवरी  माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है।  

HCL टेक का एमपी के टियर-2 टेक्नोलॉजी हब पर फोकस, दावोस में हुई अहम चर्चा

भोपाल  HCL- दावोस में वर्ल्ड इकोनामिक फोरम–2026 का पहला दिन एमपी के लिए निवेश, सहयोग और वैश्विक साझेदारी के नए द्वार खोलने वाला साबित हुआ। फोरम में एमपी की सशक्त मौजूदगी नजर आई। प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने तकनीक, नवकरणीय ऊर्जा, एआई, आईटी, कृषि-खाद्य, पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियों से चर्चा की। मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए भरोसेमंद और फ्यूचर रेडी इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया। यहां आईटी कंपनी एचसीएल टेक से भी अहम चर्चा हुई। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया एमपी को उभरते टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है। दावोस में मध्यप्रदेश सरकार और एआई आधारित प्रोटीन नवाचार में अग्रणी कंपनी शिरू (Shiru) के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने शिरू की सीईओ एवं संस्थापक डॉ. जैस्मिन ह्यूम से विस्तृत चर्चा की। इस दौरान एआई-संचालित प्रोटीन नवाचार, कृषि-आधारित इनपुट्स और अनुप्रयुक्त अनुसंधान पर फोकस रहा। शिरू की सीईओ ने मध्यप्रदेश की सुदृढ़ कृषि व्यवस्था में विशेष रुचि प्रदर्शित की। बातचीत के दौरा राज्य के विश्वविद्यालयों, कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग की संभावनाओं, फसल-आधारित प्रोटीन इनपुट्स की पहचान एवं विकास पर ज्वाइंट वेंचर पर करने पर सहमति हुई। नवकरणीय ऊर्जा भंडारण पर अमारा राजा समूह से चर्चा हुई। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला एवं अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने समूह के सह-संस्थापक, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जय गल्ला से बातचीत की। हाइब्रिड मॉडलों की लागत संरचना एवं तकनीकी पहलुओं पर अध्ययन किए जाने पर सहमति बनी। एचसीएल टेक के साथ टियर-2 टेक्नोलॉजी हब पर अहम चर्चा दावोस में वैश्विक आईटी सेवा कंपनी एचसीएल टेक के साथ टियर-2 टेक्नोलॉजी हब पर अहम चर्चा हुई। मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल की एचसीएल टेक के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट अभय चतुर्वेदी के साथ महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने प्रदेश में टियर-2 टेक हब के रूप में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। टियर-2 टेक्नोलॉजी हब के रूप में मध्यप्रदेश में विस्तार की संभावनाओं पर बात की। एचसीएल टेक द्वारा पारंपरिक आईटी केंद्रों से आगे बढ़कर टियर-2 शहरों में संचालन विस्तार के अवसरों का आंकलन किए जाने की बात बताई गई। एचसीएल टेक के अनुसार मध्यप्रदेश को एक उभरते और संभावनाओं से परिपूर्ण टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है। विशेष ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी की जानकारी दी इस अहम बैठक में मध्यप्रदेश शासन की विशेष ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी की जानकारी दी गई।प्रतिस्पर्धी लागत लाभ और रेडी-टू-मूव-इन ऑफिस स्पेस की उपलब्धता को प्रमुख आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया। राज्य में आईआईटी, एनआईटी और आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदगी को भी प्रमुख ताकत बताया गया। एचसीएल टेक ने मध्यप्रदेश में भविष्य के टेक्नोलॉजी सेंटर्स और ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर्स की संभावनाओं में रुचि व्यक्त की।

एमपी में खाद की ऑनलाइन बुकिंग का सिस्टम शुरू, अगले महीने से होगी होम डिलीवरी

भोपाल  एमपी में बुआई के हर मौसम में किसानों की खाद लेने के लिए लगी कतारें सरकार और पब्लिक दोनों को परेशान करती हैं। अब सरकार किसानों को खाद की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा देने जा रही है। यही नहीं खाद की होम डिलेवरी सेवा पर भी काम चल रहा है। मप्र के कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर सवा करोड़ किसानों की पूरी डिटेल दर्ज कराई है। इसमें किसान की खेती की भूमि का रकबा और उसमें बोई जाने वाली फसलों के साथ ही लगने वाली खाद की भी अनुमानित खपत दी है।  किसानों को खाद मिलने में पहले परेशानी का जरूर सामना करना पड़ता था, लेकिन अब किसानों को समय बचाने के लिए होम डिलीवरी शुरू की गई है. जिले के किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी. इसके बाद किसानों के घर में खाद पहुंचाई जाएगी. जिसके लिए ₹25 का शुल्क देना होगा. हालांकि यह सुविधा डबल लॉक केंद्र के 5 किलोमीटर के दायरे में फिलहाल शुरू की गई है, जिसका विस्तार भी किया जाएगा. अब किसानों के घर पहुंचेगी खाद इसके पहले किसानों को डबल लॉकर या विक्रय केंद्र में जाकर खाद लेना पड़ता था. लेकिन यह सुविधा भी अभी जारी रहेगी. इसके अलावा अब किसान 25 रूपए प्रति बोरी देकर अपने घर से पोर्टल में जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर खाद की होम डिलेवरी भी कर सकेंगे. जहां योजना के तहत उर्वरक की होम डिलेवरी पर परिवहन शुल्क ₹15 प्रति बैग और लोडिंग, अनलोडिंग शुल्क ₹10 देना होगा, मतलब ₹25 कुल किसानों को होम डिलेवरी के लिए खर्च करने होंगे. किसान चुन सकेंगे होम डिलीवरी का विकल्प योजना के पहले किसान सुहाजनी के ओमप्रकाश बने जिन्होंने ऑनलाइन बुकिंग कर 14 बोरी यूरिया की बुकिंग की. इसके बाद डबल लॉक केंद्र से उनके घर यूरिया की 14 बोरी भिजवाई गई. किसान का कहना है यह योजना काफी अच्छी है, जिससे अब समय भी बचेगा और केंद्र में लगने वाली लाइनों से भी राहत मिलेगी. बहरहाल यह सुविधा जबलपुर के डबल लॉकर मझोली, सिहोरा और शहपुरा में शुरू कर दी गई है. जिसका लाभ अब किसान उठाने लगे हैं. चयनित उर्वरक विक्रेता के यहाँ पर ई-टोकन से कृषक उर्वरक क्रय कर सकेंगे  जिसकी वैद्यता 03 दिवस की रहेगी। जो किसान जिस सहकारी समिति का डयू सदस्य है, टोकन उसी समिति पर बुक करना होगा। सहकारी समिति के ऋणी कृषक सदस्य जिनकी खरीफ सीजन में खाद लेकर लिमिट पूरी हो चुकी है, वे नगद राशि जमा कर लिमिट खुलवा सकते है। ओवर डयू सदस्य या अन्य किसान, विपणन संघ के गोदाम, एमपी एग्रो, प्राइवेट विक्रेता पर टोकन बुक कर सकते है। टोकन की वैद्यता 03 दिवस रहेगी, पात्रता मिलने तक 3-3 दिवस के अंतराल पर बार-बार टोकन बुक किया जा सकता है।