samacharsecretary.com

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद भोपाल  कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन पर,सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी रामगोपाल भदौरिया के नेतृत्व में भोपाल जिले की आबकारी विभाग की टीम ने की  रात्रि में मुखबिर की सूचना के आधार पर  विदिशा रोड पर  एक एरटिगा वाहन सहित 06 पेटी में 72 बॉटल कुल 54बल्क लीटर अवैध विदेशी मदिरा परिवहन का  प्रकरण दर्ज़ कियाl

बस्तर में 7 फरवरी को राष्ट्रपति फिर आएंगी

जगदलपुर.  बस्तर एक बार फिर इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। 7 फरवरी को देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर पहुंचेंगी। वे बस्तर आने वाली देश की पांचवीं राष्ट्रपति होंगी। लालबाग मैदान में उनके हाथों बस्तर पंडुम का विधिवत शुभारंभ होगा। यह सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान का उत्सव है। आजादी के बाद से अब तक चार राष्ट्रपतियों ने बस्तर का दौरा किया है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद से लेकर रामनाथ कोविंद तक, हर यात्रा ऐतिहासिक रही। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सुरक्षा, मंच, यातायात और आमजन की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह प्रवास बस्तर के लिए सम्मान, विश्वास और विकास का प्रतीक माना जा रहा है। जनजातीय अंचल की संस्कृति अब राष्ट्रीय मंच पर और मजबूती से उभरेगी। बस्तर एक बार फिर देश का ध्यान अपनी ओर खींचने को तैयार है। राष्ट्रपति दौरे को ऐतिहासिक बनाने मैदान में उतरे जनप्रतिनिधि जगदलपुर। महामहिम राष्ट्रपति के आगमन से पहले तैयारियों का दौर तेज हो गया है। लालबाग मैदान में कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए प्रशासन जुटा है।।प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण देव ने स्थल निरीक्षण किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हुई। प्रवेश मार्ग, दर्शक दीर्घा और मंच व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया। कार्यक्रम को संभाग स्तरीय गौरव से जोड़ने की तैयारी है। बस्तर पंडुम 2026 को ऐतिहासिक बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। जनजातीय कला, संस्कृति और पहचान को राष्ट्रीय मंच मिलेगा। प्रशासन ने समन्वय और अनुशासन को प्राथमिकता दी है। यह आयोजन बस्तर के शांतिपूर्ण और विकासशील चेहरे को दर्शाएगा। राष्ट्रपति का यह दौरा जनविश्वास को और मजबूत करेगा। बस्तर उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।

वित्त मंत्री का बड़ा बयान: 4.63 लाख करोड़ का MP बजट, मोहन सरकार का फोकस समावेशी विकास पर

भोपाल  केंद्र सरकार के बजट के बाद अब मध्यप्रदेश की मोहन सरकार भी अपने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारियों में जुट गई है। वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस बार का बजट 'सर्वस्पर्शी' होगा, जिसमें समाज के हर वर्ग को राहत देने की कोशिश की जाएगी। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसमें सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप विकास और समावेशी विकास का रोडमैप पेश करेगी। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल होगा और इसमें 'कृषि कल्याण वर्ष' के तहत किसानों, युवाओं और कर्मचारियों पर विशेष फोकस रखा गया है। समावेशी विकास और राहत पर फोकस मध्यप्रदेश विधानसभा में इस बार का बजट सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया है कि बजट तैयार करते समय उन चार स्तंभों (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति) पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिनकी बात प्रधानमंत्री अक्सर करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस साल के बजट का आकार पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ से करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 4.63 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है। किसानों के लिए बड़ी योजनाओं की उम्मीद राज्य सरकार ने साल 2026 को 'कृषि कल्याण वर्ष' घोषित किया है, जिसका सीधा असर बजट प्रावधानों में देखने को मिलेगा। इस बार कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों जैसे डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता और उद्यानिकी के लिए बजट में भारी वृद्धि की संभावना है। माना जा रहा है कि इन क्षेत्रों के फंड में पिछले साल के मुकाबले इस बार बड़ी बढ़ोतरी की जा सकती है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिले। पूरी तरह 'डिजिटल' होगा बजट मध्यप्रदेश के संसदीय इतिहास में पहली बार पूरी तरह 'ई-बजट' पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कागजी दस्तावेजों के बजाय टैबलेट के माध्यम से बजट भाषण पढ़ेंगे। इसके साथ ही सरकार अगले तीन वर्षों का विजन बताने वाला 'रोलिंग बजट' भी तैयार कर रही है, जो प्रदेश के भविष्य का रोडमैप तय करेगा।  बजट में बड़ी घोषणाएं संभव बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा हो सकती है। साथ ही, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए नए प्रावधान किए जा रहे हैं। सरकार का विशेष फोकस मेट्रोपॉलिटन रीजन और बड़े शहरों के अधोसंरचना विकास (Infrastructure) पर भी रहने वाला है। जैविक खेती और ग्रामीण विकास को बढ़ावा सरकार जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाओं का ऐलान कर सकती है। चूँकि 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, इसलिए खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) इकाइयों की स्थापना के लिए विशेष रियायतों की घोषणा की जा सकती है।

डॉ. मोहन यादव के अनुसार केन्द्रीय बजट खुलेगा आर्थिक विकास के नए द्वार

आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट •    डॉ. मोहन यादव  भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में हम विकसित भारत का मिशन लेकर आगे बढ़ रहे हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा, उद्योगों को सरल प्रक्रियाएँ, निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई सेक्टर को संस्थागत समर्थन और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त होंगी। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की जो नींव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रखी गई है उसे वर्ष 2026-27 के बजट ने और ज्यादा मजबूत किया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब तेजी से नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तत्पर है। युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और उदयमिता के सहयोग से भारत ने आगे बढ़ने जो संकल्प लिया है वह कई अर्थों में अदभुत है। आज जब भारत औदयोगिक निवेश और निर्माण क्षेत्र का हब बनने जा रहा है, उसमें मध्यप्रदेश भी अपनी पूरी शक्ति के साथ योगदान देने के लिए तैयार है। हमने औदयोगिक निवेश के लिये अनूकूल वातावरण तैयार किया, जिससे निरंतर निवेश आ रहा है। नये बजट से पूरे इको-सिस्टम को नई ऊर्जा मिली है। बजट में हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया गया है। इससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ होने वाला है। कृषक कल्याण और कृषि विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया है। इसी प्रकार सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीक के विकास पर बजट में ध्यान केन्द्रित किया गया है। इन तीनों क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को हाई टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। इन क्षेत्रों के लिये नीतियां बनाने का काम पूरा कर लिया है। निवेश आकर्षित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं।  केन्द्रीय बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। यह सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश में तेजी से शिक्षा का आधुनिकीकरण हो रहा है, नया बजट युवाओं के कौशल विकास और रोज़गार के लिए व्यापक अवसर लेकर आया है। शिक्षा से रोजगार एवं उदयम स्थायी समिति का गठन और 15 हजार माध्यमिक विदयालयों एवं 500 महाविदयालयों में एपीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10 हजार गाइड्स के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेलों के परिदृश्य में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। महिलाओं के लिये एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रूपये का आवंटन लाभदायी होगा। युवा भारत के लिये सेवा क्षेत्र का विस्तार संभावनाओं के नये द्वार खोलेगा और रोज़गार और उदयम के अवसर बढ़ेंगे।  महिला उदयमिता को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना में महिला उदयमियों को क्रेडिट लिंक आजीविका से उद्म स्वामित्व से जोड़ने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश ने पहले ही इस दिशा में ठोस प्रयास किये हैं।      सिटी ईकॉनामिक रीजन बनाने की नीति मध्यप्रदेश के शहरी विकास के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। शहरों को संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने में यह सहायक सिद्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इससे मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे और निवेश अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। यह निवेश मॉडल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स तथा व्यापारिक सुगमता को व्यापक रूप से मजबूत बनायेगा।  बजट में सामाजिक समावेश पर पूरा ध्यान दिया गया है। आर्थिक विकास की ये पहल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। समावेशी विकास के साथ मानव-पूंजी निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। शी-मार्ट्स, दिव्यांगजन कौशल योजना, सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा कौशल आधारित पहल से सामाजिक सशक्तिकरण के साथ आर्थिक विकास को समावेशी स्वरूप मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव पूंजी का सृजन होगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को विकास के केन्द्र में रखते हुए यह बजट प्रशासनिक सरलीकरण, निवेश-अनुकूल नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की ठोस आधारशिला रखता है। मध्यप्रदेश के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक नीति-दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है, जो मध्यप्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में अत्यंत सहायक एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी।   (लेखक मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन हैं)  

लीगल या संदिग्ध? उस्मान तारिक के ऐक्शन पर अंपायर की रिपोर्ट ने सब साफ कर दिया

नई दिल्ली पाकिस्तान की टीम अपने एक गेंदबाज को बड़ा सोच समझकर इस्तेमाल कर रही है। 3-3 मैचों की सीरीज में भी एक-एक ही मुकाबला उसे खिलाती है। एक तरह से इस गेंदबाज को छुपाकर रखा जा रहा है। इसके पीछे की वजह है, उसका बॉलिंग ऐक्शन। ये गेंदबाज कोई और नहीं, बल्कि पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक हैं, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का दूसरा मुकाबला खेले। न तो पहले मैच में नजर आए और न ही तीसरे मुकाबले में खेले। जिस तरह से उस्मान तारिक का इस्तेमाल किया जा रहा है, उस वजह से इस गेंदबाज के बॉलिंग ऐक्शन पर सवाल उठ रहे हैं। कैमरोन ग्रीन ने तो बीच स्टेडियम में उस्मान तारिक के ऐक्शन पर सवाल उठा दिए थे। कहा जा रहा था कि उनका बॉलिंग ऐक्शन लीगल नहीं है, लेकिन अब इस पर अंपायर का भी वर्जन सामने आ गया है।   इंटरनेशनल और आईपीएल जैसे मैचों में अंपायरिंग कर चुके अनिल चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उस्मान तारिक के बॉलिंग ऐक्शन को लेकर जानकारी शेयर की। अनिल चौधरी ने अपना फैसला भी सुनाया है और कहा है कि आईसीसी के नियमों के हिसाब से उस्मान तारिक का बॉलिंग ऐक्शन लीगल है। उन्होंने अपने वीडियो में कहा, "अभी एक वीडियो मेरे पास आया है, उस्मान तारिक के ऐक्शन को लेकर। देखिए जो उनका जो ऐक्शन है थोड़ा साइड वाला है और थोड़ा अलग है और थोड़ा पॉज करके डालते हैं, क्योंकि वो सारी गेंद एक ही तरह से डालते हैं और उनका जो आर्म है, उसमें बेंडिंग और स्ट्रेटनिंग नहीं है, गाइडलाइन्स के अनुसार तो ऐक्शन बिल्कुल ठीक है। डिफरेंट है, पॉज करके डालते हैं, लेकिन सारी गेंद एक ही तरह से डालते हैं। मेरे हिसाब से उनका ऐक्शन फेयर है और यह एक फेयर डिलिवरी है।" पाकिस्तान के इस स्पिनर ने बीते तीन महीने में सिर्फ 3 ही टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। हैरानी की बात ये है कि वे तीन सीरीजों में 3 मैच खेले हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लाहौर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने 2.4 ओवर गेंदबाजी की। 16 रन दिए और 2 विकेट हासिल किए। 3 टी20 इंटरनेशनल मैचों के करियर में उन्होंने 8 विकेट निकाले हैं। इस गेंदबाज का इस्तेमाल पाकिस्तान एक मिस्ट्री के तौर पर कर रहा है, जिसकी वजह से उनके बॉलिंग ऐक्शन पर संदेह किया जा रहा है।  

शिक्षा जगत में बदलाव: UGC गाइडलाइन पर उच्च शिक्षा विभाग का नया आदेश

भोपाल  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई गाइडलाइन को लेकर उठे विवाद और सुप्रीम कोर्ट से रोक लगाए जाने के बाद अब पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि पुरानी गाइडलाइन लागू रहेगी। छात्रों की शिकायतों का निवारण यूजीसी विनियम, 2023 को सख्ती से लागू कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त विभाग ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय- अशासकीय विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग तथा संबद्ध कॉलेजों को नियमों पालन करने के आदेश दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश संस्थानों में लोकपाल की नियुक्ति तो कर दी गई है, लेकिन यूजीसी 2023 के प्रावधानों के अनुरूप अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे छात्रों की शिकायतें लंबित रहती हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों को बताएं शिकायत कहां करना है जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज को अपनी वेबसाइट और प्रोस्पेक्टस में एसजीआरसी के सदस्यों के नाम, पदनाम, संपर्क विवरण और लोकपाल का नाम, पता, ई-मेल आईडी तथा कार्यकाल स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को यह जानकारी हो कि शिकायत कहां और किस प्रक्रिया से दर्ज करनी है। हर संस्थान को छात्रों के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल विकसित करना होगा। शिकायत प्राह्रश्वत होने के 15 दिनों के भीतर उसे स्क्रिप्ट के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रवेश से 60 दिन पहले प्रोस्पेक्टस जारी करना होगा प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से कम से कम 60 दिन पूर्व प्रोस्पेक्टस का ऑनलाइन प्रकाशन अनिवार्य किया गया है। प्रोस्पेक्टस में पाठ्यक्रमों का विवरण, सीटों की संख्या, योग्यता मानदंड, चयन प्रक्रिया, पूरी फीस संरचना, रिफंड नीति, जुर्माना, संकाय की योग्यता, बुनियादी ढांचा, हॉस्टल, लाइब्रेरी और रैगिंग-रोधी नियमों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। गलत या भ्रामक जानकारी पाए जाने पर छात्र सीधे एसजीआरसी और लोकपाल से शिकायत कर सकेंगे।

अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई! पांढुर्णा में तहसीलदार और SDM ने खुद लिया जिम्मा

पांढुर्णा  शहर में अवैध निर्माण पर प्रशासन एक्शन ले रहा है। अवैध लेआउट और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चला दिया। कलेक्टर के निर्देश पर वरुड मार्ग, अमरावती रोड और वानखड़े सभागृह के पीछे विकसित किए जा रहे अवैध लेआउट को जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान कॉलोनियों की सड़कें, बाउंड्री वॉल, बिजली के खंभे और अन्य निर्माण तोड़े गए। उपजाऊ जमीन पर काटे जा रहे थे प्लॉट प्रशासनिक जांच में सामने आया कि अमरावती रोड स्थित उपजाऊ कृषि भूमि को अवैध रूप से प्लॉटिंग में बदलकर बेचा जा रहा था। सौसर निवासी प्रदीप नेहारे पर बिना शासकीय अनुमति सड़क निर्माण कर लेआउट विकसित करने के आरोप हैं। शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग ने जांच की और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एसडीएम ने संभाली जेसीबी की कमान कार्रवाई के दौरान एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब एसडीएम अलका इक्का ने खुद जेसीबी मशीन चलाकर अवैध निर्माण ढहाया। तहसीलदार विनय प्रकाश ठाकुर ने भी ट्रैक्टर चलाकर मौके पर पड़ी निर्माण सामग्री जब्त करवाई और उसे प्रशासनिक वाहन में भरवाया। इसी अभियान के तहत गुरु नानक वार्ड में संजय भांगे द्वारा बनाई गई अवैध बाउंड्री वॉल को भी तोड़ा गया। माप-जोख में यह निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया था। आगे भी जारी रहेगा अभियान अधिकारियों ने साफ किया कि शहर में अवैध लेआउट के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। संतोषी माता वार्ड, नागपुर रोड, भोपाल रोड और अमरावती रोड सहित अन्य इलाकों में बने अवैध कॉलोनियों पर भी चरणबद्ध तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका की टीम, राजस्व अमला और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की सख्ती से अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

हरियाणा में 22 HPS अफसरों के होंगे प्रोमोशन

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस सेवा (एच.पी.एस.) के अधिकारियों के लिए जल्द खुशखबरी आने वाली है। लंबे इंतजार के बाद, हरियाणा सरकार ने 22 एच.पी.एस. अधिकारियों को आई.पी.एस. रैंक पर प्रोमोट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस बीच 2002 बैच के एच.सी.एस. अफसरों को राहत मिली है, जिन्हें प्रोवीजनल तौर पर आई.ए.एस. में प्रोमोट किया गया था। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इन अधिकारियों को इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी किए जाने के साथ ही सालों से अटका प्रोमोशन का रास्ता साफ हो गया है। अब राज्य सरकार जल्द ही इन नामों का पैनल यू.पी.एस.सी. को भेजने जा रही है। इन एच.पी.एस. अधिकारियों को मिले सर्टिफिकेटः मुख्य सचिव की ओर से जिन एच.पी.एस. अफसरों को ये सर्टिफिकेट दिए हैं, उनमें मुकेश कुमार, ध्यान सिंह पूनिया, धर्मवीर सिंह, चलजिंद्र सिंह, जयबीर सिंह, कुशाल सिंह, राज कुमार वालिया, ताहिर हुसैन, सिंह, नरेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, राजेश कुमार, ममता खर्च, रविंद्र विजय सिंह, सिद्धार्थ ढांडा, करण गोयल, संदीप कुमार, पूनम, भारती डवास, अमित दहिया, ऊषा देवी और जितेंद्र गहलावत शामिल हैं। 2 वर्ष पहले प्रोमोशन पर फंसा था पेंच दरअसल दो साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में 13 एच. पी. एस. के प्रोमोशन की फाइल की मंजूरी मिली थी, लेकिन गृह विभाग की ओर से एच.पी.एस. अफसरों के प्रोमोशन की तैयार की गई फाइल को तत्कालीन मुख्य सचिव ने आपत्ति जताते हुए वापस भेज दिया था। उस समय कई एच.पी.एस. अफसरों की एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (ए.सी.आर.) ही पूरी नहीं थी, इसके कारण उनके इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ था। 2002 बैच के एच.सी.एस. अफसरों को भी राहत 2002 बैच के एच.सी.एस. अफसरों को राहत हरियाणा सरकार के 2002 बैच के उन एच.सी. एस. अफसरों को कैट से राहत मिली है, जिन्हें प्रोवीजनल तौर पर आई.ए.एस. में प्रोमोट किया गया था। यू.पी.एस.सी. ने पिछले साल इन अफसरों के नामों पर विचार किया था और लंबित केस के कारण उनका नाम प्रोवीजनल लिस्ट में शामिल किया गया था। अब केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने हरियाणा सिविल सेवा के आठ अधिकारियों को अंतरिम राहत प्रदान की है, जिनकी भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति 2002 के भर्ती मामले में कथित संलिप्तता के कारण रुकी हुई है। कैट ने 27 जनवरी को पारित अपने नवीनतम आदेश में, न्यायाधिकरण ने निर्देश दिया कि उसकी पूर्व अंतरिम सुरक्षा 27 अप्रैल, 2026 तक जारी रहेगी, जिससे चयन सूची रद्द नहीं होगी। जिन आठ अधिकारियों को राहत मिली है, उनमें जगदीप ढांडा, सरिता मलिक, कमलेश भादू, कुलधीर सिंह, वत्सल वशिष्ठ, जग निवास, वीना हुडा और सुरेंद्र सिंह-1 का नाम शामिल हैं।

पंजाब में हल्की वर्षा के बाद बढ़ा घना कोहरा

लुधियाना. पंजाब के तीन जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य सभी जिलों में धूप खिली रही। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार रविवार मध्यरात्रि से सोमवार सुबह पांच बजे के दौरान रूपनगर में चार मिलीमीटर, पठानकोट में 12 व मानसा में 0.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। विभाग के अनुसार बठिंडा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री रहा। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में घनी धुंध पड़ सकती है। पंजाब के जीरकपुर सहित कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सुबह-सुबह यातायात बाधित हो सकता है। कहां कितना रहा तापमान मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि पंजाब में सबसे कम था। बठिंडा में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं लुधियाना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर में 6.0 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 6.8 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 5.8 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर में 6.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

बोर्ड परीक्षा की 12 व 13 को बंटकर थाने में रखी जाएगी गोपनीय सामग्री

दुर्ग. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जा रही है. इन परीक्षाओं के लिए गोपनीय सामग्रियों का वितरण 12 एवं 13 फरवरी को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय बहुउद्देशीय जेआरडी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग से किया जाएगा. जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गोपनीय सामग्री प्राप्त करने के लिए मुख्य परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष/ प्राचार्य उपस्थित होंगे. इस बार दसवीं में 16857 विद्यार्थी तथा 12वीं में 13563 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इस तरह बोर्ड परीक्षाओं में कुल 30420 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे. दुर्ग जिले में परीक्षा के लिए कुल 135 केंद्र बनाए गए हैं. इस बार फरीदनगर भिलाई को नया केंद्र बनाया गया है. वहीं इंदिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर भिलाई स्थित परीक्षा केंद्र को बंद किया गया है. गोपनीय सामग्री को परीक्षा केंद्र के निकट 27 थाने में रखा जाएगा.