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श्रीनगर में सैलानियों का सैलाब, सुहावने मौसम ने खींचा पर्यटकों को

जम्मू, जम्मू-कश्मीर में मंगलवार सुबह से बर्फबारी तेज हो गई है। साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “नवयुग टनल के अंदर और आसपास ताजा बर्फबारी के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (एनएच-44) बंद है। जम्मू से श्रीनगर और इसके विपरीत किसी भी गाड़ी को जाने की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा, मुगल रोड, एसएसजी रोड और सिंथन रोड पहले से ही बंद हैं।” लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक ये सड़कें पूरी तरह से ठीक नहीं हो जातीं और ट्रैफिक के लिए सुरक्षित घोषित नहीं हो जातीं, तब तक इन सड़कों पर यात्रा न करें। सर्दियों की तेज ठंड का 40 दिन का समय, जिसे स्थानीय रूप से ‘चिल्लई कलां’ कहा जाता है, 21 दिसंबर को शुरू हुआ था और 30 जनवरी को खत्म होगा। चिल्लई कलां के आखिर में हुई बर्फबारी ने कश्मीरियों की आने वाले महीनों में पानी के स्रोतों के बने रहने की चिंताओं को दूर कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में एक पर्यटक ने कहा, “कश्मीर में आकर बहुत अच्छा लग रहा है और बर्फ गिर रही है। लोगों को जरूर यहां आना चाहिए और इस जगह को देखना चाहिए। बर्फबारी की वजह से मौसम बहुत अच्छा हो गया है। हम अपने परिवार के साथ घूमने आए हैं, लेकिन कई रास्ते बंद होने की वजह से हम लोगों को परेशानी भी हो रही है।” एक और पर्यटक ने कहा, “बहुत समय बाद फिर से बर्फबारी हो रही है। यह हमारे लिए बहुत खुशी का पल है, हम इसी के लिए यहां आए थे, ट्रैफिक पुलिस हमारी बहुत सहायता कर रही है। लोगों को परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” एक पर्यटक ने कहा, “मैंने कश्मीर के बारे में बहुत कुछ सुना था और इसे देखा भी था। यह जगह सच में जन्नत है। कल तक बर्फ नहीं थी, और मुझे लगा कि मेरी किस्मत खराब है। लेकिन आज सुबह मैंने हर जगह भारी बर्फबारी देखी, सब कुछ बर्फ से ढक गया है। सच में, कश्मीर जन्नत है।”  

अयोध्या जाना हुआ आसान: 13 फरवरी से चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानें किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी

भोपाल आने वाले फरवरी और मार्च के महीने में अगर आप अयोध्या जाने का प्लान कर रहे है तो ये खबर आपके काम की है। जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने अयोध्या जाने वाले यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेन (Special Train) चलाने का फैसला लिया है। ये स्पेशल ट्रेन तीन राज्यों को कवर करके चलेगी। इसकी शुरुआत गुजरात के उधना जंक्शन से होगी। यह संचालन दोनों दिशाओं में सात-सात फेरे के लिए किया जाएगा। ट्रेन में एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी की बोगियां होंगी। जानें क्या रहेगी ट्रेन की टाइमिंग रेलवे गुजरात के उधना जंक्शन से लखनऊ होकर अयोध्या कैंट के लिए 13 फरवरी से स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू होगा। ट्रेन नंबर 09093 उधना से 13 फरवरी से 27 मार्च तक प्रत्येक शुक्रवार की सुबह 7:25 बजे चलेगी। यह ट्रेन वडोदरा, गोधरा, रतलाम, उज्जैन, बीना, झांसी, कानपुर के रास्ते शनिवार 7:45 बजे लखनऊ पहुंचेगी।   यहां से छूटने के बाद ट्रेन बाराबंकी होकर सुबह 08:30 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। इसी तरह वापसी यात्रा में 09094 स्पेशल अयोध्या कैंट से 14 फरवरी से 28 मार्च तक प्रत्येक शनिवार को शाम 5:17 बजे छूटेगी। यह ट्रेन शाम 6:40 बजे लखनऊ होते हुए रविवार शाम 5:15 बजे उधना पहुंचेगी। एमपी के इन स्टेशनों में होगा स्टॉपेज ये ट्रेन मध्यप्रदेश के रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, सीहोर, संत हिरदाराम, बीना में रुकेगी। आगे ये ट्रेन कानपुर, लखनऊ के रास्ते अयोध्या जाएगी। ये ट्रेन कुल 15 स्टेशनों में रुकेगी।   इस ट्रेन में टिकट बुक करने के लिए आप IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (irctc.co.in) या IRCTC Rail Connect ऐप का उपयोग कर सकते हैं। ऐप में लॉगिन करें, यात्रा का विवरण (स्थान, तारीख) दर्ज करें, ट्रेन चुनें, यात्री विवरण भरें और UPI/डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान करें। इसके अलावा, आप रेलवे स्टेशन काउंटर पर भी टिकट ले सकते हैं।

सड़कों पर उतरी करणी सेना, UGC नीति के विरोध में 1 फरवरी को देशव्यापी बंद

इंदौर विश्विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के द्वारा नई नीति के विरोध में करणी सेना आ गई है। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के स्थित देवी अहिल्या बाई विश्विद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और साथ कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा। परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया देवी आहिल्या बाई विश्वविद्यालय के आरएनटी मार्ग स्थित परिसर में करणी सेना के कार्याकर्ताओं द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान करणी सेना अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार को हनुमान जी सरकार सद्बुद्धि दें। हम लोग शिक्षा में समानता के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान अनुराग सिंह ने बताया कि यूजीसी के प्रस्ताव के खिलाफ हम एक फरवरी को भारत बंद करेंगे। इसके बाद दो फरवरी को मध्यप्रदेश के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपकर, उनसे पूछेंगे कि वह यूजीसी के इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं या समर्थन करते हैं। अगर वह विरोध करते हैं तो उनके लिखित में आश्वासन लेंगे कि वह केंद्र सरकार के सामने हमारी बात को रखें। वहीं, यूजीसी के प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसदों को चूड़ियां भेंट की जाएंगी और उनकी अर्थी भी निकालेंगे। सभी जगह समर्थन करने वाले सांसदों का विरोध किया जाएगा। दरअसल, यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा 13 जनवरी को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस’ नाम से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। जिसमें 15 जनवरी से देशभर की यूनिवर्सिटीज-कॉलेज में लागू कर दिया गया है। इसको लेकर सरकार ने दावा किया है कि इससे कॉलेजों में जाति, धर्म, लिंग, नस्ल, जन्मस्थान, विकलांगता के आधार पर होने वाला भेदभाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा। साथ ही नए नियम के अनुसार, हर यूनिवर्सिटी-कॉलेज को ईओसी बनाना जरूरी होगा।

सिलेंडर की बची गैस चेक करना हुआ सुपर आसान, ये ट्रिक आजमाएं

नई दिल्ली आज के समय में लगभग हर घर की रसोई गैस सिलेंडर पर निर्भर है। सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, गैस के बिना रसोई का काम रुक जाता है। ऐसे में अगर अचानक खाना बनाते वक्त गैस खत्म हो जाए, तो परेशानी बढ़ जाती है, खासकर सुबह की जल्दी या मेहमानों के आने पर। अक्सर लोगों को यह पता नहीं होता कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है। हालांकि, कुछ आसान घरेलू तरीकों से बिना किसी मशीन या तकनीकी जानकारी के घर बैठे ही गैस का अंदाजा लगाया जा सकता है। गीले कपड़े से करें गैस की पहचान यह सबसे आसान और कारगर तरीका माना जाता है। एक साफ कपड़ा पानी में भिगोकर निचोड़ लें और उसे सिलेंडर के ऊपर से नीचे तक फेर दें। कुछ देर बाद सिलेंडर का जो हिस्सा जल्दी सूख जाए, वह खाली होता है, जबकि नीचे का ठंडा और गीला हिस्सा गैस की मौजूदगी दिखाता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिलेंडर आधा है या लगभग खत्म होने वाला है। वजन से भी जान सकते हैं गैस हर LPG सिलेंडर पर उसका खाली वजन यानी टेयर वेट लिखा होता है। अगर घर में वेट मशीन हो, तो सिलेंडर का कुल वजन नापें और उसमें से टेयर वेट घटा दें। जो वजन बचेगा, वही अंदर मौजूद गैस का होगा। घरेलू सिलेंडर में आमतौर पर 14.2 किलो गैस भरी जाती है। चूल्हे की लौ भी देती है संकेत अगर चूल्हे की लौ पहले जैसी तेज नहीं जल रही, बार-बार धीमी हो रही है या खाना पकने में ज्यादा समय लग रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि गैस कम हो रही है। हालांकि, यह तरीका पूरी तरह सटीक नहीं होता, लेकिन सतर्क रहने में मदद करता है।   गैस लेवल इंडिकेटर डिवाइस आजकल बाजार में गैस लेवल बताने वाले छोटे गैजेट्स भी उपलब्ध हैं। ये सिलेंडर के बाहर लगते हैं और रंग या डिजिटल संकेत के जरिए बताते हैं कि गैस ज्यादा है या खत्म होने वाली है। कुछ डिवाइस मोबाइल ऐप से भी जुड़ते हैं और समय रहते रीफिल बुक करने में मदद करते हैं।  

रिटायरमेंट की अटकलों पर केएल राहुल ने तोड़ी चुप्पी, कहा– अभी क्रिकेट बाकी है!

नई दिल्ली भारत के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने स्वीकार किया है कि संन्यास लेने का विचार उनके मन में आया था, लेकिन उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि अभी इसमें ‘कुछ समय बाकी है’। जब समय आएगा तो वह इसमें देर नहीं लगाएंगे। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन के साथ बातचीत में राहुल ने कहा कि संन्यास लेना कोई मुश्किल फैसला नहीं होगा क्योंकि क्रिकेट के अलावा भी जीवन है। KP से बातचीत में KL ने खोला दिल भारत की टेस्ट और वनडे टीमों के प्रमुख खिलाड़ी 33 वर्षीय राहुल ने पीटरसन से उनके यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘मैंने इसके बारे में सोचा है। मुझे नहीं लगता कि यह (संन्यास लेना) इतना मुश्किल होगा। अगर आप खुद के प्रति ईमानदार हैं तो जब समय आएगा तब इसे टालने का कोई मतलब नहीं होगा। निश्चित तौर पर इसमें अभी कुछ समय लगेगा।’ राहुल ने 67 टेस्ट मैचों में 35.8 के औसत से 4,053 रन और 94 वनडे मैचों में 50.9 के औसत से 3,360 रन बनाए हैं। उन्होंने 72 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 37.75 के औसत और 139 के स्ट्राइक रेट से 2,265 रन भी बनाए हैं। 'मैं खुद को सुपरस्टार नहीं मानता' राहुल ने कहा कि वह खुद को सुपरस्टार या बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं मानते हैं, जिससे उन्हें लगता है कि भविष्य में संन्यास का फैसला करना आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘बस चुपचाप (खेलना) छोड़ दो। जो कुछ तुम्हारे पास है, उसका आनंद लो। तुम्हारा परिवार भी है, इसलिए बस वही करो जो तुम्हें अच्छा लगे। यही सबसे कठिन है। इसलिए मैं खुद को यही समझाने की कोशिश करता हूं कि मैं बहुत महत्वपूर्ण नहीं हूं।’ 'जब से पिता बना तबसे जीवन को लेकर मेरा नजरिया ही बदल गया' राहुल ने कहा, ‘हमारे देश में क्रिकेट चलता रहेगा। दुनिया भर में क्रिकेट चलता रहेगा। जीवन में और भी महत्वपूर्ण चीजें हैं और मुझे लगता है कि यह सोच मेरी हमेशा से रही है, लेकिन जब से मैं पिता बना हूं तब से जीवन के प्रति मेरा नजरिया पूरी तरह बदल गया है। यही मेरी सोच है।’ इस स्टाइलिश बल्लेबाज ने कई चोटों से जूझने की ‘सबसे मुश्किल जंग’ के बारे में भी खुलकर बात की, जिसके कारण उन्हें शीर्ष स्तर पर अपनी निरंतरता को लेकर सवाल उठाने पड़े। 'खुशकिस्मत हूं, क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया' उन्होंने कहा, ‘ऐसा भी समय था जब मैं चोटिल हो गया। मुझे कई बार चोट लगी है और यही सबसे मुश्किल चुनौती होती है। यह वो दर्द नहीं है जो फिजियोथेरेपिस्ट या सर्जन आपको देते हैं। यह मानसिक द्वंद्व है जहां आपका मन हार मान लेता है। जब ऐसा बार-बार होता है, तो आपका मन सोचने लगता है, तुमने बहुत कुछ कर लिया है। तुम भाग्यशाली रहे हो कि क्रिकेट ने तुम्हें पर्याप्त पैसा दिया है। तुम इससे आगे कई साल गुजार सकते हो।’ राहुल गुरुवार को मोहाली में पंजाब के खिलाफ होने वाले रणजी ट्रॉफी मैच में कर्नाटक की ओर से खेलेंगे।

उद्यानिकी मंत्री कुशवाह ने कहा- पुष्प उत्पादन को दिया जायेगा व्यवसायिक स्वरूप

प्रदेश में 45 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में होती है फूलों की खेती   भोपाल उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में पुष्प उत्पादन को व्यावसायिक स्वरूप दिया जाएगा। पुष्पों के उत्पादन के प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिये 30 जनवरी को राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा गुलाब उद्यान में किया जायेगा। प्रदर्शनी में पुष्प उत्पादक कृषक, पुष्प विशेषज्ञ, नर्सरी व्यवसाय से जुड़े उद्यमी, पुष्प उत्पादक संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यलयों के छात्र तथा पुष्प प्रेमी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुष्प उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश के लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है जिसमें 5 लाख मी.टन फूलों का उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है। प्रदेश में लगभग 40 हजार किसान फूलों की खेती से जुडे हुए है। मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि राज्य शासन का लक्ष्य फूलों के उत्पादन के व्यावसायिक स्वरूप प्रदान करते हुए किसानों की आय को दोगुना करना है। मध्यप्रदेश को पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना है। प्रदेश के ऐसे धार्मिक स्थान और शहर जिनमें फूलों की अधिक मांग रहती है उनके आस-पास पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने कार्य योजना बनायी गई है। इसी कडी में उद्यानिकी विभाग द्वारा 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को बडे अवसर के रूप में देख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन के यादव पहल पर उज्जैन के आस पास लगभग 100 एकड में फूल उत्पादन का विशेष क्लस्टर विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है। मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि प्रदेश के गुना जैसे छोटे जिले के किसानों द्वारा गुलाब उत्पादन में देश और विदेश में नई पहचान बनाई है। गुना का गुलाब दिल्ली, मुम्बई, बैंगलौर सहित विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा फूलों के उत्पादन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) से भी जोडा गया है। अनेक हितग्राही योजना का लाभ उठा कर फूलों से बनने वाले उत्पादों से जुडे़ हुए है। मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी बहु-उद्देशीय है         • फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर कृषकों की आय में वृद्धि करना।         • विभिन्न प्रजातियों में फूलों के व्यावसायिक उत्पादन को प्रोत्साहित करना।         • कृषकों को नवीन तकनीकों, उन्नत किस्मों एवं आधुनिक उत्पादन विधियों से जोड़कर उन्हें प्रोत्साहित करना।         • पुष्प उत्पादन एवं शोभायमान पौधों का उत्पादन करने वाली नर्सरियों को बढ़ावा देना।         • शहरी क्षेत्रों में शोभायमान वाटिकाओं, उद्यानों एवं हरित परिवेश के प्रति नागरिकों की रुचि विकसित करना।         • आमजन में पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं उद्यानिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना।         पुष्प प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण पुष्पों एवं प्रसंस्कृत उत्पादों का भव्य प्रदर्शनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित दुर्लभ, आकर्षक एवं रंग-बिरंगी पुष्प प्रजातियों तथा पुष्पों से निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से-         • बहुवर्षीय पुष्प: गुलाब, ज़रबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, ऑर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुड़हल, बोगनवेलिया आदि।         • मौसमी (एन्युअल) पुष्प: जीनिया, पैंजी, फ्लॉक्स, एस्टर, मेरीगोल्ड, जिरेनियम आदि।         • गमलों में शोभायमान पौधे: क्रोटन, ड्रैसीना, कोलियस, पाम, पर्पल हार्ट/जीजस हार्ट आदि।         · विशेष श्रेणियाँ: कैक्टस समूह, बोन्साई समूह एवं पुष्पों के प्रसंस्कृत उत्पाद।         उद्यानिकी कृषकों एवं उद्यमियों का सम्मान पुष्प एवं शोभायमान पौधों के उत्पादन तथा पुष्प प्रसंस्करण से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, उद्यमियों एवं समूहों को प्रदर्शनी के दौरान सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।         थीम आधारित कलात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजन स्थल पर पुष्पों से निर्मित कलात्मक आकृतियाँ, थीम आधारित संरचनाएँ एवं रचनात्मक डिज़ाइन प्रदर्शित की जाएँगी, जो प्रकृति, उद्यानिकी, कृषि एवं नवाचार का जीवंत संगम प्रस्तुत करेंगी। राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र की असीम संभावनाओं को उजागर करने के साथ-साथ हरित एवं सतत विकास का सशक्त संदेश देगा।  

रोमांच का महाकुंभ इंदौर में — 31 जनवरी से उड़ान भरेगा टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्ट

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब का संयुक्त आयोजन सिर्फ 2,999 रुपये में ले सकेंगे टैंडम पैराग्लाइडिंग का रोमांचक अनुभव www.mpfc.in और इंस्टाग्राम पेज mpflyingclub से होगी बुकिंग भोपाल मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल से प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में एक नया और रोमांचक अध्याय जुड़ने जा रहा है। एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रेमियों के लिए इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल का आयोजन 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को शहर के मनोरम और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कोरबन हिल्स में किया जाएगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब के संयुक्त सहयोग से संपन्न होगा। सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, भौगोलिक विविधता और रोमांचक पर्यटन की अपार संभावनाओं से समृद्ध राज्य है। टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल जैसे आयोजन प्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। संयुक्त संचालक (एडवेंचर टूरिज्म) डॉ. एस. के. श्रीवास्तव ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान शुरुआती एवं अनुभवी प्रतिभागियों के लिए विशेष पैराग्लाइडिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। कैप्टन मंधार महाजन (चीफ इंस्ट्रक्टर) ने बताया कि सभी उड़ानें प्रमाणित प्रशिक्षकों की निगरानी में कराई जाएंगी तथा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। निदेशक, मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब श्री नीरज मुजूमदार ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के लिए स्लॉट सीमित हैं। इच्छुक प्रतिभागी मात्र 2,999 रुपये में टैंडम पैराग्लाइडिंग का रोमांचक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी एवं बुकिंग के लिए www.mpfc.in अथवा इंस्टाग्राम आईडी mpflyingclub पर संपर्क किया जा सकता है।  

नकल पर सख्ती! MP बोर्ड प्रवेश पत्र में QR टेक्नोलॉजी, स्कैन करते ही दिखेगी परीक्षार्थी की पहचान

भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही हैं। इस बार परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से लीकप्रूफ बनाने के लिए मंडल ने कुछ बदलाव किए हैं। इसमें प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड लगाने की व्यवस्था बनी है। इसको स्कैन करते ही परीक्षार्थी की पूरी जानकारी खुल जाएगी। यह क्यूआर कोड एक विशेष सुरक्षा उपाय के रूप में कार्य करेगा। परीक्षा केंद्र पर क्यूआर कोड स्कैन करते ही विद्यार्थी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी, जिससे पहचान की पुष्टि आसानी से हो सकेगी। माशिमं ने परीक्षा संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें प्रवेश पत्रों की नई क्यूआर कोड व्यवस्था पर जोर है। नए निर्देशों के तहत 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र के पीछे क्यूआर कोड लगा रहेगा। यह क्यूआर कोड एक विशेष सुरक्षा उपाय के रूप में कार्य करेगा। परीक्षा केंद्र पर क्यूआर कोड स्कैन करते ही विद्यार्थी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी, जिससे पहचान की पुष्टि आसानी से हो सकेगी। क्यूआर कोड को स्कैन करने के लिए केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षकों को अपने मोबाइल पर एमपीबीएसई एडमिट कार्डरीडर एप डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा सभी विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं पर बारकोड लगाए जाएंगे। परीक्षक इसी बारकोड के आधार पर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे, जिससे किसी भी प्रकार का पक्षपात समाप्त होगा और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष बनी रहेगी। उत्तरपुस्तिकाओं पर लगे बारकोड को स्कैन कर विद्यार्थियों के प्राप्तांक सीधे आनलाइन सिस्टम में अपलोड किए जाएंगे। इस व्यवस्था से फर्जी विद्यार्थियों पर लगाम लग सकेगी। बता दें, कि इस बार परीक्षा में करीब 16 लाख विद्यार्थी 3856 केंद्रों पर शामिल होंगे। पिछली परीक्षाओं में ग्वालियर, मुरैना, भिंड में फर्जी विद्यार्थियों व नकल प्रकरण के मामले सामने आने के बाद मंडल सुरक्षा के काफी एहतियात बरत रहा है। ईमानदारी की पेटी का प्रावधान पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सभी केंद्रों पर नकल की पर्ची रखने एक पेटी रखने के लिए निर्देशित किया गया है। ये पेटी ईमानदारी की पेटी कहलाएगी। इसमें गाइड, चिट, किताबों के पेज और अन्य सामग्री को कक्ष में जाने से पहले ही सरेंडर करना होगा। पेटी पर स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा कि यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले डाल सकता है। पूरक उत्तर पुस्तिका की व्यवस्था खत्म परीक्षार्थियों को 32 पेज की मुख्य विषय और 20 पेज की वोकेशनल और संस्कृत विषय की उत्तरपुस्तिका दी जाएगी। पूरक कापी नहीं दी जाएगी। माशिमं के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य ने बताया बोर्ड परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। तकनीक की मदद से पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा कराने का प्रयास रहेगा। इसके लिए आनलाइन सिस्टम के आधार पर एप के माध्यम से मानीटरिंग की जाएगी। प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड और उत्तरपुस्तिकाओं पर बारकोड लगेगा।  

आज से संसद का बजट सत्र शुरू, मनरेगा–SIR पर घमासान तय, विपक्ष ने बैठक में बनाई सरकार घेरने की रणनीति

नई दिल्ली संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसके हंगामादार होने के आसार हैं। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को कहा कि मनरेगा, मोदी सरकार की विदेश नीति, अमेरिकी शुल्क, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट, वायु प्रदूषण और जनहित के कई अन्य विषयों को उठाया जाएगा। बताया जा रहा है कि विपक्ष SIR पर और चर्चा चाहता है। सरकार की ओर से आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बजट सत्र को लेकर चर्चा की गई, हालांकि कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया कि सरकार ने कोई विधायी एजेंडा सामने नहीं रखा है।   सरकार का कहना है कि एजेंडा बाद में दिया जाएगा, क्योंकि सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए जाने वाले धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और केंद्रीय बजट पर चर्चा पर केंद्रित होगा। राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार संविधान से मिले अधिकारों को खत्म कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष विदेश नीति का विषय भी उठाएगा। हमारी विदेश नीति कहां पहुंच गई? कोई हमारे साथ खड़ा नहीं है। हमें यह भी नहीं पता चल रहा कि किसके साथ चलें, कौन हमारे साथ चलेगा।’’ प्रमोद तिवारी का कहना था कि सरकार की आर्थिक नीति की बात करें तो रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका की ओर से लगातार टैरिफ जारी है और रूसी तेल (की खरीद) का मुद्दा भी है। दिल्ली और दूसरी जगहों पर हमने वायु प्रदूषण का जो सबसे भयानक रूप देखा है, उसे देखते हुए हम यह मुद्दा भी उठाएंगे… हम इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों का मुद्दा भी उठाएंगे।’’ सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस नेता ने क्या कहा कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा का मुद्दा भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस योजना की जगह नया कानून लाकर न केवल इसके नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया है, बल्कि ‘ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार खत्म किया जा रहा है।’ उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली, वोट चोरी और बेरोजगारी के मुद्दों को भी इस सत्र के दौरान उठाया जाएगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुनिल सुरेश ने कहा कि विपक्ष की मांग है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बहाल किया जाए। तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) के सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायालू ने कहा कि भारत जिन अलग-अलग मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है, उन पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने हैदराबाद की तर्ज पर अमरावती को "कानूनी दर्जा" देने की भी मांग की। बीजू जनता दल के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ओडिशा में किसानों की परेशानी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का विषय उठाएगी।  

टोल प्लाजा पर अब नहीं होगी देरी! FASTag को लेकर 1 फरवरी से बदलने जा रहा बड़ा सिस्टम

नई दिल्ली भारत में FASTag सिस्टम को और सरल बनाने की दिशा में National Highways Authority of India (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी 2026 से कार, जीप और वैन के लिए जारी किए जाने वाले नए FASTag पर Know Your Vehicle (KYV) वेरिफिकेशन प्रोसेस लागू नहीं होगी। इस बदलाव का मकसद FASTag जारी होने और उसके इस्तेमाल के दौरान होने वाली देरी, बार-बार दस्तावेज मांगने की परेशानी और यूजर्स की शिकायतों को कम करना है। अब तक FASTag जारी होने के बाद वाहन की पुष्टि के लिए KYV जरूरी होता था। इस प्रक्रिया में कई बार वैध दस्तावेज होने के बावजूद वाहन चालकों को बार-बार RC अपलोड करनी पड़ती थी, फोटो भेजने पड़ते थे और टैग को दोबारा वेरिफाई कराने की जरूरत पड़ती थी। इससे FASTag एक्टिवेशन में देरी होती थी और यूजर्स को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नए नियमों के तहत NHAI ने यह जिम्मेदारी पूरी तरह बैंकों को सौंप दी है। अब बैंक FASTag जारी करने से पहले ही वाहन से जुड़ी सभी जानकारियों की जांच करेंगे। वाहन का सत्यापन VAHAN डेटाबेस के जरिए किया जाएगा और अगर वहां जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो Registration Certificate (RC) के आधार पर जांच पूरी की जाएगी। इसका मतलब यह है कि टैग एक्टिव होने के बाद अलग से किसी KYV प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ेगी। KYV क्या था और इसे क्यों हटाया गया? Know Your Vehicle (KYV) FASTag सिस्टम का एक अतिरिक्त वेरिफिकेशन चरण था, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता था कि टैग सही वाहन से जुड़ा है और किसी गलत या डुप्लीकेट टैग का इस्तेमाल नहीं हो रहा। हालांकि, व्यवहार में यह प्रक्रिया अक्सर देरी और तकनीकी दिक्कतों की वजह बन रही थी, जिस कारण NHAI ने इसे हटाने का फैसला लिया। नए नियमों में क्या बदला है? 1 फरवरी 2026 के बाद नए कार FASTag पर KYV अनिवार्य नहीं होगा। सभी जरूरी जांच टैग जारी करने से पहले ही पूरी कर ली जाएगी। पहले से जारी FASTag धारकों को भी अब नियमित तौर पर KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। केवल उन्हीं मामलों में दोबारा जांच होगी, जहां कोई विशेष शिकायत सामने आए, जैसे टैग का गलत वाहन से जुड़ना, दुरुपयोग, ढीला टैग या गलत तरीके से जारी किया गया FASTag। आम वाहन चालकों को क्या फायदा होगा? नए नियमों से FASTag खरीदने और इस्तेमाल करने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी। अब टैग लेते ही उसे सीधे इस्तेमाल किया जा सकेगा। बार-बार दस्तावेज अपलोड करने या बैंक और कस्टमर केयर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ शिकायत आधारित मामलों में ही अतिरिक्त जांच की जाएगी, जिससे अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।