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मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया 27 जनवरी को करेंगे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ

खेलो एमपी यूथ गेम्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया 27 जनवरी को करेंगे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक कैलाश खेर टीटी नगर स्टेडियम में देंगे प्रस्तुति भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को प्रेस से चर्चा में बताया कि 27 जनवरी 2026 को शाम 6:30 बजे भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में खेलो एमपी यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इसका शुभारंभ करेंगे। मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएँ सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी हैं, जबकि जिला एवं संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ प्रगति पर हैं और 25 जनवरी 2026 तक पूर्ण हो जाएँगी। इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया जाएगा। भव्य शुभारंभ समारोह, खेलों की थीम पर आधारित होगा आयोजन मंत्री सारंग ने बताया कि टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित शुभारंभ समारोह को विशुद्ध रूप से खेलों की थीम पर आधारित रखा गया है। समारोह में कैलाश खेर की विशेष प्रस्तुति होगी, वहीं इंडियाज़ गॉट टैलेंट फेम डांस ट्रूप द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। इसके अतिरिक्त खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य-नाटिका तथा भव्य आतिशबाजी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। मंत्री सारंग ने कहा कि यह समारोह खेल, ऊर्जा और युवा उत्साह का जीवंत प्रदर्शन होगा। खेल विभाग एवं खेल संघों के समन्वय से मिले सकारात्मक परिणाम मंत्री सारंग ने कहा कि देश में पहली बार खेल विभाग एवं सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के संयुक्त समन्वय से खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अत्यंत सकारात्मक एवं उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण स्तर से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं, जिससे जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभा की पहचान संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि इस नवाचारी मॉडल का सफल क्रियान्वयन भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू किए जाने के लिए मध्यप्रदेश का प्रयास रहेगा, ताकि देशभर में खेलों के विकास को नई दिशा मिल सके। ऑनलाइन पंजीयन एवं पारदर्शी व्यवस्था मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स में सहभागिता के लिए खिलाड़ियों का ऑनलाइन पंजीयन डैशबोर्ड आधारित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया गया है, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी, सरल एवं सुगम बनी है। ब्लॉक स्तर से प्रारंभ हुई इस प्रक्रिया में अब तक एक लाख से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने बताया कि पंजीयन, खेलवार सहभागिता, परिणामों की प्रविष्टि एवं प्रगति की निगरानी रीयल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से की जा रही है। 31 जनवरी तक चलेंगी प्रतियोगिताएँ, 28 खेल होंगे शामिल मंत्री सारंग ने बताया कि चयन प्रक्रिया 313 विकासखंडों से प्रारंभ की गई, जिसके अंतर्गत 13 से 20 जनवरी 2026 तक जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ संपन्न की जा चुकी हैं तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ 25 जनवरी तक पूर्ण होंगी। ब्लॉक एवं जिला स्तर पर 21 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतियोगिताओं में भाग लेंगी, जिससे यह आयोजन प्रदेशव्यापी सहभागिता का प्रतीक बनेगा। खेलों की परंपरा के अनुरूप आयोजन स्थल मंत्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन इस आधार पर किया गया है कि जिस क्षेत्र में जिस खेल को खेलने की परंपरा और लोकप्रियता है, उस खेल का आयोजन वहीं किया जाए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित हैं। भोपाल में एथलेटिक्स, फेंसिंग, पुरुष क्रिकेट, क्याकिंग-कैनोईंग, रोईंग, तैराकी, शूटिंग, पुरुष हॉकी, बॉक्सिंग, थ्रोबॉल, व्हॉलीबॉल एवं कबड्डी आयोजित होंगी। इंदौर में बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेबल टेनिस एवं टेनिस, शिवपुरी में महिला क्रिकेट, ग्वालियर में महिला हॉकी, पिट्टू एवं बैडमिंटन, उज्जैन में मल्लखम्ब, योगासन, रस्साकशी एवं कुश्ती, जबलपुर में खो-खो एवं आर्चरी, रीवा में फुटबॉल, नर्मदापुरम में ताईक्वांडो एवं शतरंज तथा सागर में जूडो प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष स्थान मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसमें पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रचलित खेलों को संस्थागत मंच प्रदान करना, अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ना और छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाना है। मंत्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का सशक्त, पारदर्शी और व्यापक मंच प्रदान कर रहे हैं तथा यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

ऑस्ट्रेलिया ओपन: स्वियातेक ने रचा नया इतिहास, सेलेखमेतेवा ने बाडोसा को दिया बड़ा झटका

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियन ओपन में वर्ल्ड नंबर 2 इगा स्वियातेक ने मैरी बुजकोवा के खिलाफ 6-2, 6-3 से सीधे सेटों में जीत हासिल करते हुए लगातार 24वें ग्रैंड स्लैम के तीसरे राउंड में जगह बनाई। सोमवार को स्वियातेक 2006–12 के दौरान स्वेतलाना कुजनेत्सोवा (26) के बाद लगातार 25 ग्रैंड स्लैम में दूसरे दौर में पहुंचने वाली पहली महिला बनीं। वह अब ओपन एरा में किसी भी दशक के पहले 24 मेजर्स में तीसरे दौर में पहुंचने वाली एकमात्र महिला हैं। वह पिछली बार यूएस ओपन 2019 के दौरान दूसरे दौर में बाहर हुई थीं। जहां उन्हें अनास्तासिजा सेवस्तोवा से हार का सामना करना पड़ा। जॉन केन एरिना में बुजकोवा के खिलाफ मुकाबले में स्वियातेक ने सर्व ब्रेक करके पहला सेट 6-2 से जीता। स्वियातेक का आक्रामक बेसलाइन खेल बेहद शक्तिशाली साबित हुआ, उनके ग्राउंडस्ट्रोक की गति 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रही थी, जिससे बुजकोवा लगातार डिफेंसिव पोजीशन में जाने के लिए मजबूर होती रहीं। पहले सेट की जीत ने स्वियातेक को पूरा कंट्रोल दे दिया, और उन्होंने शांत होकर सर्व करते हुए मैच खत्म किया। दूसरे सेट में 6-3 से जीत हासिल करके सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से जीत पूरी की। दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने शुरुआती कुछ तनाव भरे पलों के बावजूद मजबूत इरादे दिखाए। एक अनफोर्स्ड एरर से पहला प्वाइंट गंवाने के बाद, स्वियातेक ने शक्तिशाली सर्व और आक्रामक बेसलाइन खेल से कंट्रोल वापस हासिल कर लिया।हालांकि, बुजकोवा ने शानदार शॉट लगाकर दो मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन स्वियातेक की क्वालिटी निर्णायक साबित हुई। 9 शॉट की एक शानदार रैली फोरहैंड विनर के साथ खत्म हुई, जिससे ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे राउंड में उनकी जगह पक्की हो गई। इसके बाद ओक्साना सेलेखमेतेवा ने अपने करियर की पहली टॉप 30 जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन में पिछले साल की सेमीफाइनलिस्ट पाउला बाडोसा को हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम के तीसरे राउंड में जगह बनाई। सेलेखमेतेवा अब तीसरे राउंड में नंबर 6 वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला से भिड़ेंगी। वह अपने करियर में पहली बार टॉप 20 खिलाड़ी का सामना करने जा रही हैं। दूसरी ओर, लॉरा सीगमंड को 6-4, 6-7(3), 7-6 (7) से मात देकर लोकल क्वालीफायर मैडिसन इंग्लिस भी तीसरे राउंड में पहुंच गई हैं। यह मुकाबला 3 घंटे और 20 मिनट तक चला, जो टूर्नामेंट का दूसरा सबसे लंबा मैच था।

आतंकियों की नई साजिश: 26-26 पर हमले, दिल्ली से अयोध्या तक मंदिरों पर बढ़ा अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली समेत कई शहरों को गणतंत्र दिवस से पहले दहलाने की साजिश का खुलासा हुआ है। पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई जैश-ए-मोहम्मद के साथ ‘कोड 26-26’ के नाम से आतंकी वारदात को अंजाम देने में जुटी है। इस खुफिया इनपुट के बाद देश के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के इंतजाम और कड़े कर दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों ने इस साजिश का पता चलने के बाद दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया है। इस खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक विशेष वांटेड नोटिस जारी किया है, जिसमें अल-कायदा (एक्यूआईएस) के संदिग्ध आतंकी और दिल्ली निवासी मोहम्मद रेहान की तस्वीर शामिल की गई है। इंटेलिजेंस एजेंसियों की सोशल मीडिया पर नजर इस इनपुट के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और पंजाब बेस्ड गैंगस्टर्स हमला कर सकते हैं. इंटेलिजेंस एजेंसियों की सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर है, जहां kashmiri Resistance Group का FalconSquad लगातार धमकी दे रहा है. मुस्लिम युवकों को भड़काया जा रहा है. दिल्ली के आतंकी मोहम्मद रेहान को लेकर अलर्ट दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आतंकियों के पोस्टर चस्पा किए गए हैं. पोस्टर में पहली बार दिल्ली के आतंकी की तस्वीर लगाई गई है. इस आतंकी का नाम मोहम्मद रेहान है. पोस्टर में मोहम्मद रेहान का पता नॉर्थ ईस्ट दिल्ली का चौहान बांगर बताया गया है. ये आतंकी 2016 से फरार है. जब एजेंसियों ने संभल में अलकायदा का मॉड्यूल बस्ट किया था, तभी दिल्ली का रहने वाला ये आतंकी फरार हो गया था. जम्मू में हाई अलर्ट पर सुरक्षाबल उधर,गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू में सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि आतंकी घुसपैठ की कोशिशें तेज कर सकते हैं. यही वजह है कि जम्मू में सुरक्षा व्यवस्था कई गुना बढ़ा दी गई है. बीएसएफ पूरी तरह मुस्तैद है. सीमा पर गश्त को और सख्त किया गया है. नदी-नालों के किनारे, जंगलों और दुर्गम इलाकों की गहन तलाशी ली जा रही है.ड्रोन और सुरंगों के जरिए घुसपैठ की चुनौतियां बनी हुई हैं. सेना और सीआरपीएफ के साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस भी सीमावर्ती इलाकों के साथ ही आंतरिक क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही है. कहां है संदिग्‍ध आतंकवादी मोहम्‍मद रेहान? सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद रेहान उस समय अंडरग्राउंड हो गया था, जब उत्तर प्रदेश के संभल में अलकायदा से जुड़े एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था. तब से ही सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई हैं. अब गणतंत्र दिवस से पहले जारी इस अलर्ट के बीच उसकी तस्वीर सार्वजनिक कर आम लोगों से भी मदद मांगी जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाई जा सके. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकियों का मकसद भीड़भाड़ वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर देश में दहशत फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना हो सकता है. इसी कारण रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन और प्रमुख बाजारों में भी तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं. कई राज्यों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमें बनाकर विशेष गश्त कराई जा रही है. देशभर में अलर्ट सरकारी सूत्रों ने बताया कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है. इंटेलिजेंस इनपुट को लेकर रोजाना उच्च स्तरीय बैठकें हो रही हैं और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की जा रही है. आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें. गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस देश का सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है, जिसमें राजधानी दिल्ली में भव्य परेड और समारोह आयोजित होते हैं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहतीं. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन खतरे की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश में हाई अलर्ट जारी रखा गया है, ताकि किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके. पोस्टर में शाहिद फैसल का भी नाम है, जिसे बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट सहित दक्षिण भारत में कई धमाकों का मास्टरमाइंड बताया गया है। खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आतंकी समूह गणतंत्र दिवस से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ हमले करने की फिराक में जुटे हैं। निशाने पर बड़े मंदिर सीक्रेट ‘कोड 26-26’ का मतलब है गणतंत्र दिवस से पहले बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देना। आतंकियों के निशाने पर देश के बड़े मंदिर हैं, ताकि माहौल बिगाड़ा जा सके। इनमें अयोध्या का राम मंदिर और जम्मू का रघुनाथ मंदिर भी शामिल है। पुलिस फोर्स के अलावा सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ को भी पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे उत्तर भारत की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया: 26 जनवरी को ग्राम सभा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का वाचन होगा

मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम 26 जनवरी को ग्राम सभा में होगा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारी का वाचन : खाद्य मंत्री राजपूत भोपाल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों को राशन सामग्री के प्रति जागरूक करने तथा राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरुकता कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया है। इसमें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारियों का वाचन उचित मूल्य दुकान के विक्रेता (पृथक विक्रेता विहीन उचित मूल्य दुकान की ग्राम पंचायतों में समिति प्रबंधक) द्वारा किया जायेगा। ग्राम सभा में 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' अंतर्गत राशन प्राप्त करने वाले पात्र परिवार/हितग्राहियों के नाम, पात्र परिवारों को वितरित राशन सामग्री की मांग, ईकेवायसी से शेष प्रतीक्षारत हितग्राहियों के नाम और वर्तमान में सम्मिलित हितग्राहियों में से ईकेवायसी न कराने वाले हितग्राहियों के नाम बताये जायेंगे। साथ ही वर्तमान में सम्मिलित हितग्राहियों में से मृत एवं स्थाई रूप से पलायन करने वाले हितग्राहियों का चिन्हांकन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री अन्न सेवा आगरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों से जुड़े हुए पात्र हितग्राही एवं उनको वितरित खा‌द्यान्न मात्रा की जानकारी जनसमुदाय को देने के लिए 2 अक्टूबर एवं 26 जनवरी को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में उचित मूल्य दुकान के विक्रेताओं ‌द्वारा पात्र हितग्राहियों एवं वितरित सामग्री का विवरण के वाचन का प्रावधान किया गया है। गणतंत्र दिवस पर आयोजित ग्राम सभाओं में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारी के वाचन तथा सदस्यों ‌द्वारा उठाए गए बिन्दुओं का उल्लेख कार्यवाही विवरण में कर, जानकारी निर्धारित प्रपत्र में 10 फरवरी 2026 तक संचालनालय खा‌द्य को भेजने के निर्देश भी दिये गए हैं।  

पेंच जल विद्युत गृह ने मॉक ड्रिल में महाराष्ट्र के तीन ताप विद्युत गृहों को बैकअप प्रदान किया

पेंच जल विद्युत गृह ने मॉक ड्रिल में दिया महाराष्ट्र के तीन ताप विद्युत गृहों को बैकअप भोपाल  मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने पेंच जल विद्युत गृह तोतलाडोह के माध्यम से उच्च स्तरीय अभियान्त्रिकी दक्षता, समन्वय एवं परिचालन तत्परता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कम्पनी (MahaTransco) के साथ गत दिवस सफलतापूर्वक ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल की। यह अभ्यास विशिष्ट आपातकालीन परिस्थितियों या राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के आंशिक अथवा पूर्ण विफल होने की स्थिति में विद्युत प्रणाली की त्वरित बहाली एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दृष्टि से किया जाता है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के पेंच जल विद्युत गृह से महाराष्ट्र राज्य स्थित कोराडी ताप विद्युत गृह (महा-जेनको), खापरखेड़ा ताप विद्युत गृह (महा-जेनको) व विदर्भ औद्योगिक विद्युत गृह (अदाणी समूह), नागपुर तक एक आयलैंड का निर्माण कर महाराष्ट्र की लगभग 5 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता को बैकअप दिया गया। क्यों की जाती है मॉक ड्रिल भारतीय विद्युत ग्रिड संहिता (इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड – IEGC) एवं MEGC 2020 के प्रावधानों के अंतर्गत ग्रिड पुनर्बहाली प्रक्रियाओं का सामयिक परीक्षण व सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसमें पूर्ण या आंशिक ब्लैकआउट की स्थिति में ब्लैक स्टार्ट प्रक्रिया, आयलैंड का निर्माण व उसके पुनः राष्ट्रीय ग्रिड के साथ समन्वय की व्यवस्था शामिल है। मॉक ड्रिल कैसे की गई पेंच जल विद्युत गृह तोतलाडोह में यह ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल गत दिवस 21 जनवरी को सुबह 10:03 बजे से दोपहर 12:02 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित की गई। इस मॉक ड्रिल में आयलैंड के माध्यम से पेंच जल विद्युत गृह से लगभग 20 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति महाराष्ट्र के तीन ताप विद्युत गृहों कोराडी ताप विद्युत गृह, खापरखेड़ा ताप विद्युत गृह व विदर्भ औद्योगिक विद्युत गृह को की गई। इस मॉक ड्रिल में आपातकालीन स्थिति में विद्युत गृह को प्रारंभ करने की तकनीकी क्षमता का परीक्षण किया गया। लगभग दो घंटे तक आयलैंड के सफल एवं स्थिर संचालन के बाद दोपहर 12:02 बजे पेंच जल विद्युत गृह को राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक पुनः समन्वित (री-सिंक्रोनाइज) किया गया। यह संपूर्ण प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण की गई, जो मध्यप्रदेश पावर कंपनी की उच्च स्तरीय अभियान्त्रिकी दक्षता, समन्वय व परिचालन तत्परता को प्रदर्शित करती है। ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल क्या है ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल एक विशेष तकनीकी अभ्यास है, जिसके अंतर्गत किसी भी पूर्ण या आंशिक ब्लैक आउट की स्थिति में विद्युत गृह को बाह्य ग्रिड सहायता के बिना, सेल्फ स्टार्ट जनरेटरों की सहायता से चालू किया जाता है। सामान्यतः यह प्रक्रिया जल अथवा गैस आधारित विद्युत गृहों द्वारा की जाती है, जहाँ स्थानीय स्टैंड-अलोन विद्युत स्रोतों जैसे डीजल जनरेटर सेट के माध्यम से सहायक प्रणालियों को विद्युत आपूर्ति देकर क्रमशः ताप विद्युत इकाइयों को प्रारंभ किया जाता है। यह अभ्यास त्वरित समाधान, प्रणाली की विश्वसनीयता तथा अभियंताओं की तकनीकी तत्परता एवं दक्षता का व्यावहारिक परीक्षण होता है। पेंच जल विद्युत गृह की विशिष्ट भूमिका पिछले वर्षों में ग्रिड संबंधी घटनाओं के परिपेक्ष्य में ब्लैक स्टार्ट सक्षम विद्युत गृहों की निरंतर तत्परता, परीक्षण एवं अभ्यास अत्यंत आवश्यक है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में विद्युत प्रणाली की शीघ्र बहाली कर आर्थिक एवं सामाजिक क्षति को न्यूनतम किया जा सके। उल्लेखनीय है कि सेंट्रल इंडिया व विदर्भ क्षेत्र के निकटस्थ उपलब्ध एकमात्र जल विद्युत स्रोत 160 मेगावाट क्षमता का पेंच जल विद्युत गृह है। इस दृष्ट‍ि से पेंच जल विद्युत गृह आपातकालीन तकनीकी अभ्यास के लिए अहम भूमिका रखता है। पेंच जल विद्युत गृह के माध्यम से आसपास स्थित महाराष्ट्र के विभिन्न ताप विद्युत गृहों को आपातकालीन परिदृश्य निर्मित कर इस अभ्यास को क्रियान्वित किया गया।  

जैव विविधता की वापसी: बारनवापारा अभयारण्य में वर्षों बाद नजर आया दुर्लभ जीव

  रायपुर.   दुर्लभ ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन-पिजन,बर्ड सर्वे के दौरान हुई विशेष फोटोग्राफी बारनवापारा अभयारण्य से पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। हाल ही में अभ्यारण्य में आयोजित बर्ड सर्वे के दौरान दुर्लभ 'ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन-पिजन' (ट्रेरॉन बाइसिंक्टस) की उपस्थिति दर्ज की गई है।              ऐतिहासिक रूप से इस पक्षी की उपस्थिति बारनवापारा में पहले भी दर्ज की गई थी, जब वर्ष 2015-16 में विख्यात पक्षी विशेषज्ञ ए.एम.के. भरोस ने इसे देखा था। उसके बाद से यह प्रजाति यहाँ से ओझल रही थी, जिससे अब इसकी पुनः वापसी वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ा रिकॉर्ड मानी जा रही है।           इस दुर्लभ पक्षी की साइटिंग पकरीद टीम द्वारा की गई, जिसमें बर्डर एवं वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर राजू वर्मा और प्रतीक ठाकुर सहित कर्नाटक, बिहार और ओडिशा के विशेषज्ञ शामिल थे। टीम को उस वक्त बड़ी सफलता मिली जब इस पक्षी का एक जोड़ा उनके ठीक ऊपर पेड़ पर बैठा पाया गया, जिससे उड़ने से पहले उनकी विस्तृत फोटोग्राफी और रिकॉर्डिंग करना संभव हो सका।           वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह साइटिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस प्रजाति को कई वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस क्षेत्र में देखा गया है।          भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में पाया जाने वाला यह पक्षी मुख्य रूप से अंजीर और जंगल के अन्य रसीले फलों पर निर्भर रहता है। इसे एक निवासी प्रजाति माना जाता है जो स्थानीय मौसमी बदलावों के साथ अपनी गतिविधियां संचालित करता है। छत्तीसगढ़ के अन्य वनों में भी इसकी मौजूदगी समय-समय पर दर्ज होती रही है, लेकिन बारनवापारा में इसकी वापसी पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को दर्शाती है।             सर्वे टीम ने इस पक्षी की पहचान इसकी विशिष्ट शारीरिक विशेषताओं के आधार पर की है। ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन-पिजन की नीली-धूसर गर्दन, पीले-हरे रंग का सिर और शरीर का निचला हिस्सा इसे विशेष बनाता है। इसके लाल पैर और स्लेटी-धूसर केंद्रीय पूंछ के पंख इसे आमतौर पर दिखने वाले 'येलो-फुटेड ग्रीन-पिजन' (हरियल) से स्पष्ट रूप से अलग करते हैं।            विशेष रूप से नर पक्षी की पहचान उसके सीने पर मौजूद गहरे नारंगी रंग के पैच से की गई। कई वर्षों बाद इस प्रजाति का कैमरे में कैद होना न केवल फोटोग्राफर्स के लिए उत्साह का विषय है बल्कि यह अभयारण्य में पक्षियों के अनुकूल वातावरण और विविधता का एक सशक्त प्रमाण भी है।

जल जीवन मिशन के सुजल ग्राम संवाद में ग्राम पंचायत साल्हेभाट की राष्ट्रीय पहचान

रायपुर. सुजल ग्राम संवाद के तृतीय चरण में ग्राम पंचायत साल्हेभाट ने किया छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व जल जीवन मिशन जल जीवन मिशन जल जीवन मिशन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित सुजल ग्राम संवाद के तृतीय चरण में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत साल्हेभाट ने प्रतिनिधित्व किया। वी सी के माध्यम से आयोजित इस संवाद में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, दादर एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव तथा लक्षद्वीप के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।     कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक द्वारा ग्राम पंचायत साल्हेभाट के प्रतिनिधियों से पेयजल की उपलब्धता, जल जीवन मिशन से ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों, जल वहिनियों द्वारा एफटीके के माध्यम से जल परीक्षण एवं नमूना जांच की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। इसके साथ ही ग्रामवासियों द्वारा पेयजल हेतु मासिक शुल्क निर्धारण, योजना के संचालन एवं संधारण की व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।     इस अवसर पर जिला कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कलेक्टर कोंडागांव श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने जिले में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी तथा जल सेवा आकलन एवं जल अर्पण दिवस को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में जेरेना/GRAMG द्वारा पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु तैयार की गई कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। वहीं, मिशन संचालक जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ शासन श्री जितेन्द्र शुक्ला ने राज्य स्तर पर योजना की प्रगति से अवगत कराया।

राजस्थान के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पर लगेगा पर्यटक टैक्स

जोधपुर/जैसलमेर. नगर परिषद जैसलमेर क्षेत्र में अब पर्यटक वाहनों से यात्रीकर वसूल किया जाएगा। स्वायत शासन विभाग ने नगर परिषद को अधिकृत किया है। इसके लिए बाड़मेर रोड और जोधपुर रोड पर दो टोल नाके स्थापित किए जाएंगे। वसूली से होने वाली आय शहर विकास कार्यों में खर्च की जाएगी। स्वायत शासन विभाग ने विभिन्न वाहनों पर वसूली की दरें निर्धारित की हैं। 35 सीटर बस से 200 रुपए, 25 सीटर बस से 150 रुपए, बड़ी कारों से 100 रुपए, पर्यटक टैक्सी कार या जीप से 50 रुपए तथा अन्य कारों से 50 रुपए लिए जाएंगे। सभी प्रकार के सरकारी वाहन, एंबुलेंस और स्थानीय निजी वाहन (टैक्सी को छोड़कर) कर से मुक्त रहेंगे। सोनार दुर्ग क्षेत्र में गोल्फ कार्ट सेवा शुरू होगी, जिससे पर्यटकों को नीरज बस स्टैंड से दुर्ग तक आवागमन की सुविधा मिलेगी। 10 से 40 गोल्फ कार्ट इलेक्ट्रिक प्रणाली पर संचालित होंगे। सेवा का किराया प्रति यात्री 30 रुपए तय हुआ है। इन कार्टों से दुर्ग क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण में कमी आएगी। इस व्यवस्था से नगर परिषद को प्रतिवर्ष 4,66,100 रुपए मिलेंगे, जिस पर 10 प्रतिशत सालाना वृद्धि लागू होगी। नगर परिषद ने शहर में भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए 10 चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाने का निर्णय किया है। संबंधित फर्म सिग्नल सिस्टम का निर्माण और संचालन करेगी। जबकि आय के रूप में परिषद को प्रतिवर्ष 4,14,180 रुपए प्राप्त होंगे, जिस पर 10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि लागू होगी। इन तीनों नवाचारों से नगर परिषद को राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही पर्यटक सुविधाओं और यातायात प्रबंधन में सुधार से शहर को राहत मिलेगी।

राज्यपाल डेका ने कोपलवाणी चाइल्ड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन को दिया 2 लाख रुपये का निजी अनुदान

रायपुर. सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल : राज्यपाल  डेका ने कोपलवाणी चाइल्ड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन को दिया 2 लाख रूपए का निजी अनुदान राज्यपाल  रमेन डेका ने सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत अपने पिता स्वर्गीय  सुरेन्द्र डेका की स्मृति में दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित कोपलवाणी चाइल्ड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन को 2 लाख रूपए का निजी अनुदान प्रदान किया  है। इस अनुदान से संस्था में सुरेन्द्र डेका पुरस्कार की स्थापना की जाएगी। इस राशि के माध्यम से प्रतिवर्ष संस्था के दो उत्कृष्ट बच्चों को स्वर्गीय  सुरेन्द्र डेका के जन्मदिवस के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार बच्चों को शिक्षा, प्रतिभा और समग्र विकास के लिए आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करेगा। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि यह पहल बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सहायक सिद्ध होगी। आज लोकभवन में राज्यपाल  डेका ने संस्था की अध्यक्ष श्रीमती पद्मा शर्मा को उक्त राशि का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर संस्था की सदस्य श्रीमती भारती शर्मा, सु सेजल सिंघानिया और  कुणाल टांक उपस्थित थे।

महाबोधि मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध

बोधगया/गयाजी. विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा और सख्त निर्णय लिया गया है। गुरुवार से मंदिर परिसर में प्लास्टिक के पैकेट, बोतल और कंटेनर के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मंदिर परिसर की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पूजा सामग्री, जल, प्रसाद और अन्य जरूरी सामान प्लास्टिक के पैकेट या कंटेनर में लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश करते थे। पूजा के बाद इन्हें परिसर में ही फेंक दिया जाता था, जिससे यहां गंदगी और प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ रही थी। कई बार सफाई के बावजूद परिसर में प्लास्टिक कचरे का ढेर लग जाता था, जो विश्व धरोहर की गरिमा के अनुकूल नहीं था। इसी स्थिति को देखते हुए बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी (बीटीएमसी) ने प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मंदिर के सभी इंट्री प्वाइंट पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर चार भाषाओं में प्लास्टिक प्रतिबंध से संबंधित स्पष्ट जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पहले से नियमों की जानकारी देना है, ताकि वे बिना प्लास्टिक सामग्री के ही मंदिर परिसर में प्रवेश करें। बीटीएमसी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पूजा सामग्री कपड़े या कागज के थैले में लेकर आएं। उन्होंने कहा कि महाबोधि मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह विश्व धरोहर भी है। इसकी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करना सभी का नैतिक दायित्व है। प्लास्टिक मुक्त परिसर से मंदिर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि पहले बीटीएमसी के स्टाफ और मंदिर सुरक्षा में तैनात कर्मियों द्वारा कई बार प्लास्टिक का उपयोग न करने की हिदायत दी गई थी, लेकिन इसका पूरी तरह पालन नहीं हो पा रहा था। अब इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मी प्रवेश द्वार पर ही प्लास्टिक सामग्री की जांच कर रहे हैं। जो भी श्रद्धालु या पर्यटक प्लास्टिक के साथ मंदिर पहुंच रहे हैं, उन्हें प्रवेश से पहले ही रोक दिया जा रहा है और बिना प्लास्टिक सामग्री के आने का निर्देश दिया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस सख्ती से कुछ समय में श्रद्धालुओं में जागरूकता बढ़ेगी और महाबोधि मंदिर परिसर पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बन सकेगा।