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ओडिशा के कोरापुट में विवाद के बाद फैसला पलटा, 26 जनवरी पर मांसाहार बिक्री पर अब नहीं रहेगी पाबंदी

भुवनेश्वर ओडिशा के कोरापुट जिले में 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर एक दिन के प्रतिबंध से जुड़ा आदेश वापस ले लिया गया है। जिले के कलेक्टर मनोज सत्यवान महाजन ने रविवार को अपने पहले के आदेश को निरस्त करते हुए सभी तहसीलदारों, ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और अन्य कार्यकारी अधिकारियों को इस संबंध में नया पत्र जारी किया। कलेक्टर मनोज महाजन ने पत्र में स्पष्ट किया कि मांस, चिकन, मछली, अंडे और अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस तैयारी समिति के सुझाव के आधार पर लिया गया था। हालांकि, इस फैसले को लेकर विभिन्न स्तरों पर आई प्रतिक्रियाओं और गहन विचार-विमर्श के बाद 23 जनवरी को जारी आदेश को वापस लेने का निर्णय किया गया है। रविवार को जारी आदेश में कहा गया है कि कोरापुट जिले में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने संबंधी 23 जनवरी का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह निर्देश समिति के सुझाव पर जारी किया गया था, इसलिए व्यापक विचार के बाद इसे वापस लिया जा रहा है। इससे पहले 23 जनवरी को कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों, बीडीओ और अन्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर 26 जनवरी को मांस, चिकन, मछली, अंडे और अन्य मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करें। उस आदेश में अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई करने को भी कहा गया था। कलेक्टर के इस आदेश के सामने आने के बाद जिले ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी व्यापक और मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कई लोगों ने फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है, न कि कोई धार्मिक अवसर, ऐसे में खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भी इस निर्णय को लेकर बहस छिड़ गई थी। अब आदेश वापस लिए जाने के बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। माना जा रहा है कि प्रशासन ने जनभावनाओं और व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। फिलहाल कोरापुट जिले में 26 जनवरी को मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं रहेगा।

ममता कुलकर्णी छोड़ेंगी महामंडलेश्वर का पद? किन्नर अखाड़े को लेकर बयान से मचा हलचल

प्रयागराज  आध्यात्मिक दुनिया में महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और शंकराचार्य जैसे बड़े-बड़े पदों की संख्या जिस तेजी से बढ़ी है, इस बीच किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अपने पद को लेकर ऐसी बात कह दी, जिसने लोगों के बीच हलचल तेज कर दी। उन्होंने कहा है कि महामंडलेश्वर का पद अब उन्हें एक गंभीर आध्यात्मिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मजाक जैसा लगने लगा है। आईएएनएस से बात करते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा, ''जब मैं इस आध्यात्मिक यात्रा में गहराई से उतरीं, तब मुझे कई सच्चाइयों का एहसास हुआ। बाहर से जो दुनिया बहुत पवित्र और ज्ञान से भरी हुई दिखाई देती है, अंदर जाकर देखने पर वैसी नहीं लगती। आज हर तरफ ऐसे लोग घूम रहे हैं, जो खुद को महामंडलेश्वर या जगद्गुरु घोषित कर रहे हैं, लेकिन उनके पास न तो सही ज्ञान है और न ही आत्मज्ञान। केवल वस्त्र पहन लेने या कोई पद पा लेने से कोई संत नहीं बन जाता।'' ममता कुलकर्णी ने धार्मिक ग्रंथों का उदाहरण देते हुए आत्मज्ञान की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ''वेदों और उपनिषदों में भी सिखाया गया है कि केवल मंत्रों को याद कर लेना या शास्त्रों का ज्ञान होना ही सब कुछ नहीं है। असली ज्ञान वह है, जिससे व्यक्ति अपने भीतर की सच्चाई को समझ सके।'' ममता ने श्वेतकेतु और उनके पिता उद्दालक ऋषि के संवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जब चारों वेद कंठस्थ करने के बाद भी आत्मज्ञान नहीं मिला, तो वह ज्ञान अधूरा था। आज भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, ''मैंने अपने आध्यात्मिक सफर में बहुत कम सच्चे संत देखे हैं। दस में से नौ लोग ऐसे मिले, जो झूठे थे और केवल पद और पहचान के पीछे भाग रहे थे। इसी अनुभव के चलते मुझे अब महामंडलेश्वर का पद एक हास्य विनोद जैसा लगने लगा है। जब हर दूसरे दिन नए महामंडलेश्वर बनाए जा रहे हों, तो ऐसे में पदों की गंभीरता अपने आप खत्म हो जाती है।'' किन्नर अखाड़े के संस्थापक रहे ऋषि अजय दास पर भी ममता कुलकर्णी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "ऐसे कई लोग हैं, जिन्हें धर्म, वेद और परंपरा की बुनियादी समझ भी नहीं है, लेकिन वे बड़े-बड़े मंचों से उपदेश देते हैं। नाच-गाने को लेकर टिप्पणियां करते हैं। भारतीय परंपरा में नृत्य और संगीत को कभी तुच्छ नहीं माना गया। भगवान शिव का नटराज स्वरूप और श्रीकृष्ण की लीलाएं इसके उदाहरण हैं।" ममता कुलकर्णी ने कहा कि वह महामंडलेश्वर का पद छोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं। उन्होंने कहा, "मुझे अंदर से संकेत मिल रहा है कि मुझे भी अपने इस पद को अभी छोड़ना चाहिए, क्योंकि जब चारों ओर नकली लोग भरे हों, तो ऐसे पद पर बने रहने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। सत्य के लिए किसी विशेष वस्त्र या पद की जरूरत नहीं होती। सच्चा गुरु वही होता है, जो तपस्वी हो, अहंकार से दूर हो और दिखावे से परे जीवन जीता हो।"

हाईटेक वॉरफेयर पर फोकस: नसीराबाद दौरे में ले. जनरल चौहान ने तकनीकी सशक्त सेना पर दिया जोर

अजमेर लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने रविवार को नसीराबाद मिलिट्री स्टेशन का दौरा कर वहां तैनात लॉजिस्टिक यूनिट्स की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ड्रोन तकनीक के उपयोग, प्रशिक्षण व्यवस्था और जवानों के कल्याण से जुड़े पहलुओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और सैनिकों से भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार रखने और आधुनिक तकनीक को तेजी से अपनाने का आह्वान किया। दरअसल, दक्षिणी कमान भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर जानकारी दी कि लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, वाईएसएम, एसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग सुदर्शन चक्र कोर, ने रविवार को नसीराबाद मिलिट्री स्टेशन का दौरा किया। यहां उन्होंने 'सबसे बेहतर ब्रिगेड' की तैयारी का जायजा लिया, जो फर्स्ट टू स्ट्राइक ब्रिगेड का हिस्सा है। इसके साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने कुछ अहम लॉजिस्टिक यूनिट्स का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें ऑपरेशनल जिम्मेदारियों, ट्रेनिंग के खास पहलुओं, आधारभूत संरचना के सुधार और जवानों की भलाई से जुड़ी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई। इसके बाद जनरल चौहान ने एक कैपेबिलिटी डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की, जिसमें सुदर्शन चक्र कोर के सभी फॉर्मेशन कमांडर मौजूद थे। उन्होंने इस मौके पर ड्रोन जैसी अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (यूएएस) और इनके काउंटर-यूएएस सिस्टम्स की अहमियत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि रिपेयर और रीजेनरेशन की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, ताकि तकनीक का सही इस्तेमाल हो सके। उन्होंने ट्रेनिंग के लिए भी बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। जनरल ने यह भी बताया कि अलग-अलग हथियारों और टुकड़ियों के बीच तालमेल, यानी कम्बाइंड आर्म्स इंटीग्रेशन, बहुत जरूरी है ताकि ऑपरेशन्स ज्यादा असरदार बन सकें। उनका कहना था कि बदलती लड़ाई की परिस्थितियों में ऑपरेशनल एफेक्टिवनेस बढ़ाना बहुत जरूरी है। उन्होंने जवानों को भविष्य के लिए तैयार रहने और हर तरह की नई चुनौतियों के लिए एडाप्ट होने की हिदायत दी। इस दौरे के दौरान, जीओसी ने जवानों के मनोबल, उनकी ट्रेनिंग और वेलफेयर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और बेहतर ट्रेनिंग से ही फौज की ताकत बढ़ती है और मिशन में सफलता मिलती है। उन्होंने सभी कमांडरों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी और आधुनिक रणनीतियों को लागू करें।

कांग्रेस में अंदरूनी तकरार? अपने ही नेताओं को नीचा दिखा रहे राहुल गांधी: पूनावाला

नई दिल्ली कांग्रेस नेता शशि थरूर के अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की बैठक में शामिल नहीं होने पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस एक बार फिर 'टुकड़े-टुकड़े' मोड में है। वह अपने ही नेता को दरकिनार और अपमानित कर रही है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, अभी पब्लिक में जो चल रहा है, वह डॉ. शशि थरूर बनाम केरल कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी है। यह हैरानी की बात नहीं है। हमने पहले भी ऐसी ही स्थितियां देखी हैं, राहुल गांधी बनाम प्रियंका गांधी, डीके शिवकुमार बनाम सिद्धारमैया, गहलोत बनाम पायलट, सुक्खू बनाम प्रतिभा सिंह और कांग्रेस बनाम कांग्रेस।" शहजाद पूनावाला ने कहा, "राहुल गांधी को जनता पहले ही नकार चुकी है, लेकिन यह साफ है कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता खुद उन्हें नेता के तौर पर स्वीकार नहीं करते। इसका हालिया उदाहरण शकील अहमद हैं। शकील अहमद ने बताया कि राहुल गांधी असुरक्षित और नासमझ नेता हैं। वह असुरक्षा की भावना से काम करते हैं।" शहजाद पूनावाला ने कहा, "शकील अहमद, जो मंत्री भी रह चुके हैं, उन्होंने कई खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी कितने इनसिक्योर नेता हैं। राहुल गांधी एक मजबूत कांग्रेस तो चाहते हैं, लेकिन मजबूत कांग्रेसी नहीं चाहते।" कांग्रेस पार्टी पूरी दुनिया के सामने यह दावा करती है कि वह लोकतांत्रिक है, लेकिन वह न तो संविधान का और न ही पार्टी के अंदर लोकतंत्र का पालन करती है।" भाजपा नेता ने कहा कि शकील अहमद ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को संविधान की कोई परवाह नहीं है और उन्होंने एसआईआर का मुद्दा उठाया, लेकिन जमीन पर उसमें कोई दम या सच्चाई नहीं थी। एक बात साफ है कि कांग्रेस को बर्बाद करने में राहुल गांधी का सबसे बड़ा हाथ है और यह सिर्फ शकील अहमद की राय नहीं है, बल्कि हर कांग्रेस नेता की यही भावना है।

एयरपोर्ट बना तस्करी का अड्डा! अहमदाबाद में 12.50 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी, चार लोग दबोचे गए

अहमदाबाद अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को सीमा शुल्क और पुलिस अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 12.50 करोड़ रुपए मूल्य की हाइब्रिड मारिजुआना जब्त की है। इस दौरान चार यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ होने का दावा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह हवाई मार्ग का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित नशीले पदार्थों को भारत में ला रहा था। अधिकारियों को दक्षिण-पूर्व एशिया से भारत में नशीले पदार्थों की संभावित तस्करी को लेकर विशेष खुफिया जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर बैंकॉक से अहमदाबाद आने वाली एक उड़ान के यात्रियों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान चार यात्रियों के सामान में संदिग्ध वस्तुएं पाई गईं, जिसके बाद विस्तृत तलाशी ली गई। वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिबंधित हाइब्रिड मारिजुआना की बड़ी खेप बरामद की गई। यह मादक पदार्थ प्लास्टिक के पैकेटों में छिपाकर रखा गया था और इसका अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 12.50 करोड़ रुपए आंका गया है। अधिकारियों ने बताया कि हाइब्रिड मारिजुआना सामान्य गांजे की तुलना में कहीं अधिक प्रभावशाली और महंगा होता है तथा भारतीय कानून के तहत इस पर पूरी तरह प्रतिबंध है। चारों आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लेकर बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक वडोदरा का निवासी है, जबकि अन्य तीन पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप गुजरात किस उद्देश्य से लाई गई थी और इसके पीछे सक्रिय आपूर्ति श्रृंखला में कौन-कौन लोग शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि इन नशीले पदार्थों को देश के प्रमुख शहरों में सप्लाई करने की योजना थी, जहां इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। अधिकारी आरोपियों के यात्रा रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच कर रहे हैं, ताकि इस तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जब्त किए गए मादक पदार्थों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपियों के अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से संभावित संबंधों की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय शुरू किया गया है। यह बरामदगी अहमदाबाद हवाई अड्डे पर हाल के दिनों में हुई नशीली दवाओं की कई बड़ी जब्तियों की कड़ी में एक और मामला है। इसी महीने की शुरुआत में सीमा शुल्क अधिकारियों ने बैंकॉक से आए एक यात्री के सामान से करीब 8 करोड़ रुपए मूल्य की हाइड्रोपोनिक भांग बरामद की थी। इसके अलावा एक अन्य मामले में बैंकॉक से लाई गई 3.9 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना की जब्ती के बाद एक आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी के लगातार प्रयासों को देखते हुए हवाई अड्डे पर निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान और सख्त किए जा रहे हैं, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

भ्रम में हैं श्रद्धालु: माघ पूर्णिमा कब है—1 या 2 फरवरी, यहां जानें स्नान का शुभ समय

श्रद्धालुओं के लिए माघ पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है. इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है. हर साल माघ पूर्णिमा की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम रहता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा 2026 में 1 फरवरी को है या 2 फरवरी को, साथ ही गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त और इस पर्व का धार्मिक महत्व कब है माघ पूर्णिमा? पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा की तिथि और समय कुछ इस प्रकार है. पूर्णिमा तिथि शुरू: 01 फरवरी 2026 (रविवार) सुबह 05:52 बजे से. पूर्णिमा तिथि का समापन: 02 फरवरी 2026 (सोमवार) सुबह 03:38 बजे होगा. उदया तिथि का महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस दिन सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, उसी दिन व्रत और स्नान का महत्व होता है. चूंकि 01 फरवरी को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को ही मनाई जाएगी. गंगा स्नान और पूजा के शुभ मुहूर्त माघ पूर्णिमा पर स्नान और दान के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष समय बताए गए हैं. ब्रह्म मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): सुबह 05:24 से 06:17 मिनट तक रहेगा. शास्त्रों के अनुसार, इस समय स्नान करना अमृत के समान फलदायी माना गया है. अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:57 मिनट तक रहेगा. यदि आप सुबह जल्दी स्नान नहीं कर पाए हैं, तो इस शुभ समय में भी गंगा स्नान और दान-पुण्य किया जा सकता है. माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व माघ पूर्णिमा को लेकर मान्यता है कि इस दिन स्वयं भगवान विष्णु गंगा जल में निवास करते हैं. इस दिन किए गए कुछ कार्यों का विशेष फल मिलता है. पुण्य की प्राप्ति: इस दिन दान (तिल, कंबल, घी और अन्न) करने से अश्वमेध यज्ञ के समान फल मिलता है. पितृ तर्पण: माघ पूर्णिमा पर पितरों के निमित्त तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है. कल्पवास का समापन: प्रयागराज में एक महीने से चल रहे कल्पवास की पूर्णाहुति भी इसी दिन होती है. कैसे करें पूजा? सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें. यदि संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें. स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की धूप-दीप से पूजा करें. सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना इस दिन बहुत ही शुभ माना जाता है. शाम को चंद्रमा को अर्घ्य दें और अपनी सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को दान करें.

Republic Day से पहले किले में तब्दील जम्मू-कश्मीर, जगह-जगह पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। हर वाहन की चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। जम्मू के एमए स्टेडियम में सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जाएगा, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं श्रीनगर में उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी बख्शी स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। जम्मू-श्रीनगर दोनों जगहों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, आपदा प्रबंधन, होम गार्ड और स्कूली बच्चों की टुकड़ियाँ पोडियम के सामने मार्च करेंगी। झंडा फहराने और मार्च पास्ट के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और केंद्रशासित प्रदेश में विकास और प्रगति को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे। जम्मू और कश्मीर के सभी अन्य जिला मुख्यालयों में भी इसी तरह के समारोह आयोजित किए जाएंगे। केंद्र शासित प्रदेश के 20 जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह के सभी स्थानों पर शनिवार को फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। श्रीनगर और जम्मू में कई जगहों पर ह्यूमन इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, ड्रोन से हवाई निगरानी, ​​अस्थायी ड्रॉप गेट, चेकपोस्ट और लोगों की तलाशी और गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया, "सुरक्षा को अधिकतम अलर्ट पर रखा गया है और हम गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा को लेकर कोई चांस नहीं ले रहे हैं।" देश के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय उत्सवों का संदेश फैलाने के लिए सभी सरकारी इमारतों, फ्लाईओवर और मुख्य पुलों को रोशन किया गया है। वहीं, दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जा रहा है, जिसमें 12 बेगुनाह नागरिक मारे गए थे और 32 अन्य घायल हो गए थे। जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी से मिले इनपुट के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है। सेना पूरे इलाकों को अपने कब्जे में लेकर चेकिंग अभियान भी चला रही है। साथ ही कोई भी इनपुट मिलने पर कार्रवाई के लिए भी टीम तैनात की गई है।

बड़ा डेटा ब्रीच: Facebook, Instagram, Gmail यूजर्स सावधान, 14 करोड़ लॉग-इन डिटेल्स लीक

अगर आप भी जीमेल, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और नेटफ्लिक्‍स आदि ऐप्‍स चलाते हैं तो फौरन जरूरी काम कर लें, जिनकी जानकारी हम इस आर्टिकल में आपको देने वाले हैं। एक बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक मामले में 14 करोड़ से ज्‍यादा यूजरनेम और पासवर्ड लीक हो गए हैं। इसमें जीमेल से लेकर फेसबुक और इंस्‍टाग्राम से लेकर नेटफ्लिक्‍स चलाने वालों की जानकारी शामिल है। यह काम किसी हैकर ने नहीं किया, बल्कि एक साइबर सिक्‍योरिटी रिसर्चर ने इन यूजरनेम और पासवर्ड को इंटरनेट पर बिना सिक्‍योरिटी या एन्‍क्र‍िप्‍शन के ढूंढा है। बताया जाता है कि कुल 96 जीबी डेटा को कोई भी आसानी से देख सकता था। रिसर्चर जेरेमिया फाउलर ने इसका पता लगाया है। अगर आप भी जीमेल, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और नेटफ्लिक्‍स आदि ऐप्‍स चलाते हैं तो फौरन जरूरी काम कर लें, जिनकी जानकारी हम इस आर्टिकल में आपको देने वाले हैं। क‍िन प्‍लेटफॉर्म्‍स का डेटा लीक हुआ है? एक रिपोर्ट के अनुसार, लेटेस्‍ट डेटा ब्रीच में हर बड़ी ऑनलाइन सर्विस के यूजरनेम और पासवर्ड शामिल हैं। इनमें Facebook, Instagram, TikTok, X, Onlyfans, Netflix, HBO Max, Disney Plus, Roblox, Gmail, Yahoo, Outlook के यूजरनेम और पासवर्ड शामिल हैं। जो नहीं जानते उनके लिए बता दें कि Onlyfans एक डेटिंग साइट है, जबकि Roblox भी नेटफ्लिक्‍स की तरह कंटेंट स्‍ट्रीमिंग प्‍लेटफॉर्म है। Gmail, Facebook, Instagram का क‍ितना डेटा लीक? रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 4.8 करोड़ जीमेल अकाउंट, 40 लाख याहू, 15 लाख आउटलुक की लॉगइन डिटेल लीक हुई है। फेसबुक की 1.7 करोड़, Instagram के 65 लाख, TikTok के करीब 8 लाख अकाउंट का डेटा लीक हुआ है। नेटफ्लिक्‍स के 42 लाख अकाउंट की जानकारी लीक हुई है। कई देशों के सरकारी लॉगइन डेटा की जानकारी भी लीक की गई है। हैकर नहीं मैलवेयर से लीक हुआ डेटा रिपोर्ट में बताया गया है कि डेटा को किसी हैकर ने लीक नहीं किया है। इसे ‘इन्फोस्टीलर’ (infostealer) नाम के मैलवेयर से लीक किया गया। इन्‍फोस्‍टीलर बेहद खतरनाक है और किसी भी डिवाइस में चुपके से घुसकर यूजरनेम और पासवर्ड आदि को चुरा लेता है। जानकारी के अनुसार, जेरेमिया फाउलर ने इस डेटाबेस की जानकारी होस्टिंग प्रोवाइडर को दे दी थी, लेकिन इसे बंद होने में एक महीना लग गया। यह पता नहीं चल पाया है कि डेटा कितने लोगों के हाथ लगा हो सकता है। खास बात है कि जब तक डेटा खुला पड़ा था, उसमें चोरी किए गए यूजरनेम-पासवर्ड की संख्‍या बढ़ रही थी क्‍योंकि मैलवेयर लगातार अपने काम में जुटा था और लोगों को जानकारी को अपडेट करता जा रहा था। यूजरनेम-पासवर्ड को कैसे करें सेफ     अपने फोन या अन्‍य डिवाइस जहां ईमेल वगैरह हैं, उसे स्‍कैन करें। मैलवेयर से स्‍कैन करके आप अपनी ड‍िवाइस को सुरक्ष‍ित बनाएं।     अपने फोन में टू फैक्‍टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को चालू करें। आप पासवर्ड या बायोमेट्र‍िक्‍स जोड़कर इसे चालू कर सकते हैं।     जीमेल, इंस्‍टाग्राम, नेटफ्लिक्‍स जैसे ऐप्‍स के लिए अलग-अलग पासवर्ड इस्‍तेमाल करें और उन्‍हें बदलते रहें।

बहन से किया वचन, देर रात चाय पीकर लौटे आचार्य धीरेंद्र शास्त्री

कोटा रामगंज मंडी में श्री राम कथा कर रहे बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री आज अपने दिए हुए वचन की पालना में वार्ड नंबर 3 रामगंज मंडी निवासी दो बहनों भावना राठौड़ और खुशबू राठौर के घर देर रात चाय पीने पहुंचे! एक दिन पहले शनिवार को इन दोनों बहनों ने कथा के दौरान आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने की इच्छा प्रकट करते हुए राखी बांधी थी! और राखी बांधने के बाद अपने भाई आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से निवेदन किया था कि वह उसके घर चाय पीने आए! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने भी अपनी बहन को वचन दिया था कि वह तीन दिन यहां रामगंज मंडी में है तो उसके घर चाय पीने जरूर आएंगे! और आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी बहनों से किया हुआ वायदा निभाया भी सही! रविवार की रात को कोटा मैं शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के घर पहुंचकर पहले तो उनके परिवार जनों से भेट की और आशीर्वाद दिया! उसके बाद रामगंज मंडी लौटकर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री देर रात 12:00 बजे अचानक वार्ड नंबर 3 रामगंज मंडी में अपनी बहन खुशबू और भावना राठौड़ के घर पहुंचे!   विश्व विख्यात भारत के चोटी के संत जिन्हें सुनने के लिए रामगंज मंडी में कथा स्थल पर लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ रही है! उस महान और पूजनीय संत को अपनी कुटिया में प्रकार भावना और खुशबू राठौर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा! दोनों बहनों की आंखों से खुशियों के मोती छलक पड़े!   भावना बोली मुझे विश्वास था मेरे भाई मेरे घर चाय पीने जरूर आएंगे! अपना किया हुआ वादा पूरा करेंगे! भावना ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि वह दोनों बहने हैं उनके कोई भाई नहीं है इसलिए वह आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को राखी बांधकर अपना भाई बनना चाहती थी! उन्होंने कई बार प्रयास किया लेकिन ऐसा हो नहीं पाया! रामगंज मंडी में जब कथा करने आचार्य शास्त्री पहुंचे तो दोनों बहनों ने ठान ली कि वह अब अपनी इच्छा पूरी कर के रहेगी! और हुआ भी ऐसा ही आखिरकार वह आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने और घर पर बुलाकर चाय पिलाने में सफल रही! दोनों बहनों के पिता लालचंद राठौर और माता हेमलता राठौर ने आचार्य जी को बताया कि यह अक्सर उनसे ऐसी बातें किया करती थी, परंतु उनको विश्वास नहीं होता था!  कई बार बेटी को समझाया भी की यह संभव नहीं है! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री कभी भी उसके घर चाय पीने नहीं आएंगे! लेकिन बागेश्वर धाम सरकार का आशीर्वाद है कि बेटियों का सपना पूरा हुआ और आज स्वयं आप भगवान के रूप में हमारे घर पधारे हैं! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने खुशबू के सर पर हाथ फेरते हुए कहा कि आज से हम तुम्हारे भाई हैं! भाई की कमी कभी महसूस मत करना! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी बहन के घर लगभग आधा घंटा बैठकर चाय पी और उसके माता-पिता व उपस्थित अन्य परिजनों से हाल-चाल पूछे! और घर से विदा होने से पहले अपनी दोनों बहनों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण दिया! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने बच्चियों के पिता लाल चंद्र राठौर को बागेश्वर धाम की तरफ से एक कूपन भी दिया! आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के साथ शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भी उपस्थित थे!  

वंदे मातरम् रैली: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के साथ जवानों और नागरिकों ने जताया देशभक्ति का जोश

जयपुर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के अंबाबाड़ी में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन तथा सांस्कृतिक एवं नैतिक प्रशिक्षण फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रभक्ति भाव जागरण ‘वंदे मातरम्’ रैली में शिरकत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं सहित आमजन की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, त्याग और समर्पण की भावना का प्रतीक है। यह मंत्र स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देशवासियों में राष्ट्रप्रेम, एकता और आत्मगौरव की चेतना जागृत करता रहा है। ऐसी राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रैलियां हमारी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना और नागरिक कर्तव्यों के प्रति संकल्प को और अधिक सशक्त करती हैं।   उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् शब्द नहीं, बल्कि शौर्य, साहस, त्याग, बलिदान और समर्पण का भाव है, जिस पर प्रत्येक देशवासी को गर्व है। साथ ही उन्होंने नई पीढ़ी को इतिहास और महापुरुषों के बारे में जानकारी देने तथा उन्हें सही दिशा दिखाने की आवश्यकता पर बल दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार निरंतर विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।  कार्यक्रम में जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर महानगर प्रचारक श्री प्रशांत, एचएसएस फाउंडेशन के अध्यक्ष सुभाष बापना, सचिव सोमकांत शर्मा, उपाध्यक्ष शीला अग्रवाल, आरएसएस के क्षेत्रीय संघचालक डॉ. रमेश, संस्कार भारती के राजस्थान अध्यक्ष अरुण, भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल सहित एचएसएस फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।