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टी20 विश्व कप में भारतीय टैलेंट का जलवा: दूसरे देशों के लिए खेलेंगे देसी जड़ें वाले क्रिकेटर

नई दिल्ली टी20 विश्व कप में कई टीमों में भारतीय मूल के क्रिकेटरों की भरमार है जो सात फरवरी से होने वाले टूर्नामेंट में अपनी 'घरेलू धरती' पर प्रभाव छोड़ने के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। विदेशी टीमों में भारतीय मूल के तीन दर्जन से भी अधिक क्रिकेटर हैं, जिनमें कनाडा और अमेरिका सबसे आगे हैं। मुंबई में जन्मे अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर जैसे खिलाड़ी के लिए वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेलना एक यादगार पल होगा। जिस देश में उन्होंने जन्म लिया वह उसकी तरफ से तो नहीं खेल पाए, लेकिन अपने बचपन की इस धरती पर वापसी के लिए भावुक हैं।   फगवाड़ा में जन्मे इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह भी उस देश में शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए बेताब हैं, जिसे उन्होंने किशोरावस्था में ही छोड़ दिया था। नीदरलैंड के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन वह भी अपने मूल देश में खेलने को लेकर उत्साहित हैं। आईसीसी की इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 20 टीमों में कनाडा की टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। कनाडा की टीम में 11 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं, जबकि अमेरिका की टीम में 9 ओमान की टीम में 7 और यूएई की टीम में भी 7 खिलाड़ी भारतीय मूल के शामिल हैं। मेजबान भारत अपनी घरेलू धरती पर खिताब का बचाव करने की कोशिश करेगा, लेकिन कई अन्य टीमों में भी 'भारतीय दबदबा' देखने को मिलेगा। हम यहां पर भारतीय मूल के कुछ क्रिकेटरों पर नजर डाल रहे हैं जो कि टूर्नामेंट में प्रभाव छोड़ सकते हैं। सौरभ नेत्रवलकर: भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके अमेरिका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेत्रवलकर विश्व कप के पहले मैच में भारत का सामना करने के लिए मुंबई पहुंच चुके हैं। उन्होंने पिछले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने वाले इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछली बार बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे अमेरिका की टीम ने पाकिस्तान जैसी टीमों को हराकर सुपर आठ के लिए क्वालीफाई किया था। नेत्रवलकर भारत की अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर खेलने के लिए बेताब हैं, लेकिन सात फरवरी को वानखेड़े में मुंबई टीम के अपने पूर्व साथी सूर्यकुमार यादव के खिलाफ मैदान में उतरते समय उन्हें अपनी भावनाओं पर काबू रखने की कोशिश करनी होगी। मोनांक पटेल: भारत के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में अमेरिका की कप्तानी आनंद में जन्मे मोनांक पटेल करेंगे, जिन्होंने पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच विजेता अर्धशतक लगाकर अपनी छाप छोड़ी थी। यह 32 वर्षीय सलामी बल्लेबाज गुजरात अंडर-19 टीम के अपने पूर्व साथी जसप्रीत बुमराह का सामना करने के लिए उत्सुक है। वह मैदान के बाहर अपने बचपन के दिनों को याद कर रहे हैं। बुमराह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक बन गए हैं और मोनांक को किशोरावस्था में ही इसका पता चल गया था। मोनांक ने कहा, ''हमने साथ में लाल गेंद और सफेद गेंद दोनों तरह की क्रिकेट खेली है और वह वाकई बहुत खास पल थे। वह मेरे क्रिकेट करियर का शुरुआती दौर था और तब भी जिस तरह से हम खेल रहे थे, विशेषकर जिस तरह से जसप्रीत प्रदर्शन कर रहा था, हम जानते थे कि उसमें वो खास हुनर ​​है और वह आगे चलकर जरूर बड़ा खिलाड़ी बनेगा।'' जसप्रीत सिंह: इटली के फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत सिंह पर भी लोगों की निगाहें टकी रहेंगी। यह 32 वर्षीय खिलाड़ी 2006 में अपने परिवार के साथ मिलान चला गया था। उन्होंने इटली में टेप-बॉल क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की और 2016-17 में लाल गेंद की क्रिकेट में कदम रखा और फिर 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। आईसीसी प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलना उस तेज गेंदबाज के लिए सपने जैसा है, जो कुछ समय पहले तक आजीविका के लिए उबर ड्राइवर के रूप में काम करता था। आर्यन दत्त: आर्यन दत्त को 2023 में वनडे विश्व कप के दौरान भारतीय प्रशंसकों के सामने खेलने का अनुभव है। नीदरलैंड की टीम में भारतीय मूल के एकमात्र क्रिकेटर 22 वर्षीय आर्यन दत्त का लक्ष्य प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष टीमों को हैरान करना है। दत्त का परिवार 1980 के दशक में पंजाब से नीदरलैंड चला गया था। भारत में अब भी उनके परिवार के कुछ सदस्य रहते हैं। दिलप्रीत बाजवा: गुरदासपुर में जन्में बाजवा 2020 में ही कनाडा गए थे और छह साल बाद वह कनाडा की टीम के कप्तान के रूप में भारत आए हैं। पंजाब में आयु वर्ग की क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के बावजूद बाजवा को वह अवसर नहीं मिले जिनकी उन्हें उम्मीद थी। हालांकि, उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और कम प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रखी। कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में मिली सफलता से उन्होंने कनाडा की टीम में जगह बनाई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह 23 वर्षीय यह खिलाड़ी 2024 के टी20 विश्व कप में भी कनाडा की टीम का हिस्सा था। जतिंदर सिंह: बाजवा की तरह लुधियाना में जन्मे जतिंदर भी अपने नए देश ओमान की टीम की कप्तानी करेंगे। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी एक दशक से अधिक समय से क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उन्हें भारत में खेलने का अवसर कभी नहीं मिला। ओमान के सभी लीग मैच श्रीलंका में होने के कारण जतिंदर के लिए अपनी जन्मभूमि में खेलने का सपना पूरा कर पाना मुश्किल लग रहा है।  

छत्तीसगढ़ के अंतरिक्ष केंद्र के शुभारंभ में आएँगे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला

रायपुर. सीएम विष्णु देव साय आज कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वे “प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी” का शुभारंभ करेंगे. इसके बाद  मंत्रालय में विभागीय बैठक भी लेंगे. इसके अलावा सीएम साय 37वीं फेडरेशन कप बॉलीवॉल चैंपियनशिप 2026 का भी उद्घाटन करेंगे. छत्तीसगढ़ को आज पहला अंतरिक्ष केंद्र मिलने जा रहा है. नवा रायपुर में सीएम साय अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ करेंगे. इस अवसर पर गगनयान मिशन के नायक अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला छत्तीसगढ़ आएंगे और छात्रों से सीधा संवाद करेंगे. “प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी” के तहत छात्रों को स्पेस रिसर्च का प्रशिक्षण मिलेगा. नवा रायपुर में सैटेलाइट निर्माण, टेस्टिंग और ट्रैकिंग की सुविधा विकसित की गई है, जिससे छत्तीसगढ़ को भविष्य के स्पेस टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ेगा.

संसद में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई, लोकसभा सेशन भर के लिए सांसद सस्पेंड

नई दिल्ली संसद की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को जमकर हंगामा देखने को मिला. राहुल गांधी को टोके जाने से व‍िपक्ष के सांसद इतने नाराज हो गए क‍ि उन्‍होंने लोकसभा स्‍पीकर के ऊपर कागज उछाल द‍िया. इसके बाद स्‍पीकर ने 8 सांसदों को सस्‍पेंड कर द‍िया है. ज‍िन सांसदों पर कार्रवाई की गई है, इनमें कांग्रेस से मणिकम टैगोर , गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर राजा वड़िंग, हिबी ईडन, किरन रेड्डी, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कोरियाकोस शामिल हैं. इन्‍हें पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है. लोकसभा में पीठासीन की ओर पेपर उछालने वाले आठ विपक्षी सांसदों को बजट सत्र से निलंबित कर दिया है. विपक्षी सांसदों के निलंबन के बाद सदन में भारी हंगामा हो गया इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया. वहीं, विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने के विरोध में विपक्षी दल राहुल-प्रियंका के साथ मिलकर संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं.  दरअसल, मंगलवार को लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया और स्पीकर की कुर्सी की ओर पेपर फेंके. इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही को तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था. ध्वनिमत से पारित हुआ प्रस्ताव इसके बाद जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे चौथी बार शुरू हुई तो इस अनुशासनहीन व्यवहार को लेकर पीठासीन ने पेपर उछालने वाले सदस्यों को नेम करने की बात कही. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पेपर उछालने वाले सदस्यों को बाकी सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया. सभी सांसद संसद के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं. न‍िलंबि‍त क‍िए गए सांसद गुरदीप सिंह औजला ने कहा, बिल्कुल गलत कार्रवाई है. हम संघर्ष करेंगे और जनता की आवाज उठाएंगे. अमरिंदर राजा वड़‍िंग ने कहा, दो दिन से राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है. यह कहां का लोकतंत्र है. इसलिए हमने कागज फाड़कर विरोध जताया. आज तो राहुल गांधी ने अपने लेटर पैड पर साइन कर दिया था, फिर सरकार को क्या दिक्‍कत है. इससे पहले संसद में हंगामे और चेयरमैन पर कागज फेंकने के मामले में बीजेपी ने स्पीकर से शिकायत की है. हंगामा करने वाले सांसदों पर कार्रवाई की मांग की थी. इन सांसदों के बारे में जान‍िए     मणिकम टैगोर कांग्रेस से सांसद हैं. तम‍िलनाडु से आते हैं. मणिकम टैगोर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी व्‍ह‍िप भी हैं. वे संसद में अपनी आक्रामक शैली और दक्षिण भारत के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए जाने जाते हैं.     गुरजीत सिंह औजला– अमृतसर से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं. औजला पंजाब के सीमावर्ती इलाकों की समस्याओं, नशामुक्ति और किसानों के मुद्दों पर संसद में अपनी बात मजबूती से रखने के लिए पहचाने जाते हैं.     अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग– लुधियाना से आते हैं. राजा वड़िंग पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. युवा कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आए वड़िंग अपनी तेज-तर्रार राजनीति के लिए मशहूर हैं और उन्होंने 2024 में रवनीत बिट्टू को हराकर जीत दर्ज की थी.     हिबी ईडन- एर्नाकुलम से जीते हिबी ईडन एनएसयूआई (NSUI) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. वे केरल की युवा राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं और संसद में शिक्षा व युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं.     किरण कुमार रेड्डी– तेलंगाना के भुवनगिरी से सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के करीबी माने जाते हैं और 2024 के चुनाव में भाजपा और बीआरएस को हराकर संसद पहुंचे हैं.     प्रशांत पडोले– नाना पटोले के करीबी प्रशांत पडोले ने 2024 में भाजपा के गढ़ माने जाने वाले विदर्भ क्षेत्र में बड़ी जीत हासिल की। वे क्षेत्र में किसानों और ओबीसी समुदाय के मुद्दों पर सक्रिय हैं।     एस. वेंकटेशन- सीपीआई (एम) सांसद वेंकटेशन एक प्रसिद्ध तमिल लेखक और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हैं. वे संसद में तमिलनाडु के अधिकारों, संस्कृति और रेलवे से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले सबसे मुखर सांसदों में से एक हैं.    डीन कोरियाकोस– इडुक्की से सांसद डीन कोरियाकोस युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. वे इडुक्की के किसानों, विशेषकर पश्चिमी घाट और बफर जोन से जुड़े मुद्दों को संसद में जोर-शोर से उठाते हैं. हंगामे के बाद संसद स्‍थग‍ित लोकसभा में राहुल गांधी आज भी पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की क‍िताब के बारे में बताना चाहते थे, लेकिन जब स्‍पीकर ने टोका तो वे अड़ गए. वे बार-बार वही बातें दोहराते नजर आए. स्‍पीकर ने हर बार उन्‍हें रोकने की कोश‍िश की, लेकिन उन्‍होंने नहीं मानी और आख‍िरकार सदन की कार्यवाही स्‍थग‍ित करनी पड़ी.

यूजर प्राइवेसी पर SC का आदेश, व्हॉट्सऐप को मेटा से डेटा साझा न करने की हिदायत

 नई दिल्ली व्हाट्सएप और मेटा की प्राइवेसी पॉलिसी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. कोर्ट ने साफ किया कि डेटा शेयरिंग की ये प्रक्रिया भारतीय यूजर्स के निजता के अधिकार के खिलाफ है.  हालांकि, सीसीआई के वकील ने एनसीएलएटी (NCLAT) के कुछ निष्कर्षों पर आपत्ति जताई है. सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने व्हाट्सएप को निर्देश देते हुए कहा, 'हम आपको मेटा के साथ एक भी जानकारी साझा करने की अनुमति नहीं देंगे. हम आपको इस देश की नीतियों की गोपनीयता के साथ खेलने की इजाजत कतई नहीं देंगे.'  इस पूरे प्रकरण में कोर्ट के सामने तीन मुख्य अपीलें थीं, जो मेटा, व्हाट्सएप और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की ओर से दायर की गई थीं. सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इन अपीलों का पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान मेटा के वकील ने दलील दी कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक 213 करोड़ रुपये के जुर्माने का भुगतान पहले ही किया जा चुका है. मेटा की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर सवाल सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और मेटा की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर सुनवाई करते हुए बेहद कड़े सवाल उठाए और कंपनी को डेटा साझा करने से साफ मना कर दिया. CJI ने व्हाट्सएप की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपने इसे इतनी चालाकी से तैयार किया है कि इसे समझना नामुमकिन है. उन्होंने पूछा कि क्या देश का आम आदमी, जैसे घर में काम करने वाले नौकर, निर्माण मजदूर या छोटे विक्रेता, इस जटिल नीति को समझ पाएंगे? कोर्ट ने साफ कहा कि उपभोक्ताओं को इस ऐप की 'लत' लगा दी गई है और अब उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है. यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल हो रहा- SC सीजेआई ने कहा कि लोगों के डेटा का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा है और अब तक लाखों यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल हो चुका है. इस दौरान मेटा के वकील अखिल सिबल ने दलील दी कि व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए सीमित डेटा शेयरिंग की अनुमति है. इस पर सीजेआई ने कहा, 'अगर आपको डेटा का कोई हिस्सा बेचने लायक लगेगा, तो आप उसे बेच देंगे! सिर्फ इसलिए कि भारतीय उपभोक्ता मूक हैं और उनके पास आवाज नहीं है, आप उन्हें शिकार नहीं बना सकते.' सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि व्हाट्सएप यूजर्स को सिर्फ दो ही विकल्प दे रहा है- 'या तो पॉलिसी स्वीकार करो या ऐप का इस्तेमाल बंद कर दो.' इस पर अदालत ने कहा कि बिहार के दूरदराज इलाकों या तमिलनाडु के गांवों में रहने वाले लोग, जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती, वे इस नीति के खतरनाक परिणामों को कभी नहीं समझ पाएंगे. डेटा शेयर करने की इजाजत से SC का साफ इनकार सीजेआई ने साफ शब्दों में कहा, 'जब तक आप हमें यह विश्वास नहीं दिला देते कि आपको ऐसा करने का कोई दैवीय अधिकार हासिल है, तब तक हम आपको डेटा शेयर करने की अनुमति नहीं देंगे.'  3 जजों की बेंच के सामने होगी अपीलों पर सुनवाई व्हाट्सएप के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी नीतियां दूसरे अंतरराष्ट्रीय क्षेत्राधिकारों के स्टैंडर्ड्स के मुताबिक ही हैं. लेकिन इन दलीलों को सुनने को बाद सीजेआई ने बताया कि एनसीएलएटी के सामने जनवरी 2025 के आदेश की स्थिति अभी भी अहम है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अब सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. अब इन अपीलों पर विस्तृत सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की बेंच के सामने होगी.

भाजपा की वापसी मणिपुर में, CM उम्मीदवार और कुकी समुदाय के डिप्टी की झलक

इम्फाल क्या मणिपुर में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी? इसके कयास तेज हो गए हैं क्योंकि भाजपा में मणिपुर से लेकर दिल्ली तक भागदौड़ तेज हो गई है। मणिपुर के 20 से ज्यादा भाजपा विधायक दिल्ली पहुंचे थे और अब पार्टी ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है। राज्य में अगले साल ही राष्ट्रपति शासन खत्म होने वाला है और उससे पहले पार्टी के नेता चाहते हैं कि सरकार बना ली जाए। सोमवार को भाजपा ने मणिपुर में पर्यवेक्षक के तौर पर तरुण चुग को नियुक्त कर दिया है, जो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। अब किसी भी दिन मणिपुर में एनडीए विधायकों की मीटिंग हो सकती है और नेता का चुनाव हो सकता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि नई सरकार में राज्य में एक डिप्टी सीएम भी होगा। मैतेई समुदाय से मुख्यमंत्री बनने की संभावना है तो वहीं कुकी समुदाय के किसी नेता को डिप्टी सीएम के तौर पर जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसा इसलिए ताकि राज्य में यह संदेश जाए कि सरकार सभी को साथ लेकर चल रही है। बीते सालों में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच तनाव देखा गया था और भीषण हिंसा हुई थी। इसी स्थिति से बचाव के लिए भाजपा अब कुकी समाज से एक डिप्टी सीएम बना सकती है। अब बात मुख्यमंत्री की करें तो बीरेन सिंह की सरकार में असेंबली स्पीकर रहे सत्यब्रत सिंह और पूर्व मंत्री टीएच बिस्वजीत सिंह और के. गोविंद दास को मौका मिल सकता है। ये सभी नेता मैतेई समुदाय के ही हैं। दरअसल भाजपा के भीतर भी तनाव की स्थिति है। कुकी विधायकों का कहना है कि उनके समुदाय का दबाव है। ऐसी स्थिति में यदि कुकी समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो उनके लिए सरकार का हिस्सा बनना मुश्किल होगा। ऐसी मांग कुकी विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व से की है। इसी को लेकर सरकार अब विचार कर रही है। यही नहीं कुछ विधायकों का कहना है कि मणिपुर को केंद्र शासित प्रदेश ही बना देना चाहिए, जिसकी अपनी विधानसभा भी हो। एक साल से मणिपुर में चल रहा है राष्ट्रपति शासन बता दें कि मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया था। यह 6 महीने के लिए ही था और फिर अगस्त 2025 में एक बार फिर से इसे 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया। एन. बीरेन सिंह ने बीते साल फरवरी में ही सीएम पद छोड़ दिया था। बता दें कि मणिपुर में विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। ऐसे में विधायक चाहते हैं कि कम से कम एक साल के लिए ही नए सिरे से सरकार का गठन हो और कुछ काम करके ही जनता के बीच चुनाव में जाया जाए। फिलहाल 60 सीटों वाले मणिपुर सदन में भाजपा के 37 विधायक हैं।

बिहार पुलिस रेडियो में एएसआई के 462 पदों पर होगी भर्ती

पटना. बिहार पुलिस में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर आया है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) ने बिहार पुलिस रेडियो (वितंतु) संवर्ग में सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के 462 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चार फरवरी से शुरू होगी और चार मार्च तक चलेगी। पुरुष, महिला और मंगलामुखी सभी श्रेणी के अभ्यर्थी इस भर्ती में आवेदन कर सकेंगे। शैक्षणिक योग्यता और पात्रता तय इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से भौतिकी विषय के साथ विज्ञान में स्नातक (बीएससी) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना होगा। आयोग ने साफ किया है कि शैक्षणिक योग्यता की जांच सभी चरणों में की जाएगी। ऊंचाई और शारीरिक मानकों का निर्धारण भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक मानकों को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। अनारक्षित और पिछड़ा वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 165 सेंटीमीटर तय की गई है। अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरुष उम्मीदवारों के लिए यह मानक 160 सेंटीमीटर रखा गया है। सभी वर्गों की महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 155 सेंटीमीटर निर्धारित की गई है। तीन चरणों में होगी पूरी चयन प्रक्रिया एएसआई भर्ती की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 100 अंकों का एक प्रश्न पत्र होगा। इस परीक्षा में सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक विषयों से 40 प्रश्न और भौतिकी से 60 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटे की होगी और प्रश्न वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय होंगे। 30 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए अयोग्य माने जाएंगे। मुख्य परीक्षा में दो प्रश्न पत्र प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य परीक्षा में पहला प्रश्न पत्र सामान्य भाषा ज्ञान का होगा, जिसमें सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी से 50-50 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे। यह परीक्षा इंटरमीडिएट स्तर की होगी और डेढ़ घंटे की होगी। इसमें न्यूनतम 30 अंक लाना अनिवार्य होगा, हालांकि इसके अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाएंगे। दूसरा प्रश्न पत्र स्नातक स्तर की भौतिकी का होगा, जिसमें 100 अंकों के 100 प्रश्न होंगे और परीक्षा की अवधि तीन घंटे की रहेगी। नेगेटिव मार्किंग और शारीरिक दक्षता परीक्षा प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों में प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.2 अंक काटे जाएंगे। मुख्य परीक्षा के भौतिकी प्रश्न पत्र में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी होगा। इसके आधार पर रिक्तियों के अधिकतम पांच गुना अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। तीसरे चरण की यह परीक्षा अर्हक प्रकृति की होगी, जिसमें कोई अंक नहीं दिए जाएंगे, लेकिन सभी मानकों में सफल होना अनिवार्य होगा। युवाओं के लिए बड़ा मौका बीपीएसएससी की यह भर्ती बिहार पुलिस में तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। आयोग ने अभ्यर्थियों से समय पर आवेदन करने और आधिकारिक अधिसूचना को ध्यान से पढ़ने की अपील की है, ताकि किसी भी तरह की गलती से बचा जा सके।

हरियाणा में कल से बारिश के साथ गिरेंगे ओले

हिसार. हरियाणा में 24 से 48 घंटों के लिए अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और यमुनानगर में कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, ठंडी हवाएं चलने से दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी रहेगी। प्रदेश में सर्दी के साथ लौटे घने कोहरे ने सोमवार सुबह जनजीवन और यातायात दोनों को प्रभावित किया। कई जिलों में दृश्यता 5 मीटर से भी कम रही, जबकि कुछ स्थानों पर जीरो विजिबिलिटी जैसी स्थिति बनी। सुबह के समय घने कोहरे और ठंडी हवाओं के चलते सड़कें हादसे भी हुए। सिरसा में स्कूल बस और पिकअप की टक्कर में पिकअप चालक की मौत हो गई। भारतीय मौसम विभाग, चंडीगढ़ ने हरियाणा के आठ जिलों में कड़ाके की ठंड को लेकर मंगलवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इसमें हिसार, रोहतक, करनाल, अंबाला, गुरुग्राम और भिवानी में पाला गिरने या शीतलहर जैसी स्थिति की चेतावनी दी गई है। ओलावृष्टि की संभावना वहीं 4 व 5 फरवरी को दक्षिण और पश्चिम हरियाणा (हिसार, भिवानी, चरखी दादरी) में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है।

भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को देगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। भारत-अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील अभिनन्दनीय है। यह ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को नई गति देगी। इससे देश को प्रगति के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह डील भारत के सशक्त नेतृत्व और विकास में साझा विश्वास को दर्शाता है। 

फैंस के लिए खुशखबरी! पैट कमिंस ने फिटनेस पर तोड़ी चुप्पी, IPL खेलने के संकेत

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के पेस लीडर पैट कमिंस ने बताया है कि वह नेशनल टीम के आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप कैंपेन का हिस्सा बनने के कितने करीब थे, क्योंकि यह तेज गेंदबाज पीठ की चोट से उबर रहा है और साल के आखिर में होने वाले मुश्किल टेस्ट शेड्यूल पर नजर रखे हुए है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह इंडियन प्रीमियर लीग के लिए समय पर मैदान पर लौट आएंगे, जो मार्च के आखिर में शुरू होगी।   इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की वेबसाइट के मुताबिक, पीठ की पुरानी शिकायत समय पर ठीक नहीं होने के कारण कमिंस को 7 फरवरी से शुरू होने वाले T20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया की आखिरी 15 मेंबर वाली टीम से बाहर कर दिया गया। ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस से बात करते हुए, 31 साल के इस खिलाड़ी ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान एक छोटी सी दिक्कत ने आखिरकार उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। कमिंस ने कहा, "यह सच में बहुत बुरा था।" "मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं, बस एक छोटी सी दिक्कत थी और सच में समय खत्म हो गया था। मैं कुछ हफ़्ते आराम करूंगा और फिर आगे बढ़ूंगा।" कमिंस ने बताया कि एडिलेड टेस्ट के बाद, मेडिकल टीम ने अनुमान लगाया था कि प्रभावित हड्डी को पूरी तरह से ठीक होने और फिर ठीक होने में चार से आठ हफ़्ते लगेंगे। शुरुआती संकेत अच्छे थे, लेकिन एक फ़ॉलो-अप स्कैन से पता चला कि उन्हें और आराम की जरूरत है। उन्होंने कहा, "शुरू में, हमें लगा कि शायद सिर्फ चार हफ़्ते लगेंगे, क्योंकि मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा था, लेकिन मैंने अभी एक फॉलो-अप स्कैन करवाया। उन्हें लगा कि शायद कुछ और हफ़्ते लगेंगे, इसलिए टाइमलाइन थोड़ी ज्यादा हो गई।" ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को उम्मीद है कि वह इंडियन प्रीमियर लीग के लिए समय पर मैदान पर लौट आएंगे, जो मार्च के आखिर में शुरू होगी, जहां उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद को रिप्रेजेंट करना है। हालांकि, कमिंस ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता साल के दूसरे हिस्से में आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के व्यस्त शेड्यूल के लिए पूरी तरह से फिट होना है। ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट की घरेलू सीरीज खेलनी है, जिसके बाद अक्टूबर से पहले दक्षिण अफ्रीका का तीन टेस्ट का दौरा होगा। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट और भारत के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज होगी, ये सभी मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र के खत्म होने से पहले होंगे। कमिंस ने कहा, "हमें लगा कि साल का पहला आधा हिस्सा आने वाले क्रिकेट को ध्यान में रखकर कंजर्वेटिव रहने का अच्छा समय है। हम इसे ठीक कर लेंगे, फिर उम्मीद है कि इसका मतलब होगा कि आपको इसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं होगी, और आप बस बाहर जाकर वे सभी टेस्ट मैच खेल सकते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "जबकि, अगर आप अभी इसके साथ सावधान नहीं हैं और यह बढ़ जाता है, तो आप थोड़ा पीछे भाग रहे हैं।" पाकिस्तान से हाल ही में टी20 सीरीज हारने और कई खास खिलाड़ियों के चोटिल होने की चिंताओं के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप में उतर रहा है, कमिंस का मानना है कि टीम टाइटल के लिए चुनौती देने के लिए अच्छी स्थिति में है। ऑस्ट्रेलिया अपने ग्रुप बी मैचों में आयरलैंड, ज़िम्बाब्वे, ओमान और को-होस्ट श्रीलंका का सामना करेगा। कमिंस ने कहा, "ये (पाकिस्तान में) हमारे कुछ सबसे अच्छे गेम नहीं थे, लेकिन खिलाड़ी एक मजबूत बिग बैश से आ रहे हैं, और कुछ खिलाड़ी वर्ल्ड कप के लिए चोट से वापस आ रहे हैं।" "मनोबल अच्छा है। दूर से कुछ लड़कों से बात करने पर पता चला कि वे जानते हैं कि यह कितना बड़ा है, वे शुरू करने और इसमें शामिल होने के लिए बेताब हैं।"  

पंजाब में एग्जाम के बीच मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की ड्यूटी से टीचर्स नाराज

लुधियाना/तरनतारन. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कार्ड बनाने का काम शिक्षकों से करवाए जाने के विरोध में कंप्यूटर टीचर्स यूनियन, पंजाब ने मोर्चा खोल दिया है। कंप्यूटर टीचरों का एक डेलीगेशन, जिला प्रधान शीतल सिंह और प्रदेश प्रधान गुरविंदर सिंह की लीडरशिप में ए.डी.सी. (ज) राजदीप सिंह बराड़ तरनतारन से कंप्यूटर टीचरों की नॉन-एकेडमिक कामों में लगाई गई ड्यूटी के बारे में मिला। इसमें शीतल सिंह ने कहा कि डी.सी. ऑफिस तरनतारन ने कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड बनाने में लगाई है, जबकि मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के बाद कहा था कि किसी भी टीचर की ड्यूटी किसी भी नॉन-एकेडमिक काम में नहीं लगाई जाएगी, लेकिन डी.सी. ऑफिस ने मुख्यमंत्री के बयान का उल्लंघन करते हुए कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड बनाने में लगा दी है।  वहीं इस काम में इस्तेमाल के लिए सरकारी स्कूलों से कंप्यूटर सेट और प्रिंटर भी मांगें जा रहे हैं, जबकि यहां यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इन कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने 10वीं/12वीं के प्रैक्टिकल एग्जाम में भी लगाई है और कंप्यूटर सेट और प्रिंटर का इस्तेमाल भी स्टूडैंट्स के प्रैक्टिकल लेने के लिए किया जाना है, इसलिए तरनतारन के सभी जिलों के कंप्यूटर टीचरों ने डी सी ऑफिस तरनतारन से पुरजोर मांग की है कि इन ड्यूटी को तुरंत कैंसिल किया जाए और स्कूलों से हार्डवेयर न मंगवाया जाए। उन्होने कहा कि जब तक ड्यूटी कैंसिल नहीं होती, तब तक तरनतारन जिले के सभी कंप्यूटर टीचरों ने इन ड्यूटी का बायकॉट करने का ऐलान किया है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गुरविंदर सिंह ने कहा कि सरकार कोई भी फायदा देते समय कंप्यूटर टीचरों को भूल जाती है, लेकिन गैर-पढ़ाई वाले कामों के लिए सबसे पहले कंप्यूटर टीचरों की ड्यूटी लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में बॉर्डर एरिया में काम करने वाले टीचरों को दिया गया स्पेशल इंक्रीमैंट भी कंप्यूटर टीचरों को अभी तक नहीं दिया गया है। इस मौके पर मनी, कुमार गौरव, परविंदर सिंह, अजयपाल सिंह, पवन कुमार करनजीत सिंह, हरप्रीत सिंह आदि मौजूद थे।