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महिला लेखन को बढ़ावा देने परिचर्चा का आयोजन, मण्डप में

रायपुर . लाला जगदलपुरी मण्डप में समकालीन महिला लेखन पर सार्थक परिचर्चा रायपुर साहित्य उत्सव के पहले दिन लाला जगदलपुरी मण्डप में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम के प्रथम सत्र में “समकालीन महिला लेखन” विषय पर गहन एवं सार्थक परिचर्चा संपन्न हुई। इस सत्र में सुश्री इंदिरा दांगी, सुश्री श्रद्धा थवाईत, सुश्री जया जादवानी तथा सुश्री सोनाली मिश्र ने सहभागिता करते हुए महिला लेखन की बदलती भूमिका और उसकी सामाजिक प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि समकालीन महिला लेखन अब भावनाओं की अभिव्यक्ति के साथ ही समाज के यथार्थ, संघर्ष, असमानताओं और संवेदनाओं को सशक्त रूप में सामने लाने का माध्यम बन चुका है। आज का स्त्री लेखन आत्मकथात्मक होने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन को भी प्रतिबिंबित कर रहा है, जो पाठक को सोचने और प्रश्न करने के लिए प्रेरित करता है। परिचर्चा के दौरान महिला सशक्तिकरण, समानता, सामाजिक न्याय और बदलते पारिवारिक व सामाजिक ढांचे जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि महिला लेखन ने साहित्य में नई भाषा, नए अनुभव और नए सरोकार जोड़े हैं, जिससे साहित्य अधिक समावेशी और यथार्थपरक बना है। वक्ताओं ने कहा कि समकालीन महिला लेखन समाज में सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम बन रहा है। यह न केवल स्त्री अनुभवों को स्वर देता है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करता है। साथ ही महिला लेखन भारतीय साहित्य को नई दृष्टि, नई संवेदना और नई दिशा प्रदान कर रहा है।

देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर कर्तव्य पथ पर सजी छत्तीसगढ़ की झांकी

फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी ने दिखाई जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक रायपुर, गणतंत्र दिवस से पूर्व कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपनी विशिष्ट और आकर्षक प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। झांकी में जनजातीय समाज की जीवनशैली, पारंपरिक कला, लोकनृत्य, वेशभूषा और ऐतिहासिक विरासत की झलक को प्रदर्शित किया गया है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर आधारित है, जिसमें राज्य की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और आधुनिक तकनीक के समन्वय को प्रभावशाली एवं सृजनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

राजेश अग्रवाल ने मोबाइल मेडिकल यूनिट से स्वास्थ्य सेवा को किया सशक्त

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ईटीवी भारत राजेश अग्रवाल ने किया मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ छत्तीसगढ़ सरकार ने जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार का नारा "जनसेवा में समर्पित छत्तीसगढ़ सरकार, अब स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आपके द्वार" अब साकार हो रहा है।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ईटीवी भारत राजेश अग्रवाल ने निज निवास लखनपुर सरगुजा से पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट वैन को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया । इस अवसर पर मंत्री ईटीवी भारत राजेश अग्रवाल ने कहा कि  "छत्तीसगढ़ सरकार  दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में रहने वाले भाइयों-बहनों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट्स उन क्षेत्रों तक पहुंचेंगी जहां स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों की कमी है। इनके माध्यम से समय पर जांच, निदान और उपचार सुनिश्चित होगा, जिससे ग्रामीणों को अस्पताल जाने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।"उन्होंने आगे बताया कि इन यूनिट्स में विभिन्न सामान्य बीमारियों जैसे बुखार, खांसी, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, एनीमिया आदि की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की जाएंगी। मंत्री महोदय ने कहा, "यह योजना सरगुजा जिले के दूरस्थ गांवों के लिए वरदान साबित होगी। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। सरकार की यह पहल जन-कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक और मील का पत्थर है।"शुभारंभ समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मोबाइल मेडिकल यूनिट सरगुजा जिले के विभिन्न ब्लॉकों में घूम-घूमकर सेवाएं प्रदान करेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो सकेगा।

दोमुंहे बालों से हैं परेशान, लेकिन कट नहीं करवाना? इन 5 बातों का रखें खास ध्यान

क्या आपके भी बाल के सिरे दो अलग-अलग हिस्सों में बटने लगे हैं? अगर हां, तो यह दोमुंहे बालों की समस्या है। दोमुंहे बालों की वजह से न सिर्फ आपके बालों की खूबसूरती पर नेगेटिव असर पड़ता है, बल्कि आपकी हेयर ग्रोथ भी रुक जाती है। ऐसे में सही देखभाल और कुछ आसान तरीकों को अपनाकर इससे छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में। तौलिए की मदद से हल्के हाथों से सूखाएं कई बार लोग हेयर वॉश के बाद बालों को तेजी से झटकते हैं, जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में शैम्पू और कंडीशनर लगाने के बाद बालों की सही देखभाल करें। अगर आप बालों को तौलिए से रगड़कर सुखाने की आदत रखते हैं, तो इससे बाल टूट सकते हैं और इनके क्यूटिकल्स भी खराब हो सकते हैं, जिससे दोमुंहे बाल की समस्या बढ़ सकती है। आपने हमेशा ध्यान दिया होगा कि गीले या सूखे उलझे बालों को कंघी करना काफी मुश्किल हो जाता है और कई बार दर्द भी होने लगता है। इसलिए हमेशा पहले बालों को सुलझाएं और उसके बाद ही कंघी करें या स्टाइल बनाएं। अगर आप बिना डैमेज के बालों को सुलझाना चाहते हैं, तो चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें। यह बालों को टूटने से बचाता है। बालों को रखें हाइड्रेटेड अगर आप स्प्लिट एंड्स से बचना चाहते हैं, तो बालों में नमी बनाए रखें। अगर बाल के सिरे ड्राई होते हैं, तो इससे बाल कमजोर हो सकते हैं और दोमुंहे बालों की समस्या बढ़ सकती है। इसके लिए आप हफ्ते में एक बार हेयर मास्क का इस्तेमाल करें। यह बालों को नमी देकर उन्हें सॉफ्ट और शाइनी बनाते हैं। बालों को हीट से बचाएं अगर आप लगातार बालों में स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे बाल ड्राई हो सकते हैं। आप हमेशा बाल धोने के बाद उन्हें हवा में सूखने दें और फिर बिना ब्लो ड्रायर के बाल बनाएं। साथ ही, अगर आपको स्टाइलिंग टूल्स की जरूरत है, तो उसका इस्तेमाल कम हीट पर करें। ज्यादा ब्रश करने से बचें दोमुंहे बालों का एक बड़ा कारण है बालों को बार-बार ब्रश करना। अगर आप दिन में कई बार बालों में कंघी करते हैं, तो इससे बालों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसा करने से बाल टूटने व झड़ने भी लगते हैं। साथ ही, कंघी करते समय बालों को खींचने या झटकने से बचाएं।  

मेंड्रॉकला स्कूल में सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिल मिली

रायपुर.सरगुजा  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  ईटीवी भारत राजेश अग्रवाल ने सरस्वती साइकिल योजना के तहत मेंड्रॉकला विद्यालय में छात्राओं को साइकिल वितरित की पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  ईटीवी भारत राजेश अग्रवाल ने सरगुजा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेंड्राकला में सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें वितरित की । मंत्री  ईटीवी भारत राजेश अग्रवाल ने  समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि "आज सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिल वितरण किया। यह साइकिल उनके लिए सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने की प्रेरणा है। सरस्वती साइकिल योजना ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियों को शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सभी बेटियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।" इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे शिक्षा से वंचित न रहें। सरगुजा जिले के दूरस्थ इलाकों में रहने वाली कई छात्राएं पैदल लंबी दूरी तय करती थीं, लेकिन अब ये साइकिलें  न केवल समय बचाएंगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास को भी बढ़ाएंगी।  मंत्री  ईटीवी भारत अग्रवाल ने समारोह में छात्राओं से कहा कि वे इस साइकिल को शिक्षा के साधन के रूप में उपयोग करें और अपने सपनों को साकार करें। उन्होंने ग्रामीण विकास और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से इसकी प्रासंगिकता जोड़ते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार कन्या शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है।स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि इससे छात्राओं का स्कूल ड्रॉपआउट दर कम होगा और क्षेत्र में साक्षरता स्तर बढ़ेगा।

गोहाना में आग का तांडव! फैक्ट्री धू-धू कर जली, हालात बेकाबू, बाहरी जिलों से मंगानी पड़ी मदद

गोहाना गोहाना शहर के महमूदपुर रोड स्थित एक सूत की निवार फैक्ट्री में आज सुबह अचानक से आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज उठने लगीं। वहां मौजूद लेबर ने फैक्ट्री मालिक को आग की सूचना दी। उसके बाद अग्निशमन को फैक्टी में आग लगने को लेकर सूचित किया गया। बाद में जैसे ही अग्निशमन की 2 गाड़ियां आग पर काबू पाने के लिए पहुंचीं तो आग धीरे-धीरे और भीषण होने लगी। 10 घंटे से ज्यादा समय हो गया मगर अभी तक फैक्ट्री में लगी आग पर आग पर काबू नहीं पाया गया है। गोहाना, सोनीपत और रोहतक से भी अग्निशमन की गाड़ियां आग बुझाने को लेकर बुलाई गई हैं। अग्निशमन कर्मचारी आग पर काबू पाने के भरसक प्रयास कर रहे हैं लेकिन आग बुझने का नाम नहीं ले रही है।   अग्निशमन कर्मचारी ने बताया कि हमें निवार फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही अग्निशमन की गाड़िया आ गई थीं। आग ज्यादा होने के कारण अभी भी बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। आग लगने के कारण अभी पता नहीं चल पाया है। फायर ब्रिगेड कर्मचारी लगातार आग पर काबू पाने का काम कर रहे लेकिन अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं। आग से हुए नुकसान का अभी तक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। फैक्ट्री में मशीन, कच्चा माल और तैयार माल का गोदाम है, जहां पर आग लगी है। आग बुझने पर ही पता चलेगा की कितना नुकसान है।

गांव में प्रेशर IED विस्फोट, एक ग्रामीण गंभीर रूप से जख्मी

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा जंगल में लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना उसूर ब्लॉक के इल्मीडी थाना क्षेत्र अंतर्गत लंकापल्ली के जंगलों में गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार राजू मोडियाम पिता मुन्नी मोडियाम (उम्र 30 वर्ष) जंगल की ओर लकड़ी लाने गया हुआ था. इसी दौरान उसका पैर जमीन में प्लांट किए गए प्रेशर IED पर पड़ गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ. विस्फोट में राजू के दाहिने पैर में गंभीर चोट आई. घटना के बाद साथ गए ग्रामीणों ने तत्काल घायल राजू को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया. फिलहाल जिला अस्पताल में उसका उपचार जारी है. घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और इलाके में सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया गया है. नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए IED की चपेट में निर्दोष ग्रामीण आने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है.

नवीनतम सीटी एंजियोग्राफी सुविधा से लैस हुआ अम्बेडकर अस्पताल

रायपुर. अम्बेडकर अस्पताल में सीटी एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक सुविधा शुरू पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में अब सीटी एंजियोग्राफी की अत्याधुनिक जांच सुविधा शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी, ब्रेन (सेरेब्रल), एब्डोमिनल, पेरिफेरल एवं पल्मोनरी एंजियोग्राफी जांच की जा रही है, जो नॉन इंवेसिव (Non-invasive) पद्धति पर आधारित है। विगत सप्ताह 29 मरीजों की विभिन्न बीमारियों में सीटी एंजियो जाँच हुई जिससे समय रहते उन्हें उचित उपचार मिला।  स्वास्थ्य मंत्री  ईटीवी भारत श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री  ईटीवी भारत विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में अस्पतालों के उन्नयन, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और दूरदराज़ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से हृदय, मस्तिष्क, पेट, हाथ-पैर एवं फेफड़ों से संबंधित गंभीर रोगों के शीघ्र, सटीक एवं विश्वसनीय निदान में मदद मिल रही है।   उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले मरीजों एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के लिए सभी जांचें निःशुल्क हैं। वहीं एपीएल श्रेणी के मरीजों के लिए ओपीडी में सीटी स्कैन ₹1000 एवं एमआरआई ₹2000 की दर से उपलब्ध है, जबकि भर्ती एपीएल मरीजों को ये जांच सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं।  रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे ने बताया कि विभाग में उपलब्ध आधुनिक सीटी स्कैन मशीन एवं प्रेशर इंजेक्टर की सहायता से सभी जांच सेवाएं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सीटी एंजियोग्राफी की प्रक्रिया कम समय में पूरी हो जाती है, मरीज को असुविधा नहीं होती। इसमें पारंपरिक एंजियोग्राफी की तुलना में रिकवरी टाइम भी कम होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी में कैथेटराइजेशन की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह पारंपरिक एंजियोग्राफी की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक जांच है। सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी के माध्यम से हृदय की कोरोनरी धमनियों में होने वाले संकुचन एवं ब्लॉकेज का उच्च गुणवत्ता की विस्तृत (Detailed) 3D इमेजिंग के साथ आकलन किया जाता है। वहीं ब्रेन एंजियोग्राफी से मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों जैसे स्ट्रोक, एन्यूरिज्म एवं धमनी-शिरापरक विकृति (एवीएम) की सटीक जांच संभव हो पाती है। इस जांच में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे मरीज जांच के बाद सामान्य दिनचर्या में शीघ्र लौट सकता है।  उल्लेखनीय है कि सीटी एंजियोग्राफी एक आधुनिक जांच पद्धति है, जिसमें आयोडीन-आधारित कंट्रास्ट डाई की सहायता से शरीर की रक्त वाहिकाओं की स्पष्ट त्रि-आयामी (3D) तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं। पूरी जांच प्रक्रिया सामान्यतः 15 से 20 मिनट में पूर्ण हो जाती है।

नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से भेंट की

रायपुर. रायपुर के नवनियुक्त प्रथम पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से की सौजन्य भेंट रायपुर के नवनियुक्त प्रथम पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला ने आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राजधानी रायपुर की कानून-व्यवस्था, शहरी सुरक्षा की चुनौतियों तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने नागरिक सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन एवं प्रशासनिक समन्वय को प्रभावी बनाने जैसे बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श किया।        उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राजधानी रायपुर को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और नागरिकों के लिए अधिक अनुकूल बनाने हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। नवनियुक्त कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला ने राजधानी की सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता व्यक्त की।

सुभाष चंद्र बोस की मौत का सच क्या है? अस्थियों का राज और बेटी का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली   देश 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती मना रहा है, इस बीच उनकी पुत्री अनीता बोस फाफ ने जापान के रेनकोजी मंदिर में रखी अस्थियों को वापस लाने की मांग की है। वह और उनके परिवार के कई सदस्य इन अस्थियों को नेताजी के अवशेष मानते हैं। फाफ ने कहा कि बेहद दुखद है कि भारत की आजादी के लिए लड़ते हुए अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले नेताजी की मृत्यु के 80 साल बाद और देश की आजादी के 78 साल बाद भी उनके अवशेष मातृभूमि से बाहर रखे हुए हैं।   फाफ ने 'यूनीवार्ता' को भेजे एक बयान में कहा, "मैं नेताजी का सम्मान करने वाले भारतीयों को आमंत्रित करती हूं कि वे उनके अवशेषों को अंतिम और उचित संस्कार के लिए भारत लाये जाने का समर्थन करें।" नेताजी के भाई शरत बोस की पोती माधुरी बोस ने कहा कि परिवार अस्थियों की वापसी और उनके डीएनए परीक्षण की मांग कर रहा है ताकि उनके इस विश्वास की पुष्टि हो सके कि ये महान स्वतंत्रता सेनानी के ही अवशेष हैं। माधुरी बोस ने 'यूनीवार्ता' से कहा, "हम नेताजी के परिवार के सदस्य महान नेता के अवशेषों की सम्मानजनक वापसी की मांग कर रहे हैं और मुझे आशा है कि यह जल्द ही होगा।" कैसे हुई थी मौत आजाद हिंद फौज के कर्नल हबीबुर रहमान सहित कई प्रत्यक्षदर्शियों ने नेताजी की मृत्यु के संबंध गठित आयोग के समक्ष गवाही दी थी कि अगस्त 1945 में ताइपे में एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके जीवित बचने या उस विशेष विमान में उड़ान न भरने की धारणाएं प्रचलित रही हैं। कुछ धारणाओं के अनुसार नेताजी किसी तरह भारत लौट आए थे और देश में भेष बदलकर रह रहे थे। किसी रूसी गुलाग (जेल) में उनकी मौत की भी धारणा प्रचलित हुई थी। DNA जांच की मांग माधुरी बोस ने बताया कि नेताजी की पुत्री अनीता फाफ, उनके बड़े भाई के पुत्र और प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी द्वारका नाथ बोस और नेताजी के एक अन्य भतीजे अर्धेंदु बोस सहित परिवार के तीन सदस्यों ने अक्टूबर 2016 और दिसंबर 2019 में सरकार से विवाद खत्म करने के लिए रेनकोजी की अस्थियों के डीएनए परीक्षण का आदेश देने का अनुरोध किया था। अब तक हालांकि ऐसा नहीं किया गया है। फाफ ने नेताजी के जीवन और संघर्ष को याद करते हुए अपने संदेश में उल्लेख किया कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए दशकों समर्पित किए। बाद में जब कारावास में रहने से उनका मिशन असंभव हो गया तो उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को जारी रखने के लिए भारत छोड़ने और इस लड़ाई को देश के बाहर से चलाने का निर्णय लिया।   विमान दुर्घटना यूरोप की ओर उनका पलायन, उसके बाद एक पनडुब्बी के जरिए दक्षिण-पूर्व एशिया की खतरनाक यात्रा और आजाद हिंद फौज के नेतृत्व में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार का गठन हुआ। फाफ ने बताया कि अगस्त 1945 में जापान के आत्मसमर्पण के बाद, नेताजी सिंगापुर से टोक्यो के लिए रवाना हुए थे, लेकिन 18 अगस्त 1945 को ताइपे में एक घातक विमान दुर्घटना का शिकार हो गए। वह हालांकि गंभीर रूप से जलने के बावजूद शुरुआती दुर्घटना में बच गए थे, लेकिन उसी दिन बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। ताइपे में उनका अंतिम संस्कार किया गया और उनकी अस्थियां बाद में टोक्यो ले जाई गईं। नेताजी की अस्थियां तब से जापान के रेनकोजी मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा सुरक्षित कस्टडी में रखी गयीं थी, जहां वे आज भी रखी हुई हैं।