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बिहार में सुरक्षा श्रेणी में बड़ा फेरबदल: तेजस्वी यादव की Z सुरक्षा घटी, कई नेताओं को Z सिक्योरिटी

पटना बिहार की नीतीश सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद कई माननीयों की सुरक्षा में बदलाव किया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती की गई है। अब उन्हें Z श्रेणी की जगह Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, राज्य स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति की रिपोर्ट और खुफिया इनपुट के आधार पर यह फैसला लिया गया है। आदेश के अनुसार जहां कुछ नेताओं की सुरक्षा घटाई गई है, वहीं कई नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई भी गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, बीजेपी बिहार अध्यक्ष संजय सरावगी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को अब Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को Y की जगह Y+ की सुरक्षा दी गई है इन नेताओं को Z सिक्योरिटी नितिन नबीन (बीजेपी अध्यक्ष) ललन सिंह (केंद्रीय मंत्री) संजय सरावगी (बिहार प्रदेश अध्यक्ष) मंगल पांडे (स्वास्थ्य मंत्री, बिहार सरकार) गिरिराज सिंह (केंद्रीय मंत्री) वहीं, तेजस्वी यादव को पहले दी जा रही Z श्रेणी की सुरक्षा को घटाकर Y+ कर दिया गया है। इसके अलावा तीन वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा पूरी तरह से हटा ली गई है। जिन नेताओं की सुरक्षा वापस ली गई है, उनमें मदन मोहन झा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और राजेश राम शामिल हैं। जेड श्रेणी की सुरक्षा में चार से पांच NSG कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षागार्ड तैनात होते हैं। इसमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो व स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं। वहीं Y+ सिक्योरिटी में 11 सुरक्षाकर्मी मिले होते हैं। इनमें 1 या 2 कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते है।  

स्वास्थ्य को बचाने की पहल: ओडिशा सरकार ने बीड़ी-सिगरेट और गुटखा पर लगाया बैन

ओडिशा ओडिशा सरकार ने राज्य को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 22 जनवरी 2026 से राज्य भर में गुटखा, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट, खैनी और जर्दा समेत सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। सख्त नियमों के साथ नई अधिसूचना जारी राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, यह प्रतिबंध केवल बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके प्रोसेसिंग और पैकेजिंग पर भी लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   ये प्रोडक्ट किए बैन सरकार ने प्रतिबंध का दायरा बहुत व्यापक रखा है ताकि किसी भी तरह की कानूनी खामी न रहे। प्रतिबंधित उत्पादों में शामिल हैं:     सभी प्रकार के गुटखा, पान मसाला, जर्दा और खैनी।     फ्लेवर्ड, सुगंधित (scented) या एडिटिव्स वाले चबाने वाले पदार्थ।     पैकेज्ड और खुले, दोनों तरह के तंबाकू उत्पाद।     ऐसे उत्पाद जो अलग-अलग पैकेट में मिलते हैं लेकिन मिलाकर खाए जाते हैं।     कोई भी ऐसा खाद्य पदार्थ जिसमें तंबाकू या निकोटीन मिला हो। प्रतिबंध के पीछे का बड़ा कारण ओडिशा में तंबाकू के सेवन के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। राज्य के 42% वयस्क स्मोकलेस तंबाकू का सेवन करते हैं, जो राष्ट्रीय औसत से दोगुना है।     गंभीर बीमारियाँ: WHO और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के अनुसार, ये उत्पाद मुंह, गले, पेट और किडनी के कैंसर की मुख्य वजह हैं।    युवाओं की सुरक्षा: सरकार का उद्देश्य नई पीढ़ी और बच्चों को इस जानलेवा लत से बचाना है।     FSSAI और सुप्रीम कोर्ट के नियम: यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों और खाद्य सुरक्षा मानकों (FSSAI) के अनुरूप लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह नियम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कानूनी रूप से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि ओडिशा को कैंसर जैसी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।

एयरपोर्ट सुरक्षा में सनसनी: दिल्ली एयरपोर्ट पर मिला मानव कंकाल, जांच में जुटी पुलिस

नई दिल्ली दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जांच के दौरान मानव कंकाल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद हुई। दिल्ली पुलिस ने कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में पता चला कि यह एक डेमो कंकाल है, जिसका उपयोग मेडिकल छात्र करते हैं।   दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर गुरुवार को सुरक्षा कर्मियों द्वारा मानव कंकाल जैसी दिखने वाली वस्तु बरामद की गई। इसकी सूचना फैलने के बाद थोड़ी देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा और दिल्ली पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि कंकाल एक डेमो कंकाल है, जिसका उपयोग मेडिकल छात्र आमतौर पर शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए करते हैं। यह कंकाल एक मेडिकल छात्र के सामान में मिली थी, जिससे पुष्टि होती है कि इसका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, किसी भी संदेह को दूर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कंकाल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक विश्लेषण से वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो जाएगा कि बरामद अवशेष वास्तव में शैक्षिक प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया गया एक डेमो कंकाल है या फिर मानव का। एक रनवे 5 महीनों के लिए बंद रहेगा दिल्ली एयरपोर्ट पर इंफ्रास्ट्रक्चरल अपग्रेडेशन के काम की वजह से एयरपोर्ट का एक रनवे 16 फरवरी से लगभग 5 महीनों के लिए बंद रहेगा। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने कहा कि रनवे 11R/29L की री-सर्फेसिंग की जानी है, इसके साथ ही इसका टेक्निकल अपग्रेड भी होना है। हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट का एक रनवे बंद होने के बावजूद फ्लाइट ऑपरेशन बिना किसी बड़ी रुकावट के सामान्य रूप से जारी रहेंगे।  

गौतम गंभीर की सराहना पड़ी भारी? थरूर पर कार्रवाई को लेकर BJP का कांग्रेस से सवाल

नागपुर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर की तारीफ कर दी। नागपुर में हुई इस मुलाकात को लेकर अब भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं। भाजपा का कहना है कि अब कांग्रेस इसके चलते थरूर के खिलाफ फतवा जारी कर सकती है। कांग्रेस सांसद ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद गंभीर के पास सबसे मुश्किल काम है।   भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा, 'पता नहीं कांग्रेस को कौन सी बात ज्यादा गुस्सा दिलाएगी। थरूर का नागपुर जाना, थरूर का गौतम गंभीर से मिलना और उनकी तारीफ करना या थरूर का इस बात को मानना की भारत में पीएम मोदी के पास सबसे मुश्किल काम है। यह देखते हुए कि भारत के हितों से पहले परिवार के हितों को रखने वाला विपक्ष उनपर सवाल उठाता है।' पूनावाला ने लिखा, 'ऐसा लगता है कि यह तीसरा पॉइंट हो सकता है। क्या थरूर के खिलाफ एक और कांग्रेस फतवा जारी होने वाला है?' थरूर ने की थी गंभीर की तारीफ क्रिकेट के शौकीन थरूर ने नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले गंभीर के साथ एक सेल्फी साझा की और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज की लगातार आलोचनाओं के बावजूद अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उनकी तारीफ की। उन्होंने लिखा था, 'नागपुर में पुराने दोस्त गौतम गंभीर के साथ खुलकर और अच्छी बात हुई, जो भारत के प्रधानमंत्री के बाद सबसे मुश्किल काम करने वाले इंसान हैं। लाखों लोग रोज उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, लेकिन वह शांत रहते हैं और बगैर डरे आगे बढ़ते हैं। उनकी शांत दृढ़ता और नेतृत्व तारीफ के काबिल हैं। उन्हें सभी सफलताओं के लिए शुभकामनाएं।' गंभीर ने इस पर देर रात जवाब दिया और उन कुछ चर्चाओं का जिक्र किया जो उनके कार्यकाल में हावी रही हैं। गंभीर ने एक्स पर लिखा, 'डॉ शशि थरूर आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। जब मामला शांत हो जाएगा तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ को लेकर सच्चाई और तर्क स्पष्ट हो जाएंगे। तब तक मुझे खुद के खिलाफ खड़ा देखकर हंसी आ रही है।'

अगर अंगूठा चूसना जारी रखा तो ये 5 बड़े नुकसान हो सकते हैं

क्या आप बड़े होने के बाद भी अभी तक चूसते हैं अंगूठा? अगर हां, तो यह आदत आपकी सेहत के लिए चिंता का विषय है। अंगूठा चूसना छोटे बच्चों में एक आम और स्वाभाविक आदत मानी जाती है, लेकिन एडल्ट्स में भी अंगूठा चूसने की आदत देखने को मिलती है। ऐसा करने से उन्हें चिंता और स्ट्रेस कम होने और मन को शांत करने में मदद मिलती है, लेकिन यह आदत उनकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। अगर आप एक समय के बाद भी अंगूठा चूसते हैं, तो आइए जान लीजिए इसके कुछ भारी नुकसानों के बारे में। दांतों की सेहत पर असर अगर आप लंबे समय तक अंगूठा चूसते हैं, तो इसका सबसे ज्यादा असर दांतों पर पड़ता है। इससे ओवरबाइट जैसी समस्या हो सकती है, जिससे दांत एक से ऊपर एक ओवरलैप कर सकते हैं। साथ ही, आगे के दांत बाहर की ओर निकलने लगते हैं और लगातार इस आदत की वजह से गाल की मांसपेशियां सिकुड़ भी सकती हैं, जिससे चेहरे का शेप भी बिगड़ सकता है। इसलिए अंगूठा चूसने की आदत से बचें। ओरल इन्फेक्शन का खतरा ये जरूरी नहीं कि हमेशा हमारे हाथ साफ हों। अगर आपके हाथ गंदे हैं, तो ऐसे में मुंह में अंगूठा डालने से शरीर में सीधा गंदगी और बैक्टीरिया अंदर जा सकते हैं, जिससे सेहत ही नहीं बल्कि दांत या मसूड़ों में भी इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। अंगूठे को भी होता है नुकसान अगर आप लंबे समय तक अंगूठा चूसते हैं, तो इससे उसकी स्किन ड्राई और हार्ड हो सकती है, जिससे उसमें दरारें पड़ सकती हैं और खून निकल सकता है। साथ ही, इन्फेक्शन होने का भी खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, कई बार अंगूठे का शेप खराब दिखाई देने लगता है। मुंह की बनावट पर असर क्या आप जानते हैं कि अंगूठा चूसने से जबड़े के शेप पर भी असर पड़ सकता है। इससे मुंह का ऊपरी हिस्सा काफी धंस सकता है। इसके साथ ही ये हिस्सा काफी सेंसिटिव हो सकता है। इतना ही नहीं, इसका असर चेहरे के शेप पर भी दिख सकता है। बोलने में हो सकती है दिक्कत आपको ये जानकर हैरानी होगी कि अंगूठा चूसने की आदत सिर्फ दांतों को खराब ही नहीं कर सकते हैं, बल्कि ऐसा करने से आपको बोलने में भी परेशानी हो सकती है। कई लोगों को तुतलाने की समस्या भी हो सकती है, जिससे आप असहज भी महसूस कर सकते हैं।

राज्यपाल बनाम सरकार: थावरचंद गहलोत पर CM का हमला, बोले—SC में देंगे चुनौती

बेंगलुरु कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत विधानसभा में अभिभाषण पढ़ते हुए सिर्फ दो लाइन ही बोले और फिर निकल गए। अब इसे लेकर राजनीति तेज हो गई है और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्हें केंद्र सरकार की कठपुतली बता दिया है। उन्होंने कहा कि गवर्नर का व्यवहार ऐसा था कि जैसे वह केंद्र सरकार की कठपुतली हों। विधानसभा सत्र की गुरुवार को शुरुआत थी और इस दौरान राज्यपाल ने सिर्फ शुरुआत की दो लाइनें ही पढ़ीं। उन्होंने हिंदी में पढ़ा, 'मेरी सरकार प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की गति को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। जय हिंद, जय कर्नाटक।' यह पढ़ने के बाद वह निकल गए। उनके इस तरह दो ही लाइनों में स्पीच खत्म करने पर हंगामा बरप गया। सत्ताधारी दल कांग्रेस के विधायकों ने राज्यपाल के खिलाफ शेम-शेम के नारे लगाने शुरू कर दिए। सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि राज्यपाल ने पूरा भाषण ना पढ़कर संविधान का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का व्यवहार एक कठपुतली जैसा ही था। सीएम ने कहा, 'गवर्नर गहलोत ने संविधान के अनुसार अपनी जिम्मेदारी का पालन नहीं किया। हम उनके इस व्यवहार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि हम देखेंगे कि क्या राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी अपील दाखिल की जा सकती है। बीते कुछ समय से राज्य में गवर्नर और मुख्यमंत्री के बीच एक तनाव देखने को मिला है। हालांकि इसके बाद भी गुरुवार को जब राज्यपाल विधानसभा पहुंचे तो दरवाजे पर ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, असेंबली स्पीकर यूटी खडेकर समेत कई मंत्रियों ने उनकी अगवानी की। गहलोत ने बुधवार को मना कर दिया था कि वह असेंबली में स्पीच नहीं देंगे। इसके चलते खतरा पैदा हो गया था कि सदन की शुरुआत में राज्यपाल की ओर से अभिभाषण देने वाली परंपरा का पालन हो सकेगा या नहीं। राज्यपाल की स्पीच कुल 11 पैराग्राफ की थी और आरोप है कि इसमें ज्यादातर हिस्सा केंद्र सरकार की आलोचना से भरा था। इसी को लेकर सरकार और राज्यपाल में तनातनी हो गई। राज्यपाल चाहते थे कि केंद्र सरकार की आलोचना वाले ज्यादातर हिस्से को हटा दिया जाए। सिद्धारमैया सरकार इस पर राजी नहीं हुई। अंत में गवर्नर सदन में तो पहुंचे, लेकिन दो ही लाइनों में संबोधित करके वह निकल गए।  

पर्यावरण से खिलवाड़ पर NGT की फटकार: युवराज मेहता मामले में यूपी सरकार से मांगा जवाब

नई नोएडा एनजीटी ने नोएडा में 16 जनवरी की रात सेक्टर 150 में पानी भरे गड्ढे में तड़पकर जान देने वाले युवराज मेहता की मौत पर कार्रवाई की है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यूपी सरकार के सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है और उन्हें निर्देश दिया है कि वे कम से कम एक सप्ताह के भीतर हलफनामे के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करें। एनजीटी ने कहा कि यह घटना पर्यावरण नियमों के पालन में गंभीर चूक और कानून के उल्लंघन की ओर इशारा करती है।   सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के 6 दिन बाद एनजीटी ने इस मामले में नोएडा अथॉरिटी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB), उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव (पर्यावरण) और गौतम बुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) को प्रतिवादी बनाया है। इन सभी संबंधित अधिरकारियों को नोटिस दे दिया गया है और सबसे सफ्ताह भर के भीतर जवाब मांगा गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा कि यह घटना पर्यावरण नियमों के पालन में गंभीर चूक और कानून के उल्लंघन की ओर इशारा करती है। NGT ने अपनी रिपोर्ट में दर्ज किया है कि संबंधित जमीन मूल रूप से एक निजी मॉल प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की गई थी। लेकिन लगभग एक दशक तक ध्यान न दिए जाने के कारण, बारिश के पानी और आस-पास की हाउसिंग सोसायटियों से निकलने वाले गंदे पानी के जमा होने से यह जगह अब एक तालाब में तब्दील हो गई थी। ट्रिब्यूनल के आदेश में स्थानीय निवासियों के उन आरोपों को भी दर्ज किया गया है, जिनमें उन्होंने नोएडा अथॉरिटी की निष्क्रियता की बात कही थी। निवासियों का कहना है कि जलजमाव की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी, जिससे हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी के वापस लौटने और खतरा पैदा होने की आशंका बनी रहती थी। प्रथम दृष्टया तथ्यों को देखने के बाद, बेंच ने माना कि समाचार रिपोर्ट में बताए गए तथ्य पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के उल्लंघन की ओर इशारा करते हैं। इसके साथ ही, यह मामला पर्यावरण नियमों के पालन और कानूनी जिम्मेदारियों को निभाने पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।  

डब्ल्यूपीजीटी 2026: दूसरे लेग के पहले दिन रिद्धिमा ने स्नेहा पर बढ़त बनाई

अहमदाबाद विमेंस प्रो गोल्फ टूर (डब्ल्यूपीजीटी) 2026 के पहले चरण में एक सप्ताह पहले उपविजेता रहीं रिद्धिमा दिलावरी ने अहमदाबाद के कल्हार ब्लूज एंड ग्रीन्स में खेले जा रहे दूसरे चरण के पहले राउंड में एक शॉट की बढ़त हासिल कर ली है। बुधवार को रिद्धिमा ने अंतिम 8 होल्स में संयमित खेल का प्रदर्शन किया। सीजन के दूसरे टूर्नामेंट की शुरुआत में रिद्धिमा ने दो बार लगातार बर्डी लगाईं। उन्होंने पहले 7वें और 8वें होल पर बर्डी लगाईं, जिसके बाद फिर 14वें और 15वें होल पर ऐसा किया। हालांकि, उन्होंने 5वें और 10वें होल पर एक-एक शॉट गंवाया, लेकिन इसके बावजूद वह 2 अंडर 70 के स्कोर के साथ राउंड पूरा करने में सफल रहीं। स्नेहा सिंह पहले लेग में अच्छे प्रदर्शन न कर पाने की भरपाई करना चाहती थीं। उन्होंने बोगी-फ्री राउंड खेला, लेकिन सिर्फ एक बर्डी के साथ, वह 1-अंडर 71 पर रहीं और रिद्धिमा से दूसरे स्थान पर रहीं। छह खिलाड़ी, जिनमें 2025 ऑर्डर ऑफ मेरिट विजेता वाणी कपूर, जहान्वी बख्शी, नयनिका सांगा, एमेच्योर महरीन भाटिया, करिश्मा गोविंद और रूकी प्रो सान्वी सोमू शामिल हैं, सभी 1-ओवर 73 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। रिद्धिमा इस साल वीमेंस प्रो गोल्फ टूर (डब्ल्यूपीजीटी) और आईजीपीएल के घरेलू इवेंट्स पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रही हैं। उन्होंने पार-5 पांचवें होल पर एक शॉट गंवाने से पहले चार पार के साथ शुरुआत की। रिद्धिमा ने 7वें और 8वें होल पर बर्डी बनाकर इसकी भरपाई की। 10वें होल पर एक और शॉट गंवाने का मतलब था कि वह फिर से इवन पार पर थीं। 14वें और 15वें होल पर लगातार बढ़त ने अंडर-पार राउंड और बढ़त सुनिश्चित की। 2025 में दो खिताब जीत चुकीं स्नेहा सिंह ने लगातार 15 होल पार खेले, इसके बाद पार-3 16वें होल पर बर्डी लगाकर राउंड की अपनी एकमात्र बर्डी हासिल की। उन्होंने अंतिम दो होल भी पार खेले और 71 के स्कोर के साथ राउंड समाप्त किया। अमनदीप ने दो बर्डी लगाईं, हालांकि एक डबल बोगी के कारण उनका स्कोर प्रभावित हुआ, जबकि एमेच्योर जारा ने बोगी के साथ शुरुआत की और राउंड में 17वें होल पर एक और बोगी लगाई। संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं छह खिलाड़ियों में शामिल नयनिका सांगा ने सबसे ज्यादा पांच बर्डी लगाईं, लेकिन उनके नाम चार बोगी भी रहीं। इनमें से तीन बोगी पहले चार होल में आईं, इसके अलावा पार-3 सातवें होल पर उन्हें ट्रिपल बोगी का सामना करना पड़ा। वाणी कपूर की शुरुआत भी खराब रही, लेकिन नौवें और 11वें होल पर बर्डी लगाकर उन्होंने वापसी की। हालांकि, पार-5 14वें होल पर उन्होंने फिर एक शॉट गंवाया। पिछले सप्ताह की विजेता जैस्मिन शेखर की शुरुआत निराशाजनक रही। उन्होंने 7-ओवर 79 का स्कोर बनाया, जिसमें चार बोगी, दो डबल बोगी शामिल रहीं, जबकि उन्हें एकमात्र बर्डी आखिरी होल पर मिली।

रेल फाटक खुला और तबाही: देवघर में ट्रेन-ट्रक टकराव, बाइकें चकनाचूर

देवघर देवघर–देवीपुर मुख्य सड़क पर नावाडीह रेलवे फाटक के पास शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गोरखपुर से आसनसोल जा रही एक यात्री ट्रेन की टक्कर सड़क पार कर रहे ट्रक से हो गई। हालांकि लोको पायलट की सूझबूझ से कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। इंजन की टक्कर ट्रक से हो गई देवघर–देवीपुर मुख्य सड़क स्थित नावाडीह रेलवे फाटक के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जसीडीह से आसनसोल की ओर जा रही यात्री ट्रेन एक ट्रक से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देवघर से देवीपुर की ओर जा रहा ट्रक रेलवे फाटक खुला होने के कारण रेल लाइन पार करने लगा, तभी तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंच गई। खतरे को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन की गति कम कर दी, लेकिन ट्रेन पूरी तरह रुक नहीं पाई और इंजन की टक्कर ट्रक से हो गई। टक्कर के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क की ओर पलट गया और दो मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ समय के लिए सड़क और रेल यातायात पूरी तरह बाधित इस घटना में दोनों मोटरसाइकिल सवार घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क और रेल यातायात पूरी तरह बाधित रहा। ट्रेन को मौके पर रोक दिया गया, जबकि सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेल पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। रेलवे गेटमैन की लापरवाही की आशंका रेलवे प्रशासन ने क्रेन की मदद से ट्रक को रेल लाइन से हटाने का काम शुरू किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। सूत्रों के अनुसार इस घटना में रेलवे गेटमैन की लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि फाटक खुला हुआ था। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। लोको पायलट की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया, अन्यथा भारी नुकसान हो सकता था।  

मंदिर-मस्जिद केस में SC की तीखी टिप्पणी: हिंदू पक्ष को लेकर मीलॉर्ड आखिर क्यों भड़के?

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (22 जनवरी) को फैसला सुनाया कि मध्य प्रदेश के धार में विवादित भोजशाला परिसर में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय कल यानी शुक्रवार, 23 जनवरी को पूजा-अर्चना कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद स्थल में शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू पूजा-अर्चना करेंगे, जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग उसी दिन दोपहर एक बजे से तीन बजे तक जुमे की नमाज अदा करेंगे।   मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने इस आदेश के साथ ही दोनों पक्षों से आपसी सम्मान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों ने शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन भोजशाला परिसर में अपनी-अपनी धार्मिक गतिविधियों के लिए अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने एक प्रस्ताव पर विचार करते हुए कहा कि जुमे की नमाज़ मस्जिद के अंदर एक तय जगह पर दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच अदा की जाएगी और नमाज़ के तुरंत बाद भीड़ वहां से तितर-बितर हो जाएगी। इस के बाद वहां हिन्दू समुदाय पूजा-अर्चना और अन्य गतिविधियां कर सकेंगे। याचिका में क्या मांग? दरअसल, हिन्दू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी डालकर मांग की थी कि भोजशाला मस्जिद परिसर में बसंत पंचमी होने के कारण शुक्रवार को वहां सूर्योदय से सूर्यास्त तक नमाज़ पढ़ने पर रोक लगाई जाए। हिन्दू पक्ष की तरफ से विष्णु जैन मामले की पैरवी कर रहे थे, जबकि मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद पैरवी कर रहे थे। सुनवाई के दौरान सलमान खुर्शीद ने कोर्ट से कहा, "ASI ने कहा है कि शुक्रवार को भी सर्वे जारी रहेगा। इस बीच, दो घंटे वहां नमाज़ अदा की जा सकेगी और पूजा भी होगी…नमाज़ सिर्फ़ दोपहर में होती है। हम दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बाद जगह खाली कर देंगे"। मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक बार एंड बेंच के मुताबिक, इस पर जस्टिस बागची ने कहा, "पूजा का मुहूर्त दोपहर 1 बजे तक है…पूजा दोपहर 1 बजे तक पूरी हो जाए और उसके बाद 1 बजे से 3 बजे तक नमाज़ होगी।" इसी बीच, एडवोकेट विष्णु जैन बोल पड़े, "…लेकिन मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक है।" इतना सुनते ही जस्टिस बागची भड़क उठे। उन्होंने कहा, "हमें मत बताइए मुहूर्ज्ञत कब है.. मुझे पर्सनली पता है कि यह दोपहर 1 बजे तक है।" इस पर जैन ने फिर सवाल किया, “क्या नमाज़ शाम 5 बजे के बाद हो सकती है क्योंकि हम वहां लंबे समय तक अखंड हवन वगैरह करने वाले हैं।” हमें लोगों की संख्या बताई जाए: ASG हिन्दू पक्ष की इस दलील पर सलमान खुर्शीद ने कहा, "जुम्मे की नमाज़ एक खास समय पर होती है। दूसरी नमाज़ अन्य समय पर हो सकती है.. लेकिन जुम्मे की नमाज़ सिर्फ़ दोपहर में ही हो सकती है।" मध्य प्रदेश सरकार और ASI की ओर से पेश ASG नटराज ने कोर्ट से कहा कि अगर हमें लोगों की संख्या बताई जाए.. तो हम कॉम्प्लेक्स के अंदर जगह बना सकते हैं और सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य इंतजाम कर सकते है। जहाँ आने-जाने का इंतज़ाम किया जा सके। इस पर खुर्शीद ने भरोसा दिया कि हम संख्या बता सकते हैं। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शुक्रवार को वहां नमाज और बसंत पंचमी पूजा दोनों होगी। नमाज दोपहर में दो घंटे अदा की जाएगी। भोजशाला विवाद क्या? बता दें कि यह याचिका एक ऐतिहासिक जगह से जुड़ी है, जिसे एक पक्ष भोजशाला सरस्वती मंदिर कहता है और दूसरा पक्ष मौलाना कमाल मस्जिद बताता है। हिंदू लोग भोजशाला को वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है। यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित 11वीं शताब्दी का स्मारक है। एएसआई की ओर से सात अप्रैल, 2003 को की गई एक व्यवस्था के तहत, हिंदू मंगलवार को भोजशाला परिसर में पूजा करते हैं और मुसलमान शुक्रवार को परिसर में नमाज अदा करते हैं।