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मुख्यमंत्री साय ने कांसाबेल में किया स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ

शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे रायपुर, जशपुर जिले के स्कूली बच्चे अब स्मार्ट क्लास रूम के जरिए पढ़ाई करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल के सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ किया। इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। इस अवसर पर कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।          अधिकारियों ने बताया कि एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से विगत माह जिला प्रशासन एसईसीएल एवं ईडूसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।  

WHO ने अमेरिका के फैसले पर जताई चिंता, टेड्रोस बोले- वैश्विक सुरक्षा प्रभावित

वाशिंगटन अमेरिका के विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हटने के फैसले पर WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम गेब्रेयेसस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा बताए गए कारण तथ्यों से परे और गलत हैं। डॉ. टेड्रोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिका WHO का संस्थापक सदस्य रहा है और संगठन की कई ऐतिहासिक उपलब्धियों में उसकी अहम भूमिका रही है। इनमें चेचक का उन्मूलन, पोलियो, HIV, इबोला, इन्फ्लुएंजा, टीबी, मलेरिया और अन्य गंभीर बीमारियों के खिलाफ लड़ाई शामिल है।   अमेरिका के फैसले पर WHO की आपत्ति WHO प्रमुख ने कहा, “अमेरिका के WHO से हटने से न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया कम सुरक्षित हो जाती है।” उन्होंने साफ किया कि WHO हमेशा सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करता आया है और अमेरिका के साथ भी यही रवैया रहा है। WHO को उम्मीद है कि भविष्य में अमेरिका फिर से संगठन में सक्रिय भूमिका निभाएगा।  COVID-19 पर लगाए गए आरोप अमेरिका ने WHO पर COVID-19 महामारी के दौरान विफलता, जानकारी छिपाने और गलत मार्गदर्शन देने का आरोप लगाया था। इस पर WHO ने कहा कि WHO ने महामारी के दौरान तेज़ी और पारदर्शिता से जानकारी साझा की। मास्क, वैक्सीन और सामाजिक दूरी की सलाह दी गई  लेकिन लॉकडाउन या वैक्सीन अनिवार्यता की सिफारिश कभी नहीं की अंतिम फैसले सरकारों पर छोड़े गए। WHO ने माना कि किसी भी संगठन से कुछ गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उसने महामारी से निपटने में अपनी भूमिका पूरी ईमानदारी से निभाई।  अमेरिका का आधिकारिक रुख 22 जनवरी को अमेरिका ने औपचारिक रूप से WHO से बाहर निकलने की घोषणा की।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और स्वास्थ्य मंत्री केनेडी ने कहा कि आगे WHO से अमेरिका का संपर्क सिर्फ निकासी प्रक्रिया और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित रहेगा। WHO ने दोहराया कि वह सभी देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा और उसका लक्ष्य है हर इंसान को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, जो एक मौलिक मानव अधिकार है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण में आई तेज़ी

प्रदेश में 2775 में से 2581 आंगनवाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण शेष 194 केंद्रों का निर्माण कार्य शीघ्र होगा पूरा प्रारम्भिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आंगनवाड़ी केंद्र किए जा रहे सुदृढ़ लखनऊ, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश में प्रस्तावित 2775 आंगनवाड़ी केंद्र भवनों में से 2581 का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शेष 194 केंद्रों का निर्माण कार्य भी शीघ्र पूरा किया जा रहा है। निर्माण, मरम्मत और आधुनिकीकरण का कार्य तेज राज्य सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के उद्देश्य से निर्माण, मरम्मत और आधुनिकीकरण का कार्य तेज़ी से कराया जा रहा है, जिससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारम्भिक शिक्षा से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण लीना जोहरी ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। नए भवनों में अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध उन्होंने बताया कि नए आंगनवाड़ी भवनों में बच्चों के अनुकूल कक्ष, पोषण कक्ष, बैठक स्थल, शौचालय तथा सुरक्षित पेयजल जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। किराये के भवनों से पक्के भवनों में हो रहा स्थानांतरण किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से नए पक्के भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इन भवनों में साफ-सुथरे कमरे, रसोईघर, शौचालय, पेयजल, खेल सामग्री और बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कुपोषण से लड़ाई को मिलेगी मजबूती योगी सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव और शहरी वार्ड स्तर पर सुरक्षित, आधुनिक और सुसज्जित आंगनवाड़ी केंद्र उपलब्ध हों, जिससे कुपोषण के खिलाफ चल रही लड़ाई को मजबूती मिले और बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा मिल सके। डिजिटल निगरानी व्यवस्था को भी किया जा रहा सुदृढ़ इसके साथ ही पोषण ट्रैकर और डिजिटल पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं, ताकि लाभार्थियों की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से की जा सके। बुनियादी ढांचे से बढ़ा भरोसा और सहभागिता नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण से बच्चों की नियमित उपस्थिति में वृद्धि हुई है और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर और सुरक्षित वातावरण में कार्य करने की सुविधा मिल रही है।

सिटी पैलेस संग्रहालय में स्पर्श दोशी की उत्कृष्ट कला प्रदर्शनी का आयोजन

उदयपुर महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन, उदयपुर के सहयोग से ऐतिहासिक सिटी पैलेस संग्रहालय, उदयपुर में प्रतिभाशाली कलाकार स्पर्श दोशी की मनमोहक कलाकृतियों की एक शानदार प्रदर्शनी ‘कनक’ का आयोजन किया। दो दिवसीय प्रदर्शनी में महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ उपस्थित हुए। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने स्पर्श दोशी का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी कला की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की परंपरा सदियों से कला और कलाकारों को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देने की रही है। मेवाड़ की कला धरोहरें विश्व में अपना विशिष्ट और अद्वितीय स्थान रखती हैं तथा युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का दायित्व हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।   प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियों के माध्यम से स्पर्श दोशी ने दर्शकों को चकित कर दिया। दृष्टिबाधित कलाकार स्पर्श चुंबकीय गेंदों का उपयोग करते हुए रचनात्मकता और सूक्ष्म सटीकता के अद्भुत समन्वय से आकर्षक और जटिल कलाकृतियाँ सृजित करते हैं। उनकी कल्पनाशील दृष्टि और गणितीय गणनाओं की गहरी समझ इन छोटी-छोटी गोलिकाओं से ऐसे डिज़ाइन रचते हैं, जो तर्क, सममिति और सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करती हैं। उनका कार्य यह सिद्ध करता है कि कला केवल कल्पना का परिणाम नहीं, बल्कि बुद्धि, अनुशासन और असीम संभावनाओं की अभिव्यक्ति भी है। इस प्रेरणादायी कला यात्रा के पीछे स्पर्श के माता-पिता हार्दिक दोशी एवं भूमि दोशी का निरंतर समर्पण, मार्गदर्शन और सहयोग उल्लेखनीय है, जिनके प्रोत्साहन से स्पर्श अपनी प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं। सिटी पैलेस संग्रहालय के ऐतिहासिक वातावरण में आयोजित यह प्रदर्शनी कला, नवाचार और प्रेरणा का सजीव उदाहरण बनी, जिसे कला प्रेमियों एवं दर्शकों ने विशेष सराहना के साथ देखा।  

राजनीति में ज़हरीली भाषा! भाजपा नेता का ममता बनर्जी पर आपत्तिजनक बयान, TMC ने पुलिस में की शिकायत

कोलकाता पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दक्षिण 24 परगना जिले के भाजपा उपाध्यक्ष संजय दास मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। विवादित बयान और वायरल वीडियो वायरल वीडियो भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष की उपस्थिति में आयोजित एक कार्यक्रम का बताया जा रहा है। वीडियो में संजय दास मुख्यमंत्री को 'चुड़ैल' कहकर संबोधित कर रहे हैं और सार्वजनिक रूप से उनका 'सिर कलम' करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसने राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।   TMC ने दर्ज कराई शिकायत तृणमूल कांग्रेस का कड़ा रुख तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई महिला मुख्यमंत्री का घोर अपमान और उनकी हत्या का खुला आह्वान बताया है। पार्टी ने भाजपा नेता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। टीएमसी सांसद बापी हलदर ने कहा कि भाजपा राज्य में अशांति फैलाना चाहती है और महिलाओं के प्रति उनकी मानसिकता इस बयान से उजागर हो गई है। मामले पर भाजपा ने दी सफाई भाजपा की सफाई इस विवाद पर भाजपा की ओर से शतरूपा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह तृणमूल नेताओं द्वारा पूर्व में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई हिंसक टिप्पणियों की एक प्रतिक्रिया मात्र है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी संजय दास के इस तरह के अमर्यादित बयान का समर्थन नहीं करती है।

देवभूमि का भविष्य उज्ज्वल हो — हिमाचल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी बधाई

शिमला हिमाचल प्रदेश में रविवार को गर्व और उत्साह के साथ प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वर्णिम भविष्य की कामना की। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल ने एक पोस्ट में राष्ट्रपति मुर्मू के हवाले से लिखा, "हिमाचल प्रदेश के 'पूर्ण राज्यत्व दिवस' पर राज्य के सभी निवासियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। आध्यात्मिक परंपराओं के कारण देवभूमि और शौर्य परंपरा के कारण वीरभूमि कही जाने वाली हिमाचल की धरती पर प्रकृति का असीम वरदान है जो इस राज्य के प्रति अद्भुत आकर्षण उत्पन्न करता है। मुझे विश्वास है कि हिमाचल प्रदेश के कर्मठ निवासी राष्ट्र निर्माण तथा देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। मैं राज्य के सभी लोगों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती हूं।" इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "प्रकृति और संस्कृति की संगमस्थली हिमाचल प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को पूर्ण राज्यत्व दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं। अपनी अद्भुत प्रतिभा और पराक्रम से वे सदैव मां भारती की सेवा करते आए हैं। मैं उनके सुनहरे भविष्य के साथ-साथ इस देवभूमि की समृद्धि की कामना करता हूं।" लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लिखा, "देव-भूमि’ हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर राज्य के समस्त वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश समृद्ध प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण, सांस्कृतिक विविधता, अतिथि-भाव से परिपूर्ण जनमानस और गौरवशाली धार्मिक परंपराओं के लिए विश्वभर में विख्यात है। कामना है कि देवभूमि निरंतर प्रगति, समृद्धि और संतुलित विकास के मार्ग पर आगे बढ़े तथा प्रदेशवासी सुख, स्वास्थ्य और खुशहाली के साथ हिमाचल की गौरवशाली पहचान को और सुदृढ़ करें।" भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने लिखा, "अतुल्य प्राकृतिक सौंदर्य और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध देवभूमि हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर समस्त हिमाचलवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि हिमाचल प्रदेश निरंतर विकास, समृद्धि और उन्नति की दिशा में आगे बढ़ता रहे।"

उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा रहा है यूपी दिवस-2026 का आयोजन

देश की सीमाओं के परे भी मनाया जा रहा है यूपी दिवस-2026, प्रवासी प्रदेशवासियों को मिला यूपी से जुड़ने का अवसर यूके, रूस, मंगोलिया, कंबोडिया और जापान समेत विभिन्न देशों में हुआ यूपी दिवस का आयोजन, ओडीओसी के उत्पाद रहे मुख्य आकर्षण लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की स्थापना के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले तीन दिवसीय यूपी दिवस-2026 के भव्य समारोह की शुरुआत प्रदेश की राजधानी लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल में की गई। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की थीम पर आधारित इस उत्सव की शुरुआत देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुई। इस वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार यूपी दिवस-2026 का समारोह प्रदेश के सभी जनपदों के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया जा रहा है। इसके तहत यूके, रूस, मंगोलिया, कंबोडिया, सिंगापुर, जापान समेत विश्व के विभिन्न देशों में यूपी दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही, देश के अन्य प्रदेशों के लोक भवनों में भी यूपी दिवस के आयोजन के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, कला, शिल्प, व्यंजन और विकास यात्रा को प्रस्तुत किया गया। जो उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को देश की सीमाओं के परे भी पहुंचा रही है। रूस, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी समेत कई देशों में हुआ यूपी दिवस का आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के साथ विकास यात्रा से विश्व को परिचित करवाने के उद्देश्य से इस वर्ष यूपी दिवस-2026 का आयोजन देश और प्रदेश की सीमाओं से परे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया गया। इस क्रम में रूस की राजधानी मास्को, लंदन, ब्रिटेन, और ओसाका, जापान में भारतीय दूतावासों के माध्यम से यूपी दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनके अलावा मंगोलिया, लिथुआनिया, सिंगापुर, म्यांमार, जर्मनी, श्रीलंका, डीआर कांगो समेत कई अन्य देशों में भी विशेष कार्यक्रम हुए। पर्यटन एवं कला-संस्कृति विभाग की ओर से इन देशों में रहकर यूपी का नाम रोशन करने वाले प्रवासी प्रदेशवासियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। समारोहों में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं के साथ लोक कलाओं का प्रदर्शन हुआ। इस वर्ष यूपी दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ओडीओसी) और 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पादों की प्रदर्शनी रही। विभिन्न देशों में आयोजित इन कार्यक्रमों से प्रवासी प्रदेशवासियों को अपनी जड़ों, परंपराओं और स्वाद से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिला। नई दिल्ली, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में भी मनाया गया यूपी दिवस उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और सांस्कृतिक भव्यता का उत्सव यूपी दिवस-2026 के समारोह के रूप में देश के अन्य राज्यों में भी मनाया जा रहा है। इस क्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री और गणमान्य जनप्रतिनिधि अन्य प्रदेशों के लोक भवनों में जाकर यूपी दिवस के समारोह आयोजित कर रहे हैं। नई दिल्ली के दिल्ली हाट और एलजी कार्यालय में सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई, जहां यूपी के हस्तशिल्प, व्यंजन और लोक नृत्य मुख्य आकर्षण बने। वहीं, गोरखपुर के सांसद एवं लोकप्रिय भोजपुरी अभिनेता रवि किशन के प्रतिनिधित्व में मुंबई, महाराष्ट्र में यूपी दिवस का सांस्कृतिक कार्यक्रम मनाया गया। इसी तरह आंध्र प्रदेश, असम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, गोवा, गुजरात, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा और पंजाब जैसे विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें यूपी की विकास गाथा और सांस्कृतिक विविधता को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस वर्ष यूपी दिवस का भव्य उत्सव प्रदेश की नई पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहा है।

घुसपैठ पर सख्ती: असम से 15 बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी, CM सरमा का बड़ा बयान

असम मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि बांग्लादेश से आए 15 अवैध प्रवासियों को असम से वापस भेज दिया गया है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। शनिवार रात ‘एक्स' पर एक पोस्ट में शर्मा ने कहा, “हमारे सतर्क सुरक्षाबलों ने 15 अवैध बांग्लादेशियों को उनके देश वापस भेज दिया।” उन्होंने कहा, “याद रखें, आप अपनी शर्तों पर आते हैं और हमारी शर्तों पर जाते हैं।   सीमाओं पर सब सतर्क हैं। कानून अपना काम कर रहा है। बहुत बढ़िया काम।” हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन घुसपैठियों को राज्य के किस जिले से वापस भेजा गया। राज्य सरकार बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रही है और पड़ोसी देश से लगी सीमाओं के जरिए घुसपैठियों को वापस भेजा जा रहा है। 

‘कर्तव्य पथ’ पर विशेष अतिथि बनेंगी यूपी की 14 लखपति दीदी

महिला सशक्तिकरण को उड़ान सीएम योगी के विजन से आत्मनिर्भर बनीं यूपी की नारी शक्ति गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में उत्तर प्रदेश की शान बढ़ाएंगी 14 लखपति दीदी देशभर की लखपति दीदियों संग दिल्ली भ्रमण भी करेंगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आगे बढ़ीं प्रदेश की 14 लखपति दीदी गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के ‘कर्तव्य पथ’ पर आयोजित समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी। नारी शक्ति, आत्मनिर्भर भारत और समृद्ध उत्तर प्रदेश की जीवंत तस्वीर को प्रस्तुत करेंगी। यूपी से जाने वालीं 14 लखपति दीदी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। इन्हें अन्य राज्यों से आई लखपति दीदियों के साथ दिल्ली भ्रमण भी कराया जाएगा। 14 लखपति दीदी लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं। 26 जनवरी को ‘कर्तव्य पथ’ पर इनकी उपस्थिति से उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ेगा। यह उपलब्धि सीएम योगी के उस विजन का परिणाम है, जिसमें महिलाओं की आर्थिक प्रगति को प्रदेश के समग्र विकास की धुरी माना गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखपति दीदी अभियान के जरिए ग्रामीण महिलाओं का जीवन बेहतर हो रहा है। यूपी की ये 14 दीदी साबित कर रही हैं कि आत्मनिर्भर नारी ही समृद्ध प्रदेश और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। लखपति दीदियों ने इन क्षेत्रों में फहराया झंडा इन लखपति दीदियों ने ई-रिक्शा संचालन, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, कैफे, मसाला निर्माण, उन्नत कृषि, ब्यूटी पार्लर, जन सुविधा केंद्र, गो-आधारित उत्पाद और प्रेरणा कैंटीन जैसे क्षेत्रों में न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार और आत्मविश्वास दिया। आज ये महिलाएं लखपति बनकर गांव-गांव में प्रेरणा का केंद्र बन रही हैं। कर्तव्य पथ तक पहुंचने वाली यूपी की 14 लखपति दीदी 1. मंशा देवी – पंचायत हरपुर, ब्लॉक ब्रह्मपुर, गोरखपुर : ई-रिक्शा उद्यम व ट्रेनर | आय: ₹18–20 हजार प्रतिमाह। 2. प्रवेश कुमारी – पंचायत बुखारा, ब्लॉक मऊरानीपुर, झांसी गोमाता कैटल फीड एंटरप्राइज | आय: लगभग ₹25 हजार प्रतिमाह। 3. रितु देवी – ग्राम फिरोजपुर नरोट्टम, ब्लॉक देवमल, बिजनौर विदुर कैफे संचालन | आय: 6–7 हजार प्रतिदिन। 4. सरिता देवी – ग्राम पंचायत मीरजापुर जवई, ब्लॉक सिराथू, कौशांबी ई-रिक्शा आधारित उद्यम | आय: लगभग 3 लाख वार्षिक। 5. ऋतु शर्मा – ग्राम लालपुर, ब्लॉक टापल, अलीगढ़ मसाला निर्माण व बिक्री | आय: ₹8–10 हजार प्रतिमाह (250+ महिलाओं को रोजगार से जोड़ा) 6. निर्मला देवी – ग्राम बरसंपुर, ब्लॉक करवी, चित्रकूट दुग्ध व्यवसाय | वार्षिक आय: 6.59 लाख 7. राजकुमारी देवी – ग्राम रखही, ब्लॉक भौरोहिया-कैंपियरगंज, गोरखपुर दुग्ध उत्पादन | आय: ₹1.67 लाख (8 माह में) 8. मंत्रवती शाक्य – ग्राम नगला भिखन, ब्लॉक जसवंतनगर, इटावा उन्नत कृषि | आय: लगभग ₹15 हजार प्रतिमाह। 9. विजेता गोयल – पंचायत कशांपुर, ब्लॉक बसरेहर, इटावा ब्यूटी पार्लर, CSC, गारमेंट | आय: ₹2.5 लाख वार्षिक 10. अनुपमा सिंह – पंचायत बनियाखेड़ा, संभल मोटे अनाज के उत्पाद, ब्यूटी पार्लर | आय: ₹1 लाख+ वार्षिक 11. गुड़िया देवी – ग्राम केवलपुर, ब्लॉक रोहनिया, रायबरेली दुग्ध व्यवसाय | आय: ₹3.42 लाख (2024-25) 12. आशा – पंचायत सकरापार, ब्लॉक देवरिया सदर, देवरिया प्रेरणा कैंटीन, बीमा सखी | आय: ₹1 लाख+ वार्षिक 13. सुमन देवी – पंचायत अब्दुलपुर मुन्ना, ब्लॉक हल्दौर, बिजनौर प्रेरणा कैफे | आय: ₹7–8 हजार प्रतिदिन 14. मोनिका – ग्राम खग्गूपुरा, ब्लॉक संभल, जनपद संभल सौंदर्य प्रसाधन निर्माण | आय: ₹18 हजार प्रतिमाह

India–US Defence Bond मजबूत: आर्मी चीफ और अमेरिकी सेना सचिव के बीच रणनीतिक चर्चा

नई दिल्ली यूएस सेक्रेटरी ऑफ द आर्मी (अमेरिकी सेना सचिव) डैनियल पी. ड्रिस्कॉल व भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी की एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई है। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, मिलिट्री-टू-मिलिट्री सहभागिता को और गहन करने तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति दोनों सेनाओं की साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी से संबंधित कई विषयों पर बातचीत की। भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। गौरतलब है कि दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यासों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, पेशेवर आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा आपसी समन्वय को और प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर विशेष जोर देते रहे हैं। अब सेना प्रमुख व अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ द आर्मी की यह मुलाकात दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक एवं रक्षा संबंधों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के प्रति समान दृष्टिकोण पर आधारित है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका रक्षा साझेदारी पर एक ऐतिहासिक समझौता भी कर चुके हैं। कुछ महीने पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ से मुलाकात के दौरान 10 वर्षीय ‘फ्रेमवर्क फॉर द यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ पर हस्ताक्षर किए थे। रक्षा मंत्री ने कुआलालंपुर में अपने अमेरिकी समकक्ष पीटर हेगसेथ के साथ यह महत्वपूर्ण बैठक व समझौता किया था। इसके तहत दोनों देशों ने 10 वर्षों के लिए ‘यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क’ पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद भारत व अमेरिका के बीच 22वीं मिलिट्री कोऑपरेशन ग्रुप की बैठक भी हुई थी। इस बैठक में इस समझौते से जुड़े विषयों पर आगे की चर्चा हुई। इसमें रक्षा सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और संयुक्त प्रशिक्षण जैसे विषय शामिल थे। भारत व अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक 3 व 4 नवम्बर को अमेरिका के हवाई में हुई थी। यह भारत–अमेरिका सैन्य सहयोग समूह की 22वीं बैठक थी। यह भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। उस बैठक में सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, उभरती प्रौद्योगिकियों का साझा उपयोग, रक्षा उद्योग सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता जैसे विषय शामिल थे। वहीं, बीते दिनों भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी अमेरिका यात्रा पर गए थे। यहां उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षमता निर्माण के नए अवसरों पर भी विचार किया था। एडमिरल त्रिपाठी की इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय नौसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना के बीच पहले से प्रगाढ़ और सुदृढ़ समुद्री साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना था। वहीं, बीते नवंबर महीने में ही भारतीय वायुसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की वायुसेना के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वायु अभ्यास को अंजाम दिया गया था। दोनों देशों के इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य वायु सेनाओं के बीच आपसी समझ, सामरिक सहयोग और अंतरसंचालन क्षमता को बढ़ाना था।