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मंत्रालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी शर्मा को अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से किया गया सम्मानित

मंत्रालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी  शर्मा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित भोपाल  मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में पदस्थ मुख्य सुरक्षा अधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त (सुरक्षा)  अविनाश शर्मा को वर्ष 2025 के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्‍मानित किया गया है।  शर्मा को उनकी दीर्घकालीन, निष्ठावान एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यह पदक दिया गया है। उल्‍लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी सराहनीय, अनुकरणीय एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।  अविनाश शर्मा ने मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, महत्वपूर्ण शासकीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनका यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस एवं मंत्रालय सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गौरव का विषय है।  

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: नक्सलियों का गुप्त हथियार डंप बरामद, 5KG IED सहित कई घातक हथियार जब्त

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘गढ़’ गोगुंडा में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन लगातार दूसरे दिन भी जारी है. आज गुरुवार को सीआरपीएफ 74वीं बटालियन और कोबरा 201 के जवानों ने एक संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों के हथियारों के डंप को बरामद कर उनकी बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. एरिया डोमिनेशन के दौरान मिला हथियारों का डंप जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबल इलाके में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन  पर निकले थे. इसी दौरान गोगुंडा पहाड़ के दूसरे छोर पर जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाया गया हथियारों का एक बड़ा डंप मिला. तलाशी के दौरान वहां से 5 किलो वजनी एक शक्तिशाली बम (IED) भी बरामद किया गया. नक्सलियों ने यह बम जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाया था, जिसे बम निरोधक दस्ते ने सूझबूझ दिखाते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. नक्सली कंमांडर रमन्ना के स्मारक को किया था जमींदोज बता दें, बीते दिन (बुधवार को) भी सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सली कमांडर रमन्ना का 20 फीट ऊंचा स्मारक ढहाया था. जिसके बाद आज भी इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन और डॉमिनेशन जारी है. इस कार्रवाई से नक्सलियों के बीच घबराहट साफ देखी जा रही है. वर्षों से माओवादियों के खौफ में जी रहे गोगुंडा के ग्रामीणों में अब सुरक्षाबलों की मौजूदगी से सुरक्षा का भाव लौट रहा है. इस सफलता पर सीआरपीएफ कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि “हमारा प्राथमिक लक्ष्य पूरे इलाके को नक्सल भय से मुक्त बनाना है. गोगुंडा की पहाड़ियों में शांति और विकास की दस्तक शुरू हो चुकी है और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक शांति पूरी तरह बहाल न हो जाए.” 40 साल बाद इस इलाके में सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित होने के बाद अब यहां विकास कार्यों की राह आसान हो गई है. लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सली बैकफुट पर हैं, जिससे क्षेत्र में सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के पहुंचने की उम्मीद जगी है.

संतों की तबीयत बिगड़ने पर अनशन खत्म करवाने बीकानेर पहुंचे मंत्री केके बिश्नोई

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन का असर अब होने लगा है। अनशन कर रहे संतों और कुछ अन्य लोगों की तबीयत खराब होने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया है। सीएम भजनलाल के निर्देश पर गुरुवार को मंत्री केके बिश्नोई को बीकानेर भेजा गया, जहां वे अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता कर रहे हैं। मंत्री केके बिश्नोई के साथ विधायक पब्बा राम बिश्नोई, जसवंत बिश्नोई और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी बिश्नोई भी मौजूद रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने अनशन कर रहे संतों और समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों की जानकारी ली और समाधान का भरोसा दिलाया। मंत्री के सामने अनशनकारी मुखराम हुए अचेत अनशनस्थल पर गोरधन महाराज सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर मंत्री के.के. बिश्नोई और जसवंत सिंह बिश्नोई भी मौजूद थे। इसी दौरान अनशनकारी मुखराम धरणीया अचानक अचेत हो गए। इसके अलावा एक महिला भी बेहोश हो गई। दोनों को तुरंत मंच के पीछे बने अस्थायी अस्पताल ले जाया गया। बुधवार को भी अनशनकारी संत लालदास और मांगीलाल की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लिखित आश्वासन नहीं मिलने तक जारी रहेगा अनशन पर्यावरण संघर्ष समिति के नेता परसराम बिश्नोई, रामगोपाल बिश्नोई और सुभाष बिश्नोई ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चौथे दिन भी महापड़ाव जारी बता दें कि खेजड़ी संरक्षण और ट्री प्रोटेक्शन कानून बनाने की मांग को लेकर बीकानेर कलक्ट्रेट के सामने चल रहा महापड़ाव गुरुवार को चौथे दिन भी जारी है। महापड़ाव में 29 संतों, 60 महिलाओं सहित कुल 458 पर्यावरण प्रेमी अन्न-जल त्याग कर अनशन पर बैठे हैं।

मंगल कार्बन प्लांट हादसा: जोरदार विस्फोट में 9 माह का बच्चा समेत 8 मजदूर गंभीर रूप से घायल

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया. टायर रिसाइक्लिंग के दौरान बॉयलर में हुए जोरदार धमाके ने प्लांट परिसर को दहला दिया. इस दर्दनाक हादसे में 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनमें एक 9 महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. यह पूरा मामला खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर का है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनी गई. टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान अचानक हुए इस ब्लास्ट से निकली गर्म गैस और आग ने आसपास काम कर रहे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया. वहां मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक 8 लोग बुरी तरह झुलस चुके थे. अस्पताल में मची चीख-पुकार हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों की स्थिति बेहद चिंताजनक है. कई मजदूर 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं. विशेष रूप से 9 महीने के मासूम की स्थिति बेहद चिंताजनक है. टायर गलाने के दौरान तकनीकी गड़बड़ी की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट में पुराने टायरों को गलाकर कार्बन बनाने (रिसाइक्लिंग) का काम चल रहा था. आशंका जताई जा रही है कि बॉयलर के भीतर दबाव (Pressure) अधिक बढ़ने या किसी तकनीकी खामी की वजह से यह विस्फोट हुआ. पुलिस और तकनीकी टीम इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर यह ब्लास्ट कैसे हुआ. सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने प्लांट परिसर को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि:     क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) का पालन किया जा रहा था?     खतरनाक रिसाइक्लिंग प्लांट परिसर के भीतर 9 माह का मासूम बच्चा कैसे मौजूद था?     क्या मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? मौके पर पहुंचे अधिकारियों का कहा कि जांच के बाद यदि प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

जैन दर्शन में आगम प्रमाण विमर्श

नई दिल्ली जैनदर्शन विभाग , श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय  में प्रो.अनेकान्त कुमार जैन जी के कुशल निर्देशन में 'जैनदर्शने आगमप्रमाणविमर्श:' विषय पर महत्त्वपूर्ण शोध कार्य करने के लिए शोध छात्र प्रशांत जैन की मौखिक परीक्षा दिनाँक 4/2/26 को सकुशल सम्पन्न हुई । इस अवसर पर बाह्य परीक्षक प्रो आनंद प्रकाश त्रिपाठी जी,तथा संकाय प्रमुख प्रो.अरावमुदन जी,विभागाध्यक्ष प्रो वीरसागर जैन , रशियन स्कॉलर डॉ नतालिया तथा संकाय के अनेक विद्वानों ने विषय पर अनेक जिज्ञासाएं रखीं तथा गहन शास्त्रीय चर्चाएं हुईं । आदरणीय कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक जी सहित सभी ने इस स्तरीय शोध कार्य की प्रशंसा की , प्रशांत जैन को आशीर्वाद दिया और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की ।

150 से अधिक पुलिसकर्मियों की सतत कार्रवाई, 900 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी को किया गिरफ्तार

भोपाल. भोपाल शहर में राह चलती युवतियों को निशाना बनाकर कटर से हमला करने वाले आदतन अपराधी को भोपाल पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता प्राप्‍त की है। इस सफलता पर पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने भोपाल पुलिस टीम को 50 हजार रूपए के पुरस्‍कार से पुरस्‍कृत करने की घोषणा की है। उल्‍लेखनीय है कि आरोपी देवेन्‍द्र अहिरवार द्वारा 29 जनवरी की रात्रि सोनागिरी, पिपलानी तथा अयोध्यानगर थाना क्षेत्र में कुल चार युवतियों पर कटर से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं। उक्त घटनाओं के संबंध में थाना पिपलानी एवं थाना अयोध्यानगर में पृथक-पृथक चार अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटनाओं की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस आयुक्त  संजय कुमार के निर्देशन में अति. पुलिस आय़ुक्त  अवधेश गोस्वामी के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन किया गया। जोन-स्तर एवं क्राइम ब्रांच की कुल 40 टीमों में लगभग 150 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए। पुलिस टीमों द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर व्यापक जांच की गई। लगभग 900 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया, 600 से अधिक पुराने बदमाशों का सत्यापन किया गया तथा करीब 100 संदिग्धों को पूछताछ हेतु राउंड-अप किया गया। आरोपी के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसका हुलिया एवं फोटो सार्वजनिक कर गिरफ्तारी हेतु 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। लगातार सघन खोज अभियान के दौरान पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर अयोध्या बायपास, छोलामंदिर क्षेत्र के समीप जंगल क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी देवेन्‍द्र अहिरवार पिता हरज्ञान अहिरवार, उम्र 37 वर्ष, निवासी घसेरा मोहल्ला राहतगढ़ जिला सागर, हाल निवासी पूजा कॉलोनी करोंद, भोपाल को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कटर, चोरी की गई मोटरसाइकिल, कपड़े एवं अन्य सामग्री जप्त की गई है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने उक्त चार घटनाओं के अतिरिक्त वर्ष 2014 में सागर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी कटर से कई वारदातें की थीं। आरोपी द्वारा चार माह पूर्व करोंद सब्जी मंडी क्षेत्र से चोरी की गई मोटरसाइकिल का उपयोग इन घटनाओं में किया गया था। पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

जैनदर्शन विभाग में आचार्य कुंदकुंद जयंती का आयोजन

नई दिल्ली श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के जैनदर्शन विभाग द्वारा वसंत पंचमी पर्व के शुभ अवसर पर आचार्य कुंदकुंद जयंती का आयोजन श्रद्धा एवं विद्वत्तापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।          इस अवसर पर जैनदर्शन की दार्शनिक परंपरा और आचार्य कुंदकुंद के योगदान पर सारगर्भित चर्चा की गई। कार्यक्रम का संयोजन करते हुए प्रो. अनेकांत कुमार जैन जी ने कहा कि आचार्य कुन्दकुन्द भारतीय ज्ञान परंपरा के स्तंभ थे ।  उनकी कृतियों में ज्ञान की वह क्रांति थी कि अनेक लोग जिन्होंने उनका स्वाध्याय किया , इस परंपरा में दीक्षित हो गए ।       मंगलाचरण का सस्वर पाठ शोधार्थी श्रुति जैन एवं अंजलि जैन ने किया,जिसमें उन्होंने आचार्य कुन्दकुन्द के सभी ग्रंथों के मंगलाचरण का एक गुलदस्ता प्रस्तुत किया । जिससे कार्यक्रम का शुभारंभ आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में देश-विदेश में सुविख्यात विद्वान तथा जैनदर्शन के वरिष्ठ मनीषी विभागाध्यक्ष प्रो. वीर सागर जैन जी ने आचार्य कुंदकुंद के अमूल्य योगदान पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने आचार्य कुंदकुंद को जैन दर्शन का आधार-स्तंभ बताते हुए कहा कि उन्होंने ने जैन दर्शन के मूल तत्वज्ञान की रक्षा की और आत्मा-केंद्रित दर्शन को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। एक शिलालेख में उल्लेख मिलता है कि कुंदकुंदाचार्य वर्धमान चारित्र के धनी थे और वहीं से पञ्चम स्वर्ग में लौकान्तिक देव के रूप में उत्पन्न हुए। उन्होंने यह भी बताया कि आचार्य कुंदकुंद साक्षात विदेह क्षेत्र गए थे, जहाँ उन्होंने उस समय विद्यमान तीर्थंकरों के दर्शन किए, और सात दिन वहाँ निवास किया तथा समवसरण में उनके प्रवचन सुने, यह प्रसंग उनके उच्च आध्यात्मिक स्तर और तपस्वी जीवन का प्रमाण है। समयसार ग्रंथ पर उन्होंने गहन चर्चा करते हुए उसकी गाथा 3 और गाथा 320 का सार प्रस्तुत किया ।कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन शोधार्थी ज़ेबा अफ़रीन द्वारा किया गया। उन्होंने संक्षिप्त एवं प्रभावपूर्ण शब्दों में शिक्षकगण एवं सभी उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आचार्य कुन्दकुन्द आधारित क्विज का संचालन शोधार्थी श्रुति जैन ने किया । वसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम जैन दर्शन की ज्ञान-परंपरा को सजीव करता हुआ विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने वाला सिद्ध हुआ।

तिलक वरम का बड़ा बयान: ‘इतनी जल्दी वापसी की उम्मीद नहीं थी’, BCCI को कहा धन्यवाद

नवी मुंबई  भारतीय टी20 टीम के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा, जो हाल ही में चोट से उबरने के बाद नेशनल टीम में शामिल हुए हैं, ने BCCI और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) का शुक्रिया अदा किया कि उन्हें उम्मीद से पहले मैदान पर लौटने में मदद की. तिलक ने बीसीसीआई टीवी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं इतनी जल्दी मैदान पर वापस आऊंगा. CoE और BCCI का बहुत-बहुत धन्यवाद. मैं हमेशा कहता हूं कि वर्ल्ड कप खेलना मेरा सबसे बड़ा सपना है. जिस तरह से मैं मैदान में आया और हर कोई तिलक तिलक चिल्ला रहा था. तो मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी. मुझे सच में बहुत अच्छा लगा और जब मैं अंदर जा रहा था तो इससे मुझे बूस्ट भी मिला. जिस तरह से ईशान बैटिंग कर रहा था, मैंने उसे देखा, जिस तरह से अभिषेक और हर कोई बैटिंग कर रहा था, तो मुझे भी थोड़ा लगा कि मैं भी जाकर मारूंगा.' तिलक ने आगे कहा, 'मुझे वॉर्म अप मैच में इतनी ज्यादा भीड़ की उम्मीद नहीं थी, डीवाई पाटिल स्टेडियम पूरी तरह से भरा हुआ था. यह सिर्फ एक वार्म-अप गेम था लेकिन फिर भी क्रेज था, सच में सभी का धन्यवाद. माहौल सच में बहुत शानदार था, और हां, तिलक और भारतीय टीम वर्ल्ड कप के लिए तैयार है,' भारत बनाम साउथ अफ्रीका वार्म अप मैच वार्म अप मैच की बात करें तो भारत ने पहले बैटिंग करने का फैसला किया और टीम ने बैटिंग का शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी अगुवाई ईशान किशन ने सिर्फ 20 गेंदों में 53 रन बनाकर की. किशन और अभिषेक शर्मा ने भारत को शानदार शुरुआत दी, छह ओवर के अंदर 80/1 रन बनाए, जिसके बाद दोनों ओपनर दूसरों को खेलने का मौका देने के लिए रिटायर हो गए. तिलक (19 गेंदों में 45) और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 66 रनों की तेज साझेदारी के साथ हमला जारी रखा, जबकि अक्षर पटेल, रिंकू सिंह और हार्दिक पांड्या के 10 गेंदों में 30 रनों की तूफानी पारी ने भारत को 240/5 के बड़े स्कोर तक पहुंचा दिया. इसके जवाब में, साउथ अफ्रीका की चेज की शुरुआत में ही झटका लगा जब अर्शदीप सिंह ने जॉर्ज लिंडे को बिना खाता खोले आउट कर दिया. एडन मार्करम और रयान रिकेल्टन ने 65 रन की पार्टनरशिप करके थोड़ी उम्मीद जगाई, लेकिन मार्करम रिटायर हो गए, और डेवाल्ड ब्रेविस, रिकेल्टन और डेविड मिलर के विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए, जिससे मोमेंटम पूरी तरह से भारत के पक्ष में आ गया. जेसन, स्मिथ, ट्रिस्टन स्टब्स और मार्को जेनसेन के जुझारू योगदान के बावजूद, साउथ अफ्रीका 30 रन से पीछे रह गया. नवी मुंबई में एक हाई-स्कोरिंग वार्म-अप मैच में दक्षिण अफ्रीका को 30 रनों से हराकर अपने टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी शानदार तरीके से पूरी की. अब भारतीय टीम शनिवार को अमेरिका के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच पर ध्यान देगा.

मध्यप्रदेश अब पर्यटन और रोजगार का नया ग्रोथ इंजन बनेगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश, अब पर्यटन और रोज़गार का नया ग्रोथ इंजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में 900 करोड़ की लागत से बन रहे हैं धार्मिक और सांस्कृतिक लोक भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 'विकास भी,विरासत भी' के कालजयी मंत्र को ध्येय वाक्य मानकर मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री  मोदी ने जिस सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद उज्जैन में ' महाकाल लोक' के लोकार्पण के साथ किया था, वह यात्रा अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक विराट जन-अभियान का रूप ले चुकी है। प्रदेश की पावन धरा पर लगभग 900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 20 'लोकों' का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी गौरवशाली परंपराओं का जीवंत साक्ष्य बनेंगे। धार्मिक एवं सांस्कृतिक वैभव की इस अविरल यात्रा में वर्तमान में 580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 17 महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक पर तीव्र गति से कार्य संचालित है। सागर में 'संत रविदास लोक' 101 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। यह हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सीहोर जिले के सलकनपुर में 'देवी लोक' और ओरछा में 'रामराजा लोक' जैसे भव्य प्रकल्प अपनी पूर्णता के करीब हैं। सरकार की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि मंदसौर में 'भगवान पशुपतिनाथ लोक परिसर' का कार्य पूर्ण कर उसे जनता को समर्पित किया जा चुका है। साथ ही भोपाल में 'वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक', जानापाव में 'भगवान परशुराम लोक' और महेश्वर में 'देवी अहिल्या संग्रहालय' जैसे प्रकल्पों ने पूर्ण होकर प्रदेश के सांस्कृतिक मानचित्र को और अधिक समृद्ध किया है।  जन-आस्था का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने 315 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भविष्य में 3 नए लोक और 2 अन्य लोक के द्वितीय चरण को भी मूर्त रूप दिया जायेगा। ' महाकाल लोक' की भव्यता को प्रेरणा मानकर अब ओंकारेश्वर में 'ममलेश्वर लोक' का निर्माण, बैतूल में ताप्ती उद्गम स्थल में 'ताप्ती लोक' और मैहर में 'माँ शारदा लोक' का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। महेश्वर में 110 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 'देवी अहिल्या लोक' और अमरकंटक में 'माँ नर्मदा लोक' के द्वितीय चरण का निर्माण सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निर्मित हो रहे धार्मिक और सांस्कृतिक 'लोक' केवल पत्थर और ईंटों के निर्माण मात्र नहीं हैं, अपितु ये मध्यप्रदेश के विकास के नए 'ग्रोथ इंजन' सिद्ध होंगे। प्रधानमंत्री  मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' के विज़न को आत्मसात करते हुए ये स्थल पर्यटन के वैश्विक केंद्रों के रूप में उभरेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे। हस्त शिल्पियों से लेकर सेवा क्षेत्र तक, इन लोकों का विकास हर वर्ग के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खोलेगा। आस्था का यह महायज्ञ जहाँ एक ओर हमारी जड़ों को सींच रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश को आधुनिकता और आत्मनिर्भरता के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा रहा है।  

ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर 8.90 लाख उड़ाए, फर्जी वेबसाइट से बड़ा स्कैम

 ग्वालियर शहर के मुरार की रहने वाली महिला दुकानदार के साथ 8.90 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। महिला दुकानदार को सोने में ऑनलाइन निवेश का झांसा दिया गया। महिला से 14 बार में 8.90 लाख रुपए जमा करा लिए। महिला ने जो राशि जमा की, उसकी बढ़ी हुई राशि 30.30 लाख रुपए दिख रही थी। महिला ने जब इसे अपने खाते में ट्रांसफर करने का प्रयास किया तो रुपए नहीं आए। इसके बाद फोन पर बात की तो महिला से कूरियर के जरिए मोबाइल भी ठग ने अपने पास मंगवा लिया। फिर महिला को ठगी का पता लगा। महिला की शिकायत पर मुरार थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। मूल रूप से भिंड की रहने वालीं किरण जैन वर्तमान में मुरार में रहती हैं। मुरार में उनकी आर्टीफिशियल ज्वेलरी की दुकान है। 20 अक्टूबर को उनके फेसबुक अकाउंट पर अम्बीराम-सत्यजीत नाम की आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उन्होंने फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की। फिर उसका मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि जीबीसी गोल्ड नाम से कंपनी है। इसमें सोने में ऑनलाइन निवेश किया जा सकता है। शेयर ट्रेडिंग भी की जा सकती है। महिला ने सबसे पहले 50 हजार रुपए अपने बैंक खाते से ट्रांसफर किए। चार दिन बाद ही यह रकम 64 हजार दिखने लगी। महिला ने दूसरे बैंक खाते से फिर 50 हजार जमा किए। यह राशि डेढ़ लाख दिखने लगी महिला को दिया गया था लॉगिन इसके बाद 12 बार में और रकम दूसरे खातों में भेजी। महिला को लॉगिन भी दिया गया था। लॉगिन करती थी तो वेबसाइट पर यह रकम बढ़ी हुई दिखती थी। हाल ही में महिला को अपने खाते में 30.30 लाख रुपए दिख रहे थे। महिला ने रुपए निकालने का प्रयास किया। तब रुपए नहीं निकले। महिला ने मैसेज करने वाले से बात की तो उसने कूरियर के जरिये मोबाइल ही मंगवा लिया। फिर उसका नंबर भी बंद हो गया। तब महिला को ठगी का पता लगा। महिला ने थाने में शिकायत की।