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मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता, डकैती और लूट के मामलों का पर्दाफाश

भोपाल. लगभग 97 लाख 50हजार रूपए की चोरी गई संपत्ति जप्त, 10 आरोपी गिरफ्तार प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा निरंतर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, पुलिस ने खंडवा और मुरैना जिले में हुई गंभीर डकैती व लूट की घटनाओं का सफल एवं त्वरित खुलासा किया है। पुलिस की विशेष टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 97लाख 50हजार रूपएमूल्य की सामग्री जप्त कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुरैना – हाईवे पर हुई लूट की घटना का 04 दिनों में खुलासा थाना सिविल लाइन पुलिस ने हाईवे पर हुई लूट की घटना का सफल खुलासा करते हुए 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिनांक 22 जनवरी को फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात्रि लगभग 03 बजे एसआरडी कॉलेज के पास ए.बी. रोड मुरैना पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनकी अर्टिका कार को ओवरटेक कर रोककर हथियार के बल पर लगभग 19 लाख रूपएनगद लूट लिए गए। घटना की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक मुरैना द्वारा हाईवे पर हुई लूट की गंभीर घटना में शामिल आरोपियों की शीघ्र पतारसी, गिरफ्तारी एवं माल-मशरूका की बरामदगी हेतु एक विशेष टीम का गठन किया गया। घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया एवं घटना स्थल पर मिले भौतिक साक्ष्य एवं अन्य साक्ष्यों को एकत्रित किया गया। तदोपरांत घटनास्थल एवं आगे के रास्ते पर लगभग 300 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज चैक किया गया, मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। फरियादी के वाहन चालक की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई, वाहन चालक द्वारा फरियादी को अपने वाहन में बैठाते समय वाहन मालिक से मिलना एवं घटना के समय वाहन मालिक की उपस्थिति भी घटनास्थल पर पाई गई। उपरोक्त साक्ष्यों के आधार परवाहन चालक से पूछताछ की गई तो उसके द्वारा अपने वाहन मालिक को पैसों की जानकारी देकर उक्त लूट अपने अन्‍य साथियों के साथकरना स्वीकार किया। मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर घटना के मुख्य आरोपी सहित प्रकरण में शामिल 06 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 18लाख 50 हजार 200 रूपएनगद, घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार एवं एयर गन सहित लगभग 27 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। खंडवा – सराफा व्यापारी से हुई डकैती का पर्दाफाश जिले के पुनासा क्षेत्र में घटित सराफा व्यापारी के साथ हुई सनसनीखेज डकैती की घटना को पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पर्दाफाश किया है। घटना में अज्ञात बदमाशों द्वारा हथियारों के बल पर सोने-चांदी के आभूषणों से भरे बैग लूटे गए थे तथा घटना के दौरान मारपीट एवं फायरिंग भी की गई थी। पुलिस द्वारा गठित विशेष टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी विश्लेषण, पारंपरिक पुलिसिंग, मुखबिर तंत्र एवं अंतर-जिला समन्वय के माध्यम से संगठित गिरोह की पहचान करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण, नकद राशि, एक देशी पिस्टल एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 71 लाख 50 हजार रूपए की सामग्रीजप्तकी है । दोनों जिलों में की गई इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस संगठित अपराध, डकैती एवं लूट जैसी गंभीर घटनाओं पर त्वरित, तकनीकी एवं प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।  

कहां जाएं शिकायत लेकर सवर्ण? UGC रूल्स को चुनौती, SC में पहुंचा मामला

नई दिल्ली यूजीसी रूल्स के खिलाफ बढ़ रहे विरोध के बीच यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। शीर्ष अदालत में इसके खिलाफ याचिका दाखिल की गई है, जिसमें कहा गया है कि ऐसे नियम गलत हैं। इसके तहत सवर्ण छात्रों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। अर्जी में सवाल उठाया गया है कि आखिर जनरल कैटेगरी के छात्रों को पीड़ित की परिभाषा में जगह क्यों नहीं दी गई है। यदि उनके साथ किसी तरह का भेदभाव या फिर दुर्व्यवहार होता है तो वहां शिकायत करेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 13 जनवरी को प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूशंस रेगुलेशंस 2026 को लागू किया था। यह सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू होना है।   याचिका में कहा गया कि नए नियम उन समुदायों के छात्रों को अपने खिलाफ होने वाले शोषण के खिलाफ शिकायत करने के अधिकार से वंचित किया गया है, जो एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग से ताल्लुक नहीं रखते हैं। अर्जी में कहा गया कि आखिर सवर्ण छात्रों के साथ किसी तरह का भेदभाव होता है तो वह कहां जाएंगे। इसके अलावा अहम सवाल यह भी है कि यदि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के किसी छात्र की शिकायत को गलत पाया गया तो उनके खिलाफ कोई ऐक्शन क्यों नहीं होगा। दरअसल नए नियमों शिकायत के झूठे मामलों में कार्रवाई का प्रावधान ही हटा दिया गया है। लखनऊ से दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन, UGC दफ्तर के बाहर हल्लाबोल अदालत से मांग की गई है कि इन नियमों को वापस लिया जाए। मौजूदा प्रारूप के तहत इन्हें लागू नहीं किया जा सकता। अर्जी में कहा गया कि ये नियम तो सवर्णों के साथ ही एक तरह से भेदभाव वाले हैं और यह भेदभाव एक तरह से सरकार ने ही किया है। बता दें कि यह मामला देश भर में लगातार तूल पकड़ रहा है। दिल्ली में यूजीसी दफ्तर के बाहर इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके अलावा लखनऊ यूनिवर्सिटी में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इस मसले पर विरोध प्रदर्शन और बढ़ सकते हैं। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।  

घर के चित्र और किस्मत का कनेक्शन: जानिए कैसे बदलती है ज़िंदगी

नौकरी-व्यवसाय और पढ़ाई में सफलता पाने के लिए वास्तु के अनुसार कुछ उपाय किए जाते हैं। वास्तु के अनुसार चीजें सही नहीं होने से उनके दुष्प्रभाव भी देखे जा सकते हैं। ऐसे ही कुछ खास चित्रों को घर में लगाने से बेहद लाभ मिलता है। 7 सफेद दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लगाने से सफलता को गति मिलती है। दौड़ते हुए सफेद घोड़ों की तस्वीर में खासतौर पर 7 घोड़ों का होना जरूरी है। ऐसी तस्वीर लगाना तरक्की पाने के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है, साथ ही 7 का अंक भी ज्योतिष के अनुसार शुभ माना जाता है। इस फोटो में 7 घोड़ों के होने के पीछे तर्क है कि इंद्रधनुष के 7 रंग, सप्त ऋषि, शादी के सात फेरे, सात जन्म को हिन्दू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है। यह अंक प्राकृतिक और सार्वभौमिक माना गया है। वैसे ऐसी तस्वीर को घर और ऑफिस में कहीं पर भी लगा सकते हैं लेकिन इसे घर की पूर्व दिशा में लगाने से अधिक लाभ मिलता है। घर में प्रवेश करने के साथ ही आगंतुक की पहली नजर इस तस्वीर पर जानी चाहिए। खिलखिलाती हुई परिवार के सदस्यों की हंसती तस्वीरें जीवन में ढेरों खुशियों लेकर आती है, नकारात्मकता को कोसों दूर रखती हैं। वास्तु अनुसार जिस घर में तैरती हुई मछलियों का चित्र लगा होता है, वह सजीवता का परिचायक है। इससे फैमिली के सभी सदस्य लंबी उम्र भोगते हैं। घर में सूर्योदय, ऊंचे पहाड़ और पानी के झरने की तस्वीरें लगाना उत्तम विकल्प है। ये निराश जीवन में उम्मीद की किरण जगाती हैं।

तोगड़िया का बड़ा बयान: शंकराचार्य–योगी विवाद पर बोले ‘परिवार में तकरार सामान्य’

अयोध्या अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया अयोध्या पहुंचे। उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने रामलला का दर्शन कराया। इसके पहले तीर्थ क्षेत्र भवन रामकोट में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर कहा कि शंकराचार्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूजनीय हैें। भाइयों में तकरार हो जाती है लेकिन फिर सब ठीक हो जाएगा।   प्रवीण तोगड़िया ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि 500 सालों की प्रतीक्षा के बाद राम मंदिर निर्माण का होना देशवासियों के लिए प्रसन्नता और गर्व की बात है। उन्होंने अयोध्या वासियों को इसका श्रेय देते हुए कहा कि विभिन्न संगठनों व पूरा देश इस लड़ाई में अंतिम 40 साल में साथ खड़ा हुआ और गिलहरी की तरह अपनी भूमिका निभाई। साढ़े चार सौ साल तक यह लड़ाई अवध के लोगों ने लड़ी। यहां के पूर्वजों ने इस लड़ाई के लिए संकल्प लेकर नंगे पाव रहे और उपानह (पदवेश) का त्याग कर दिया। शंकराचार्य और योगी दोनों पूजनीय उन्होंने एक सवाल पर कोई टिप्पणी किए बिना कहा कि शंकराचार्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों हमारे लिए पूजनीय है। भाईयों में आपस में तकरार हो जाती है लेकिन फिर सब ठीक हो जाएगा। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने चारों धाम यात्रा में गैर हिन्दूओं का प्रवेश वर्जित कर बहुत पुण्य का काम किया है। उन्होंने मांग की कि हिंदू मंदिरों के बाहर फूल व पूजा सामग्री भी बेचने से भी गैर हिन्दूओं को वंचित किया जाना चाहिए। इसी तरह से एसआईआर मामले पर उनका कहना था कि हिन्दुस्थान में किसी घुसपैठिए व बांग्लादेशी को रहने का अधिकार नहीं है। उन्हें बाहर किया जाना चाहिए। इसके अलावा यूजीसी के संशोधित प्रावधानों पर कहा कि बंटेंगे तो कटेंगे इसलिए हिन्दू समाज में जाति के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।  

गणतंत्र दिवस की झांकियों में छाई ‘लखपति दीदी’, महिला आत्मनिर्भरता की झलक

भोपाल. गणतंत्र दिवस पर "लखपति दीदी" थीम पर जिलों में हुआ झांकी प्रदर्शन मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 26 जनवरी 2026 को पहली बार "लखपति दीदी" थीम पर मिशन अंतर्गत विभिन्न जिलों में झांकी प्रदर्शित की गई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिलों में आयोजित समारोहों में प्रदर्शित की गई इन झांकियों में अधिकांश जिलों को पुरस्कार मिले हैं। उज्जैन जिले मे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना विकास खण्ड के डबलाहरदू ग्राम की ड्रोन दीदी  मती रूपाली मोदी को उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए मंच से सम्मानित किया। इसी क्रम में जिलों द्वारा झांकी प्रदर्शन किया गया 38 जिलों द्वारा इसी विषय पर झांकी निकाली गई। इसमें से 10 जिलों ने प्रथम स्थान, 7 जिलों ने द्वितीय एवं 7 जिलों ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया है। प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने बाले जिलों में खरगोन, सिंगरोली, पन्ना, ग्वालियर, कटनी, नीमच, सतना, मैहर, शहडोल एवं बालाघाट शामिल हैं। द्वितीय पुरस्कार रायसेन, उज्जैन, मुरैना, लीराजपुर, झाबुआ, देवास एवं रतलाम जिले ने हासिल किया है। तृतीय पुरस्कार सीहोर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, उमरिया, छतरपुर, इंदौर एवं हरदा जिले ने प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी आजीविका मिशन  मती हर्षिका सिंह ने जिलों में प्रदर्शित होने बाली झांकियों में मिशन अंतर्गत "लखपति दीदी" थीम को शामिल करते हुए झांकी प्रदर्शन के लिए निर्देशित किया था।  

किक्स, पंच और जोश का तूफान — खेल कराटे स्कूल गेम्स सीज़न 3 ने रचा नया इतिहास

जयपुर जयपुर में खेल कराटे स्कूल गेम्स – सीज़न 3 का भव्य एवं सफल आयोजन ज्ञान विहार स्कूल में शनिवार और रविवार को किया गया। इस राष्ट्रीय स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में देश के 16 से अधिक राज्यों के 100 से ज्यादा स्कूल के खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। समापन समारोह के अवसर पर 3 लाख 50 हज़ार की राशि विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र के साथ प्रदान की गई। आयोजन का नेतृत्व धनंजय त्यागी ने निभाया जिनके मार्गदर्शन में प्रतियोगिता पूरी गरिमा, अनुशासन और खेल भावना के साथ संपन्न हुई। संस्था के प्रेसिडेंट आकाश सिंह एवं सेक्रेटरी मोहित शर्मा ने बताया कि टीम चैंपियनशिप में प्रथम स्थान जे.एस.सी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जोबनेर; दूसरा स्थान आईएमएए अकादमी जयपुर और तीसरा स्थान नॉलेज सिटी स्कूल अलवर ने प्राप्त किया। सर्वश्रेष्ठ कोच श्रेणी में उत्कृष्ट योगदान के लिए गौतम सिंह (दिल्ली) को पहला स्थान, दीपक सैनी (अलवर) को दूसरा और रजनी भंसाली (भीलवाड़ा) को तीसरे स्थान से सम्मानित किया गया। सुपर गोल्ड वर्ग में बालक वर्ग में अंडर-7 आरुष दास, अंडर-8 अतुल्य द्विवेदी, अंडर-10 वियान जैन, अंडर-12 देवांश सिंह, अंडर-14 देवम त्रिवेदी, अंडर-16 कार्तिक यादव और सीनियर ओपन में पवन जांगिड़ विजेता रहे, जबकि बालिका वर्ग में अंडर-8 वेदित्या राठौड़, अंडर-10 नैनिका नाथ, अंडर-12 ज़ील चोक्सी, अंडर-14 गरिमा बालोतिया, अंडर-19 श्रेय पटिल और सीनियर ओपन में खुशबू पंवार ने सुपर गोल्ड खिताब जीता। आयोजन को अभिभावकों और खेल प्रेमियों से भरपूर सराहना मिली।

स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने की तैयारी, राजेंद्र शुक्ला ने मांगी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की जल्द भर्ती

भोपाल मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकों की समयबद्ध भर्ती की प्रक्रिया को अहम माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हुई है। मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई है। पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जाए। समस्त औपचारिकताओं की प्राथमिकता से पूर्ति की जाए। बैठक में एएनएम के शेष रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती के लिए वर्तमान में उपलब्ध मॉडलों की विस्तृत समीक्षा कर शीघ्र आवश्यक भर्तियों की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की समय पर पदस्थापना अनिवार्य है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी तथा मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा। बैठक में नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए भर्ती से संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विभागीय जानकारी और स्पष्टीकरण शीघ्र सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने के निर्देश दिए ताकि मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो। मेडिकल कॉलेज बुधनी, मंडला, सागर और रीवा में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि पुनरीक्षित स्वीकृति से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न हो और शैक्षणिक और चिकित्सकीय सुविधाओं का विस्तार निर्धारित समय में किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा, ग्वालियर, जबलपुर सहित चिन्हित मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए अधोसंरचना विकास एवं आवश्यक उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों को अन्यत्र रेफर करने की आवश्यकता कम हो। सीएम डे केयर योजना के क्रियान्वयन के लिए जारी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए गए कि बजट की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय अधोसंरचना विकास कार्यों में विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज बुधनी, छतरपुर और दमोह में आगामी सत्र से संचालन प्रस्तावित है इसके लिए अधोसंरचना विकास कार्य पूर्ति चरण में हैं। संचालन के लिए फर्नीचर, उपकरण और आवश्यक शैक्षणिक और सहायक मैनपावर भर्ती का कार्य भी समय से पूर्ण किया जाए ताकि एनएमसी अनुमोदन की कार्यवाही पूर्ण की जा सके।

गणतंत्र दिवस पर लखपति दीदी थीम पर जिलों में हुआ झांकी प्रदर्शन

अधिकांश जिलों में आजीविका मिशन की झांकियों को मिले पुरस्कार उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ड्रोन दीदी रूपाली मोदी को सम्मानित भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 26 जनवरी 2026 को पहली बार "लखपति दीदी" थीम पर मिशन अंतर्गत विभिन्न जिलों में झांकी प्रदर्शित की गई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिलों में आयोजित समारोहों में प्रदर्शित की गई इन झांकियों में अधिकांश जिलों को पुरस्कार मिले हैं। उज्जैन जिले मे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना विकास खण्ड के डबलाहरदू ग्राम की ड्रोन दीदी श्रीमती रूपाली मोदी को उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए मंच से सम्मानित किया। इसी क्रम में जिलों द्वारा झांकी प्रदर्शन किया गया 38 जिलों द्वारा इसी विषय पर झांकी निकाली गई। इसमें से 10 जिलों ने प्रथम स्थान, 7 जिलों ने द्वितीय एवं 7 जिलों ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया है। प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने बाले जिलों में खरगोन, सिंगरोली, पन्ना, ग्वालियर, कटनी, नीमच, सतना, मैहर, शहडोल एवं बालाघाट शामिल हैं। द्वितीय पुरस्कार रायसेन, उज्जैन, मुरैना, लीराजपुर, झाबुआ, देवास एवं रतलाम जिले ने हासिल किया है। तृतीय पुरस्कार सीहोर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, उमरिया, छतरपुर, इंदौर एवं हरदा जिले ने प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी आजीविका मिशन श्रीमती हर्षिका सिंह ने जिलों में प्रदर्शित होने बाली झांकियों में मिशन अंतर्गत "लखपति दीदी" थीम को शामिल करते हुए झांकी प्रदर्शन के लिए निर्देशित किया था।  

नीतिगत फैसलों पर मुहर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक

भोपाल. टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास लिए 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंचमढ़ी नगर के साडा के नियंत्रण वाली नजूल क्षेत्र रकबा 395.931 हैक्टेयर भूमि को संशोधित कर रकबा 395.939 हैक्टेयर भूमि को पचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 9 टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों का विकास करने के लिए आगामी 5 वर्षों, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए कुल 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस नवीन योजना अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्त्रोतों का विकास, अग्नि सुरक्षा, वन्य प्राणी उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण और कौशल उन्नयन जैसे कार्य किये जायेंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना की लागत 86 करोड़ 76 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 4200 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। नर्मदापुरम जिले की तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना की लागत 128 करोड़ 71 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 6000 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 की अवधि के लिए 17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अुनसार जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए 15 हजार करोड़ रूपये और राजस्व विभाग की तहसील, जिला संभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवन का निर्माण योजनाओं के लिए 2,487 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा पिछड़े वर्ग के “बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022” के स्थान पर संशोधित योजना “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आगामी 3 वर्ष में 45 करोड़ रुपये व्यय किया जाकर प्रतिवर्ष पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।  

बस्तर विकासखंड में विकास की रफ्तार तेज, वन मंत्री केदार कश्यप ने दी 5.84 करोड़ की सौगात

रायपुर. वन मंत्री  केदार कश्यप ने बस्तर विकासखंड को दी 5.84 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री   केदार कश्यप ने आज कहा कि बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, जीर्णोंद्धार और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मंत्री   कश्यप ने आज नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बस्तर विकासखंड में 5 करोड़ 84 लाख 76 हजार रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने फरसागुड़ा, सोरगांव, चेराकुर और छोटेअलनार में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुई और ग्रामीणों को विकास योजनाओं की सौगात दी। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।             कश्यप ने कहा कि चेराकुर क्लस्टर के लिए सबसे अधिक 4 करोड़ 85 लाख 98 हजार रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 4 करोड़ 64 लाख 98 हजार रुपए की लागत से बनने वाली चेराकुर से कोलेबेडा सड़क निर्माण प्रमुख है। यह सड़क क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाएगी। साथ ही जल निकासी एवं यातायात सुधार के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिया निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया। सोरगांव और छोटेअलनार में भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की गई। सोरगांव क्लस्टर में 30 लाख 38 हजार रुपए की लागत से केशरपाल में सांस्कृतिक भवन, नयागुड़ापारा में सांस्कृतिक मंच, कुच्चीगुड़ा में सामुदायिक भवन और बनियागांव में हाई मास्क लाइट लगाने के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार छोटेअलनार में 50 लाख 50 हजार रुपए की लागत से धवड़ागुड़ा, मांझीपारा और टेमरुगुड़ा में सामुदायिक भवनों का निर्माण प्रारंभ किया गया। ग्राम पंचायत छोटेअलनार की पेयजल समस्या को दूर करने हेतु पानी टैंकर का वितरण भी किया गया। देवड़ा और तारागांव में पुलिया निर्माण का भूमिपूजन किया गया।           कार्यक्रम की शुरुआत फरसागुड़ा से हुई, जहाँ 17 लाख 90 हजार रुपए की लागत से आंगनबाड़ी केंद्र में अहाता निर्माण, शिवगुड़ी तालाब के पास मंडली भवन और भानपुरी में माता मंदिर के पास पुलिया निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया। मंत्री   कश्यप ने कहा कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और संस्कृति का संरक्षण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेराकुर-कोलेबेडा सड़क को क्षेत्र की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि 4.80 किलोमीटर लंबी यह सड़क ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि चेराकुर में जल निकासी सुधार हेतु पुलिया निर्माण भी कराया जा रहा है।          वनमंत्री   कश्यप ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने हेतु सांस्कृतिक भवन एवं सामुदायिक भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सोरगांव और छोटेअलनार में इन भवनों के निर्माण से सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में मंत्री   कश्यप ने कहा कि स्वीकृत सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को शीघ्र लाभ मिल सके। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  मती वेदवती कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष   संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य   निर्देश दीवान सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।