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इस बजट में आपकी जेब पर क्या असर? मिडिल क्लास और टैक्सपेयर्स के लिए मुख्य घोषणाएं

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (फरवरी) को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। खास बात यह रही कि भारत के स्वतंत्र इतिहास में पहली बार बजट रविवार को प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री ने बजट को पारंपरिक ‘बही-खाता’ शैली के कवर में रखे डिजिटल टैबलेट के माध्यम से पेश किया। अपने भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और सतत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाते हुए सरकार ने घरेलू विनिर्माण को मजबूत किया, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की और महत्वपूर्ण आयात निर्भरता को कम किया है। इन प्रयासों के चलते भारत ने लगभग 7% की उच्च विकास दर हासिल की है और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। आइए जानते हैं आम आदमी के लिए केंद्रीय बजट 2026 का क्या मतलब है? करदाताओं को राहत – संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। – ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई पहले की तरह ही रहेगी। – गैर-ऑडिट मामलों और ट्रस्ट्स के लिए रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा 31 अगस्त कर दी गई है। – एनआरआई को बड़ी राहत: संपत्ति बिक्री पर अब TDS की कटौती खरीदार करेगा, जिससे कागजी कार्रवाई आसान होगी। रोजगार के नए अवसर – पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है, जिससे सड़क, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। – 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से निर्माण कार्य और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिलेगा। छोटे व्यापारियों और MSME को मजबूती – ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूत बनाने के लिए। – आसान लोन, नीति समर्थन और नई तकनीक से छोटे व्यापारियों को सीधा फायदा। महंगाई पर नियंत्रण और सस्ती चीजें – आत्मनिर्भर भारत पर जोर देकर आयात पर निर्भरता कम की जाएगी, जिससे लंबे समय में जरूरी वस्तुएं सस्ती रहेंगी। – सप्लाई चेन मजबूत होने से कीमतों में स्थिरता आएगी। महिलाओं और बेटियों के लिए सुविधाएं – देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास बनाया जाएगा, जिससे शिक्षा और सुरक्षा दोनों बेहतर होंगी। – टेक्सटाइल और MSME सेक्टर में महिलाओं के लिए रोजगार के नए मौके। यात्रा और रोजमर्रा की सुविधा – सड़क, रेलवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बेहतर होने से यात्रा समय घटेगा और ईंधन खर्च कम होगा। – शहरों और गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। स्वास्थ्य और आयुष सेवाएं – आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स का उन्नयन किया जाएगा। – मेडिकल और वेटरनरी शिक्षा को बढ़ावा, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग में नौकरियां – मेगा टेक्सटाइल पार्क से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था – राजकोषीय घाटा घटकर GDP का 4.3% रहने का अनुमान। – सरकार के अनुसार 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, जिससे आर्थिक स्थिरता मजबूत हुई। कुल मिलाकर आम आदमी को क्या फायदा? • रोजगार के अवसर बढ़ेंगे • टैक्स भरना आसान होगा • बेहतर सड़क, रेल और सुविधाएं मिलेंगी • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार • महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता  

एविएशन में बड़ा कदम: भारत में एयरक्रॉफ्ट मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार ने लिया कर-मुक्त फैसला

नई दिल्ली यूनियन बजट 2026 में सरकार ने एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिविल और डिफेंस एविएशन में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट का ऐलान किया है। इस फैसले से न सिर्फ लागत घटेगी, बल्कि भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।   सिविल एविएशन के लिए क्या बदला? बजट 2026 के तहत सरकार ने सिविलियन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और अन्य विमानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने का फैसला किया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अब भारत में विमान बनाना सस्ता और आसान हो जाएगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। डिफेंस एविएशन को भी बड़ी राहत सिर्फ सिविल ही नहीं, डिफेंस एविएशन के लिए भी बजट 2026 में बड़ी घोषणा की गई है। डिफेंस एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (Raw Materials) पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी। यह छूट खास तौर पर MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) और डिफेंस यूनिट्स की ऑपरेशनल जरूरतों के लिए लागू होगी। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को कैसे मिलेगा फायदा? वित्त मंत्री के मुताबिक इन फैसलों का मकसद लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग की लागत कम करना और भारतीय कंपनियों को ज्यादा कॉम्पिटिटिव बनाना है। सरकार एविएशन और डिफेंस सेक्टर में नए निवेश को आकर्षित करना चाहती है। भारत बनेगा ग्लोबल एविएशन हब? सरकार पहले से ही चाहती है कि भारत सिर्फ विमान उड़ाने वाला देश न होकर, विमान बनाने वाला, उनके पार्ट्स तैयार करने वाला और MRO सर्विसेज देने वाला ग्लोबल सेंटर बने। ड्यूटी छूट जैसे कदम इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। रोजगार और स्टार्टअप्स को भी मिलेगा बूस्ट इस फैसले का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। MSME सेक्टर, एविएशन स्टार्टअप्स, स्किल्ड मैनपावर सभी के लिए नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले सालों में हजारों नई नौकरियां बनने की उम्मीद है। बजट 2026 (Budget 2026) में एविएशन इंडस्ट्री के लिए ड्यूटी-फ्री मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान यह साफ संकेत देता है कि सरकार भारत को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाना चाहती है। इसके साथ ही सिविल और डिफेंस दोनों सेक्टर को साथ लेकर चलने वाली यह रणनीति आने वाले समय में भारत की एविएशन इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।  

टैक्सपेयर्स के लिए बजट का संदेश—इनकम टैक्स में बदलाव पर वित्त मंत्री ने क्या साफ किया?

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया और इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो अब तक किसी भी वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए सबसे ज्यादा बजटों में शामिल हो गया है। बजट भाषण से पहले उन्होंने परंपरा के अनुसार कर्तव्य भवन स्थित वित्त मंत्रालय में कार्यभार संभाला और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। अपने भाषण में वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था, सुधारों और भविष्य की विकास योजनाओं पर जोर दिया। इनकम टैक्स स्लैब में हुआ है बदलाव? बजट 2026 में आम करदाताओं की सबसे ज्यादा नजर इनकम टैक्स स्लैब पर टिकी हुई थी। हालांकि, इस बार वित्त मंत्री ने आयकर की दरों या स्लैब में कोई बड़ा बदलाव करने का ऐलान नहीं किया। लेकिन राहत की बात यह रही कि उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। अब करदाता 31 मार्च तक नाममात्र शुल्क के साथ रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे नौकरीपेशा और छोटे करदाताओं को काफी सहूलियत मिलेगी, जो तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से समय पर रिटर्न नहीं भर पाते। पुरानी टैक्स व्यवस्था अगर पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) की बात करें, तो इसमें स्लैब पहले जैसे ही रखे गए हैं। सालाना ₹2.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा। ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आय पर 20 फीसदी टैक्स और ₹10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स लागू रहेगा। इस व्यवस्था में छूट और कटौतियों (जैसे HRA, 80C, 80D) का फायदा मिलता है, इसलिए कई करदाता अभी भी इसे पसंद करते हैं। नई टैक्स व्यवस्था वहीं नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में ज्यादा स्लैब हैं और टैक्स दरें चरणबद्ध तरीके से बढ़ती हैं। ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है। ₹4 से ₹8 लाख तक 5 फीसदी, ₹8 से ₹12 लाख तक 10 फीसदी, ₹12 से ₹16 लाख तक 15 फीसदी, ₹16 से ₹20 लाख तक 20 फीसदी और ₹20 से ₹24 लाख तक 25 फीसदी टैक्स लगेगा। ₹24 लाख से ज्यादा आय पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए आसान मानी जाती है जो ज्यादा कटौतियों का दावा नहीं करते। कुल मिलाकर, बजट 2026 में टैक्स स्लैब भले न बदले हों, लेकिन प्रक्रियाओं को आसान बनाने की कोशिश जरूर दिखाई दी।  

देश में बुलेट ट्रेन नेटवर्क का विस्तार: बजट में 7 हाई स्पीड कॉरिडोर का ऐलान, जानें पूरा रूट प्लान

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के कायाकल्प के लिए एक महात्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। सरकार ने देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जो भारतीय रेल को पूरी तरह बदल देंगे। बजट प्रस्तावों के अनुसार, इन कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन की तर्ज पर हाई-स्पीड ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनकी गति 250-320 किमी/घंटा तक हो सकती है।   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया है। इनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलिगुड़ी शामिल हैं। 1. मुंबई – पुणे (महाराष्ट्र): आर्थिक राजधानी और आईटी हब के बीच की दूरी को न्यूनतम समय में समेटने के उद्देश्य से इसे मंजूरी दी गई है। 2. दिल्ली – वाराणसी (उत्तर प्रदेश): दिल्ली को धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी से जोड़ने वाला कॉरिडोर। आपको बता दें कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। 3. हैदराबाद – बेंगलुरु: दक्षिण भारत के दो सबसे बड़े टेक हब के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी। 4. बेंगलुरु – चेन्नई: चेन्नई बंदरगाह और बेंगलुरु के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाला कॉरिडोर। 5. दिल्ली – अहमदाबाद: मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के विस्तार के रूप में दिल्ली तक कनेक्टिविटी। 6. मुंबई – नागपुर: 'समृद्धि महामार्ग' के समानांतर महाराष्ट्र के दो प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए। 7. हावड़ा – वाराणसी: पूर्वोत्तर भारत को मध्य और उत्तर भारत के हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ना। इससे पहले रेलवे ने कहा था कि 2026 के अंत तक 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रोल-आउट का लक्ष्य रखा गया है, जो राजधानी एक्सप्रेस की जगह लेंगी। इसके साथ ही स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम 'कवच' के नवीनतम संस्करण को 44,000 रूट किलोमीटर तक विस्तारित करने के लिए प्रस्तावित है।  

खेती में AI की एंट्री! सरकार का नया टूल करेगा मौसम, फसल और जोखिम की स्मार्ट भविष्यवाणी

नई दिल्ली बजट 2026 में सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिससे आने वाले समय में खेती करने का तरीका बदल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ‘भारत विस्तार’ नाम के एक नए AI सिस्टम की बात की है, जो सीधे किसानों की मदद के लिए बनाया है। आज भी किसान मौसम, जमीन और फसल को लेकर सही जानकारी के बिना खेती करते हैं। कभी बारिश धोखा दे देती है, कभी फसल खराब हो जाती है। इन सब वजहों से किसान को नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार अब चाहती है कि किसान सिर्फ अंदाजे से नहीं, बल्कि सही जानकारी के साथ खेती करे। ‘भारत विस्तार’ AI सिस्टम किसान को उसके इलाके के हिसाब से खेती से जुड़ी जरूरी बातें बताएगा। जैसे मौसम कैसा रहेगा, कौन-सी फसल ठीक रहेगी और किस समय क्या करना सही होगा। सरकार का मानना है कि इससे किसान का नुकसान कम होगा और आमदनी बेहतर हो सकेगी। AI खेती करेगा खेती में मदद किसान के सामने सवाल होता है कि फसल कब बोएं, कब पानी दें या कब दवा डालें। कई बार गलत समय पर काम करने से फसल खराब हो जाती है। भारत विस्तार AI ऐसे सवालों के जवाब देगा। यह मौसम की जानकारी देखकर बताएगा कि आने वाले दिनों में बारिश होगी या नहीं। अगर ज्यादा गर्मी या ठंड का असर पड़ेगा तो पहले ही चेतावनी देगा। इससे किसान समय रहते सही कदम उठा सकेगा। किसान कैसे करेंगे ये इस्तेमाल भारत विस्तार को इस तरह बनाया जाएगा कि किसान आसानी से मोबाइल या कंप्यूटर पर इसका इस्तेमाल कर सके। इसमें बहुत आसान भाषा होगी। किसान अपनी ही रोजमर्रा की भाषा में सवाल पूछ सकेगा और जवाब पा सकेगा। अगर किसान जानना चाहता है कि उसकी फसल में बीमारी क्यों लग रही है, तो वह सिस्टम से पूछ सकता है। AI उसे आसान तरीके से बताएगा कि क्या करना सही रहेगा।मौसम बदलने की वजह से किसान को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। कभी अचानक बारिश, कभी सूखा और कभी ओले फसल बर्बाद कर देते हैं। भारत विस्तार AI मौसम पर नजर रखेगा और पहले ही किसान को सतर्क कर देगा। अगर ज्यादा बारिश की संभावना होगी तो किसान को पहले से जानकारी मिल जाएगी।  

साल भर का कोटा 5 मैच में पूरा! सूर्या का बल्ला उगते सूरज से भी तेज चमका

नई दिल्ली भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए साल 2025 किसी बुरे सपने की तरह ही था। पूरे साल उन्होंने कोई भी अर्धशतक नहीं लगाया। 23 पारियों तक उनके बैट ने अर्धशतक का स्वाद नहीं चखा। उनकी चारों तरफ आलोचना हो रही थी और कहा जा रहा था कि टीम में जगह तक नहीं बनती तो नेतृत्व कैसे कोई संभाल रहा है। इन आलोचनाओं का सूर्यकुमार यादव ने बुरे समय में हंसकर जवाब दिया और सबसे विनम्र रहे। सूर्या ने हमेशा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह आउट ऑफ फॉर्म नहीं हैं, हां उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं। 2025 के आंकड़े भी सूर्यकुमार यादव के इस बयान की गवाही देते हैं कि बीता साल उनके लिए अच्छा नहीं था। पिछले साल सूर्यकुमार यादव ने 21 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे, जिसमें सिर्फ 218 रन ही बना सके थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट हमेशा की तरह ऊपर रहा, लेकिन औसत काफी गिर गई थी। 2025 के बुरे समय को झेलने के बाद सूर्यकुमार यादव ने 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से रनों की किरणों का बिखराव कर दिया। टी-20 विश्व कप से पहले कप्तान फॉर्म में आ चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि जितने रन वे 2025 में पूरे साल में नहीं बना सके थे, उससे कहीं ज्यादा रन उन्होंने 2026 के पिछले 5 मैचों में बना दिए हैं। सही मायनों में विश्व कप से पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की खेली गई यह टी-20 सीरीज कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए बूस्टर डोज की तरह थी। इस साल सूर्या ने 5 मैचों की पांच पारियों में बल्लेबाजी की है और रिकॉर्ड 242 रन बनाए हैं। ये सभी रन उन्होंने न्यूजीलैंड सीरीज में ही बनाए। सूर्यकुमार यादव के ये आंकड़े दिखाते हैं कि अब भारतीय टीम का सूर्योदय हो चुका है, क्योंकि कप्तान फॉर्म में आ चुके हैं। 5 मैचों की न्यूजीलैंड सीरीज में भारतीय कप्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 242 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी अपने नाम किया। इस सीरीज में सिर्फ 2 ही बल्लेबाजों ने 200 का आंकड़ा पार किया जिसमें सूर्यकुमार यादव के साथ ईशान किशन भी शामिल हैं। पांचवें और आखिरी टी-20 मैच में सूर्यकुमार यादव ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने तीन हजार रन भी पूरे किए। हालांकि, बतौर कप्तान वे 1000 टी-20 रन बनाकर विराट कोहली, रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी के क्लब में शामिल होने से कुछ रन चूक गए। उन्हें यह रिकॉर्ड बनाने के लिए 73 रनों की जरूरत थी, लेकिन वे 63 रन ही बना सके। टी-20 विश्व कप से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव का फॉर्म में आना भारतीय क्रिकेट टीम के लिए शुभ संकेत हैं। भारतीय बल्लेबाजी इस समय तबाही मचा रही है, हालांकि, गेंदबाजी में लगातार अर्शदीप के खर्चीले ओवर और पिछले मैच में बुमराह का महंगा स्पेल डालना भारतीय टीम के लिए चिंता का सबब बन रहा है। स्पिन गेंदबाजों ने मोर्चा संभाला हुआ है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 7 फरवरी से शुरू हो रहे मेगा इवेंट में सूर्या ब्रिगेड क्या कमाल दिखा पाती है।  

बजट की ‘आयरन लेडी’ निर्मला सीतारमण: 9वीं पेशी से रचा इतिहास, टूट सकता है एक और बड़ा रिकॉर्ड

नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इतिहास रच दिया है। वह ऐसी पहली वित्त मंत्री हैं जिन्होंने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है। वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता पी चिदंबर दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने तीन दशकों में 9 बार केंद्रीय बजट पेश किया था। अगर सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने की बात करें तो यह रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के पास है। अगर अगले साल भी निर्मला सीतारण बजट पेश करती हैं तो वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का भी रिकॉर्ड तोड़ देंगी।   बजट ने रचा एक और इतिहास इस बार के बजट ने एक और इतिहास बनाया है। भारत में पहली बार रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया गया है। आम तौर पर इस दिन स्टॉक मार्केट और सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। बजट की वजह से बीएसई और एनएसई में आज भी ट्रेडिंग चल रही है। हालांकि बजट पेश होते ही शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 1999 में भी पड़ा था रविवार आम तौर पर अगर बजट वाले दिन रविवार पड़ जाता था तो इसे अगले दिन के लिए शिफ्ट कर दिया जाता था। 1999 में जब यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री थे तब ऐसा ही हुआ था। हालांकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। 1 फरवरी को रविवार होने के बाद भी बजट लोकसभा में पेश किया गया। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि आईटी सेवाओं के लिए सुरक्षित स्थल का लाभ उठाने की सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये की जा रही है वित्त मंत्री ने कहा कि शराब, स्क्रैप (कबाड़) और खनिज पर स्रोत पर कर संग्रह की दर को तर्कसंगत बनाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। सीतारमण ने स्वदेशी लेखा कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित आश्रय नियमों के तहत लेखाकारों की परिभाषा को युक्तिसंगत बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों के लाभांश आय को कटौती के रूप में स्वीकार करेगी।  

आरटीई एडमिशन पर नया नियम: यूपी में किराएदार परिवारों के बच्चों को नहीं मिलेगा लाभ

लखनऊ शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में होने वाले प्रवेश के नियमों में बदलाव किया गया है। किराए के मकान में रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में घर का पंजीकरण जरूरी है। बच्चों के यूनिफार्म का पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में अब निदेशालय स्तर से ही भेजा जाएगा। इसमें बैंक से आधार कार्ड का सत्यापन जरूरी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राजधानी में संचालित 1576 प्राइवेट स्कूलों में करीब 21000 सीटों पर प्रवेश के लिए 2 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों के दस्तावेज की ऑनलाइन कॉपी विभाग के वेबसाइट पर भी अपलोड होगी। संबंधित निजी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य यूजर आईडी के माध्यम से संबंधित बच्चों के दस्तावेज को चेक भी कर सकते हैं। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के प्रवेश में पादर्शिता बनी रहेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, बीते साल 1398 निजी स्कूलों में कुल 18000 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन लिए गए थे। इस बार स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ- साथ सीटों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस विभाग की ओर से आपूर्ति की जा रही है इसके लिए संबंधित स्कूलों से डाटा मांगा गया है। निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए पहले चरण की 2 से 16 फरवरी तक आवेदन होंगे। 21 फरवरी से 7 मार्च तक द्वितीय चरण और 12 से 25 मार्च तक तृतीय चरण के लिए आवेदन होंगे। आवेदन और दस्तावेज जांच के बाद 18 फरवरी को पहली लॉटरी, 9 मार्च को द्वितीय लॉटरी और 27 मार्च को तृतीय चरण की लॉटरी जारी होगी। आईटीई प्रवेश के लिए इन दस्तावेज की होगी जरूरत शहर निवासी और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को ही आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश मिलेंगे। जिला शिक्षा परियोजना समिति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रवेश के दौरान तहसीलदार द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्र में जॉब कार्ड,चिकित्सा प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की जरूरत होगी। मानक के अनुसार, इनमें से जरूरी दस्तावेज होने पर ही प्रवेश आवेदन होंगे।  

पीएम मोदी बोले—बजट से मजबूत होगी स्किल और सस्टेनेबिलिटी, नागरिक ही देश की सबसे बड़ी पूंजी

नई दिल्ली पीएम मोदी ने रविवार को बजट पर कहा, 'देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। जो बदलाव किए गए हैं वो एक्सप्रेशन से भरे हुए भारत के साहसिक प्रतिभाशाली युवाओं को खुला आसमान देते हैं।' उन्होंने कहा कि बजट से रिफॉर्म्स को नई गति मिलेगी। ये स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूत करने का प्रयास है। सबसे बड़ी पूंजी नागरिक, इसी में निवेश किया। पीएम ने कहा कि यह एक ऐसा यूनिक बजट है, जिसमें फिसकल डेफिसिट कम करने पर फोकस है। इसके साथ बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ का समन्वय है। यह देश की ग्लोबल भूमिका को नए सिरे सशक्त करता है।

पलामू में 3 लोगों की धारदार हथियार से हत्या

पलामू. पलामू. झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत आसेहार पंचायत के कुसड़ी गांव पुरानी बथान में अंधविश्वास ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया. डायन-बिसाही के आरोप में पति, पत्नी और बेटे की निर्मम हत्या कर दी गयी, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है. मृतकों की पहचान और आरोपों की पृष्ठभूमि मृतकों की पहचान विजय भुईया (उम्र लगभग 45 वर्ष), उनकी पत्नी कलिया देवी (40 वर्ष) और 17 वर्षीय बेटे छोटू भुईया के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, महेशी भुईया की हालिया मृत्यु के बाद उनके पुत्र प्रमोद भुईया और रविन्द्र भुईया ने गांव के ही कुछ लोगों पर डायन-बिसाही कराने का आरोप लगाया था. यही आरोप धीरे-धीरे आपसी विवाद और फिर हिंसा में बदल गया. हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल इस हिंसक घटना में ममता कुमारी (14 वर्ष) और पुत्रवधू नीतू देवी (25 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गयीं. दोनों को तत्काल पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है. डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में इलाज कर रही है. पुलिस की देरी पर ग्रामीणों में आक्रोश ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद पांकी थाना पुलिस करीब चार घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची. इस दौरान मौके पर केवल चौकीदार मौजूद था. पुलिस की इस देरी को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया. लोगों का कहना है कि समय पर पुलिस पहुंचती तो शायद स्थिति इतनी भयावह नहीं होती. अंधविश्वास बना जानलेवा ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में डायन-बिसाही और अंधविश्वास को लेकर पहले भी तनाव की स्थिति बनती रही है. कमजोर जागरूकता, अशिक्षा और आपसी रंजिश अक्सर ऐसे मामलों को हिंसक रूप दे देती है. यह घटना इसी सामाजिक समस्या का भयावह उदाहरण मानी जा रही है. गांव में दहशत, सख्त कार्रवाई की मांग घटना के बाद से गांव में डर का माहौल बना हुआ है. कई परिवार अपने घरों में दुबके हुए हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग उठी है. जांच में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.