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नीतीश सरकार ने सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के दिए निर्देश

पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दो दर्जन से अधिक सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने जिलों को उन सड़कों की सूची भेजी है, जिनके लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। मुख्यालय स्तर पर हुई समीक्षा में पाया गया कि अधिसंख्य मामला मुआवजा भुगतान के कारण लटका हुआ है। शेरपुर-दिघवारा के बीच गंगा नदी पर छह लेन के पुल के रास्ते में मंदिर-मस्जिद और स्कूल के आ जाने से कठिनाई हो रही है। एनएच 27 के किशनगंज-बहादुरगंज खंड एलाइनमेंट में सुधार के कारण जमीन अधिग्रहण में समस्या आ रही है। इस खंड के साढ़े चार किमी हिस्से के लिए जमीन की जरूरत है। मुआवजा भुगतान का प्रबंध करने के लिए विभाग को लिखा गया है। एनएच 231 के महेशखूंट-सहरसा-पूर्णिया खंड में मरंगा एवं सुखिया मौजा के रैयत मुआवजे की दर को लेकर विरोध कर रहे हैं। एनएच 139 डब्ल्यू के बाकरपुर-मानिकपुर खंड में भी समस्या है। इस हिस्से में संरचनाओं का भुगतान बाकी हे। इसी परियोजना के मुजफ्फरपुर वाले हिस्से में अधिग्रहण का एक विवाद हाई कोर्ट में लंबित है। शेरपुर-दिघवारा के बीच गंगा नदी पर छह लेन के पुल का निर्माण हो रहा है। सारण जिला में इसके लिए 580 मीटर जमीन अधिग्रहण का मामला अटक गया है, क्योंकि अधिग्रहण के रास्ते में मंदिर, मस्जिद और स्कूल पड़ रहे हैं। एनएच 139 डब्ल्यू के साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड पर करीब 55 किमी सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई लंबित है। पश्चिमी चंपारण में भी इस सड़क के लिए करीब 24 किमी सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण होना बाकी है। इसी तरह एनएच 119 डी के लिए वैशाली जिले में भी 24 किमी सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जिला भू अर्जन अधिकारी को कहा गया है कि वे अधियाची विभाग से समन्वय बना कर मुआवजा भुगतान की गति को तेज करें। इस परियोजना के लिए दरभंगा एवं समस्तीपुर जिलों में भी जमीन अधिग्रहण हो रहा है। एनएच 119 डी के पटना जिले के खंड में भरगांवा मौजा के रैयतों के विरोध का सामना हो रहा है। यह मुआवजे की कम दर को लेकर है। निदेशक, भू अर्जन कमलेश कुमार सिंह ने जिला भू अर्जन पदाधिकारियों को कहा है कि वे संबंधित विभागों एवं रैयतों के बीच समन्वय कर अधिग्रहण की कार्रवाई तेज करें।

हर जिले की पहचान एक उत्पाद से जोड़कर संतुलित आर्थिक विकास को दी गति

निर्यात, रोजगार व आय वृद्धि के आंकड़ों ने ओडीओपी को साबित किया सफल मॉडल लखनऊ,  उत्तर प्रदेश का ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) मॉडल आज देश के विकास विमर्श का केंद्र बन चुका है। वर्ष 2018 की यह पहल अब सिर्फ केवल एक सरकारी योजना नहीं,  बल्कि जिला आधारित आर्थिक बदलाव का सशक्त उदाहरण बन गई है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की इस विशिष्ट योजना ने प्रमाणित कर दिया कि यदि स्थानीय जरूरतों और पारंपरिक शक्तियों के अनुरूप नीति बनाई जाए, तो उसका असर धरातल पर स्पष्ट परिलक्षित होता है। ओडीओपी मॉडल की सफलता का प्रभाव प्रदेश के निर्यात आंकड़ों में भी स्पष्ट दिखता है। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश का निर्यात 88 हजार करोड़ रुपये था, जिसमें ओडीओपी निर्यात की हिस्सेदारी 58 हजार करोड़ थी। यह निर्यात वर्ष 2024 में बढ़कर 186 हज़ार करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें ओडीओपी निर्यात की हिस्सेदारी 93 हजार करोड़ है। यह उल्लेखनीय वृद्धि ओडीओपी को मिले समर्थन का स्पष्ट उदाहरण है। अब उत्तर प्रदेश का ओडीओपी मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए ब्लूप्रिंट के रूप में देखा जा रहा है। जिला आधारित उत्पाद रणनीति ने निर्यात को जमीनी स्तर तक मजबूत किया और छोटे उत्पादक भी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ सके हैं। ओडीओपी योजना की मूल अवधारणा हर जिले की एक विशिष्ट पहचान तय करने की रही है। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में स्थानीय पारंपरिक कला उद्योग या उत्पाद को चिन्हित कर उसे सरकारी संरक्षण में बाजार तक पहुंच और ब्रांडिंग का सहारा दिया गया। मुरादाबाद के पीतल, बनारस की बुनकरी, फिरोजाबाद के कांच, कन्नौज के इत्र और भदोही के कालीन जैसे उत्पादों को इसी सोच के माध्यम से नई पहचान हासिल हुई है। योगी सरकार के इस मॉडल ने असंतुलित क्षेत्रीय विकास की बड़ी समस्या का समाधान किया, जिसे वर्षों से नजरअंदाज किया जा रहा था। पहले औद्योगिक विकास कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित रहता था, लेकिन ओडीओपी के बाद छोटे जिले व कस्बे भी आर्थिक गतिविधियों के केंद्र बनने लगे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े और पलायन पर भी प्रभावी नियंत्रण लगा। प्रदेश सरकार के आंकड़ों के अनुसार ओडीओपी के चलते कारीगरों व छोटे उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ओडीओपी स्किल डेवलपमेंट व टूलकिट वितरण योजना के तहत बड़ी संख्या में कारीगरों को प्रशिक्षण दिया गया है। आधुनिक टूलकिट प्रशिक्षण और आसान वित्तीय सहायता ने पारंपरिक काम को आधुनिक बाजार से जोड़ा। प्रदेश में अब तक 1.25 लाख से अधिक टूलकिट्स का वितरण किया जा चुका है। इससे स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया और उनकी पहुंच केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रही, वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच बना रहे हैं। ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के माध्यम से अब तक 6,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे सूक्ष्म,  लघु व मध्यम उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में उद्यमिता को नई गति मिली है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 में ओडीओपी को विशेष मंच दिया गया। इस आयोजन में ओडीओपी पवेलियन में 466 स्टॉल लगाए गए, जिनसे करीब 20.77 करोड़ रुपये की बिजनेस लीड/डील सामने आईं। इसी तरह प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान 6,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में ओडीओपी प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें जीआई टैग वाले प्रदेश के 44 ओडीओपी उत्पाद प्रदर्शित किए गए।

राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी 30 जनवरी को भोपाल में

भोपाल. उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में पुष्प उत्पादन को व्यावसायिक स्वरूप दिया जाएगा। पुष्पों के उत्पादन के प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिये 30 जनवरी को राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा गुलाब उद्यान में किया जायेगा। प्रदर्शनी में पुष्प उत्पादक कृषक, पुष्प विशेषज्ञ, नर्सरी व्यवसाय से जुड़े उद्यमी, पुष्प उत्पादक संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यलयों के छात्र तथा पुष्प प्रेमी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुष्प उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश के लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है जिसमें 5 लाख मी.टन फूलों का उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है। प्रदेश में लगभग 40 हजार किसान फूलों की खेती से जुडे हुए है। मंत्री  कुशवाह ने बताया कि राज्य शासन का लक्ष्य फूलों के उत्पादन के व्यावसायिक स्वरूप प्रदान करते हुए किसानों की आय को दोगुना करना है। मध्यप्रदेश को पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना है। प्रदेश के ऐसे धार्मिक स्थान और शहर जिनमें फूलों की अधिक मांग रहती है उनके आस-पास पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने कार्य योजना बनायी गई है। इसी कडी में उद्यानिकी विभाग द्वारा 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को बडे अवसर के रूप में देख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन के यादव पहल पर उज्जैन के आस पास लगभग 100 एकड में फूल उत्पादन का विशेष क्लस्टर विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है। मंत्री  कुशवाह ने बताया कि प्रदेश के गुना जैसे छोटे जिले के किसानों द्वारा गुलाब उत्पादन में देश और विदेश में नई पहचान बनाई है। गुना का गुलाब दिल्ली, मुम्बई, बैंगलौर सहित विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा फूलों के उत्पादन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) से भी जोडा गया है। अनेक हितग्राही योजना का लाभ उठा कर फूलों से बनने वाले उत्पादों से जुडे़ हुए है। मंत्री  कुशवाह ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी बहु-उद्देशीय है         • फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर कृषकों की आय में वृद्धि करना।         • विभिन्न प्रजातियों में फूलों के व्यावसायिक उत्पादन को प्रोत्साहित करना।         • कृषकों को नवीन तकनीकों, उन्नत किस्मों एवं आधुनिक उत्पादन विधियों से जोड़कर उन्हें प्रोत्साहित करना।         • पुष्प उत्पादन एवं शोभायमान पौधों का उत्पादन करने वाली नर्सरियों को बढ़ावा देना।         • शहरी क्षेत्रों में शोभायमान वाटिकाओं, उद्यानों एवं हरित परिवेश के प्रति नागरिकों की रुचि विकसित करना।         • आमजन में पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं उद्यानिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना।         पुष्प प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण पुष्पों एवं प्रसंस्कृत उत्पादों का भव्य प्रदर्शनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित दुर्लभ, आकर्षक एवं रंग-बिरंगी पुष्प प्रजातियों तथा पुष्पों से निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से-         • बहुवर्षीय पुष्प: गुलाब, ज़रबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, ऑर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुड़हल, बोगनवेलिया आदि।         • मौसमी (एन्युअल) पुष्प: जीनिया, पैंजी, फ्लॉक्स, एस्टर, मेरीगोल्ड, जिरेनियम आदि।         • गमलों में शोभायमान पौधे: क्रोटन, ड्रैसीना, कोलियस, पाम, पर्पल हार्ट/जीजस हार्ट आदि।         · विशेष श्रेणियाँ: कैक्टस समूह, बोन्साई समूह एवं पुष्पों के प्रसंस्कृत उत्पाद।         उद्यानिकी कृषकों एवं उद्यमियों का सम्मान पुष्प एवं शोभायमान पौधों के उत्पादन तथा पुष्प प्रसंस्करण से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, उद्यमियों एवं समूहों को प्रदर्शनी के दौरान सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।         थीम आधारित कलात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजन स्थल पर पुष्पों से निर्मित कलात्मक आकृतियाँ, थीम आधारित संरचनाएँ एवं रचनात्मक डिज़ाइन प्रदर्शित की जाएँगी, जो प्रकृति, उद्यानिकी, कृषि एवं नवाचार का जीवंत संगम प्रस्तुत करेंगी। राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र की असीम संभावनाओं को उजागर करने के साथ-साथ हरित एवं सतत विकास का सशक्त संदेश देगा।  

हरियाणा में 10वीं-12वीं के फरवरी से शुरू होंगे एग्जाम

चंडीगढ़. हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं का शेड्यूल वेबसाइट पर जारी कर दिया है। बोर्ड के शेड्यूल के हिसाब से 25 फरवरी से बारवहीं का पहला पेपर अंग्रेजी विषय का होगा जबकि 26 फरवरी को दसवीं के गणित की पहली परीक्षा ली जाएगी। पूरे प्रदेश में 5.21 लाख परीक्षार्थी बोर्ड का एग्जाम देंगे। बोर्ड ने दो किलोमीटर दायरे में ही परीक्षा केंद्र बनाए हैं। वहीं उत्तर पुस्तिका पर पहली बार बार कोड दिया जाएगा। बोर्ड ने यह व्यवस्था नकल रोकने के लिए की है।  एक ही सत्र में आयोजित होंगी परीक्षाएं हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तरफ से जारी डेटशीट के हिसाब से दसवीं और बारहवीं का एग्जाम दोपहर साढ़े 12 बजे से साढ़े तीन बजे तक एक ही सत्र में आयोजित होगा। परीक्षार्थियों के मूल विद्यालय से दो किलोमीटर के दायरे में ही परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यानी ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए शहर नहीं जाना होगा। उन्हें नजदीकी सरकारी या फिर निजी विद्यालय में गठित परीक्षा केंद्र के अंदर ही परीक्षा देनी होगी।

ऊर्जा क्षेत्र को नई रफ्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में बिजली उत्पादन के बड़े करार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए अनुबंध (एमओयू) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है। प्रदेश में 60 हजार करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के  जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के  एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के  रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था। इसके अनुसार मेसर्स हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, मेसर्स टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा मेसर्स अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अडाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिये विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।  

पहले दिन ही ट्विस्ट पर ट्विस्ट! The 50 में एलिमिनेशन, 10 कैप्टन का ऐलान और फेमस सिंगर का सरप्राइज़ विज़िट

मुंबई रियलिटी शोज 'द 50' रविवार, 1 फरवरी से जियोहॉटस्टार और कलर्स टीवी पर शुरू होने जा रहा है। लेकिन इसकी शूटिंग 26 जनवरी से ही शुरू हो गई है। और कंटेस्टेंट्स ने पहला टास्क भी कर लिया है और उसमें से एक सदस्य एलिमिनेट भी हो चुका है। साथ ही शो में 10 कैप्टन भी बनाए गए हैं और टीमों को पांच ग्रुप्स में बांट दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, The 50 की शूटिंग दुबई में नहीं, बल्कि मुंबई के मलाड-मालवानी में बने सेट पर हो रही है। जिस आलीशान महल में सभी 50 कंटेस्टेंट्स रहेंगे, उसकी झलक तो पहले ही दिखाई गई थी। साथ ही हर एक कोने के बारे में भी बताया गया था कि वहां पर किसे फायदा और किसे नुकसान होगा। कहां पर टास्क होगा और कहां पर शांति और सुकून का अनुभव किया जा सकेगा। 'द 50' के 10 कैप्टन और पहले गेस्ट इस शो के बारे में 'बिग बॉस तक' ने बताया है कि इसमें पहले गेस्ट के रूप में एक दिन के लिए हिमेश रेशमिया आए हैं। साथ ही 10 कैप्टन्स का भी चुनाव किया जा चुका है, जिनके नाम राजकुमार नरूला, राजत दलाल, निक्की तंबोली, फैजु, करण पटेल, उर्वशी ढोलकिया, मोनालिसा, रचित, श्रुतिका अर्जुन और कृष्णा श्रॉफ हैं। और प्रत्येक की टीम में 5-5 कंटेस्टेंस रखे गए हैं। 'द 50' से पहला एलिमिनेशन शो का पहला टास्क भी हुआ, जिसका नाम एरीना टास्क था। और इसमें से लवकेश कटारिया एलिमिनेट भी हो गए हैं। हालांकि इसके बारे में ऑफिशियल कंफर्मेशन नहीं है। इसके लिए इंतजार करना होगा। प्रीमियर 1 फरवरी को रात 9 बजे जियोहॉटस्टार पर और रात 10:30 बजे कलर्स टीवी पर होगा। देखना होगा कि ये दर्शकों को कितना पसंद आता है और TRP में इसको क्या जगह मिलती है। 'द 50' के कंटेस्टेंट्स करण पटेल, मिस्टर फैजू, दिव्या अग्रवाल, मोनालिसा, विक्रांत सिंह, शाइनी दोशी, दुष्यंत कुकरेजा, रिद्धी डोगरा, शिव ठाकरे, नीलम गिरी, चाहत पांडे, हामिद बार्कजी, डिंपल सिंह, मैक्स्टर्न, सुमायरा शेख, लवकेश कटारिया, सीवेट तोमर, नेहल चुडासमा, कृष्णा श्रॉफ, सपना चौधरी, निक्की तंबोली, अरबाज पटेल, वंशज सिंह, प्रिंस नरूला, युविका चौधरी, अर्चना गौतम, बेबिका ध्रुवे, रजत दलाल, जान्हवी किल्लेकर, युंग सैमी, अदनान शेख, लक्ष्य कौशिक, अर्चित कौशिक, दिग्विजय राठी, नतालिया, खानजादी, फैज बलोच, रचित रोझा, सिद्धार्थ भारद्वाज, डिनो जेम्स, आर्या जाधो, सौरभ घड़गे, मनीषा रानी, आरूष चावला, रिद्धिमा पंडित और श्रुतिका अर्जुन शो के कंटेस्टेंट हैं।

कोडीन कफ सिरप केस का 50 हजार का इनामी हरियाणा से गिरफ्तार

चंडीगढ़. कोडीनयुक्त सीरप और नशीली दवाएं बेचने के आरोपित 50 हजार के इनामी विनोद अग्रवाल को क्राइम ब्रांच और कलक्टरगंज थाना पुलिस ने हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से गिरफ्तार किया है। उस पर उत्तर प्रदेश, हिमाचल समेत 12 राज्यों में 65 से ज्यादा फर्जी फर्में बनाकर बिक्री करने का आरोप है। क्राइम ब्रांच विनोद अग्रवाल के बेटे समेत अन्य आरोपितों की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। औषधि लाइसेंस की आड़ में एनडीपीएस श्रेणी से संबंधित कोडीनयुक्त सीरप व नशीली दवाएं खरीदने और बेचने वाली फर्मों के खिलाफ औषधि निरीक्षक ने दो माह के भीतर कलक्टरगंज थाने में चार, रायपुरवा, कल्याणपुर, हनुमंत विहार थाने में एक-एक मुकदमे कराए थे। इसमें अग्रवाल ब्रदर्स के संचालक फीलखाना के पटकापुर में रहने वाले विनोद अग्रवाल, उनका बेटा शिवम अग्रवाल, अनमोल गुप्ता, मंजू शर्मा, अभिषेक शर्मा व वेदप्रकाश शिवहरे, सुमित केसरवानी आरोपित हैं। प्रकरण की जांच एसआइटी कर रही है। हालांकि पहले थानों से भी विवेचना की जा रही थी, जिसे एक सप्ताह पहले क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपितों ने उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, हिमाचल, ओडिशा, असम, मिजोरम राज्यों के जिलों में 200 से अधिक फर्में बनाकर लगभग 12 लाख शीशियां कोडीनयुक्त सीरप व नशीली दवाओं की बिक्री होना दिखाया था। कलक्टरगंज थानाध्यक्ष विनय तिवारी ने बताया कि आरोपित विनोद अग्रवाल की अग्रवाल ब्रदर्स से जुड़ी लगभग 65 फर्में फर्जी बताई जा रही हैं। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। 

भव्य विक्रमोत्सव-2026 को लेकर मंथन, मुख्यमंत्री ने समत्व भवन में की अहम बैठक

भोपाल.  मुख्यमंत्री ने समत्व भवन में विक्रमोत्सव- 2026 की तैयारियों के संबंध में ली बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य के साहस और सृजन ने शौर्य और संगठन के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित विक्रमोत्सव में उनके व्यक्तित्व के सभी आयामों का प्रभावी प्रकटीकरण सुनिश्चित किया जाए। नई पीढ़ी को सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से परिचित कराना, भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक परंपरा की निरंतरता के लिए आवश्यक है। विक्रमोत्सव देश-प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना का प्रभावशाली प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि आयोजन पूर्ण भव्यता, सुव्यवस्था और सांस्कृतिक गरिमा के उच्चतम मानकों के अनुरूप हो। उन्होंने उज्जैन में होने वाले विक्रमोत्सव-2026 की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन की समग्र रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं विभागीय समन्वय की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिवशेखर शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन प्रदेश तथा अन्य राज्यों के प्रमुख नगरों में भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल-कालेजों में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत हो रहे विक्रमोत्सव में कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएं। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, नरवाई के प्रबंधन, दुग्ध उत्पादक स्वस्थ पशुओं की प्रतियोगिता और उद्यानिकी को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित गतिविधियों को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सम्राट विक्रामादित्य के वैज्ञानिक पक्ष पर केंद्रित आयोजनों में विज्ञान महाविद्यालय, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को भी जोड़ा जाए। सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण में भारत सरकार की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उसे भव्य और राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाए। बैठक में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत उज्जैन में होने वाली गतिविधियों की निम्नानुसार जानकारी दी गई-     15 फरवरी,2026- अनादि देव शिव की कलाओं का शिवार्चन, म.प्र. के सभी शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ, कलश यात्रा, विक्रमोत्सव-2026 का शुभारंभ, शिवोSहम- प्रीतम एवं बैंड की प्रस्तुति, शिवनाद।     प्रदर्शनियां- विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, अस्त्र-शस्त्र, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक के संयोजन पर प्रदर्शनी।     विक्रम व्यापार मेला।     16 फरवरी से 20 फरवरी – शिव पुराण।     16 से 25 फरवरी- विक्रम नाट्य समारोह के अंतर्गत राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की नाट्य प्रस्तुतियाँ।     26 से 28 फरवरी- अंतर्राष्ट्रीय इतिहास समागम, पुतुल समारोह, अंतराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी।     28 फरवरी से एक मार्च- विक्रमादित्य का न्याय पर वैचारिक समागम।     2 मार्च – अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।     7 मार्च – लोकरंजन- विभिन्न बोलियों में सम्राट विक्रमादित्य पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।     10 – 12 मार्च – संगीत के उद्भव और विकास पर अनहद वैचारिक समागम।     13 – 14 मार्च – अंतर्राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी।     13 – 17 मार्च – पौराणिक फिल्मों के अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में 20 से अधिक देशों की फिल्मों का प्रदर्शन।     17- 18 मार्च – भारतीय विज्ञान शोध संगोष्ठी।     18 मार्च – वेद अंताक्षरी।     19 मार्च – गुड़ी पड़वा पर रामघाट दत्त अखाड़ा पर सूर्योपासना।     इसके साथ ही 19 मार्च वर्ष प्रतिपदा, सृष्टि आरंभ दिवस को उज्जयिनी गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम शिप्रा नदी के तट पर होगा, जिसके अंतर्गत सम्राट विक्रमादितय अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 व आर्ष भारत द्वितीय संस्करण के लोकार्पण के साथ ही महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य की प्रस्तुति होगी। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम सांगितिक प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी। गुड़ी पड़वा पर प्रदेश के सभी जिलों में विक्रमोत्सव का आयोजन होगा। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन  राघवेंद्र कुमार सिंह, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय तथा प्रबंध संचालक म.प्र. पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैया राजा टी, आयुक्त जनसम्पर्क  दीपक कुमार सक्सेना तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उज्जैन के जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी भी शामिल हुए।  

कलिंगा लांसर्स की सफलता का राज क्या? कप्तान आर्थर वान डोरेन ने खोला जीत का मंत्र

भुवनेश्वर कलिंगा लांसर्स के कप्तान आर्थर वैन डोरेन ने हॉकी इंडिया लीग 2025-26 का खिताब जीतने के बाद इस सफलता का श्रेय टीम की मजबूत केमिस्ट्री, सामूहिक सोच और घरेलू दर्शकों के शानदार समर्थन को दिया है। सोमवार को कलिंगा हॉकी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में कलिंगा लांसर्स ने रांची रॉयल्स को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। खिताब जीतने के बाद आर्थर वैन डोरेन ने कहा, "इतने कम समय में टीम को एकजुट करना सबसे बड़ी चुनौती थी। एक बॉन्ड बनाने और एक टीम के रूप में खड़े होने के लिए चार सप्ताह बहुत कम समय होता है। यह आसान नहीं था, लेकिन जिस तरह से हमने खुद को ढाला और मैदान पर प्रदर्शन किया, उस पर हमें बेहद गर्व है। हमने एक अच्छी और मजबूत यूनिट बनाई और वही आज पिच पर दिखी।" फाइनल मुकाबले को लेकर आर्थर ने रांची रॉयल्स की तारीफ करते हुए कहा कि वे टूर्नामेंट की सबसे अटैकिंग और मनोरंजक टीमों में से एक हैं। हम पहले भी उनसे कई बार खेल चुके थे, इसलिए हमें पता था कि हमें आक्रामक सोच के साथ उतरना होगा। ऐसी टीम के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन करना हमारे लिए बहुत मायने रखता है। मैच के अंतिम क्षणों में एक गोल की बढ़त होने के बावजूद, लांसर्स ने पूरी तरह रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय अपना प्राकृतिक गेम खेलना जारी रखा। आर्थर ने कहा, "सिर्फ पीछे बैठकर डिफेंस करने से दबाव बढ़ता है। हमने सकारात्मक रहकर आक्रामक खेलना जारी रखा और एक यूनिट के तौर पर मजबूती से खड़े रहे।" आर्थर वैन डोरेन ने घरेलू दर्शकों के योगदान को खास बताते हुए कहा कि घरेलू दर्शकों की ऊर्जा हमें अतिरिक्त ताकत देती है। वह माहौल शानदार था और हमने हर पल का भरपूर आनंद लिया। पूरे टूर्नामेंट में कलिंगा लांसर्स का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम को केवल एक हार का सामना करना पड़ा, वह भी एक डेड रबर मुकाबले में, जब वे पहले ही लीग स्टेज में टॉप पर रहते हुए क्वालिफायर-1 में जगह बना चुके थे।

हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले- रिहायशी इलाकों से हटाई जा रहीं हाईटेंशन लाइनें

चंडीगढ़. हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश के जिन क्षेत्रों में कालोनियां बस गई हैं और उनके ऊपर से यदि 33 केवी या 66 केवी की बिजली की तारें जा रही हैं तो उनको हटाने की कोशिश की जा रही है। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश के जिन क्षेत्रों में कालोनियां बस गई हैं और उनके ऊपर से यदि 33 केवी या 66 केवी की बिजली की तारें जा रही हैं तो उनको हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आई तेज हवाओं व बारिश के चलते उखड़े हुए खंभों व प्रभावित हुए फीडर व ट्रांसफार्मरों को ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति सुचारू हो सके, इसके लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। आंधी व बारिश से सैकड़ो खंभे टूट गए थे और ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए थे। उनके नुकसान का बिजली निगम आकलन कर रहा है। उपभोक्ताओं के सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हमारी सरकार देश की संस्कृति को और मजबूत करने का काम कर रही है। जनता के हित में काम किये जा रहे हैं।