samacharsecretary.com

महाकाल के दर्शन के बाद IPS राकेश गुप्ता ने पदभार संभाला, बोले- कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे

उज्जैन  वर्ष 1999 बैच के आईपीएस राकेश गुप्ता ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आईजी का पदभार संभाल लिया है। राकेश गुप्ता पूर्व में भी उज्जैन के आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सिंहस्थ महाकुंभ से पहले एक बार फिर प्रदेश सरकार द्वारा उज्जैन रेंज आईजी आईपीएस राकेश गुप्ता को सौंपी है। वह उज्जैन पहुंचे, जहां ऑफिसर मैस पर अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों द्वारा उनकी अगवानी की गई और पुष्पगुच्छ भेंट किया। आईपीएस राकेश गुप्ता बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे और वहां से कार्यालय लौटकर पदभार ग्रहण किया। आईजी गुप्ता उज्जैन संभाग रेंज से भली भांति परिचित हैं। उज्जैन में एसपी, डीआईजी और आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एक बार फिर उन्हें आईजी की कमान सौंपी गई है। उन्हें वर्ष 2016 के सिंहस्थ महाकुंभ का अनुभव है, उसे वक्त डीआईजी के रूप में उज्जैन में पदस्थ थे। इस बार का सिंहस्थ महाकुंभ बड़े पैमाने पर होने जा रहा है, उनका अनुभव व्यवस्थाएं संभालने के लिए काफी अहम होगा। उज्जैन मे कार्य करने का लंबा अनुभव 1999 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अफसर राकेश गुप्ता को उज्जैन में पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। इसके पहले वे उज्जैन में आईजी, डीआईजी और एसपी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वे 2011 से 2013 तक उज्जैन एसपी और सिंहस्थ 2016 में डीआईजी के रूप में पदस्थ रह चुके हैं। उज्जैन में उनकी वापस पदस्थी का कारण सिंहस्थ भी है। निश्चित रूप से उनके पिछले अनुभव का लाभ उज्जैन को मिलेगा।   इंदौर में चर्चित रहा उनका कार्यकाल वरिष्ठ आईपीएस राकेश गुप्ता का इंदौर में लंबा कार्यकाल रहा और उनके कार्यकाल में पुलिस ने कईं सफल पुलिसिंग के कार्य किए। वे इंदौर रेंज के आईजी, इंदौर के एसएसपी और बाद में इंदौर के तीसरे पुलिस कमिश्रर रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन पुलिस कमिश्रर मकरंद देऊस्कर के प्रतिनियुक्ति पर जाने पर गुप्ता को इंदौर का पुलिस कमिश्रर नियुक्त किया गया था। इंदौर में डीआईजी रहते गुप्ता ने कुख्यात सियागंज खड़ी कराई गैंग, कोतवाली क्षेत्र में हुए बोहरा व्यापारी हत्याकांड सहित कई हाई प्रोफाइल मामलों के खुलासे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जेल पहुंचाया था।

Mercedes-Benz V-Class की भारत में 3 मार्च को होगी लॉन्च, क्या होंगे फीचर्स?

मुंबई  लगभग तीन साल पहले लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने अपनी Mercedes-Benz V-Class की बिक्री भारतीय बाजार में बंद कर दी थी, जिसके बाद अब कंपनी आगामी 3 मार्च, 2026 को एक बार फिर से लॉन्च करने वाली है. कंपनी की इस बड़ी पैसेंजर कार का लेटेस्ट मॉडल 2024 में ग्लोबल मार्केट में बिक्री के लिए उतारा गया था और यह असल में V-Class का फेसलिफ्ट वर्जन है जो पहले भारत में बिकता था. Mercedes-Benz V-Class का डिजाइन फेसलिफ्ट अपडेट के साथ इस कार के डिज़ाइन में कुछ अपडेट किए गए, जिसमें एक बड़ी, ज़्यादा आकर्षक ग्रिल, नए हेडलैंप, बदले हुए बंपर और पीछे की तरफ़ नई टेल लाइट्स शामिल हैं, हालांकि केबिन में काफ़ी सुधार किया गया था. वहीं पुराने मॉडल के पुराने केबिन डिज़ाइन की जगह ज़्यादा मॉडर्न लुक दिया गया है, जो GLE जैसे मॉडलों में देखने को मिलता था, जिसमें डैशबोर्ड के ऊपर फ्री-स्टैंडिंग बेज़ल-लेस ट्विन स्क्रीन लगी थीं – यह पिछले V-क्लास के एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और COMAND इंफोटेनमेंट सिस्टम से एक बड़ा बदलाव था. भारत के लिए आने वाली यह वैन अपने स्ट्रेच्ड एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस ट्रिम में पेश की जाएगी, जिसे पीछे के दरवाज़े और पिछले पहिये के बीच ज़्यादा जगह से पहचाना जा सकता है. पूरी दुनिया में, खरीदार Mercedes-Benz V-Class को लॉन्ग व्हीलबेस और एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस वर्ज़न में खरीद सकते हैं. Mercedes-Benz V-Class का इंटीरियर सीटिंग की बात करें तो, Mercedes-Benz V-Class तीन-रो कॉन्फ़िगरेशन में उपलब्ध होगी. कंपनी ने इस कार का टीज़र जारी किया है, जिससे पता चलता है कि हमें V-Class स्टैंडर्ड कम्फर्ट सीटों के साथ मिलती है, जो दूसरी रो में 180 डिग्री तक घूम सकती हैं, हालांकि हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि कंपनी इसके साथ एक ज़्यादा अपमार्केट वेरिएंट भी पेश कर सकती है. इस बीच, इस टॉप मॉडल में ज़्यादा शानदार फ़ीचर्स हो सकते हैं, जैसे कि दूसरी रो में ऑप्शनल (ग्लोबल मार्केट में) लग्ज़री सीटें जिनमें पावर एडजस्टमेंट, सीट वेंटिलेशन, मसाज फ़ंक्शन और भी बहुत कुछ शामिल है. Mercedes-Benz V-Class का इंजन इंजन की बात करें तो, दुनिया भर में Mercedes-Benz V-Class स्टैंडर्ड तौर पर 2.0-लीटर डीजल इंजन के साथ आती है, जो 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा होता है. संभावित खरीदार 250d और ज़्यादा पावरफुल 300d स्पेसिफिकेशन में से चुन सकते हैं, हालांकि यह देखना बाकी है कि भारत में कौन सा मॉडल लाया जाएगा. कीमत की बात करें तो इसे 1 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) से ज़्यादा की कीमत पर उतारा जा सकता है.

हरियाणा-एनसीआर में तापमान में लगातार बढ़ोतरी

हिसार. हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली में मौसम धीरे-धीरे करवट बदलता नजर आ रहा है। कड़ाके की ठंड, कोहरा और शीतलहर का दौर अब लगभग समाप्ति की ओर है और फरवरी के साथ तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार इस समय क्षेत्र में मौसम आमतौर पर शुष्क बना हुआ है। दिन व रात के तापमान सामान्य के आसपास पहुंच चुके हैं। आने वाले दिनों में ठंड का असर और कमजोर होगा, जबकि दूसरे पखवाड़े में हल्की गर्मी की आहट महसूस होने लगेगी। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ केवल पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित रहेंगे, जिससे हरियाणा एनसीआर में वर्षा की संभावना नहीं है। मौसम के इस बदलाव से दिन के समय सुहावनापन बढ़ने की उम्मीद है। कोहरे से भी मिलने लगेगी राहत हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन डागर के अनुसार हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में कोहरे व शीतलहर का प्रभाव तेजी से कम हो रहा है। दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी से दृश्यता में सुधार दर्ज किया जा रहा है और घने कोहरे की परिस्थितियां फिलहाल नहीं बन रही हैं। शीत दिवस और पाला जमने जैसी गतिविधियां भी लगभग समाप्ति पर हैं। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम शुष्क बने रहने से कहीं-कहीं हल्का कोहरा दिख सकता है।

AAP नेता लक्की ओबेरॉय की बदमाशों ने गोली मारकर की दिनदहाड़े हत्या

जालंधर. जालंधर के मॉडल टाउन में शुक्रवार को दिनदहाड़े आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबेरॉय की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार लकी ओबेरॉय किसी निजी कार्य से मॉडल टाउन गुरुद्वारा साहिब के पास गए हुए थे। वह अपनी थार गाड़ी में बैठे थे, तभी अचानक कुछ हमलावर वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद नजदीक से करीब 13 गोलियां चलाईं, जो लक्की ओबेरॉय को लगीं। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तुरंत श्री राम स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही शहर के कई राजनीतिक नेता और समर्थक अस्पताल व मौके पर पहुंच गए। एडीसीपी जयंत पुरी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इलाके में दहशत का माहौल है। सुखबीर बादल ने पंजाब सरकार पर कसा तंज सुखबीर बादल ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। सुखबीर बादल ने ट्वीट कर कहा कि, ''राज्य में अपराध बेलगाम हो चुके हैं और हालात इतने खराब हैं कि सत्तारूढ़ पार्टी के अपने नेता भी सुरक्षित नहीं हैं।  आम आदमी पार्टी के नेता अपनी ही सरकार में सुरक्षित नहीं है। आज ही जालंधर के माडल टाऊन में गुरुद्वारा साहिब के बाहर आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबराए की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कानून-व्यवस्था की नाकामी का बड़ा सबूत है। यह घटना साफ दर्शाती है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं रह गया है। सुखबीर बादल ने आगे कहा कि 2026 में ही अब तक करीब 25 हत्याएं हो चुकी हैं, जबकि महीने के पहले सप्ताह में ही 9 हत्याओं के मामले सामने आए थे। ये वारदातें किसी एक जगह तक सीमित नहीं हैं- ये हर जगह हो रही हैं, चाहे वह कोर्ट कॉम्प्लेक्स हो, व्यस्त बाज़ार हो, शादी का वेन्यू हो या गुरुद्वारा साहिब के बाहर ही क्यों न हो। सरकार और पुलिस की ओर से बार-बार गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान चलाने के दावों पर भी सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि जमीनी हकीकत में हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं और अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूदा हालात शासन नहीं बल्कि अराजकता को दर्शाते हैं। आप एक और दिन भी कुर्सी पर रहने के लायक नहीं हैं। 

छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन में गिरेगा तापमान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे रात की ठंड में इजाफा होने की संभावना है. न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है. इसके बाद आने वाले दिनों में किसी विशेष परिवर्तन के आसार नहीं हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा. अगले दो दिनों में तापमान में गिरावट के बाद अगले 7 दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. कहां रही सबसे ज्यादा गर्मी और कहां सबसे ज्यादा ठंड? मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.5°C दर्ज किया गया.                     प्रमुख शहरों के तापमान का हाल  स्टेशन    अधिकतम तापमान (°C)    न्यूनतम तापमान (°C)    सापेक्ष आर्द्रता (08:30 am) रायपुर    30.7°C    18.4°C    71% बिलासपुर    29.5°C    18.4°C    73% दुर्ग    30.8°C    13.6°C    87% जगदलपुर    31.3°C    13.3°C    70% पेण्ड्रारोड    26.6°C    14.8°C    92% रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमान  राजधानी रायपुर में 5 फरवरी को सुबह के समय धुंध छाए रहने की संभावना है. शहर का अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 18°C के आसपास रहने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ मुठभेड़, 3 नक्सली मारे गए, एक जवान शहीद

बीजापुर  बीजापुर (Bijapur) और महाराष्ट्र की सीमा से लगे अबूझमाड़ (Abujhmad) क्षेत्र में पुलिस (Police) और नक्सलियों (Naxalite) के बीच पिछले दो दिनों से भीषण मुठभेड़ जारी है. यह मुठभेड़ एक बड़े एंटी नक्सली ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई, जिसे सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के निर्णायक सफाए के रूप में देखा है. मुठभेड़ के दौरान अब तक तीन नक्सली ढेर किए जा चुके हैं, जिनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल है. घटना स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR बरामद की गई है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी तक जारी नहीं की गई है और उनकी विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है. अबुझमाड़ जंगल इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन नक्सली मारे गए हैं।पुलिस के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR राइफल बरामद की गई है। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है।इस अभियान के दौरान C-60 यूनिट के कांस्टेबल दीपक चिन्ना मडावी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। वहीं एक अन्य जवान कांस्टेबल जोगा मडावी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। एक जवान शहीद, एक घायल इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को भी नुकसान झेलना पड़ा है. C-60 कमांडो के कॉन्स्टेबल दीपक चिन्‍ना मडावी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए थे. उन्हें हेलिकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने शहादत प्राप्त की. पूरे क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान जारी है. सुरक्षा बलों को आशंका है कि जंगलों में अभी भी नक्सलियों का समूह सक्रिय हो सकता है, इसलिए आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुठभेड़ जिस इलाके में चल रही है, वह घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक स्थितियों के कारण नक्सलियों का पुराना ठिकाना माना जाता रहा है. महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले से सटे इस सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बल लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों को गति दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है और आगे भी इसी प्रकार के ऑपरेशन जारी रहेंगे.

“आप 75 के हो गए,” पर पीएम मोदी ने जवाब दिया, “अभी तो 25 बाकी हैं”

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के दौरान छात्रों से संवाद में अहम बात कही। उन्होंने कहा कि किसी को भी बीते वक्त का हिसाब लगाने की बजाय भविष्य के बारे में विचार करना चाहिए। पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन के एक वाकये का जिक्र किया और कहा, 'एक नेता ने मुझे मेरे जन्मदिन पर फोन किया था। 17 सितंबर को फोन करके मुझसे कहा कि आपके 75 हो गए हैं। इस पर मैंने कहा कि अभी 25 बाकी हैं। मैं बीते हुए को गिनता नहीं हूं, जो बचा है, उसकी गिनती करता हूं।' इसी को लेकर उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि इसलिए मैं आप लोगों से भी कहता हूं कि बीता है, उसकी गिनती में समय बर्बाद मत कीजिए। जो बचा है, उसे जीने के बारे में सोचिए। यह बात प्रधानमंत्री ने तब कही, जब पूर्वोत्तर की एक छात्रा ने उनसे कहा कि मेरा जन्मदिन भी 17 सितंबर को ही होता है। पीएम मोदी ने इस दौरान परीक्षा को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कई बार अखबारों में छपता है कि इस बार परीक्षा काफी कठिन रही। आखिर इसका क्या कारण होता है? पेपर तो सिलेबस से बाहर का नहीं होता है। फिर ऐसा क्यों कहा जाता है कि परीक्षा कठिन थी। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को शॉर्ट में पढ़ने की आदत होती जा रही है। पहले स्योर सजेशन दिए जाते थे। फिर मॉडल पेपर बढ़े जाने लगे और अंत में यह हुआ कि बीते 10 सालों के प्रश्न पत्र आने लगे। परीक्षा में चर्चा में स्टूडेंट को पीएम मोदी ने ऐसा क्यों कहा? परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे आयोजित किया गया था. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल एग्जाम के मुद्दे पर बात की बल्कि छात्रों के साथ हंसी-मजाक भी की. उन्होंने स्टूडेंट्स को एग्जाम स्ट्रेस से निपटने के साथ ही कई विषयों पर टिप्स दिए हैं. लेकिन इस दौरान एक वाक्या को लोग बार-बार देख रहे हैं और खूब हंस रहे हैं.  वहां पर मौजूद बच्चों ने पीएम मोदी को अपने-अपने देश की यूनिक चीजें गिफ्ट की. इस दौरान वहां पर मौजूद एक छात्रा ने उन्हें चाय की पत्ति गिफ्ट किया.  इसे देखकर पीएम ने कहा कि चाय वाले को चाय… यह सुनते वहां का माहौल पूरा बदल गया और सारे छात्र हंसने लगे. फिर छात्रा उन्हें बताती है कि ये आर्गेनिक चाय है. पीएम ने उस छात्रा को ये भी कहा कि तुम कविता अच्छा लिखती हो, लिखना जारी रखना. अब जो छात्र बीते 10 साल के पेपर ही पढ़कर पहुंचे हैं और यदि उनसे अलग सिलेबस की कोई और चीज पूछ ली गई तो उन्हें परीक्षा कठिन लगती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बीमारी तब भी थी, जब मैं पढ़ता था। इस बीमारी को फैलाने का कम कुछ टीचर भी फैलाते हैं। उन्हें लगता है कि मेरी क्लास का रिपोर्ट कार्ड अच्छा रहे। इसलिए वही चीज पढ़ाते हैं, जिससे नंबर मिलें। लेकिन अच्छे अध्यापक सर्वांगीण विकास की बात करते हैं और पूरा सिलेबस पढ़ाते हैं। इस दौरान उन्होंने एक गेंदबाज का उदाहरण दिया और कहा कि यदि वह अपने कंधे को ही मजबूत करता रहे तो क्या अच्छा खिलाड़ी बन पाएगा। पीएम ने लाइट किया छात्रों का मूड  प्रधानमंत्री का यह भाव हल्के‑फुल्के अंदाज में छात्रों को जोड़ने और माहौल को सहज बनाने का तरीका था. पीएम मोदी अक्सर अपनी निजी यात्रा और जीवन की शुरुआत का जिक्र करते हैं, जब वे रोज रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले “चाय वाले” की भूमिका भी निभा रहे थे. यह उदाहरण उन्होंने साधारण जीवन के अनुभव और मेहनत का संदेश देने के लिए कई बार इस्तेमाल किया है.  इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों से उनके पढ़ाई, मार्क्स, AI, टीचर्स समेत कई विषयों पर संवाद किया है.  जो पढ़ते हैं, वो भूल जाते हैं… कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पीएम मोदी से पूछा गया कि अक्सर ही ऐसा होता है कि हम जो भी पढ़ते हैं, वह बहुत जल्दी भूल जाते हैं. इसके जवाब में पीएम ने छात्रों से कहा कि आपको हमेशा आज का दिन याद रहेगा क्योंकि आप इसमें पूरी तरह से इनवॉल्व हैं. ऐसे में आप खुद को कम होशियार बताएं और ज्यादा होशियारी से बात करें या राय लें.   मार्क्स बन गई है बीमारी  इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें ये भी बताया कि उन्हें केवल मार्क्स के पीछे नहीं भागना चाहिए. उन्होंने मार्क्स को बीमारी बताया है. ऐसे में अपने मन को नंबर से जोड़ने के बजाय जीवन में कहां जाएं, इसपर ध्यान देने की जरूरत है.  PM मोदी बोले- पढ़ाई एक माध्यम है, उसके लिए जिंदगी नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि उसके लिए यह जरूरी है कि पूरा शरीर मजबूत हो। मानसिक रूप से सक्षम हो। इसी तरह परीक्षा के लिए पूरी जिंदगी नहीं है। यह जिंदगी को संवारने का एक माध्यम है, लेकिन यही अंतिम लक्ष्य नहीं है। अंतिम लक्ष्य यह है कि संपूर्ण जिंदगी बेहतर बने। हमें 10 सालों के पेपर पढ़ने जैसी सोच के साथ खुद को सीमित नहीं करना चाहिए। जिंदगी सबसे उत्तम बने, इसके लिए हमें प्रयास करना चाहिए।

आर्मी जवान का तलाक केस हाईकोर्ट में पहुंचा, पत्नी के प्रेगनेंसी को लेकर उठे सवाल, 4 दिन में कैसे हुई गर्भवती?

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से एक ऐसा फैसला आया है, जिसने शादी, तलाक और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में नई बहस छेड़ दी है. मामला एक आर्मी जवान और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे तलाक विवाद का है, जिसमें पत्नी ने बच्चे के DNA टेस्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि यह मामला बच्चे की वैधता पर सवाल उठाने का नहीं, बल्कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों की जांच से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने क्या कहा, क्यों खारिज की पत्नी की याचिका? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ में जस्टिस विवेक जैन ने पत्नी की याचिका खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट के DNA टेस्ट के आदेश को सही ठहराया. कोर्ट ने साफ कहा कि यह जांच किसी भी तरह से बच्ची को अवैध या नाजायज ठहराने के लिए नहीं है और न ही उसकी कानूनी पहचान पर इसका कोई असर पड़ेगा. कोर्ट का मकसद सिर्फ यह देखना है कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है. DNA सैंपल से इनकार किया तो क्या होगा?  खबर के मुताबिक, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगर पत्नी DNA सैंपल देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट को पूरा अधिकार होगा कि वह भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या नए BSA 2023 के तहत उसके खिलाफ प्रतिकूल अनुमान लगाए. यानी सैंपल न देने का फायदा पत्नी को नहीं मिलेगा. पत्नी ने डीएनए नहीं दिया तो? कोर्ट ने कहा कि यदि पत्नी डीएनए नमूने देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या बीएसए 2023 के संबंधित प्रावधानों के तहत पत्नी के खिलाफ अनुमान लगा सकती है। यानी कि अगर पत्नी नमूने देने से इनकार करती है, तो कोर्ट यह मान लेगा कि पति जो कह रहा है, वही सच है। क्योंकि इस टेस्ट का मकसद पत्नी के 'अफेयर' की जांच करना है, बच्ची को 'नाजायज' साबित करना या उसे नीचा दिखाना नहीं। चार दिन बाद ही पत्नी हुई गर्भवती यह मामला व्यभिचार के आरोप पर दायर तलाक याचिका से संबंधित है। पति बच्चे की पितृत्व जानने या भरण-पोषण की देनदारी से इनकार करने के उद्देश्य से डीएनए टेस्ट नहीं चाहता है। पति का कहना है कि वह भारतीय सेना में है और पत्नी ने उसे अक्टूबर 2015 में बुलाया था। पति ने कोर्ट से कहा कि वह छुट्टी पर घर आए और सिर्फ 4 दिन में पत्नी ने कह दिया कि वह प्रेग्नेंट है।। पति के अनुसार, डॉक्टर 4 दिन में प्रेग्नेंसी की स्थिति नहीं बता सकते, यह नामुमकिन होता है। इसके लिए इंतजार करना होता है। दूसरी तरफ बच्चा भी तय समय से पहले और उस समय पैदा हुआ, जब वह घर पर नहीं थे। इसलिए पति ने बच्चे का डीएनए कराने की मांग की है।  पत्नी के वकील की दलील पत्नी के वकील अनुज पाठक ने तर्क दिया कि बच्चे का डीएनए टेस्ट उसकी निजता, स्वायत्तता और पहचान के अधिकार का उल्लंघन करेगा और उसकी वैधता पर अनुचित रूप से संदेह पैदा करेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 एक वैध विवाह के दौरान पैदा हुए बच्चे की वैधता का एक मजबूत अनुमान स्थापित करती है, और डीएनए टेस्ट नियमित रूप से नहीं दिए जाने चाहिए। वकील ने कहा कि अदालतों को बच्चे के सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी बच्चे को इस तरह से पारिवारिक विवादों में नहीं घसीटा जाना चाहिए जिससे उसके भविष्य पर कलंक लगे। पति के वकील ने भी दिए तर्क पति के वकील शीतल तिवारी ने प्रतिवाद किया कि यह चुनौती कार्यवाही को रोकने और महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि पति भारतीय सेना में तैनात है और कुछ महीनों में एक बार घर आ पाता है, जबकि पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है। पति के वकील ने दावा किया कि मेडिकल सलाह के अनुसार, गर्भधारण के चार दिनों के भीतर गर्भावस्था का पता नहीं लगाया जा सकता है। इस पर कोर्ट का भी मानना है कि जब पति पुख्ता सबूत दे रहा है कि वह उस वक्त पत्नी के साथ नहीं था, तो सच का पता लगाने के लिए DNA टेस्ट कराना गलत नहीं है। ‘4 दिन में प्रेग्नेंसी’ का दावा क्यों बना सबसे बड़ा सवाल मामले की सबसे चौंकाने वाली बात वही है, जिसने पूरे केस की दिशा बदल दी. पति ने कोर्ट को बताया कि वह भारतीय सेना में पदस्थ है और अक्टूबर 2015 में पत्नी के बुलाने पर घर आया था. लौटने के सिर्फ चार दिन बाद पत्नी ने उसे बताया कि वह गर्भवती है. कोर्ट ने माना कि मेडिकल साइंस के हिसाब से चार दिन में प्रेग्नेंसी का पता चलना बेहद संदिग्ध है. इसके अलावा बच्ची का जन्म भी अक्टूबर 2015 के करीब आठ महीने बाद हुआ, जिससे पति-पत्नी के साथ न होने की दलील और मजबूत हो जाती है. तीन तलाक याचिकाएं और 10 साल का विवाद यह कोई नया विवाद नहीं है. पहली तलाक याचिका 2019 में दायर हुई थी, जिसे आपसी सहमति से तलाक के आश्वासन पर वापस ले लिया गया. दूसरी याचिका भी 2019 में दाखिल हुई, लेकिन पत्नी दूसरी मोशन में पेश नहीं हुई और मामला 2 मार्च 2021 को बंद हो गया. इसके बाद 2021 में तीसरी तलाक याचिका दायर की गई, जो अब तक लंबित है और इसी में DNA टेस्ट की मांग की गई. कोर्ट का साफ संदेश हाईकोर्ट ने साफ कहा कि जब तलाक का आधार व्यभिचार हो, पति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बच्चे की वैधता या भरण-पोषण का मुद्दा न हो, तो DNA टेस्ट का आदेश देना कानूनन गलत नहीं है. यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक अहम नजीर माना जा रहा है.

लोकसभा में हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित, 9 फरवरी तक नहीं होगी बैठक

नई दिल्ली लोकसभा में आज भी कार्यवाही की हंगामेदार शुरुआत हुई. लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य पोस्टर लहराते हुए वेल में आ गए. स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप नियोजित तरीके से गतिरोध उत्पन्न करना चाहते हैं, गरिमा नहीं रखना चाहते. तो ऐसा सदन मैं नहीं चला सकता.लोकसभा में जोरदार हंगामा, नहीं चल सकी कार्यवाही, 9 फरवरी तक स्थगित. स्पीकर ने सदस्यों को दूसरी तरफ जाकर किसी भी तरह की बातचीत करने से भी सख्ती से मना किया और इसके बाद कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. वहीं, राज्यसभा में कार्यवाही की आज शांतिपूर्ण शुरुआत हुई है. राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही चल रही है. शून्यकाल के दौरान सदस्य जनहित से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं. विपक्षी सांसदों ने लगाए जय संविधान के नारे, कार्यवाही 9 फरवरी तक स्थगित विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में जय संविधान के नारे लगाए. 12 बजे कार्यवाही जब दूसरी बार शुरू हुई, विपक्षी सांसद हाथों में प्लेकार्ड लेकर नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए. विपक्षी सदस्यों से पीठासीन ने अपनी चेयर पर जाने की अपील की, लेकिन इसका असर नहीं हुआ. इसके बाद पीठासीन ने सदन की कार्यवाही 9 फरवरी को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.  'प्ले कार्ड लेकर नहीं दिखा सकते, ये नियमों के विपरीत', पीठासीन की विपक्ष को नसीहत पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम सदन चलाना चाहते हैं. पीठासीन ने कहा कि हम बजट पर चर्चा शुरू कराना चाहते हैं. लेकिन हम ऐसे सदन नहीं चला सकते. आप प्ले कार्ड लेकर आएंगे, लहराएंगे, ये नियमों के अनुरूप नहीं है. पीठासीन की बार-बार अपील के बावजूद हंगामा जारी रहा. इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही 9 फरवरी, 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू, हंगामे के बीच लिए जा रहे लिस्टेड बिजनेस लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है. सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया है. हंगामे के बीच ही सदन में आज के लिए लिस्टेड बिजनेस लिए जा रहे हैं.

श्रम विभाग के 1500 करोड़ के वर्क स्लिक घोटाले की जांच तेज

चंडीगढ़. हरियाणा में हाल ही में चर्चा में आए श्रम विभाग के 1500 करोड़ रुपये के वर्क स्लिक घोटाले की जांच अब तेज होगी। जांच के लिए गठित कमेटी की पहली बैठक शुक्रवार को चंडीगढ़ में होने जा रही है। हालांकि यह बैठक तय समयावधि के बाद हो रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कमेटी का गठन करते समय एक माह के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा था। श्रम मंत्री अनिल विज ने दिसंबर में इस घोटाले को उजागर किया था। शुरू में हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी जिलों में जांच की गई, जहां बहुत सारी गड़बडिय़ां मिलीं। विभागीय जांच लगभग चार महीने पहले शुरू हुई थी और अब तक 13 जिलों में 100 प्रतिशत जांच पूरी हो चुकी है। 13 जिलों में कुल 5 लाख 99 हजार 758 वर्क स्लिप जारी की गई थीं, जिनमें से सिर्फ 53 हजार 249 ही सही पाई गईं। बाकी 5 लाख 46 हजार 509 वर्क स्लिप गलत निकलीं। गलत वर्क स्लिप और फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज इसी तरह, कुल 2 लाख 21 हजार 517 मजदूरों के नाम दर्ज थे, लेकिन जांच के बाद सिर्फ 14 हजार 240 ही सही पाए गए, जबकि 1 लाख 93 हजार 756 मजदूरों के नाम फर्जी निकले। इसका मतलब है कि बहुत बड़ी संख्या में गलत वर्क स्लिप और फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज किए गए थे। आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आइएएस पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया था, जिसमें आइएएस राजीव रतन और आइपीएस पंकज नैन सदस्य हैं। एक माह बाद भी कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे सकी है। जांच कमेटी गठित इसका बड़ा कारण कमेटी में शामिल अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी होना है। विभागों की लगातार हो रही मीटिंगों के कारण अधिकारी इस जांच को लेकर समय नहीं दे पाए। सरकार ने कमेटी का गठन तो कर दिया है लेकिन जांच का स्वरूप तय नहीं किया। आइएएस पंकज अग्रवाल के अनुसार बजट सत्र की तैयारियों के कारण सभी अधिकारी व्यस्त हैं। इसके बावजूद छह फरवरी शुक्रवार को कमेटी की पहली औपचारिक मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग की सूचना कमेटी में शामिल सभी सदस्यों को दे दी गई है।