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मध्य प्रदेश के 7 जिलों में ड्रोन स्कूल, पुलिसकर्मियों को मिलेगा मास्टर ट्रेनर बनने का मौका

भोपाल  सिंहस्थ-2028 को दृष्टिगत रखते हुए मप्र पुलिस अभी से युद्ध स्तरीय तैयारियों में जुट गई है। इस बार पुलिस का पूरा फोकस कानून-व्यवस्था में ज्यादा से ज्यादा तकनीकी नवाचारों की मदद लेना है। लिहाजा इसी क्रम में सिंहस्थ मेला परिसर की निगरानी के लिए देश के सबसे तीन हाईटेक फिक्स्ड विंग ड्रोन को मप्र पुलिस ने खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। इस ड्रोन की क्षमता ऐसी है कि यह लगातार 6 घंटे तक 100 किमी तक लगातार उड़ान भर सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि पुलिस ड्रोन के जरिए कई जिलों को कवर कर आसमानी निगाह से भीड़ की निगरानी कर सकती है। ड्रोन से हो सकेगी लाइव मॉनिटरिंग एसएसपी रेडियो रियाज इकबाल ने बताया, नए ड्रोन विंग सेटअप तैयार कर रहे हैं। इंदौर में ड्रोन स्कूल बनाया जा रहा है। जहां से मास्टर ट्रेनर तैयार करेंगे। तीन हाईटेक ड्रोन भी वहीं रखे जाएंगे। इनकी खूबी यह है कि यह लंबे समय, लंबी दूरी के साथ दिन और रात दोनों समय उड़ानभर सकेंगे। जिसकी लाइव मॉनिटरिंग की जा सकेगी। यह हमारे लिए कई क्षेत्रों में उपयोगी होगा। स्मार्ट पुलिसिंग में मिलेगी मदद -अपराध और संदिग्ध गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी। -सिंहस्थ मेला मैदान में भीड़ नियंत्रण और वीआइपी मूवमेंट में मदद होगी। -आपदा, दंगे और नšसल प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन की मदद से तेज कार्रवाई। -ड्रोन के दुरुपयोग से निपटने के लिए एंटीड्रोन तकनीक भी होगी। ऐसे काम करेगा फिक्स्ड विंग ड्रोन -फिक्स्ड विंग ड्रोन में विमान की तरह बड़े-बड़े पंखे होते हैं। ये मल्टीरोटर ड्रोन की तुलना में ज्यादा दूरी तय करता है। -लंबे समय तक हवा में रह सकते हैं और कम बैटरी खपत में बड़े इलाके की निगरानी कर सकते है। -यही वजह है कि इन्हें खासकर बॉर्डर पेट्रोलिंग, बड़े सर्च ऑपरेशन और लंबी दूरी की निगरानी में उपयोग करते हैं। ऐसे तैयार होंगे ड्रोन ऑपरेशन के मास्टर ट्रेनर ड्रोन विंग को मजबूत करने के लिए इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (पीआरटीएस) में ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल की शुरुआत की जा रही है। इसे प्रदेश का नोडल ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। यहां से प्रदेशभर के लिए ड्रोन पायलट और पे-लोड ऑपरेटर (को-पायलट) तैयार किए जाएंगे। शुरुआती चरण में तकनीकी रूप से दक्ष 50 पुलिसकर्मियों को ड्रोन उड़ाने की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। जिन्हें सिर्फ ड्रोन ऑपरेशन ही नहीं, बल्कि ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक की भी जानकारी दी जाएगी। इस ट्रेनिंग के पूरी होने के बाद यही 50 पुलिसकर्मी मास्टर ट्रेनर के रूप में जिलों में पदस्थ किए जाएंगे। प्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन समेत कुल 7 ड्रोन सेंटर स्थापित किए जाने हैं, जहां से पुलिस ड्रोन संचालन किया जाएगा।

केंद्रीय बजट की ब्रांडिंग में भाजपा आगे, 15 दिन तक गांवों में संवाद कार्यक्रम

भोपाल   केंद्रीय आम बजट को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी, मध्य प्रदेश ने बड़ी रणनीति तैयार की है। इसके लिए 15 फरवरी तक मंडल से लेकर महानगरों तक बजट की खूबियों की जमकर ब्रांडिंग की जाएगी। बुद्धिजिवियों, जानकारों और जन सामान्य के बीच संवाद-चर्चा आयोजित की जाएगी।  पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बजट में शामिल जनकल्याणकारी प्रावधानों की सही और स्पष्ट जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचना जरूरी है। इसी उद्देश्य से संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।  प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सभी जिलों में विशेष समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। ये समितियां न केवल केंद्रीय बजट बल्कि उसके बाद आने वाले प्रदेश सरकार के बजट के प्रचार की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।  जिलों में गठित होंगी विशेष समितियां निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जिले में एक संयोजक और पांच सदस्यों वाली समिति बनाई जाएगी। समिति में आईटी विभाग और सोशल मीडिया टीम के एक-एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा, ताकि डिजिटल माध्यमों से भी प्रभावी प्रचार किया जा सके। प्रदेश और जिला स्तर पर समितियों की संरचना एक जैसी रखी जाएगी। प्रदेश स्तर की समिति बजट से जुड़ी पूरी तथ्यात्मक जानकारी संकलित करेगी। इसमें केंद्रीय संगठन से प्राप्त बिंदुओं के साथ-साथ मध्यप्रदेश से जुड़े बजट प्रावधानों को भी विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। यह सामग्री जिला अध्यक्षों के माध्यम से जिला समितियों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर सुनियोजित ढंग से प्रचार किया जा सके। ग्राम पंचायत तक पहुंचेगी बजट की जानकारी भाजपा का उद्देश्य है कि इस बार बजट की जानकारी केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे। खास तौर पर युवाओं के बीच यह संदेश दिया जाएगा कि बजट आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट के बाद होंगी कार्यशालाएं केंद्रीय बजट पेश होने के तुरंत बाद प्रदेश और जिला स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें पार्टी कार्यकर्ताओं, जिला एवं मंडल पदाधिकारियों को बजट के प्रमुख बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। साथ ही यह भी समझाया जाएगा कि जनता से संवाद करते समय किन विषयों को प्राथमिकता दी जाए। फरवरी माह के पहले पंद्रह दिनों में अधिक से अधिक लोगों तक बजट की जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठित और योजनाबद्ध प्रयासों से बजट का संदेश हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।  

MP बोर्ड परीक्षा में आंसर शीट रहेगी निगरानी में, 10वीं और 12वीं के छात्र रहें सतर्क

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही हैं। इस बार बोर्ड परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए मंडल ने परीक्षा व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रेक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पिछले साल सिर्फ संवदेनशील व अति संवदेशील केंद्रों पर ही प्रेक्षकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन इस बार मंडल सभी केंद्रों पर प्रेक्षकों की तैनाती होगी। माशिमं द्वारा इस बार प्रेक्षक के रूप में सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं प्राचार्यों की नियुक्ति की जा रही है। इस बार प्रेक्षक केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर उनकी कड़ी नजर रहेगी। कलेक्टर की ओर से प्रेक्षक इन केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। इनकी ड्यूटी प्रश्नपत्र खुलने के आधे घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचना होगा और परीक्षा खत्म होने के बाद प्रश्नपत्र का बंडल समवन्वयक केंद्र पहुंचाने तक की ड्यूटी रहेगी। इनकी निगरानी भी मंडल की ओर से एप के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों पर उड़नदस्तों की विशेष टीम गठित की गई है। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी मंडल की ओर से की जाएगी। प्रदेश में करीब 700 और भोपाल जिले में 16 संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र चिह्नित किए गए हैं। बता दें, कि मंडल की ओर से करीब 25 हजार अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया प्रेक्षकों की निगरानी में होगी कलेक्टर द्वारा प्रेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। इसमें पांच साल पहले सेवानिवृत्त प्रथम या द्वितीय श्रेणी के अधिकारी या प्राचार्य शामिल होंगे।इन्हें एक दिनदके लिए 700 रुपये का मानयदेय दिया जाएगा। इन्हें परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। प्रश्नपत्र एवं उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल खुलवाने, उनका सुरक्षित वितरण, परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को एकत्र कर जमा कराने तक की संपूर्ण प्रक्रिया प्रेक्षक की निगरानी में होगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद भी प्रेक्षक तब तक केंद्र पर मौजूद रहेंगे, जब तक सभी उत्तरपुस्तिकाएं विधिवत रूप से जमा नहीं हो जातीं। परीक्षा केंद्रों पर कोई भी घटनाक्रम होने पर इन्हें पुलिस कंट्रोल रूम, संभागीय मंडल कार्यालय में सूचना देनी होगी। सावधानी से ओएमआर शीट भरने के निर्देश इस बार विद्यार्थियों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका के ऊपर सबसे पहले पेज पर ओएमआर शीट अत्यंत सावधानी से भरने के लिए कहा गया है। रोल नंबर, विषय कोड, नाम सहित सभी प्रविष्टियां सही ढंग से भरना अनिवार्य होगा। ओएमआर शीट में किसी भी प्रकार की गलती से परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थी की होगी। 25 हजार कर्मचारियों की तैनाती होगी     बोर्ड परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। तकनीक की मदद से पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा कराने का प्रयास रहेगा। इसके अलावा करीब 25 हजार कर्मचारियों की तैनाती होगी। इसके लिए जिला स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सभी को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। – बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं  

कृषि क्षेत्र को बजट 2026 से क्या मिलेगा? किसान सम्मान निधि में संभावित इजाफा

नई दिल्ली आगामी एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट में किसानों को सरकार से कई उम्मीदें हैं.कृषि विकास को लेकर किसानों की प्रमुख मांगों में खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा दिलाना एवं पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि में बढ़ोतरी शामिल है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण में जानकारी दी कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 11 करोड़ किसानों को अब तक कुल 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस किसानों को मजबूत बनाने पर है.  किसानों का मानना है कि इन मांगों को बजट में शामिल करने से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी. बीज, यूरिया, खाद, कृषि यंत्र, ट्रैक्टर, डीजल समेत कई ऐसी चीजे हैं जिनपर GST को कम करके किसानों को बड़ी राहत दी जा सकती है. वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. माना जा रहा है कि केंद्रीय बजट 2026 में पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली राशि में इजाफा हो सकता है. क्या बजट 2026 में PM-KISAN योजना की राशि में बदलाव संभव है? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर होती है. हालांकि, मौजूदा हालात में किसान संगठनों और एग्रीकल्चर एक्सपर्ट्स का मानना है कि महंगाई के दौर और खेती में लागत के हिसाब से यह रकम अब कम लगती है.  दरअसल, बीते कुछ सालों में खेती की लागत में तेज उछाल आया है. बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल, बिजली, सिंचाई और कृषि मशीनरी हर चीज महंगी होती जा रही है. सीमांत और छोटे किसानों के लिए 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता नाकाफी साबित हो रही है. ऐसे में बजट 2026 में इस राशि में बढ़ोतरी की मांग जोर पकड़ रही है. इनपुट लागत में कमी और एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किसानों की एक प्रमुख मांग खेती में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों और यंत्रों पर GST दरों को कम करने की है. वर्तमान में कीटनाशकों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगता है, जिसे घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग जोर पकड़ रही है. इसके अतिरिक्त, बजट में पोस्ट-हार्वेस्ट लॉजिस्टिक्स और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भारी निवेश की संभावना है. सरकारी योजनाओं का सही इस्तेमाल सरकार की कई योजनाएं खेती के लिए चलाई जा रही हैं. पीएम धन-धान्य कृषि योजना जैसी योजनाएं उन इलाकों में मदद कर सकती हैं जहां खेती कमजोर है. बजट में यह ध्यान रखना चाहिए कि इन योजनाओं का फायदा छोटे किसानों, बारिश पर निर्भर इलाकों और महिलाओं तक पहुंचे.  विकसित भारत की नींव है मजबूत खेती अगर भारत को 2047 तक विकसित देश बनाना है, तो खेती को मजबूत बनाना जरूरी है. बजट 2026 भारतीय खेती को नई दिशा दे सकता है. सरकार के सहयोग से किसान खुशहाल होंगे तो देश भी आगे बढ़ेगा.

MP सरकार का स्वास्थ्य कदम: तंबाकू और सिगरेट की लत छुड़ाने फ्री च्युइंग गम

शहडोल  शहडोल जिले के तीन अस्पतालों में उन लोगों के लिए एक नई सुविधा चालू की गई है, जो तंबाकू-गुटका और सिगरेट जैसे नशे को छोड़ना चाहते है। जिला अस्पताल सहित सिविल अस्पताल ब्यौहारी और जयसिंहनगर में एनआरटी च्युइंग गम (निकोटीन रिप्लेसमेंट थैरेपी) का मरीजों को निश्शुल्क वितरण किया जा रहा है। प्रदेश स्तर से स्वास्थ्य विभाग ने शहडोल सहित प्रदेश के अन्य जिलों के आधा सैकड़ा अस्पतालों में यह सुविधा चालू की है, जिसमें सभी जिला और सिविल अस्पताल शामिल हैं। इस कार्य के लिए ओपीडी में अलग से डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर व अन्य अमले की तैनाती की गई है, जो व्यक्ति तंबाकू-गुटका, सिगरेट छोड़ना चाहता है, इन सरकारी अस्पतालों में जाकर च्युइंग गम प्राप्त कर सकता है। यहां च्युइंग गम देने के साथ डॉक्टरों द्वारा कांउसलिंग भी की जा रही है, ताकि नशे की लत से लोगों को छुटकारा दिलाया जा सके। हालांकि योजना के प्रचार-प्रसार के अभाव में अभी लोग कम संख्या में अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। नशे से मिल रहा छुटकारा तीनों अस्पतालों में अब 200 से ज्यादा लोग च्युइंग गम ले चुके हैं और नियमित ले भी रहे हैं। अब तीन हजार च्युइंग गम का वितरण किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश का कहना है कि च्युइंग गम का इस्तेमाल शुरू करने के बाद तंबाकू की लत से वे दूर हो रहे हैं। कई लोगों ने यह बताया कि शुरू में दो-चार दिन थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन डॉक्टरों से लगातार संपर्क रहते हुए च्युइंग गम चबा रहे है, जिससे नशे से छुटकारा मिल रहा है। जब भी तंबाकू, गुटका और सिगरेट लेने की इच्छा होती है, तो उसके स्थान पर च्युइंग गम ले रहे हैं। इस्तेमाल से नशे से मिलेगा छुटकारा आरएमओ जिला अस्पताल डॉ. पुनीत श्रीवास्तव ने बताया कि तंबाकू में निकोटीन पदार्थ होता है जो बहुत अधिक एडिक्ट है। निकोटीन पोलेक्रीलेक्स च्यूइंगगम निकोटीन रिप्लेसमेंट थैरेपी (एनआरटी) का एक रूप है। इसमें निकोटीन होता है, लेकिन तंबाकू के अन्य टाक्सिक कैमिकल जैसे टार और कार्बन मोनोक्साइड नहीं होते हैं। इसका इस्तेमाल धूम्रपान छोड़ने और धूम्रपान छोड़ने पर होने वाली परेशानियों जैसे असुविधाजनक विथड्रावल इफेक्ट और क्रेविंग को कम करने में मदद करने के लिए किया जाता है। यह दवा कई वर्षों से लोगों को धूम्रपान छोड़ने में मदद कर रही है और अगर काउंसलिंग जैसी अन्य सहायता ली जाए तो यह और अधिक प्रभावी है। इसे इलाज के रूप में अनेक सप्ताह तक लिया जा सकता है। जिला अस्पताल में काउंसलिंग के साथ दवा निश्शुल्क दी जा रही है। सरकार ने नशा मुक्ति के लिए शुरू किया प्रयोग     शहडोल जिला अस्पताल सहित दोनों सिविल अस्पताल में एनआरटी च्युइंग गम निश्शुल्क दी जा रही है। तंबाकू जैसे नशा को छोड़ने में यह च्युइंग गम कारगर साबित होगी। इसका सेवन कुछ दिन तक नियमित करने से फायदा मिलेगा। सरकार ने नशा मुक्ति के लिए यह प्रयोग पूरे प्रदेश में शुरू किया है। – डॉ. राजेश मिश्रा सीएमएचओ शहडोल।  

5 बड़े नियम बदल रहे हैं 1 फरवरी से, देखें कौन-सा नियम आम लोगों को प्रभावित करेगा

भोपाल फरवरी 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए बड़े बदलावों की सौगात लेकर आ रही है। आम बजट 2026 के साथ शुरू हो रहे इस महीने में रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं। LPG सिलेंडर, FASTag, तंबाकू उत्पाद, बैंक छुट्टियां और ईंधन के दाम हर तरफ असर ही असर। आइए जानते हैं 1 फरवरी 2026 से लागू होने वाले 5 बड़े बदलाव, जो आपकी जेब और सुविधा दोनों को प्रभावित करेंगे। 1. तंबाकू पर टैक्स का तगड़ा झटका पान मसाला और सिगरेट पीने वालों के लिए फरवरी की शुरुआत झटका साबित हो सकती है। सरकार ने GST क्षतिपूर्ति उपकर हटाकर नया उत्पाद शुल्क और उपकर लागू कर दिया है। अब GST के अलावा स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर भी लगेगा। असर जनवरी से ही दिखने लगा है.. सिगरेट: ₹2 प्रति स्टिक महंगी पान मसाला: ₹1 तक बढ़ोतरी 2. FASTag यूजर्स को बड़ी राहत FASTag लेने की प्रक्रिया अब और आसान होने वाली है। NHAI ने कार, जीप और वैन के लिए FASTag KYC वेरिफिकेशन की अनिवार्यता खत्म करने का फैसला लिया है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। मतलब: नया FASTag लेना अब झंझट-मुक्त। 3. फरवरी में ज्यादा बैंक छुट्टियां फरवरी की शुरुआत ही बैंक हॉलिडे से होगी। RBI की लिस्ट के मुताबिक, साप्ताहिक अवकाश और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती समेत इस महीने करीब 10 दिन बैंक बंद रहेंगे। ज़रूरी बैंकिंग काम पहले निपटा लें। 4. LPG सिलेंडर के नए दाम हर महीने की तरह 1 फरवरी को LPG सिलेंडर की नई कीमतें जारी होंगी। 14 किलो घरेलू सिलेंडर पर सबकी नजर जनवरी में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर ₹14.50 सस्ता हुआ था.  उम्मीद है फरवरी में घरेलू गैस की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है। 5. CNG, PNG और ATF के रेट में बदलाव LPG के साथ-साथ CNG, PNG और ATF (एयर टर्बाइन फ्यूल) के नए रेट भी जारी होंगे।ATF सस्ता या महंगा होने का सीधा असर हवाई टिकटों पर पड़ेगा। जनवरी में ATF करीब 7% सस्ता हुआ था, फरवरी में भी उतार-चढ़ाव संभव है। फरवरी 2026 सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि नियमों का टर्निंग पॉइंट है। कहीं राहत, कहीं महंगाई—इन बदलावों से हर घर प्रभावित होगा।

बायपास विस्तार से जुड़ी बड़ी खबर, अयोध्या में 208 दुकानें हटेंगी, सड़क होगी 10 लेन चौड़ी

भोपाल   भोपाल के अयोध्या बायपास के लिए रत्नागिरी तिराहे से काम तेज किया जा रहा है। 10 लेन तक चौड़ाई बढ़ाने रत्नागिरी तिराहे पर 208 दुकानों को हटाया(demolished) जाएगा। एसडीएम ने दुकानदारों को नोटिस जारी किया है। दुकानदार इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से शिकायत भी की है। दुकानदारों का कहना है कि वे 30 साल से यहां है और ऐसे उन्हें हटा देना ठीक नहीं है। दुकानदारों ने कलेक्टर को उन्हीं की दुकान के पीछे बंद पड़ी एक फैक्ट्री में जगह देकर विस्थापित करने की मांग की। करोंद चौराहा पर बनेगा ब्रिज प्रोजेक्ट के तहत करौंद चौराहा पर ओवरब्रिज का काम शुरू कर दिया है। इससे चौराहा पर जाम की समस्या दूर होगी। स्थानीय ट्रैफिक नीचे रोड से गुजरेगा, जबकि आगे बायपास की ओर जाने वाला ट्रैफिक सीधे ब्रिज से गुजरेगा। मेट्रो से जुड़ जाएगा बायपास रत्नागिरी तिराहा तक मेट्रो व बायपास(Ayodhya Bypass Widening) दोनों के लिए काम किया जा रहा है। भदभदा से रत्नागिरी तिराहा तक की ब्लू लाइन रत्नागिरी पर ही खत्म होगी। भोपाल में अंडरग्राउंड लाइन की उठी मांग मेट्रो रेल की एलीवेटेड लाइन को अंडरग्राउंड करने उत्तर विधानसभा के कांग्रेसी विधायक आतिफ अकील ने शासन समेत सांसद आलोक शर्मा को पत्र लिखकर सिंधी कॉलोनी से डीआइजी बंगला तक लाइन को अंडरग्राउंड करने की मांग की। अब मेट्रो रेल कॉरपोरेशन इन मांगों से उलझन में आ रहा है। ज्ञात हो कि इंदौर में भी एलीवेटेड का अंडरग्राउंड की मांग उठी थी और बीते माह प्रोजेक्ट का एक हिस्सा अंडरग्राउंड करने पर सहमति बनी। 3.34 किमी अंडरग्राउंड लाइन प्रस्तावितः मेट्रो प्रोजेक्ट की ओरेंज लाइन में पुल बोगदा के बाद एशबाग से सिंधी कॉलोनी तक 3.34 किमी की अंडरग्राउंड लाइन तय है। 1100 करोड़ में इसका काम दिया गया है। अभी भोपाल रेलवे स्टेशन के सामने अंडरग्राउंड स्टेशन का काम चल रहा है। इसके साथ सिंधी कॉलोनी व पुल बोगदा के पास काम शुरू हुआ है।

OBC आरक्षण विवाद: MP में आंदोलन की संभावना, सरकार सुप्रीम कोर्ट में पिछड़ी

भोपाल   एमपी में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई फिर टल गई। अब 4 फरवरी को सुनवाई होना संभावित है। इसके बाद अब ओबीसी महासभा (OBC Mahasabha) वापस आंदोलन की राह पर चलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बैठक भी की गई, जिसमें बार-बार सुनवाई टलने को लेकर चिंता जाहिर की गई। साथ ही आगे की आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। दरअसल, दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गुरुवार को सुनवाई थी, लेकिन यह टल गई। ओबीसी महासभा ने कहा कि अब केवल अदालत की तारीखों का इंतजार नहीं होगा। जल्द कोई फैसला नहीं आता है तो आंदोलन होगा। (MP News) सरकार ने दी सफाई गुरुवार को ओबीसी मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट में सरकार की ओर से एएसजी केएम नटराज, स्टैंडिंग काउंसिल मृणाल अलंकार और रूपराह तथा एएजी धीरेंद्र परमार उपस्थित होकर तथ्य रखे थे। शासन ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के द्वारा कही गई बात ओबीसी महासभा के बारे में की गई है। सरकार ने अपना पक्ष रखा है। सरकार ने नहीं रखा ठोस पक्ष महासभा याचिकाकर्ता व ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस और प्रभावी पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे लंबे समय से लागू 13% होल्ड हटाने की दिशा में कोई निर्णय नहीं हो सका। लगातार देरी से ओबीसी समाज में आक्रोश है। इसे केवल न्यायिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों के साथ अन्याय के रूप में देखा जा रहा है। गुर्जर ने कहा, अब आंदोलन अनिवार्य हो गया है। महासभा की बैठक के बाद जल्द ही आंदोलन की तारीख की घोषणा होगी।

MP मौसम अपडेट: 40 से ज्यादा जिलों में तीन दिन तक बारिश की चेतावनी

भोपाल   आधे से ज्यादा मध्य प्रदेश कोहरे के आगोश में है और मौसम लगातार बदलता दिख रहा है। दो दिन से अचानक बढ़ी ठंड और अब बारिश के आसार…। दरअसल मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। शनिवार 31 जनवरी से मध्य प्रदेश में एक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है, जिसके कारण एमपी के कई जिलों में लगातार तीन दिन तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है।  एमपी में क्यों बदला मौसम मौसम विभाग (IMD Alert) का कहना है, पिछले एक पखवाड़े से मौसम की चाल में बदलाव हो रहा है। लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति बन रही है, जिससे हवा का रूख बार-बार बदल रहा है और कभी मौसम सर्द तो कभी गर्म हो रहा है। हाल ही में एक पश्चिमी विक्षोभ गुजरा है और उत्तर भारत में हुई बर्फबारी के बाद बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में एंट्री मारी है। जिसके असर से यहां मौसम एक बार फिर सर्द हो गया है।  वेस्टर्न डिस्टर्बैंस लेकर आया बारिश का दौर मौसम विभाग के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर लौटने को है। 31 जनवरी और 1 से 2 फरवरी को पानी गिरने की संभावना है। इससे पहले कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। आज शुक्रवार 30 जनवरी को प्रदेश के करीब आधे हिस्से में घना कोहरा छाया रहेगा। वहीं सुबह भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, चंबल, शहडोल, सागर और रीवा संभाग के 24 जिलों में कहीं हल्का तो कहीं मध्यम कोहरा छाया हुआ है। 3 दिन लगातार बारिश का अलर्ट अब मौसम विभाग ने एमपी के ग्वालियर, शहडोल, रीवा, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, दतिया, भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर, रीवा, मऊगंज, कटनी में कोहरा बने रहने और अगले तीन दिन बारिश गिरने की संभावना जताई है। 31 जनवरी को इन जिलों में गिरेगा पानी कल शनिवार 31 जनवरी को ग्वालियर, विदिशा, छतरपुर, टीकमगढ़, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, गुना और सागर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 फरवरी को यहां बारिश के आसार वहीं 1 फरवरी को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, ग्वालियर, गुना, विदिशा, सतना, सागर, सीहोर, रीवा, रायसेन, राजगढ़, श्योपुर, शाजापुर, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर मालवा, मंदसौर, मुरैना, भिंड, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, दतिया, पन्ना और नीमच में बारिश होने के आसार है। 2 फरवरी को इन जिलों में होगी बरसात मौसम विभाग ने 2 फरवरी को भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, शाजापुर, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, सतना, सीहोर, सागर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, निवाड़ी, रायसेन, राजगढ़, रीवा, मऊगंज, मैहर, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, गुना, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, दतिया, दमोह, खरगोन, खंडवा, हरदा, धार, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी और उमरिया में बारिश का अलर्ट जारी किया है।