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बिहार में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने 15 एयरपोर्ट्स का होगा रिनोवेशन

पटना. बिहार सरकार ने राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए 15 हवाई अड्डों के विकास की तैयारी शुरू कर दी है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) से इन एयरपोर्ट्स की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है. रिपोर्ट मिलते ही जमीन पर निर्माण और विस्तार का काम शुरू होगा. सरकार का फोकस केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन इलाकों को भी हवाई सेवा से जोड़ने की योजना है, जहां अब तक उड़ान की सुविधा नहीं थी. मधुबनी, वीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, भागलपुर और सहरसा जैसे शहरों में 19-सीटर विमानों के परिचालन की संभावना का अध्ययन कराया जा रहा है. इसके लिए 2.43 करोड़ रुपये का भुगतान AAI को किया है. छोटे शहर, बड़ी उड़ान की तैयारी मोतिहारी और छपरा जैसे शहरों के लिए अलग से व्यवहार्यता अध्ययन कराया जा रहा है, जिस पर 1.21 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. वहीं, बेगूसराय के उलाव और गोपालगंज के सबेया सैन्य हवाई अड्डे को नागरिक उड़ानों के लिए उपयोगी बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. हवाई अड्डों के विकास में सुरक्षा सबसे अहम कड़ी है. भागलपुर के सुल्तानगंज, बीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर और सहरसा में ऑब्स्टेकल लिमिटेशन सरफेस सर्वे के लिए 2.90 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. इससे उड़ान मार्ग में आने वाली बाधाओं की पहचान होगी. दरभंगा बनेगा लॉजिस्टिक और कार्गो हब दरभंगा एयरपोर्ट को सिर्फ यात्री सेवा तक सीमित नहीं रखा जाएगा. यहां 50 एकड़ भूमि पर लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब विकसित करने की योजना है, जिसके लिए 138 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. सहरसा में रनवे विस्तार के लिए 12 एकड़ अतिरिक्त भूमि पर 147 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. भागलपुर के सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 931 करोड़ रुपये की लागत से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. सोनपुर में 4228 एकड़ भूमि पर नए हवाई अड्डे की योजना है, जबकि रक्सौल और बिहटा में भी विस्तार के लिए राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है. रोजगार और निवेश को मिलेगी उड़ान इन परियोजनाओं से न सिर्फ हवाई सफर आसान होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. बिहार सरकार का मानना है कि एयर कनेक्टिविटी मजबूत होने से राज्य की आर्थिक तस्वीर तेजी से बदलेगी.

6 फरवरी को होगा परीक्षा पे चर्चा का राष्ट्रीय आयोजन

प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों से कल करेंगे परीक्षा पे चर्चा 6 फरवरी को होगा परीक्षा पे चर्चा का राष्ट्रीय आयोजन प्रदेश के सभी विद्यालयों में होगा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृाष्ट विद्यालय में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा की कन्या स्कूल में होंगे शामिल भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी 6 फरवरी को देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के मन में उठने वाली शंकाओं का समाधान कर सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करेंगे। परीक्षा पे चर्चा का राष्‍ट्रीय आयोजन 6 फरवरी को होगा। शुक्रवार 6 फरवरी को प्रदेश के सभी विद्यालयों में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखण्ड के ग्राम तेंदूखेड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रहकर कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी वर्ष 2018 से इस कार्यक्रम में परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष कार्यक्रम का यह 9वां संस्करण है। कार्यक्रम 6 फरवरी को प्रात: 10 बजे से नई दिल्‍ली में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई के साथ ही विभिन्‍न रेडियों चैनल्‍स, नेटफ्लिक्‍स, जीओ हॉट स्‍टार एवं अमेजन प्राइम वीडियो आदि से भी सीधा प्रसारण होगा। अन्य निजी चैनल भी कार्यकम का सीधा प्रसारण करेगें। परीक्षा पे चर्चा का राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। इसमें विशिष्‍ट जन, वरिष्‍ठ अधिकारी एवं अभिभावकगण विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रदेश में "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम में सहभागिता के लिए विगत 1 दिसम्‍बर से 11 जनवरी तक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई थी। इसमें मध्‍यप्रदेश से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थियों, 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षकों और 17 हजार से अधिक अभिभावकों सहित 24 लाख 41 हजार 390 व्‍यक्तियों ने सहभागिता की। स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार मध्‍यप्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में तथा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम को समारोहपर्वूक आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की जा रही है। आयोजन की सुचारू व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में समस्‍त कलेक्‍टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को संचालक लोक शिक्षण द्वारा निर्देश भी जारी किये गये है।  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन

रायपुर. रायपुर में हुई उच्च स्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विमर्श के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।     कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को केवल कागज़ों तक सीमित न रखकर प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का कुलपति,कुलसचिव,महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्राध्यापक स्वयं अध्ययन करें।उन्होंने राज्य स्तर पर संचालित समितियों द्वारा नियमित समीक्षा, जिला क्लस्टर व्यवस्था, टास्क फोर्स की बैठकें तथा विश्वविद्यालय स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समावेशित कर विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, विरासत और मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। स्थानीय लोक कला और शिल्प कला को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।भारतीय ज्ञान परंपरा पर विद्यार्थियों के बीच ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर उनमें जागरूकता बढ़ाई जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। मंत्री  वर्मा ने भविष्य में इस प्रकार की विस्तृत एवं बहुदिवसीय कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में भारतीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अध्यक्ष  अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सह संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, निदेशक आईआईटी भिलाई डॉ. राजीव प्रकाश, शिक्षाविद  दिलीप केशरवानी, डॉ. नारायण गवांडकर सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक उपस्थित रहे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला।मुख्य वक्ता  अतुल कोठारी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने, क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट सिस्टम तथा टास्क फोर्स के गठन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. राजीव प्रकाश ने नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा किए। इसी तरह  ओम प्रकाश शर्मा ने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा से पहले साइबर फ्रॉड अलर्ट, पुलिस की चेतावनी

 भोपाल.  10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों के सामने एक नए तरह का इम्तिहान खड़ा हो गया है। यह परीक्षा क्लासरूम में नहीं, बल्कि इंटरनेट और इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर होगी, जहां पेपरलीक, परीक्षा में नंबर बढ़ाने अथवा प्रवेश पत्र में सुधार कराने के नाम पर साइबर ठगों का जाल सक्रिय हो रहा है। इस खतरे को देखते हुए भोपाल पुलिस ने न केवल कार्रवाई तेज की है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के लिए साइबर एडवाइजरी भी जारी की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हर साल बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले इस तरह की ठगी के मामले सामने आते हैं। ठग फर्जी टेलीग्राम चैनल बनाकर दावा करते हैं कि उनके पास 10वीं-12वीं के प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध हैं। चैनलों के नाम और प्रोफाइल इस तरह तैयार की जाती हैं, जिससे वे वास्तविक प्रतीत हों। छात्रों को यह भरोसा दिलाया जाता है कि यह बोर्ड परीक्षा का पेपर है और उन्हें यह व्यक्तिगत रूप से मिल रहा है। इसके बदले उनसे 500 से 2000 रुपये तक ऑनलाइन माध्यम से वसूले जाते हैं। भोपाल पुलिस का कहना है कि यह पूरी तरह फर्जी दावा होता है। न तो कोई पेपर लीक होता है और न ही ठगों के पास प्रश्नपत्र होते हैं। भुगतान के बाद या तो छात्रों को ब्लॉक कर दिया जाता है या फिर उन्हें पुराने वर्षों के पेपर भेज देते हैं। पुलिस ने साफ कहा है कि यदि कोई व्यक्ति या चैनल प्रश्नपत्र बेचने का दावा करता है, तो उसकी तुरंत शिकायत की जाए। साइबर सेल के एसआई अंकित नायक ने बताया कि बीते दो वर्षों में भोपाल क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ऐसे दो बड़े मामलों का खुलासा कर चुकी है। ऐसे नेटवर्क से ठगी का जाल केस-1 छिंदवाड़ा जिले के दमुआ से गिरफ्तार किया गया दीपांशू कोरी नीट की तैयारी कर रहा था और उसने कॉलेज से ड्रॉप लिया हुआ था। उसने टेलीग्राम पर फर्जी पेपरलीक चैनल बनाया, जिसमें एक लाख से अधिक लोग जुड़े थे। जांच में सामने आया कि उसने सैकड़ों छात्रों से ठगी की और 500 से 2000 रुपये तक लेकर पेपर उपलब्ध कराने का दावा करता था। केस-2 भिंड जिले से पुलिस ने 19 वर्षीय आरोपित शिवम यादव को गिरफ्तार किया था। उसके टेलीग्राम चैनल से 20 हजार से अधिक लोग जुड़े थे। वह बोर्ड परीक्षाओं के पेपर एक हजार रुपये में बेचने का दावा करता था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बचने के लिए पुलिस की यह सलाह बचने के लिए पुलिस की यह सलाह किसी भी अनजान लिंक, ग्रुप या व्यक्ति से प्राप्त प्रश्नपत्र को असली न मानें। इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने वाले प्रश्नपत्र या उनके उत्तर फर्जी हो सकते हैं। रुपये लेकर प्रश्नपत्र बेचने वाले लोग ठग हैं, उनके झांसे में न आएं। ऐसे प्रकरणों में शामिल होना भी कानून अपराध है। केवल संबंधित बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें। पेपरलीक के नाम पर कोई भी दावा पूरी तरह फर्जी है। छात्र और अभिभावक ऐसे चैनलों से दूर रहें, पैसे न भेजें और तुरंत साइबर पुलिस को सूचना दें। शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच।

‘हम कोलंबो जाएंगे, फ्लाइट बुक है’ – पाकिस्तान के खिलाफ मैच पर कप्तान सूर्या का बयान

मुंबई  सात फरवरी से शुरू होने जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप से दो दिन पहले यानी पांच तारीख को आईसीसी ने सभी 20 कप्तानों का मीट अप रखा था. जहां भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच पर अपनी राय रखी है. कोलंबो में भारत-पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को हाई-वोल्टेज मुकाबला होना था, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इसे खेलने से इनकार कर दिया है. सूर्या ने कहा, ‘हमारी मानसिकता बिल्कुल स्पष्ट है. हमने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार नहीं किया है, बल्कि उन्होंने ही इनकार किया है. हमारी फ्लाइट बुक हो चुकी हैं और हम कोलंबो जा रहे हैं. हमारे मैच पहले अमेरिका के खिलाफ तय हैं.’     पाकिस्तान का फैसला मेरे हाथ में नहीं है, काश होता. हमें खेलने के लिए कहा गया है, मैच तय है. हमने एशिया कप में उनके खिलाफ तीन बार खेला है और वहां हमने शानदार क्रिकेट खेला था. अगर हमें दोबारा खेलने का मौका मिलता है तो हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे. अगर मैच तय है, तो हम निश्चित रूप से जाएंगे. पाकिस्तान सरकार ने अपनी क्रिकेट टीम को कोलंबो में होने वाले इस महत्वपूर्ण मैच में खेलने की अनुमति नहीं दी है हालांकि इसका कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इसे बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में अपने मैच खेलने से इनकार करने के बाद बांग्लादेश विश्व कप से बाहर हो गया था. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप A में भारत, पाकिस्तान, नीदरलैंड, नामीबिया और अमेरिका की टीमें शामिल हैं. ग्रुप A काफी रोमांचक होने वाला है क्योंकि इसमें दो बड़े नाम-  भारत और पाकिस्तान  एक ही ग्रुप में हैं, जबकि नीदरलैंड, नामीबिया और अमेरिका ग्रुप को संतुलित बनाने वाली टीमें हैं. कुल मिलाकर, यह ग्रुप शुरुआती चरण से ही दर्शकों के लिए हाई वोल्टेज मुकाबलों का अंदाज़ देगा. हालांकि, पाकिस्तान ने भारत संग अपना लीग मैच खेलने से इनकार किया है.  IPL खेलने से सभी टीमों को हुआ फायदा: राश‍िद खान  अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने कहा कि भारत में आईपीएल खेलने की वजह से सिर्फ अफगान खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि सभी टीमों को फायदा मिला है. उन्होंने कहा- सभी टीमों के खिलाड़ी आईपीएल खेल रहे हैं, इसलिए यह फायदा सिर्फ अफगानिस्तान तक सीमित नहीं है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में राश‍िद ने यह भी कहा कि अब अफगानिस्तान से उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी हैं और हर टीम के पास 4–5 मैच विनर खिलाड़ी हैं.   ये वर्ल्ड कप हमारे ल‍िए ऐतहास‍िक: रोहित पौडेल  नेपाल के कप्तान रोहित पौडेल  ने इस वर्ल्ड कप को अपनी टीम के लिए ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा-हम 20 साल से ज्यादा समय बाद वर्ल्ड कप खेल रहे हैं. यह हमारे लिए बहुत बड़ा मौका है. अगली पीढ़ी इससे प्रेरित होगी और उम्मीद है कि हम उन्हें कुछ खास दे पाएंगे. रोहित ने यह भी कहा कि हाल के समय में नेपाल बड़े टीमों को कड़ी टक्कर दे रहा है और वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है. ओस वर्ल्ड कप में एक्स फैक्टर: हैरी ब्रूक  इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने अनिश्चित हालात पर ज्यादा प्रतिक्रिया देने से बचते हुए कहा कि टीम प्रक्रिया पर फोकस कर रही है. उन्होंने कहा-हमें मौजूदा पल में रहना है और देखना है कि अगले कुछ हफ्तों में हम कहां पहुंचते हैं. हमारी कोशिश सिर्फ प्रक्रिया पर टिके रहने की है. अंग्रेज कप्तान ने यह भी माना कि भारत की पिचों पर बड़े स्कोर बन सकते हैं. उन्होंने कहा- भारत में कई ऐसे मैदान हैं जहां 300 रन बन सकते हैं. कप्तान के तौर पर जरूरी है कि आप खेल को थोड़ा स्लो करें और शांत रहें. ओस भी एक फैक्टर हो सकती है.   इस फॉर्मेट में हर टीम खतरनाक: रिची बेरिंगटन  स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंगटन ने कहा कि मौजूदा क्रिकेट में हर टीम खतरनाक है और किसी को हल्के में नहीं लिया जा सकता.उन्होंने कहा- हर टीम के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले मैच जिता सकते हैं. किसी एक टीम को चुनना मुश्किल है. बीसीसीआई और आईसीसी के साथ हुए करार के तहत पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने हैं. आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को पहले ही चेतावनी दे दी है कि अगर पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया तो उस पर मोटा फाइन ठोका जाएगा. भारत-पाकिस्तान का मुकाबला आईसीसी के किसी भी टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित और ब्लॉकबस्टर मुकाबला होता है, जिसे दुनिया भर में सबसे ज्यादा दर्शक, स्पॉन्सर और ब्रॉडकास्टर्स रेवेन्यू मिलता है.

नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता: बीजापुर में 12 माओवादी हथियारों के साथ पुलिस के सामने झुके

बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्लानार” और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक डीवीसीएम सहित कुल 12 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 08 महिला माओवादी और 04 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इन सभी माओवादियों पर कुल 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने अपने साथ एक AK-47 और दो SLR राइफल भी पुलिस को सौंपे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी 12 माओवादी फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी सहित कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। यह आत्मसमर्पण बस्तर आईजी पी. सुंदरराज, सीआरपीएफ डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत अधिकारियों ने प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की नगद सहायता राशि प्रदान की। इस साल अब तक 888 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 888 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, वहीं 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 231 माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं। पी. सुंदरराज, आईजी, बस्तर ने कहा, सरकार की योजनाएं और पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रही है। लगातार माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

दिव्यांगजन के लिए रोजगार अभियान 2.0: यूपी में 6–13 फरवरी तक आयोजन

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार एक और ठोस पहल करने जा रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में 06 से 13 फरवरी 2026 तक “दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0” संचालित किया जाएगा। इस विशेष अभियान का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सेवायोजन के साथ-साथ स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना है। योगी सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका, आत्मनिर्भरता और सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक और मजबूत कदम है। तीन वर्षों में प्रशिक्षित दिव्यांगजनों को मिलेगा लाभ प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि अभियान के तहत विगत तीन वर्षों में कौशल विकास मिशन एवं आईटीआई के माध्यम से प्रशिक्षित ऐसे पात्र एवं इच्छुक दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ा जाएगा, जो वर्तमान में जनपदों में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही जनपद स्तर पर उपलब्ध अन्य इच्छुक दिव्यांगजन भी इस अभियान का लाभ ले सकेंगे। औद्योगिक इकाइयों में सेवायोजन पर जोर दिव्यांगजन रोजगार अभियान के दौरान जनपदों में संचालित औद्योगिक इकाइयों एवं अन्य अधिष्ठानों में उपलब्ध रिक्तियों के सापेक्ष दिव्यांगजनों का सेवायोजन कराया जाएगा। इसके अलावा एमएसएमई, जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र तथा अन्य विभागों की स्व-रोजगार योजनाओं से भी दिव्यांगजनों को जोड़ा जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में संचालन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि हर जनपद में यह अभियान मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसमें जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला रोजगार सहायता अधिकारी और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक शामिल होंगे। निर्धारित अवधि में राजकीय आईटीआई को केंद्र बनाकर सेवायोजन एवं स्व-रोजगार संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। रोजगार संगम पोर्टल से भी मिलेगा अवसर रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत इच्छुक दिव्यांगजनों को भी इस अभियान में सम्मिलित किया जाएगा। जिला रोजगार सहायता अधिकारी के माध्यम से उन्हें उपलब्ध रिक्तियों पर नियोजित कराया जाएगा। निर्देश दिए गए हैं कि अभियान का जनपद स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इस अवसर का लाभ उठा सकें और रोजगार की मुख्यधारा से जुड़ सकें। टॉप-5 जनपदों को मिलेगा सम्मान अभियान के सफल क्रियान्वयन पर सर्वाधिक सेवायोजन एवं स्व-रोजगार उपलब्ध कराने वाले प्रदेश के शीर्ष 05 जनपदों के जिलाधिकारियों एवं उनकी टीम को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा। 13 फरवरी 2026 को सायं 5 बजे तक सभी जनपदों से सेवायोजित दिव्यांगजनों की संख्या, नियुक्ति पत्र एवं स्व-रोजगार से जुड़े साक्ष्य मांगे जाएंगे।

SC का ममता सरकार को झटका, 31 मार्च तक कर्मचारियों को DA भुगतान करने का निर्देश

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक राहत लेकर आया है। सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने ममता बनर्जी सरकार को कड़ा निर्देश देते हुए 31 मार्च 2026 तक महंगाई भत्ते (DA) के कुल बकाया का 25 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दिया है। यह आदेश उस दिन आया है जब बंगाल विधानसभा में लेखानुदान पेश किया जाना है। इससे राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित DA बकाया का एक-चौथाई हिस्सा 31 मार्च तक चुकाया जाए। शेष 75 प्रतिशत बकाया राशि के भुगतान का तरीका और समय सीमा तय करने के लिए अदालत ने एक उच्च स्तरीय चार सदस्यीय समिति बनाने का आदेश दिया है। आपको बता दें कि पिछले साल 16 मई को कोर्ट ने तीन महीने के भीतर यह भुगतान करने को कहा था, लेकिन राज्य सरकार ने फंड की कमी का हवाला देकर 6 महीने की मोहलत मांगी थी। कोर्ट ने बार-बार मिल रही तारीखों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अब अंतिम समय सीमा तय कर दी है। DA खैरात नहीं, अधिकार है: शुभेंदु अधिकारी विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों की जीत बताया। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी आज गलत साबित हुई हैं। सालों तक उन्होंने दावा किया कि DA कोई अधिकार नहीं है, बल्कि एक दान है। आज शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि यह कर्मचारियों का हक है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को उनके हक से वंचित करने के लिए नामी वकीलों पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन अंततः न्याय की जीत हुई।" केंद्र और राज्य के बीच बढ़ता अंतर पश्चिम बंगाल में DA को लेकर विवाद काफी गहरा है। वर्तमान स्थिति यह है कि 1 अप्रैल 2025 से बंगाल के कर्मचारियों का DA मूल वेतन का 18 प्रतिशत तय किया गया था। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले DA और राज्य सरकार के कर्मचारियों के बीच अब भी करीब 37 से 40 प्रतिशत का बड़ा अंतर बना हुआ है। आपको बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिलता है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए राज्य सरकार ने वर्तमान में केवल लेखानुदान पेश करने का निर्णय लिया है। पूर्ण बजट नई सरकार के गठन के बाद आएगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश ने ममता सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि 25% बकाया चुकाने के लिए राज्य को हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा।

योगी सरकार की निःशुल्क कोचिंग से मिला बड़ा परिणाम

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे 77 अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (यूपीपीसीएस) 2024 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि योगी सरकार की युवा कल्याण से जुड़ी नीति को दर्शाती है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान युवाओं को निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर दिया जा रहा है। सफल अभ्यर्थियों को बधाई समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के विजन को धरातल पर उतार रही है। यह योजना सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा की सफलता आर्थिक सीमाओं के कारण बाधित न हो। विभिन्न केंद्रों से अभ्यर्थियों की सफलता समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन, लखनऊ स्थित कोचिंग केंद्र से 40, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र से 20 तथा हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र से 17 अभ्यर्थी यूपीपीसीएस-2024 की मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण तैयारी की सुविधा योगी सरकार की यह पहल प्रदेश के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच दिलाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन व ऑफलाइन कक्षाएं, विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन, मुख्य परीक्षा केंद्रित उत्तर लेखन अभ्यास, मॉडल टेस्ट और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।

प्यार का जाल या साजिश? इंदौर में ‘यश’ बनकर यासिन का दुष्कर्म, इनकार पर हिंसा

इंदौर. हीरानगर में दुष्कर्म, लव जिहाद और मारपीट का मामला सामने आया है। हिंदू संगठन की मदद से एक मुस्लिम युवक की गिरफ्तारी हुई है। सिटी वैन चलाने वाले मुस्लिम युवक ने हिंदू बनकर दोस्ती की और फिर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बना लिए। आरोपित द्वारा मुसलमान बनाने का दबाव बनाया गया। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। टीआई सुशील पटेल के अनुसार 31 वर्षीय पीड़िता द्वारा आरोपित यासिन उर्फ यश के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। यश चौहान बताकर की दोस्ती और बनाया शारीरिक संबंध पीड़िता ने कथनों में बताया वह साल 2020 में पाटनीपुरा स्थित कॉस्मेटिक की दुकान पर नौकरी करती थी। दुकान और घर आने के लिए सिटी वैन का उपयोग करती थी। इसी दौरान आरोपित यासिन से परिचय हुआ था। उसने यश चौहान नाम बताया था। दोनों ने मोबाइल नंबर साझा कर लिए और उनकी दोस्ती हो गई। आरोप है कि एक दिन यासिन मूसाखेड़ी स्थित विराट नगर में एक रूम पर ले गया और शारीरिक संबंध बनाए। शादी का झांसा और धर्म की सच्चाई का खुलासा गर्भवती होने पर पीड़िता ने यासिन को बताया तो उसने कहा कि मैं शादी करूंगा। वह कन्नौद (देवास) ले गया और शादी की तैयारी कर ली। इस दौरान मुसलमान होने की जानकारी लगी और पीड़िता ने शादी से इनकार कर दिया। उसने बच्चे को मारने की धमकी दी और पीड़िता को विराट नगर में ही रखा। 3 अप्रैल 2021 को पीड़िता ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद भी यासिन मुस्लिम धर्म स्वीकारने का दबाव बनाता रहता था। मार्केट और सिर दीवार पर मारकर घायल करने का आरोप परेशान होकर पीड़िता पिछले साल अक्टूबर में रघुनंदन कॉलोनी में रहने लगी। वैन चालक ने हिंदू बनकर दोस्ती की, दुष्कर्म किया और मुसलमान बनने का दबाव बनाया। 19 जनवरी को यासिन घर आया और पीड़िता से जबरदस्ती की और मारपीट करने लगा। इस्लाम धर्म न स्वीकारने पर उसने दीवार से सिर मारा और पीड़िता को जख्मी कर दिया। बुधवार को पीड़िता की बहनों ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं से मदद मांगी और आरोपित के खिलाफ केस दर्ज करवाया।