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राज्यपाल ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि खेल, संकल्प सिखाता है। खेलों से हम प्रयास करना सिखते हैं। निरंतर अभ्यास हमे उत्कृष्टता का दृष्टिकोण प्रदान करता है। खेल ही हमे हार-जीत को स्वीकार करना सिखाते हैं। हमारे जीवन मूल्य विकसित करते हैं। सर्वांगीण व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। खेल भावना हर व्यक्ति को परस्पर जोड़ती है। खेल ही हम सबमें राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति का भाव जगाते हैं। राज्यपाल  पटेल शनिवार को खेलो एमपी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने संभागवार विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कृत किया और बधाई दी। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग भी मौजूद थे। प्रदेश देश का 'स्पोर्ट्स पावरहाउस' बनकर उभरा राज्यपाल  पटेल ने कहा कि खेल का मैदान, केवल हार-जीत का स्थान नहीं होता, वह चरित्र निर्माण की कार्यशाला भी होता है। खेल हमें सिखाते हैं कि मैदान पर कोई जाति नहीं होती, कोई धर्म नहीं होता, कोई ऊंच-नीच नहीं होती। वहां केवल एक खिलाड़ी होता है और उसका तय लक्ष्य होता है। उन्होंने कहा कि पहले मध्यप्रदेश को खेलों के मामले में शांत राज्य माना जाता था, लेकिन आज हमारा प्रदेश देश का 'स्पोर्ट्स पावरहाउस' बनकर उभरा है। 'खेलो एमपी यूथ गेम्स' के आयोजनों ने प्रतिभाओं को गांव की गलियों से खोजकर राष्ट्रीय मंच पर लाया है। राज्यपाल  पटेल ने पारम्परिक खेलों और प्रदेशभर की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। मध्यप्रदेश की धरती ने खेलों में दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान राज्यपाल  पटेल ने कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों से निकले खिलाड़ी आज केवल भोपाल या इंदौर का नाम नहीं, बल्कि पेरिस से लेकर लॉस एंजिल्स तक भारत का तिरंगा फहराने की क्षमता रखते हैं। हमारी शूटिंग रेंज हो, वाटर स्पोर्ट्स अकादमी हो या घुड़सवारी का मैदान, आज दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं प्रदेश के युवाओं के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेल ‘मलखम्ब’ हमारी सांस्कृतिक और खेल विरासत का शानदान उदाहरण है। मध्यप्रदेश की धरती ने इस खेल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। सरकार की प्राथमिकता “खेल-खिलाड़ी और खेल का मैदान” : मंत्री  सारंग खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेलों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की प्राथमिकता “खेल-खिलाड़ी और खेल का मैदान” है। प्रदेश सरकार इसी प्राथमिकता के आधार पर कार्य भी कर रही है। उन्होंने बताया कि 'खेलो एमपी यूथ गेम्स' में 13 से 20 जनवरी तक विकासखंड एवं जिला स्तर तक और 21 से 25 जनवरी तक संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें एक लाख से अधिक खिलाडियों की सहभागिता रही। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, शिवपुरी, रीवा एवं सागर में 27 से 31 जनवरी तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं हुईं, जिसमें 15 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य स्तर पर 723 स्वर्ण, 723 रजत और 895 कास्य पदक विजेताओं को 31 हजार, 21 हजार, 11 हजार रूपये पुरस्कार राशि दी जा रही है। कुल 2341 पदक विजेताओं को लगभग 4 करोड़ की राशि वितरित की गई। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल का समारोह में मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र से स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल  पटेल ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के संभागवार विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने इंदौर संभाग को प्रथम, भोपाल संभाग को द्वितीय और जबलपुर संभाग को तृतीय पुरूस्कार प्रदान किया। आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले खेल विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी और स्वयंसेवकों को साधुवाद दिया। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष सिंह, संचालक  राकेश गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारी, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और ओलंपियन  विवेक प्रसाद सागर, निर्णायक गण एवं प्रतिभागी उपस्थित थे।

शेयर बाजार को उड़ान, Union Budget 2026 में 3 बड़े ऐलान जरूरी, नितिन कामथ का दबाव

 नई दिल्‍ली देश का आगामी केंद्रीय बजट (Union Budget 2026) रविवार, 1 फरवरी को पेश होने जा रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना नौंवा बजट पेश करेंगी. इस बार के बजट से मिडिल क्‍लास से लेकर किसानों तक बजट से खास उम्‍मीद लगाए बैठे हैं. वहीं स्‍टॉक मार्केट निवेशक भी इस बार के बजट से कुछ खास उम्‍मीद लगा रहे हैं.  शेयर बाजार एक्‍सपर्ट्स भी यही चाहते हैं कि सरकार ये ऐलान करे, ताकि स्‍टॉक मार्केट निवेशकों को बड़ी राहत मिल सके. एक्‍सपर्ट्स यह भी कह रहे हैं कि सरकार की तरफ से अगर ये ऐलान कर दिए गए तो शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिल सकती है. अरबपति नितिन कामथ भी इसकी मांग कर चुके हैं.  क्‍या है ये मांग?      भारत के डीप डिस्काउंट ब्रोकर SAS ऑनलाइन के संस्थापक और CEO श्रेय जैन का मानना ​​है कि अधिक निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए, लॉन्‍गटर्म कैप‍िटल गेन (LTCG) पर अधिक टैक्‍स छूट देने की आवश्‍यकता है. जैन ने आगे कहा कि अभी हर वित्तीय वर्ष 1.25 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई LTCG टैक्‍स नहीं देना पड़ता है, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के एलटीसीजी पर 12.5% टैक्‍स लगता है. इस कर-मुक्त सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की आवश्यकता है.      इसी तरह, शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्‍स को भी कम करने की मांग की जा रही है. इसके तहत छूट की लिमिट भी बढ़ाए जाने की मांग हो रही है. निवेशक चाहते हैं कि शॉर्ट टर्म में बेचे गए शेयरों पर 1.5 लाख रुपये तक कोई टैक्‍स ना लगे. साथ ही STCG को 20 फीसदी से कम करके 10 फीसदी कर दिया जाए.      एक और मांग STT को खत्‍म करने की है. सिक्‍योरिटी ट्रांजेक्‍शन टैक्‍स (STT)  शेयरों की खरीद और बिक्री पर लगाया जाता है. किसी भी शेयर के खरीदने या बेचने पर यह 0.1 फीसदी का टैक्‍स लगता है. वहीं डेरेवेटिव मार्केट में 0.01% का टैक्‍स लगाया जाता है, जबकि इंट्राडे में ट्रेडिंग पर 0.025%  का टैक्‍स वसूलता है. एक्‍सर्ट्स का कहना है कि यह देखने में भले ही बहुत कम दिखाई देता है, लेकिन बड़े अमांउट बेखने या खरीदने पर ज्‍यादा चार्ज होता है. ऐसे में इसमें भी कटौती या इसे समाप्‍त करने की मांग की जा रही है, जबकि इसमें कई बार बढ़ोतरी की गई है.  क्‍या होता है LTCG और STCG टैक्‍स?  लॉन्‍गटर्म कैप‍िटल गेन (LTCG) का मतलब है कि अगर कोई शेयर बाजार से जुड़ा असेट 12 महीने के बाद बेचता है तो उसपर लॉन्‍गटर्म कैपिटल गेन टैक्‍स लगाया जाएगा. वहीं शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्‍स का मतलब है कि अगर कोई असेट 12 महीने से पहले बेचा जाता है तो उसपर STCG टैक्‍स लगता है, जो  20 फीसदी होता है.  नितिन कामथ ने भी की मांग  केंद्रीय बजट 2026 से पहले जेरोधा के CEO नितिन कामथ ने इक्विटी ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स (STT) में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई है. उनका तर्क है कि बढ़े हुए लेनदेन टैक्‍स से बाजार की गतिविधियों और यहां तक ​​कि सरकारी राजस्व पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. मैं हमेशा उम्‍मीद करता हूं कि यह कम होगा, लेकिन यह बढ़ता ही जा रहा है.  दोहरे टैक्‍स की मार नितिन कामथ ने बताया कि STT को तब लागू किया गया था, जब शेयरों पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) टैक्‍स शून्‍य था. उन्होंने कहा कि उस समय यह सरकार के लिए मार्केट से राजस्व जुटाने का एक आसान तरीका था. हालांकि, अब जब LTCG टैक्‍स फिर से लागू हो गया है, तो उन्होंने एसटीटी को वापस लेने के बजाय बार-बार बढ़ाने के तर्क पर सवाल उठाया. उन्होंने आगे कहा कि वास्तव में देखा जाए तो निवेशकों पर दो बार टैक्‍स लगाया जा रहा है, एक बार हर ट्रांजैक्‍शन पर STT के माध्यम से और दूसरी बार LTCG या STCG के जरिए. इसे वापस लेना चाहिए. 

शिवराज का बीकानेर से संदेश: पत्नी की तारीफ के लिए चाहिए साहस, किताब लिखने का मन भी है

भोपाल/बीकानेर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज के लिए जाने जाते हैं। राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान उन्होंने एक ऐसी घोषणा की, जिसने महफिल लूट ली। शिवराज ने कहा कि वे जल्द ही अपनी 'पत्नी पर एक किताब' लिखेंगे। दरअसल राजस्थान में शिवराज सिंह चौहान मंच से मेघवाल की किताब से मिली प्रेरणा पर यह बात कर रहे थे। यह दिलचस्प वाकया तब हुआ जब शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मेघवाल ने अपनी पत्नी को समर्पित एक किताब ‘एक सफर हमसफर के साथ’ लिखी है। इसी का जिक्र करते हुए शिवराज ने उनकी जमकर तारीफ की। किसी में इतनी हिम्मत नहीं होती, पत्नी की खुलकर तारीफ कर दे शिवराज ने मजाकिया लहजे में कहा, 'भाभी जी पर आपने जो किताब लिखी है, उसे मैं एक अद्भुत घटना मानता हूं। किसी में इतनी हिम्मत नहीं होती कि वह पत्नी की खुलकर तारीफ कर दे, वरना लोग कहने लगते हैं कि ये तो जोरू का गुलाम है।' अब तो मैं भी एक किताब लिख ही दूंगा उन्होंने आगे कहा कि मेघवाल के साहस को देख अब वे भी प्रेरित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मंच से मुस्कुराते हुए कहा, 'अब तो मैं भी एक किताब लिख ही दूंगा। सच में, जीवन में धर्मपत्नी का बहुत बड़ा योगदान होता है।' कैलाश खेर ने मंच से लोगों को सुनाई खरी-खोटी गायक कैलाश खेर जब भी मध्य प्रदेश आते हैं, तो अपने गानों के साथ-साथ लोगों को खरी-खोटी सुनाने से भी नहीं चूकते। हाल ही में उन्होंने सतना में एक कॉन्सर्ट किया था, जिसका एक वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में कैलाश खेर यह कहते नजर आ रहे हैं कि, ‘बहुत कम ऐसे कॉन्सर्ट होते हैं, जहां खाना भी चल रहा हो और गाना भी चल रहा हो। म्यूजिक को इज्जत तब मिलती है, जब खाना-वाना पहले डकार लिया जाए या फिर बाद में ठूंस लिया जाए।’ उन्होंने आगे मजाकिया लहजे में कहा- वैसे भी अपनों से ये कहने का बड़ा मन करता है कि बहुत खाते हो भाई। यह पहला मौका नहीं है जब कैलाश खेर के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले मंदसौर में वे एक भाजपा विधायक के नाम को लेकर मजाक कर चुके हैं और वहां की जनता को गरीब भी कह दिया था।

आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से ही साकार होंगे सपने – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर. आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से ही साकार होंगे सपने – मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर, लक्ष्यनिष्ठ और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में एक और उल्लेखनीय पहल सामने आई है। महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित स्टेडियम ग्राउंड में कपिध्वज करियर गाइडेंस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 6 से 8 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपने भविष्य को दिशा देने का अवसर प्राप्त किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज का युवा ही देश और समाज के भविष्य का निर्माणकर्ता है। युवाओं के कंधों पर राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे निभाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, सही मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियाँ व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं और सही निर्णय, समय प्रबंधन तथा सकारात्मक सोच के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। मंत्री  राजवाड़े ने शिक्षा को सफलता की सबसे मजबूत नींव बताते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने मूल्यों, जीवनशैली और दीर्घकालिक उद्देश्यों को ध्यान में रखकर करियर का चयन करें और ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रमों का पूरा लाभ उठाएं। इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित करियर मार्गदर्शक एवं कोटा (राजस्थान) स्थित मोशन कोचिंग सेंटर के संस्थापक एवं सीईओ  नितिन विजय (एन वी सर) ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर चयन, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास निर्माण और लक्ष्य आधारित अध्ययन पर प्रभावशाली मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “सोच ऊंची रखो, उड़ान भी ऊंची होगी।” कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करता है।  नितिन विजय ने कहा कि “सफलता दो बार प्राप्त होती है  पहले मन में और फिर वास्तविक जीवन में,” इसलिए विद्यार्थियों को मानसिक और व्यवहारिक दोनों स्तरों पर स्वयं को सफलता के लिए तैयार करना चाहिए। उन्होंने करियर चयन से पहले अपनी रुचि, क्षमता और व्यक्तित्व को समझने, गलतियों से सीखने और आत्मचिंतन को जीवन में आगे बढ़ने का मूलमंत्र बताया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष  चंद्रमणी देवपाल सिंह पैकरा,  राम कृपाल साहू,  परमेश्वरी राजवाड़े,  रजनी त्रिपाठी,  भीमसेन अग्रवाल,  राजेश महलवाला,  ठाकुर राजवाड़े,  नूतन विश्वास,  अनुज राजवाड़े,  अशोक राजवाड़े,  रेखा राजवाड़े,  रमेश गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।साथ ही जिला पंचायत सीईओ  विजेन्द्र पाटले, एसडीएम  चाँदनी कंवर, जिला कार्यक्रम अधिकारी  शुभम बंसल एवं अन्य अधिकारीगण, बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा और क्षेत्रवासी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने बाल विवाह उन्मूलन और नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ शपथ लेकर सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया।

अंबिकापुर में मंत्री राजेश अग्रवाल की पूजा-अर्चना, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की प्रार्थना

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज अम्बिकापुर के विश्वकर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उनके आशीर्वाद से सभी के जीवन में समृद्धि, कौशल और प्रगति की प्रार्थना के साथ उन्होंने सृष्टि के दिव्य रचनाकार विश्वकर्मा भगवान को नमन किया। अम्बिकापुर के हृदय स्थल पर स्थित प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर पहुंचे अग्रवाल ने पारंपरिक विधि-विधान से भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्ज्वलन और आरती के बीच उन्होंने राज्य की समृद्धि की प्रार्थना की।  श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि विश्वकर्मा भगवान के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार में समृद्धि, कौशल और प्रगति का संचार हो।

माघी मेले में आदिवासी धर्मगुरुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

साहिबगंज. झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल में उत्तरवाहिनी गंगा तट पर लगने वाला माघी मेला वर्षों से आस्था, परंपरा और सांझी संस्कृति का प्रतीक बना हुआ है. माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन-दर्शन का जीवंत उत्सव है. झारखंड ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा और नेपाल से भी हजारों आदिवासी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. इसी व्यापक सहभागिता के कारण इस मेले को आदिवासियों का ‘महाकुंभ’ कहा जाता है. शनिवार को श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान मंगलवार से ही आदिवासी साफाहोड़ श्रद्धालु अपने-अपने धर्मगुरुओं के साथ उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाने लगे हैं. यह सिलसिला लगभग चार दिनों तक चलता है. पूर्णिमा मुहूर्त से पहले, पूर्णिमा के दौरान और उसके बाद भी श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं. स्नान के बाद घंटों सूर्योपासना, ध्यान और आराधना की जाती है. इसके उपरांत श्रद्धालु कांसे के लोटे में गंगा जल लेकर अपने अखाड़ों की ओर प्रस्थान करते हैं. गुरु-बाबाओं के अखाड़े, आस्था का केंद्र मेला परिसर में लगे गुरु बाबाओं के अखाड़े इस आयोजन का सबसे विशिष्ट आकर्षण हैं. हर अखाड़ा एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में नजर आता है, जहां गुरु और शिष्य के बीच गहरा भावनात्मक और आध्यात्मिक संबंध दिखाई देता है. इन अखाड़ों में केवल आदिवासी ही नहीं, बल्कि गैर-आदिवासी श्रद्धालु भी बैठते हैं. यह दृश्य आदिवासी-गैरआदिवासी सांझी संस्कृति का दुर्लभ उदाहरण प्रस्तुत करता है. गुरु-शिष्य परंपरा का अनोखा स्वरूप राजमहल का यह मेला गुरु-शिष्य परंपरा का एक प्राचीन और अनोखा उदाहरण है. यहां गुरु बाबा अपने शिष्यों के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्टों का निवारण अपनी विशिष्ट आध्यात्मिक शैली से करते हैं. शिष्य अपने गुरु के प्रति अपार श्रद्धा और विश्वास रखते हैं और अपना जीवन उनके मार्गदर्शन में समर्पित कर देते हैं. मान्यता है कि गुरु बाबा की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है. मांझी हड़ाम की आराधना और शिव तत्व गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु अपने अखाड़ों में मांझी हड़ाम यानी शिव की गुरु पूजा करते हैं. त्रिशूल, तुलसी और शिव चित्र स्थापित कर विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं. साफाहोड़ समुदाय के लोग शिव को अपने इष्टदेव के रूप में पूजते हैं और उनसे शांति, समृद्धि और संरक्षण का आशीर्वाद मांगते हैं. मंत्रोच्चारण की शैली भले ही संस्कृत या देवनागरी से अलग हो, लेकिन ‘ऊं’ के उच्चारण के साथ आस्था की गहराई स्पष्ट झलकती है. विदिन होड़ समाज की परंपराएं विदिन होड़ समाज के लोग मांझी स्थान और जाहेर स्थान बनाकर पूजा करते हैं. राजमहल गंगा तट पर कुछ स्थायी मांझी स्थान भी हैं, जहां हर वर्ष विशेष अनुष्ठान संपन्न होते हैं. इन स्थानों पर सामूहिक पूजा, बलि-प्रथा से दूर प्रतीकात्मक अर्पण और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना प्रमुख रहती है. सादगी और संयम का जीवन दर्शन मेला के दौरान आदिवासी समुदाय विशेष रूप से सादगी और संयम का पालन करता है. साफाहोड़ और विदिन होड़ आदिवासी इन दिनों मांस-मदिरा तो दूर, प्याज और लहसुन तक का सेवन नहीं करते हैं. विशुद्ध सादा भोजन, ब्रह्मचर्य और अनुशासन उनके जीवन का आधार होता है. आधुनिक चकाचौंध से दूर यह जीवन शैली उनकी सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करती है. सर्द रातों में अखाड़ा, सूर्योदय से पहले स्नान सर्द भरी रातों में गुरु और शिष्य मिलकर अखाड़ा तैयार करते हैं. सूर्योदय से पहले ही सभी गंगा स्नान के लिए नदी में प्रवेश कर जाते हैं. घंटों की उपासना के बाद भीगे वस्त्रों में ही अनुष्ठान पूरे किए जाते हैं. यह कठोर साधना आस्था की गहराई और संकल्प की मजबूती को दर्शाती है. सांझी संस्कृति का जीवंत उदाहरण राजमहल का आदिवासी महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का उत्सव भी है. यहां आदिवासी और गैर-आदिवासी, दोनों समुदाय एक साथ गंगा स्नान और पूजा में सहभागी बनते हैं. यह मेला साबित करता है कि आस्था और परंपरा समाज को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है.

सरगुजा के विकास को नई दिशा: मंत्री अग्रवाल ने संपूर्णता अभियान 2.0 का किया शुभारंभ

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ सरगुजा के पिछड़े क्षेत्रों को मिलेगी नई उड़ान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जनपद पंचायत लखनपुर, सरगुजा में नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया। यह अभियान आकांक्षी प्रखंडों एवं पिछड़े क्षेत्रों के समग्र, संतुलित और सतत विकास के संकल्प को मजबूत बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम में अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर गहन चर्चा की। उन्होंने सभी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए, ताकि अभियान का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अग्रवाल ने कहा कि नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 छत्तीसगढ़ के पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगा, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं पर समग्र फोकस रहेगा। संपूर्णता अभियान 2.0 का व्यापक स्वरूप संपूर्णता अभियान 2.0 नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उन्नत संस्करण है, जो 112 संकेतकों पर आधारित पहल है। यह पहले संस्करण से अधिक स्थानीयकृत, समुदाय-केंद्रित और सतत विकास पर जोर देता है। अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, जल संरक्षण, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे जैसे बहुआयामी क्षेत्रों को कवर करता है। सरगुजा जैसे आदिवासी क्षेत्रों के लिए यह विशेष रूप से प्रासंगिक है। अभियान का लक्ष्य गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सतत विकास है। प्राथमिकताओं में डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक संरक्षण शामिल हैं। अग्रवाल ने बल दिया कि यह केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि समुदाय, एनजीओ और निजी क्षेत्र की साझेदारी से चलेगा, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन दूर हो। कार्ययोजना में प्रखंड-स्तरीय डैशबोर्ड निगरानी, मासिक समीक्षाएं और लक्ष्यबद्ध परियोजनाएं हैं। लखनपुर में सड़कें, स्कूल उन्नयन, आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग डेटा-संग्रहण से पारदर्शिता सुनिश्चित करें, ताकि 2026 अंत तक सरगुजा के आकांक्षी प्रखंडों में ठोस प्रगति हो। राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संपूर्णता अभियान 2.0 से प्रत्येक नागरिक को समान अवसर देगी। यह पिछड़े क्षेत्रों को समृद्ध कर छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की नई इबारत लिखेगी।

जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के सहयोग से संपूर्णता अभियान 2.0 सफल होगा: देवांगन

रायपुर. कैबिनेट मंत्री देवांगन की अध्यक्षता में आकांक्षी जिला अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि विगत वर्ष संपूर्णता अभियान 1.0 के तहत निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशन में नीति आयोग द्वारा कोरबा जिले को विकास की तेज राह पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संपूर्णता अभियान 2.0 लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरपंचों सहित सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और विभागीय अधिकारियों के समन्वय से आकांक्षी जिले के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए कोरबा को विकास व प्रगति के पथ पर आगे ले जाना उनकी प्राथमिकता है। मंत्री देवांगन ने कहा कि इस अभियान के सभी मानकों को प्राप्त करने में सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। योजनाओं का सफल क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुनिश्चित रूप से पहुँचे, इसके लिए समर्पित भाव से कार्य करना जरूरी है।  कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित भारत की दिशा में लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ की व्यवस्था से जिले में अनेक विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 विजन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी छत्तीसगढ़ को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री देवांगन ने जनजागरूकता के माध्यम से संपूर्णता अभियान 2.0 के निर्धारित संकेतकों पर प्रभावी कार्य कर लक्ष्यों की प्राप्ति और कोरबा जिले को आकांक्षी जिला श्रेणी से बाहर लाने के लिए सभी की सहभागिता अत्यंत आवश्यक बताई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि कोरबा जिला लंबे समय से आकांक्षी जिला श्रेणी में शामिल रहा है। संपूर्णता अभियान 1.0 में बेहतर कार्य होने पर जिले को प्रोत्साहन मिला था। उन्होंने कहा कि संपूर्णता अभियान 2.0 में जिन संकेतकों को शामिल किया गया है, उन पर उपलब्धि हासिल करने पर सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है।  इस अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि शासन द्वारा आकांक्षी योजना का जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में प्रभावी संचालन कर तेज विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आकांक्षी जिले के सभी मानकों की लक्ष्य प्राप्ति हेतु आगामी तीन माह तक संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के आधार पर फील्ड में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि संपूर्णता अभियान प्रधानमंत्री जी का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसके अंतर्गत देशभर के कुछ जिलों और ब्लॉकों का चयन किया गया है। कोरबा जिला भी आकांक्षी जिले के रूप में शामिल है। संपूर्णता अभियान 1.0 के दौरान निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध कार्य किया गया था। संपूर्णता अभियान 2.0 आज से प्रारंभ हुआ है और 14 अप्रैल तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कृषि के प्रमुख संकेतकों को निश्चित समय सीमा में संतृप्त करना प्रमुख उद्देश्य है। अभियान का मकसद नियमित निगरानी और शासन तंत्र के प्रभावी एकीकरण के माध्यम से विगत वर्ष की उपलब्धियों को मजबूत करते हुए आगे बढ़ाना है। उन्होंने निर्धारित संकेतकों का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सभी एकजुट होकर शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल करेंगे और सम्मानित होंगे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने अभियान की सफलता की कामना करते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित मानकों की लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने सम्पूर्णता अभियान के उददेश्यों को विस्तार से बताया।  संपूर्णता अभियान 2.0 के प्रमुख उद्देश्य अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के बीच अभिसरण को मजबूत कर समग्र विकास को गति प्रदान करना है। स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक प्लेटफार्मों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाना, तथा सफल कहानियों का दस्तावेजीकरण कर नवाचार और पारस्परिक सीख को प्रोत्साहित करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र में जन्म के समय शिशुओं के वजन में सुधार, क्षय रोग (टीबी) केस नोटिफिकेशन की दर में वृद्धि, तथा प्रत्येक माह कम से कम एक बार ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस अथवा शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित करने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रतिशत को बढ़ाना प्रमुख संकेतक हैं। शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र में क्रियाशील बालिका शौचालयों वाले विद्यालयों का प्रतिशत तथा टीकाकृत पशुओं का अनुपात भी प्रमुख संकेतकों में शामिल है। मंत्री देवांगन द्वारा शपथ दिलाई गई, स्व सहायता समूहों को चेक का वितरण उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन ने संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ करते हुए उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अभियान की सफलता हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर अतिथियों ने सेल्फी जोन में स्मृति फोटो भी लिए। कार्यक्रम में बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूह-ग्राम दोंदरो की देवी स्व-सहायता समूह, जय मां दुर्गा स्व-सहायता समूह, जामबहार की जय मां लक्ष्मी एवं जय अंबे स्व-सहायता समूह, तथा सोनपूरी की राधा कृष्णा स्व-सहायता समूह को मंत्री देवांगन द्वारा चेक वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोलगा के उतरा सिंह, पंचराम, शांति और दुकालुराम को स्वायल हेल्थ कार्ड भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने स्व-सहायता समूह द्वारा लगाये स्टाल का भी अवलोकन किया।

नागौर कलक्टर की अनोखे अंदाज में हुई रिटायरमेंट पार्टी

नागौर. जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित की विदाई एक अनोखे और उत्साहपूर्ण तरीके से हुई, जिसमें बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका सम्मान किया गया। इस खास मौके पर कलक्ट्रेट शाखा के सभी अधिकारी, कार्मिक और आम नागरिक भावुक नजर आए। विभागीय नियमों के तहत पुरोहित अब सेवानिवृत्त हो गए हैं और उनके इस विदाई समारोह को एक विवाह समारोह जैसा रूप दिया गया था। बैंड बाजों की धुन के साथ उनकी विदाई का दृश्य किसी बारात से कम नहीं था। भावुक हुए अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त जिला कलक्टर के विदाई समारोह में कलक्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों का भी बेहद भावुक माहौल था। अरुण कुमार पुरोहित ने अपने दो साल के कार्यकाल में सरल, सहज और शालीन व्यवहार से सबको प्रेरित किया। उनकी नवाचारों और कामकाजी शैली के कारण ये विदाई समारोह सभी के लिए यादगार और भावुक क्षण बन गया। कलक्टर की गाड़ी को दूल्हे की तरह सजाया गया और विदाई गीतों की धुन कलक्ट्रेट परिसर में गूंज रही थी। सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले एक भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें सभी स्टाफ ने अपनी भावनाएं शेयर की। इसके बाद कलक्टर को सभागार में माल्यार्पण कर विदाई दी गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी ने बताया कि 'जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित हमेशा समय के पक्के थे और उन्होंने हर कार्य में सटीकता से योगदान दिया। वे न केवल विभागीय कार्यों में सक्रिय रहे, बल्कि आमजन की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ विचार-विमर्श करते थे। उनका व्यक्तित्व और कार्यशैली हमेशा प्रेरणादायक रही, और जब तक वे पद पर रहे, वे सभी को एक परिवार की तरह मानते रहे।'

लखनपुर में विकास को गति: मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4.18 करोड़ के 26 कार्यों का भूमिपूजन किया

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने नगर पंचायत लखनपुर में 4 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक कीमत के 26 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचेगी। डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ के बहुमुखी विकास के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। लखनपुर में आयोजित  समारोह में अग्रवाल ने सभी 26 परियोजनाओं का विधिवत भूमिपूजन किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ये कार्य क्षेत्र के समग्र उत्थान का आधार बनेंगे और सरगुजा जैसे पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटिंग, सामुदायिक भवन और पेयजल सुविधाओं का विस्तार शामिल है। कुल 4.18 करोड़ रुपये की लागत से ये कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे, जिससे लखनपुर नगर पंचायत का मूलभूत ढांचा सशक्त होगा। विशेष रूप से ग्रामीणों की लंबे समय की मांगों को ध्यान में रखते हुए ये योजनाएं तैयार की गई हैं। श्री  अग्रवाल ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि विकास की किरण अंतिम छोर तक पहुंचे। छत्तीसगढ़ का बहुमुखी विकास सुनिश्चित करते हुए हम हर क्षेत्र को समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता के लिए निर्देशित किया, तथा जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की।