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कलेक्टर ने कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेंडर का किया विमोचन

बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के वार्षिक कैलेण्डर का विमोचन आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में किया। इस दौरान छत्तीसगढ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक डॉ बी. पी सोनी, महासचिव किशोर शर्मा, सुनील कौशिक, अश्वनी पोण्डेय, निरकार तिवारी, आलोक पराजपे चन्द्रपकाश साहू, रमेश द्विवेदी, अशोक ब्रम्हभटट, शेफाली पाण्डेय, श्वेता गन्धर्व, पूजा आहिरे, नेहा रजक, नेहा आगिरे, डॉ. टी. डी. सरजाल, डॉ. वीरेन्द्र पिल्ले, डॉ. ए.एस. रघुवंशी, डॉ. एल पी मनहर, डॉ राम ओत्तलवार, डॉ हेमंत नेताम एवं श्री उमेश कश्यप उपस्थित रहे। अंत में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन महासचिव किशोर शर्मा के द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

छत्तीसगढ़ में लगातार तीसरे दिन सबसे अधिक तापमान दर्ज

रायपुर. पश्चिमी विक्षोभ की आवाजाही के दौरान प्रदेश के मौसम में मामूली उतार-चढ़ाव जारी है. पिछले तीन दिन से राज्य में सबसे ज्यादा तापमान रायपुर का दर्ज किया जा रहा है. वहीं न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट भी आई है. फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है. ठंड के सीजन के ढलान में आने और गर्मी की शुरुआत के पहले मौसम में मामूली उतार-चढ़ाव के बीच ठहराव की स्थिति बन जाती है. राज्य में कुछ ऐसे ही हालात बने हुए हैं और दिन के साथ रात के तापमान में मामूली बदलाव हो रहा है. विक्षोभ के प्रभाव से जब हवा की दिशा बदलती है तो न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो जाती है वहीं जब नमीयुक्त हवा का प्रभाव कम होता है तो इसमें गिरावट आ जाती है. पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में थोड़ी कमी हुई और दिन का पारा भी सामान्य रहा है. आंकड़ों की माने तो पिछले तीन दिन से रायपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रिकार्ड किया जा रहा है. सोमवार को यहां का पारा 30.9 दर्ज किया गया और अन्य शहरों का पारा इससे कम था. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है. मौसम विभाग की माने तो छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक मौसम शुष्क और स्थिर रहेगा. अभी कोई भी मौसम को प्रभावित करने वाला सिस्टम सक्रिय नहीं है. अगले 2 दिनों तक मौमस शुष्क रहने की संभावना है.  रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? रायपुर शहर में मंगलवार को सुबह के वक्त धुंध छाए रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

मोहन यादव बोले—संबिधानिक बजट से मिलेगी आर्थिक दिशा, रेलवे क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के यूनियन बजट को लेकर कहा है कि यह बजट केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश और राज्यों को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती देने वाला है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के रिन्यूएशन को इस बजट में आधार बनाया गया है ताकि चालू उद्योगों को संरक्षण दिया जा सके। समय और नई तकनीक के साथ आगे बढ़ाया जा सके। यह बात सीएम मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ सेंटर में आयोजित लाइव चर्चा में कही। बता दें कि वे यहां केंद्रीय बजट पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे। अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि, लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर सीएम ने कहा कि बजट में अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि और लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। वित्तीय स्थिरता और सरकारी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए सेवा क्षेत्र को प्रमुखता दी गई है, जिससे भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा। महिला सशक्तिकरण पर रहा फोकस महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। नारी सशक्तिकरण के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक जिले में हॉस्टल निर्माण, बहनों को सीधा लाभ और ग्रामीण महिलाओं के लिए 'लखपति दीदी' जैसी योजनाएं आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखेंगी। टियर-2 और 3 शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो सिटी प्लान मध्यप्रदेश में पहले से चल रहे हैं और प्रधानमंत्री के सहयोग से इन्हें पूरा विस्तार दिया जा रहा है, जिससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्पष्ट होता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए दी गई राशि से संतुलित विकास होगा और मध्यप्रदेशआर्थिक रूप से समृद्ध बनेगा। कृषि को नहीं किया नजरअंदाज सीएम ने कहा कि ग्रीन एनर्जी के दौर में कृषि को नजरअंदाज नहीं किया गया है। कार्बन कैप्चर, हरित पहल और पर्यावरणीय संतुलन के साथ यह बजट भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। सीएम ने कहा कि राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने का यह नया मॉडल देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। बजट से रेलवे में क्रांति मुख्यमंत्री ने रेलवे क्षेत्र को मिले बजट को लेकर कहा की रेलवे में क्रांति आई है। मध्यप्रदेश और देश में रेल पटरी बिछाने की गति आठ गुना तक बढ़ी है। भुसावल-खंडवा रेल खंड से जुड़ी तीन परियोजनाओं को 18,500 करोड़ रुपए की मंजूरी रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ना किसानों और राज्य के विकास के लिए बड़ी उपलब्धि है। राहुल को खुद नहीं पता कि वो क्या कहते हैं- सीएम मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद उस पर सवाल उठाना समझ से परे है। राहुल गांधी को लेकर पूछे गए एक प्रश्न को लेकर उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के मजबूत नेतृत्व और आत्मविश्वास को दर्शाता है। लेकिन फिर भी राहुल गांधी कुछ भी बोल देते हैं। सीएम ने कहा कि राहुल को खुद नहीं पता कि वे क्या कहते हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वैश्विक मंच पर मजबूत हुआ भारत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुआ भारत : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका का व्यापार समझौता भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर आत्मविश्वासी और प्रभावशाली शक्ति बना है। आर्थिक सुधारों, वैश्विक सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संपन्न हुआ व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच गहरे, भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब है। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को नई गति प्रदान करेगा तथा निवेश, नवाचार और औद्योगिक सहयोग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहभागिता को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। यह व्यापार समझौता भारत की विकास यात्रा को और तेज करेगा, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करेगा तथा दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि में सार्थक योगदान देगा। यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और भारत के समग्र विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

छत्तीसगढ़ में रेलवे बूस्ट: 7,470 करोड़ का बड़ा निवेश, सीएम साय ने सरकार का धन्यवाद किया

रायपुर  छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना विकास के लिए 7,470 करोड़ के ऐतिहासिक बजट प्रावधान किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के सतत प्रयासों से छत्तीसगढ़ में आज रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। वर्ष 2009–14 के दौरान वार्षिक औसत 311 करोड़ की तुलना में 2026–27 में 7,470 करोड़ का बजट प्रावधान लगभग 24 गुना वृद्धि का रिकॉर्ड है। वर्तमान में राज्य में 51,080 करोड़ के रेल कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें नए ट्रैक निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा सुरक्षा उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुदूर वनांचल बस्तर में जगदलपुर को जोड़ने वाले रावघाट–जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट का प्रारंभ होना बस्तर के जनजातीय समाज के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक अमूल्य उपहार है, जो क्षेत्रीय विकास की नई राह प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर के साथ-साथ नए फ्रेट कॉरिडोर को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में यात्री गाड़ियों की संख्या आने वाले समय में लगभग  दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिनमें डोंगरगढ़ (फेज-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा जैसे स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। इसके साथ ही राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ी तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी सेवाएँ यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सुविधा प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर/अंडरपास तथा ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना से रेल सुविधा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इन युगांतकारी पहलों के लिए हृदय से धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यह विकास केवल रेल पटरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के व्यापार, पर्यटन, उद्योग, रोजगार और आमजन के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है।

भयानक सच सामने आया: सर्वाइवर ने बताया एप्स्टीन का काला नेटवर्क, रोजाना 10 लड़कियां आती थीं

न्यूयॉर्क दुनिया में अगर सबसे घिनौने अपराधों की बात की जाए, तो एप्स्टीन फाइल का नाम जरूर आता है. जेफ्री एप्स्टीन की काली दुनिया परत दर परत खुल रही है और कई बड़े नाम इस जाल में सामने आते जा रहे हैं. एप्स्टीन का निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स, जिसे मीडिया एप्स्टीन आइलैंड कहता है, उसके अपराधों का केंद्र था. यहीं नाबालिग लड़कियों को ले जाकर उनका शोषण किया जाता था. अब पीड़िताओं की आवाजें दुनिया तक पहुंच रही हैं, और इन्हीं में से एक हैं मरीना लसेर्डा, जिन्हें 2019 के इंडिक्टमेंट में माइनर विक्टिम-1 कहा गया था. ब्राजील से न्यूयॉर्क तक, एक बच्ची का डरावना सफर मरीना ने अपनी कहानी कई वेस्टर्न मीडिया संस्थानों में बताई है. उनका कहना है कि वे ब्राजील से अमेरिका आईं और न्यूयॉर्क में अपनी मां और बहन के साथ एक छोटे कमरे में रहती थीं. परिवार चलाने के लिए चौदह साल की उम्र में तीन नौकरियां कर रही थीं.इसी दौरान एक दोस्त ने उन्हें काम का लालच दिया. 300 डॉलर मिलेंगे… बस एक 'बड़े आदमी' को मसाज देनी है. वह 'बड़ा आदमी' एप्स्टीन था. उसका न्यूयॉर्क टाउनहाउस मरीना के जीवन का सबसे खतरनाक मोड़ बन गया. पहली मुलाकात में ही मसाज का बहाना यौन शोषण में बदल गया. मरीना इसे 'ड्रीम जॉब से वर्स्ट नाइटमेयर' बताती हैं. 14 से 17 की उम्र. लगातार शोषण और डर करीब तीन साल तक मरीना एप्स्टीन के जाल में फंसी रहीं.वह उन्हें बार-बार बुलाता था. उनसे और कम उम्र की लड़कियां लाने को कहता था. स्कूल आईडी देखकर उम्र की पुष्टि करता था.एप्स्टीन के घर में रोज़ 5 से 10 लड़कियां आती-जाती थीं.एक बार मरीना 18 साल की लड़की ले आईं, तो वह गुस्से से चिल्लाया-ये तो बहुत बड़ी है.मरीना ने बताया कि उन्होंने एप्स्टीन को डोनाल्ड ट्रंप के साथ कई बार देखा, लेकिन वह कहती हैं कि उनका ध्यान हमेशा अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को सहने पर रहता था. 2008 की चुप्पी और 2019 में खुलता सच 2008 में FBI ने मरीना से संपर्क किया था. वह ग्रैंड ज्यूरी के सामने सच बोलने के लिए तैयार थीं, लेकिन एप्स्टीन ने नॉन-प्रोसिक्यूशन एग्रीमेंट कर लिया और मरीना की आवाज उस समय दबा दी गई.मरीना आज भी कहती हैं कि अगर उन्हें 2008 में बयान देने दिया जाता, तो कई लड़कियां आज दर्द से बच सकती थीं. 2019 में जब केस दोबारा खुला, तो मरीना की गवाही एप्स्टीन पर लगे सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों की रीढ़ साबित हुई. हालांकि एप्स्टीन की मौत जेल में हो गई, लेकिन फाइलें अब भी कई सवालों से घिरी हैं.सितंबर 2025 में मरीना पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं. कैपिटल हिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने दुनिया का ध्यान खींचा. उन्होंने कहा था कि एप्स्टीन फाइलें पूरी तरह जारी करो. आधे सच से न्याय नहीं मिलता.अब 37 साल की मरीना एप्स्टीन सर्वाइवर्स की एक मजबूत आवाज बन चुकी हैं.उनकी लड़ाई सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लड़कियों के लिए है जिन्हें सालों तक खामोश रखा गया.

संसद में फिर गरमाया माहौल: राहुल की स्पीच के दौरान हंगामा, स्पीकर तक पहुंचे पेपर

नई दिल्ली लोकसभा में आज लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी की स्पीच पर हंगामा खड़ा हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है। हुआ यूं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए नेता विपक्ष राहुल गांधी जैसे ही खड़े हुए और उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की, उन्होंने फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाना चाहा और कल की बात फिर से दोहराते हुए कहा कि यह चीन और पाकिस्तान के साथ जुड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नेता विपक्ष सदन को गुमराह कर रहे हैं। स्पीकर की बैठक में हूई बातचीत का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा कि हम यहां सुनने के लिए बैठे हैं लेकिन उन्हें विषय को छोड़ना चाहिए। राहुल गांधी इस पर रुके नहीं और उन्होंने फिर से नरवणे के संस्मरण का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "मैं विपक्ष का नेता हूं, मुझे बोलने दिया जाए।" इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर आर्टिकल पर ऐतराज है, तो नहीं बोलूंगा। इसके बाद राहुल गांधी ने चीन का जिक्र किया और कहा कि ईस्टर्न लद्दाख में भारतीय सैनिक मारे गए। इसी दौरान किसी सदस्य ने चेयर को संबोधित करते हुए यार बोल दिया। इस पर चेयर ने फटकार लगाते हुए कहा कि यह संसद है। उस समय आसन पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी बैठे थे। इस यार के मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा होने लगा। दूसरी तरफ विपक्षी सांसद भी इस बात से भड़क उठे कि नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसी दौरान आसन की तरफ पेपर भी फेंके गए।

खेल-संस्कृति का संगम: IASE महोत्सव संपन्न, भारती-योगेन्द्र को मिला कॉलेज कलर सम्मान

IASE के खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन, भारती, योगेन्द्र बने कॉलेज कलर   बिलासपुर   उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान, बिलासपुर में खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव सत्र 2025-26  का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर विधायक अमर अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि  डॉ तारणीश गौतम, कुलसचिव अटल बिहारी विश्वविद्यालय बिलासपुर, उपस्थित रहे।    प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। प्रशिक्षार्थियों ने प्रतीक पुष्प लगाकर अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में राजगीत, स्वागत गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों का परिचय महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक सौरभ सक्सेना ने दिया वहीं महाविद्यालय की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने प्रस्तुत किया। प्रशिक्षार्थी प्रतिनिधि के रूप गजेन्द्र सिंह ने समस्या एवं आवश्यकता से संबंधित मांग पत्र का वाचन कर मांगपत्र सौंपा। मास्टर आफ सेरेमनी करीम खान के निर्देशन में शानदार मार्च-पास्ट एवं रीट्रीट के माध्यम से अतिथियों का सम्मान किया गया।  प्रशिक्षार्थियों का प्रतिनिधित्व महाविद्यालय ध्वज के साथ तिलक राम प्रधान ने किया तथा अनुराग खेस एवं तोशिबा जांगड़े ने सत्यम, अरविंद कुमार एवं नैनसी टोप्पो ने शिवम्, हीरा सिंह एवं हिमाद्री वास्तव ने सुंदरम तो वहीं मधुरम निकेतन अंकुर आशीष एवं माया दत्ता के नेतृत्व में मार्च-पास्ट का प्रदर्शन किया। बैंड वादन में  सूरज ध्रुव, रूपेश चंद्रा,  वेदप्रकाश पाटले,अल्पना तिग्गा, भावेश कुमार, खेमराज राठिया, संतोष कश्यप, अमर मलिक, राकेश कुमार, नीला सिदार, दिनेश पैकरा की टीम ने महती भूमिका निभाई।             सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता में "मधुरम" ने प्रथम एवं "सुंदरम" ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसे मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। वहीं खेल प्रतियोगिता में 97 अंको के साथ शिवम निकेतन विजेता एवं‌ 56 अंकों के साथ सत्यम निकेतन उपविजेता रहा।  विशेष आकर्षण मार्च-पास्ट एवं सुरिली कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता रही, जिसके विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मार्च-पास्ट में शिवम निकेतन विजेता रहा तो सुंदरम उपविजेता रहा। दलीय खेल एवं व्यक्तिगत खेलों के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड तथा कप से सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत खेलों के पुरुष वर्ग में सर्वाधिक अंक अर्जित कर  कालेज कलर से  सम्मानित हुए, तो वहीं शिवम् की भारती महिला वर्ग में कालेज कलर से सम्मानित हुई। अपने उद्बोधन में विशिष्ट अतिथि डॉ तारणीश गौतम ने कहा कि शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। मुख्य अतिथि माननीय अमर अग्रवाल ने मांगपत्र पर सकारात्मक आश्वासन दिया।अपने संबोधन में प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित करते हुए  कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त साधन है। उन्होंने शिक्षकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।    कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने आगामी प्रतियोगिता तक ध्वज सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अजिता मिश्रा एवं समन्वयक करीम खान ने किया एवं डॉ अजिता मिश्रा द्वारा ही आभार प्रदर्शन भी किया गया और अंत में मैत्री प्रयाण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।     कार्यक्रम में विशेष रूप से नगर के सुप्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट दम्पति मती  अंजना खरे एवं अतुल कांत खरे,सेवानिवृत्त आचार्य डॉ उषामणि , डॉ छाया शर्मा, डॉ राजेन्द्र तिवारी, मती नुपुर कुजूर, सु आशा बनाफर सहित महाविद्यालय से मती अंजना अग्रवाल, मती मनीषा वर्मा, डॉ अजिता मिश्रा,एन एम रिज़्वी, डॉ संजय आयदे, डॉ रजनी यादव,डॉ नीला चौधरी, सौरभ सक्सेना, मती सुनीता बानी, संजय शर्मा, डॉ संगीता वास्तव,  डॉ सलीम जावेद, डॉ विद्याभूषण शर्मा, मती राजकुमारी महेन्द्र, डॉ वंदना रोहिल्ला, मती रश्मि पाण्डेय,डॉ गीता जायसवाल, मती सोनल जैन, जितेन्द्र साहू, डॉ दुष्यंत चतुर्वेदी, मती निधि शर्मा, मती संतोषी फर्वी,अश्वनी भास्कर, कमल देवांगन, भगवती कश्यप, गीतू गुरुदिवान, मुरारी यादव, मिरे, रईस, अभिनव, किशोर खिलेन्द्र, पूनम आदि आचार्यवृंद एवं कार्यालयीन स्टाफ तथा समस्त प्रशिक्षार्थी उपस्थिति थे ।

जेल से एंबुलेंस से विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह ने ली शपथ

पटना. बाहुबली नेता अनंत सिंह ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली। स्वास्थ्य कारणों से उन्हें बेऊर जेल से एंबुलेंस के जरिए विधानसभा लाया गया। शपथ ग्रहण के दौरान विधानसभा परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पूरे कार्यक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी रही। किसी भी तरह की भीड़ को अनुमति नहीं दी गई। बिना शपथ पत्र पढ़े दिलाई गई शपथ अनंत सिंह ने शपथ पत्र पढ़े बिना ही विधायक पद की शपथ ली। शपथ पूरी होते ही वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके माथे पर लगे तिलक के बारे में भी पूछा। इसके बाद अनंत सिंह अपनी निर्धारित सीट पर जाकर बैठ गए। सदन में मौजूद सदस्य यह दृश्य देखते रहे। तबीयत खराब होने का दिया हवाला मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण शपथ लेने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि अदालत की अनुमति मिलने के बाद ही वे विधानसभा पहुंचे हैं। अनंत सिंह ने साफ कहा कि जेल से बाहर आना उनके हाथ में नहीं है। उन्होंने कहा कि जब जज साहब चाहेंगे, तभी वे जेल से बाहर आएंगे। फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। कोर्ट ने सिर्फ शपथ के लिए दी इजाजत पटना सिविल कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हुआ। हालांकि कोर्ट ने उन्हें केवल शपथ लेने की ही अनुमति दी है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है। शपथ समारोह के अलावा किसी भी अन्य गतिविधि में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है। शपथ के बाद उन्हें वापस बेऊर जेल भेजा जाएगा। वे दोबारा न्यायिक हिरासत में रहेंगे। विधानसभा परिसर छावनी में तब्दील अनंत सिंह को जेल से विधानसभा तक लाने और वापस ले जाने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। एस्कॉर्ट वाहन और क्विक रिस्पॉन्स टीम को तैनात किया गया था। विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद रहा। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। समर्थकों के किसी भी तरह के जमावड़े पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की गई। हाईकोर्ट में जमानत पर अब भी इंतजार अनंत सिंह पिछले करीब तीन महीनों से बेऊर जेल में बंद हैं। सिविल कोर्ट से उनकी जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने 24 दिसंबर को पटना हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। जिस पीठ में मामले की सुनवाई सूचीबद्ध हुई थी, उस कोर्ट के जज ने सुनवाई से इनकार कर दिया। अब इस मामले को दूसरी पीठ में सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। जमानत पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है। संविधान के तहत शपथ लेना था जरूरी संविधान के अनुच्छेद 188 के अनुसार हर विधायक को पदभार संभालने से पहले शपथ लेना अनिवार्य है। शपथ लिए बिना कोई विधायक सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकता। शपथ तक विधायक को वेतन और भत्ते का भी अधिकार नहीं मिलता। अनुच्छेद 193 के तहत बिना शपथ सदन में शामिल होने पर जुर्माने का प्रावधान है। इसी कारण अनंत सिंह के लिए शपथ लेना जरूरी था। शपथ के साथ उनकी सदस्यता औपचारिक रूप से पूरी हो गई। मोकामा से बड़ी जीत के बाद शपथ अनंत सिंह मोकामा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। उन्होंने 28,206 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। अनंत सिंह को कुल 91,416 वोट मिले थे। राजद की प्रत्याशी वीणा देवी दूसरे स्थान पर रहीं, जिन्हें 63,210 वोट प्राप्त हुए थे। जीत के बाद अनंत सिंह शपथ न ले पाने के कारण सदन से बाहर थे। मंगलवार को शपथ लेने के साथ ही उनकी विधायकी औपचारिक रूप से शुरू हो गई।

आज बेल पर बाहर आएंगे बिक्रम मजीठिया

लुधियाना/नाभा. पंजाब के पूर्व मंत्री और सीनियर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया आज नाभा जेल से बाहर आएंगे। यह जानकारी उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने सोमवार शाम को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की। बिक्रम मजीठिया को कल सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिल गई थी, जिसके बाद आज वह नाभा जेल से रिहा हो जाएंगे। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में कार्रवाई करते हुए 25 जून को उन्हें गिरफ्तार किया था। दिसंबर 2025 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। इस वजह से उन्हें लगातार जेल में रहना पड़ा। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से अकाली दल खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई है। मजीठिया के समर्थक नाभा जेल के बाहर उनके स्वागत की बड़ी तैयारी कर रहे हैं।