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लिफ्ट के बहाने ठगी! में हाथ की सफाई से पैसे उड़ाने वाला गिरोह बेनकाब

सीधी. पैदल चलने वालों राहगीरों को लिफ्ट देकर लूट करने वाले आरोपित को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित के बोलेरो एवं नकद जब्‍त किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली अभिषेक उपाध्याय पुलिस टीम ने किया है। शिकायतकर्ता लालबहादुर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 03 फरवरी को बैंक से 50,000 रुपये निकालकर जाते समय बोलेरो सवार बदमाशों ने उन्हें बस स्टैंड छोड़ने का झांसा देकर बैठाया। रास्ते में आरोपितों ने दरवाजा ठीक से बंद नहीं है का बहाना बनाया और गेट बंद करने के बहाने बुजुर्ग को बातों में उलझाकर बड़ी सफाई से नोट भरे बैग की चेन खोलकर 50,000 रुपये चोरी कर लिए और कुछ दूर आगे उन्हें बोलेरो से नीचे उतारकर फरार हो गए। अपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व का इतिहास पुलिस जांच में यह गंभीर तथ्य सामने आया है कि पकड़े गए आरोपित आदतन अपराधी हैं। इन अपराधियों के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न जिलों के अलग-अलग थानों में चोरी, लूट और झपटमारी के कई मामले दर्ज हैं। यह गिरोह रेकी कर बैंक से निकलने वाले अधिक उम्र के बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाता था और रास्ते में झांसा देकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने ​देवेन्द्र उर्फ लाला यादव 26 वर्ष निवासी बाणगंगा, रीवा, सुधीश यादव 21 बर्ष बाणगंगा रीवा, ​दुर्गेश शर्मा 32 वर्ष निवासी रामगढ़, जिला मैहर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपितों के पास से 33,000 नकद एवं चोरी के पैसों से खरीदा गया 14,000 का मोबाइल, घटना में उपयोग की गई सफेद बोलेरो 1लाख 20 हजार कीमत आंकी गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की जिले की पुलिस टीम ने समस्त नागरिकों से अपील करती है कि बैंक संबंधी कार्यों के लिए अपने घर के वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) को अकेला न भेजें। उनके साथ परिवार का कोई जिम्मेदार सदस्य अनिवार्य रूप से रहे। यदि बैंक से बाहर निकलते समय आपको किसी व्यक्ति पर संदेह हो या ऐसा लगे कि कोई आपका पीछा कर रहा है। तो तुरंत बैंक के 'ब्रांच मैनेजर' को सूचित करें या तत्काल डायल-112 अथवा नजदीकी पुलिस थाने की मदद लें। किसी भी अनजान व्यक्ति के वाहन में 'लिफ्ट' न लें, यह आपके लिए जोखिम भरा हो सकता है।  

‘एनिमल 2’ में बड़ा ट्विस्ट, हीरो के साथ विलेन बनेगा ये मशहूर स्टार, जानें कब शुरू होगा फिल्म का शूट

मुंबई  फिल्म मेकर संदीप रेड्डी वांगा ने अपनी 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'एनिमल' के सीक्वल 'एनिमल पार्क' पर बड़ा अपडेट दिया है. एनिमल के जापान प्रीमियर के अवसर पर आयोजित एक वर्चुअल प्रेस मीट में संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म की शूटिंग, टाइटल और रणबीर कपूर के किरदार का खुलासा किया है. जापान के वर्चुअल प्रेस मीट में संदीप रेड्डी वांगा ने बताया कि उन्होंने एनिमल के सीक्वल का नाम एनिमल पार्क क्यों रखा. साथ ही उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह एनिमल पार्क की शूटिंग अगले साल शुरू करने वाले हैं. संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म के टाइटल के चुनाव के बारे में बात करते हुए कहा, 'मेरी अभी की फिल्म खत्म होने के बाद एनिमल पार्क जल्द ही शुरू होगी. फिल्म में और भी एनिमल्स होंगे क्योंकि अजीज भी एक एनिमल है. तो, इसे ध्यान में रखते हुए अब दोनों भाइयों के बीच एक जैसा लड़ाई है, इसलिए मुझे लगा कि एनिमल पार्क सही टाइटल होगा.' इस दौरान वांगा ने फिल्म की शूटिंग के बारे में भी खुलासा किया है. फिल्म मेकर ने कहा, 'हम 2027 के बीच में शूटिंग शुरू करेंगे.' इस इवेंट में रणबीर कपूर जूम कॉल के जरिए जुड़े हुए थे. उन्होंने न सिर्फ अपने किरदार रणविजय सिंह को दोबारा निभाने के बारे में बात किया बल्कि विलेन अजीज का किरदार निभाने को लेकर भी अपनी एक्साइटमेंट जाहिर की. 'बर्फी' एक्टर ने खुलासा किया कि वह 'एनिमल पार्क' में डबल रोल निभाने वाले हैं. उन्होंने कहा, 'मैं संदीप के साथ सेट पर वापस जाने के लिए काफी एक्साइटेड हूं. साथ अपने इस किरदार (रणविजय सिंह ) और दूसरे नए किरदार को निभाने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं. क्योंकि यह एक कंटिन्यू चलने वाली स्टोरी है, इसलिए पार्ट वन की शूटिंग के दौरान ही उनके दिमाग में पार्ट टू की कहानी बहुत साफ थी. इसलिए, एक एक्टर के तौर पर यह मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक है.' उन्होंने आगे कहा, 'मैं और संदीप पूरे हफ्ते या महीने एक-दूसरे से बात करते रहते हैं और अलग-अलग आइडिया पर चर्चा करते रहते हैं. मैं सच में रणविजय और अजीज का किरदार निभाने के लिए सेट पर वापस जाने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं.'

श्रीअन्न बनेगा किसानों की ताकत, आत्मनिर्भरता की दिशा में मध्यप्रदेश : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल. कृषक कल्याण वर्ष-2026 किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मिलेट केवल फसल नहीं, बल्कि स्वस्थ भविष्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि जिसे कभी मोटा अनाज कहा जाता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वही अनाज “श्रीअन्न” के रूप में विश्वभर में सम्मान पा रहा है। श्रीअन्न से मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर किसान की ओर अग्रसर है। मंत्री कंषाना दशहरा मैदान, टीटी नगर भोपाल में श्रीअन्न मिलेट प्रोत्साहन एवं आत्मा योजनांतर्गत कृषि विज्ञान मेला के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि श्रीअन्न आयरन, कैल्शियम एवं फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है तथा कुपोषण के विरुद्ध हमारी लड़ाई में मजबूती से सहायक सिद्ध हो रहा है। साथ ही मिलेट कम पानी, कम खाद एवं प्रतिकूल जलवायु में भी बेहतर उत्पादन देता है। इससे जल संरक्षण के साथ ही किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। मंत्री कंषाना ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसान वैज्ञानिक खेती, कम लागत, अधिक उत्पादन और अधिक आय की ओर अग्रसर हों। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि यंत्रों एवं नवीन तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे श्रम की बचत होगी, उत्पादन बढ़ेगा और युवा भी खेती से जुड़ेंगे। कृषि मंत्री कंषाना ने किसानों को प्रदर्शित उन्नत कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक सलाह का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट किसान भाई-बहनों को नगद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।कृषि मंत्री कंषाना ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृषि विज्ञान एवं मिलेट मेला किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा तथा कृषक कल्याण वर्ष-2026 को ऐतिहासिक बनाएगा। उन्होंने श्रीअन्न को बढ़ावा देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। वैज्ञानिक खेती अपनाएंगे और किसान को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाएंगे। कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 9 किसान पुरस्कृत कृषि मंत्री कंषाना ने ग्राम जूनापानी के कृषक जीवन सिंह को पशुपालन के क्षेत्र में जिला स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया। विकासखंड स्तरीय पुरस्कार के रूप में 8 किसानों को 10 -10 हजार रुपए और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें ग्राम दोजयाई के किशन सिंह को पशुपालन के क्षेत्र में, ग्राम सेवनिया ओंकारा की सुनीता रैकवार एवं कोलूखेड़ी के हर्ष दांगी को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में, ग्राम भैरोंपुरा के राम मोहन मीणा को उद्यानिकी, ग्राम मुगालिया छाप के महेश मीणा एवं जमुसर कला की संगीता जाटव को कृषि अभियांत्रिकी, ग्राम टीला खेड़ी के रमेश सिंह और नामदापुरा के दीपक मीणा को कृषि के क्षेत्र में सराहनीय उत्कृष्ट योगदान के लिए विकास खंड स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट, जनपद अध्यक्ष बैरसिया कुबेर सिंह गुर्जर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य जी का रहा है विशेष संबंध

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति को नए आयाम तक पहुंचाने में आदि शंकराचार्य का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य जी का विशेष संबंध रहा है। वैचारिक स्तर पर भारत को हिंदुत्व पर गर्व है, हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है। सनातन की धारा शाश्वत रूप से बहती रहे, इस उद्देश्य से संतवृंद और सरकार समन्वित रूप से प्रयासरत है। हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा स्थापित भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का संचार कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना समारोह के अंतर्गत संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। संत महात्माओं को दिया सिंहस्थ-2028 का निमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि शंकराचार्य जी की परंपरा के संवाहक, वैदिक सनातन संस्कृति के उन्नायक, देश के प्रथम भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भव्य और दिव्य सिंहस्थ के आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संत महात्माओं को सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन पधारने के लिए निमंत्रण दिया। जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि संतवृंद के आशीर्वाद से देश में पिछले वर्षों में हुआ बदलाव अद्भुत है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गया है और तेजी से एक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉटरवेज, हाई स्पीड रेल, हाईवेज से देश की युवा शक्ति और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है। देश की बहनें, किसान, युवा सभी समावेशी विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। सांस्कृतिक समृद्धि, विरासत संरक्षण और धार्मिक पर्यटन में भी पूरे राष्ट्र में एक नई चेतना जागृत हुई है। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संसार के दुखों का शमन केवल सत्संग से ही संभव है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और संतों का साथ व्यक्ति को नया जीवन और दृष्टि देने में सक्षम है। संतगण वे आत्माएं हैं जिनके चरित्र शांत और उदार हैं। दूसरों का भला करने के उद्देश्य से ही संतगण की सभी गतिविधियों का संचालन होता है। भारत की पहचान सनातन से है, भारतीय संस्कृति ने मानवता का दिव्यकरण और दिव्यता का मानवीयकरण किया है। उन्होंने आदि शंकराचार्य के दर्शन पर भी अपने विचार रखें। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत, महात्मा और धर्मगुरु सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने संतवृंद का उत्तराखंड की भूमि पर स्वागत करते हुए कहा कि संत स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने देश की एकता और सांस्कृतिक समृद्धता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके विचार नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का आधार बनेंगे। मंचीय कार्यक्रम राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गान के साथ का सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरू स्वामी रामदेव जी के साथ किया योगाभ्यास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग आज भारत की प्राचीन परंपरा से निकलकर वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है। हम सभी योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ, संतुलित व ऊर्जावान जीवन की ओर कदम बढ़ाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पतंजलि योगपीठ के वातावरण से प्रभावित होकर कहा कि योगपीठ का संस्कार, साधना और आत्मबल से परिपूर्ण वातावरण मन को अपार शांति प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ हरिद्वार में भारत माता मंदिर में दर्शन, पूजन और यज्ञ में शामिल होकर सभी के मंगल एवं कल्याण की कामना की।  

बिहार के 12 जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट

पटना. बिहार में कुदरत के मिजाज ने करवट ले ली है. उत्तर बिहार से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक सफेद चादर पसरी नजर आ रही है. IMD ने राज्य के 12 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है, बीते 24 घंटों में भागलपुर ने सबको ठिठुरने पर मजबूर कर दिया, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. आलम यह है कि सूरज ढलते ही कनकनी बढ़ जाती है और सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हो रही है, जिसने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. IMD के अनुसार एक-दो दिनों तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है. घने कोहरे से बिगड़े हालात, विजिबिलिटी 100 मीटर तक सिमटी पिछले 24 घंटे में उत्तर बिहार के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा. कई इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर के बीच दर्ज की गई. मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर हाइवे और ग्रामीण सड़कों पर सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है. भागलपुर में सबसे ज्यादा ठंड, उत्तर बिहार ज्यादा प्रभावित IMD के आंकड़ों के मुताबिक, भागलपुर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा. उत्तर बिहार के जिलों में उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं और वातावरण में नमी की वजह से कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसी कारण सुबह के वक्त घना कोहरा बन रहा है. पश्चिमी विक्षोभ नहीं, इसलिए बारिश के आसार नहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है. इसी वजह से बिहार में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है. हालांकि, ठंड और कोहरे का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है. दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन सुबह और शाम कनकनी बनी रहेगी. पटना में कोहरा हल्का, पर ठंड का एहसास रहेगा राजधानी पटना में यलो अलर्ट तो जारी नहीं किया गया है, लेकिन सुबह के समय हल्का कोहरा और ठंडी हवा लोगों को ठिठुरन का एहसास कराएगी. दिन में धूप निकलने के बाद मौसम साफ हो जाएगा. पटना में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों तक उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों में कोहरे का असर बना रह सकता है. धीरे-धीरे तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है. दक्षिण बिहार के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा और दिन में धूप लोगों को राहत देगी. फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव के संकेत नहीं हैं.

महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रहा रानी करुणा का परिवार, अब तक मिली 24 हजार रुपये की सहायता

रायपुर. महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना राज्य की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। इस योजना से बलौदा बाजार भाटापारा जिले के ग्राम देवरी निवासी रानी करुणा गायकवाड़ का घर-परिवार भी सुदृढ़ हो रहा है। रानी करुणा  को योजना के अंतर्गत प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुगमता से हो पा रही है। उनके पति शैलेश गायकवाड एक निजी प्लांट में कार्यरत हैं। सीमित आय के कारण परिवार का भरण-पोषण एवं दो छोटे बच्चों की देखभाल एक चुनौती थी। उनकी बड़ी पुत्री केजी-2 में अध्ययनरत है, जबकि छोटा पुत्र 18 माह का है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना की 24वीं किश्त के रूप में महिलाओं के बैंक खातों में 1,000 रुपये की राशि अंतरित की गई। रानी करुणा गायकवाड को भी योजना का निरंतर लाभ मिल रहा है और अब तक उन्हें कुल 24,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। वे इस राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों, बच्चों की आवश्यकताओं तथा भविष्य की आकस्मिक जरूरतों के लिए बचत के रूप में कर रही हैं। रानी करुणा ने योजना के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह सहायता मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। यह योजना महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को भी सुदृढ़ कर रही है।

समाज कल्याण विभाग की योजनाएं बनीं सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का आधार

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता की भावना के साथ संचालित योजनाओं से वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, विधवाओं, निराश्रितों एवं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। सूरजपुर जिले में सामाजिक सहायता पेंशन योजना के अंतर्गत 70,014 हितग्राहियों को नियमित रूप से पेंशन का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से पेंशन वितरण में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है। दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जिले में अब तक 5,230 विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 546 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। विशेष विद्यालयों एवं पुनर्वास केंद्रों के विस्तार से शिक्षा एवं पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। वहीं सियान हेल्पलाइन केंद्र के माध्यम से बुजुर्गों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। वृद्धाश्रम एवं नशामुक्ति देखभाल गृहों के माध्यम से निराश्रित एवं उपेक्षित व्यक्तियों को आश्रय, पहचान और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

हरियाणा के राखीगढ़ी में खुदाई में मिले मिट्टी के डायनिंग टेबल-चूल्हे के अवशेष

हिसार. ऐतिहासिक नगरी राखीगढ़ी में एक बार फिर खोदाई में हजारों साल पुराने अवशेष सामने आ रहे हैं। टीले दो पर चूल्हा, खाना खाने की टेबल और मृदभांड के टुकड़े मिले हैं। इससे यह साबित होता है कि हजारों साल पहले भी हमारे बुजुर्ग खाना खाने के लिए मिट्टी की डायनिंग टेबल का प्रयोग करते थे। हजारों वर्ष पहले ही उन्होंने सुविधाओं से लैस ऐसी वस्तुओं की खोज कर ली थी जिनका प्रयोग आज हम कर रहे हैं। खोदाई में निकल रहे अवशेष ऐसे गवाह के रूप में सामने आ रहे हैं। जो कि हजारों साल पहले दफन हो गए थे। ये अपनी कहानी खुद बयां कर रहे हैं। ये सभ्यता क्यों खत्म हुई थी इस बात का जवाब आज भी इन्हीं टीलों के नीचे दबा है। राखीगढ़ी में हो रही तीन टीलों की खोदाई से यह तस्वीर साफ होगी कि उस समय इस मेगा सिटी शहर का क्या स्वरूप था। टीले दो पर लगातार खोदाई से हर रोज इतिहास की परतें खुल रही हैं। खोदाई के दौरान चूल्हा, बर्तनों के टुकड़े, खाने की मेज (डीस आन स्टैंड) सहित काफी मात्रा में पाटरी (टुकड़े) मिली है। इनको साफ करके कार्बन डेटिंग के लिए भेजा जाएगा। टीले के बाहरी किनारे पर खोदाई में ये अवशेष मिलने से पुरातत्वविद यह अनुमान लगा रहे हैं कि वो किनारों पर भी बसासत करके रहते थे। कच्ची ईंटों की दीवार और चूल्हा इस बात के गवाह हैं। वो लोग यहां सुरक्षा के लिए रहते थे या किसी और कारण से इस अतीत को जानने के लिए अभी इंतजार करना होगा। हालांकि, जिस मकसद से खोदाई की जा रही है। शुरुआत में ही ऐसी चीजें मिलने से शहर का स्वरूप जल्द ही सामने आ जाएगा। टीला नंबर- तीन पर भी खोदाई जारी टीले एक पर पहले जो ट्रेंच लगाया था। वहां पर करीब एक फीट गहराई तक खोदाई हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई ठोस अवशेष नहीं मिला। सिर्फ पाटरी ही मिली है। उससे कुछ ही दूरी पर एक ट्रेंच और बनाया गया है। उस पर जल्द ही खोदाई शुरू होगी। टीला नंबर- तीन पर भी खोदाई की जा रही हैं। ताकि टीलों के बाहरी किनारों से हड़प्पाकालीन सभ्यता का राज खुल सके।  

साययुवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता बने पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर. मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।     मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद  मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।  मुख्यमंत्री ने 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ    मुख्यमंत्री  साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।     इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री  साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी  शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।

पीएम मोदी से ‘परीक्षा पर चर्चा’ में सवाल पूछेंगी चंडीगढ़ की अनन्या शर्मा

चंडीगढ़. शहर के सरकारी स्कूल की होनहार छात्रा को इस बार परीक्षा पे चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी से अपने मन की बात रखने का मौका मिलेगा। सेक्टर-20डी स्थित गवर्नमेंट माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल(जीएमएसएसएस) में 9वीं क्लास की छात्रा अनन्या शशर्मा का चयन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बोर्ड परीक्षाओं से पहले परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए किया गया है। देश भर से बच्चों के इस खास कार्यक्रम के लिए 4.5 करोड़ युवाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था।  सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से सिर्फ 36 विद्यार्थियों का प्रधानमंत्री से सीधे बातचीत लिए चयन हुआ है। दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में अनन्या ने कहा कि वह पिछले तीन चार वर्ष से प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम में चयन को लेकर लगातार कोशिश कर रही थी। पीएम मोदी के बोर्ड परीक्षाओं से पहले बच्चों के बीच तनाव को दूर करने के लिए खास तौर पर परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस खास कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए चंडीगढ़ से सरकारी स्कूल की इस प्रतिभाशाली छात्रा का चयन हुआ है। इन्हें अब परीक्षाओं को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से सीधे बात करने का मौका मिलेगा। जानकारी अनुसार आगामी छह फरवरी को मोदी के इस कार्यक्रम का देश भर में प्रसारण होने की उम्मीद है। इससे पहले भी चंडीगढ़ के स्कूली होनहारों का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में चयन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए अनन्या शर्मा को चयन की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। शहर के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों से आवेदन और स्क्रूटनी के बाद 10 विद्यार्थियों का चयन किया गया । फिर मिनिस्ट्री के एक्सपर्ट पैनल के समक्ष शार्टलिस्ट विद्यार्थियों को अपनी बात रखने का मौका मिलता है। प्रत्येक राज्य या यूटी से एक स्टूडेंट का अंतिम लिस्ट में चयन होता है। चंडीगढ़ से अनन्या इस बार की सौभाग्यशाली बेटी बनी हैं। अनन्या बताती हैं कि उनका परीक्षा पे चर्चा के लिए चयन होने में सबसे अधिक योगदान उनके स्कूल टीचर्स और अभिभावकों का रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल टीचर ज्योत्सना हमेशा ही उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। स्कूल टीचर हरजीत कौर,जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल शर्मा,डाृयरेक्टर स्कूल एजुकेशन नितिन सिंगला और शिक्षा सचिव ने उन्हें इस बड़े मंच तक आने के लिए काफी प्रेरित किया। अनन्या के पिता सचिन शर्मा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और मां अंजली शर्मा एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर आप्रेशंस मैनेजर हैं।